हरियाणा की सड़कों पर ई-रिक्शा आज रोज़गार का एक भरोसेमंद साधन बन चुका है — कम लागत, रोज़ की कमाई और अपने शहर में ही काम। लेकिन अब तक इस क्षेत्र में महिलाएँ बहुत कम दिखती थीं, क्योंकि न तो ड्राइविंग की ट्रेनिंग मिलती थी और न ही वाहन खरीदने के लिए पैसा। इसी कमी को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना (Nari e-Rickshaw Swawlamban Yojana) शुरू की है। इस योजना में पात्र महिलाओं को 10 दिन की मुफ्त ई-रिक्शा ड्राइविंग ट्रेनिंग, ड्राइविंग लाइसेंस, ₹1,000 का स्टाइपेंड और ई-रिक्शा खरीदने पर 50% तक की सब्सिडी दी जाती है।
इस लेख में योजना की पूरी जानकारी दी गई है — कितनी सब्सिडी मिलेगी, कौन आवेदन कर सकता है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, चयन कैसे होगा और सब्सिडी का पैसा कैसे मिलेगा। एक बात पहले ही साफ कर दें: योजना अधिसूचित हो चुकी है (30 सितंबर 2025 की अधिसूचना, 17 नवंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशन), लेकिन आवेदन तभी शुरू होंगे जब हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) विज्ञापन जारी करके ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करेगा। 6 नवंबर 2026 तक HWDC की वेबसाइट पर इस योजना के लिए कोई चालू आवेदन विंडो या अंतिम तिथि नहीं मिली है — इसलिए कोई अंतिम तिथि इस लेख में नहीं दी गई है। आवेदन खुलते ही सही तरीका वही होगा जो नीचे बताया गया है, और दस्तावेज़ पहले से तैयार रखना ही सबसे समझदारी है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना (Nari e-Rickshaw Swawlamban Yojana) |
| अधिसूचना जारी | 30 सितंबर 2025 (अधिसूचना संख्या 732) |
| राजपत्र में प्रकाशन | 17 नवंबर 2025 (हरियाणा सरकार राजपत्र संख्या 46–2025) |
| विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार |
| क्रियान्वयन एजेंसी | हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) |
| लाभ | 10 दिन की मुफ्त ड्राइविंग ट्रेनिंग, लाइसेंस, स्टाइपेंड, यात्रा भत्ता, ई-रिक्शा पर 50% / 30% सब्सिडी |
| पात्रता | हरियाणा की स्थायी निवासी महिला, आयु 18–45 वर्ष, न्यूनतम 8वीं पास |
| प्रथम चरण का लक्ष्य | 1,000 महिलाएँ (400 बीपीएल, 100 विधवा/तलाकशुदा, 500 अन्य श्रेणी) |
| योजना का बजट | लगभग ₹692 लाख (रिपोर्टों के अनुसार) |
| आवेदन का माध्यम | HWDC के ऑनलाइन पोर्टल पर (विज्ञापन जारी होने के बाद) |
| आधिकारिक पोर्टल | www.hwdcl.org |
| आवेदन की स्थिति (6 नवंबर 2026) | चालू आवेदन विंडो की पुष्टि नहीं — अगली विंडो की प्रतीक्षा करें |
नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना क्या है?
नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना हरियाणा सरकार की एक महिला सशक्तिकरण योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग ने हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) के माध्यम से शुरू किया है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में ड्राइविंग कौशल देना, उन्हें स्वरोज़गार से जोड़ना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ-साथ योजना सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा और सही ड्राइविंग आदतों पर भी ज़ोर देती है, ताकि सड़क हादसे कम हों।
योजना हरियाणा के सभी जिलों में लागू होगी। ट्रेनिंग थ्री-सीटर रिक्शा (TSR) / ई-रिक्शा ड्राइविंग कोर्स के रूप में 10 कार्य दिवसों तक चलेगी। राजपत्र के अनुसार ड्राइवर ट्रेनिंग सोसाइटी फॉर अशोक लेलैंड ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सहयोग से दी जाएगी, और ट्रेनिंग में प्रैक्टिकल ड्राइविंग के साथ-साथ सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियम, संचार कौशल और ड्राइविंग शिष्टाचार जैसे विषय भी शामिल होंगे, जो केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत निर्धारित हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ सब्सिडी नहीं देती — यह महिला को पूरी तरह तैयार करती है। पहले ट्रेनिंग, फिर लाइसेंस, फिर बैंक से लोन में मदद और आखिर में सब्सिडी। यानी एक महिला, जिसे पहले कभी वाहन चलाना नहीं आता था, वह भी इस योजना से अपना ई-रिक्शा चलाकर रोज़ की कमाई शुरू कर सकती है।
कितनी सब्सिडी मिलेगी — श्रेणी के अनुसार
सब्सिडी ई-रिक्शा की कुल लागत के प्रतिशत के हिसाब से मिलती है। राजपत्र में ई-रिक्शा की लागत लगभग ₹1,50,000 मानी गई है, इसलिए सब्सिडी की रकम का अंदाज़ा इस प्रकार लगाया जा सकता है:
| श्रेणी | सब्सिडी | लगभग राशि (₹1,50,000 की लागत पर) |
|---|---|---|
| बीपीएल परिवार की महिला | लागत का 50% | लगभग ₹75,000 |
| विधवा महिला | लागत का 50% | लगभग ₹75,000 |
| तलाकशुदा महिला | लागत का 50% | लगभग ₹75,000 |
| अन्य पात्र महिला (पारिवारिक आय ₹3 लाख तक) | लागत का 30% | लगभग ₹45,000 |
बाकी बची रकम के लिए लाभार्थी को बैंक लोन लेना होगा, जिसमें संबंधित अधिकारी मदद करेंगे। ध्यान दें: ई-रिक्शा की असली कीमत मॉडल और डीलर के हिसाब से अलग हो सकती है — ऊपर दी गई ₹75,000 और ₹45,000 की रकमें ₹1,50,000 की अनुमानित लागत पर आधारित हैं, अंतिम सब्सिडी वास्तविक खरीद मूल्य के प्रतिशत के हिसाब से तय होगी।
ट्रेनिंग, लाइसेंस, स्टाइपेंड और यात्रा भत्ता
सब्सिडी के अलावा चयनित महिलाओं को ये लाभ भी मिलते हैं:
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| ड्राइविंग ट्रेनिंग | 10 कार्य दिवस की मुफ्त ई-रिक्शा / TSR ड्राइविंग ट्रेनिंग |
| ट्रेनिंग फीस | पूरी ट्रेनिंग फीस और लागू GST सरकार वहन करेगी (रिपोर्टों के अनुसार ट्रेनिंग फीस लगभग ₹2,360 है) |
| ड्राइविंग लाइसेंस | लर्नर लाइसेंस और स्थायी (परमानेंट) लाइसेंस दोनों की फीस सरकार देगी (रिपोर्टों के अनुसार लाइसेंस शुल्क लगभग ₹2,800 है) |
| स्टाइपेंड | ट्रेनिंग अवधि के दौरान ₹1,000 का वजीफा |
| यात्रा भत्ता | आने-जाने का वास्तविक यात्रा खर्च, अधिकतम ₹200 प्रतिदिन (10 दिन तक) |
| बैंक लोन में मदद | ई-रिक्शा खरीदने के लिए बैंक वित्त की व्यवस्था में जिला प्रबंधक मदद करेंगे |
ऊपर दिए गए ₹2,360 (ट्रेनिंग फीस) और ₹2,800 (लाइसेंस शुल्क) के आँकड़े समाचार रिपोर्टों पर आधारित हैं — राजपत्र में इनकी सटीक रकम नहीं छपी है। आपके लिए मायने यह रखता है कि ये खर्च आपकी जेब से नहीं जाएँगे, सरकार वहन करेगी।
कौन आवेदन कर सकता है — पात्रता शर्तें
योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो ये सभी शर्तें पूरी करती हैं:
- महिला आवेदक होनी चाहिए — यह योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है।
- हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए (हरियाणा डोमिसाइल)।
- आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए (जन्मतिथि का प्रमाण लगेगा)।
- न्यूनतम 8वीं पास होनी चाहिए (शैक्षणिक प्रमाण पत्र लगेगा)।
- अच्छी दृष्टि (Good Vision) होनी चाहिए और कलर ब्लाइंडनेस नहीं होनी चाहिए।
- पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा: बीपीएल परिवार के लिए ₹1,80,000 तक; अन्य श्रेणी की महिलाओं के लिए ₹3,00,000 तक; विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए कोई आय सीमा नहीं है।
- एक परिवार से सिर्फ एक महिला ही सब्सिडी पा सकती है — चाहे माँ हो या बेटी, सास हो या बहू, दोनों को लाभ नहीं मिलेगा।
- लाभार्थी को यह शपथ पत्र (अंडरटेकिंग) देना होगा कि ई-रिक्शा वह स्वयं चलाएगी, उसके पति नहीं चलाएँगे।
किन महिलाओं को पहले मौका मिलेगा — प्रथम चरण का लक्ष्य
प्रथम चरण में कुल 1,000 महिलाओं को चुना जाएगा। इनमें 400 बीपीएल परिवार की महिलाएँ, 100 विधवा या तलाकशुदा महिलाएँ और 500 अन्य श्रेणी की पात्र महिलाएँ शामिल होंगी। अगर किसी श्रेणी में सीटें खाली रह जाती हैं, तो योजना के नियमों के अनुसार वे दूसरी पात्र श्रेणियों के आवेदकों को दी जा सकती हैं। चूँकि चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा, इसलिए विज्ञापन जारी होते ही जल्दी आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए
आवेदन करते समय ये दस्तावेज़ तैयार रखें। राजपत्र के अनुलग्नक-‘ए’ में अनिवार्य दस्तावेज़ों में परिवार पहचान पत्र (PPP), आधार कार्ड, बीपीएल कार्ड / पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और प्रमाण पत्र का उल्लेख है। पूरी सूची इस प्रकार है:
- परिवार पहचान पत्र (PPP / फैमिली आईडी) — अनिवार्य
- आधार कार्ड — अनिवार्य
- हरियाणा निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल / रेजिडेंस प्रूफ)
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (कम से कम 8वीं पास)
- आय प्रमाण पत्र या वैध बीपीएल कार्ड (जहाँ लागू हो)
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवा आवेदक के लिए)
- तलाक से संबंधित दस्तावेज़ (तलाकशुदा आवेदक के लिए, जहाँ लागू हो)
- दो पासपोर्ट साइज़ फोटो
- बैंक खाता विवरण (पासबुक / खाता संख्या, IFSC सहित)
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- स्व-घोषणा / शपथ पत्र — ई-रिक्शा सिर्फ लाभार्थी महिला स्वयं चलाएगी, उसके पति नहीं
महत्वपूर्ण: दस्तावेज़ों की अंतिम सूची वही होगी जो HWDC के लाइव आवेदन फॉर्म में माँगी जाएगी। आवेदन भरने से पहले पोर्टल पर दिख रही सूची से अपनी तैयारी मिला लें — अगर कोई दस्तावेज़ फॉर्म में अलग से माँगा गया हो, तो वही मान्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
ध्यान दें: आवेदन HWDC के ऑनलाइन पोर्टल पर किए जाएँगे — राजपत्र के अनुसार आवेदन विज्ञापन के माध्यम से आमंत्रित किए जाएँगे। इसका मतलब है कि पहले HWDC को प्रमुख अखबारों और अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन जारी करना होगा, उसके बाद ही फॉर्म खुलेगा। यह योजना SARAL पोर्टल की सेवा-सूची में होने की पुष्टि नहीं है — इसलिए SARAL पर इस योजना को खोजने पर न मिले तो घबराएँ नहीं, सही रास्ता HWDC पोर्टल ही है।
विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
चरण 1: HWDC के विज्ञापन का इंतज़ार करें। विज्ञापन में आवेदन की तिथियाँ, पात्रता शर्तें और ज़रूरी निर्देश दिए होंगे। विज्ञापन प्रमुख अखबारों के स्थानीय संस्करणों और HWDC की वेबसाइट पर प्रकाशित होगा।
चरण 2: HWDC की आधिकारिक वेबसाइट www.hwdcl.org पर जाएँ और ‘नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना’ के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक खोलें (लिंक विज्ञापन के बाद ही सक्रिय होगा)।
चरण 3: ऑनलाइन फॉर्म में अपनी जानकारी सावधानी से भरें — नाम, आधार संख्या, परिवार पहचान पत्र (PPP) विवरण, शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक आय, श्रेणी (बीपीएल / विधवा / तलाकशुदा / अन्य), बैंक खाता विवरण, निवास का पता और फॉर्म में माँगी गई अन्य जानकारी।
चरण 4: सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की साफ स्कैन कॉपी अपलोड करें — PPP, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो), पासपोर्ट फोटो और यह शपथ पत्र कि ई-रिक्शा सिर्फ लाभार्थी स्वयं चलाएगी।
चरण 5: भरी हुई जानकारी को एक बार फिर जाँच लें और फॉर्म सबमिट करें। सबमिट करने के बाद मिली पावती / एप्लीकेशन रेफरेंस संख्या को संभालकर रखें या उसका प्रिंट निकाल लें — यही आगे स्टेटस जाँचने के काम आएगी।
चरण 6: आवेदन की जाँच जिला चयन समिति करेगी, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी (ICDS), HWDC के जिला प्रबंधक, लाइसेंसिंग अथॉरिटी के प्रतिनिधि और ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सिर्फ पूरे और सही दस्तावेज़ों वाले आवेदन ही विचार में लिए जाएँगे।
चरण 7: पात्र आवेदकों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। प्रथम चरण में 1,000 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
चरण 8: चयन के बाद लाभार्थी 10 कार्य दिवस की ट्रेनिंग पूरी करेंगी। ट्रेनिंग के बाद जिला प्रबंधक लर्नर और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में मदद करेंगे और बैंक से लोन की व्यवस्था में सहयोग करेंगे।
चरण 9: सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद लाभार्थी ई-रिक्शा खरीदकर स्वरोज़गार शुरू कर सकती हैं। सब्सिडी निर्धारित अवधि के बाद वित्तपोषक बैंक के माध्यम से समायोजित की जाएगी, और विभाग समय-समय पर लाभार्थियों की निगरानी करेगा।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत हो, तो अपने जिले के HWDC जिला प्रबंधक कार्यालय या महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क करें। वहाँ से आपको विज्ञापन, फॉर्म और दस्तावेज़ों के बारे में सही जानकारी मिल जाएगी। कई जिलों में HWDC कार्यालय जिला विकास भवन या लघु सचिवालय परिसर में स्थित होते हैं — जाने से पहले फोन पर समय और पता ज़रूर पुष्टि कर लें। फॉर्म भरने में मदद के लिए नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) की भी मदद ली जा सकती है, लेकिन फॉर्म सिर्फ तभी भरा जा सकेगा जब HWDC का आवेदन पोर्टल सक्रिय होगा।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
- आवेदन शुल्क: राजपत्र और उपलब्ध रिपोर्टों में इस योजना के लिए किसी आवेदन शुल्क का उल्लेख नहीं है। अगर पोर्टल पर कोई शुल्क दिखे, तो वही मान्य होगा — किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें।
- अंतिम तिथि: 6 नवंबर 2026 तक कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं हुई है, क्योंकि अभी HWDC का आवेदन विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। विज्ञापन में ही आवेदन की शुरुआती और अंतिम तिथि दी जाएगी। कोई भी वेबसाइट या व्यक्ति अगर अभी से अंतिम तिथि बता रहा हो, तो उस पर भरोसा न करें — सही जानकारी सिर्फ www.hwdcl.org और wcdhry.gov.in पर ही मिलेगी।
- चयन से लाभ तक का समय: आवेदन → दस्तावेज़ सत्यापन → चयन → 10 दिन की ट्रेनिंग → लाइसेंस → बैंक लोन → ई-रिक्शा खरीद → सब्सिडी समायोजन। इसमें कितना समय लगेगा, यह जिले में आवेदनों की संख्या और बैंक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा; कोई तय समय-सीमा राजपत्र में नहीं दी गई है।
स्टेटस कैसे चेक करें और सब्सिडी कैसे मिलेगी
- आवेदन स्टेटस: फॉर्म सबमिट करने के बाद मिली रेफरेंस संख्या से HWDC पोर्टल पर या जिला प्रबंधक कार्यालय से अपने आवेदन की स्थिति पूछी जा सकेगी। पोर्टल पर स्टेटस-ट्रैकिंग की सुविधा होगी या नहीं, यह लाइव फॉर्म सक्रिय होने पर ही साफ होगा — तब तक रेफरेंस संख्या संभालकर रखें।
- सब्सिडी कैसे मिलेगी: सब्सिडी सीधे नकद नहीं मिलती। योजना के अनुसार सब्सिडी निर्धारित अवधि के बाद वित्तपोषक बैंक के माध्यम से समायोजित की जाएगी — यानी बैंक लोन में से सब्सिडी की रकम घटा दी जाएगी। ट्रेनिंग का स्टाइपेंड (₹1,000) और यात्रा भत्ता (अधिकतम ₹200 प्रतिदिन) ट्रेनिंग से जुड़े लाभ हैं, जो नियमों के अनुसार दिए जाएँगे।
- निगरानी: विभाग समय-समय पर लाभार्थियों की जाँच करेगा कि ई-रिक्शा सच में लाभार्थी महिला ही चला रही है और योजना की शर्तों का पालन हो रहा है।
हेल्पलाइन और संपर्क
- महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा: 0172-2560349 (रिपोर्टों में दिया गया नंबर — कॉल करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट wcdhry.gov.in पर नंबर पुष्टि कर लें)
- हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC): ईमेल [email protected] / [email protected] (रिपोर्टों में दिए गए पते — पोर्टल पर पुष्टि कर लें)
- जिला स्तर पर: अपने जिले के HWDC जिला प्रबंधक या महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क करें — यही सबसे तेज़ और भरोसेमंद रास्ता है।
- धोखाधड़ी से बचें: योजना के नाम पर कोई भी व्यक्ति अगर आपसे फॉर्म भरने, सीट पक्की करने या सब्सिडी दिलाने के नाम पर पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी है। आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर और बिना बिचौलिए के करें।
आवेदन से पहले ध्यान रखने वाली बातें
- ई-रिक्शा सिर्फ आप ही चलाएँगी: योजना की शर्त है कि वाहन लाभार्थी महिला स्वयं चलाएगी। पति या परिवार का कोई और सदस्य वाहन चलाए तो सब्सिडी वापस ली जा सकती है और विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
- एक परिवार, एक लाभ: एक परिवार से सिर्फ एक महिला को सब्सिडी मिलेगी — पहले ही तय कर लें कि परिवार की कौन सी पात्र महिला आवेदन करेगी।
- दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें: PPP, आधार, 8वीं का प्रमाण पत्र और बैंक खाता — ये चार चीज़ें सबसे पहले तैयार रखें, क्योंकि विज्ञापन आते ही ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर सीटें भरेंगी।
- विज्ञापन पर नज़र रखें: HWDC की वेबसाइट www.hwdcl.org को हफ्ते में एक-दो बार देखते रहें और स्थानीय अखबार में HWDC के विज्ञापन पर ध्यान दें। अगली विंडो की जानकारी मिलते ही हम इस लेख को अपडेट करेंगे।
महिलाओं के लिए हरियाणा की अन्य उपयोगी योजनाएँ
ई-रिक्शा योजना के साथ-साथ महिलाओं के लिए हरियाणा सरकार की ये योजनाएँ भी जानना फायदेमंद रहेगा: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिलती है — पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें: दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा 2026 — ₹2,100 महीना, पात्रता व आवेदन। बेटियों के लिए आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में पहली बेटी पर ₹21,000 और दूसरी बेटी पर ₹5,000 सालाना की सहायता मिलती है: आपकी बेटी हमारी बेटी योजना हरियाणा। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में ₹71,000 तक की सहायता दी जाती है: मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना क्या है?
यह हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण योजना है, जिसमें पात्र महिलाओं को 10 दिन की मुफ्त ई-रिक्शा ड्राइविंग ट्रेनिंग, ड्राइविंग लाइसेंस, ₹1,000 स्टाइपेंड, यात्रा भत्ता और ई-रिक्शा खरीदने पर 50% तक की सब्सिडी दी जाती है। इसे महिला एवं बाल विकास विभाग HWDC के माध्यम से चला रहा है।
प्रश्न: ई-रिक्शा पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
बीपीएल, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को ई-रिक्शा की लागत का 50% और अन्य पात्र महिलाओं (पारिवारिक आय ₹3 लाख तक) को 30% सब्सिडी मिलेगी। ₹1,50,000 की अनुमानित लागत पर यह लगभग ₹75,000 और ₹45,000 बनती है। बाकी रकम बैंक लोन से पूरी होगी।
प्रश्न: कौन आवेदन कर सकता है?
हरियाणा की स्थायी निवासी महिला, जिसकी आयु 18–45 वर्ष हो, कम से कम 8वीं पास हो, अच्छी दृष्टि हो और कलर ब्लाइंडनेस न हो। बीपीएल के लिए आय सीमा ₹1.80 लाख, अन्य के लिए ₹3 लाख है; विधवा/तलाकशुदा के लिए कोई आय सीमा नहीं है।
प्रश्न: क्या अभी आवेदन चल रहे हैं? अंतिम तिथि क्या है?
नहीं — 6 नवंबर 2026 तक HWDC की वेबसाइट पर इस योजना के लिए कोई चालू आवेदन विंडो या अंतिम तिथि नहीं मिली है। आवेदन तभी शुरू होंगे जब HWDC विज्ञापन जारी करेगा। विज्ञापन में ही शुरुआती और अंतिम तिथि दी जाएगी। कोई अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
प्रश्न: आवेदन कहाँ करें — SARAL पोर्टल पर या HWDC पोर्टल पर?
राजपत्र के अनुसार आवेदन HWDC के ऑनलाइन पोर्टल (www.hwdcl.org) पर किए जाएँगे। इस योजना के SARAL पोर्टल पर होने की पुष्टि नहीं है, इसलिए सही रास्ता HWDC पोर्टल ही है।
प्रश्न: ट्रेनिंग कितने दिन की होगी और क्या-क्या सिखाया जाएगा?
ट्रेनिंग 10 कार्य दिवसों की होगी। इसमें प्रैक्टिकल ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियम, संचार कौशल और ड्राइविंग शिष्टाचार सिखाया जाएगा। ट्रेनिंग सोसाइटी फॉर अशोक लेलैंड ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सहयोग से दी जाएगी।
प्रश्न: क्या ट्रेनिंग और लाइसेंस के लिए पैसे देने होंगे?
नहीं। ट्रेनिंग फीस (GST सहित) और लर्नर व परमानेंट दोनों लाइसेंस की फीस सरकार वहन करेगी। इसके अलावा ₹1,000 स्टाइपेंड और अधिकतम ₹200 प्रतिदिन यात्रा भत्ता भी मिलेगा।
प्रश्न: क्या एक परिवार की दो महिलाएँ लाभ ले सकती हैं?
नहीं। एक परिवार से सिर्फ एक महिला ही सब्सिडी पा सकती है — माँ या बेटी, सास या बहू में से कोई एक।
प्रश्न: क्या ई-रिक्शा पति या कोई और चला सकता है?
नहीं। ई-रिक्शा सिर्फ लाभार्थी महिला स्वयं चलाएगी — इसके लिए शपथ पत्र भी देना होगा कि वाहन उसके पति नहीं चलाएँगे।
प्रश्न: सब्सिडी का पैसा कैसे मिलेगा — खाते में आएगा या लोन में कटेगा?
सब्सिडी नकद नहीं मिलती; योजना के अनुसार यह निर्धारित अवधि के बाद वित्तपोषक बैंक के माध्यम से समायोजित की जाएगी, यानी आपके बैंक लोन में से सब्सिडी की रकम घटा दी जाएगी।
प्रश्न: चयन कैसे होगा?
आवेदन की जाँच जिला चयन समिति (DPO-ICDS, HWDC जिला प्रबंधक, लाइसेंसिंग अथॉरिटी और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि) करेगी और पात्र आवेदकों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। प्रथम चरण में 1,000 महिलाओं को चुना जाएगा।
आधिकारिक स्रोत
- हरियाणा सरकार राजपत्र, 17 नवंबर 2025 — नारी ई-रिक्शा स्वावलंबन योजना अधिसूचना (30 सितंबर 2025, संख्या 732): राजपत्र PDF
- हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) — आधिकारिक वेबसाइट: www.hwdcl.org
- महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा — आधिकारिक वेबसाइट: wcdhry.gov.in
- योजना की विस्तृत जानकारी (अंग्रेज़ी): Haryana Nari E Rickshaw Swavalamban Yojana — Govt Schemes India
नोट: इस लेख की जानकारी 6 नवंबर 2026 को हरियाणा सरकार के राजपत्र और HWDC की आधिकारिक वेबसाइट के आधार पर तैयार की गई है। आवेदन की तिथियाँ, दस्तावेज़ों की अंतिम सूची और पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माने जाएँगे — आवेदन करने से पहले www.hwdcl.org पर ज़रूर जाँच लें।

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