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किशोरी शक्ति योजना हरियाणा 2026: किशोरी बेटियों के लिए पूरी जानकारी

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: किशोरी शक्ति योजना हरियाणा 2026: किशोरी बेटियों के लिए पूरी जानकारी
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 6:32 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

किशोरी शक्ति योजना क्या है?

किशोरी शक्ति योजना (Kishori Shakti Yojana — KSY) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक पुरानी और जानी-मानी योजना है, जो समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत चलाई जाती थी। इसका मकसद 11 से 18 साल की किशोरी बेटियों का स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता बढ़ाना था। हरियाणा में भी यह योजना ICDS के आंगनवाड़ी केंद्रों के ज़रिए लागू की गई थी — नवंबर 2002 में राज्य सरकार ने इसे ICDS के 85 ब्लॉकों में लागू करने का फैसला किया था, जबकि इससे पहले यह सिर्फ चार ब्लॉकों में चल रही थी।

यहाँ एक बात शुरुआत में ही साफ कर देना ज़रूरी है, क्योंकि इंटरनेट पर इस योजना के बारे में बहुत-सी पुरानी और अधूरी जानकारी फैली है: किशोरी शक्ति योजना आज अपने पुराने रूप में एक अलग, स्टैंडअलोन योजना के तौर पर नहीं चल रही है। यह ICDS का एक घटक (component) थी, जिसे 2010 में शुरू हुई सबला योजना (SABLA — Rajiv Gandhi Scheme for Empowerment of Adolescent Girls) ने अपने में समाहित कर लिया था। सबला योजना भी 31 मार्च 2022 को एक अलग योजना के रूप में बंद होकर मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 (Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0) में विलय हो गई। आज किशोरियों के लिए सेवाएँ किशोरियों के लिए योजना (Scheme for Adolescent Girls — SAG) के नाम से उसी ICDS-आंगनवाड़ी ढाँचे के ज़रिए दी जा रही हैं।

इसलिए अगर आप या आपकी बेटी इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको किसी अलग “किशोरी शक्ति योजना” का फॉर्म नहीं भरना है — आपको अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ना है। इस गाइड में हम योजना का पूरा इतिहास, इसका मकसद, पात्रता, मिलने वाली सेवाएँ और 2026 में नामांकन का सही तरीका — सब कुछ साफ-साफ बता रहे हैं, ताकि कोई गलतफहमी न रहे।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम किशोरी शक्ति योजना (Kishori Shakti Yojana — KSY)
शुरू वर्ष 2000, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार
ढाँचा समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) का घटक
लाभार्थी 11 से 18 साल की किशोरी बेटियाँ
आयु वर्ग 11–14 साल और 14–18 साल (दो समूह)
लागू करने वाली इकाई आंगनवाड़ी केंद्र (ग्राम और शहरी वार्ड स्तर पर)
हरियाणा में शुरुआत 2002 में 85 ICDS ब्लॉकों में विस्तार (पहले 4 ब्लॉक)
वर्तमान स्थिति 2010 में सबला (SABLA) में समाहित; 2022 से पोषण 2.0 के तहत किशोरियों के लिए योजना (SAG) के रूप में जारी
नकद लाभ कोई सीधा नकद भुगतान नहीं — सेवाएँ (पोषण, स्वास्थ्य जाँच, प्रशिक्षण) मिलती हैं
आवेदन का तरीका ऑनलाइन फॉर्म नहीं — नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर नामांकन
आधिकारिक विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा (wcdhry.gov.in); केंद्रीय मंत्रालय (wcd.nic.in)

योजना का मकसद क्या था?

किशोरी शक्ति योजना के आधिकारिक उद्देश्य इस प्रकार थे:

  1. पोषण और स्वास्थ्य में सुधार — 11 से 18 साल की लड़कियों का पोषण स्तर और स्वास्थ्य बेहतर करना, ताकि कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) से बचाव हो सके।
  2. साक्षरता और अंकगणितीय कौशल — गैर-औपचारिक शिक्षा के ज़रिए पढ़ने-लिखने और हिसाब-किताब की बुनियादी क्षमता देना, ताकि स्कूल छूट गई बेटियाँ भी सीखने से जुड़ी रहें।
  3. सामाजिक जागरूकता और निर्णय क्षमता — बेटियों को ज़्यादा सामाजिक अनुभव, जानकारी और अपने फैसले खुद लेने की क्षमता देना।
  4. घरेलू और व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण — घर-आधारित कामों और रोज़गार से जुड़े कौशलों में प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
  5. स्वास्थ्य, स्वच्छता और परिवार कल्याण की जागरूकता — स्वास्थ्य, साफ-सफाई, पोषण, परिवार कल्याण, घर के प्रबंधन और बच्चों की देखभाल के बारे में जानकारी देना।
  6. 18 साल से पहले विवाह रोकना — हर संभव उपाय से यह सुनिश्चित करना कि बेटियों का विवाह 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही हो।

केंद्र सरकार हर ICDS परियोजना को प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जाँच के लिए ₹1.10 लाख प्रति वर्ष की सहायता देती थी। यह पैसा सीधे लाभार्थियों को नकद नहीं मिलता था — इसका इस्तेमाल आंगनवाड़ी स्तर पर प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता गतिविधियों के लिए होता था।

हरियाणा में योजना का सफर

हरियाणा में किशोरी शक्ति योजना की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में हुई। नवंबर 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने बाल दिवस की पूर्व संध्या पर घोषणा की थी कि योजना को ICDS के 85 ब्लॉकों में लागू किया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा किशोरियों तक इसका लाभ पहुँचे। इससे पहले यह योजना राज्य के सिर्फ चार ब्लॉकों में चल रही थी।

इसके बाद केंद्र सरकार ने किशोरियों के लिए योजनाओं की समीक्षा की और 2010 में सबला योजना शुरू की, जो किशोरी शक्ति योजना और पोषण कार्यक्रम (NPAG) को मिलाकर बनाई गई एक व्यापक योजना थी। सबला पहले 205 ज़िलों में पायलट आधार पर लागू हुई और बाद में इसका विस्तार हुआ। जिन ज़िलों में सबला लागू हुई, वहाँ किशोरी शक्ति योजना उसी में समाहित हो गई।

फिर केंद्रीय बजट 2021-22 में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 की घोषणा हुई, जिसके तहत आंगनवाड़ी सेवाएँ, किशोरियों के लिए योजना और पोषण अभियान — तीनों को एक छत के नीचे लाया गया। सबला योजना 31 मार्च 2022 को एक अलग योजना के रूप में बंद हो गई, और उसके लाभ अब किशोरियों के लिए योजना (Scheme for Adolescent Girls — SAG) के ज़रिए आंगनवाड़ी केंद्रों से मिल रहे हैं। केंद्रीय बजट 2025-26 में सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के लिए ₹21,960 करोड़ का प्रावधान किया गया है, और इस मिशन को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंज़ूरी भी दी गई है।

2026 में किशोरियों को क्या-क्या मिलता है?

आज के ढाँचे में सेवाएँ दो हिस्सों में बँटी हैं:

पोषण सहायता: 14 से 18 साल की स्कूल से बाहर (out of school) की किशोरियों को SAG के तहत पोषण सहायता दी जाती है — यह सहायता मुख्य रूप से आकांक्षात्मक (Aspirational) ज़िलों और पूर्वोत्तर राज्यों पर केंद्रित है। हरियाणा का नूंह (मेवात) ज़िला आकांक्षात्मक ज़िलों में शामिल है। 11 से 14 साल की किशोरियों का पोषण अब सामान्य आंगनवाड़ी सेवाओं के दायरे में आता है।

गैर-पोषण सेवाएँ: जीवन-कौशल शिक्षा, स्वास्थ्य जाँच, आयरन और पोषण संबंधी जानकारी, स्वच्छता शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सेवाएँ आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से किशोरियों तक व्यापक रूप से पहुँचाई जाती हैं। इनका लाभ लेने के लिए किसी अलग योजना में आवेदन नहीं करना होता — स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र ही संपर्क बिंदु है।

यह समझना ज़रूरी है कि यह योजना नकद राशि देने वाली योजना नहीं है। जो वेबसाइटें “किशोरी शक्ति योजना में ₹X राशि मिलेगी” या “ऑनलाइन फॉर्म भरें” जैसे दावे करती हैं, वे गलत जानकारी दे रही हैं। इस योजना में कोई केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल या आवेदन फॉर्म नहीं है — नामांकन पूरी तरह आंगनवाड़ी केंद्र के ज़रिए ऑफलाइन होता है।

पात्रता — कौन लाभ ले सकती है?

  • आयु: 11 से 18 साल की किशोरी बेटी। मूल योजना में 11–14 और 14–18 के दो समूह थे; मौजूदा SAG पोषण सहायता मुख्य रूप से 14–18 साल की स्कूल से बाहर की बेटियों पर केंद्रित है।
  • निवास: आवेदक ICDS परियोजना क्षेत्र या आंगनवाड़ी केंद्र के कार्यक्षेत्र में रहने वाली हो।
  • प्राथमिकता: बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की बेटियों को प्राथमिकता दी जाती है, हालाँकि योजना आयु वर्ग की सभी पात्र बेटियों के लिए खुली है।
  • वैवाहिक स्थिति: अविवाहित किशोरियाँ लक्षित समूह हैं।
  • शिक्षा: स्कूल जाने वाली और स्कूल से बाहर — दोनों तरह की बेटियाँ सेवाओं से जुड़ सकती हैं; पोषण सहायता का दायरा स्कूल से बाहर की बेटियों पर केंद्रित है।

नामांकन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

आंगनवाड़ी केंद्र पर नामांकन के समय आमतौर पर ये दस्तावेज़ माँगे जाते हैं:

क्रम दस्तावेज़
1 आधार कार्ड (बेटी का, और माता-पिता का भी हो तो अच्छा)
2 जन्म प्रमाण पत्र / आयु प्रमाण (जन्म तिथि के सत्यापन के लिए)
3 निवास प्रमाण (परिवार पहचान पत्र / राशन कार्ड / बिजली बिल आदि)
4 आय प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो, प्राथमिकता श्रेणी के लिए)
5 पासपोर्ट साइज़ फोटो
6 माता-पिता का मोबाइल नंबर

यह सूची सामान्य जानकारी पर आधारित है; आंगनवाड़ी केंद्र पर माँगा गया फॉर्म ही अंतिम है — केंद्र की कार्यकर्ता जो दस्तावेज़ बताए, वही तैयार रखें।

नामांकन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप

चरण 1: अपने गाँव या वार्ड की नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र का पता करें। हर गाँव और शहरी वार्ड में एक तय आंगनवाड़ी केंद्र होता है — आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता से भी पूछा जा सकता है।

चरण 2: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलकर बताएं कि बेटी (11–18 साल) को किशोरी सेवाओं से जुड़ना है। कार्यकर्ता बेटी का नाम आंगनवाड़ी के रजिस्टर में दर्ज करेंगी।

चरण 3: माँगे गए दस्तावेज़ (आधार, जन्म प्रमाण, निवास प्रमाण आदि) की फोटो कॉपी जमा करें।

चरण 4: नामांकन के बाद बेटी को आंगनवाड़ी केंद्र की नियमित गतिविधियों — स्वास्थ्य जाँच, पोषण दिवस, जीवन-कौशल सत्र और प्रशिक्षण — में शामिल किया जाएगा।

चरण 5: अगर बेटी 14–18 साल की है और स्कूल से बाहर है, तो कार्यकर्ता से SAG पोषण सहायता की पात्रता के बारे में खास तौर पर पूछें, क्योंकि इसका दायरा ज़िले और श्रेणी के अनुसार तय होता है।

ऑनलाइन विकल्प: इस योजना के लिए कोई अलग ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं है। अगर कोई वेबसाइट “किशोरी शक्ति योजना ऑनलाइन फॉर्म” के नाम पर पैसे या निजी जानकारी माँगे, तो वह फर्ज़ी है — उससे सावधान रहें।

शुल्क और समय-सीमा

शुल्क: नामांकन पूरी तरह निःशुल्क है। आंगनवाड़ी सेवाओं के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं लगता।

समय-सीमा: नामांकन साल भर खुला रहता है — इसकी कोई अंतिम तिथि नहीं है। आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर कभी भी नाम दर्ज कराया जा सकता है।

लाभ कैसे मिलेगा?

नामांकन के बाद लाभ नकद नहीं, बल्कि सेवाओं के रूप में मिलता है — आंगनवाड़ी केंद्र पर होने वाली स्वास्थ्य जाँच, पोषण सामग्री, आयरन की गोलियाँ (जहाँ लागू हो), जीवन-कौशल और स्वच्छता की जानकारी, और व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र। लाभ की नियमितता इस बात पर निर्भर करती है कि बेटी आंगनवाड़ी की गतिविधियों में कितनी नियमित रूप से शामिल होती है। इसलिए नामांकन के बाद केंद्र से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • पुराना नाम, नया ढाँचा: “किशोरी शक्ति योजना” नाम से आज कोई अलग योजना नहीं चल रही — इसका काम अब पोषण 2.0 के तहत SAG के ज़रिए होता है। जो लेख पुराने नाम से “ऑनलाइन आवेदन” बताते हैं, वे पुरानी जानकारी दोहरा रहे हैं।
  • कोई नकद राशि नहीं: इस योजना में बेटी या परिवार के खाते में कोई सीधी रकम नहीं आती। नकद लाभ के नाम पर कोई आपसे पैसे माँगे, तो शिकायत करें।
  • फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन सिर्फ आंगनवाड़ी केंद्र से होता है। किसी भी निजी वेबसाइट पर फॉर्म भरने या शुल्क देने की ज़रूरत नहीं है।
  • 18 साल से पहले विवाह नहीं: योजना का एक मकसद बेटियों का विवाह 18 साल के बाद ही सुनिश्चित करना है — यह शर्त इसके मूल उद्देश्यों में दर्ज है।

बेटियों के लिए हरियाणा की अन्य योजनाएँ

किशोरी बेटियों और महिलाओं के लिए हरियाणा सरकार की कुछ और योजनाएँ भी हैं, जिनकी जानकारी साथ-साथ काम आ सकती है:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. किशोरी शक्ति योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है। नामांकन नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर ऑफलाइन होता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बेटी का नाम रजिस्टर में दर्ज करती हैं।

2. किशोरी शक्ति योजना में कितने पैसे मिलते हैं?

इसमें कोई सीधा नकद लाभ नहीं मिलता। लाभ सेवाओं के रूप में मिलता है — पोषण, स्वास्थ्य जाँच, जीवन-कौशल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण। केंद्र सरकार ICDS परियोजना को प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जाँच के लिए प्रति वर्ष ₹1.10 लाख की सहायता देती थी, जो सेवाओं पर खर्च होती थी।

3. कौन-सी उम्र की बेटियाँ पात्र हैं?

11 से 18 साल की किशोरियाँ। मूल योजना में 11–14 और 14–18 के दो समूह थे; मौजूदा SAG पोषण सहायता मुख्य रूप से 14–18 साल की स्कूल से बाहर की बेटियों के लिए है।

4. क्या किशोरी शक्ति योजना 2026 में चालू है?

पुराने नाम और रूप में नहीं। यह 2010 में सबला में समाहित हुई, और सबला 2022 में पोषण 2.0 में विलय हो गई। आज यही सेवाएँ किशोरियों के लिए योजना (SAG) के नाम से आंगनवाड़ी केंद्रों के ज़रिए मिल रही हैं।

5. नामांकन के लिए कहाँ जाना होगा?

अपने गाँव या वार्ड के नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता से केंद्र का पता पूछा जा सकता है।

6. क्या इस योजना के लिए कोई शुल्क लगता है?

नहीं। नामांकन और आंगनवाड़ी सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क हैं।

7. हरियाणा में यह योजना किस विभाग की है?

महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा — आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ICDS ढाँचे के तहत।

आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक

  • महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा: wcdhry.gov.in
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार: wcd.nic.in
  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 की जानकारी केंद्रीय मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है
  • अंत्योदय सरल पोर्टल (अन्य हरियाणा योजनाओं के लिए): saralharyana.gov.in

अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार और हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। योजना का नाम और ढाँचा समय के साथ बदला है — नामांकन से पहले अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या जिला कार्यक्रम अधिकारी से ताज़ा स्थिति ज़रूर जाँच लें। आंगनवाड़ी केंद्र पर दी गई जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी।

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