हरियाणा सरकार राज्य के सबसे गरीब परिवारों की सालाना आय बढ़ाकर कम से कम ₹1.80 लाख करने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (MMAPUY) चला रही है। यह योजना अब अपने नए चरण MMAPUY 2.0 में चल रही है, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 दिसंबर 2025 को सोनीपत में राज्य स्तरीय अंत्योदय उत्थान मेले में लॉन्च किया था।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सरकार परिवार को सीधे एक तय रकम नहीं देती, बल्कि परिवार की पहचान करके उसे कौशल विकास, स्वरोजगार के लिए ऋण, दिहाड़ी रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी 49 योजनाओं से जोड़ती है — ताकि परिवार की आय स्थायी रूप से बढ़े और वह आत्मनिर्भर बन सके।
इस लेख में आपको योजना की पूरी और सही जानकारी मिलेगी — कौन पात्र है, आय की सीमा क्या है, अंत्योदय मेला क्या है और वहाँ क्या-क्या मिलता है, आवेदन कैसे करें, और इस योजना से जुड़ी 49 योजनाओं का क्या मतलब है।
योजना एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (MMAPUY) |
| मौजूदा चरण | MMAPUY 2.0 (11 दिसंबर 2025 से) |
| राज्य | हरियाणा |
| विभाग | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा (पोर्टल पर दर्ज) |
| शुरुआत | 1 अप्रैल 2021 (पहला चरण); दूसरा चरण 7 जनवरी 2022 से |
| पात्रता (मौजूदा पोर्टल के अनुसार) | परिवार पहचान पत्र (PPP) से सत्यापित सालाना पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम |
| लक्ष्य | गरीब परिवार की सालाना आय बढ़ाकर कम से कम ₹1.80 लाख करना |
| पहचान का आधार | परिवार पहचान पत्र (PPP) का सत्यापित डेटा |
| जुड़ी योजनाएँ | 19 विभागों की 49 योजनाएँ |
| आवेदन | आधिकारिक पोर्टल parivarutthan.haryana.gov.in और अंत्योदय मेलों के ज़रिए |
| मोबाइल ऐप | Android और iOS ऐप उपलब्ध (पोर्टल से डाउनलोड) |
| अंतिम तिथि | कोई अंतिम तिथि नहीं — मेले चरणों (राउंड) में आयोजित होते हैं |
| आधिकारिक पोर्टल | parivarutthan.haryana.gov.in |
MMAPUY 2.0 में क्या नया है?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 दिसंबर 2025 को सोनीपत में राज्य स्तरीय अंत्योदय उत्थान मेला का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना-2.0 लॉन्च की। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें समान अवसर, कौशल विकास, रोजगार, सम्मान और बेहतर जीवन स्तर देने के लिए शुरू की गई है।
पहले चरण में अंत्योदय मेले 166 स्थानों पर आयोजित किए गए थे। दूसरे चरण (2.0) में ये मेले पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं — ताकि हर जिले के गरीब परिवारों तक योजना की जानकारी और मौके पर मिलने वाली सेवाएँ पहुँच सकें।
MMAPUY 2.0 में परिवारों की क्षमताएँ बढ़ाने पर ज़ोर है — ऋण, प्रशिक्षण और कौशल विकास के ज़रिए परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना इस चरण का मुख्य मकसद है। मेले में पेंशन, BPL, राशन कार्ड, स्वरोजगार ऋण, महिला सशक्तिकरण, कृषि और पशुपालन जैसे विभागों की सेवाएँ मौके पर ही दी जाती हैं।
योजना का मकसद क्या है?
यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत से प्रेरित है — यानी विकास की रोशनी सबसे पहले समाज के सबसे गरीब और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने 2.0 के लॉन्च पर कहा था कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सबसे गरीब परिवारों का जीवन स्तर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।
योजना का मकसद सिर्फ़ आर्थिक मदद देना नहीं है — इसका मकसद है कि गरीब परिवार की आय का स्रोत ही मज़बूत हो जाए। इसलिए योजना में पाँच तरह के उपायों का पैकेज अपनाया जाता है:
- शिक्षा — परिवार के सदस्यों को पढ़ाई और प्रशिक्षण से जोड़ना
- कौशल विकास — हुनर सिखाकर रोजगार के लायक बनाना
- दिहाड़ी / मज़दूरी रोजगार — तुरंत आय के अवसर दिलाना
- स्वरोजगार — अपना काम शुरू करने के लिए ऋण और सहायता दिलाना
- रोजगार सृजन — नौकरी के अवसरों से जोड़ना
हर परिवार की ज़रूरत अलग होती है, इसलिए योजना में हर परिवार के लिए उसकी स्थिति के हिसाब से उपाय तय किए जाते हैं — एक ही फॉर्मूला सब पर लागू नहीं होता।
कौन पात्र है? (Eligibility)
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इस योजना में उन परिवारों को चिह्नित किया जाता है जिनकी सत्यापित सालाना पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम है। पहचान का आधार परिवार पहचान पत्र (PPP) का डेटा है — यानी सरकार PPP के रिकॉर्ड से ही गरीब परिवारों को खोजती है, परिवार को खुद को गरीब साबित करने के लिए अलग से आय प्रमाण-पत्र जुटाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
पात्रता की मुख्य शर्तें:
- हरियाणा का निवासी परिवार हो — परिवार हरियाणा में रहता हो और उसका परिवार पहचान पत्र (PPP) बना हो।
- सत्यापित सालाना पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम हो (PPP डेटा के अनुसार)।
- सबसे गरीब परिवारों को प्राथमिकता — योजना का फोकस उन परिवारों पर है जिनकी आय सबसे कम है।
ध्यान दें: योजना की शुरुआत (2021) में ₹1 लाख से कम सालाना आय वाले परिवारों को चिह्नित करने की बात कही गई थी — पहले ₹1 लाख और फिर ₹1.80 लाख सालाना आय तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया था। मौजूदा पोर्टल पर पात्रता ₹1.80 लाख से कम सत्यापित आय बताई गई है। अगर आपका परिवार PPP में दर्ज आय के हिसाब से इस सीमा में आता है, तो आप योजना के दायरे में हैं — सही स्थिति पोर्टल पर या अंत्योदय मेले में जाँच लें।
क्या-क्या लाभ मिलेंगे?
इस योजना में कोई एक तय नकद राशि नहीं दी जाती — लाभ का मतलब है कि परिवार को 19 विभागों की 49 योजनाओं से जोड़ा जाता है। मेले या पोर्टल पर परिवार की प्रोफाइलिंग की जाती है — परिवार के सदस्यों की उम्र, शिक्षा, हुनर और ज़रूरत देखी जाती है — और फिर उस परिवार के लिए सही योजनाएँ चुनी जाती हैं।
मेले में मौके पर मिलने वाली मुख्य सेवाएँ:
| सेवा / क्षेत्र | मौके पर क्या मिलता है |
|---|---|
| पेंशन | पेंशन से जुड़ी सेवाएँ और जानकारी |
| BPL | BPL कार्ड से जुड़ी सेवाएँ |
| राशन कार्ड | राशन कार्ड से जुड़ी सेवाएँ |
| स्वरोजगार ऋण | अपना काम शुरू करने के लिए ऋण की जानकारी व आवेदन |
| महिला सशक्तिकरण | महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी व लाभ |
| कृषि | किसानों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी |
| पशुपालन | पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी |
| कौशल विकास | प्रशिक्षण व हुनर से जुड़ी योजनाओं से जोड़ना |
| शिक्षा व स्वास्थ्य | शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी |
ऋण और प्रशिक्षण पर खास ज़ोर: योजना का फोकस परिवारों को ऋण, प्रशिक्षण और कौशल विकास देकर आत्मनिर्भर बनाना है। ऋण की राशि और शर्तें उस योजना पर निर्भर करती हैं जिससे परिवार को जोड़ा जाता है — हर योजना की अपनी राशि और नियम होते हैं।
HAPPY योजना — एक जुड़ा हुआ लाभ: इसी लॉन्च के मौके पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (HAPPY) का भी उल्लेख किया था, जिसके तहत पात्र नागरिकों को साल में 1,000 किलोमीटर तक मुफ्त बस यात्रा मिलती है। यह MMAPUY से अलग योजना है, लेकिन इसका लाभ भी अंत्योदय परिवारों को ही मिलता है — इसलिए मेले में इसकी जानकारी भी ली जा सकती है।
अंत्योदय मेला क्या है और वहाँ क्या मिलता है?
अंत्योदय मेला इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है। मेले में सरकार के अलग-अलग विभागों के काउंटर एक ही जगह लगाए जाते हैं, ताकि गरीब परिवार को हर योजना के लिए अलग-अलग दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़ें।
मेले में मौके पर ये काम होते हैं:
- काउंसलिंग — परिवार की स्थिति समझकर सही योजनाएँ बताना
- योजनाओं का आवंटन — परिवार के लिए उपयुक्त योजनाओं का चुनाव
- आवेदन की प्रक्रिया — फॉर्म भरने और जमा करने में मदद
- वित्तीय जुड़ाव — ऋण व अन्य आर्थिक सहायता से जोड़ना
पहले चरण में ऐसे मेले 166 स्थानों पर लगे थे। MMAPUY 2.0 में मेले पूरे राज्य में चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। अपने जिले या ब्लॉक में अगले मेले की तारीख और स्थान की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखते रहें या अपने ज़िला प्रशासन / सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय से पूछें — मेले की कोई एक तय तारीख नहीं है, ये राउंड के हिसाब से लगते रहते हैं।
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
इस योजना में आवेदन का कोई एक फॉर्म नहीं भरना होता — प्रक्रिया दो रास्तों से चलती है: आधिकारिक पोर्टल और अंत्योदय मेला।
ऑनलाइन — आधिकारिक पोर्टल से
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल parivarutthan.haryana.gov.in खोलें।
स्टेप 2: पोर्टल पर योजना की जानकारी, पात्रता और लाभ पढ़ें — पोर्टल पर ज़िला, ब्लॉक और गाँव चुनकर खोजने की सुविधा भी है।
स्टेप 3: पोर्टल पर Login का विकल्प है — लॉगिन करके अपनी जानकारी देखी जा सकती है। पोर्टल से Android और iOS ऐप भी डाउनलोड किए जा सकते हैं, और दस्तावेज़ (Download Documents) भी उपलब्ध हैं।
स्टेप 4: ऐप में परिवार के सदस्यों की प्रोफाइलिंग की जाती है — इसी प्रोफाइलिंग के आधार पर परिवार के लिए सही योजनाओं की पहचान की जाती है।
ऑफलाइन — अंत्योदय मेले से
स्टेप 1: अपने ज़िले या ब्लॉक में लगने वाले अगले अंत्योदय मेले की तारीख और स्थान पता करें — जानकारी पोर्टल पर या ज़िला प्रशासन से मिल सकती है।
स्टेप 2: मेले में अपना परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर साथ लेकर जाएँ — यही इस योजना की पहचान का आधार है।
स्टेप 3: मेले के काउंटर पर काउंसलिंग करवाएँ — अधिकारी आपकी स्थिति देखकर आपके परिवार के लिए सही योजनाएँ बताएँगे।
स्टेप 4: चुनी गई योजनाओं के आवेदन मेले में ही पूरे करने में मदद मिलती है — फॉर्म, दस्तावेज़ और आगे की प्रक्रिया वहीं समझा दी जाती है।
आवेदन की कोई अंतिम तिथि नहीं है — यह योजना साल भर चलती है और मेले चरणों में लगते रहते हैं। इसलिए ‘आखिरी तारीख निकल गई’ जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें — ताज़ा जानकारी सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल से लें।
ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required)
इस योजना की पहचान का आधार परिवार पहचान पत्र (PPP) है, इसलिए सबसे ज़रूरी चीज़ आपका PPP नंबर और उसमें दर्ज सही जानकारी है। PPP में आपकी आय, परिवार के सदस्य और पता — सब कुछ दर्ज होता है, और सरकार उसी डेटा से पात्र परिवारों को चिह्नित करती है।
- परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर — सबसे पहला और सबसे ज़रूरी दस्तावेज़; इसके बिना पहचान नहीं हो पाएगी।
- आधार कार्ड — परिवार के सदस्यों की पहचान के लिए (PPP से जुड़ा होता है)।
- बैंक खाता विवरण — जिन योजनाओं में सीधे खाते में लाभ जाता है, उनके लिए बैंक खाता ज़रूरी होता है।
- संबंधित योजना के दस्तावेज़ — मेले में जब परिवार को किसी खास योजना (ऋण, प्रशिक्षण, पेंशन आदि) से जोड़ा जाता है, तो उस योजना के अपने दस्तावेज़ माँगे जाते हैं — उनकी सूची मेले के काउंटर पर या पोर्टल के Download Documents हिस्से में मिलती है।
अगर आपका PPP अभी तक नहीं बना है या उसमें आय या परिवार के सदस्यों की जानकारी गलत है, तो पहले उसे ठीक करवाएँ — क्योंकि इसी डेटा से योजना की पात्रता तय होती है।
योजना का इतिहास: 2021 से MMAPUY 2.0 तक
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 2021 (गुरु रविदास जयंती, 644वाँ प्रकाश पर्व) | तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने योजना की घोषणा की |
| 1 अप्रैल 2021 | योजना का पहला चरण शुरू — ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों की पहचान |
| 7 जनवरी 2022 | योजना का दूसरा चरण शुरू |
| 2021–2025 | पहले चरण में 166 स्थानों पर अंत्योदय मेले आयोजित |
| 11 दिसंबर 2025 | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत में MMAPUY 2.0 लॉन्च किया |
शुरुआत में योजना का लक्ष्य था कि ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों को पहले ₹1 लाख और फिर ₹1.80 लाख सालाना आय तक पहुँचाया जाए। इसके लिए राज्य स्तरीय और ज़िला स्तरीय टास्क फोर्स बनाई गई थी। MMAPUY 2.0 में वही लक्ष्य आगे बढ़ाया गया है — अब पोर्टल पर पात्रता ₹1.80 लाख से कम सत्यापित आय बताई गई है और लक्ष्य कम से कम ₹1.80 लाख सालाना आय है।
गरीब परिवारों की अन्य हरियाणा योजनाएँ
अंत्योदय परिवार उत्थान योजना से जुड़े परिवारों को हरियाणा सरकार की ये योजनाएँ भी जाननी चाहिए — ये भी गरीब और ज़रूरतमंद परिवारों के लिए ही हैं:
DAYALU योजना — गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक की सहायता देने वाली योजना। अगर आपके परिवार को बड़ी आर्थिक मदद की ज़रूरत है, तो इस योजना की जानकारी ज़रूर लें।
लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता — जिन परिवारों में सिर्फ़ बेटियाँ हैं, उनके माता-पिता को हर महीने ₹3,200 का भत्ता मिलता है।
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना — बेटी की शादी पर सरकार आर्थिक सहायता देती है।
हरियाणा लेबर कार्ड (BOCW) — मज़दूर परिवारों के लिए लेबर कार्ड — शादी के लिए ₹1.01 लाख तक की सहायता सहित कई लाभ मिलते हैं।
ये योजनाएँ मिलकर एक गरीब परिवार की ज़िंदगी के हर मोड़ — पढ़ाई, रोजगार, बेटी की शादी, बुढ़ापा — पर सहारा देती हैं। अंत्योदय मेले में इन योजनाओं की जानकारी भी एक ही जगह मिल जाती है।
ध्यान रखने वाली बातें
कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर लाभ न दिलवाए: योजना में परिवार की पहचान PPP डेटा से होती है और मेले में काउंसलिंग सरकारी अधिकारियों द्वारा मुफ्त दी जाती है। अगर कोई व्यक्ति पैसे लेकर योजना का लाभ दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है — ऐसे व्यक्ति की शिकायत नज़दीकी प्रशासनिक कार्यालय में करें।
OTP या बैंक विवरण किसी को न दें: सरकार कभी फोन पर OTP, बैंक खाता नंबर या पासवर्ड नहीं माँगती। ऐसा कोई कॉल आए तो उसे नज़रअंदाज़ करें और आधिकारिक पोर्टल या ज़िला कार्यालय से संपर्क करें।
PPP की जानकारी सही रखें: इस योजना की पात्रता PPP के डेटा से तय होती है — अगर PPP में आय या परिवार के सदस्यों की जानकारी गलत है, तो उसे पहले ठीक करवाएँ, नहीं तो पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह सकते हैं।
‘आखिरी तारीख’ की अफवाहों से बचें: इस योजना की कोई अंतिम तिथि नहीं है — मेले चरणों में लगते रहते हैं। सोशल मीडिया पर ‘आवेदन की आखिरी तारीख’ वाली खबरें देखकर घबराएँ नहीं; सही जानकारी सिर्फ़ parivarutthan.haryana.gov.in पर देखें।
ताज़ा जानकारी आधिकारिक स्रोत से जाँचें: इस लेख की जानकारी 5 नवंबर 2026 तक की सत्यापित जानकारी पर आधारित है। नियम, पात्रता या मेले की तारीखों में बदलाव हो सकता है — इसलिए आवेदन से पहले parivarutthan.haryana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (MMAPUY) 2.0 क्या है?
उत्तर: यह हरियाणा सरकार की योजना है जो राज्य के सबसे गरीब परिवारों की सालाना आय बढ़ाकर कम से कम ₹1.80 लाख करने के लिए चलाई जा रही है। इसमें परिवार को 19 विभागों की 49 योजनाओं — कौशल विकास, स्वरोजगार ऋण, दिहाड़ी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य — से जोड़ा जाता है। MMAPUY 2.0 इसका नया चरण है, जो 11 दिसंबर 2025 को सोनीपत में लॉन्च हुआ था।
प्रश्न 2: इस योजना में कौन पात्र है?
उत्तर: आधिकारिक पोर्टल के अनुसार वे परिवार पात्र हैं जिनकी परिवार पहचान पत्र (PPP) से सत्यापित सालाना पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम है। पहचान PPP के डेटा से होती है, इसलिए PPP बना होना और उसमें सही जानकारी होना ज़रूरी है।
प्रश्न 3: क्या इस योजना में सीधे पैसे मिलते हैं?
उत्तर: नहीं — इस योजना में कोई एक तय नकद राशि सीधे नहीं दी जाती। लाभ का मतलब है कि परिवार को उसकी ज़रूरत के हिसाब से 49 योजनाओं से जोड़ा जाता है — जैसे कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार के लिए ऋण, दिहाड़ी रोजगार, पेंशन, राशन कार्ड आदि। ऋण की राशि उस योजना पर निर्भर करती है जिससे परिवार को जोड़ा जाता है।
प्रश्न 4: आवेदन कैसे करें — ऑनलाइन या ऑफलाइन?
उत्तर: दोनों तरीके हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल parivarutthan.haryana.gov.in देखें — वहाँ Login, ऐप डाउनलोड और दस्तावेज़ डाउनलोड की सुविधा है। ऑफलाइन तरीका है अंत्योदय मेला — मेले में PPP नंबर साथ लेकर जाएँ, वहाँ मौके पर काउंसलिंग, योजना का चुनाव और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलती है।
प्रश्न 5: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: इस योजना की कोई अंतिम तिथि नहीं है — यह साल भर चलती है और अंत्योदय मेले चरणों (राउंड) में पूरे राज्य में आयोजित किए जाते हैं। अपने ज़िले में अगले मेले की तारीख पोर्टल पर या ज़िला प्रशासन से पता करें।
प्रश्न 6: अंत्योदय मेला क्या है?
उत्तर: अंत्योदय मेला एक ऐसा आयोजन है जहाँ सरकार के अलग-अलग विभागों के काउंटर एक ही जगह लगाए जाते हैं। पहले चरण में ऐसे मेले 166 स्थानों पर लगे थे। मेले में मौके पर काउंसलिंग, योजनाओं का आवंटन, आवेदन की प्रक्रिया और वित्तीय जुड़ाव — सब कुछ एक ही जगह हो जाता है।
प्रश्न 7: परिवार पहचान पत्र (PPP) क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: क्योंकि इस योजना में पात्र परिवारों की पहचान PPP के सत्यापित डेटा से होती है — सरकार PPP में दर्ज आय के आधार पर ही गरीब परिवारों को खोजती है। अगर PPP नहीं बना है या उसमें जानकारी गलत है, तो पात्रता तय नहीं हो पाएगी — इसलिए पहले PPP ठीक करवाएँ।
प्रश्न 8: 19 विभागों की 49 योजनाओं का क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है कि MMAPUY अकेली योजना नहीं है — यह एक छतरी योजना है जो 19 विभागों की 49 अलग-अलग योजनाओं को एक साथ जोड़ती है। परिवार की प्रोफाइलिंग के बाद उसे उन योजनाओं से जोड़ा जाता है जो उसकी ज़रूरत के हिसाब से सही हों — जैसे किसी को कौशल प्रशिक्षण, किसी को स्वरोजगार ऋण, किसी को पेंशन या राशन कार्ड।
स्रोत: Mukhyamantri Antyodaya Parivar Utthan Yojana, Government of Haryana — आधिकारिक पोर्टल parivarutthan.haryana.gov.in (5 नवंबर 2026 को लाइव जाँचा गया — योजना का नाम व मकसद, पात्रता: सत्यापित सालाना पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से कम, लक्ष्य: कम से कम ₹1.80 लाख सालाना आय, Login / Android व iOS ऐप डाउनलोड / Download Documents / ज़िला-ब्लॉक-गाँव खोज; विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग; उस समय विज़िटर संख्या 13,62,071); The Statesman, 11 दिसंबर 2025 — ‘Haryana CM launches Phase II of Mukhyamantri Antyodaya Parivar Utthan Yojana in Sonipat’ (MMAPUY 2.0 लॉन्च, सोनीपत राज्य स्तरीय मेला, पहले चरण में 166 स्थानों पर मेले, 19 विभागों की 49 योजनाएँ, मौके पर पेंशन/BPL/राशन कार्ड/स्वरोजगार ऋण/महिला सशक्तिकरण/कृषि/पशुपालन सेवाएँ, लक्ष्य ₹1,80,000 सालाना आय, HAPPY योजना: 1,000 किमी मुफ्त बस यात्रा); Millennium Post — ‘Haryana CM opens Antyodaya Utthan Mela’ (वही लॉन्च विवरण); Haryana Legislative Assembly — Starred Question No. 1116 का जवाब (2021) (₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों की पहचान, पहले ₹1 लाख फिर ₹1.80 लाख का लक्ष्य, PPP डेटा, राज्य व ज़िला स्तरीय टास्क फोर्स, मोबाइल ऐप से प्रोफाइलिंग); sarkariyojana.com — ‘Haryana Mukhyamantri Antyodaya Parivar Utthan Yojana 2026’ (1 अप्रैल 2021 शुरुआत, दूसरा चरण 7 जनवरी 2022, MMAPUY 2.0 में चरणवार मेले)। राशि, तारीखें और नियम बदल सकते हैं — आवेदन करने से पहले parivarutthan.haryana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

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