यह गाइड किस बारे में है?
हरियाणा सरकार के श्रम विभाग के अंतर्गत हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए तीन बड़ी सहायता योजनाएँ चलाता है — छात्र वित्तीय सहायता (कक्षा 1 से स्नातकोत्तर तक ₹8,000–₹20,000 सालाना), मेधावी छात्र प्रोत्साहन राशि (10वीं/12वीं में 60% से अधिक अंक पर ₹21,000–₹51,000) और व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा की पूरी फीस की प्रतिपूर्ति। इस गाइड में ये तीनों योजनाएँ पूरी तरह समझाई गई हैं — क्या है, कितना पैसा मिलता है, कौन पात्र है, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए और SARAL पोर्टल से आवेदन कैसे करें।
एक बात शुरुआत में ही साफ कर दें — ये तीनों सहायता अलग-अलग योजनाएँ हैं। हर योजना के लिए अलग आवेदन करना होता है और हर योजना की अपनी पात्रता शर्तें हैं। कोचिंग और हॉस्टल की सहायता इस गाइड में नहीं है — उसके लिए हमारी अलग विस्तृत गाइड पढ़ें: हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता — श्रमिक बच्चों को ₹1,20,000 तक। उस गाइड में कोचिंग के लिए ₹20,000–₹1,00,000 और हॉस्टल के लिए ₹1,20,000 तक की सहायता समझाई गई है; यहाँ उसे दोहराया नहीं जा रहा है।
अगर आपने अभी तक श्रमिक पंजीकरण नहीं कराया है, तो पहले हमारी यह गाइड पढ़ें: हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी। बिना पंजीकरण और कम से कम एक वर्ष की नियमित सदस्यता के इन छात्रवृत्तियों का लाभ नहीं मिलता।
तीनों छात्रवृत्ति एक नज़र में
| योजना | लाभ | किसके लिए | सीमा |
|---|---|---|---|
| छात्र वित्तीय सहायता (Chhatra Vittiya Sahayata) | ₹8,000–₹20,000 प्रति वर्ष | कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (PG) तक पढ़ रहे बच्चे | अधिकतम 2 बच्चे (अधिकतम 3 बेटियाँ) |
| मेधावी छात्र प्रोत्साहन राशि | ₹21,000–₹51,000 (एकमुश्त, FD के रूप में) | 10वीं/12वीं बोर्ड परीक्षा में 60% या अधिक अंक | अधिकतम 3 बच्चे |
| व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता | सरकारी खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति | इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट आदि प्रोफेशनल कोर्स के छात्र | योजना के नियमानुसार |
पहली योजना: छात्र वित्तीय सहायता — कक्षा 1 से PG तक ₹8,000–₹20,000 सालाना
यह योजना क्या है?
छात्र वित्तीय सहायता योजना (Financial Assistance for Education) के तहत बोर्ड पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उनकी पढ़ाई के हर स्तर पर सालाना आर्थिक मदद देता है। बच्चा पहली कक्षा में हो या स्नातकोत्तर (PG) कर रहा हो — हर स्तर के लिए तय राशि मिलती है। यह सहायता हर शैक्षणिक वर्ष में मिलती है, ताकि श्रमिक परिवार पर बच्चों की पढ़ाई का खर्च बोझ न बने।
कक्षावार सहायता राशि
| कक्षा/स्तर | सालाना सहायता |
|---|---|
| कक्षा 1 से कक्षा 8 (प्राथमिक शिक्षा) | ₹8,000 प्रति वर्ष |
| कक्षा 9 से कक्षा 12 या ITI कोर्स (माध्यमिक शिक्षा) | ₹10,000 प्रति वर्ष |
| स्नातक (Bachelor Degree) — प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक | ₹15,000 प्रति वर्ष |
| स्नातकोत्तर (Post Graduation) — प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक | ₹20,000 प्रति वर्ष |
मई 2023 में मुख्यमंत्री ने इस सहायता को बढ़ाकर सभी तीन श्रेणियों के लिए ₹10,000 सालाना करने की घोषणा की थी, लेकिन बोर्ड की योजना विवरणों और सरल पोर्टल पर दर्ज वर्तमान कक्षावार राशि ऊपर दी गई तालिका के अनुसार ही है — कक्षा 1–8 के लिए ₹8,000, कक्षा 9–12/ITI के लिए ₹10,000, स्नातक के लिए ₹15,000 और PG के लिए ₹20,000। आवेदन करते समय पोर्टल पर दिख रही राशि ही अंतिम मानी जाए।
छात्र वित्तीय सहायता के लिए पात्रता
- आवेदक के माता या पिता हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हों।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- बच्चा हरियाणा का निवासी हो और किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या संस्थान में नियमित रूप से पढ़ रहा हो।
- यह वित्तीय सहायता अधिकतम 2 बच्चों तक की शिक्षा के लिए देय होती है — लेकिन बच्चों के क्रम को देखे बिना अधिकतम 3 बेटियों तक को यह लाभ मिल सकता है। यानी बेटियों के मामले में सीमा थोड़ी उदार है।
- बच्चा किसी अन्य बोर्ड, निगम या विभाग से इसी तरह की छात्रवृत्ति या अनुदान नहीं ले रहा हो — इस बारे में स्व-घोषणा (self-declaration) देनी होती है। पहले संस्थान प्रमुख से सत्यापित प्रमाण-पत्र माँगा जाता था; अब स्व-घोषणा की व्यवस्था है।
छात्र वित्तीय सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण (लेबर कॉपी)
- बच्चे का आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बच्चे के स्कूल/कॉलेज में दाखिले का प्रमाण-पत्र या फीस रसीद
- पिछली कक्षा की अंकतालिका/प्रमाण-पत्र (यदि पोर्टल माँगे)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति) — पैसा बच्चे या माता-पिता के खाते में आता है, पोर्टल के निर्देशानुसार
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- स्व-घोषणा पत्र — कि बच्चा किसी अन्य स्रोत से छात्रवृत्ति नहीं ले रहा है
छात्र वित्तीय सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Chhatra Vittiya Sahayata Yojana” / “Financial Assistance for Education” सेवा के तहत किया जाता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
चरण 1: सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएँ। नए उपयोगकर्ता “Register” पर क्लिक करके खाता बनाएँ।
चरण 2: अपनी यूज़र आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 3: “Apply for Services” पर क्लिक करें और “View all available services” में जाकर योजना खोजें — “Financial Assistance for Education” या “छात्र वित्तीय सहायता”।
चरण 4: फॉर्म में श्रमिक और बच्चे की सभी जानकारी सही-सही भरें — बोर्ड पंजीकरण संख्या, बच्चे की कक्षा, स्कूल/कॉलेज का नाम आदि।
चरण 5: माँगे गए सभी दस्तावेज़ अपलोड करें। दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
चरण 6: फॉर्म जमा (Submit) करें। जमा करने के बाद आपको एक Application Reference ID मिलेगी — इसे संभालकर रखें। आवेदन के हर चरण पर आपके मोबाइल पर SMS और ईमेल से सूचना भेजी जाती है।
चरण 7: संबंधित अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे। स्वीकृति मिलने पर सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
दूसरी योजना: मेधावी छात्र प्रोत्साहन राशि — 10वीं/12वीं में 60%+ पर ₹21,000–₹51,000
यह योजना क्या है?
मेधावी छात्र प्रोत्साहन राशि योजना (Haryana Nirman Kamgar Medhavi Chhatra Protsahan Rashi Yojana) के तहत बोर्ड उन बच्चों को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देता है, जिन्होंने 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 60% या उससे अधिक अंक हासिल किए हों। इसका मकसद मेधावी बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। यह राशि नकद नहीं, बल्कि फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के रूप में दी जाती है, ताकि पैसा सुरक्षित रहे और उच्च शिक्षा के काम आए।
अंकवार प्रोत्साहन राशि
| बोर्ड परीक्षा में अंक | प्रोत्साहन राशि (FD के रूप में) |
|---|---|
| 90% या उससे अधिक | ₹51,000 |
| 80% या उससे अधिक | ₹41,000 |
| 70% या उससे अधिक | ₹31,000 |
| 60% या उससे अधिक | ₹21,000 |
मेधावी प्रोत्साहन के लिए पात्रता
- आवेदक के माता या पिता HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हों।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- बच्चे ने 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।
- एक पंजीकृत श्रमिक अधिकतम 3 बच्चों के लिए यह लाभ ले सकता है।
- बच्चा हरियाणा का निवासी हो।
मेधावी प्रोत्साहन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण
- बच्चे का आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा की अंकतालिका (मार्कशीट) — यही सबसे अहम दस्तावेज़ है
- बच्चे के स्कूल का प्रमाण-पत्र (यदि पोर्टल माँगे)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
मेधावी प्रोत्साहन के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Medhavi Chhatra Protsahan Rashi Yojana” सेवा के तहत किया जाता है। फॉर्म में बच्चे के बोर्ड परीक्षा के अंक, रोल नंबर, बोर्ड का नाम और श्रमिक की पंजीकरण संख्या भरनी होती है। अंकतालिका अपलोड करना अनिवार्य है। स्वीकृति के बाद प्रोत्साहन राशि बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के रूप में दी जाती है।
तीसरी योजना: व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता — पूरी फीस की प्रतिपूर्ति
यह योजना क्या है?
अगर श्रमिक का बच्चा इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, MCA, कानून (लॉ), फैशन डिज़ाइनिंग या किसी अन्य व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स में पढ़ रहा है, तो बोर्ड उसके सरकारी खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति करता है। पहले यह सुविधा केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित थी, लेकिन अब निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और तकनीकी शिक्षा का खर्च भी बोर्ड वहन करता है — बशर्ते खर्च सरकार द्वारा तय मानदंडों के अनुसार हो। इस योजना का आधिकारिक नाम “व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता” है।
किन कोर्सों के लिए मदद मिलती है?
योजना विवरण के अनुसार व्यावसायिक और तकनीकी कोर्सों में डिग्री या डिप्लोमा करने वाले छात्र पात्र हैं। जिन क्षेत्रों का नाम योजना में दर्ज है, वे हैं — मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन (मैनेजमेंट), MCA, कानून (लॉ) और फैशन डिज़ाइनिंग। ध्यान दें: यह मदद कोर्स की फीस की प्रतिपूर्ति के रूप में मिलती है — फीस की रसीदें और संस्थान का प्रमाण जमा करना अनिवार्य है। बिना फीस रसीद के आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता के लिए पात्रता
- आवेदक के माता या पिता HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हों।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- बच्चा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स (डिग्री/डिप्लोमा) में नियमित रूप से पढ़ रहा हो।
- बच्चा हरियाणा का निवासी हो।
- प्रतिपूर्ति की राशि वास्तविक सरकारी खर्च के अनुसार तय होती है — निजी संस्थान की पूरी मनमानी फीस नहीं, बल्कि सरकार द्वारा तय मानदंडों के हिसाब से। आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म देखकर सटीक सीमा ज़रूर जाँच लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है।
व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण
- बच्चे का आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- संस्थान में दाखिले का प्रमाण-पत्र
- कोर्स की फीस रसीदें (सभी किस्तों की)
- पिछली कक्षा की अंकतालिका
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर संबंधित सेवा के तहत किया जाता है। फॉर्म में कोर्स का नाम, संस्थान का नाम, फीस का विवरण और श्रमिक की पंजीकरण संख्या भरनी होती है। फीस रसीदें अपलोड करना अनिवार्य है। स्वीकृति के बाद प्रतिपूर्ति की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
ये तीनों योजनाएँ मुख्य रूप से ऑनलाइन हैं, लेकिन अगर आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो आप अपने नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र (SARAL Kendra) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ले सकते हैं — सरल पोर्टल पर साफ लिखा है कि सभी सेवाएँ जिला, तहसील और उप-मंडल स्तर पर सरल केंद्रों और CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हैं। वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से फॉर्म भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय या बोर्ड के हेल्पडेस्क से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: इन योजनाओं के लिए आधिकारिक योजना पृष्ठों पर कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। फिर भी, फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें — आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और सीधा है।
समय-सीमा: इन योजनाओं के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — आवेदन साल भर खुले रहते हैं। बोर्ड की सेवाएँ सेवा का अधिकार अधिनियम (RTS) के तहत 90 दिन की समय-सीमा में दी जाती हैं। छात्र वित्तीय सहायता के लिए शैक्षणिक सत्र के दौरान आवेदन करना बेहतर रहता है, ताकि राशि उसी वर्ष की पढ़ाई के काम आ सके। मेधावी प्रोत्साहन के लिए बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने के बाद आवेदन करें — अंकतालिका के बिना आवेदन पूरा नहीं होगा।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाकर “Track Application / View Status of Application” विकल्प से अपनी Application Reference ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है। पोर्टल पर “Citizen Dashboard” से भी आवेदन ट्रैक किया जा सकता है।
- आवेदन के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजा जाता है।
- स्थिति न बदले या आवेदन अटक जाए, तो ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय या बोर्ड के हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
पैसे कैसे मिलेंगे?
- छात्र वित्तीय सहायता: स्वीकृति के बाद सालाना राशि लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है।
- मेधावी प्रोत्साहन: राशि नकद नहीं मिलती — यह बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के रूप में दी जाती है, ताकि पैसा उच्च शिक्षा के काम आए।
- व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा सहायता: स्वीकृति के बाद प्रतिपूर्ति की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
तीनों योजनाओं में क्या अंतर है? — एक साथ समझें
| बात | छात्र वित्तीय सहायता | मेधावी प्रोत्साहन | प्रोफेशनल/तकनीकी सहायता |
|---|---|---|---|
| कब मिलती है | हर साल, कक्षा के हिसाब से | 10वीं/12वीं के परिणाम के बाद, एक बार | कोर्स की फीस के अनुसार |
| राशि | ₹8,000–₹20,000/वर्ष | ₹21,000–₹51,000 (FD) | पूरी फीस की प्रतिपूर्ति |
| मुख्य शर्त | नियमित पढ़ाई + 1 वर्ष सदस्यता | बोर्ड परीक्षा में 60%+ अंक | प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला |
| बच्चों की सीमा | अधिकतम 2 बच्चे (3 बेटियाँ) | अधिकतम 3 बच्चे | योजना के नियमानुसार |
ध्यान दें: एक ही बच्चा एक साथ एक से अधिक योजनाओं का लाभ ले सकता है, बशर्ते वह हर योजना की पात्रता पूरी करता हो — जैसे, 12वीं में 80% अंक लाने वाला बच्चा छात्र वित्तीय सहायता भी ले सकता है और मेधावी प्रोत्साहन भी। लेकिन हर योजना के लिए अलग आवेदन करना होगा।
आवेदन से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- सदस्यता पहले, आवेदन बाद में: तीनों योजनाओं में कम से कम 1 वर्ष की नियमित सदस्यता ज़रूरी है। सदस्यता पूरी होने से पहले आवेदन न करें — आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
- अंकतालिका संभालकर रखें: मेधावी प्रोत्साहन के लिए 10वीं/12वीं की मूल अंकतालिका सबसे अहम दस्तावेज़ है — उसकी साफ स्कैन कॉपी तैयार रखें।
- फीस रसीदें न खोएँ: प्रोफेशनल कोर्स की प्रतिपूर्ति के लिए हर किस्त की फीस रसीद ज़रूरी है। रसीदें संभालकर रखें।
- बेटियों के लिए उदार सीमा: छात्र वित्तीय सहायता में बेटियों के लिए अधिकतम 3 तक की सीमा है — अगर परिवार में तीन बेटियाँ पढ़ रही हैं, तो तीनों के लिए आवेदन करें।
- कोचिंग/हॉस्टल अलग योजना है: कोचिंग (₹20,000–₹1,00,000) और हॉस्टल (₹1,20,000 तक) की सहायता के लिए अलग आवेदन करना होता है — विवरण के लिए हमारी कोचिंग+हॉस्टल गाइड पढ़ें।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन केवल saralharyana.gov.in और hrylabour.gov.in से ही करें। कोई भी व्यक्ति अगर पैसे लेकर फॉर्म भरने का दावा करे, तो सरल हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
श्रमिक परिवार के लिए अन्य योजनाएँ
- हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी: निर्माण श्रमिक के रूप में बोर्ड में पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया — इन सभी छात्रवृत्तियों का पहला कदम।
- हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता — श्रमिक बच्चों को ₹1,20,000 तक: कोचिंग के लिए ₹20,000–₹1,00,000 और हॉस्टल के लिए ₹1,20,000 तक की सहायता — इस गाइड की साथी योजना।
- हरियाणा BOCW स्कूटी योजना — श्रमिक बेटी को ₹50,000 सहायता: पंजीकृत श्रमिक की बेटी को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. छात्र वित्तीय सहायता में कक्षा 1 से 8 के बच्चे को कितना मिलता है?
कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे को ₹8,000 प्रति वर्ष मिलता है। कक्षा 9–12/ITI के लिए ₹10,000, स्नातक के लिए ₹15,000 और PG के लिए ₹20,000 प्रति वर्ष मिलता है।
2. मेधावी प्रोत्साहन के लिए 10वीं में कितने अंक चाहिए?
10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 60% या उससे अधिक अंक चाहिए। 60% पर ₹21,000, 70% पर ₹31,000, 80% पर ₹41,000 और 90% या अधिक पर ₹51,000 मिलता है।
3. मेधावी प्रोत्साहन की राशि नकद मिलती है या FD के रूप में?
यह राशि नकद नहीं मिलती — यह बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के रूप में दी जाती है, ताकि पैसा सुरक्षित रहे और उच्च शिक्षा के काम आए।
4. एक परिवार के कितने बच्चे छात्र वित्तीय सहायता ले सकते हैं?
छात्र वित्तीय सहायता अधिकतम 2 बच्चों तक की शिक्षा के लिए देय होती है, लेकिन अधिकतम 3 बेटियों तक को यह लाभ मिल सकता है। मेधावी प्रोत्साहन अधिकतम 3 बच्चों के लिए मिलता है।
5. प्रोफेशनल कोर्स की पूरी फीस मिलती है?
बोर्ड व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स के सरकारी खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति करता है। निजी संस्थान की फीस सरकार द्वारा तय मानदंडों के हिसाब से प्रतिपूरित होती है — सटीक सीमा के लिए सरल पोर्टल का लाइव फॉर्म देखें।
6. क्या एक ही बच्चा छात्रवृत्ति और मेधावी प्रोत्साहन दोनों ले सकता है?
हाँ, अगर बच्चा दोनों योजनाओं की पात्रता पूरी करता है, तो दोनों का लाभ ले सकता है — लेकिन हर योजना के लिए अलग आवेदन करना होगा।
7. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
इन योजनाओं के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — आवेदन साल भर खुले रहते हैं। RTS के तहत 90 दिन की समय-सीमा तय है।
8. कोचिंग और हॉस्टल की सहायता इस गाइड में क्यों नहीं है?
कोचिंग (₹20,000–₹1,00,000) और हॉस्टल (₹1,20,000 तक) की सहायता दो अलग योजनाएँ हैं, जिनकी अपनी विस्तृत गाइड है: हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- हरियाणा श्रम विभाग (Labour Department, Haryana): hrylabour.gov.in
- अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400 (सुबह 7 बजे – रात 8 बजे, सोमवार–शनिवार, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर); ईमेल: [email protected]
- हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड टोल फ्री नंबर: 1800-180-2129; श्रम विभाग हेल्पलाइन: 0172-2701373
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा श्रम विभाग की वेबसाइट, अंत्योदय सरल पोर्टल, योजना की आधिकारिक शर्तों और मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। आवेदन करने से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म और ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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