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सरकारी योजनाएँ

Har Ghar Har Grihini Yojana Haryana 2026: ₹500 LPG Cylinder

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Har Ghar Har Grihini Yojana Haryana 2026: ₹500 LPG Cylinder
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 9:58 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा में रसोई का खर्च हर महीने घर के बजट पर सीधा असर डालता है, और उसमें सबसे बड़ा हिस्सा गैस सिलेंडर का होता है। गरीब परिवारों के लिए सिलेंडर की बढ़ती कीमत एक असली बोझ बन जाती है — कई बार तो परिवार को फिर से लकड़ी या कोयले पर खाना बनाना पड़ता है। इसी बोझ को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने हर घर हर गृहिणी योजना (Har Ghar Har Grihini Yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर सिर्फ ₹500 में मिलता है। सिलेंडर की असली कीमत से ₹500 ऊपर की रकम सरकार सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी के रूप में भेज देती है।

इस लेख में योजना की पूरी और सही जानकारी दी गई है — ₹500 वाला सिलेंडर कैसे मिलता है, साल में कितने सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी, कौन पात्र है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, epds.haryanafood.gov.in पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, स्टेटस कैसे चेक करें, और किन बातों में अलग-अलग स्रोतों पर अलग जानकारी मिलती है। जहाँ जानकारी में मतभेद है, वहाँ हमने दोनों पक्ष साफ-साफ लिखे हैं, ताकि आप गलत जानकारी के भरोसे न रहें।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम हर घर हर गृहिणी योजना (Har Ghar Har Grihini Yojana)
राज्य हरियाणा
शुरू हुई 12 अगस्त 2024
शुरू करने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
विभाग खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा सरकार
लाभ घरेलू एलपीजी सिलेंडर सिर्फ ₹500 में
सिलेंडर की सीमा साल में अधिकतम 12 सिलेंडर पर सब्सिडी
सिलेंडर का प्रकार सिर्फ 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर
सब्सिडी कैसे मिलेगी DBT से सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में
पात्रता (मुख्य) बीपीएल / अंत्योदय (AAY) राशन कार्डधारी परिवार, परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य
आधिकारिक पोर्टल epds.haryanafood.gov.in
वार्षिक बजट (शुरुआत में बताया गया) लगभग ₹1,500 करोड़
लाभार्थी परिवार (मुख्यमंत्री का बयान, 15 अगस्त 2026) लगभग 15 लाख परिवार

हर घर हर गृहिणी योजना क्या है?

हर घर हर गृहिणी योजना हरियाणा सरकार की एक महिला-केंद्रित कल्याण योजना है, जिसे 12 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुरू किया था। उसी दिन योजना का ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया था, ताकि पात्र परिवार घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकें। योजना की घोषणा मुख्यमंत्री ने तीज के त्योहार के आसपास की थी, और इसका मकसद साफ था — राज्य के गरीब परिवारों की महिलाओं को सस्ती रसोई गैस देना, ताकि उन्हें धुएँ वाले चूल्हे पर खाना न बनाना पड़े और घर का मासिक खर्च कम हो।

योजना का नाम ही इसका मकसद बता देता है — हर घर और हर गृहिणी। यानी हर घर की गृहिणी तक सस्ता सिलेंडर पहुँचाना। योजना का संचालन हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Food, Civil Supplies and Consumer Affairs) के हाथ में है, और रजिस्ट्रेशन तथा लाभार्थी की जानकारी उसी विभाग के ई-पीडीएस पोर्टल epds.haryanafood.gov.in पर मिलती है।

यह योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से भी जुड़ी हुई है, क्योंकि अधिकांश पात्र परिवारों के पास उज्ज्वला योजना के तहत ही घरेलू गैस कनेक्शन है। कई गाइडों में उज्ज्वला गैस कनेक्शन होना पात्रता की शर्तों में लिखा गया है। योजना का सालाना खर्च शुरुआत में लगभग ₹1,500 करोड़ बताया गया था, जो इसके बड़े दायरे को दिखाता है।

₹500 में सिलेंडर कैसे मिलता है — लाभ और सब्सिडी का तरीका

इस योजना को समझने में सबसे ज़रूरी बात यह है कि सिलेंडर आपको दुकान या एजेंसी से ₹500 में हाथों-हाथ नहीं मिलता। तरीका इस तरह काम करता है:

  • आप अपने गैस एजेंसी से सिलेंडर उसकी पूरी असली कीमत पर लेते हैं, जैसे बाकी उपभोक्ता लेते हैं।
  • इसके बाद असली कीमत में से ₹500 घटाकर बाकी की रकम सरकार आपके बैंक खाते में सब्सिडी के रूप में भेज देती है।
  • यह सब्सिडी DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में आती है, और कई रिपोर्टों के अनुसार यह रकम हर महीने खाते में भेजी जाती है।
  • इस तरह एक सिलेंडर पर आपकी जेब से असरदार खर्च सिर्फ ₹500 ही पड़ता है।

उदाहरण के लिए, अगर सिलेंडर की कीमत किसी महीने ₹800 के आसपास है, तो ₹500 के ऊपर की लगभग ₹300 की रकम सब्सिडी के रूप में आपके खाते में वापस आ जाएगी। सिलेंडर की असली कीमत शहर, एजेंसी और समय के हिसाब से बदलती रहती है, इसलिए सब्सिडी की रकम भी उसी हिसाब से कम-ज्यादा हो सकती है — लेकिन आपकी जेब से प्रति सिलेंडर ₹500 ही खर्च होगा।

साल में 12 सिलेंडर की सीमा: एक पात्र परिवार साल में अधिकतम 12 सिलेंडर पर सब्सिडी पा सकता है। यानी महीने में औसतन एक सिलेंडर। यह सीमा हर साल लागू होती है। ध्यान रहे कि सब्सिडी सिर्फ 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर मिलती है — कमर्शियल सिलेंडर पर इस योजना का लाभ नहीं मिलता।

कौन पात्र है — पात्रता की शर्तें

पात्रता को लेकर अलग-अलग स्रोतों में कुछ अलग जानकारी मिलती है, इसलिए यहाँ हम वही लिख रहे हैं जो अधिकांश स्रोतों में समान रूप से दर्ज है, और जहाँ मतभेद है वहाँ उसे अलग से साफ कर रहे हैं।

आमतौर पर मानी जाने वाली पात्रता शर्तें:

  • आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी महिला हो।
  • परिवार के पास बीपीएल (BPL) राशन कार्ड या अंत्योदय (AAY) राशन कार्ड हो।
  • परिवार के पास परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) हो — इसके बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होता।
  • परिवार के पास घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन हो; कई गाइडों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का कनेक्शन होना शर्त के रूप में लिखा गया है।
  • लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक्ड हो, ताकि DBT सब्सिडी सीधे खाते में आ सके।
  • परिवार की सालाना आय सरकार की तय सीमा के अंदर हो — इस बारे में नीचे मतभेद देखें।

पात्रता को लेकर मतभेद — ईमानदारी से जान लें:

पहला मतभेद यह है कि क्या योजना सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए है। अधिकांश योजना-गाइडों में लिखा है कि लाभ सिर्फ बीपीएल / अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को मिलता है। लेकिन Testbook के एक प्रश्न-विश्लेषण में कहा गया है कि योजना सिर्फ बीपीएल कार्डधारकों तक सीमित नहीं है, और विभिन्न आर्थिक श्रेणियों के परिवार भी सरकारी शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि बीपीएल कार्ड होना मुख्य रास्ता है, लेकिन अंतिम फैसला आधिकारिक पोर्टल के लाइव फॉर्म और विभाग की शर्तों पर निर्भर करता है।

दूसरा मतभेद आय सीमा को लेकर है। कुछ गाइडों में परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख से कम लिखी गई है, जो हरियाणा की कई योजनाओं (जैसे दयालु योजना) की सामान्य सीमा से मेल खाती है। वहीं कुछ अन्य गाइडों में आय सीमा ₹1.5 लाख लिखी गई है। तैयारी के समय epds.haryanafood.gov.in पोर्टल सीधे नहीं खुल पाया, इसलिए आय सीमा की पुष्टि पोर्टल पर नहीं हो सकी है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर दिख रही आय सीमा और पात्रता ही अंतिम मानी जाएगी — किसी भी गाइड की लिखी सीमा को अंतिम सच न मानें।

जरूरी दस्तावेज़

आवेदन के समय आमतौर पर ये दस्तावेज़ माँगे जाते हैं। ध्यान रहे कि पोर्टल के लाइव फॉर्म में माँगे गए दस्तावेज़ ही अंतिम होंगे:

  • आधार कार्ड — आवेदक महिला का
  • परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) — अनिवार्य
  • बीपीएल राशन कार्ड या अंत्योदय (AAY) राशन कार्ड
  • गैस कनेक्शन की जानकारी — कनेक्शन नंबर / उपभोक्ता संख्या, एजेंसी का नाम
  • बैंक खाते की जानकारी — आधार से लिंक्ड खाता, पासबुक या खाता संख्या
  • मोबाइल नंबर — जो आधार और रजिस्ट्रेशन से जुड़ा हो (OTP के लिए)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो — कुछ गाइडों में माँगा गया है

रजिस्ट्रेशन में महिला के नाम, परिवार पहचान पत्र संख्या और गैस कनेक्शन की जानकारी का आपस में मेल खाना ज़रूरी है। अगर परिवार पहचान पत्र में नाम या जानकारी गलत है, तो पहले उसे ठीक करवाना बेहतर होगा, वरना आवेदन अटक सकता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप-बाय-स्टेप

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और मुफ्त है। कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट आपसे आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो वह धोखा है। आधिकारिक पोर्टल epds.haryanafood.gov.in है।

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आधिकारिक पोर्टल epds.haryanafood.gov.in खोलें।
  2. पोर्टल के होमपेज पर हर घर हर गृहिणी योजना से जुड़ा रजिस्ट्रेशन फॉर्म (Registration Form) का विकल्प खोजें और उस पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार नंबर डालें और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें।
  4. OTP प्राप्त करें (Get OTP) पर क्लिक करें — OTP आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आएगा।
  5. OTP डालकर सत्यापन पूरा करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा।
  6. फॉर्म में परिवार पहचान पत्र (Family ID), राशन कार्ड की जानकारी, गैस कनेक्शन नंबर और बैंक खाते की जानकारी सही-सही भरें।
  7. माँगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें (अगर पोर्टल माँगता है) और फॉर्म जमा (Submit) करें।
  8. जमा करने के बाद मिली रसीद / आवेदन संख्या को संभालकर रखें — यही स्टेटस चेक करने के काम आएगी।

अगर पोर्टल पर फॉर्म का नाम या विकल्प थोड़ा अलग दिखे, तो घबराएँ नहीं — पोर्टल समय-समय पर अपडेट होता रहता है। होमपेज पर योजना का नाम खोजें या Citizen Corner जैसे विकल्प में देखें। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर लिखी पात्रता और निर्देश एक बार ज़रूर पढ़ लें।

ऑफलाइन आवेदन का विकल्प

अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, तो आप अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र या CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर सहायता ले सकते हैं। वहाँ ऑपरेटर आपकी जानकारी से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने में मदद कर सकता है।

ऑफलाइन जाते समय अपने सभी मूल दस्तावेज़ — आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन की जानकारी और बैंक पासबुक — साथ ले जाएँ। ध्यान रहे कि अटल सेवा केंद्र पर भी आवेदन उसी ऑनलाइन पोर्टल से होता है; कोई अलग कागज़ी फॉर्म योजना का हिस्सा नहीं है। किसी भी केंद्र पर आपसे योजना के नाम पर बड़ी रकम माँगी जाए, तो उसकी रसीद माँगें और इसकी शिकायत विभाग से करें।

आवेदन शुल्क और समय-सीमा

  • आवेदन शुल्क: शून्य। हर घर हर गृहिणी योजना के तहत रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है।
  • समय-सीमा: इस योजना के लिए कोई अंतिम तारीख हमारे सत्यापन में सामने नहीं आई है — रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर चलता रहता है। फिर भी, लाभ लेने के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन करना ही सही रहेगा, और अंतिम तारीख के बारे में आधिकारिक पोर्टल पर ही जाँच करें।
  • सब्सिडी कब से मिलेगी: रजिस्ट्रेशन स्वीकृत होने के बाद, उसके बाद लिए गए सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलनी शुरू होती है। पहले से लिए गए सिलेंडरों पर पिछली सब्सिडी मिलने का दावा न करें।

स्टेटस कैसे चेक करें

रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप अपना स्टेटस ऑनलाइन ही देख सकते हैं:

रजिस्ट्रेशन स्टेटस देखने के लिए:

  • epds.haryanafood.gov.in पोर्टल खोलें और होमपेज पर Registration Status विकल्प चुनें।
  • अपना आधार नंबर और कैप्चा डालकर OTP से सत्यापन करें।
  • स्क्रीन पर आपका रजिस्ट्रेशन स्टेटस दिख जाएगा।

सब्सिडी स्टेटस देखने के लिए:

  • पोर्टल पर Subsidy Status / DBT Status Tracker विकल्प चुनें।
  • अपनी श्रेणी, बैंक, आवेदन संख्या या खाता संख्या जैसी माँगी गई जानकारी डालकर सबमिट करें।
  • आपको पता चल जाएगा कि सब्सिडी जारी हुई है या नहीं, और किस महीने की सब्सिडी खाते में आई है।

अगर स्टेटस में कोई गड़बड़ी दिखे — जैसे सब्सिडी रुकी हुई है या खाते की जानकारी गलत है — तो पहले अपने बैंक में जाकर आधार-लिंक्ड स्थिति जाँचें, फिर पोर्टल पर जानकारी ठीक करवाएँ। कई बार सब्सिडी इसलिए रुकती है क्योंकि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होता।

सब्सिडी खाते में कैसे आएगी — DBT की प्रक्रिया

सब्सिडी पाने के लिए सबसे ज़रूरी शर्त है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक्ड हो और वह खाता सक्रिय हो। प्रक्रिया इस तरह चलती है:

  1. आप गैस एजेंसी से पूरी कीमत पर सिलेंडर लेते हैं और उसकी बुकिंग/खरीद का रिकॉर्ड बनता है।
  2. विभाग आपके रजिस्ट्रेशन और गैस कनेक्शन की जानकारी का मिलान करता है।
  3. सिलेंडर की कीमत में से ₹500 घटाकर बाकी रकम DBT से आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाती है।
  4. यह रकम आमतौर पर हर महीने भेजी जाती है।

अक्टूबर 2025 में ₹18.56 करोड़ की रीफिल सब्सिडी जारी की गई थी — यह आंकड़ा परीक्षा-विश्लेषण स्रोतों में भी सही बताया गया है। अक्टूबर 2026 की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उस महीने करीब ₹20.39 करोड़ की अगस्त महीने की सब्सिडी जारी की गई थी, जिसका लाभ करीब 5.14 लाख महिलाओं तक पहुँचने की बात कही गई थी। यह दूसरा आंकड़ा एक मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है, इसलिए इसे आधिकारिक आंकड़ा न मानें — लेकिन यह दिखाता है कि योजना लगातार चल रही है और हर महीने बड़ी संख्या में परिवारों को सब्सिडी मिल रही है।

कितने परिवारों को लाभ मिल रहा है — आंकड़ा साफ-साफ

लाभार्थियों की संख्या को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग आंकड़े दिखते हैं, इसलिए यहाँ सही स्थिति साफ लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 15 अगस्त 2026 को हांसी में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा था कि हर घर हर गृहिणी योजना के तहत लगभग 15 लाख परिवारों को ₹500 में एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे हैं। यह सबसे नया और मुख्यमंत्री का सीधा बयान है, इसलिए इस लेख में लगभग 15 लाख परिवार का आंकड़ा ही इस्तेमाल किया गया है। अक्टूबर 2025 में एक सरकारी कार्यक्रम में लाभार्थी परिवारों की संख्या लगभग 14.5 लाख बताई गई थी, जो 15 लाख के आंकड़े से मेल खाती है।

कुछ पुरानी खबरों और एग्रीगेटर वेबसाइटों पर 50 लाख लाभार्थियों का आंकड़ा भी दिखता है। यह आंकड़ा योजना की शुरुआत (अगस्त 2024) के समय कुछ खबरों में लक्ष्य के रूप में छपा था। लेकिन मुख्यमंत्री के नवीनतम बयान और बाद के आंकड़ों में लगभग 15 लाख परिवारों का उल्लेख है, और परीक्षा-स्रोतों में भी 50 लाख का आंकड़ा आधिकारिक डेटा में पुष्ट नहीं बताया गया है। इसलिए 50 लाख को इस योजना की वर्तमान लाभार्थी संख्या न मानें — सही और नया आंकड़ा लगभग 15 लाख परिवार है।

आवेदन करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • कोई शुल्क नहीं: रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है। कोई एजेंट या वेबसाइट आपसे पैसे माँगे, तो भुगतान न करें।
  • सिर्फ आधिकारिक पोर्टल: आवेदन सिर्फ epds.haryanafood.gov.in से करें। मिलते-जुलते नाम वाली दूसरी वेबसाइटों से बचें।
  • सही जानकारी भरें: परिवार पहचान पत्र, आधार और गैस कनेक्शन में नाम और जानकारी एक जैसी होनी चाहिए। गलत जानकारी से आवेदन रुक सकता है।
  • OTP किसी से साझा न करें: रजिस्ट्रेशन का OTP सिर्फ आपके मोबाइल पर आता है — इसे किसी अजनबी को न बताएँ।
  • बैंक खाता जाँच लें: सब्सिडी तभी आएगी जब खाता आधार से लिंक्ड और सक्रिय होगा। खाता बंद या निष्क्रिय होने पर सब्सिडी अटक सकती है।
  • 12 सिलेंडर की सीमा याद रखें: साल में 12 से ज़्यादा सिलेंडरों पर इस योजना की सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह सीमा वित्तीय वर्ष के हिसाब से है या कैलेंडर वर्ष के हिसाब से — यह पोर्टल पर स्पष्ट रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है, इसलिए इस बारे में आधिकारिक पोर्टल पर ही जाँच करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. हर घर हर गृहिणी योजना में सिलेंडर कितने रुपये में मिलता है?

पात्र परिवारों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर असरदार रूप से ₹500 में पड़ता है। आप सिलेंडर पूरी कीमत पर लेते हैं और ₹500 से ऊपर की रकम DBT से आपके बैंक खाते में सब्सिडी के रूप में वापस आ जाती है।

2. साल में कितने सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी?

एक पात्र परिवार साल में अधिकतम 12 सिलेंडर पर सब्सिडी पा सकता है। यह सीमा वित्तीय वर्ष के हिसाब से है या कैलेंडर वर्ष के हिसाब से, यह आधिकारिक पोर्टल पर स्पष्ट रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है — आवेदन से पहले पोर्टल पर जाँच लें।

3. क्या योजना सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए है?

अधिकांश गाइडों में पात्रता बीपीएल / अंत्योदय (AAY) राशन कार्डधारी परिवारों के लिए लिखी गई है। लेकिन एक परीक्षा-स्रोत (Testbook) का कहना है कि योजना सिर्फ बीपीएल तक सीमित नहीं है। अंतिम पात्रता आधिकारिक पोर्टल के लाइव फॉर्म पर ही तय होगी, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर अपनी पात्रता ज़रूर जाँचें।

4. आवेदन कहाँ और कैसे करें?

आवेदन epds.haryanafood.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन होता है। वहाँ Registration Form में आधार नंबर और कैप्चा डालकर OTP से सत्यापन करें, फिर परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी भरकर फॉर्म जमा करें। आवेदन मुफ्त है।

5. परिवार पहचान पत्र (PPP) क्यों ज़रूरी है?

हरियाणा की अधिकांश योजनाओं की तरह इस योजना में भी परिवार पहचान पत्र (Family ID) अनिवार्य है। इसके बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होता, क्योंकि पात्रता की जाँच PPP डेटा से ही होती है।

6. सब्सिडी खाते में कब आएगी?

सब्सिडी DBT से सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आती है और आमतौर पर हर महीने भेजी जाती है। सब्सिडी का स्टेटस पोर्टल पर Subsidy Status / DBT Status Tracker से देखा जा सकता है।

7. क्या कमर्शियल सिलेंडर पर भी सब्सिडी मिलेगी?

नहीं। सब्सिडी सिर्फ 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर मिलती है। कमर्शियल सिलेंडर इस योजना के दायरे में नहीं आता।

8. मेरी सब्सिडी रुक गई है — क्या करूँ?

सबसे पहले अपने बैंक में जाकर जाँचें कि खाता आधार से लिंक्ड और सक्रिय है या नहीं। इसके बाद पोर्टल पर Subsidy Status देखें और रजिस्ट्रेशन की जानकारी (परिवार पहचान पत्र, गैस कनेक्शन नंबर) की जाँच करें। अगर फिर भी दिक्कत हो, तो खाद्य विभाग की हेल्पलाइन या अटल सेवा केंद्र से संपर्क करें।

संबंधित योजनाएँ — और भी लाभ लें

अगर आप हर घर हर गृहिणी योजना की पात्रता रखते हैं, तो हो सकता है कि आप हरियाणा की इन योजनाओं के लिए भी पात्र हों — इन्हें भी ज़रूर देखें:

  • दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना — महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता। मुख्यमंत्री ने इसी योजना का उल्लेख हर घर हर गृहिणी योजना के साथ अपने भाषणों में किया है। पूरी जानकारी: https://www.viksitharyana.com/lado-lakshmi-yojana-haryana-apply/
  • दयालु योजना — ₹1.80 लाख तक सालाना आय वाले परिवारों को विपत्ति में आर्थिक मदद। पूरी जानकारी: https://www.viksitharyana.com/dayalu-yojana-haryana/
  • हैप्पी कार्ड योजना — पात्र परिवारों को हरियाणा रोडवेज़ बसों में मुफ्त यात्रा। पूरी जानकारी: https://www.viksitharyana.com/haryana-happy-card-yojana/
  • मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना — गरीब परिवारों की आय बढ़ाने की योजना। पूरी जानकारी: https://www.viksitharyana.com/mukhyamantri-antyodaya-parivar-utthan-yojana/

आधिकारिक स्रोत

नोट: इस लेख की जानकारी 6 नवंबर 2026 को सार्वजनिक स्रोतों से सत्यापित की गई है। योजना की शर्तें, आय सीमा और आवेदन की प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है — आवेदन करने से पहले epds.haryanafood.gov.in पर लिखी नवीनतम जानकारी ही अंतिम मानें। किसी भी दलाल या पैसे माँगने वाले व्यक्ति से सावधान रहें; यह योजना पूरी तरह निःशुल्क है।

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