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वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना हरियाणा 2026: गर्भवती की मुफ्त जाँच

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना हरियाणा 2026: गर्भवती की मुफ्त जाँच
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 7:05 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

वंदे मातरम् योजना क्या है? — नाम को लेकर एक ज़रूरी सफाई

इस गाइड को पढ़ने से पहले एक बात साफ कर देना ज़रूरी है, क्योंकि इसी नाम को लेकर इंटरनेट पर सबसे ज़्यादा भ्रम फैला है: “वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना” नाम की कोई अलग, अधिसूचित योजना हरियाणा या केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में नहीं मिलती। असली योजना का नाम है — वंदे मातरम् योजना (Vande Mataram Scheme — VMS)। यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक राष्ट्रीय योजना है, जो निजी स्त्री-रोग विशेषज्ञों (गायनोकोलॉजिस्ट) के साथ साझेदारी में चलाई गई थी। लोग इसे बोलचाल में “जननी सुरक्षा” से जोड़कर भी खोजते हैं, इसलिए इस गाइड में हम असली योजना और उससे जुड़ी मौजूदा सुविधाओं — प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) और जननी सुरक्षा योजना (JSY) — तीनों की सही जानकारी दे रहे हैं, ताकि आपको भ्रम न रहे।

वंदे मातरम् योजना एक स्वैच्छिक कार्यक्रम था, जिसके तहत देश भर के निजी प्रसूति एवं स्त्री-रोग विशेषज्ञ अपनी क्लीनिकों पर गर्भवती महिलाओं को मुफ्त प्रसव-पूर्व (ANC) जाँच देने के लिए आगे आए थे। इसका मकसद था — निजी क्षेत्र के डॉक्टरों की मदद से सुरक्षित मातृत्व की सेवाएँ हर गर्भवती महिला तक पहुँचाना, ताकि प्रसव के दौरान माँ और बच्चे की जान का खतरा कम हो सके।

बाद में इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए 2016 में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) शुरू किया गया, जो वंदे मातरम् कार्यक्रम का ही विस्तार माना जाता है। आज हरियाणा में गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जाँच मुख्य रूप से हर महीने की 9 तारीख को PMSMA के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर होती है, और हरियाणा का उच्च-जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy) पोर्टल भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
असली नाम वंदे मातरम् योजना (Vande Mataram Scheme — VMS)
शुरू 2004 के आसपास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
साझेदार भारतीय प्रसूति एवं स्त्री-रोग विशेषज्ञ संघ (FOGSI) और निजी गायनोकोलॉजिस्ट
मकसद गर्भवती महिलाओं को मुफ्त सुरक्षित मातृत्व सेवाएँ देना, मातृ मृत्यु दर घटाना
मुख्य लाभ मुफ्त OPD, प्रसव-पूर्व जाँच, आहार सलाह, स्तनपान सहायता
जाँच का दिन हर महीने की 9 तारीख (PMSMA के तहत)
मौजूदा रूप प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA, 2016 से)
हरियाणा में खास व्यवस्था उच्च-जोखिम गर्भावस्था पोर्टल (नवंबर 2017 से — ऐसा पोर्टल चलाने वाला पहला राज्य)
नकद लाभ वंदे मातरम् योजना में कोई नकद राशि नहीं — लाभ मुफ्त सेवाओं के रूप में
आवेदन कोई फॉर्म नहीं — 9 तारीख को स्वास्थ्य केंद्र या सहभागी क्लीनिक पर जाएँ
आधिकारिक विभाग स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा (haryanahealth.nic.in); राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (nhm.gov.in)

वंदे मातरम् योजना में क्या-क्या मुफ्त मिलता था?

वंदे मातरम् योजना के तहत सहभागी निजी गायनोकोलॉजिस्ट अपनी क्लीनिकों पर ये सेवाएँ मुफ्त देते थे:

  • मुफ्त OPD सेवाएँ — गर्भवती महिलाओं की बाह्य रोगी (OPD) जाँच बिना किसी शुल्क के।
  • प्रसव-पूर्व (ANC) जाँच — गर्भावस्था के दौरान नियमित जाँच — खून की जाँच, ब्लड प्रेशर, वज़न और बच्चे की स्थिति की जाँच।
  • प्रसव-पश्चात (PNC) जाँच — प्रसव के बाद माँ की स्वास्थ्य जाँच और देखभाल।
  • आहार संबंधी सलाह — गर्भावस्था में सही खान-पान और पोषण की जानकारी।
  • स्तनपान सहायता — नवजात को स्तनपान कराने के बारे में मार्गदर्शन।
  • परिवार नियोजन सलाह — नई माताओं को नियमित रूप से परिवार नियोजन की जानकारी।

यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक थी — निजी डॉक्टर अपनी मर्ज़ी से इसमें शामिल होते थे और अपनी क्लीनिक पर मुफ्त सेवाएँ देते थे। इसमें कोई नकद राशि, कोई कार्ड और कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं था।

आज की व्यवस्था — प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA)

2016 में शुरू हुआ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) वंदे मातरम् कार्यक्रम का विस्तार है। इसके तहत:

  • हर महीने की 9 तारीख को सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों — प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल — पर गर्भवती महिलाओं की मुफ्त और व्यापक प्रसव-पूर्व जाँच होती है।
  • खास ध्यान दूसरी और तीसरी तिमाही (गर्भावस्था के मध्य और अंतिम चरण) की महिलाओं पर दिया जाता है।
  • जाँच में खून की जाँच, ब्लड प्रेशर, शुगर, पेशाब की जाँच, अल्ट्रासाउंड (जहाँ सुविधा हो) और बच्चे की धड़कन की जाँच शामिल होती है।
  • उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्था (जैसे गंभीर एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, पहले सिजेरियन, जुड़वाँ बच्चे, पहले गर्भपात/मृत शिशु का इतिहास) की पहचान करके उन महिलाओं की खास निगरानी की जाती है।
  • 2016 से 2018 के बीच देश भर में PMSMA के तहत 1 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को प्रसव-पूर्व देखभाल मिली थी।

हरियाणा का उच्च-जोखिम गर्भावस्था पोर्टल

हरियाणा ने नवंबर 2017 में देश का पहला राज्य-स्तरीय उच्च-जोखिम गर्भावस्था पोर्टल शुरू किया था, जिसे नीति आयोग ने प्रसव-पूर्व देखभाल में ‘सर्वोत्तम प्रथा’ (best practice) माना था। इस पोर्टल पर उच्च-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करके उनकी हर जाँच और रेफरल पर नज़र रखी जाती है, ताकि कोई भी महिला अपनी ज़रूरी जाँच से न चूके।

इस व्यवस्था का असर भी दिखा: हरियाणा की मातृ मृत्यु दर (MMR) 2014–16 में प्रति 1 लाख जीवित जन्मों पर 101 थी, जो 2015–17 में घटकर 98 हो गई। राज्य का लक्ष्य 2030 तक MMR को 70 तक लाना है। उच्च-जोखिम मामलों की पहचान का अनुपात 2013–14 में 6.91% से बढ़कर 2017–18 में 14.35% हो गया — यानी ज़्यादा जोखिम वाली महिलाओं की पहचान अब पहले से बेहतर हो रही है। उच्च-जोखिम वाली महिला को लाल रंग का ANC कार्ड दिया जाता है, जिस पर ‘High Risk’ की मुहर लगी होती है।

जननी सुरक्षा योजना (JSY) — प्रसव पर नकद सहायता

वंदे मातरम्/PMSMA से अलग, प्रसव के समय नकद सहायता के लिए जननी सुरक्षा योजना (JSY) है — यह 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू हुई केंद्र प्रायोजित योजना है, जो हरियाणा सहित पूरे देश में लागू है। इसका मकसद गरीब और कमज़ोर वर्ग की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करके मातृ और शिशु मृत्यु दर घटाना है।

JSY के तहत हरियाणा जैसे उच्च प्रदर्शन वाले राज्य (High Performing State) में पात्र महिलाओं को संस्थागत प्रसव पर नकद सहायता मिलती है — ग्रामीण क्षेत्र में ₹700 और शहरी क्षेत्र में ₹600 प्रति प्रसव (मानक JSY दरें)। लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं और 19 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को दो जीवित प्रसवों तक दिया जाता है। साथ में आशा कार्यकर्ता को भी प्रसव में साथ देने के लिए प्रोत्साहन राशि मिलती है।

इसके अलावा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) के तहत हरियाणा में सितंबर 2011 से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव पूरी तरह मुफ्त और कैशलेस है — दवाएँ, जाँच, खून, खाना (सामान्य प्रसव में 3 दिन, सिजेरियन में 7 दिन तक) और घर से अस्पताल तक परिवहन, सब मुफ्त। नवजात शिशु को भी जन्म के 30 दिन तक मुफ्त इलाज मिलता है।

पात्रता — कौन लाभ ले सकती है?

वंदे मातरम् योजना / PMSMA के लिए:

  • हरियाणा की कोई भी गर्भवती महिला — इसमें आय, जाति या बीपीएल की कोई शर्त नहीं है।
  • जाँच के लिए मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड होना मददगार होता है, जो आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर बनता है।
  • आशा कार्यकर्ता या ANM से संपर्क करके गर्भावस्था का पंजीकरण कराना चाहिए।

JSY नकद सहायता के लिए:

  • बीपीएल परिवार, अनुसूचित जाति/जनजाति की गर्भवती महिला, या 19 साल या उससे अधिक उम्र की महिला।
  • सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव।
  • सहायता दो जीवित प्रसवों तक दी जाती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

क्रम दस्तावेज़
1 आधार कार्ड
2 MCP कार्ड (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड — आंगनवाड़ी/स्वास्थ्य केंद्र से)
3 परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
4 बीपीएल/जाति प्रमाण पत्र (JSY नकद सहायता के लिए, जहाँ लागू हो)
5 बैंक खाते की जानकारी (JSY की राशि DBT से आती है)
6 मोबाइल नंबर

लाभ कैसे लें? — स्टेप बाय स्टेप

चरण 1 — गर्भावस्था का पंजीकरण: गर्भ का पता चलते ही अपने गाँव/वार्ड की आशा कार्यकर्ता, ANM या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलकर गर्भावस्था का पंजीकरण कराएं और MCP कार्ड बनवाएं।

चरण 2 — हर महीने 9 तारीख को जाँच: हर महीने की 9 तारीख को नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC/जिला अस्पताल) पर जाकर PMSMA के तहत मुफ्त प्रसव-पूर्व जाँच कराएं। अगर आपके क्षेत्र में कोई निजी गायनोकोलॉजिस्ट वंदे मातरम् योजना से जुड़े हैं, तो उनकी क्लीनिक पर भी मुफ्त OPD जाँच मिल सकती है — इसकी जानकारी आशा कार्यकर्ता से पूछें।

चरण 3 — उच्च-जोखिम की पहचान: अगर जाँच में कोई जोखिम (एनीमिया, हाई BP, शुगर आदि) पाया जाता है, तो आपको लाल ANC कार्ड दिया जाएगा और आपकी निगरानी हरियाणा के उच्च-जोखिम पोर्टल पर की जाएगी। डॉक्टर की सलाह के अनुसार सभी जाँच और दवाएँ समय पर लें।

चरण 4 — प्रसव की तैयारी: प्रसव के लिए पहले से तय करें कि किस सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में जाना है। JSSK के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव पूरी तरह मुफ्त है, और 102 एंबुलेंस सेवा से मुफ्त परिवहन भी मिलता है।

चरण 5 — JSY राशि: संस्थागत प्रसव के बाद JSY की नकद सहायता आपके बैंक खाते में DBT के ज़रिए आती है। इसके लिए अस्पताल में ही ज़रूरी फॉर्म भरवाएं और बैंक खाते की जानकारी सही दें।

शुल्क और समय-सीमा

शुल्क: PMSMA जाँच, JSSK के तहत प्रसव और वंदे मातरम् योजना की OPD सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क हैं। JSY के लिए भी कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

समय-सीमा: 9 तारीख की जाँच हर महीने होती है — गर्भावस्था के दौरान हर महीने की 9 तारीख को जाँच कराना सबसे अच्छा रहता है। JSY का लाभ प्रसव के बाद मिलता है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • नाम का भ्रम: “वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना” नाम की कोई अलग योजना नहीं है — असली नाम वंदे मातरम् योजना है, और आज इसका काम PMSMA के ज़रिए होता है। जो वेबसाइटें इस नाम से “ऑनलाइन फॉर्म” या “₹X राशि” का दावा करती हैं, वे गलत जानकारी दे रही हैं।
  • कोई नकद राशि नहीं: वंदे मातरम् योजना और PMSMA में नकद लाभ नहीं मिलता — लाभ मुफ्त जाँच और देखभाल के रूप में है। नकद सहायता सिर्फ JSY के तहत मिलती है।
  • 9 तारीख याद रखें: हर महीने की 9 तारीख को होने वाली PMSMA जाँच गर्भावस्था की सुरक्षा के लिए सबसे अहम है — इसे कभी न छोड़ें।
  • उच्च-जोखिम हो तो खास ध्यान: अगर आपको लाल ANC कार्ड मिला है, तो डॉक्टर की हर सलाह मानें और हर फॉलो-अप जाँच पर जाएँ।
  • फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: इन योजनाओं के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म या शुल्क नहीं है। कोई पैसे माँगे, तो आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य विभाग से शिकायत करें।

गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए अन्य योजनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है — और “वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना” नाम की कोई अलग योजना भी नहीं है। असली योजना वंदे मातरम् योजना है, जिसका लाभ 9 तारीख को स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर मुफ्त जाँच के रूप में लिया जाता है।

2. वंदे मातरम् योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

इसमें कोई नकद राशि नहीं मिलती। लाभ मुफ्त OPD जाँच, प्रसव-पूर्व जाँच, आहार सलाह और स्तनपान सहायता के रूप में है। प्रसव पर नकद सहायता जननी सुरक्षा योजना (JSY) से मिलती है।

3. PMSMA जाँच कब होती है?

हर महीने की 9 तारीख को सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर। गर्भवती महिला को MCP कार्ड लेकर जाना चाहिए।

4. JSY में कितनी राशि मिलती है?

हरियाणा जैसे उच्च प्रदर्शन वाले राज्य में ग्रामीण क्षेत्र में ₹700 और शहरी क्षेत्र में ₹600 प्रति संस्थागत प्रसव (मानक JSY दरें)। यह राशि DBT से बैंक खाते में आती है।

5. सरकारी अस्पताल में प्रसव मुफ्त है क्या?

हाँ। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) के तहत हरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव पूरी तरह मुफ्त और कैशलेस है — दवाएँ, जाँच, खाना और परिवहन सहित।

6. उच्च-जोखिम गर्भावस्था का क्या मतलब है?

गंभीर एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, पहले सिजेरियन, जुड़वाँ बच्चे या पहले गर्भपात/मृत शिशु का इतिहास — ऐसी महिलाओं की खास निगरानी की जाती है और उन्हें लाल ANC कार्ड दिया जाता है।

7. गर्भावस्था का पंजीकरण कहाँ कराएं?

अपने गाँव/वार्ड की आशा कार्यकर्ता, ANM या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से — वहीं MCP कार्ड भी बनता है।

आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक

  • स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा: haryanahealth.nic.in
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: nhm.gov.in
  • महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा: wcdhry.gov.in
  • अंत्योदय सरल पोर्टल: saralharyana.gov.in

अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और हरियाणा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। “वंदे मातरम् जननी सुरक्षा योजना” नाम की कोई अलग अधिसूचित योजना नहीं मिली है — इस गाइड में असली वंदे मातरम् योजना और उससे जुड़ी PMSMA/JSY सुविधाओं की सही जानकारी दी गई है। लाभ लेने से पहले अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या आशा कार्यकर्ता से ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

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