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Muft Ilaj Yojana Haryana 2026: Free Treatment for Everyone

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Muft Ilaj Yojana Haryana 2026: Free Treatment for Everyone
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 10:03 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना हरियाणा 2026: हर हरियाणवी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज — OPD, दवाइयाँ, जाँच, सर्जरी सब फ्री

हरियाणा में बीमार पड़ना अब गरीब या अमीर होने पर निर्भर नहीं करता — कम से कम सरकारी अस्पताल में तो नहीं। हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना (Mukhyamantri Muft Ilaaj Yojana — MMIY) के तहत राज्य के हर निवासी को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज मुफ्त मिलता है। इसमें कोई आय सीमा नहीं है, कोई कार्ड बनाने की ज़रूरत नहीं बताई गई है और कोई ऑनलाइन फॉर्म भरने का झंझट नहीं है — बस सरकारी अस्पताल जाइए और इलाज कराइए।

इस योजना के तहत OPD और भर्ती (IPD) की सेवाएँ, ज़रूरी दवाइयाँ, लैब जाँच, एक्स-रे, ECG, अल्ट्रासाउंड, सर्जरी, दाँतों का इलाज और एम्बुलेंस सेवा — ये सातों सुविधाएँ मुफ्त दी जाती हैं। योजना 1 जनवरी 2014 से चल रही है और इसे स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा सरकार चलाती है। इसका एक ही मकसद है — इलाज पर होने वाला जेब से खर्च कम करना, ताकि कोई भी हरियाणवी पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।

इस लेख में योजना की पूरी जानकारी दी गई है — क्या-क्या मुफ्त मिलेगा, कौन लाभ ले सकता है, अस्पताल में लाभ कैसे लें, कौन से दस्तावेज़ साथ ले जाएँ, कौन से अस्पताल इसमें आते हैं, और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। साथ ही जुलाई 2024 में मंज़ूर हुई नई सुविधा — PGIMS रोहतक में ₹3 लाख तक मुफ्त किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट — की जानकारी भी दी गई है।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना (Mukhyamantri Muft Ilaaj Yojana — MMIY)
शुरू हुई 1 जनवरी 2014
चलाने वाला विभाग स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा सरकार
लाभार्थी हरियाणा के सभी निवासी — कोई आय सीमा नहीं
मुफ्त सुविधाएँ OPD, IPD, दवाइयाँ, लैब जाँच, एक्स-रे/ECG/अल्ट्रासाउंड, सर्जरी, दाँतों का इलाज, एम्बुलेंस
ज़रूरी दवाइयाँ 600 तरह की दवाइयाँ मुफ्त
सर्जरी सेकेंडरी स्तर तक मुफ्त; टर्शरी स्तर पर रियायती (सब्सिडी वाली)
एम्बुलेंस / रेफरल परिवहन 102 नंबर पर मुफ्त
गर्भवती महिलाएँ व बच्चे प्रसव के लिए आने-जाने और प्रसव के बाद जाँच के लिए मुफ्त परिवहन; 5 साल तक के बीमार बच्चों के लिए मुफ्त परिवहन
नई सुविधा PGIMS रोहतक में किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट ₹3 लाख तक मुफ्त (जुलाई 2024 में मंज़ूर)
आवेदन का तरीका कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं — सीधे सरकारी अस्पताल में जाकर लाभ लें
आधिकारिक पोर्टल mmiyharyana.gov.in
ईमेल [email protected]

मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना क्या है?

मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना हरियाणा सरकार की वह योजना है जिसके तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज की बुनियादी सुविधाएँ हर निवासी को बिना पैसे दी जाती हैं। योजना की शुरुआत से पहले सरकारी अस्पताल में भी दवाइयाँ, जाँच और सर्जरी पर मरीज़ को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता था, जो गरीब परिवारों पर भारी बोझ था। इसी बोझ को खत्म करने के लिए सरकार ने इलाज के सात मुख्य हिस्सों को पूरी तरह मुफ्त कर दिया।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सार्वभौमिक है — यानी इसका लाभ लेने के लिए न तो गरीबी रेखा (BPL) का कार्ड चाहिए, न आय प्रमाण पत्र की शर्त है और न ही किसी खास वर्ग से होना ज़रूरी है। हरियाणा का कोई भी निवासी — किसान, मज़दूर, दुकानदार, नौकरीपेशा, बुज़ुर्ग, महिला या बच्चा — सरकारी अस्पताल में जाकर इस योजना का लाभ ले सकता है।

यह योजना आयुष्मान भारत (PMJAY) से अलग है। आयुष्मान भारत में पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक के इलाज का बीमा कवर मिलता है और उसके लिए पात्रता सूची में नाम होना ज़रूरी है, जबकि मुफ्त इलाज योजना में ऐसी कोई पात्रता सूची नहीं है — यह सीधे अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त सेवा है। दोनों योजनाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं: छोटी-मोटी बीमारी, OPD, दवाइयाँ और जाँच के लिए मुफ्त इलाज योजना काम आती है, जबकि बड़े और महँगे इलाज के लिए आयुष्मान भारत का कवर भी उपलब्ध है।

क्या-क्या मुफ्त मिलेगा — सात मुफ्त सुविधाएँ

योजना के तहत ये सात सेवाएँ मुफ्त दी जाती हैं:

क्रम मुफ्त सेवा क्या शामिल है
1 OPD सेवाएँ डॉक्टर से जाँच, परामर्श, पर्ची — बाहरी रोगी विभाग की सभी सेवाएँ
2 IPD / इंडोर सेवाएँ अस्पताल में भर्ती, बिस्तर, नर्सिंग देखभाल — भर्ती मरीज़ की सेवाएँ
3 ज़रूरी दवाइयाँ OPD, IPD और इमरजेंसी — तीनों में 600 तरह की ज़रूरी दवाइयाँ मुफ्त
4 जाँच व डायग्नोस्टिक सेवाएँ लैब टेस्ट, एक्स-रे, ECG, अल्ट्रासाउंड (जहाँ सुविधा उपलब्ध है)
5 सर्जरी सर्जरी पैकेज प्रोग्राम के तहत सेकेंडरी स्तर तक मुफ्त; टर्शरी स्तर पर रियायती
6 दाँतों का इलाज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और PGIDS रोहतक में मुफ्त दंत चिकित्सा
7 रेफरल परिवहन / एम्बुलेंस इमरजेंसी में मुफ्त एम्बुलेंस (102), गर्भवती महिलाओं व 5 साल तक के बीमार बच्चों के लिए मुफ्त परिवहन

मुफ्त दवाइयाँ — 600 तरह की दवाइयाँ

सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में OPD, भर्ती मरीज़ों और इमरजेंसी — तीनों जगह 600 तरह की ज़रूरी दवाइयाँ मुफ्त दी जाती हैं। इसमें बुखार, सर्दी-खाँसी, पेट दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, संक्रमण, दर्द और सूजन जैसी आम बीमारियों की दवाइयाँ, इंजेक्शन, IV फ्लूइड और ड्रेसिंग का सामान शामिल है। दवाइयाँ अस्पताल की फार्मेसी से डॉक्टर की पर्ची पर मिलती हैं। ध्यान रखें — जो दवा अस्पताल की ज़रूरी दवाओं की सूची में नहीं है या अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, उसके लिए डॉक्टर बाहर से लिख सकता है; ऐसी दवा पर खर्च मरीज़ को खुद उठाना पड़ सकता है। इसलिए पर्ची लेते समय डॉक्टर या फार्मेसी से यह ज़रूर पूछ लें कि कौन सी दवा अस्पताल से मुफ्त मिलेगी।

मुफ्त जाँच — लैब टेस्ट, एक्स-रे, ECG, अल्ट्रासाउंड

योजना के तहत बुनियादी लैब जाँच मुफ्त होती हैं — जैसे खून की जाँच (CBC, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन), पेशाब की जाँच, और अन्य सामान्य टेस्ट। इसके अलावा एक्स-रे, ECG और अल्ट्रासाउंड (USG) भी मुफ्त किए जाते हैं — जहाँ-जहाँ सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में अगर कोई जाँच की सुविधा नहीं है, तो डॉक्टर मरीज़ को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर कर सकता है, जहाँ वह जाँच मुफ्त होगी। जाँच कराने से पहले अस्पताल की लैब या जाँच काउंटर पर यह पूछ लेना अच्छा रहता है कि आपकी जाँच उसी अस्पताल में हो जाएगी या रेफर करना पड़ेगा।

मुफ्त सर्जरी — कौन से ऑपरेशन मुफ्त हैं

सर्जरी पैकेज प्रोग्राम के तहत सेकेंडरी स्तर तक की सर्जरी मुफ्त है — यानी जिला अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले ऑपरेशन पर कोई शुल्क नहीं लगता। टर्शरी स्तर (मेडिकल कॉलेजों और बड़े संस्थानों) पर सर्जरी रियायती दरों पर की जाती है, यानी वहाँ पूरा खर्च माफ नहीं होता, लेकिन सब्सिडी मिलती है। मुफ्त सर्जरी की सूची बहुत लंबी है और उसमें ये मुख्य श्रेणियाँ आती हैं:

सर्जरी की श्रेणी उदाहरण
आँख (Eye) मोतियाबिंद (Cataract), ग्लूकोमा, पलक की सर्जरी, भेंगापन (Squint)
कान-नाक-गला (ENT) टॉन्सिल, एडिनॉयड, नाक की हड्डी, कान का पर्दा (Tympanoplasty), साइनस
सामान्य सर्जरी (General) अपेंडिक्स, पित्त की थैली (Gall Bladder), हर्निया, बवासीर, फिस्टुला, हाइड्रोसील
हड्डी (Ortho) फ्रैक्चर की प्लैटिंग/नेलिंग, हड्डी जोड़ना, इम्प्लांट निकालना, आर्थ्रोस्कोपी
स्त्री रोग (Gynae) बच्चेदानी का ऑपरेशन (Hysterectomy), ओवरी सिस्ट, बच्चेदानी का बाहर आना (Prolapse)
प्रसूति (Obstetrics) सिजेरियन (LSCS — सामान्य व इमरजेंसी), एक्टोपिक प्रेग्नेंसी
कैंसर सर्जरी ट्यूमर निकालना, ब्रेस्ट सर्जरी (MRM), थायरॉयड, बड़ी आँत की सर्जरी

यह सिर्फ एक झलक है — पूरी सूची में 200 से ज़्यादा ऑपरेशन शामिल हैं। किसी खास ऑपरेशन के मुफ्त होने की पुष्टि अस्पताल के सर्जरी विभाग से या आधिकारिक पोर्टल mmiyharyana.gov.in पर सूची देखकर करें। ध्यान दें — तैयारी के समय आधिकारिक पोर्टल खुल नहीं रहा था, इसलिए ऊपर दी गई श्रेणियाँ योजना की प्रकाशित सूची पर आधारित हैं; अस्पताल जाने से पहले पोर्टल पर सूची दोबारा जाँच लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

दाँतों का मुफ्त इलाज

योजना के तहत दाँतों का इलाज भी मुफ्त है — सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ PGIDS रोहतक (Post Graduate Institute of Dental Sciences) में भी दंत चिकित्सा मुफ्त दी जाती है। इसमें दाँत निकालना, भरना (फिलिंग), मसूड़ों का इलाज, दाँतों की सफाई और अन्य बुनियादी दंत सेवाएँ आती हैं। दाँतों के इलाज के लिए भी सीधे अस्पताल के डेंटल OPD में जाना होता है।

मुफ्त एम्बुलेंस और परिवहन — 102 नंबर

इमरजेंसी में रेफरल परिवहन और एम्बुलेंस सेवा मुफ्त है — इसके लिए 102 नंबर डायल करें। इसके अलावा दो खास सुविधाएँ हैं:

  • गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त परिवहन — प्रसव के लिए अस्पताल लाने-ले जाने और प्रसव के बाद की जाँच (post-delivery check-up) के लिए आने-जाने की सुविधा मुफ्त है। इसमें प्रसव के बाद घर वापस छोड़ने (delivery drop-back) की सुविधा भी शामिल है।
  • 5 साल तक के बीमार बच्चों के लिए मुफ्त परिवहन — पाँच साल तक की उम्र के बीमार बच्चे को अस्पताल लाने-ले जाने की सुविधा मुफ्त दी जाती है।

नई सुविधा: PGIMS रोहतक में ₹3 लाख तक मुफ्त किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट

जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना के तहत एक बड़ी नई सुविधा को मंज़ूरी दी — किडनी (renal) और लिवर ट्रांसप्लांट ₹3 लाख तक मुफ्त। पहले मुफ्त इलाज योजना में ट्रांसप्लांट का खर्च शामिल नहीं था, इसलिए गुर्दे या लिवर खराब होने वाले मरीज़ों को लाखों रुपये का खर्च खुद उठाना पड़ता था। नई मंज़ूरी के बाद चिन्हित मरीज़ PGIMS रोहतक में ₹3 लाख तक का ट्रांसप्लांट मुफ्त करा सकेंगे। इसके साथ ही आयुष्मान भारत (PMJAY-AB) के तहत भी ₹3 लाख का एक तय (फिक्स्ड) किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट पैकेज बनाया गया है।

ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया है — इसमें मरीज़ की जाँच, डोनर की उपलब्धता, मेडिकल बोर्ड की मंज़ूरी और लंबी प्रतीक्षा सूची जैसे कई चरण होते हैं। इसलिए ट्रांसप्लांट की पात्रता और प्रक्रिया के बारे में PGIMS रोहतक से सीधे जानकारी लेना सबसे सही रहेगा। ध्यान दें — तैयारी के समय आधिकारिक पोर्टल नहीं खुल रहा था, इसलिए इस सुविधा की वर्तमान स्थिति (क्या पैकेज शुरू हो चुका है, किन मरीज़ों को मिलेगा) की पुष्टि PGIMS रोहतक या स्वास्थ्य विभाग से करके ही आगे बढ़ें।

कौन लाभ ले सकता है — पात्रता

पात्रता इस योजना की सबसे सरल बात है:

सवाल जवाब
कौन पात्र है? हरियाणा का हर निवासी
आय सीमा? कोई नहीं — अमीर हो या गरीब, सबको मुफ्त इलाज
उम्र की शर्त? कोई नहीं — बच्चे, युवा, बुज़ुर्ग सब पात्र
BPL/APL कार्ड ज़रूरी? नहीं
आय प्रमाण पत्र ज़रूरी? नहीं
ऑनलाइन पंजीकरण ज़रूरी? नहीं — इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है

अस्पताल में लाभ कैसे लें — स्टेप बाय स्टेप

इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना है और किसी वेबसाइट पर आवेदन नहीं करना है। लाभ सीधे अस्पताल जाकर लिया जाता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

स्टेप 1 — नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाएँ। अपनी बीमारी के हिसाब से नज़दीकी PHC, CHC या जिला अस्पताल जाएँ। छोटी बीमारी के लिए PHC/CHC और बड़ी बीमारी या सर्जरी के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज जाना सही रहता है।

स्टेप 2 — OPD पर्ची बनवाएँ। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर OPD पर्ची बनवाएँ। पर्ची के समय ही बता दें कि आप मुफ्त इलाज योजना के तहत इलाज कराना चाहते हैं, ताकि पर्ची और आगे की प्रक्रिया उसी हिसाब से हो।

स्टेप 3 — डॉक्टर से जाँच कराएँ। डॉक्टर आपकी जाँच करेगा, ज़रूरत पड़ने पर लैब टेस्ट, एक्स-रे, ECG या अल्ट्रासाउंड लिखेगा। ये जाँच अस्पताल की लैब/जाँच विभाग में मुफ्त होगी — जहाँ सुविधा उपलब्ध है।

स्टेप 4 — दवाइयाँ अस्पताल की फार्मेसी से लें। डॉक्टर की पर्ची पर दवाइयाँ अस्पताल की फार्मेसी से मुफ्त मिलेंगी। अगर कोई दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, तो फार्मेसी से पूछकर ही बाहर से लें।

स्टेप 5 — भर्ती या सर्जरी हो तो उसी अस्पताल में प्रक्रिया पूरी करें। अगर डॉक्टर भर्ती या ऑपरेशन की सलाह देता है, तो अस्पताल में ही भर्ती और सर्जरी की प्रक्रिया होगी। सेकेंडरी स्तर तक की सर्जरी मुफ्त है; अगर मामला टर्शरी स्तर का है तो डॉक्टर रेफर करेगा और वहाँ रियायती दरें लागू होंगी।

स्टेप 6 — इमरजेंसी में 102 डायल करें। दुर्घटना या गंभीर हालत में तुरंत 102 पर एम्बुलेंस बुलाएँ — एम्बुलेंस सेवा मुफ्त है।

साथ क्या-क्या ले जाएँ

दस्तावेज़ / चीज़ क्यों ज़रूरी
आधार कार्ड (पहचान पत्र) पहचान और हरियाणा निवास की पुष्टि के लिए
हरियाणा निवास का कोई प्रमाण जैसे वोटर कार्ड, राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र — अगर आधार पर पता हरियाणा का नहीं है
पुरानी पर्चियाँ / जाँच रिपोर्ट अगर पहले से इलाज चल रहा है, तो डॉक्टर को पुराना रिकॉर्ड दिखाना मदद करता है
दवाइयों की खाली पत्तियाँ / पुराना पर्चा डॉक्टर को यह समझने में मदद कि कौन सी दवा चल रही है

ध्यान दें — तैयारी के समय यह सत्यापित नहीं हो सका कि अस्पताल में इस योजना के लिए कोई अलग रजिस्ट्रेशन, कार्ड या परिवार पहचान पत्र (PPP) माँगा जाता है या नहीं। इसलिए ऊपर सिर्फ वही दस्तावेज़ बताए गए हैं जो आमतौर पर पहचान और निवास साबित करने के लिए काम आते हैं। अस्पताल के पूछताछ काउंटर या हेल्प डेस्क से यह ज़रूर पूछ लें कि मुफ्त इलाज योजना के तहत और कुछ चाहिए तो क्या। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे देकर कार्ड बनवाने के झांसे में न आएँ — यह योजना अस्पताल में सीधे मिलने वाली सेवा है।

कौन से अस्पताल इस योजना में आते हैं

अस्पताल का प्रकार उदाहरण
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) गाँव/कस्बे के नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पताल
जिला अस्पताल हर जिले का मुख्य सरकारी अस्पताल
सरकारी मेडिकल कॉलेज राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज
PGIMS रोहतक बड़े इलाज व ट्रांसप्लांट के लिए
PGIDS रोहतक दाँतों के इलाज के लिए

जून 2025 में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि 15 अगस्त 2025 से हर जिला मुख्यालय के एक सरकारी अस्पताल में सभी बीमारियों का मुफ्त इलाज मिलेगा और ऐसे अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएँ दी जाएँगी, साथ ही रेफरल के लिए हर अस्पताल में एक कमेटी बनेगी जो तय करेगी कि किस मरीज़ को PGI चंडीगढ़ या किसी बड़े संस्थान में भेजना है। यह घोषणा मुफ्त इलाज योजना की पहुँच को और बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।

शुल्क और समय — कितना खर्च, कितना इंतज़ार

बात जानकारी
OPD पर्ची / जाँच योजना के तहत मुफ्त
दवाइयाँ (600 तरह की) मुफ्त
जाँच (लैब, एक्स-रे, ECG, अल्ट्रासाउंड) मुफ्त (जहाँ सुविधा उपलब्ध है)
सर्जरी (सेकेंडरी स्तर तक) मुफ्त
सर्जरी (टर्शरी स्तर) रियायती दरों पर
एम्बुलेंस (102) मुफ्त
इलाज में लगने वाला समय OPD में उसी दिन जाँच; भर्ती व सर्जरी डॉक्टर की सलाह व अस्पताल की व्यवस्था के अनुसार

किन बातों का ध्यान रखें — सीमाएँ और सावधानियाँ

  • प्राइवेट अस्पताल इसमें नहीं आते — यह योजना सिर्फ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए है।
  • टर्शरी स्तर की सर्जरी पूरी तरह मुफ्त नहीं — मेडिकल कॉलेजों में बड़े ऑपरेशन पर सब्सिडी मिलती है, पूरा खर्च माफ नहीं होता। ऑपरेशन से पहले अस्पताल से खर्च का अनुमान ज़रूर ले लें।
  • सुविधा जहाँ उपलब्ध है, वहीं मुफ्त — एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या किसी खास जाँच की सुविधा अगर छोटे अस्पताल में नहीं है, तो वहाँ वह जाँच नहीं हो पाएगी; डॉक्टर बड़े अस्पताल रेफर करेगा।
  • दवा की उपलब्धता — सिर्फ ज़रूरी दवाओं की सूची वाली 600 तरह की दवाइयाँ मुफ्त हैं; सूची से बाहर की दवा बाहर से लेनी पड़ सकती है।
  • किसी भी तरह का ऑनलाइन फॉर्म या फीस नहीं — अगर कोई वेबसाइट या व्यक्ति इस योजना के नाम पर ऑनलाइन आवेदन के पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी है। योजना का कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है।
  • पोर्टल की जानकारी दोबारा जाँचें — मुफ्त सर्जरी की पूरी सूची और ट्रांसप्लांट पैकेज की वर्तमान स्थिति के लिए mmiyharyana.gov.in पर जाँच करें या अस्पताल के हेल्प डेस्क से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना का लाभ कौन ले सकता है?
जवाब: हरियाणा का हर निवासी — कोई आय सीमा नहीं है, BPL कार्ड या आय प्रमाण पत्र की ज़रूरत नहीं है। बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग तक सब पात्र हैं।

सवाल 2: इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
जवाब: ऑनलाइन आवेदन नहीं है। यह योजना अस्पताल में सीधे मिलने वाली सेवा है — नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाकर OPD पर्ची बनवाएँ और इलाज कराएँ। कोई वेबसाइट फॉर्म नहीं भरना है।

सवाल 3: कौन-कौन सी सुविधाएँ मुफ्त मिलती हैं?
जवाब: OPD और भर्ती सेवाएँ, 600 तरह की ज़रूरी दवाइयाँ, लैब जाँच, एक्स-रे, ECG, अल्ट्रासाउंड, सेकेंडरी स्तर तक की सर्जरी, दाँतों का इलाज और 102 एम्बुलेंस सेवा — ये सातों सुविधाएँ मुफ्त हैं।

सवाल 4: क्या बड़े ऑपरेशन भी मुफ्त हैं?
जवाब: सेकेंडरी स्तर तक की सर्जरी (जिला अस्पतालों में होने वाले ऑपरेशन) मुफ्त है। टर्शरी स्तर (मेडिकल कॉलेजों) पर सर्जरी रियायती दरों पर होती है, पूरी तरह मुफ्त नहीं।

सवाल 5: क्या प्राइवेट अस्पताल में भी मुफ्त इलाज मिलेगा?
जवाब: नहीं। यह योजना सिर्फ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों — PHC, CHC, जिला अस्पताल, सरकारी मेडिकल कॉलेज, PGIMS और PGIDS रोहतक — के लिए है।

सवाल 6: किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट मुफ्त कैसे मिलेगा?
जवाब: जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री ने PGIMS रोहतक में ₹3 लाख तक मुफ्त किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट को मंज़ूरी दी है। ट्रांसप्लांट की पात्रता, जाँच और प्रक्रिया के लिए सीधे PGIMS रोहतक से संपर्क करें, क्योंकि इसमें मेडिकल बोर्ड की मंज़ूरी और डोनर से जुड़े कई चरण होते हैं। इस पैकेज की वर्तमान स्थिति की पुष्टि भी PGIMS या आधिकारिक पोर्टल से कर लें।

सवाल 7: इमरजेंसी में एम्बुलेंस कैसे बुलाएँ?
जवाब: 102 नंबर डायल करें — एम्बुलेंस सेवा मुफ्त है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल लाने-ले जाने और प्रसव के बाद घर छोड़ने की सुविधा भी मुफ्त है, और 5 साल तक के बीमार बच्चों के लिए भी मुफ्त परिवहन है।

सवाल 8: योजना की शिकायत या जानकारी के लिए कहाँ संपर्क करें?
जवाब: योजना की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल mmiyharyana.gov.in देखें या ईमेल [email protected] पर लिखें। इमरजेंसी के लिए 102 और अपने जिले के सरकारी अस्पताल का पूछताछ काउंटर सबसे तेज़ रास्ता है।

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आधिकारिक स्रोत

  • आधिकारिक पोर्टल — mmiyharyana.gov.in
  • योजना के बारे में विस्तृत जानकारी — sarkariyojana.com — Mukhyamantri Muft Ilaaj Yojana 2026
  • ₹3 लाख तक मुफ्त किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट की मंज़ूरी — Millennium Post
  • योजना की शुरुआत, 1 जनवरी 2014 — Business Standard / PTI
  • जिला मुख्यालय अस्पतालों में सभी बीमारियों का मुफ्त इलाज (15 अगस्त 2025 से) — Times of India
  • सरकारी अस्पतालों में किडनी मरीज़ों के लिए मुफ्त डायलिसिस की घोषणा — Indian Express

अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। योजना की शर्तें, मुफ्त सर्जरी की सूची और ट्रांसप्लांट पैकेज की स्थिति समय-समय पर बदल सकती है — इलाज कराने से पहले आधिकारिक पोर्टल mmiyharyana.gov.in या अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल से ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

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