यह गाइड किस बारे में है?
हरियाणा सरकार के श्रम विभाग के अंतर्गत हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के विवाह पर आर्थिक सहायता देता है। इस गाइड में विवाह से जुड़ी तीन सहायता एक साथ समझाई गई हैं — कन्यादान योजना (₹51,000), बेटी के विवाह पर वित्तीय सहायता (₹50,000) और पुत्र के विवाह पर सहायता (₹21,000)। बेटी की शादी पर ये दोनों सहायता मिलकर कुल ₹1,01,000 हो जाती हैं, जबकि बेटे की शादी पर ₹21,000 की सहायता दी जाती है।
एक बात शुरुआत में ही साफ कर दें — कन्यादान योजना की बुनियादी जानकारी हमारी हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण गाइड में भी दी गई है। यह गाइड उसका विस्तृत/टॉप-अप संस्करण है — यहाँ विवाह की तीनों सहायता की पूरी पात्रता, दस्तावेज़, आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा विस्तार से समझाई गई है, ताकि परिवार बिना किसी भ्रम के सही योजना में आवेदन कर सके।
विवाह सहायता एक नज़र में
| सहायता | राशि | किसके विवाह पर | कितनी बार |
|---|---|---|---|
| कन्यादान योजना | ₹51,000 | बेटी के विवाह पर | अधिकतम 3 बेटियों तक |
| बेटी के विवाह पर वित्तीय सहायता (सुपुत्री) | ₹50,000 | बेटी के विवाह पर | अधिकतम 3 बेटियों तक |
| बेटी की शादी पर कुल | ₹1,01,000 | बेटी के विवाह पर | दोनों योजनाओं के अलग-अलग आवेदन |
| पुत्र के विवाह पर सहायता (सुपुत्र) | ₹21,000 | बेटे के विवाह पर | योजना के नियमानुसार |
पहली सहायता: कन्यादान योजना — बेटी की शादी पर ₹51,000
यह योजना क्या है?
कन्यादान योजना के तहत बोर्ड पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को उनकी बेटी के विवाह पर ₹51,000 की वित्तीय सहायता कन्यादान के रूप में देता है। यह सहायता परिवार के अधिकतम 3 बेटियों के विवाह तक मिलती है। कन्यादान की राशि बेटी के विवाह के बाद दी जाती है।
कन्यादान के लिए पात्रता
- आवेदक हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- सहायता केवल बेटी के विवाह पर मिलती है — बेटे के विवाह पर कन्यादान नहीं मिलता।
- यह लाभ एक परिवार की अधिकतम 3 बेटियों के विवाह तक मिलता है।
- आवेदक ने यह सहायता किसी अन्य सरकारी विभाग/बोर्ड/निगम से नहीं ली हो — इस बारे में घोषणा-पत्र (undertaking) देना होता है।
- दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए (विवाह की कानूनी आयु)।
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो।
कन्यादान के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण (लेबर कॉपी)
- बेटी का आधार कार्ड और आयु प्रमाण-पत्र
- विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र (Marriage Registration Certificate) — अनिवार्य
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- घोषणा-पत्र/स्व-घोषणा — कि यह सहायता किसी अन्य सरकारी विभाग/बोर्ड/निगम से नहीं ली गई है और न ली जाएगी
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
कन्यादान के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन हरियाणा श्रम विभाग की वेबसाइट hrylabour.gov.in और अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है:
चरण 1: सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएँ। नए उपयोगकर्ता “Register” पर क्लिक करके खाता बनाएँ।
चरण 2: अपनी यूज़र आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 3: “Apply for Services” पर क्लिक करें और “View all available services” में जाकर योजना खोजें — “Kanyadaan Yojana” / “कन्यादान योजना”।
चरण 4: फॉर्म में श्रमिक और बेटी की सभी जानकारी सही-सही भरें — बोर्ड पंजीकरण संख्या, बेटी का नाम, विवाह की तारीख आदि।
चरण 5: माँगे गए सभी दस्तावेज़ अपलोड करें — विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
चरण 6: फॉर्म जमा (Submit) करें। जमा करने के बाद आपको एक Application Reference ID मिलेगी — इसे संभालकर रखें। आवेदन के हर चरण पर आपके मोबाइल पर SMS और ईमेल से सूचना भेजी जाती है।
चरण 7: संबंधित अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे। स्वीकृति मिलने पर ₹51,000 की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
समय-सीमा का ध्यान रखें: कन्यादान के लिए आवेदन फॉर्म सभी वैध दस्तावेज़ों के साथ विवाह की तारीख से एक वर्ष के भीतर अपलोड करना होता है। एक वर्ष बीत जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं हो सकता — इसलिए विवाह के बाद देर न करें।
दूसरी सहायता: बेटी के विवाह पर वित्तीय सहायता (सुपुत्री) — ₹50,000
यह योजना क्या है?
कन्यादान के अलावा बोर्ड बेटी के विवाह की तैयारियों के लिए ₹50,000 की अलग वित्तीय सहायता भी देता है। यह सहायता शादी से तीन दिन पहले दी जाती है, ताकि परिवार शादी की तैयारियाँ समय पर कर सके। इसके लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है — कन्यादान का आवेदन करने से यह सहायता अपने आप नहीं मिलती।
सुपुत्री सहायता के लिए पात्रता
- आवेदक HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- सहायता केवल बेटी के विवाह पर मिलती है।
- यह लाभ एक परिवार की अधिकतम 3 बेटियों के विवाह तक मिलता है।
- दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो।
सुपुत्री सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण
- बेटी का आधार कार्ड और आयु प्रमाण-पत्र
- विवाह का निमंत्रण पत्र या विवाह तय होने का प्रमाण (शादी की तारीख का प्रमाण)
- विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र (यदि विवाह हो चुका हो)
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
सुपुत्री सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Marriage Assistance Scheme” / “बच्चों की शादी पर वित्तीय सहायता — सुपुत्री” सेवा के तहत किया जाता है। चूँकि यह सहायता शादी से तीन दिन पहले दी जाती है, इसलिए आवेदन शादी से पहले ही करना होता है — शादी के बाद इस सहायता के लिए आवेदन करने का कोई मतलब नहीं रहता। फॉर्म में शादी की तारीख, बेटी का नाम और श्रमिक की पंजीकरण संख्या भरनी होती है। स्वीकृति के बाद ₹50,000 की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
बेटी की शादी पर कुल ₹1,01,000 — दोनों सहायता कैसे जोड़ें?
| क्रम | सहायता | राशि | कब मिलती है | आवेदन |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बेटी के विवाह पर वित्तीय सहायता (सुपुत्री) | ₹50,000 | शादी से 3 दिन पहले | शादी से पहले अलग आवेदन |
| 2 | कन्यादान योजना | ₹51,000 | विवाह के बाद | विवाह के 1 वर्ष के भीतर अलग आवेदन |
| कुल | ₹1,01,000 | दो अलग-अलग आवेदन ज़रूरी |
सबसे आम गलती यही होती है कि परिवार सिर्फ एक योजना में आवेदन करता है और दूसरी सहायता से वंचित रह जाता है। याद रखें — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य है। शादी से पहले सुपुत्री सहायता (₹50,000) के लिए आवेदन करें और विवाह के बाद एक वर्ष के भीतर कन्यादान (₹51,000) के लिए आवेदन करें। दोनों मिलकर कुल ₹1,01,000 की सहायता बनती है।
तीसरी सहायता: पुत्र के विवाह पर सहायता (सुपुत्र) — ₹21,000
यह योजना क्या है?
बोर्ड पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को उनके बेटे के विवाह पर भी वित्तीय सहायता देता है। योजना सूचीपत्रों के अनुसार पुत्र विवाह सहायता की राशि ₹21,000 है।
राशि को लेकर सावधानी: पुत्र विवाह सहायता की ₹21,000 की राशि योजना सूचीपत्रों (डायरेक्टरी स्रोतों) में दर्ज है — इसे आधिकारिक पोर्टल पर सीधे सत्यापित नहीं किया जा सका है। इसलिए आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म देखकर ताज़ा राशि ज़रूर जाँच लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है। अगर पोर्टल पर यह सेवा अलग नाम से दिखे (“बच्चों की शादी पर वित्तीय सहायता — सुपुत्र”), तो उसी के अनुसार आवेदन करें।
पुत्र विवाह सहायता के लिए पात्रता
- आवेदक HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- सहायता केवल बेटे के विवाह पर मिलती है।
- दूल्हे (बेटे) की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो।
- आवेदक ने यह सहायता किसी अन्य सरकारी विभाग/बोर्ड/निगम से नहीं ली हो।
पुत्र विवाह सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण
- बेटे का आधार कार्ड और आयु प्रमाण-पत्र
- विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र (Marriage Registration Certificate) — अनिवार्य
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- घोषणा-पत्र/स्व-घोषणा — कि यह सहायता किसी अन्य स्रोत से नहीं ली गई है
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
पुत्र विवाह सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “बच्चों की शादी पर वित्तीय सहायता — सुपुत्र” सेवा के तहत किया जाता है। फॉर्म में श्रमिक और बेटे की जानकारी, विवाह की तारीख और पंजीकरण संख्या भरनी होती है। विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। स्वीकृति के बाद सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
बेटी बनाम बेटा — विवाह सहायता की तुलना
| बात | बेटी का विवाह | बेटे का विवाह |
|---|---|---|
| कन्यादान | ₹51,000 | — |
| विवाह वित्तीय सहायता | ₹50,000 (शादी से 3 दिन पहले) | ₹21,000 |
| कुल सहायता | ₹1,01,000 | ₹21,000 |
| अधिकतम सीमा | 3 बेटियों तक | योजना के नियमानुसार |
| विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र | अनिवार्य | अनिवार्य |
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
विवाह सहायता की योजनाएँ मुख्य रूप से ऑनलाइन हैं, लेकिन अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो आप अपने नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र (SARAL Kendra) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ले सकते हैं — सरल पोर्टल पर साफ लिखा है कि सभी सेवाएँ जिला, तहसील और उप-मंडल स्तर पर सरल केंद्रों और CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हैं। वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से फॉर्म भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय या बोर्ड के हेल्पडेस्क से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: विवाह सहायता योजनाओं के लिए आधिकारिक योजना पृष्ठों पर कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। फिर भी, फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें — आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और सीधा है।
समय-सीमा: इन योजनाओं के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — आवेदन साल भर खुले रहते हैं। लेकिन दो समय-सीमाएँ याद रखना बहुत ज़रूरी है:
- सुपुत्री सहायता (₹50,000): शादी से तीन दिन पहले दी जाती है — इसलिए आवेदन शादी से पहले करना होता है।
- कन्यादान (₹51,000): विवाह की तारीख से एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है — एक वर्ष बीत जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं हो सकता।
बोर्ड की सेवाएँ सेवा का अधिकार अधिनियम (RTS) के तहत 90 दिन की समय-सीमा में दी जाती हैं।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाकर “Track Application / View Status of Application” विकल्प से अपनी Application Reference ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है। पोर्टल पर “Citizen Dashboard” से भी आवेदन ट्रैक किया जा सकता है।
- आवेदन के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजा जाता है।
- स्थिति न बदले या आवेदन अटक जाए, तो ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय या बोर्ड के हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
पैसे कैसे मिलेंगे?
स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है — इसलिए बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना चाहिए। सुपुत्री सहायता (₹50,000) शादी से तीन दिन पहले मिलती है, जबकि कन्यादान (₹51,000) विवाह के बाद मिलता है।
आवेदन से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- दो अलग आवेदन न भूलें: बेटी की शादी पर कुल ₹1,01,000 पाने के लिए कन्यादान और सुपुत्री सहायता — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य है। सिर्फ एक में आवेदन करने पर आधी सहायता ही मिलेगी।
- समय-सीमा सबसे अहम: सुपुत्री सहायता के लिए शादी से पहले और कन्यादान के लिए विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करें — देरी होने पर लाभ छूट सकता है।
- विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य: बिना विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र के कन्यादान और पुत्र विवाह सहायता का आवेदन पूरा नहीं होगा — विवाह के बाद पंजीकरण ज़रूर कराएँ।
- कानूनी आयु का ध्यान रखें: दुल्हन की आयु कम से कम 18 वर्ष और दूल्हे की कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
- पुत्र विवाह की राशि जाँच लें: पुत्र विवाह सहायता की ₹21,000 की राशि सूचीपत्रों में दर्ज है — आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर ताज़ा राशि ज़रूर देख लें।
- मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना से भ्रम न पालें: मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना (₹31,000–₹71,000) एक अलग योजना है, जो सामाजिक न्याय विभाग की है और BPL/SC/विधवा परिवारों की बेटियों के लिए है। BOCW बोर्ड की विवाह सहायता उससे अलग है — दोनों की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग हैं।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन केवल saralharyana.gov.in और hrylabour.gov.in से ही करें। कोई भी व्यक्ति अगर पैसे लेकर फॉर्म भरने का दावा करे, तो सरल हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
श्रमिक परिवार के लिए अन्य योजनाएँ
- हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी: निर्माण श्रमिक के रूप में बोर्ड में पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया — विवाह सहायता का पहला कदम; कन्यादान की बुनियादी जानकारी भी इसी गाइड में है।
- हरियाणा BOCW स्कूटी योजना — श्रमिक बेटी को ₹50,000 सहायता: पंजीकृत श्रमिक की बेटी को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि।
- हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता — श्रमिक बच्चों को ₹1,20,000 तक: श्रमिकों के बच्चों को कोचिंग के लिए ₹20,000–₹1,00,000 और हॉस्टल के लिए ₹1,20,000 तक की सहायता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. बेटी की शादी पर कुल कितनी सहायता मिलती है?
बेटी की शादी पर कुल ₹1,01,000 मिलता है — कन्यादान योजना से ₹51,000 और बेटी के विवाह पर वित्तीय सहायता (सुपुत्री) से ₹50,000। दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य है।
2. कन्यादान के लिए आवेदन कब तक करना होता है?
कन्यादान के लिए आवेदन विवाह की तारीख से एक वर्ष के भीतर करना होता है। एक वर्ष बीत जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं हो सकता।
3. ₹50,000 वाली सुपुत्री सहायता कब मिलती है?
यह सहायता शादी से तीन दिन पहले दी जाती है — इसलिए इसके लिए आवेदन शादी से पहले ही करना होता है।
4. बेटे की शादी पर कितनी सहायता मिलती है?
बेटे के विवाह पर ₹21,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि योजना सूचीपत्रों में दर्ज है — आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर ताज़ा राशि ज़रूर जाँच लें।
5. विवाह सहायता कितनी बेटियों तक मिल सकती है?
कन्यादान और सुपुत्री सहायता — दोनों एक परिवार की अधिकतम 3 बेटियों के विवाह तक मिलती हैं।
6. विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र क्यों ज़रूरी है?
विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र के बिना कन्यादान और पुत्र विवाह सहायता का आवेदन पूरा नहीं होता — यह दस्तावेज़ अनिवार्य है। विवाह के बाद पंजीकरण ज़रूर कराएँ।
7. क्या मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और BOCW विवाह सहायता एक ही है?
नहीं। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना (₹31,000–₹71,000) सामाजिक न्याय विभाग की अलग योजना है, जो BPL/SC/विधवा परिवारों की बेटियों के लिए है। BOCW बोर्ड की विवाह सहायता सिर्फ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए है।
8. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
इन योजनाओं के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — आवेदन साल भर खुले रहते हैं। RTS के तहत 90 दिन की समय-सीमा तय है।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- हरियाणा श्रम विभाग (Labour Department, Haryana): hrylabour.gov.in
- अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400 (सुबह 7 बजे – रात 8 बजे, सोमवार–शनिवार, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर); ईमेल: [email protected]
- हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड टोल फ्री नंबर: 1800-180-2129; श्रम विभाग हेल्पलाइन: 0172-2701373
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा श्रम विभाग की वेबसाइट, अंत्योदय सरल पोर्टल, योजना की आधिकारिक शर्तों और योजना सूचीपत्रों के आधार पर तैयार की गई है। पुत्र विवाह सहायता की ₹21,000 की राशि सूचीपत्रों में दर्ज है — आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर ताज़ा राशि ज़रूर देख लें। आवेदन करने से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म और ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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