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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन 2026: ₹4,000 महीना + ₹5 लाख सहायता, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन 2026: ₹4,000 महीना + ₹5 लाख सहायता, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 1:59 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

पत्थर तोड़ने वाली मशीन, खदान, कोयला ताप विद्युत संयंत्र या निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिकों को एक खतरनाक बीमारी का खतरा रहता है — सिलिकोसिस। यह फेफड़ों की एक लाइलाज बीमारी है, जो सिलिका की धूल में सांस लेने से होती है। हरियाणा सरकार ने ऐसे श्रमिकों के लिए सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन की व्यवस्था की है — प्रमाणित श्रमिक को ₹4,000 प्रति माह पेंशन जीवन भर मिलती है, साथ में ₹5 लाख की एकमुश्त पुनर्वास सहायता भी दी जाती है। 21 अप्रैल 2026 को अधिसूचित नई हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति में इस दायरे को बढ़ाकर सिलिकोसिस के साथ-साथ एस्बेस्टोसिस, बाइसिनोसिस और बैगासोसिस को भी शामिल कर दिया गया है। इस गाइड में पेंशन की राशि, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की पूरी प्रक्रिया दी गई है।

यह योजना क्या है?

सिलिकोसिस एक व्यवसाय-जनित फेफड़ों की बीमारी है — क्रिस्टलीय सिलिका की धूल में काम करते समय सांस लेने से फेफड़ों में सूजन आ जाती है और गांठदार घाव बन जाते हैं। यह बीमारी लगातार बढ़ती है, स्थाई विकलांगता पैदा कर सकती है और अंततः जानलेवा हो सकती है। हरियाणा में सिलिकोसिस कारखाना अधिनियम, 1948 और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के तहत एक अधिसूचित बीमारी है।

हरियाणा सरकार ने सबसे पहले 4 जनवरी 2017 को “हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति” अधिसूचित की थी (अधिसूचना संख्या 6/75/2016-1 लैब, श्रम विभाग)। उस नीति में सिर्फ सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिक आते थे। 21 अप्रैल 2026 को सरकार ने नई “हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति” अधिसूचित की, जिसने 2017 की नीति को बदल दिया। नई नीति में चारों भयानक व्यवसाय-जनित फेफड़ों की बीमारियाँ आती हैं — सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बाइसिनोसिस और बैगासोसिस। सभी लाभों की राशियाँ 2017 वाली ही रखी गई हैं; सिर्फ दायरा बढ़ा है और एक नई शर्त जुड़ी है (नीचे पात्रता में देखें)।

इस नीति को लागू करने का काम हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड करता है। नीति के लिए अलग से एक कोष बनाया गया है — इसमें 70 प्रतिशत योगदान हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड और 30 प्रतिशत योगदान हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) देता है। खर्च की मंजूरी के सक्षम प्राधिकारी श्रम आयुक्त-सह-कल्याण आयुक्त, हरियाणा हैं।

ध्यान दें — “हरियाणा सिलिकोसिस बोर्ड” क्या है? myScheme पर इस योजना का नाम “Silicosis Rehabilitation Pension — Haryana Silicosis Board” लिखा है, लेकिन श्रम विभाग का कोई अलग “सिलिकोसिस बोर्ड” विभाग नहीं है। बीमारी की पुष्टि सिलिकोसिस/न्यूमोकोनियोसिस डायग्नोसिस बोर्ड करता है, पहचान पत्र हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड जारी करता है, और आवेदन उसी बोर्ड के माध्यम से निपटाए जाते हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर “सिलिकोसिस बोर्ड लाभार्थी लॉगिन” नाम से जो सुविधा बताई जाती है, वह इसी व्यवस्था का ऑनलाइन हिस्सा है।

लाभ कितना मिलेगा?

नीति के तहत कुल आठ कल्याणकारी योजनाएँ हैं। एक ही प्रमाणित श्रमिक (या उसके परिवार) को स्थिति के अनुसार ये सभी लाभ मिल सकते हैं:

कल्याणकारी योजना सहायता राशि शर्त
पुनर्वास सहायता (एकमुश्त) ₹5,00,000 डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाणित होने पर; अगर सहायता मिलने से पहले श्रमिक की मृत्यु हो जाए तो राशि विधवा/विधुर (शादीशुदा होने पर) या जीवित माता-पिता में से एक को (शादीशुदा न होने पर) मिलती है
सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन ₹4,000 प्रति माह ILO वर्गीकरण के अनुसार श्रेणी A, B या C के श्रमिक को, जब तक वह जीवित है
मृत्यु उपरान्त सहायता ₹1,00,000 श्रमिक की मृत्यु पर विधवा/विधुर या नामांकित व्यक्ति को (शादीशुदा न होने पर)
अंतिम संस्कार सहायता ₹15,000 मृतक श्रमिक के अंत्येष्टि अनुष्ठानों के लिए
पारिवारिक पेंशन ₹3,500 प्रति माह श्रमिक की सिलिकोसिस से मृत्यु के बाद जीवित विधवा/विधुर या जीवित माता-पिता को (शादीशुदा न होने पर)
बच्चों की शिक्षा हेतु सहायता ₹5,000–₹12,000 प्रति वर्ष कक्षा 1–5: ₹5,000; कक्षा 6–8: ₹6,000; कक्षा 9–10: ₹8,000; कक्षा 11–12: ₹10,000; ITI/डिप्लोमा/स्नातक/स्नातकोत्तर: ₹12,000 — अधिकतम 2 लड़कों और 3 लड़कियों तक, जन्म क्रम से निरपेक्ष
बेटी की शादी हेतु कन्यादान सहायता ₹51,000 अधिकतम 3 बेटियों तक
बेटे की शादी हेतु सहायता ₹11,000 अधिकतम 2 बेटों तक

कुल मिलाकर देखें तो: प्रमाणित श्रमिक को ₹5 लाख एकमुश्त + ₹4,000 महीना जीवन भर पेंशन मिलती है। उसके बाद परिवार को मृत्यु पर ₹1,00,000 + ₹15,000 अंतिम संस्कार + ₹3,500 महीना पारिवारिक पेंशन मिलती है। बच्चों की पढ़ाई और शादी की सहायता अलग से मिलती है। 28 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 51 लाभार्थियों को DBT से ₹2.55 करोड़ दिए थे — यानी प्रति लाभार्थी ₹5 लाख, जो इस राशि की पुष्टि करता है।

कौन पात्र है?

  • बीमारी की पुष्टि अनिवार्य: श्रमिक की बीमारी सिलिकोसिस/न्यूमोकोनियोसिस डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाणित होनी चाहिए। बिना बोर्ड के प्रमाण-पत्र के कोई लाभ नहीं मिलता।
  • कारखाना या निर्माण स्थल का श्रमिक: यह नीति सिर्फ कारखानों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों पर लागू होती है — जैसे स्टोन क्रशर, खदान, कोयला ताप विद्युत संयंत्र, निर्माणाधीन स्थल, सिरेमिक या सैंडब्लास्टिंग कार्य।
  • हरियाणा में 5 वर्ष का निरंतर कार्य (नई शर्त, 2026): नई नीति सिर्फ उन श्रमिकों पर लागू होती है जिन्होंने अधिसूचना की तारीख से पहले हरियाणा में लगातार कम से कम 5 वर्ष तक संबंधित कार्य में काम किया हो। 2017 की नीति में यह शर्त नहीं थी — यह 2026 की अधिसूचना की नई शर्त है। 5 वर्ष की गिनती कैसे होगी, यह अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य से पूछ लें।
  • पेंशन के लिए ILO श्रेणी: ₹4,000 महीने की पेंशन उन श्रमिकों को मिलती है जिनकी बीमारी ILO वर्गीकरण के अनुसार श्रेणी A, B या C में आती है। श्रेणी का निर्धारण डायग्नोसिस बोर्ड करता है।
  • पहचान पत्र: प्रमाणित श्रमिक को हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से पहचान पत्र जारी किया जाता है — सभी लाभों के लिए यही पहचान पत्र मुख्य दस्तावेज़ है।

कौन पात्र नहीं है?

  • जिस श्रमिक की बीमारी डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाणित नहीं हुई है — सिर्फ डॉक्टर की पर्ची या निजी अस्पताल की रिपोर्ट से लाभ नहीं मिलता।
  • जो श्रमिक कारखाने या निर्माण स्थल पर काम नहीं करता — जैसे दुकान, दफ्तर, घरेलू काम या खेती में काम करने वाला श्रमिक इस नीति के दायरे में नहीं आता।
  • जो श्रमिक हरियाणा में लगातार 5 वर्ष तक संबंधित कार्य में नहीं रहा है (2026 की शर्त के अनुसार)।
  • जिसकी बीमारी चारों सूचीबद्ध बीमारियों (सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बाइसिनोसिस, बैगासोसिस) में से कोई नहीं है।

इलाज और मुआवजा कैसे मिलता है?

पेंशन और सहायता के अलावा, नीति में इलाज और मुआवजे की भी व्यवस्था है:

  • इलाज: बीमारी की पुष्टि होते ही श्रमिक को तुरंत अस्पताल भेजा जाता है। जो श्रमिक कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अधिनियम, 1948 के तहत पंजीकृत है, उसका इलाज ESI अस्पताल में होता है। जो श्रमिक ESI में पंजीकृत नहीं है, उसे स्वास्थ्य विभाग के जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त जांच, इलाज और दवाइयाँ दी जाती हैं। अगर कोई दवाई, जांच या उपकरण स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध नहीं है, तो विभाग उसे बाजार से खरीद सकता है और राशि की प्रतिपूर्ति श्रम विभाग करता है।
  • मुआवजा: ESI में पंजीकृत श्रमिक को ESI अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत मुआवजा मिलता है; जो श्रमिक ESI में पंजीकृत नहीं है, उसे कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा मिलता है।
  • बीमारी के लक्षण: सांस फूलना, थकान, भूख न लगना, छाती में दर्द, सूखी खांसी, सांस लेने में अवरोध — और टीबी से संबंध भी देखा गया है। ये लक्षण दिखें तो श्रमिक को तुरंत जांच करवानी चाहिए, क्योंकि यह बीमारी लाइलाज और लगातार बढ़ने वाली है।

जरूरी दस्तावेज़

पेंशन (अनुलग्नक v) और अन्य लाभों के आवेदन के साथ नीचे दिए गए दस्तावेज़ लगते हैं। यह सूची नीति के आधिकारिक अनुलग्नकों (Annexure i–viii) के आधार पर बनाई गई है:

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
सिलिकोसिस/न्यूमोकोनियोसिस पहचान पत्र (श्रम कल्याण बोर्ड से जारी) प्रमाणित श्रमिक होने का मुख्य प्रमाण — हर लाभ के लिए अनिवार्य
आधार कार्ड और वोटर ID की प्रति पहचान और पते की पुष्टि के लिए
मेडिकल रिकॉर्ड — एक्स-रे, CT स्कैन, डॉक्टर की पर्ची, इलाज के कागज़ात बीमारी और उसकी श्रेणी (ILO A/B/C) की पुष्टि के लिए
बैंक पासबुक की प्रति (खाता संख्या, बैंक व शाखा का नाम, IFSC कोड सहित) पेंशन/सहायता सीधे खाते में (DBT) भेजी जाती है
पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन फॉर्म और पहचान पत्र के लिए
कार्य अनुभव का प्रमाण (नियोक्ता प्रमाण पत्र / कार्य का रिकॉर्ड) कारखाने/निर्माण स्थल पर काम और 5 वर्ष की शर्त की पुष्टि के लिए
निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड हरियाणा निवास की पुष्टि के लिए (ऑनलाइन पंजीकरण के लिए बताए गए दस्तावेज़)
मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु के बाद के लाभों के लिए) मृत्यु सहायता, अंतिम संस्कार सहायता और पारिवारिक पेंशन के लिए
परिवार से संबंध का प्रमाण (विधवा/विधुर या माता-पिता होने का प्रमाण) पारिवारिक पेंशन और मृत्यु सहायता के लिए
बच्चों की पढ़ाई के लिए: पिछली कक्षा का परिणाम + अगली कक्षा में दाखिले का प्रमाण शिक्षा सहायता के लिए
शादी की सहायता के लिए: सरपंच/वार्ड मेंबर द्वारा प्रमाणित शादी का निमंत्रण पत्र + बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र कन्यादान (₹51,000) और बेटे की शादी (₹11,000) की सहायता के लिए

ध्यान दें: जिला श्रम कार्यालय आपकी स्थिति के अनुसार कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ भी माँग सकता है। आवेदन जमा करने से पहले अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य से दस्तावेज़ों की सूची की पुष्टि कर लें।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

श्रम विभाग की वेबसाइट hrylabour.gov.in पर “सिलिकोसिस बोर्ड लाभार्थी लॉगिन” की सुविधा बताई जाती है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण के चरण इस प्रकार हैं:

  1. वेबसाइट खोलें: hrylabour.gov.in पर जाएँ।
  2. लाभार्थी लॉगिन चुनें: होम पेज पर “सिलिकोसिस बोर्ड लाभार्थी लॉगिन” पर क्लिक करें — एक नया पेज खुलेगा।
  3. जानकारी भरें: नाम, आधार संख्या, बीमारी की जानकारी, कार्य का विवरण और बैंक खाते का विवरण भरें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें: आधार कार्ड, फोटो, मेडिकल रिपोर्ट (एक्स-रे, CT स्कैन, डॉक्टर की पर्ची), कार्य अनुभव का प्रमाण, निवास प्रमाण, राशन कार्ड और बैंक खाते का विवरण अपलोड करें।
  5. सबमिट करें: फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको SMS/ईमेल से पंजीकरण संख्या भेजी जाएगी — इसे संभालकर रखें।

ईमानदार नोट: यह ऑनलाइन तरीका एक समाचार रिपोर्ट (Zee News Hindi) पर आधारित है — आधिकारिक अधिसूचना में आवेदन का तरीका ऑफलाइन प्रोफार्मा ही दिया गया है। साथ ही, 8 नवंबर 2026 को सीधी जांच में hrylabour.gov.in खुला ही नहीं (सर्वर टाइम-आउट) — इसलिए इस ऑनलाइन सुविधा की हमने खुद पुष्टि नहीं की है। अगर वेबसाइट न खुले, तो नीचे दिया गया ऑफलाइन तरीका अपनाएँ — वही आधिकारिक तरीका है।

ऑफलाइन आवेदन — निर्धारित प्रोफार्मा

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार आवेदन निर्धारित प्रोफार्मा (अनुलग्नक i से viii) में किया जाता है। हर लाभ के लिए अलग अनुलग्नक है — पेंशन के लिए अनुलग्नक v, पुनर्वास सहायता के लिए अनुलग्नक 2, अंतिम संस्कार सहायता के लिए अनुलग्नक 3, पारिवारिक पेंशन के लिए अनुलग्नक 4, शादी की सहायता के लिए अनुलग्नक 6 और शिक्षा सहायता के लिए अनुलग्नक 7। ऑफलाइन प्रक्रिया:

  1. फॉर्म प्राप्त करें: अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य, श्रम विभाग के कार्यालय से निर्धारित प्रोफार्मा लें। फॉर्म श्रम विभाग की वेबसाइट (hrylabour.gov.in) से डाउनलोड भी किए जा सकते हैं।
  2. फॉर्म भरें: पेंशन के फॉर्म (अनुलग्नक v) में नाम, आयु, लिंग, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर ID, ESI नंबर, पिता/पति का नाम, पते, सिलिकोसिस प्रमाणित होने की तारीख, बीमारी की स्थिति, इलाज शुरू होने की तारीख, अस्पताल का नाम और बैंक खाते का पूरा विवरण भरें।
  3. दस्तावेज़ संलग्न करें: पहचान पत्र की प्रति, आधार कार्ड व वोटर कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक और मेडिकल रिकॉर्ड लगाएँ।
  4. जमा करें: भरा हुआ फॉर्म अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य के पास जमा करें और पावती (receipt) ज़रूर लें।
  5. जाँच और भुगतान: सहायक निदेशक जांच-पड़ताल के बाद आवेदन श्रम आयुक्त-सह-कल्याण आयुक्त, हरियाणा के कार्यालय को भेजते हैं। स्वीकृति के बाद पेंशन/सहायता सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।

पहचान पत्र पाने के लिए पहले डायग्नोसिस बोर्ड से बीमारी प्रमाणित करवानी होती है — बिना प्रमाण-पत्र के पहचान पत्र नहीं बनता और बिना पहचान पत्र के कोई लाभ नहीं मिलता। इसलिए सबसे पहला कदम है: लक्षण दिखने पर जिला अस्पताल/ESI अस्पताल में जांच करवाकर डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाण-पत्र लेना।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

विषय स्थिति
आवेदन शुल्क नीति या फॉर्म में कोई शुल्क नहीं बताया गया है — आवेदन निःशुल्क माना जाता है। अगर कोई शुल्क माँगे तो जिला श्रम कार्यालय से पुष्टि करें।
अंतिम तिथि (last date) कोई अंतिम तिथि नहीं है — यह साल भर चलने वाली नीति है, कोई आवेदन-खिड़की घोषित नहीं की गई है।
समय-सीमा (RTS) नीति में कोई निश्चित समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — इसलिए कोई दिन-संख्या वादा नहीं की जा सकती।
स्टेटस चेक (ऑनलाइन) श्रम विभाग की वेबसाइट या “श्रमिक साथी” मोबाइल ऐप से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है (ऐप सितंबर 2025 में लॉन्च हुआ था — पंजीकरण, आवेदन ट्रैकिंग, योजना जानकारी और शिकायत निवारण के लिए)।
स्टेटस चेक (ऑफलाइन) अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य या जिला श्रम कार्यालय से अपनी पावती संख्या बताकर जानकारी लें।
भुगतान स्वीकृति के बाद राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है। बैंक खाता आधार से जुड़ा होना ज़रूरी है — आवेदन से पहले बैंक में जाकर लिंकिंग जाँच लें।

अंतर समझें — सिलिकोसिस पेंशन vs दूसरी पेंशन योजनाएँ

हरियाणा में कई तरह की पेंशन मिलती है — लोग अक्सर इन्हें आपस में मिला देते हैं। नीचे दी गई तालिका से साफ हो जाएगा कि सिलिकोसिस पेंशन किससे अलग है:

बात सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन (यह गाइड) BOCW पेंशन वृद्धावस्था सम्मान भत्ता कैंसर मरीज पेंशन
किसको डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाणित फेफड़ों की बीमारी वाले कारखाना/निर्माण श्रमिक को पंजीकृत निर्माण श्रमिक को 60 वर्ष की उम्र के बाद 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग को स्टेज 3-4 के कैंसर मरीज को
राशि ₹4,000/माह + ₹5 लाख एकमुश्त ₹3,250/माह ₹3,200/माह ₹3,200/माह (हमारी गाइड के अनुसार)
विभाग श्रम विभाग — हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड श्रम विभाग — HBOCWWB सामाजिक न्याय विभाग (SEWA) सामाजिक न्याय विभाग (SEWA)
मुख्य शर्त बीमारी का प्रमाण-पत्र + ILO श्रेणी A/B/C + 5 वर्ष कार्य 3 वर्ष की सदस्यता + 60 वर्ष उम्र 60+ उम्र + आय ≤ ₹3 लाख/वर्ष स्टेज 3-4 कैंसर + आय ≤ ₹3 लाख/वर्ष
विस्तृत गाइड यह लेख हरियाणा BOCW पेंशन 2026 वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026 कैंसर मरीज पेंशन 2026

दो और भ्रम दूर कर लें: (1) इस नीति की बेटी की शादी की सहायता ₹51,000 है — यह BOCW कन्यादान योजना (बेटी पर ₹51,000 + ₹50,000 = कुल ₹1,01,000) से अलग है; दोनों अलग-अलग बोर्ड और अलग-अलग कोष से मिलती हैं, इन्हें एक साथ नहीं जोड़ा जा सकता। (2) राजस्थान की सिलिकोसिस योजना भी अलग है — वहाँ पुनर्वास राशि ₹3 लाख, मासिक सहायता ₹1,500 और मृत्यु पर ₹2 लाख मिलते हैं; पश्चिम बंगाल में भी ₹4,000 पेंशन + ₹1 लाख की व्यवस्था है, पर वह दूसरे राज्य की है। यह गाइड सिर्फ हरियाणा की नीति की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. हरियाणा में सिलिकोसिस पीड़ित श्रमिक को कितनी पेंशन मिलती है?

₹4,000 प्रति माह, जब तक श्रमिक जीवित है। यह पेंशन उन श्रमिकों को मिलती है जिनकी बीमारी ILO वर्गीकरण के अनुसार श्रेणी A, B या C में आती है और जिनकी बीमारी डायग्नोसिस बोर्ड से प्रमाणित है। इसके अलावा ₹5 लाख की एकमुश्त पुनर्वास सहायता भी मिलती है।

2. क्या यह पेंशन सिर्फ सिलिकोसिस पर मिलती है?

नहीं — 21 अप्रैल 2026 की नई नीति में चार बीमारियाँ शामिल हैं: सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बाइसिनोसिस और बैगासोसिस। पहले (2017 की नीति में) सिर्फ सिलिकोसिस पर लाभ मिलता था। सभी चारों बीमारियों के लिए राशि और प्रक्रिया एक ही है।

3. पेंशन के लिए सबसे पहला कदम क्या है?

सबसे पहले डायग्नोसिस बोर्ड से बीमारी प्रमाणित करवानी होती है। इसके लिए जिला अस्पताल या ESI अस्पताल में जांच करवाएँ। प्रमाण-पत्र मिलने के बाद हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से पहचान पत्र बनता है — और पहचान पत्र के बाद ही पेंशन या अन्य लाभ का आवेदन हो सकता है।

4. क्या 5 वर्ष काम करने की शर्त सब पर लागू होती है?

यह शर्त 21 अप्रैल 2026 की नई अधिसूचना में आई है — नई नीति सिर्फ उन श्रमिकों पर लागू होती है जिन्होंने हरियाणा में लगातार कम से कम 5 वर्ष तक संबंधित कार्य में काम किया हो। 2017 की नीति में यह शर्त नहीं थी। 5 वर्ष की गिनती कैसे होगी, यह अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य से पूछ लें।

5. श्रमिक की मृत्यु के बाद परिवार को क्या मिलता है?

मृत्यु पर ₹1,00,000 की मृत्यु सहायता + ₹15,000 अंतिम संस्कार सहायता मिलती है, और उसके बाद ₹3,500 प्रति माह पारिवारिक पेंशन विधवा/विधुर या (शादीशुदा न होने पर) जीवित माता-पिता को मिलती है। अगर ₹5 लाख की पुनर्वास सहायता मिलने से पहले ही श्रमिक की मृत्यु हो जाए, तो वह राशि भी विधवा/विधुर या माता-पिता में से एक को मिलती है।

6. बच्चों की पढ़ाई और शादी के लिए क्या सहायता है?

बच्चों की शिक्षा के लिए ₹5,000 से ₹12,000 प्रति वर्ष (कक्षा के अनुसार) — अधिकतम 2 लड़कों और 3 लड़कियों तक। बेटी की शादी पर ₹51,000 (अधिकतम 3 बेटियों तक) और बेटे की शादी पर ₹11,000 (अधिकतम 2 बेटों तक) मिलते हैं। शादी की सहायता के लिए सरपंच/वार्ड मेंबर द्वारा प्रमाणित निमंत्रण पत्र लगता है।

7. आवेदन कहाँ और कैसे करें?

ऑफलाइन — निर्धारित प्रोफार्मा (पेंशन के लिए अनुलग्नक v) भरकर अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य, श्रम विभाग के पास जमा करें। ऑनलाइन — hrylabour.gov.in पर “सिलिकोसिस बोर्ड लाभार्थी लॉगिन” से पंजीकरण की सुविधा बताई जाती है, लेकिन 8 नवंबर 2026 को सीधी जांच में वेबसाइट खुली नहीं — इसलिए ऑफलाइन तरीका ही भरोसेमंद है।

8. क्या आवेदन की कोई अंतिम तिथि है?

नहीं — इस नीति की कोई अंतिम तिथि या आवेदन-खिड़की घोषित नहीं है; यह साल भर चलने वाली नीति है। बीमारी प्रमाणित होते ही आवेदन किया जा सकता है।

9. क्या यह पेंशन BOCW पेंशन या बुढ़ापा पेंशन के साथ भी मिल सकती है?

ये तीनों अलग-अलग योजनाएँ हैं — सिलिकोसिस पेंशन बीमारी पर आधारित है, BOCW पेंशन (₹3,250/माह) 60 वर्ष की उम्र के बाद पंजीकृत निर्माण श्रमिक को मिलती है, और वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (₹3,200/माह) 60+ उम्र के बुजुर्गों को मिलता है। एक ही व्यक्ति एक से अधिक पेंशन ले सकता है या नहीं, यह संबंधित विभागों के नियमों पर निर्भर करता है — आवेदन से पहले जिला श्रम कार्यालय और समाज कल्याण कार्यालय से पूछ लें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
श्रम विभाग, हरियाणा (ऑनलाइन पंजीकरण — सिलिकोसिस बोर्ड लाभार्थी लॉगिन) hrylabour.gov.in (8 नवंबर 2026 को सीधी जांच में साइट नहीं खुली — सर्वर टाइम-आउट; ऑफलाइन तरीका अपनाएँ)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ myscheme.gov.in/search/state/Haryana (योजना सूची; इस योजना का अलग विवरण पेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हुआ)
ऑफलाइन आवेदन अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य, श्रम विभाग — निर्धारित प्रोफार्मा (अनुलग्नक i–viii; पेंशन के लिए अनुलग्नक v)
जिला श्रम कार्यालय अपने जिले का श्रम कार्यालय — फॉर्म, दस्तावेज़ और वर्तमान स्थिति की पुष्टि के लिए
श्रमिक साथी मोबाइल ऐप श्रम विभाग का ऐप (सितंबर 2025 में लॉन्च) — पंजीकरण, आवेदन ट्रैकिंग, योजना जानकारी और शिकायत निवारण के लिए
CSC केंद्र नज़दीकी Common Service Centre — ऑनलाइन आवेदन में मदद के लिए

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अस्वीकरण (Disclaimer)

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है — हरियाणा श्रम विभाग की अधिसूचना (4 जनवरी 2017, संख्या 6/75/2016-1 लैब; विकासपीडिया पर प्रकाशित आधिकारिक पाठ), हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति की अधिसूचना (21 अप्रैल 2026; द ट्रिब्यून 22 अप्रैल 2026), मुख्यमंत्री कार्यक्रम की PTI रिपोर्ट (28 सितंबर 2025) और myScheme पोर्टल की हरियाणा सूची। राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में सरकार के निर्णय से बदलाव हो सकता है — आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य या जिला श्रम कार्यालय से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। इस गाइड में जहाँ-जहाँ स्रोतों में अंतर या अपुष्ट जानकारी है, वहाँ उसे साफ-साफ बता दिया गया है। Viksit Haryana किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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