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आपकी बेटी हमारी बेटी योजना 2026: बेटी के जन्म पर ₹21,000, 18 साल की होने पर भुगतान

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: आपकी बेटी हमारी बेटी योजना 2026: बेटी के जन्म पर ₹21,000, 18 साल की होने पर भुगतान
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 11:23 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

आपकी बेटी हमारी बेटी योजना 2026: बेटी के जन्म पर ₹21,000, 18 साल की होने पर भुगतान

हरियाणा में बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी का मौका बनाने के लिए राज्य सरकार आपकी बेटी हमारी बेटी योजना चला रही है। इस योजना के तहत सरकार पात्र बेटी के नाम पर ₹21,000 भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में निवेश करती है। यह पैसा बेटी के 18 साल की होने पर उसे दिया जाता है — ताकि वह अपनी पढ़ाई या आगे की ज़िंदगी की तैयारी के लिए इसका इस्तेमाल कर सके।

योजना का मकसद साफ है — बेटियों के जन्म को बढ़ावा देना, कन्या भ्रूण हत्या रोकना, लिंगानुपात सुधारना और बेटियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को मज़बूत करना। यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा चलाई जाती है और गाँव व शहर — दोनों जगहों के पात्र परिवारों पर लागू होती है।

इस लेख में आपको योजना की पूरी और सही जानकारी मिलेगी — किस बेटी को ₹21,000 मिलेगा, किसे ₹5,000 सालाना मिलेगा, कौन पात्र है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, और पैसा कब व कैसे मिलेगा।

योजना एक नज़र में

जानकारी विवरण
योजना का नाम आपकी बेटी हमारी बेटी योजना (Aapki Beti Hamari Beti)
राज्य हरियाणा
विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा
लाभ बेटी के नाम पर LIC में ₹21,000 का एकमुश्त निवेश
भुगतान बेटी के 18 साल की होने पर
आवेदन ऑनलाइन — SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in); ऑफलाइन — आंगनवाड़ी केंद्र / WCD कार्यालय
सरकारी शुल्क कोई नहीं (केंद्र सेवा शुल्क ₹10)
समय-सीमा (RTS) 60 दिन
हेल्पलाइन 0172-3968400
आधिकारिक पेज wcdhry.gov.in/schemes-for-children/abhb/

कितना लाभ मिलेगा? (लाभ तालिका)

योजना में लाभ बेटी के जन्म की तारीख और परिवार में वह कौन सी बेटी है — इस पर निर्भर करता है। नीचे दी गई तालिका में हर स्थिति साफ़ लिखी है:

स्थिति लाभ
पहली बेटी — SC परिवार, जन्म 22 जनवरी 2015 या उसके बाद ₹21,000 LIC में एकमुश्त निवेश
पहली बेटी — BPL परिवार, जन्म 22 जनवरी 2015 या उसके बाद ₹21,000 LIC में एकमुश्त निवेश
दूसरी बेटी — किसी भी जाति/धर्म/आय का परिवार, जन्म 22 जनवरी 2015 या उसके बाद ₹21,000 LIC में एकमुश्त निवेश
तीसरी बेटी — किसी भी परिवार, जन्म 24 अगस्त 2015 या उसके बाद ₹21,000 LIC में एकमुश्त निवेश
जुड़वाँ / एक साथ जन्मी बेटियाँ — जन्म 22 जनवरी 2015 या उसके बाद ₹21,000 प्रति बेटी LIC में निवेश
दूसरी बेटी — जन्म 21 जनवरी 2015 या उससे पहले (पुरानी लाडली योजना के पात्र मामले) ₹5,000 प्रति वर्ष, पाँच साल तक
जुड़वाँ बेटियाँ — जन्म 21 जनवरी 2015 या उससे पहले (पुरानी लाडली योजना के पात्र मामले) ₹2,500 प्रति बेटी प्रति वर्ष, पाँच साल तक

⚠️ सबसे ज़रूरी बात: पहली बेटी पर ₹21,000 का लाभ सिर्फ़ SC या BPL परिवारों को मिलता है। लेकिन दूसरी बेटी पर ₹21,000 का लाभ हर परिवार को मिलता है — चाहे उसकी जाति, धर्म, आय कुछ भी हो, और चाहे परिवार में कितने ही बेटे क्यों न हों। यही इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है।

तीसरी बेटी को भी 24 अगस्त 2015 से लाभ में शामिल किया गया है — यानी अगर किसी परिवार में 24 अगस्त 2015 या उसके बाद तीसरी बेटी का जन्म हुआ है, तो उसे भी ₹21,000 का निवेश मिलेगा।

कौन पात्र है? (Eligibility)

महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता की शर्तें साफ़ लिखी हैं:

  1. हरियाणा का स्थायी निवासी हो — माता-पिता हरियाणा के मूल निवासी हों और बेटी के साथ कम से कम एक माता-पिता हरियाणा में रहता हो।
  2. पहली बेटी — SC परिवार या BPL परिवार में 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी हो।
  3. दूसरी बेटी — किसी भी जाति, धर्म, आय या बेटों की संख्या वाले परिवार में 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी हो।
  4. तीसरी बेटी — किसी भी परिवार में 24 अगस्त 2015 या उसके बाद जन्मी हो।
  5. जुड़वाँ / एक साथ जन्मी बेटियाँ — 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी हों, तो हर बेटी को ₹21,000 मिलेगा।
  6. गर्भवती महिला का पंजीकरण — नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य विभाग में गर्भवती महिला का पंजीकरण होना चाहिए।
  7. बेटी का जन्म पंजीकृत होना चाहिए — जन्म प्रमाण-पत्र बना होना ज़रूरी है।
  8. आधार — बेटी का आधार नंबर होना चाहिए; नामांकन के समय माता-पिता का आधार नंबर भी स्वीकार किया जाता है।
  9. टीकाकरण — बेटी का समय पर टीकाकरण होना चाहिए और टीकाकरण का रिकॉर्ड (उम्र के हिसाब से) आवेदन के साथ लगाना होगा।
  10. आंगनवाड़ी में नामांकन — लाभार्थी बेटी का अपनी उम्र के हिसाब से आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकन होना चाहिए।

ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required)

आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ये दस्तावेज़ बताए गए हैं — आवेदन करने से पहले इन्हें तैयार रख लें:

  • परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर — यह सबसे पहला दस्तावेज़ है; इसके बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।
  • जन्म प्रमाण-पत्र — बेटी की उम्र का प्रमाण।
  • निवास प्रमाण (इनमें से कोई एक) — राशन कार्ड, वोटर ID, बिजली का बिल या टेलीफोन बिल।
  • जाति प्रमाण-पत्र — सिर्फ़ SC परिवारों के लिए।
  • BPL प्रमाण-पत्र — सिर्फ़ BPL परिवारों के लिए।
  • टीका रिपोर्ट / टीकाकरण कार्ड — समय पर टीकाकरण के सत्यापन के लिए।

आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

ऑनलाइन आवेदन — SARAL पोर्टल से

आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ऑनलाइन आवेदन अंत्योदय SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से किया जाता है:

स्टेप 1: SARAL हरियाणा पोर्टल saralharyana.gov.in खोलें।

स्टेप 2: नए उपयोगकर्ता हैं तो “New user? Register here” पर क्लिक करके रजिस्टर करें — नाम, मोबाइल नंबर और बुनियादी जानकारी भरें।

स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन के बाद अपने यूज़रनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।

स्टेप 4: पोर्टल पर “Aapki Beti Hamari Beti” योजना खोजें और आवेदन फॉर्म खोलें।

स्टेप 5: फॉर्म में बेटी और परिवार की सही जानकारी भरें — परिवार पहचान पत्र नंबर, बेटी का जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण और टीकाकरण कार्ड अपलोड करें।

स्टेप 6: फॉर्म जमा करें और आवेदन संख्या / रसीद संभालकर रखें — इसी से आप अपने आवेदन की स्थिति जाँच सकेंगे।

ऑफलाइन आवेदन — आंगनवाड़ी केंद्र से

अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो ऑफलाइन तरीका भी है:

स्टेप 1: अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास कार्यालय से आवेदन फॉर्म लें — फॉर्म विभाग की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

स्टेप 2: फॉर्म को सही-सही भरें और ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ों की प्रतियाँ साथ लगाएँ।

स्टेप 3: भरा हुआ फॉर्म अपने आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या WCD कार्यालय में जमा करें।

स्टेप 4: जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद संभालकर रखें और समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति आंगनवाड़ी केंद्र या SARAL पोर्टल से जाँचते रहें।

फीस और समय-सीमा

जानकारी विवरण
सरकारी शुल्क कोई शुल्क नहीं
अटल सेवा केंद्र / CSC सेवा शुल्क ₹10
RTS समय-सीमा 60 दिन — यानी आवेदन के 60 दिनों के भीतर सेवा पूरी होनी चाहिए
अंतिम तिथि कोई अंतिम तिथि नहीं — योजना साल भर खुली रहती है
आवेदन का समय जन्म के बाद जल्द से जल्द आवेदन करें; 2015 की अधिसूचना के अनुसार, अगर निर्धारित समय में आवेदन नहीं हो पाए तो जन्म के एक साल के भीतर आवेदन किया जा सकता है

इस योजना की कोई आखिरी तारीख नहीं है — यह साल भर खुली रहती है। फिर भी आवेदन में देरी न करें, क्योंकि जन्म प्रमाण-पत्र, टीकाकरण कार्ड और आंगनवाड़ी पंजीकरण जैसे दस्तावेज़ जन्म के आसपास ही आसानी से बनते हैं।

पैसा कब और कैसे मिलेगा?

₹21,000 की राशि सीधे हाथ में नहीं मिलती — सरकार यह राशि बेटी के नाम पर LIC में निवेश करती है। बेटी के 18 साल की होने पर यह राशि उसे दी जाती है। यही वजह है कि इस योजना को बेटी के भविष्य की बचत भी कहा जाता है — पैसा सुरक्षित रहता है और सही उम्र पर बेटी के काम आता है।

अधिसूचना के अनुसार, पूरा आवेदन जमा होने के एक महीने के भीतर राशि जारी कर दी जाती है। यानी फॉर्म और दस्तावेज़ पूरे हों तो इंतज़ार लंबा नहीं होता।

पुरानी लाडली योजना के पात्र मामलों में — यानी 21 जनवरी 2015 या उससे पहले जन्मी दूसरी बेटी — ₹5,000 प्रति वर्ष पाँच साल तक मिलते हैं, और जुड़वाँ बेटियों के मामले में ₹2,500 प्रति बेटी प्रति वर्ष पाँच साल तक मिलते हैं।

अपने आवेदन की स्थिति आप SARAL पोर्टल पर या अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर जाँच सकते हैं। कोई समस्या हो तो हेल्पलाइन 0172-3968400 पर कॉल करें या [email protected] पर ईमेल करें।

योजना का इतिहास: 2015 से अब तक

आपकी बेटी हमारी बेटी योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी। योजना की घोषणा 8 मार्च 2015 (महिला दिवस) को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी, और अगस्त 2015 में इसे अधिसूचित किया गया। पात्रता 22 जनवरी 2015 से जन्मी बेटियों पर लागू की गई, और 24 अगस्त 2015 से तीसरी बेटी को भी योजना में शामिल कर लिया गया।

योजना के पीछे का मकसद हरियाणा के लिंगानुपात से जुड़ा था — राज्य में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देना और यह संदेश देना कि बेटी बोझ नहीं, बल्कि परिवार की शान है। 2015 से पहले चल रही लाडली योजना के पात्र मामलों को भी इस योजना में समाहित किया गया — इसीलिए 21 जनवरी 2015 से पहले जन्मी दूसरी बेटियों को ₹5,000 सालाना पाँच साल तक देने की व्यवस्था रखी गई।

विभाग की वेबसाइट पर दर्ज जानकारी के अनुसार अब तक 4,60,347 बेटियाँ इस योजना से जुड़ चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अक्टूबर 2023 तक 35,932 नई लाभार्थी जुड़ी थीं, और उस वर्ष के लिए ₹26,798.50 लाख का बजट रखा गया था, जिसमें से नवंबर 2023 तक ₹8,805.56 लाख खर्च हो चुके थे। ये आँकड़े विभाग की वेबसाइट पर दर्ज हैं — ताज़ा आँकड़ों के लिए विभाग की वेबसाइट देखें।

बेटी से जुड़ी हरियाणा की अन्य योजनाएँ

बेटी के जन्म पर ₹21,000 के अलावा, हरियाणा सरकार बेटियों और महिलाओं के लिए कई और योजनाएँ चलाती है — इन्हें भी ज़रूर जानें:

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना — बेटी की शादी पर सरकार आर्थिक सहायता देती है। अगर आपकी बेटी बड़ी हो रही है, तो शादी के समय मिलने वाली इस सहायता की जानकारी पहले से रखना फायदेमंद रहेगा।

लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता — यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनके सिर्फ़ बेटियाँ हैं — माता-पिता को हर महीने ₹3,200 का भत्ता मिलता है। आपकी बेटी हमारी बेटी योजना से जुड़े परिवारों के लिए यह भी जानने लायक है।

लाडो लक्ष्मी योजना — हरियाणा की महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की सहायता देने वाली योजना। घर की महिलाओं के लिए यह योजना भी उतनी ही अहम है जितनी बेटी के लिए आपकी बेटी हमारी बेटी योजना।

ये तीनों योजनाएँ मिलकर बेटी के जन्म से लेकर उसकी शादी और माता-पिता की बुढ़ापे तक की सुरक्षा का एक पूरा चक्र बनाती हैं — इसलिए इनकी जानकारी एक साथ रखना समझदारी है।

ध्यान रखने वाली बातें

कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर आवेदन न करवाए: इस योजना में सरकारी शुल्क शून्य है — सिर्फ़ अटल सेवा केंद्र या CSC से आवेदन करवाने पर ₹10 सेवा शुल्क लगता है। अगर कोई व्यक्ति ₹500 या ₹1,000 लेकर योजना का लाभ दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है। आवेदन खुद SARAL पोर्टल से करें या आंगनवाड़ी केंद्र से मदद लें।

OTP या बैंक विवरण किसी को न दें: सरकार कभी फोन पर OTP, बैंक खाता नंबर या पासवर्ड नहीं माँगती। ऐसा कोई कॉल आए तो उसे नज़रअंदाज़ करें और नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या WCD कार्यालय से संपर्क करें।

दस्तावेज़ सही और पूरे रखें: अधूरा आवेदन सबसे बड़ी देरी की वजह बनता है। परिवार पहचान पत्र नंबर, जन्म प्रमाण-पत्र और टीकाकरण कार्ड — ये तीनों पहले से तैयार रखें। जाति या BPL प्रमाण-पत्र सिर्फ़ तभी चाहिए जब आप पहली बेटी के लिए SC/BPL श्रेणी में आवेदन कर रहे हों।

गर्भवती महिला का पंजीकरण पहले से करवाएँ: योजना की शर्तों में गर्भवती महिला का आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण शामिल है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान ही नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण करवा लें — इससे जन्म के बाद आवेदन आसान हो जाता है।

ताज़ा जानकारी आधिकारिक स्रोत से जाँचें: इस लेख की जानकारी 5 नवंबर 2026 तक की सत्यापित जानकारी पर आधारित है। नियम, राशि या आवेदन प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है — इसलिए आवेदन से पहले wcdhry.gov.in पर योजना का पेज या saralharyana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर देख लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में कितने पैसे मिलते हैं?
उत्तर: पात्र बेटी के नाम पर सरकार ₹21,000 LIC में निवेश करती है। यह राशि बेटी के 18 साल की होने पर उसे दी जाती है। 21 जनवरी 2015 या उससे पहले जन्मी दूसरी बेटी के मामले में ₹5,000 प्रति वर्ष पाँच साल तक मिलते हैं।

प्रश्न 2: पहली बेटी पर ₹21,000 किसे मिलेगा?
उत्तर: पहली बेटी पर ₹21,000 सिर्फ़ SC परिवार या BPL परिवार को मिलता है — और बेटी का जन्म 22 जनवरी 2015 या उसके बाद हुआ होना चाहिए। दूसरी बेटी पर ₹21,000 हर परिवार को मिलता है, चाहे जाति, धर्म या आय कुछ भी हो।

प्रश्न 3: दूसरी बेटी के लिए क्या कोई आय या जाति की शर्त है?
उत्तर: नहीं। दूसरी बेटी के लिए कोई आय सीमा, जाति, धर्म या बेटों की संख्या की शर्त नहीं है — 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी दूसरी बेटी हर परिवार में पात्र है।

प्रश्न 4: जुड़वाँ बेटियों को कितना लाभ मिलेगा?
उत्तर: 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी जुड़वाँ या एक साथ जन्मी बेटियों में से हर बेटी को ₹21,000 मिलेगा। 21 जनवरी 2015 या उससे पहले जन्मी जुड़वाँ बेटियों को ₹2,500 प्रति बेटी प्रति वर्ष पाँच साल तक मिलता है।

प्रश्न 5: आवेदन कैसे करें — ऑनलाइन या ऑफलाइन?
उत्तर: दोनों तरीके हैं। ऑनलाइन आवेदन SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से करें — रजिस्टर करें, लॉगिन करें और “Aapki Beti Hamari Beti” योजना खोजकर फॉर्म भरें। ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र या WCD कार्यालय से लेकर वहीं जमा करें।

प्रश्न 6: आवेदन की कोई अंतिम तिथि है?
उत्तर: नहीं, इस योजना की कोई अंतिम तिथि नहीं है — यह साल भर खुली रहती है। फिर भी जन्म के बाद जल्द से जल्द आवेदन करें; 2015 की अधिसूचना के अनुसार, अगर निर्धारित समय में आवेदन नहीं हो पाए तो जन्म के एक साल के भीतर आवेदन किया जा सकता है।

प्रश्न 7: आवेदन में कितना शुल्क लगता है?
उत्तर: सरकारी शुल्क शून्य है। अटल सेवा केंद्र या CSC से आवेदन करवाने पर ₹10 सेवा शुल्क लगता है। इसके अलावा कोई शुल्क नहीं है — पैसे माँगने वाला कोई भी व्यक्ति धोखाधड़ी कर रहा हो सकता है।

प्रश्न 8: पैसा कब मिलेगा और आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?
उत्तर: ₹21,000 बेटी के नाम पर LIC में निवेश किया जाता है और बेटी के 18 साल की होने पर उसे दिया जाता है। पूरा आवेदन जमा होने के एक महीने के भीतर राशि जारी कर दी जाती है। आवेदन की स्थिति SARAL पोर्टल पर या नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र से जाँच सकते हैं; मदद के लिए हेल्पलाइन 0172-3968400 पर कॉल करें।


स्रोत: Women and Child Development Department, Haryana — आधिकारिक योजना पेज wcdhry.gov.in/schemes-for-children/abhb/ (₹21,000 LIC निवेश; पात्रता — पहली बेटी SC/BPL, दूसरी बेटी सभी वर्ग, तीसरी बेटी 24 अगस्त 2015 से; जुड़वाँ बेटियों को प्रति बेटी ₹21,000; पुरानी लाडली मामलों में ₹5,000/₹2,500 प्रति वर्ष पाँच साल; दस्तावेज़ सूची; SARAL पोर्टल से आवेदन; शुल्क — सरकारी शून्य, केंद्र शुल्क ₹10; RTS समय-सीमा 60 दिन; हेल्पलाइन 0172-3968400; लाभार्थी 4,60,347; FY 2023-24 बजट ₹26,798.50 लाख); The Economic Times, अगस्त 2015 — “Haryana government notifies ‘Aapki Beti Hamari Beti’ scheme” (घोषणा 8 मार्च 2015, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर; अधिसूचना अगस्त 2015; पूरा आवेदन जमा होने के एक महीने के भीतर राशि जारी; निर्धारित समय में आवेदन न हो पाए तो जन्म के एक साल के भीतर आवेदन); BankBazaar — “Aapki Beti Hamari Beti Scheme 2026” (योजना की सामान्य जानकारी, 5 नवंबर 2026 को अपडेट); Scholarlify — “Aapki Beti Hamari Beti Scheme” (myScheme व WCD विभाग के हवाले से, 21 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया)। राशि, तारीखें और नियम बदल सकते हैं — आवेदन करने से पहले wcdhry.gov.in पर योजना का पेज और saralharyana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।


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