निरोगी हरियाणा योजना 2026: अंत्योदय परिवारों को फ्री हेल्थ चेकअप, अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोगों की जाँच
हरियाणा में अगर आपके परिवार की सालाना आय कम है और आप बीमारी का पता देर से लगने के कारण इलाज पर भारी खर्च से डरते हैं, तो निरोगी हरियाणा योजना (Nirogi Haryana Yojana) आपके लिए ही बनी है। यह हरियाणा सरकार की प्रमुख निवारक स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों के हर सदस्य की पूरी स्वास्थ्य जाँच (comprehensive health checkup) हर दो साल में एक बार बिल्कुल मुफ्त की जाती है। जाँच में कोई बीमारी मिलती है, तो उसका इलाज भी मुफ्त किया जाता है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बीमार होने के बाद इलाज की योजना नहीं है, बल्कि बीमारी होने से पहले उसे पकड़ने की योजना है। अक्सर गाँवों और गरीब परिवारों में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, खून की कमी (एनीमिया) जैसी बीमारियाँ तब पता चलती हैं, जब वे गंभीर हो चुकी होती हैं। निरोगी हरियाणा का मकसद यही है कि समय रहते जाँच हो, बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ी जाए और परिवार को इलाज के भारी खर्च से बचाया जाए।
इस गाइड में हम योजना की पूरी जानकारी सरल हिंदी में दे रहे हैं — कौन पात्र है, कौन-कौन से टेस्ट होते हैं, जाँच कैसे करवाएँ, क्या दस्तावेज़ चाहिए, और किन बातों का ध्यान रखना है। इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है — इसलिए किसी भी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के नाम पर पैसे या निजी जानकारी माँगने वाले से सावधान रहें।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | निरोगी हरियाणा योजना (Nirogi Haryana Yojana) |
| पूरा नाम | NIROGI — New Initiative for Robust and Good Health in Haryana |
| शुरू | 29 नवंबर 2022, कुरुक्षेत्र — राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा शुभारंभ |
| विभाग | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हरियाणा |
| लाभ | हर दो साल में एक बार पूरे परिवार की मुफ्त व्यापक स्वास्थ्य जाँच |
| पहले चरण की पात्रता | वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक वाले अंत्योदय परिवार |
| दूसरे चरण की पात्रता | वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक वाले परिवार (विस्तार जारी) |
| तीसरा चरण (घोषित) | 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिक, चाहे आय कितनी भी हो |
| पहले चरण का लक्ष्य | 30,59,566 परिवार / 1,21,54,119 सदस्य |
| अब तक जाँच (21 अप्रैल 2026 तक) | 1,00,07,430 लोग |
| अब तक मुफ्त लैब टेस्ट | 5,86,60,875 टेस्ट |
| फीस | पूरी तरह मुफ्त — जाँच, लैब टेस्ट और पाई गई बीमारी का इलाज |
| ऑनलाइन आवेदन | नहीं है — जाँच शिविर / सरकारी अस्पताल के माध्यम से होती है |
| आधिकारिक वेबसाइट | स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा — haryanahealth.nic.in |
निरोगी हरियाणा योजना क्या है?
निरोगी हरियाणा की घोषणा हरियाणा के बजट 2022-23 में की गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बजट पेश करते हुए कहा था कि राज्य के हर नागरिक की कम से कम दो साल में एक बार मुफ्त व्यापक स्वास्थ्य जाँच होनी चाहिए। नौ महीने के भीतर यह घोषणा हकीकत बन गई — 29 नवंबर 2022 को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस योजना का शुभारंभ किया।
योजना का पूरा नाम NIROGI — New Initiative for Robust and Good Health in Haryana है। यह भारत में अपनी तरह की पहली योजना बताई जाती है, जिसमें अंत्योदय परिवारों की बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य जाँच की जाती है।
योजना के तहत अंत्योदय परिवार को एक इकाई माना जाता है — यानी परिवार के हर सदस्य की जाँच होती है, चाहे वह नवजात शिशु हो, स्कूली बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग। हर उम्र के लिए अलग जाँच पैकेज तय है, क्योंकि हर उम्र में बीमारी का खतरा अलग होता है।
जाँच के दौरान सिर्फ लैब टेस्ट नहीं होते। डॉक्टर पूरी शारीरिक जाँच करते हैं — ऊँचाई, वजन, नाड़ी, ब्लड प्रेशर, आँख और दाँत की जाँच — और परिवार की बीमारी का इतिहास, टीकाकरण की स्थिति और टीबी रोगी से संपर्क जैसी जानकारी भी दर्ज की जाती है, ताकि डॉक्टर लंबे समय के स्वास्थ्य जोखिम को समझ सकें।
अब तक की प्रगति — आँकड़े क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने 23 अप्रैल 2026 को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद बताया था कि 21 अप्रैल 2026 तक 1,00,07,430 अंत्योदय लाभार्थियों की जाँच हो चुकी है और 5,86,60,875 लैब टेस्ट मुफ्त किए जा चुके हैं। यह आँकड़ा बताता है कि योजना कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर चल रही है।
जाँच सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम अब लोगों के दरवाज़े तक पहुँच चुका है — 1,11,116 आउटरीच शिविरों में 38.63 लाख से ज्यादा लोगों की जाँच हुई, और मोबाइल मेडिकल यूनिटों ने 12,579 शिविर लगाकर करीब 2.8 लाख लोगों को कवर किया। इसके अलावा 25,907 आंगनवाड़ियों, 14,316 स्कूलों और 13,034 औद्योगिक व उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में भी जाँच की गई है। योजना 32 शुरुआती केंद्रों से बढ़कर अब राज्य की 2,000 से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाओं तक फैल चुकी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जाँच से बीमारियाँ सचमुच पकड़ी गई हैं। अब तक कुल 8,69,966 बीमारी की स्थितियाँ पाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
| बीमारी / स्थिति | पाए गए मामले |
|---|---|
| एनीमिया (खून की कमी) | 2,99,090 |
| उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) | 1,33,528 |
| डायबिटीज (मधुमेह) | 1,05,238 |
| हृदय रोग | 6,410 |
| कैंसर | 1,257 |
| टीबी (क्षय रोग) | 3,518 |
ये आँकड़े ही योजना का असली मतलब समझाते हैं — अगर ये लोग समय पर जाँच न करवाते, तो इनमें से कई की बीमारी तब पता चलती जब इलाज महँगा और मुश्किल हो चुका होता।
उम्र के हिसाब से जाँच पैकेज — किसकी क्या जाँच होगी?
योजना में लाभार्थियों को छह आयु समूहों में बाँटा गया है, और हर समूह के लिए अलग जाँच पैकेज तय है। हर समूह को अलग रंग का ओपीडी कार्ड दिया जाता है। योजना विवरण के अनुसार जाँच कुल 25 मानकों पर की जाती है — लेकिन हर उम्र के लिए कौन से टेस्ट अनिवार्य हैं, यह जाँच करने वाला डॉक्टर तय करता है। नीचे दी गई तालिका में उम्र समूह और जाँच का सामान्य स्वरूप दिया गया है; अंतिम टेस्ट सूची मौके पर डॉक्टर के निर्णय से तय होती है, इसलिए आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से पुष्टि अवश्य कर लें।
| आयु समूह | किसकी जाँच | जाँच का सामान्य स्वरूप |
|---|---|---|
| 0 से 6 महीने | नवजात शिशु | शारीरिक माप (सिर का घेरा आदि), वजन, लंबाई, सामान्य शारीरिक जाँच, टीकाकरण स्थिति |
| 6 से 59 महीने | छोटे बच्चे | ऊँचाई-वजन, कुपोषण की जाँच, हीमोग्लोबिन व खून की जाँच, टीकाकरण |
| 6 से 18 वर्ष | स्कूली बच्चे व किशोर | शारीरिक जाँच, ऊँचाई-वजन, आँख व दाँत की जाँच, हीमोग्लोबिन, खून की जाँच |
| 18 से 40 वर्ष | युवा वयस्क | शारीरिक जाँच, ब्लड प्रेशर, नाड़ी, हीमोग्लोबिन व ब्लड सेल विश्लेषण, ब्लड शुगर आदि |
| 40 से 60 वर्ष | मध्यम आयु वर्ग | ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, हृदय व डायबिटीज से जुड़ी जाँचें |
| 60 वर्ष से ऊपर | वरिष्ठ नागरिक | व्यापक शारीरिक जाँच, ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय, आँख व अन्य उम्र-संबंधी जाँचें |
हर समूह में अनिवार्य जाँचों में हीमोग्लोबिन की जाँच और खून की कोशिकाओं का विश्लेषण शामिल है, साथ ही विस्तृत शारीरिक परीक्षण होता है। डॉक्टर को ज़रूरत लगे तो वह इनके अलावा और टेस्ट भी लिख सकता है।
ध्यान दें: कुछ पुराने विवरणों में छठे समूह को “80 वर्ष से ऊपर” लिखा गया है, जबकि 2026 की रिपोर्टों में छठा समूह 60 वर्ष से ऊपर बताया गया है। व्यावहारिक रूप से 60 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिक इस समूह में आते हैं — अपने जिले के स्वास्थ्य केंद्र से अपने समूह की पुष्टि कर लें।
किन बीमारियों की जाँच होती है?
निरोगी हरियाणा के तहत जाँच का दायरा सिर्फ बुखार या सामान्य कमज़ोरी तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में इन स्थितियों की पहचान पर खास ध्यान दिया जाता है:
- एनीमिया — खून की कमी, जो महिलाओं और बच्चों में सबसे आम पाई गई स्थिति है
- डायबिटीज (मधुमेह) — ब्लड शुगर की जाँच से शुरुआती पहचान
- हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) — ब्लड प्रेशर की नियमित जाँच
- हृदय रोग — शुरुआती लक्षणों की पहचान और रेफरल
- कैंसर — शुरुआती लक्षणों की स्क्रीनिंग
- टीबी (क्षय रोग) — संपर्क इतिहास और लक्षणों के आधार पर जाँच
- कुपोषण व कम वजन — बच्चों में विशेष रूप से
- जन्मजात विकार — बच्चों में शुरुआती पहचान
बीमारी मिलते ही क्या होता है, यह भी जानना ज़रूरी है। अगर बीमारी ऐसी है जिसका इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा (PHC/CHC) पर हो सकता है, तो वहीं दवा और परामर्श मुफ्त दिया जाता है। अगर विशेषज्ञ इलाज चाहिए, तो मरीज़ को उप-मंडल अस्पताल या ज़िला अस्पताल रेफर किया जाता है, ताकि इलाज बीच में न रुके।
पात्रता — कौन लाभ ले सकता है?
पात्रता चरणों में बढ़ाई जा रही है। अपनी स्थिति नीचे के चरणों से मिलाकर देखें:
पहला चरण — अभी लागू: हरियाणा के वे अंत्योदय परिवार, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक है और जिनका विवरण परिवार पहचान पत्र (PPP) / अंत्योदय डेटाबेस में दर्ज है। पहले चरण का लक्ष्य 30,59,566 परिवार (1,21,54,119 सदस्य) था।
दूसरा चरण — विस्तार जारी: वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक वाले परिवार। हरियाणा सरकार ने निरोगी हरियाणा का दूसरा चरण शुरू कर दिया है, जिसमें आय सीमा ₹1.80 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख कर दी गई है। अप्रैल 2026 की आधिकारिक समीक्षा में कहा गया था कि इस विस्तार से लाभार्थियों का लक्ष्य 1.59 करोड़ से बढ़कर लगभग 2.30 करोड़ हो जाएगा। अपने क्षेत्र में दूसरे चरण की जाँच शुरू हुई है या नहीं, यह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से अवश्य पूछें, क्योंकि विस्तार चरणबद्ध तरीके से लागू हो रहा है।
तीसरा चरण — घोषित: 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिक, चाहे उनकी आय कितनी भी हो। यह 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के अनुसार है, और मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को शामिल करने का निर्देश दिया है। यह चरण घोषणा के स्तर पर है — इसके शुरू होने की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल या स्वास्थ्य विभाग से कर लें।
अन्य शर्तें:
- लाभार्थी हरियाणा का निवासी हो और उसका परिवार अंत्योदय / PPP डेटाबेस में दर्ज हो।
- परिवार को एक इकाई माना जाता है — परिवार के सभी सदस्यों की जाँच होती है।
- जाँच हर दो साल में एक बार मुफ्त है; दो साल पूरे होने पर दोबारा जाँच करवाई जा सकती है।
ज़रूरी दस्तावेज़ — जाँच के दिन क्या लेकर जाएँ?
इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं है, इसलिए दस्तावेज़ों की सूची भी शिविर या अस्पताल के स्तर पर माँगी जाती है। नीचे दी गई सूची व्यावहारिक तैयारी के लिए है — जाँच के दिन जाने से पहले अपने आशा/ANM कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से अंतिम सूची की पुष्टि कर लें, क्योंकि मौके पर माँगे गए दस्तावेज़ ही अंतिम माने जाएँगे।
- आधार कार्ड — परिवार के हर उस सदस्य का, जिसकी जाँच होनी है
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी) — आय व परिवार की पात्रता इसी से सत्यापित होती है
- पुराना ओपीडी कार्ड / निरोगी कार्ड — अगर पहले जाँच हो चुकी है, तो पिछला कार्ड साथ ले जाएँ
- पिछली जाँच रिपोर्ट या दवाओं का पर्चा — अगर कोई पुरानी बीमारी या चल रही दवा है
- आयु प्रमाण — बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र (अगर उम्र को लेकर संदेह हो)
- मोबाइल नंबर — रिपोर्ट की सूचना SMS या आशा/ANM के माध्यम से मिलती है
किसी भी व्यक्ति या एजेंट को दस्तावेज़ों की मूल प्रति या पैसे न दें। जाँच पूरी तरह मुफ्त है — अगर कोई जाँच के नाम पर पैसे माँगे, तो उसकी शिकायत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी से करें।
जाँच कैसे करवाएँ — स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
निरोगी हरियाणा में आवेदन करने की नहीं, जाँच करवाने की प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया इस प्रकार चलती है:
चरण 1 — सूचना मिलना: आपके क्षेत्र की आशा (ASHA) कार्यकर्ता, ANM या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपके घर आकर बताती हैं कि आपके परिवार की जाँच कब और कहाँ होगी। कई जगहों पर आमंत्रण पत्र (अमानत्रण पत्र) भी दिया जाता है, जिसमें जाँच की तारीख और स्थान लिखा होता है।
चरण 2 — तय स्थान पर पहुँचना: तय तारीख पर अपने दस्तावेज़ लेकर बताए गए स्थान पर जाएँ — यह नजदीकी PHC, CHC, ज़िला अस्पताल या आपके गाँव/मोहल्ले में लगा स्वास्थ्य शिविर हो सकता है। बच्चे स्कूलों और आंगनवाड़ियों में भी जाँचे जाते हैं।
चरण 3 — पंजीकरण व ओपीडी कार्ड: मौके पर आपका पंजीकरण होता है और आपकी उम्र के समूह के अनुसार रंग वाला ओपीडी कार्ड बनता है। इसी कार्ड में आपकी जाँच का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होता है।
चरण 4 — शारीरिक जाँच: डॉक्टर आपकी पूरी शारीरिक जाँच करते हैं — ऊँचाई, वजन, नाड़ी, ब्लड प्रेशर, आँख और दाँत की जाँच।
चरण 5 — लैब टेस्ट: आपकी उम्र के समूह के अनुसार अनिवार्य लैब टेस्ट (जैसे हीमोग्लोबिन, खून की जाँच, ब्लड शुगर) मुफ्त किए जाते हैं। डॉक्टर ज़रूरत के अनुसार और टेस्ट भी लिख सकता है।
चरण 6 — रिपोर्ट मिलना: लैब रिपोर्ट आमतौर पर दो कार्य दिवसों के भीतर e-Upchaar के माध्यम से या आपकी आशा/ANM के ज़रिए आप तक पहुँचाई जाती है।
चरण 7 — इलाज या रेफरल: अगर कोई बीमारी मिलती है, तो वहीं मुफ्त दवा व परामर्श दिया जाता है, या ज़रूरत पड़ने पर बड़े अस्पताल रेफर किया जाता है।
अगर आपको अभी तक सूचना नहीं मिली है तो क्या करें?
- अपने गाँव/मोहल्ले की आशा कार्यकर्ता या ANM से पूछें — वे ही बताएँगी कि आपके क्षेत्र में अगला शिविर कब लगेगा।
- नजदीकी PHC, CHC या ज़िला अस्पताल में जाकर पूछें कि निरोगी हरियाणा के तहत जाँच कब हो रही है।
- अपने परिवार पहचान पत्र (PPP) में आय व परिवार का विवरण सही है या नहीं, यह जाँच लें — पात्रता इसी डेटाबेस से तय होती है। अगर PPP में आय गलत दर्ज है, तो पहले उसे CSC / सरल केंद्र पर सही करवाएँ।
ऑफलाइन विकल्प
यह योजना पूरी तरह ऑफलाइन तरीके से काम करती है — न कोई वेबसाइट फॉर्म है, न ऐप से बुकिंग। गाँव में आशा/ANM के माध्यम से, शहर में नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से जाँच होती है। मोबाइल मेडिकल यूनिटें भी दूर-दराज़ के इलाकों में शिविर लगाती हैं। इसलिए इंटरनेट न होने पर भी आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं — बस अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से संपर्क बनाए रखें।
फीस और समय-सीमा
- जाँच की फीस: शून्य। शारीरिक जाँच, लैब टेस्ट और पाई गई बीमारी का इलाज — सब मुफ्त है।
- जाँच की आवृत्ति: हर दो साल में एक बार पूरे परिवार की जाँच।
- रिपोर्ट मिलने का समय: आमतौर पर दो कार्य दिवसों के भीतर।
- इलाज: बीमारी मिलने पर इलाज भी मुफ्त — छोटी बीमारी का इलाज मौके पर, बड़ी बीमारी के लिए रेफरल।
ध्यान दें: दो साल की अवधि आपकी पिछली जाँच की तारीख से गिनी जाती है। अगर आपकी पिछली जाँच को दो साल हो गए हैं और दोबारा बुलावा नहीं आया है, तो आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
अपनी जाँच की स्थिति (स्टेटस) कैसे जानें?
इस योजना के लिए कोई सार्वजनिक ऑनलाइन स्टेटस-पोर्टल प्रकाशित नहीं है। अपनी जाँच की स्थिति जानने का व्यावहारिक तरीका यह है:
- अपनी आशा कार्यकर्ता या ANM से पूछें — उनके पास क्षेत्र की जाँच सूची होती है।
- जिस स्वास्थ्य केंद्र या शिविर में जाँच हुई थी, वहाँ अपने ओपीडी कार्ड के साथ जाकर पूछें।
- लैब रिपोर्ट दो कार्य दिवसों में न मिले, तो भी आशा/ANM या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
अगर कोई वेबसाइट “निरोगी हरियाणा स्टेटस चेक” के नाम पर आपका आधार नंबर, OTP या बैंक विवरण माँगे, तो वह आधिकारिक नहीं है — ऐसी साइट पर कोई जानकारी न डालें।
हेल्पलाइन
इस गाइड की तैयारी के समय निरोगी हरियाणा के लिए कोई अलग, आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए यहाँ कोई नंबर नहीं दिया जा रहा है — गलत नंबर देना सही नंबर न देने से ज्यादा नुकसानदायक है। मदद के लिए नजदीकी PHC/CHC, ज़िला अस्पताल या अपनी आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें, या स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट haryanahealth.nic.in पर जानकारी देखें।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
- ऑनलाइन फॉर्म के नाम पर ठगी: इस योजना का कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है। कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट अगर फॉर्म भरने के पैसे माँगे, तो वह ठग है।
- जाँच टालना: कई लोग तब तक जाँच नहीं करवाते, जब तक बीमारी गंभीर न हो जाए। योजना का मकसद ही समय रहते जाँच है — बुलावा आए तो जाँच ज़रूर करवाएँ।
- रिपोर्ट न लेना: जाँच के बाद रिपोर्ट लेना न भूलें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें। रिपोर्ट खो जाए, तो स्वास्थ्य केंद्र से दोबारा प्राप्त करने का प्रयास करें।
- PPP विवरण गलत होना: अगर परिवार पहचान पत्र में आय या परिवार के सदस्य गलत दर्ज हैं, तो पात्रता में दिक्कत आ सकती है। PPP विवरण पहले सही करवाएँ।
- बीमारी छिपाना: जाँच के समय अपनी पुरानी बीमारी, दवाएँ और परिवार में चल रही बीमारी के बारे में डॉक्टर को सही जानकारी दें — गलत जानकारी से गलत इलाज हो सकता है।
निरोगी हरियाणा बनाम चिरायु / आयुष्मान — फर्क समझें
लोग अक्सर निरोगी हरियाणा को चिरायु या आयुष्मान भारत से मिला देते हैं। फर्क साफ है: निरोगी हरियाणा जाँच (स्क्रीनिंग) की योजना है — बीमारी को समय रहते पकड़ना इसका काम है। चिरायु / आयुष्मान भारत इलाज (अस्पताल में भर्ती) की योजना है — अस्पताल में इलाज का खर्च कवर करना इसका काम है। दोनों एक-दूसरे की पूरक हैं, एक-दूसरे की जगह नहीं लेतीं। जाँच में बीमारी मिलने पर अस्पताल में इलाज के लिए चिरायु/आयुष्मान का लाभ अलग से देखा जा सकता है।
हरियाणा के अंत्योदय परिवारों से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी के लिए ये गाइड भी देखें: दयालु योजना हरियाणा, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना और लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता हरियाणा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: निरोगी हरियाणा योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर: इसमें ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। पात्र परिवारों को आशा/ANM कार्यकर्ता के माध्यम से सूचना दी जाती है और जाँच नजदीकी PHC, CHC, ज़िला अस्पताल या स्वास्थ्य शिविर में होती है। कोई वेबसाइट फॉर्म भरने के नाम पर पैसे माँगे, तो वह ठगी है।
प्रश्न 2: इस योजना में कौन-कौन से टेस्ट मुफ्त होते हैं?
उत्तर: आपकी उम्र के समूह के अनुसार शारीरिक जाँच, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन व खून की जाँच, ब्लड शुगर और डॉक्टर द्वारा लिखे गए अन्य ज़रूरी लैब टेस्ट — सब मुफ्त होते हैं। योजना विवरण के अनुसार जाँच 25 मानकों पर की जाती है, लेकिन हर व्यक्ति के टेस्ट डॉक्टर के निर्णय से तय होते हैं।
प्रश्न 3: मेरी आय ₹1.80 लाख से ज्यादा लेकिन ₹3 लाख से कम है — क्या मैं पात्र हूँ?
उत्तर: हाँ, दूसरे चरण में आय सीमा बढ़ाकर ₹3 लाख कर दी गई है और इस विस्तार से लाभार्थियों का लक्ष्य 1.59 करोड़ से बढ़कर लगभग 2.30 करोड़ हो गया है। लेकिन विस्तार चरणबद्ध तरीके से लागू हो रहा है, इसलिए अपने क्षेत्र में दूसरे चरण की जाँच शुरू हुई है या नहीं, यह आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से पूछ लें।
प्रश्न 4: 70 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए क्या नियम है?
उत्तर: 2026-27 के बजट में घोषणा की गई है कि तीसरे चरण में 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनकी आय कितनी भी हो। यह चरण घोषणा के स्तर पर है — इसके शुरू होने की तारीख और प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल या स्वास्थ्य विभाग से कर लें।
प्रश्न 5: जाँच में बीमारी मिली तो इलाज का खर्च कौन देगा?
उत्तर: पाई गई बीमारी का इलाज भी मुफ्त है। छोटी बीमारी का इलाज मौके पर ही किया जाता है और दवा मुफ्त दी जाती है; विशेषज्ञ इलाज की ज़रूरत हो तो उप-मंडल या ज़िला अस्पताल रेफर किया जाता है।
प्रश्न 6: जाँच की रिपोर्ट कितने दिन में मिलती है?
उत्तर: आमतौर पर दो कार्य दिवसों के भीतर रिपोर्ट e-Upchaar के माध्यम से या आशा/ANM के ज़रिए आप तक पहुँचाई जाती है। रिपोर्ट न मिले तो जाँच वाले स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रश्न 7: मेरी पिछली जाँच को दो साल हो गए हैं — दोबारा जाँच कैसे करवाऊँ?
उत्तर: दो साल पूरे होने पर आप दोबारा जाँच के पात्र हैं। अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अगला शिविर या जाँच की तारीख पूछें।
निष्कर्ष
निरोगी हरियाणा योजना हरियाणा के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है — हर दो साल में एक बार पूरे परिवार की मुफ्त जाँच, 5.86 करोड़ से ज्यादा मुफ्त टेस्ट और 8.69 लाख से ज्यादा बीमारियों की समय रहते पहचान। अगर आपका परिवार अंत्योदय श्रेणी में आता है, तो आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें, अपना PPP विवरण सही रखें और बुलावा आने पर जाँच ज़रूर करवाएँ। बीमारी का समय रहते पता चलना ही सबसे सस्ता और सबसे अच्छा इलाज है।
आधिकारिक स्रोत
- स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा — आधिकारिक वेबसाइट: https://haryanahealth.nic.in
- PTI / ThePrint — “Nirogi Haryana scheme: Over one crore beneficiaries screened, 5.86 crore tests conducted” (23 अप्रैल 2026): https://theprint.in/india/nirogi-haryana-scheme-over-one-crore-beneficiaries-screened-5-86-crore-tests-conducted/2912520/
- The Week (PTI) — वही रिपोर्ट: https://www.theweek.in/wire-updates/national/2026/04/23/nirogi-haryana-scheme-over-one-crore-beneficiaries-screened-5.86-crore-tests-conducted.html
- Times of India — “Haryana govt raises health scheme income cap from Rs 1.8 lakh to Rs 3 lakh”: https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/haryana-govt-raises-health-scheme-income-cap-from-rs-1-8-lakh-to-rs-3-lakh/articleshow/129617686.cms
- India ePost — राष्ट्रपति द्वारा 29 नवंबर 2022 को शुभारंभ की रिपोर्ट: https://indiaepost.com/index.php/2022/11/30/president-officially-launches-nirogi-haryana-scheme-for-antyodaya-families-lays-foundation-stone-of-sirsa-medical-college/
नोट: योजना के नियम, पात्रता और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं। प्रकाशन से पहले स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से नवीनतम स्थिति की पुष्टि कर लें।

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