मुर्रा भैंस एवं देसी गाय दुग्ध प्रतियोगिता क्या है?
मुर्रा भैंस एवं देसी गाय दुग्ध प्रतियोगिता हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वह योजना है, जिसके तहत ज़्यादा दूध देने वाली मुर्रा नस्ल की भैंस और देसी गाय (हरियाणा, साहीवाल और बेलाही नस्ल) के पालकों को नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसका आधिकारिक नाम "स्वदेशी गौवंश संरक्षण एवं विकास (गोसंवर्धन) तथा एकीकृत मुर्राह विकास योजना" (Scheme for Conservation and Development of Indigenous Cattle and Murrah Development) है।
इस योजना का मकसद स्वदेशी नस्लों का संरक्षण और संवर्धन करना, ज़्यादा दूध देने वाले पशुओं की पहचान करके उनकी नस्ल सुधारना और पशुपालकों की आय बढ़ाना है। विभाग गाँव-गाँव में दुग्ध प्रतियोगिताएँ आयोजित करता है, जिनमें पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा पशु के दूध की आधिकारिक रिकॉर्डिंग की जाती है। रिकॉर्ड किए गए दूध उत्पादन के आधार पर इनाम की राशि तय होती है — मुर्रा भैंस पर अधिकतम ₹40,000 और देसी गाय पर अधिकतम ₹25,000 तक।
सबसे जरूरी बात — यह कोई लॉटरी या एक बार की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि विभाग की स्थायी योजना है। यह योजना 2017-18 से चल रही है और 2026-27 के बजट में भी इसके लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान है। पशुपालक अंत्योदय सरल पोर्टल पर आवेदन करके अपने पशु की दूध रिकॉर्डिंग करवा सकते हैं, और ज़िले के पशुपालन विभाग द्वारा गाँव स्तर पर दुग्ध प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | स्वदेशी गौवंश संरक्षण एवं विकास (गोसंवर्धन) तथा एकीकृत मुर्राह विकास योजना |
| विभाग | पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा |
| लाभ | मुर्रा भैंस पर ₹20,000–₹40,000; देसी गाय पर ₹5,000–₹25,000 (दूध उत्पादन के अनुसार) |
| शामिल नस्लें | मुर्रा भैंस; हरियाणा, साहीवाल और बेलाही नस्ल की देसी गाय |
| पात्रता | हरियाणा के स्थायी निवासी पशुपालक; आयु 18 वर्ष या अधिक; केवल व्यक्तिगत लाभार्थी |
| आवेदन | अंत्योदय सरल पोर्टल (SARAL) या नज़दीकी CSC/सरल केंद्र के माध्यम से |
| दूध रिकॉर्डिंग | स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन और दूध की रिकॉर्डिंग |
| भुगतान | दूध उत्पादन का मानक सही पाए जाने पर राशि सीधे बैंक खाते में (DBT) |
| सेवा समय-सीमा | अधिकार सेवा अधिनियम (RTS) के तहत 180 दिन |
| आधिकारिक स्रोत | pashudhanharyana.gov.in; saralharyana.gov.in |
इनाम की राशि — दूध उत्पादन के अनुसार
इनाम की राशि पशु के एक दिन के रिकॉर्ड किए गए दूध उत्पादन पर निर्भर करती है। मई 2026 की विभागीय जानकारी के अनुसार स्लैब इस प्रकार हैं:
| नस्ल | दूध उत्पादन (प्रतिदिन) | इनाम राशि |
|---|---|---|
| मुर्रा भैंस | 18 से 22 किलो | ₹20,000 |
| मुर्रा भैंस | 22 से 25 किलो | ₹30,000 |
| मुर्रा भैंस | 25 किलो से अधिक | ₹40,000 |
| साहीवाल गाय | 10 से 12 किलो | ₹15,000 |
| साहीवाल गाय | 12 से 15 किलो | ₹20,000 |
| साहीवाल गाय | 15 किलो से अधिक | ₹25,000 |
| हरियाणा गाय | 8 से 10 किलो | ₹15,000 |
| हरियाणा गाय | 10 से 12 किलो | ₹20,000 |
| हरियाणा गाय | 12 किलो से अधिक | ₹25,000 |
| बेलाही गाय | 5 से 8 किलो | ₹5,000 |
| बेलाही गाय | 8 से 10 किलो | ₹10,000 |
| बेलाही गाय | 10 किलो से अधिक | ₹15,000 |
उदाहरण: जून 2026 में फरीदाबाद के गाँव फज्जूपुर-नीमका में हुई दुग्ध प्रतियोगिता में पशुपालक हर्ष नागर की दो मुर्रा भैंसों ने 21 किलो और 19 किलो दूध दिया — दोनों 18 से 22 किलो वाली श्रेणी में आईं, इसलिए प्रत्येक पर ₹20,000 के हिसाब से कुल ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई। मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में भी कहा था कि ज़्यादा दूध देने वाली मुर्रा भैंसों के मालिकों को ₹40,000 तक की नकद प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
ध्यान दें: 25 किलो से अधिक दूध वाली श्रेणी के लिए जून 2026 की एक रिपोर्ट में ₹30,000 की राशि भी दर्ज हुई है, जबकि मुख्यमंत्री के बयान और मई 2026 की विभागीय जानकारी में ₹40,000 दर्ज है — अंतिम राशि के लिए विभाग से जाँच लें। पुरानी (2023 तक की) जानकारी में मुर्रा भैंस के स्लैब ₹15,000–₹30,000 थे, इसलिए पुरानी खबरों में दिखने वाली कम राशि से भ्रमित न हों — ऊपर दी गई राशि 2026 की ताज़ा जानकारी है।
पात्रता — कौन भाग ले सकता है?
- हरियाणा का स्थायी निवासी: आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी पशुपालक होना चाहिए। विभाग की योजना सूची के अनुसार हरियाणा के वे किसान भी लाभ ले सकते हैं, जो हरियाणा से बाहर रहते हैं।
- आयु 18 वर्ष या अधिक: आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- केवल व्यक्तिगत लाभार्थी: योजना का लाभ सिर्फ व्यक्तिगत पशुपालक को मिलेगा — किसी समूह, फर्म या संस्था को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
- सही नस्ल का पशु: पशु मुर्रा नस्ल की भैंस या हरियाणा, साहीवाल अथवा बेलाही नस्ल की देसी गाय होना चाहिए।
- बीमा और टैग अनिवार्य: पशु का बीमा होना और उसके कान में टैग नंबर लगा होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम दूध उत्पादन: पशु को अपनी नस्ल के न्यूनतम मानक से अधिक दूध देना चाहिए — मुर्रा भैंस 18 किलो, साहीवाल गाय 10 किलो, हरियाणा गाय 8 किलो और बेलाही गाय 5 किलो प्रतिदिन से अधिक।
- एक पशु पर अधिकतम तीन बार: किसी एक पशु पर उसके पूरे जीवनकाल में अधिकतम तीन बार ही प्रोत्साहन राशि प्राप्त की जा सकती है।
प्रति आवेदक पशुओं की संख्या — सत्यापित नहीं हुआ है — विभाग से जाँच लें: विभागीय अधिकारी के हवाले से मई 2026 की एक रिपोर्ट में एक पात्र आवेदक के लिए अधिकतम चार दुधारू पशुओं का उल्लेख है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में प्रति परिवार अधिकतम दो दुधारू पशुओं का उल्लेख है। आवेदन से पहले यह सीमा अपने ज़िले के पशुपालन कार्यालय से ज़रूर जाँच लें।
पशु के ब्याने की अवधि: हरियाणा नस्ल की गाय के लिए एक रिपोर्ट में उल्लेख है कि पशु को ब्याने के 90 दिन के भीतर प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है — यह शर्त सभी नस्लों पर लागू होती है या नहीं, यह सत्यापित नहीं हुआ है — विभाग से जाँच लें।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के समय आमतौर पर ये दस्तावेज माँगे जाते हैं — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है, फॉर्म में जो माँगा जाए वही अपलोड करें:
| क्रम | दस्तावेज | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | परिवार पहचान पत्र (PPP) | PPP आईडी अनिवार्य है |
| 2 | आधार कार्ड | पहचान प्रमाण |
| 3 | पैन कार्ड | आवेदन के समय माँगा जाता है |
| 4 | बैंक पासबुक या रद्द किया गया चेक | इनाम की राशि DBT के लिए |
| 5 | पासपोर्ट साइज़ फोटो | फॉर्म के साथ |
| 6 | पशु के बीमा का प्रमाण | पशु का बीमा होना अनिवार्य है |
| 7 | पशु के कान का टैग नंबर | टैग नंबर फॉर्म में भरना होता है |
| 8 | मोबाइल नंबर | OTP सत्यापन और सूचना के लिए |
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
यह योजना अंत्योदय सरल पोर्टल (SARAL) की सेवा सूची में दर्ज है — सेवा का नाम है "Scheme for Conservation and Development of Indigenous Cattle and Murrah Development"। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
चरण 1: अंत्योदय सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएँ। अगर आप नए उपयोगकर्ता हैं, तो "Register" या "New User, Register Here" पर क्लिक करके खाता बनाएँ। विभाग की योजना सूची के अनुसार किसान अपने मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन करके भी पंजीकरण कर सकता है।
चरण 2: अपनी यूज़र आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 3: लॉगिन के बाद "Apply for Services" पर क्लिक करें और "View all available services" में जाकर सेवा खोजें — "Scheme for Conservation and Development of Indigenous Cattle and Murrah Development" (पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सेवा)। सरल सेवा सूची में देसी गाय के लिए फॉर्म का नाम "Application for Milk Recording of Indigenous Cows" भी दर्ज है।
चरण 4: आवेदन फॉर्म खुलने पर अपनी जानकारी सही-सही भरें — नाम, PPP आईडी/आधार नंबर, हरियाणा का पता, बैंक खाते की जानकारी और पशु का विवरण — पशु किस नस्ल का है, उसके कान का टैग नंबर क्या है और कितने बछिया या बछड़े हैं।
चरण 5: माँगे गए सभी दस्तावेज अपलोड करें — PPP, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या रद्द किया गया चेक और पासपोर्ट फोटो। दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
चरण 6: फॉर्म जमा (Submit) करें। जमा करने के बाद आपको एक Application Reference ID मिलेगी — इसे संभालकर रखें। आवेदन के हर चरण पर आपके मोबाइल पर SMS और ईमेल से सूचना भेजी जाती है।
चरण 7: आवेदन स्वीकृत होने के बाद पशुपालन विभाग के स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी आपके पशु का भौतिक सत्यापन करेंगे और तय समय तक दूध की रिकॉर्डिंग (Milk Recording) करेंगे।
चरण 8: दूध उत्पादन का मानक सही पाए जाने पर विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
महत्वपूर्ण: सरल पोर्टल पर सेवा का लाइव फॉर्म और उसके सटीक चरण इस गाइड में लॉगिन करके सत्यापित नहीं किए गए हैं — फॉर्म भरते समय पोर्टल पर दिख रही ताज़ा प्रक्रिया ही अंतिम मानी जाए।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो आप अपने नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र (SARAL Kendra) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ले सकते हैं — वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से फॉर्म भरने और दस्तावेज अपलोड करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, अपने ज़िले के उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी के कार्यालय या नज़दीकी राजकीय पशु औषधालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है — दुग्ध प्रतियोगिताओं की जानकारी भी वहीं से मिलती है।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: इस प्रोत्साहन योजना के लिए पोर्टल पर कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं हुआ है। सरल केंद्र/CSC पर फॉर्म भरवाने पर सेवा शुल्क सूची के अनुसार ₹10 का सुविधा शुल्क लग सकता है — फॉर्म जमा करते समय पोर्टल या केंद्र पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें।
समय-सीमा: इस प्रोत्साहन राशि के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं मिली है — आवेदन साल भर सरल पोर्टल पर किए जा सकते हैं। ध्यान दें — 15 मई 2026 से 30 नवंबर 2026 तक की समय-सीमा विभाग की ऋण/सब्सिडी वाली पशुपालन योजनाओं (डेयरी, सूअर, भेड़-बकरी इकाई आदि) के लिए है, इस दुग्ध प्रतियोगिता प्रोत्साहन के लिए नहीं।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाकर "Track Application / View Status of Application" विकल्प से अपनी Application Reference ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है।
- आवेदन के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजा जाता है।
- इस सेवा के लिए अधिकार सेवा अधिनियम (RTS) के तहत 180 दिन की समय-सीमा तय है।
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400 (सुबह 7 बजे – रात 8 बजे, सोमवार–शनिवार, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर); ईमेल: [email protected]।
इनाम कैसे मिलेगा?
दूध की रिकॉर्डिंग पूरी होने और मानक सही पाए जाने पर प्रोत्साहन राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाएगी (DBT)। इसलिए बैंक खाते की जानकारी सही भरें — खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए और सक्रिय होना चाहिए। अगर बैंक खाता बदलता है, तो विभाग को सूचित करके जानकारी अपडेट कराएँ, वरना राशि रुक सकती है।
प्रतियोगिताएँ कहाँ और कब होती हैं?
दुग्ध प्रतियोगिताएँ ज़िला पशुपालन विभाग द्वारा गाँव स्तर पर आयोजित की जाती हैं — उदाहरण के लिए जून 2026 में फरीदाबाद ज़िले के गाँव फज्जूपुर-नीमका में उपमंडल अधिकारी, पशुपालन विभाग के निर्देशन में दुग्ध प्रतियोगिता हुई थी, जिसमें 18 किलो से अधिक दूध देने वाली मुर्रा भैंसों को पुरस्कार मिला। इसके अलावा हर साल राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी भी होती है — 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी फरवरी 2026 में कुरुक्षेत्र में हुई थी, जहाँ मुर्रा भैंसों की श्रेणियों में बड़े इनाम दिए गए। अपने गाँव या ज़िले में अगली प्रतियोगिता की तारीख के लिए नज़दीकी पशु चिकित्सा अधिकारी या ज़िला पशुपालन कार्यालय से संपर्क करें — प्रतियोगिता की तारीखें पहले से घोषित नहीं होतीं, इसलिए स्थानीय कार्यालय से जानकारी लेना ही सही तरीका है।
ध्यान देने योग्य बातें
- पशु को एक साल तक न बेचें: चयनित पंजीकृत देसी गाय या मुर्रा भैंस और उसकी नर संतान को कम से कम एक वर्ष तक बेचना प्रतिबंधित है। शर्तों का पालन न करने वाले पशुपालक योजना के पात्र नहीं माने जाएँगे।
- विभाग को खरीद का पहला अधिकार: विभाग को आवश्यकता पड़ने पर इन पशुओं को खरीदने का प्रथम अधिकार प्राप्त है।
- कृत्रिम गर्भाधान अनिवार्य: पंजीकृत पशुओं का प्रजनन कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) के माध्यम से करवाना अनिवार्य किया गया है।
- बछड़ों की देखभाल: बछड़ों और कटड़ों की उचित देखभाल करना अनिवार्य है।
- सिर्फ हरियाणा की योजना: यह हरियाणा सरकार की योजना है — दूसरे राज्यों की पशुधन प्रतियोगिताओं की इनाम राशि से इसकी तुलना न करें; दूसरे राज्यों के स्लैब अलग होते हैं।
- पुरानी राशि से भ्रमित न हों: 2023 तक मुर्रा भैंस के स्लैब ₹15,000–₹30,000 थे; 2026 की ताज़ा राशि ₹20,000–₹40,000 है।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन केवल saralharyana.gov.in से ही करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मुर्रा भैंस पर अधिकतम कितना इनाम मिलता है?
25 किलो प्रतिदिन से अधिक दूध देने वाली मुर्रा भैंस पर ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि मिलती है। मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 में भी ₹40,000 तक की राशि की पुष्टि की थी।
2. देसी गाय पर कितना इनाम मिलता है?
साहीवाल और हरियाणा नस्ल की गाय पर अधिकतम ₹25,000 और बेलाही नस्ल की गाय पर अधिकतम ₹15,000 तक इनाम मिलता है।
3. इनाम के लिए न्यूनतम कितना दूध होना चाहिए?
मुर्रा भैंस के लिए 18 किलो, साहीवाल गाय के लिए 10 किलो, हरियाणा गाय के लिए 8 किलो और बेलाही गाय के लिए 5 किलो प्रतिदिन से अधिक दूध होना चाहिए।
4. आवेदन कहाँ करें?
अंत्योदय सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर — सेवा का नाम है "Scheme for Conservation and Development of Indigenous Cattle and Murrah Development"। CSC या सरल केंद्र से भी आवेदन किया जा सकता है।
5. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
परिवार पहचान पत्र (PPP), आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या रद्द किया गया चेक, पासपोर्ट फोटो, पशु के बीमा का प्रमाण और पशु के कान का टैग नंबर। पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है।
6. क्या एक ही पशु पर बार-बार इनाम मिल सकता है?
हाँ, लेकिन किसी एक पशु पर उसके पूरे जीवनकाल में अधिकतम तीन बार ही प्रोत्साहन राशि प्राप्त की जा सकती है।
7. दूध की रिकॉर्डिंग कौन करता है?
पशुपालन विभाग के स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी पशु का भौतिक सत्यापन करते हैं और तय समय तक दूध की रिकॉर्डिंग करते हैं। रिकॉर्ड किए गए दूध के आधार पर ही इनाम तय होता है।
8. क्या इस योजना की कोई अंतिम तिथि है?
इस प्रोत्साहन राशि के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं मिली है — आवेदन साल भर किए जा सकते हैं। 30 नवंबर 2026 की अंतिम तिथि विभाग की ऋण/सब्सिडी वाली पशुपालन योजनाओं के लिए है, इस प्रतियोगिता के लिए नहीं।
9. इनाम की राशि कब और कैसे मिलेगी?
दूध की रिकॉर्डिंग पूरी होने और मानक सही पाए जाने पर राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है (DBT)। इस सेवा के लिए RTS के तहत 180 दिन की समय-सीमा तय है।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा (आधिकारिक वेबसाइट): pashudhanharyana.gov.in
- अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in
- योजना का विवरण (मई 2026, विभागीय अधिकारी के हवाले से): choptaplus.in
- फरीदाबाद दुग्ध प्रतियोगिता, जून 2026 (₹40,000 इनाम): suradailynews.in
- मुख्यमंत्री का बयान — मुर्रा भैंसों पर ₹40,000 तक की प्रोत्साहन राशि, फरवरी 2026: hindustantimes.com
- दूध प्रतियोगिता की प्रक्रिया और दस्तावेज (जून 2025): livestockanimalnews.com
- इनाम स्लैब: मुर्रा भैंस ₹20,000–₹40,000; साहीवाल/हरियाणा गाय ₹15,000–₹25,000; बेलाही गाय ₹5,000–₹15,000
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400; ईमेल: [email protected]
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा की योजना सूची, अंत्योदय सरल पोर्टल और मई–जून 2026 की सत्यापित खबरों के आधार पर तैयार की गई है। सरल पोर्टल पर सेवा का लाइव फॉर्म इस गाइड में लॉगिन करके सत्यापित नहीं किया गया है — आवेदन करने से पहले पोर्टल पर सेवा का लाइव फॉर्म और ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें; पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा। प्रति आवेदक पशुओं की अधिकतम संख्या और ब्याने की 90 दिन की शर्त इस गाइड में सत्यापित नहीं हुई है — इनके लिए अपने ज़िले के पशुपालन कार्यालय से जाँच लें।

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