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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2026: ₹50,000 सहायता, पात्रता व दावा प्रक्रिया

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2026: ₹50,000 सहायता, पात्रता व दावा प्रक्रिया
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 3:59 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

कैलाश पर्वत — भगवान शिव का निवास — और मानसरोवर झील के दर्शन हिंदू धर्म की सबसे कठिन और सबसे पवित्र यात्राओं में गिने जाते हैं। हरियाणा सरकार इस यात्रा को पूरा करने वाले अपने राज्य के श्रद्धालुओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देती है। अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस सहायता का वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु कर दिया है। इस गाइड में कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2016 की पूरी जानकारी है — कितनी सहायता मिलती है, कौन पात्र है, यात्रा के बाद दावा कैसे करें, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए और किन बातों में अभी भी पुष्टि बाकी है।

पहले एक ज़रूरी बात समझ लें: यह योजना मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना जैसी मुफ्त यात्रा नहीं है, और न ही इसमें सरकार पहले से यात्रा कराती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) के माध्यम से होती है — श्रद्धालु पहले MEA की यात्रा पूरी करते हैं, और यात्रा के बाद हरियाणा सरकार से आर्थिक सहायता का दावा करते हैं। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर करना होता है। जो इस बात को नहीं समझता, वह सहायता से चूक सकता है।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2016 (अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2620, दिनांक 12.07.2016)
विभाग पर्यटन विभाग, हरियाणा सरकार (Haryana Tourism Department)
यात्रा कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील, तिब्बत — विदेश मंत्रालय, भारत सरकार (MEA) के माध्यम से
आर्थिक सहायता ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो (2016 का नियम); अक्टूबर 2026 की घोषणा में “₹50,000 प्रति श्रद्धालु”
वार्षिक कोटा 100 श्रद्धालु प्रति वर्ष (अक्टूबर 2026 से; पहले 50)
पात्रता हरियाणा का स्थायी निवासी; MEA के माध्यम से यात्रा पूरी की हो; MEA का यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र
सहायता की प्रकृति यात्रा के बाद दावा (reimbursement) — पहले यात्रा, फिर सहायता
दावा करने की समय-सीमा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर
दावा कहाँ करें पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) को, निर्धारित प्रारूप Annexure A में
आवेदन शुल्क योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है (MEA यात्रा का अपना शुल्क अलग है — नीचे देखें)
ऑनलाइन पोर्टल अक्टूबर 2026 में ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश; 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई
संपर्क पर्यटन विभाग, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955

कैलाश मानसरोवर यात्रा क्या है?

कैलाश पर्वत (लगभग 6,638 मीटर) तिब्बत में स्थित है और हिंदू धर्म में भगवान शिव का निवास माना जाता है। बौद्ध, जैन और बोन धर्म में भी यह पर्वत पवित्र है। पास ही मानसरोवर झील (लगभग 4,590 मीटर की ऊँचाई पर) है, जिसमें स्नान को पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु कैलाश पर्वत की 52 किलोमीटर लंबी परिक्रमा (कोरा) भी करते हैं।

यह यात्रा 2020 से 2024 तक बंद रही थी — पहले COVID-19 महामारी और फिर गलवान घाटी के बाद भारत-चीन सीमा तनाव के कारण। जून 2025 में विदेश मंत्रालय ने इसे फिर से शुरू किया, और 2026 इसका दूसरा सीज़न था।

तथ्य विवरण
पर्वत कैलाश पर्वत, लगभग 6,638 मीटर, तिब्बत (चीन)
झील मानसरोवर झील, लगभग 4,590 मीटर की ऊँचाई पर
परिक्रमा (कोरा) कैलाश पर्वत के चारों ओर लगभग 52 किलोमीटर
मार्ग लिपुलेख पास (उत्तराखंड) और नाथू ला (सिक्किम) — दोनों विदेश मंत्रालय के माध्यम से
आयोजक विदेश मंत्रालय, भारत सरकार (MEA) — आवेदन पोर्टल kmy.gov.in
समय हर साल जून से अगस्त के बीच
2026 का सीज़न 20 बैच, 1,000 स्थान; 941 श्रद्धालुओं ने यात्रा पूरी की

कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

हरियाणा सरकार की 2016 की अधिसूचना के अनुसार आर्थिक सहायता ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो, दी जाती है। अक्टूबर 2026 में पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने 22 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक (अध्यक्षता: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी) में कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सहायता ₹50,000 प्रति श्रद्धालु है और राशि यथावत रहेगी — उसी बैठक में वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु कर दिया गया।

ध्यान दें: 2016 के योजना-पाठ में सहायता “₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो” थी। अक्टूबर 2026 की घोषणा में सिर्फ “₹50,000 प्रति श्रद्धालु” कहा गया है — 50% की पुरानी शर्त अब भी लागू है या नहीं, इसकी पुष्टि घोषणा में नहीं हुई है। व्यवहार में 2026 की MEA यात्रा की लागत (लिपुलेख लगभग ₹2.09 लाख, नाथू ला लगभग ₹3.31 लाख) इतनी ज़्यादा है कि 50% की गणना भी ₹50,000 से ऊपर जाती है — इसलिए ज़्यादातर मामलों में ₹50,000 ही मिलता है। फिर भी, दावा करने से पहले पर्यटन विभाग से 50% की शर्त की पुष्टि ज़रूर करें।

सहायता राशि का इतिहास — ₹50,000 और 50% की शर्त

इस योजना की राशि और कोटा समय के साथ इस प्रकार बदले हैं:

समय सहायता वार्षिक कोटा स्रोत
1 अप्रैल 2016 ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50% (जो कम हो) 50 श्रद्धालु योजना लागू — “Kailash Mansarovar Yatra Scheme, 2016”
12 जुलाई 2016 वही नियम 50 श्रद्धालु अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2620 जारी
2020–2024 — — MEA यात्रा स्थगित (COVID-19 + सीमा तनाव) — इस दौरान कोई यात्रा नहीं, इसलिए कोई दावा नहीं
जून 2025 ₹50,000 या 50% (जो कम हो) 50 श्रद्धालु MEA यात्रा पाँच साल बाद फिर शुरू (पहले बैच जून–जुलाई 2025)
अक्टूबर 2026 ₹50,000 प्रति श्रद्धालु (राशि यथावत) 100 श्रद्धालु पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान; CM ने कोटा दोगुना किया (22 अक्टूबर 2026)

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

योजना की अधिसूचना के अनुसार आर्थिक सहायता के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए:

  • हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है — पासपोर्ट पर हरियाणा का पता होना चाहिए। दूसरे राज्य के निवासी इस योजना से सहायता नहीं पा सकते।
  • यात्रा विदेश मंत्रालय (MEA), भारत सरकार के माध्यम से पूरी की हो — नेपाल के रास्ते किसी निजी ऑपरेटर से की गई यात्रा इस योजना में नहीं आती।
  • MEA से यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) देना होगा — यह प्रमाण पत्र विदेश मंत्रालय से ही मिलता है। बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा।
  • आर्थिक सहायता एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है — जिसने एक बार यह सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता।
  • MEA यात्रा की अपनी पात्रता भी पूरी होनी चाहिए — MEA के नियमों के अनुसार आवेदक भारतीय नागरिक हो, आयु 18–70 वर्ष के बीच हो और चिकित्सकीय रूप से फिट हो (MEA यात्रा से पहले मेडिकल जाँच करता है)।

आय सीमा: हरियाणा की योजना के पाठ में कोई आय सीमा दर्ज नहीं है — न न्यूनतम आय, न अधिकतम आय। यह बात साफ तौर पर इसलिए लिखी जा रही है क्योंकि कुछ राज्यों की इसी तरह की योजनाओं में आय से जुड़ी शर्तें हो सकती हैं — वे शर्तें हरियाणा की योजना पर लागू नहीं होतीं।

कौन पात्र नहीं है?

  • जो हरियाणा का स्थायी निवासी नहीं है — दूसरे राज्य के निवासी हरियाणा सरकार की इस योजना से दावा नहीं कर सकते।
  • जिसने यात्रा MEA के माध्यम से नहीं, बल्कि नेपाल के रास्ते किसी निजी ऑपरेटर से की हो — योजना में MEA के माध्यम से यात्रा अनिवार्य है।
  • जिसके पास MEA का यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं है — बिना प्रमाण पत्र के दावा स्वीकार नहीं होगा।
  • जिसने पहले ही इस योजना की आर्थिक सहायता एक बार ले ली हो — जीवन में एक बार का नियम लागू होता है।
  • जिसने यात्रा ही नहीं की हो — बिना यात्रा किए सहायता का दावा नहीं किया जा सकता; यह योजना यात्रा से पहले की अग्रिम सहायता नहीं है।
  • जिसने यात्रा के 2 महीने बाद दावा किया हो — दावा करने की समय-सीमा बीत जाने पर दावा स्वीकार नहीं होगा।

MEA यात्रा कैसे होती है? — लिपुलेख और नाथू ला

कैलाश मानसरोवर यात्रा विदेश मंत्रालय (MEA) हर साल जून से अगस्त के बीच दो मार्गों से कराता है। दोनों मार्गों का विवरण इस प्रकार है:

मार्ग अवधि अनुमानित लागत (2026) पैदल यात्रा खासियत
लिपुलेख पास (उत्तराखंड) लगभग 22 दिन (दिल्ली के 4 दिन सहित 23–25 दिन) लगभग ₹2.09 लाख लगभग 200 किमी पारंपरिक मार्ग; सड़क सुविधा बेहतर; लिपुलेख दर्रा 17,060 फीट पर
नाथू ला (सिक्किम) लगभग 21 दिन लगभग ₹3.31 लाख लगभग 35–40 किमी कम पैदल चलना, पर ऊँचाई की चुनौती; 2015 में शुरू हुआ मार्ग

MEA यात्रा की प्रक्रिया इस प्रकार है: हर साल वसंत में kmy.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन खुलता है → कंप्यूटर से लॉटरी (ड्रॉ) द्वारा चयन → दिल्ली में पासपोर्ट, वीज़ा, मेडिकल जाँच और ब्रीफिंग (लगभग 4 दिन) → बैच के साथ यात्रा। MEA खुद कोई सब्सिडी या आर्थिक सहायता नहीं देता — ₹50,000 की सहायता हरियाणा सरकार की अपनी योजना से यात्रा के बाद मिलती है। MEA आवेदन शुल्क ₹5,000 (वापसी योग्य नहीं) बताया जाता है — यह आँकड़ा एग्रीगेटर स्रोतों से है, MEA पोर्टल से सीधे सत्यापित नहीं हो सका है, इसलिए आवेदन करते समय पोर्टल पर ही शुल्क जाँच लें।

2026 की यात्रा — क्या हुआ?

2026 में MEA यात्रा जून से अगस्त के बीच चली। आवेदन 30 अप्रैल से 19 मई 2026 तक kmy.gov.in पर खुले थे; 21 मई 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कंप्यूटर ड्रॉ निकाला; 20 बैचों (प्रत्येक में 50 श्रद्धालु) में कुल 1,000 स्थान दिए गए — 10 बैच लिपुलेख और 10 बैच नाथू ला मार्ग से। पहला बैच 20 जून 2026 को नाथू ला से तिब्बत में दाखिल हुआ। सीज़न 23–24 अगस्त 2026 को समाप्त हुआ — कुल 941 श्रद्धालुओं ने यात्रा पूरी की (477 लिपुलेख से, 464 नाथू ला से)।

वर्ष आयोजन स्थिति (8 नवंबर 2026 तक)
2025 MEA यात्रा पाँच साल बाद फिर शुरू (पहले बैच जून–जुलाई 2025) हो चुका
2026 20 बैच, 1,000 स्थान; 941 ने यात्रा पूरी की; सीज़न 23–24 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुका — दावा करने की 2 महीने की समय-सीमा ज़्यादातर यात्रियों के लिए बीत चुकी
2027 जून–अगस्त 2027 (तारीख घोषित नहीं) तारीखों की घोषणा का इंतज़ार करें — गाइड में कोई अनुमानित तारीख नहीं दी जा रही; आवेदन वसंत 2027 में खुलने की उम्मीद है

2026 में यात्रा पर गए श्रद्धालु ध्यान दें: अगर आप 2026 में MEA यात्रा करके लौटे हैं और अभी तक हरियाणा सरकार से दावा नहीं किया है, तो 2 महीने की समय-सीमा बीत चुकी हो सकती है — अंतिम बैच 23–24 अगस्त 2026 को लौटा था, इसलिए उसकी दावा-खिड़की अक्टूबर 2026 के अंत तक थी। देर से दावा स्वीकार होगा या नहीं — यह सिर्फ पर्यटन विभाग ही बता सकता है; इस बारे में गाइड में कोई अनुमान नहीं दिया जा रहा है।

दावा प्रक्रिया — चरण-दर-चरण

इस योजना में सबसे ज़रूरी बात यह है कि सहायता यात्रा से पहले नहीं, यात्रा के बाद मिलती है। पहले MEA यात्रा पूरी करें, उसके बाद दावा करें। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर पर्यटन विभाग के निदेशक को निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में करना होता है।

SARAL पोर्टल को लेकर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर “अंत्योदय-SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करें” लिखा है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है। उल्टा, अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने इन तीनों तीर्थ योजनाओं (गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर, सिंधु दर्शन) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं — जिसका मतलब है कि अभी तक ऐसा कोई पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। इसलिए इस गाइड में SARAL से आवेदन की प्रक्रिया नहीं दी जा रही है — सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है। पोर्टल शुरू होते ही गाइड अपडेट की जाएगी।

यात्रा के बाद दावा करने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. MEA यात्रा पूरी करें: kmy.gov.in पर आवेदन करें, ड्रॉ में चयन के बाद दिल्ली में मेडिकल जाँच और ब्रीफिंग पूरी करें, फिर अपने बैच के साथ यात्रा करें। यात्रा के सभी खर्चों के बिल और रसीदें संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
  2. पूर्णता प्रमाण पत्र लें: यात्रा पूरी होने का प्रमाण पत्र विदेश मंत्रालय (MEA) से लें। यह दस्तावेज़ दावे के लिए अनिवार्य है।
  3. Annexure A भरें: निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में आवेदन भरें — आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, पूरा वर्तमान पता, टेलीफोन/मोबाइल नंबर, यात्रा की तारीख (से–तक) और यात्रा पर हुआ खर्च (प्रमाण सहित)।
  4. दस्तावेज़ जोड़ें: नीचे दी गई सूची के सभी दस्तावेज़ संलग्न करें, साथ में यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे।
  5. निदेशक को जमा करें: यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर आवेदन Director, Tourism Department, Haryana को जमा करें — कार्यालय: हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017।
  6. मंज़ूरी और भुगतान: निदेशक दस्तावेज़ों की जाँच करके 15 दिन के भीतर मामला Administrative Secretary, Tourism Department, Haryana को भेजते हैं; मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है।

ज़रूरी दस्तावेज़

दावे के साथ ये दस्तावेज़ लगाने होते हैं (अधिसूचना के Annexure A के अनुसार):

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
हरियाणा स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) की सत्यापित प्रति हरियाणा का स्थायी निवासी होने का प्रमाण
MEA से यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति विदेश मंत्रालय के माध्यम से यात्रा पूरी होने का प्रमाण — अनिवार्य; बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा
वीज़ा और पासपोर्ट की सत्यापित प्रति यात्रा और पहचान का प्रमाण (पासपोर्ट पर हरियाणा का पता होना चाहिए)
यात्रा पर हुए खर्च का प्रमाण वास्तविक खर्च के बिल/रसीदें — 50% की शर्त लागू होने पर ज़रूरी
घोषणा पत्र यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे
पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन पत्र (Annexure A) पर लगाने के लिए
बैंक विवरण भुगतान के लिए खाता विवरण — 2016 के प्रारूप में भुगतान Demand Draft से होता था; वर्तमान भुगतान माध्यम सत्यापित नहीं है, विभाग से पूछें

नोट: पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम होता है — दावा करते समय विभाग जो अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगे, वह भी देना होगा।

दावा मंज़ूरी की प्रक्रिया

दावा जमा होने के बाद मंज़ूरी की प्रक्रिया इस प्रकार चलती है:

चरण क्या होता है समय
1. जाँच पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करते हैं आवेदन मिलने पर
2. अग्रेषण निदेशक मामला Administrative Secretary, Government of Haryana, Tourism Department को भेजते हैं 15 दिन के भीतर
3. मंज़ूरी Administrative Secretary की मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है मंज़ूरी के बाद
4. भुगतान 2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी मंज़ूरी के बाद

भुगतान के माध्यम को लेकर सावधानी: 2016 के योजना-पाठ में भुगतान Demand Draft से होने की बात है, लेकिन वर्तमान में भुगतान DBT (बैंक खाते में सीधे) से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है। दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें। इस योजना की कोई RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है, इसलिए मंज़ूरी में कितना समय लगेगा, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा गाइड में नहीं दिया जा रहा है।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

विषय स्थिति
आवेदन शुल्क (हरियाणा योजना) योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है — दावा निःशुल्क है
MEA यात्रा शुल्क MEA यात्रा का अपना शुल्क अलग है (आवेदन शुल्क ₹5,000 बताया जाता है — एग्रीगेटर स्रोत; पोर्टल पर जाँच लें); यात्रा लागत लिपुलेख लगभग ₹2.09 लाख, नाथू ला लगभग ₹3.31 लाख (2026)
दावा करने की समय-सीमा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर — यही इस योजना की असली “अंतिम तिथि” है
मंज़ूरी की प्रक्रिया निदेशक → 15 दिन में Administrative Secretary को → मंज़ूरी → भुगतान
भुगतान 2016 के पाठ में Demand Draft; वर्तमान माध्यम सत्यापित नहीं — विभाग से पूछें
स्टेटस चेक (ऑनलाइन) कोई ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं है — विभाग से ही संपर्क करें
स्टेटस चेक (ऑफलाइन) पर्यटन विभाग, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — फोन 0172-2702955
अंतिम तिथि (last date) कोई स्थायी अंतिम तिथि नहीं है — हर यात्रा के बाद 2 महीने की दावा-खिड़की होती है; 2026 की यात्रा जून–अगस्त में हो चुकी है, 2027 की तारीखें घोषित नहीं हुई हैं
लाभ की आवृत्ति एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार

ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल — नया निर्देश

22 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को तीनों तीर्थ योजनाओं — स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा — के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। घोषणा के अनुसार आर्थिक सहायता सिर्फ पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही मिलेगी, ताकि आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी हो और योग्य श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिले।

लेकिन 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल का नाम, लिंक या शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है — इसलिए इस गाइड में कोई पोर्टल लिंक नहीं दिया जा रहा है। पोर्टल शुरू होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। तब तक दावा ऑफलाइन ही करना होगा — पोर्टल के नाम पर किसी अनौपचारिक लिंक या व्यक्ति को पैसे न दें।

यात्रा की तैयारी — कैलाश जाने से पहले

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

  • ऊँचाई का ध्यान रखें: मानसरोवर झील लगभग 4,590 मीटर और कैलाश क्षेत्र 5,600 मीटर से भी ऊँचा है। ऊँचाई की बीमारी (AMS) से बचने के लिए MEA यात्रा से पहले मेडिकल जाँच करता है — डॉक्टर की सलाह मानें और फिटनेस पर ध्यान दें।
  • मेडिकल जाँच अनिवार्य है: MEA यात्रा में चयन के बाद दिल्ली में मेडिकल जाँच होती है; फिट न पाए जाने पर यात्रा नहीं हो सकती।
  • पासपोर्ट पहले से तैयार रखें: पासपोर्ट पर हरियाणा का पता होना चाहिए और उसकी वैधता पर्याप्त होनी चाहिए — वीज़ा MEA के माध्यम से लगता है।
  • गर्म कपड़े और दवाइयाँ साथ रखें: जून–अगस्त में भी कैलाश क्षेत्र ठंडा होता है — गर्म कपड़े, सनस्क्रीन और अपनी नियमित दवाइयाँ ज़रूर रखें।
  • सभी बिल और रसीदें संभालें: यात्रा के टिकट, होटल और परिवहन के सभी बिल संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
  • पूर्णता प्रमाण पत्र यात्रा के दौरान ही लें: MEA से यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र यात्रा के अंत में मिलता है — इसे संभालकर रखें, क्योंकि दावे के लिए यह अनिवार्य है।
  • दावे की समय-सीमा याद रखें: लौटने के बाद 2 महीने के भीतर दावा करना है — देर न करें।

अंतर समझें — कैलाश vs सिंधु vs गुरु दर्शन

हरियाणा सरकार की तीनों तीर्थ सहायता योजनाएँ एक जैसी लगती हैं — लेकिन राशि और यात्रा अलग-अलग हैं। अक्टूबर 2026 की घोषणा के बाद तीनों का कोटा 100-100 श्रद्धालु हो गया है:

योजना सहायता वार्षिक कोटा यात्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2016 ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50% (जो कम हो) 100 कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील, तिब्बत — MEA के माध्यम से (जून–अगस्त)
सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 ₹20,000 प्रति श्रद्धालु 100 सिंधु नदी, लेह-लद्दाख (जून, गुरु पूर्णिमा)
स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 ₹20,000 प्रति श्रद्धालु 100 गुरु दर्शन तीर्थ यात्रा (अलग गाइड आएगी)
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना मुफ्त यात्रा (3rd AC ट्रेन, खाना, ठहरना) बैच अनुसार 60+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए; SARAL से आवेदन (पूरी गाइड वेबसाइट पर है)

तीनों सहायता योजनाओं में एक समान बात यह है कि सहायता यात्रा के बाद दावा करके मिलती है, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में सरकार खुद यात्रा कराती है। कैलाश योजना में एक और खास बात है — यात्रा सिर्फ MEA के माध्यम से ही मान्य है, जबकि सिंधु और गुरु दर्शन में राज्य/केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था के माध्यम से यात्रा मान्य है।

अन्य राज्यों की कैलाश सहायता

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कई राज्य अपने निवासियों को सहायता देते हैं। यह तालिका सिर्फ जानकारी के लिए है — हरियाणा के निवासी सिर्फ हरियाणा सरकार की योजना से ही दावा कर सकते हैं, दूसरे राज्य की योजना से नहीं:

राज्य सहायता खास बात
उत्तर प्रदेश ₹1,00,000 ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया गया
राजस्थान ₹1,00,000 UP के बराबर सहायता
मध्य प्रदेश ₹50,000 हरियाणा के बराबर
तमिलनाडु ₹50,000 हरियाणा के बराबर
गुजरात ₹20,000 1998 से सहायता दे रहा है
छत्तीसगढ़ / दिल्ली / कर्नाटक सहायता दी जाती है विवरण राज्य अनुसार अलग-अलग

ऊपर की राशियाँ एग्रीगेटर स्रोतों से ली गई हैं — हर राज्य की योजना के अपने नियम हैं। हरियाणा के निवासी के लिए सिर्फ हरियाणा की ₹50,000 वाली योजना लागू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

2016 की अधिसूचना के अनुसार ₹50,000 या वास्तविक खर्च का 50%, जो कम हो। अक्टूबर 2026 में पर्यटन विभाग ने कहा कि सहायता ₹50,000 प्रति श्रद्धालु यथावत है और वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 कर दिया गया है। 50% की शर्त आज भी लागू है या नहीं — इसकी पुष्टि घोषणा में नहीं हुई है, इसलिए दावा करने से पहले विभाग से पूछ लें।

2. क्या यात्रा से पहले आवेदन करना होता है?

हरियाणा की सहायता के लिए नहीं — पहले MEA यात्रा पूरी करनी होती है, फिर यात्रा के 2 महीने के भीतर दावा करना होता है। लेकिन MEA यात्रा के लिए आवेदन अलग से करना होता है — हर साल वसंत में kmy.gov.in पर आवेदन खुलता है और चयन कंप्यूटर ड्रॉ से होता है। जो पहले आवेदन करने की बात कहे, वह इस योजना को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से मिला रहा है।

3. कौन आवेदन कर सकता है?

हरियाणा का स्थायी निवासी (पासपोर्ट पर हरियाणा का पता), जिसने विदेश मंत्रालय (MEA) के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी की हो और जिसके पास MEA का यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र हो। सहायता एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है। MEA यात्रा के लिए भारतीय नागरिक होना, आयु 18–70 वर्ष और चिकित्सकीय फिटनेस भी ज़रूरी है।

4. क्या नेपाल के रास्ते निजी यात्रा पर सहायता मिलेगी?

नहीं। योजना में यात्रा विदेश मंत्रालय (MEA) के माध्यम से पूरी करना अनिवार्य है — नेपाल के रास्ते किसी निजी ऑपरेटर से की गई यात्रा पर हरियाणा की यह सहायता नहीं मिलती, चाहे यात्रा पूरी भी हो गई हो।

5. क्या SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?

सत्यापित नहीं। कुछ वेबसाइटों पर SARAL से ऑनलाइन आवेदन की बात लिखी है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है — और अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं, जिसका मतलब है कि पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है। सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है।

6. 2026 की यात्रा के लिए दावा अब भी किया जा सकता है?

2026 की यात्रा जून–अगस्त 2026 में हुई थी; अंतिम बैच 23–24 अगस्त 2026 को लौटा था, इसलिए दावा करने की 2 महीने की समय-सीमा अक्टूबर 2026 के अंत तक थी। देर से दावा स्वीकार होगा या नहीं — यह सिर्फ पर्यटन विभाग ही बता सकता है; इस बारे में गाइड में कोई अनुमान नहीं दिया जा रहा है।

7. सहायता कितनी बार मिल सकती है?

एक श्रद्धालु को जीवन में सिर्फ एक बार। जिसने एक बार यह आर्थिक सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता — दावा करते समय इस आशय की घोषणा भी देनी होती है।

8. भुगतान कैसे मिलता है?

2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी। वर्तमान में भुगतान DBT से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है; दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें।

9. अगली कैलाश मानसरोवर यात्रा कब है?

यात्रा हर साल जून से अगस्त के बीच होती है। 2027 की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं — तारीखें घोषित होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। MEA का आवेदन हर साल वसंत में kmy.gov.in पर खुलता है (2026 में 30 अप्रैल से 19 मई तक खुला था), इसलिए वसंत 2027 में पोर्टल पर नज़र रखें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
MEA यात्रा — आवेदन पोर्टल kmy.gov.in (विदेश मंत्रालय का आधिकारिक पोर्टल; आवेदन हर साल वसंत में खुलता है; 8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में साइट नहीं खुली — नोट सहित दिया गया है)
योजना अधिसूचना (प्रति, PDF) statusin.in/uploads/21420-e_kailash.pdf (अधिसूचना संख्या TM/AP.I/2016/2620, दिनांक 12.07.2016 की प्रति — सीधी जाँच में खुली)
हरियाणा पर्यटन विभाग (योजना पेज) haryanatourism.gov.in/News/kailash-mansarovar-yatra-scheme-2016 (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में साइट नहीं खुली — DNS/टाइमआउट; लिंक नोट सहित दिया गया है)
पर्यटन विभाग (कार्यालय) हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017
फोन 0172-2702955 / 2702956
ईमेल [email protected] | [email protected]
वेबसाइट haryanatourism.gov.in (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में नहीं खुली)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) myscheme.gov.in/search/state/Haryana (विवरण पेज क्लाइंट-रेंडर होने के कारण सीधे पढ़ा नहीं जा सका; सूची पेज भी देखें)
SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400 | ईमेल: [email protected] (सिर्फ SARAL पोर्टल के सामान्य प्रश्नों के लिए)

संबंधित गाइड — ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना 2026: 60+ को मुफ्त तीर्थ यात्रा | हरियाणा सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2026: ₹20,000 सहायता | हरियाणा वाराणसी-अमृतसर यात्रा योजना 2026: बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा | तीर्थ यात्रियों को बड़ी सौगात: गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और सिंधु दर्शन में कोटा दोगुना | हरियाणा वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026: ₹3,200 महीना

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है — हरियाणा सरकार की कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना 2016 की अधिसूचना (संख्या TM/AP.I/2016/2620, दिनांक 12.07.2016), पर्यटन विभाग की अक्टूबर 2026 की घोषणा (पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान, 22 अक्टूबर 2026), विदेश मंत्रालय की 2026 यात्रा से जुड़ी खबरें और myScheme पोर्टल की हरियाणा सूची। सहायता की राशि, कोटा और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है — दावा करने से पहले पर्यटन विभाग, हरियाणा (SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955) से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। इस गाइड में जहाँ-जहाँ स्रोतों में अंतर या अपुष्ट जानकारी है, वहाँ उसे साफ-साफ बता दिया गया है। Viksit Haryana किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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