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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा दुर्लभ रोग वित्तीय सहायता 2026: ₹3,200 महीना, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा दुर्लभ रोग वित्तीय सहायता 2026: ₹3,200 महीना, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 2:15 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

कुछ बीमारियाँ इतनी दुर्लभ होती हैं कि लाखों में एक-दो लोगों को ही होती हैं — जैसे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA), ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD), पॉम्पे रोग या गॉशर रोग। इनके इलाज का खर्च लाखों-करोड़ों में होता है और इलाज जीवन भर चलता है। ऐसे मरीजों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरियाणा सरकार ने दुर्लभ रोग वित्तीय सहायता योजना शुरू की है — इसके तहत दुर्लभ रोग से पीड़ित हरियाणा के निवासी को ₹3,200 प्रति माह की सहायता मिलती है। यह सहायता किसी भी उम्र के मरीज को मिलती है और यह दूसरी सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के साथ-साथ भी मिलती है। इस गाइड में राशि, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की पूरी प्रक्रिया दी गई है।

यह योजना क्या है?

भारत सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 (National Policy for Rare Diseases, NPRD 2021) के तहत कुछ बीमारियों को “दुर्लभ रोग” के रूप में अधिसूचित किया गया है। ये ऐसी बीमारियाँ हैं जो बहुत कम लोगों को होती हैं, जिनका इलाज बेहद महँगा होता है और जो अक्सर जीवन भर चलती हैं। हरियाणा सरकार ने इन्हीं मरीजों की रोज़मर्रा की आर्थिक दिक्कतों को कम करने के लिए अपनी अलग योजना बनाई — “Financial Assistance to Persons Suffering from Rare Diseases”।

इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 11 मई 2023 को यमुनानगर में की थी। इसके बाद मंत्रिमंडल ने इसे मंज़ूरी दी और 12 दिसंबर 2023 को यह योजना हरियाणा राजपत्र में अधिसूचित हो गई (अधिसूचना संख्या 40/20/2023-4SW, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग — SEWA)। योजना राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुमान के अनुसार हरियाणा में ऐसे लगभग 700 से 1,000 मरीज हैं।

योजना को चलाने की ज़िम्मेदारी SEWA विभाग की है — विभाग के महानिदेशक/निदेशक इसके समग्र प्रभारी हैं। बीमारी की पुष्टि और सत्यापन का काम स्वास्थ्य विभाग (DGHS) के माध्यम से होता है — मरीज की बीमारी की पुष्टि केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित उत्कृष्टता केन्द्रों (Centres of Excellence, CoE) से होती है और जिले के सिविल सर्जन सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करते हैं।

सबसे पहले यह समझ लें — यह योजना किस लिए है: यह योजना मरीज के रोज़मर्रा के खर्च के लिए हर महीने ₹3,200 देती है। इसके अलावा केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय नीति के तहत CoE में इलाज के लिए ₹50 लाख तक की अलग सहायता भी है — वह इस योजना का हिस्सा नहीं है, उसकी जानकारी नीचे अलग से दी गई है। दोनों को एक साथ न समझें।

कितनी सहायता मिलेगी?

इस योजना के तहत मरीज को हर महीने वह राशि मिलती है जो वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (Old Age Samman Allowance) के बराबर होती है। सरकार जब भी वृद्धावस्था भत्ता बढ़ाती है, इस योजना की राशि भी अपने आप उतनी ही बढ़ जाती है। राशि का इतिहास इस प्रकार है:

कब से मासिक सहायता आधार
दिसंबर 2023 (योजना शुरू) ₹2,750 योजना की अधिसूचना — वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के बराबर
01.01.2024 से ₹3,000 वृद्धावस्था सम्मान भत्ता ₹3,000 हुआ; SARAL सेवा दस्तावेज़ (अप्रैल 2025) में भी ₹3,000 दर्ज
01.11.2025 से ₹3,200 SEWA विभाग की अधिसूचना (फरवरी 2026) — 9 सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में ₹200 की बढ़ोतरी; बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से बकाया सहित मिलने लगी

इस समय मरीज को ₹3,200 प्रति माह मिलते हैं। यह राशि सीधे मरीज के बैंक खाते में PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से हर महीने भेजी जाती है। सहायता तब तक मिलती रहती है जब तक मरीज जीवित है और दुर्लभ रोग से पीड़ित है — सिविल सर्जन हर साल दोबारा जाँच करते हैं कि मरीज अभी भी रोग से पीड़ित है या ठीक हो गया है। ठीक हो जाने, मृत्यु होने, पात्रता की शर्तें तोड़ने या गलत जानकारी देने पर सहायता तुरंत रोक दी जाती है।

राशि को लेकर भ्रम — साफ कर लें: इंटरनेट पर कई पुराने पेजों और एग्रीगेटर वेबसाइटों पर अभी भी ₹2,750 लिखा मिलता है, और SARAL का अप्रैल 2025 का सेवा दस्तावेज़ भी ₹3,000 दिखाता है। लेकिन फरवरी 2026 की SEWA अधिसूचना के अनुसार — जिसे News18, टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स तीनों ने छापा — “दुर्लभ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को वित्तीय सहायता” देने वाली योजना भी उन 9 योजनाओं में है जिनकी राशि 1 नवंबर 2025 से ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,200 कर दी गई। इस गाइड में हम ₹3,200 ही बता रहे हैं, क्योंकि यही वर्तमान राशि है।

कौन पात्र है?

इस योजना का लाभ सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलता है जो नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करता हो:

  • हरियाणा का निवासी हों: आवेदक हरियाणा का अधिवासी (domicile) और वास्तविक निवासी हो — किसी भी उम्र का व्यक्ति पात्र है, उम्र की कोई सीमा नहीं है।
  • परिवार पहचान पत्र (PPP) हो: आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (Parivar Pehchan Patra) होना अनिवार्य है, साथ में वैध पहचान प्रमाण — पासपोर्ट, आधार नामांकन संख्या, आधार कार्ड, राशन कार्ड या वोटर ID में से कोई एक।
  • अधिसूचित दुर्लभ रोग से पीड़ित हों: आवेदक को राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 में सूचीबद्ध (और समय-समय पर जोड़ी गई) बीमारियों में से कोई एक बीमारी हो — जैसे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA), ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD), पॉम्पे रोग, गॉशर रोग, फैब्री रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस, मेपल सिरप यूरिन रोग, फेनिलकेटोनूरिया (PKU) आदि।
  • बीमारी की पुष्टि CoE से हुई हो: बीमारी का निश्चित निदान (definite diagnosis) केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी उत्कृष्टता केन्द्र (Centre of Excellence) से हुआ हो — सिर्फ निजी अस्पताल या सामान्य डॉक्टर की रिपोर्ट से लाभ नहीं मिलता।
  • पारिवारिक आय ₹3 लाख से कम हो: आवेदक के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹3,00,000 से कम होनी चाहिए।

खास बात: यह सहायता किसी भी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ-साथ भी मिलती है — यानी अगर मरीज को बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या विधवा पेंशन मिल रही है, तो भी यह ₹3,200 अलग से मिलेंगे।

कौन पात्र नहीं है?

  • जो व्यक्ति हरियाणा का अधिवासी/निवासी नहीं है।
  • जिसके पास परिवार पहचान पत्र (PPP) नहीं है।
  • जिसकी बीमारी राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 की सूची में शामिल नहीं है।
  • जिसकी बीमारी की पुष्टि किसी अधिसूचित उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) से नहीं हुई है — सिर्फ निजी अस्पताल की रिपोर्ट पर लाभ नहीं मिलता।
  • जिसके परिवार की वार्षिक आय ₹3,00,000 या उससे अधिक है।
  • जो मरीज बीमारी से ठीक हो चुका है (सिविल सर्जन की वार्षिक जाँच में ठीक पाया गया हो)।

₹50 लाख वाला इलाज — यह अलग लाभ है, भ्रम न पालें

खबरों में अक्सर यह लिखा मिलता है कि “दुर्लभ रोग के मरीज को ₹50 लाख तक की सहायता मिलती है”। यह बात सही है, लेकिन यह हरियाणा की मासिक ₹3,200 वाली योजना नहीं है — यह केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 के तहत इलाज के लिए दी जाने वाली सहायता है। दोनों का अंतर समझ लें:

बात हरियाणा मासिक सहायता (यह गाइड) राष्ट्रीय नीति — इलाज सहायता
राशि ₹3,200 प्रति माह (हर महीने, जीवन भर) ₹50 लाख तक (एक बार, प्रति मरीज, इलाज के लिए)
कौन देता है हरियाणा सरकार — SEWA विभाग केन्द्र सरकार — स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW)
कैसे मिलती है सीधे मरीज के बैंक खाते में (PFMS/DBT) नकद नहीं — राशि उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) के माध्यम से इलाज पर खर्च होती है
किसके लिए रोज़मर्रा के खर्च के लिए CoE में इलाज/दवाइयों के खर्च के लिए
आवेदन SARAL पोर्टल + सिविल सर्जन सत्यापन CoE की दुर्लभ रोग समिति की सिफारिश पर

राष्ट्रीय नीति के तहत अधिसूचित बीमारियों की संख्या भी बढ़ती रही है — दिसंबर 2023 में हरियाणा की अधिसूचना के समय 55 बीमारियाँ सूचीबद्ध थीं, जबकि अगस्त 2026 में संसद को दी गई जानकारी के अनुसार अब 63 बीमारियाँ अधिसूचित हैं। बीमारियाँ तीन समूहों में बाँटी गई हैं — समूह 1 (एक बार के उपचार से ठीक होने वाली), समूह 2 (लंबे समय तक इलाज वाली, कम खर्च वाली) और समूह 3 (जीवन भर इलाज वाली, महँगी)। उत्कृष्टता केन्द्रों की संख्या भी 8 से बढ़कर 16 हो गई है (अगस्त 2026 तक)। हरियाणा के सबसे नज़दीकी केन्द्र हैं — PGIMER, चंडीगढ़ और AIIMS, नई दिल्ली। इलाज की सहायता सिर्फ इन्हीं अधिसूचित केन्द्रों पर मिलती है, इसलिए आवेदन से पहले वर्तमान सूची स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट (haryanahealth.gov.in) पर ज़रूर देख लें।

चिरायु योजना में भी लाभ

दुर्लभ रोग के मरीजों को एक और बड़ा लाभ भी दिया गया है — उन्हें चिरायु योजना में शामिल कर लिया गया है, और वह भी परिवार की आय सीमा में छूट के साथ। यानी जिन मरीजों के परिवार की आय चिरायु की सामान्य सीमा से अधिक है, वे भी इस छूट के तहत चिरायु में शामिल हो सकते हैं। चिरायु के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में ₹5 लाख प्रति वर्ष तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह घोषणा अक्टूबर 2023 में स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर ने की थी। मरीजों का पंजीकरण स्वास्थ्य विभाग करता है — इसके लिए अपने जिले के सिविल सर्जन कार्यालय से संपर्क करें।

जरूरी दस्तावेज़

आवेदन के साथ नीचे दिए गए दस्तावेज़ लगते हैं। यह सूची SARAL के आधिकारिक सेवा दस्तावेज़ और योजना की अधिसूचना के आधार पर बनाई गई है:

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
उम्र का प्रमाण (कोई एक) — जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल प्रमाण पत्र / वोटर कार्ड / फोटो सहित वोटर सूची आवेदक की उम्र की पुष्टि के लिए
निवास का प्रमाण (कोई एक, स्व-प्रमाणित, 15 वर्ष से पहले जारी) — राशन कार्ड / वोटर कार्ड / फोटो सहित वोटर सूची हरियाणा निवास की पुष्टि के लिए
आधार कार्ड पहचान और बैंक खाता जोड़ने के लिए
परिवार पहचान पत्र (PPP) पात्रता की अनिवार्य शर्त — बिना PPP आवेदन नहीं होगा
बचत बैंक खाते का विवरण — पासबुक की फोटोकॉपी सहित सहायता सीधे खाते में (PFMS/DBT) भेजी जाती है
उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) की निदान रिपोर्ट / मेडिकल रिकॉर्ड दुर्लभ रोग की पुष्टि के लिए — सबसे अहम दस्तावेज़
सिविल सर्जन का सत्यापन प्रमाण पत्र (Verification Certificate) CoE निदान के आधार पर जिले के सिविल सर्जन जारी करते हैं
पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन फॉर्म के साथ

ध्यान दें: जिला समाज कल्याण कार्यालय आपकी स्थिति के अनुसार कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ भी माँग सकता है। आवेदन जमा करने से पहले अपने जिले के सिविल सर्जन कार्यालय से दस्तावेज़ों की सूची की पुष्टि कर लें, ताकि फॉर्म अधूरा होने पर वापस न आए।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — SARAL पोर्टल

इस योजना का आवेदन अंत्योदय SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर ऑनलाइन किया जाता है। लेकिन ध्यान दें — SARAL पर आवेदन करने से पहले बीमारी की पुष्टि और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए (नीचे ऑफलाइन प्रक्रिया देखें)। ऑनलाइन आवेदन के चरण इस प्रकार हैं:

  1. SARAL पोर्टल खोलें: saralharyana.gov.in पर जाएँ। अगर आपका खाता नहीं है, तो “New User Registration” से मोबाइल नंबर और आधार से खाता बनाएँ।
  2. लॉगिन करें: अपनी यूज़र ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  3. सेवा खोजें: “Apply for Services” → “View All Available Services” पर जाएँ। विभाग (Department) में Social Justice and Empowerment चुनें और खोज बॉक्स में “Rare Diseases” या “दुर्लभ रोग” लिखकर सेवा खोजें — सेवा का नाम है “Financial Assistance to Persons Suffering from Rare Diseases”।
  4. फॉर्म भरें: सेवा चुनकर आवेदन फॉर्म खोलें। नाम, उम्र, PPP संख्या, आधार संख्या, बीमारी का नाम, CoE का नाम, बैंक खाते का विवरण और अन्य जानकारी भरें।
  5. दस्तावेज़ अपलोड करें: ऊपर दी गई सूची के अनुसार सभी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें — उम्र प्रमाण, निवास प्रमाण, आधार, PPP, बैंक पासबुक और CoE की निदान रिपोर्ट/सत्यापन प्रमाण पत्र।
  6. सबमिट करें और रसीद सहेजें: फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको Application Reference Number / SARAL ID मिलेगा — इसे संभालकर रखें। इसी से आप आगे स्टेटस चेक करेंगे।
  7. CSC से भी करवा सकते हैं: अगर खुद ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत हो, तो नज़दीकी CSC (Common Service Centre) पर जाकर ऑपरेटर से आवेदन करवा सकते हैं — वहाँ दस्तावेज़ लेकर जाएँ। CSC का सेवा शुल्क ₹30 है।

ईमानदार नोट: 8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में saralharyana.gov.in सर्वर टाइम-आउट के कारण नहीं खुला — यह पोर्टल की जानी-पहचानी दिक्कत है, ब्राउज़र से यह आमतौर पर खुल जाता है। अगर पोर्टल न खुले तो कुछ देर बाद फिर कोशिश करें या नज़दीकी CSC केन्द्र से आवेदन करवाएँ।

ऑफलाइन प्रक्रिया — CoE से सत्यापन प्रमाण पत्र तक

अधिसूचना के अनुसार आवेदन से पहले की प्रक्रिया — निदान और पंजीकरण — ऑफलाइन ही होती है। यह पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. CoE से निदान करवाएँ: सबसे पहले मरीज किसी अधिसूचित उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) पर जाएँ — हरियाणा के लिए सबसे नज़दीकी हैं PGIMER, चंडीगढ़ और AIIMS, नई दिल्ली। CoE बीमारी का निश्चित निदान करेगा।
  2. सिविल सर्जन के पास पंजीकरण करवाएँ: निदान के बाद मरीज अपने जिले के सिविल सर्जन के कार्यालय या हरियाणा के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पास मेडिकल रिकॉर्ड के साथ पंजीकरण करवाएँ।
  3. सत्यापन प्रमाण पत्र: सिविल सर्जन / मेडिकल सुपरिटेंडेंट CoE के निदान के आधार पर पंजीकरण करेंगे और स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट (haryanahealth.gov.in) पर चल रहे ऑनलाइन पोर्टल से Verification Certificate जारी करेंगे।
  4. DGHS कार्यालय से सत्यापन: DGHS कार्यालय के नोडल अधिकारी आँकड़ों की जाँच करके उन्हें नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को भेजते हैं।
  5. SARAL पर आवेदन: इसके बाद ऊपर बताए गए तरीके से SARAL पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन जिले के सिविल सर्जन के पास जाएगा — वे मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जाँच करेंगे। अगर मरीज दुर्लभ रोग से पीड़ित नहीं पाया गया, तो सिविल सर्जन अपने निष्कर्ष के साथ आवेदन अस्वीकार कर देंगे। अगर पाया गया, तो आवेदन संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) को भेजा जाएगा।
  6. स्वीकृति और पेंशन संख्या: DSWO अपने स्तर पर PPP से आँकड़े जाँचेंगे और SARAL पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकृति देंगे — इसके बाद लाभार्थी को Unique Pension Identification Number मिलेगा और हर महीने ₹3,200 खाते में आने लगेंगे।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

विषय स्थिति
आवेदन शुल्क कोई सरकारी शुल्क नहीं (No Fee)। CSC/अटल सेवा केन्द्र से आवेदन करवाने पर ₹30 सेवा शुल्क लगता है।
समय-सीमा (RTS) 60 दिन — SARAL सेवा दस्तावेज़ के अनुसार आवेदन के निपटान की समय-सीमा 60 दिन है।
अंतिम तिथि (last date) कोई अंतिम तिथि नहीं है — यह साल भर चलने वाली योजना है; बीमारी की पुष्टि होते ही आवेदन किया जा सकता है।
स्टेटस चेक (ऑनलाइन) SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Track Application Status” में अपना Application Reference Number / SARAL ID डालकर स्थिति देखें। SMS से भी अपडेट मिलता है।
स्टेटस चेक (ऑफलाइन) जिला समाज कल्याण कार्यालय (DSWO) या सिविल सर्जन कार्यालय से अपनी पावती संख्या बताकर जानकारी लें।
भुगतान स्वीकृति के बाद राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में (PFMS/DBT) भेजी जाती है। बैंक खाता आधार से जुड़ा होना ज़रूरी है — आवेदन से पहले बैंक में जाकर लिंकिंग जाँच लें।

भुगतान के नियम — जान लें: अधिसूचना के अनुसार बैंक उस जिले के बाहर से राशि निकालने की अनुमति नहीं देगा जिसमें लाभार्थी पंजीकृत है। अगर 60 दिन तक लगातार खाते से कोई निकासी नहीं हुई, तो बैंक खाते को इस योजना के लिए “निष्क्रिय” (inoperative) कर देगा — 90 दिन के भीतर उचित कारण बताकर दोबारा चालू करवाया जा सकता है, निदेशक की अनुमति से। गलत जानकारी पर मिली सहायता 12% वार्षिक ब्याज सहित वसूली जा सकती है — भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह।

अंतर समझें — दुर्लभ रोग सहायता vs दूसरी पेंशन योजनाएँ

हरियाणा में ₹3,200 महीने की कई पेंशन योजनाएँ हैं — लोग अक्सर इन्हें आपस में मिला देते हैं। नीचे दी गई तालिका से साफ हो जाएगा कि दुर्लभ रोग सहायता किससे अलग है:

बात दुर्लभ रोग सहायता (यह गाइड) कैंसर मरीज पेंशन दिव्यांग पेंशन वृद्धावस्था सम्मान भत्ता
किसको अधिसूचित दुर्लभ रोग से पीड़ित, CoE से निदान स्टेज 3-4 के कैंसर मरीज को 60% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति को 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग को
राशि ₹3,200/माह ₹3,200/माह ₹3,200/माह ₹3,200/माह
उम्र की शर्त कोई नहीं — किसी भी उम्र का मरीज कोई उम्र सीमा नहीं 18 वर्ष या अधिक 60 वर्ष या अधिक
आय सीमा ₹3 लाख/वर्ष से कम ₹3 लाख/वर्ष ₹3 लाख/वर्ष ₹3 लाख/वर्ष (पति-पत्नी की संयुक्त आय)
विभाग SEWA विभाग SEWA विभाग SEWA विभाग SEWA विभाग
खास बात दूसरी पेंशनों के साथ भी मिलती है; चिरायु में आय छूट भी कैंसर के इलाज से जुड़ी अलग योजना दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य उम्र 60+ अनिवार्य
विस्तृत गाइड यह लेख कैंसर मरीज पेंशन 2026 दिव्यांग पेंशन 2026 वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026

एक बात और: राशि एक जैसी (₹3,200) होने का मतलब यह नहीं है कि ये एक ही योजना हैं — चारों अलग-अलग योजनाएँ हैं, अलग-अलग पात्रता के साथ। दुर्लभ रोग सहायता की खासियत यह है कि इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं है — नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग तक कोई भी मरीज पात्र हो सकता है, बशर्ते बीमारी अधिसूचित सूची में हो और CoE से निदान हुआ हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. हरियाणा में दुर्लभ रोग से पीड़ित मरीज को कितनी सहायता मिलती है?

₹3,200 प्रति माह — 1 नवंबर 2025 से लागू वर्तमान राशि (पहले ₹2,750, फिर 01.01.2024 से ₹3,000)। यह राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में PFMS के माध्यम से आती है और तब तक मिलती है जब तक मरीज जीवित है और रोग से पीड़ित है।

2. क्या ₹50 लाख की सहायता भी इसी योजना में मिलती है?

नहीं। ₹50 लाख तक की सहायता केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 के तहत इलाज के लिए है — यह राशि नकद नहीं मिलती, बल्कि उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) में इलाज पर खर्च होती है। हरियाणा की योजना सिर्फ ₹3,200 प्रति माह की मासिक सहायता देती है। दोनों अलग-अलग लाभ हैं और दोनों एक साथ लिए जा सकते हैं।

3. कौन सी बीमारियाँ इस योजना में आती हैं?

राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 में सूचीबद्ध बीमारियाँ — अगस्त 2026 तक 63 बीमारियाँ अधिसूचित हैं, जिनमें स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA), ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD), पॉम्पे रोग, गॉशर रोग, फैब्री रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस, मेपल सिरप यूरिन रोग और फेनिलकेटोनूरिया (PKU) शामिल हैं। पूरी वर्तमान सूची स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट (haryanahealth.gov.in) पर देखी जा सकती है।

4. बीमारी की पुष्टि कहाँ से करवानी होगी?

बीमारी का निश्चित निदान केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी उत्कृष्टता केन्द्र (CoE) से होना चाहिए। हरियाणा के सबसे नज़दीकी केन्द्र PGIMER, चंडीगढ़ और AIIMS, नई दिल्ली हैं। निजी अस्पताल की रिपोर्ट से लाभ नहीं मिलता — CoE के निदान के बाद जिले के सिविल सर्जन सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करते हैं।

5. क्या इस सहायता के साथ बुढ़ापा पेंशन या दिव्यांग पेंशन भी मिल सकती है?

हाँ। अधिसूचना में साफ लिखा है कि यह सहायता किसी भी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ-साथ मिलती है। यानी बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या विधवा पेंशन मिल रही हो, तो भी यह ₹3,200 अलग से मिलेंगे।

6. आवेदन कहाँ और कैसे करें?

ऑनलाइन — अंत्योदय SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Financial Assistance to Persons Suffering from Rare Diseases” सेवा में। लेकिन पहले CoE से निदान और सिविल सर्जन से सत्यापन प्रमाण पत्र ज़रूरी है — बिना इसके आवेदन स्वीकृत नहीं होगा। CSC केन्द्र से भी आवेदन करवाया जा सकता है (सेवा शुल्क ₹30)।

7. क्या आवेदन की कोई अंतिम तिथि है?

नहीं — कोई अंतिम तिथि या आवेदन-खिड़की घोषित नहीं है; यह साल भर चलने वाली योजना है। बीमारी की पुष्टि होते ही कभी भी आवेदन किया जा सकता है।

8. सहायता कब तक मिलती है और कब रुक सकती है?

सहायता तब तक मिलती है जब तक मरीज जीवित है और दुर्लभ रोग से पीड़ित है। सिविल सर्जन हर साल दोबारा जाँच करते हैं — अगर मरीज ठीक हो गया है, तो DSWO को सूचित करके सहायता रोक दी जाती है। मृत्यु होने, पात्रता की शर्तें तोड़ने या गलत जानकारी देने पर भी सहायता तुरंत रुक जाती है, और गलत तरीके से ली गई राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित वसूली जा सकती है।

9. क्या दुर्लभ रोग के मरीज को चिरायु योजना का लाभ भी मिलेगा?

हाँ। दुर्लभ रोग के मरीजों को चिरायु योजना में परिवार की आय सीमा में छूट के साथ शामिल किया गया है — इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में ₹5 लाख प्रति वर्ष तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इसके लिए अपने जिले के सिविल सर्जन कार्यालय से संपर्क करें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
ऑनलाइन आवेदन — SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in (Apply for Services → Social Justice and Empowerment → “Rare Diseases” खोजें)
स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा (बीमारियों व CoE की सूची) haryanahealth.gov.in (सत्यापन प्रमाण पत्र का पोर्टल भी यहीं है)
राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 (MoHFW) rarediseases.mohfw.gov.in (नीति, अधिसूचित बीमारियों की सूची और CoE की सूची)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ myscheme.gov.in/search/state/Haryana (योजना सूची; इस योजना का अलग विवरण पेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हुआ)
SEWA विभाग — हेल्पलाइन 0172-3968400 | ईमेल: [email protected]
जिला सिविल सर्जन / DSWO कार्यालय अपने जिले का सिविल सर्जन कार्यालय (निदान सत्यापन) व जिला समाज कल्याण कार्यालय (स्वीकृति) — फॉर्म, दस्तावेज़ और वर्तमान स्थिति की पुष्टि के लिए
CSC केंद्र नज़दीकी Common Service Centre / अटल सेवा केंद्र — ऑनलाइन आवेदन में मदद के लिए (सेवा शुल्क ₹30)

संबंधित गाइड — ये भी पढ़ें: वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026: ₹3,200 महीना | कैंसर मरीज पेंशन 2026: स्टेज 3-4 को ₹3,200 महीना | दिव्यांग पेंशन 2026: ₹3,200 महीना | सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन 2026: ₹4,000 महीना + ₹5 लाख | आयुष्मान भारत PMJAY: हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है — हरियाणा सरकार की राजपत्र अधिसूचना (12 दिसंबर 2023, संख्या 40/20/2023-4SW), SARAL सेवा दस्तावेज़ (अप्रैल 2025), SEWA विभाग की बढ़ोतरी अधिसूचना (फरवरी 2026; News18, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स), राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 और संसद में दिया गया उत्तर (लोकसभा प्रश्न 2657, 11 अगस्त 2026), और myScheme पोर्टल की हरियाणा सूची। राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में सरकार के निर्णय से बदलाव हो सकता है — आवेदन करने से पहले SARAL पोर्टल या अपने जिले के सिविल सर्जन / जिला समाज कल्याण कार्यालय से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। इस गाइड में जहाँ-जहाँ स्रोतों में अंतर या अपुष्ट जानकारी है, वहाँ उसे साफ-साफ बता दिया गया है। Viksit Haryana किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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