सिंधु नदी — जिसे वेदों में सबसे पवित्र नदियों में गिना गया है — के किनारे लेह-लद्दाख में हर साल जून में सिंधु दर्शन यात्रा होती है। हरियाणा सरकार इस यात्रा पर जाने वाले अपने राज्य के श्रद्धालुओं को ₹20,000 की आर्थिक सहायता देती है। अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस सहायता का वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु कर दिया है। इस गाइड में सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 की पूरी जानकारी है — कितनी सहायता मिलती है, कौन पात्र है, यात्रा के बाद दावा कैसे करें, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए और किन बातों में अभी भी पुष्टि बाकी है।
पहले एक ज़रूरी बात समझ लें: यह योजना मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना जैसी मुफ्त यात्रा नहीं है। सिंधु दर्शन यात्रा में सरकार पहले यात्रा नहीं कराती — श्रद्धालु खुद यात्रा पूरी करते हैं, और यात्रा के बाद सरकार से आर्थिक सहायता का दावा करते हैं। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर करना होता है। जो इस बात को नहीं समझता, वह सहायता से चूक सकता है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 (myScheme पर “Sindhu Dharshan Yatra Scheme 2016” लिखा है) |
| विभाग | पर्यटन विभाग, हरियाणा सरकार (Haryana Tourism Department) |
| यात्रा स्थल | सिंधु नदी का तट, शे (Shey), लेह, लद्दाख |
| यात्रा का समय | हर साल जून में (गुरु पूर्णिमा के आसपास) |
| आर्थिक सहायता | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु (अक्टूबर 2026 से, पर्यटन विभाग के अनुसार) |
| वार्षिक कोटा | 100 श्रद्धालु प्रति वर्ष (अक्टूबर 2026 से; पहले 50) |
| पात्रता | हरियाणा का स्थायी निवासी; यात्रा राज्य/केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था के माध्यम से पूरी की हो |
| सहायता की प्रकृति | यात्रा के बाद दावा (reimbursement) — पहले यात्रा, फिर सहायता |
| दावा करने की समय-सीमा | यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर |
| दावा कहाँ करें | पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) को, निर्धारित प्रारूप Annexure A में |
| आवेदन शुल्क | योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है |
| ऑनलाइन पोर्टल | अक्टूबर 2026 में ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश; 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई |
| संपर्क | हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955 |
सिंधु दर्शन यात्रा क्या है?
सिंधु दर्शन यात्रा लेह-लद्दाख में सिंधु (Indus) नदी के किनारे होने वाला वार्षिक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है। सिंधु नदी को भारतीय सभ्यता की जननी माना जाता है — वेदों की ऋचाएँ इसी नदी के किनारे रची गई थीं। हर साल जून में, गुरु पूर्णिमा के आसपास, देश भर से श्रद्धालु सिंधु घाट पर इकट्ठा होकर नदी की पूजा करते हैं और राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हैं।
इस यात्रा की शुरुआत 1996 में हुई थी, जब तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने सिंधु दर्शन अभियान शुरू किया था; पहली यात्रा 1997 में हुई। तब से यह यात्रा हर साल होती आ रही है। वर्ष 2026 में इसका 30वाँ संस्करण मनाया गया — और पहली बार इसे सिंधु कुंभ के रूप में मनाया गया।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| स्थान | सिंधु घाट, शे (Shey), लेह, लद्दाख — सिंधु नदी के किनारे |
| नदी | सिंधु (Indus) — तिब्बत के मानसरोवर क्षेत्र से निकलती है |
| समय | हर साल जून में, गुरु पूर्णिमा के आसपास |
| शुरुआत | 1996 में सिंधु दर्शन अभियान; पहली यात्रा 1997 में |
| 2026 का आयोजन | 30वाँ संस्करण + पहला सिंधु कुंभ, 22–27 जून 2026, सिंधु घाट, लेह |
| आयोजक | सिंधु दर्शन यात्रा समिति (Sindhu Darshan Yatra Samiti) |
| 2026 उद्घाटन | 23 जून 2026 को लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने किया; 8 देशों के राजदूत शामिल हुए |
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
वर्तमान में हरियाणा सरकार सिंधु दर्शन यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक पात्र श्रद्धालु को ₹20,000 की आर्थिक सहायता देती है। यह जानकारी पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने 22 अक्टूबर 2026 को हरियाणा सिविल सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में दी थी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की थी। उसी बैठक में वार्षिक कोटा 50 से बढ़ाकर 100 श्रद्धालु करने का ऐलान हुआ। घोषणा में यह भी कहा गया कि कोटा बढ़ने के बाद भी प्रति श्रद्धालु सहायता की राशि यथावत रहेगी — यानी ₹20,000 पहले से ही वर्तमान दर थी।
ध्यान दें: 2016 की योजना के मूल पाठ में सहायता “वास्तविक खर्च का 50% या ₹10,000, जो कम हो” थी। अक्टूबर 2026 की घोषणा में सिर्फ “₹20,000 प्रति श्रद्धालु” कहा गया है — 50% की पुरानी शर्त अब भी लागू है या नहीं, इसकी पुष्टि घोषणा में नहीं हुई है। इस गाइड में ₹20,000 ही वर्तमान राशि के रूप में दी गई है; दावा करने से पहले पर्यटन विभाग से इस शर्त की पुष्टि ज़रूर करें।
सहायता राशि का इतिहास — ₹10,000 से ₹20,000
इस योजना की राशि समय के साथ बदली है। पूरा इतिहास इस प्रकार है:
| समय | सहायता | वार्षिक कोटा | स्रोत |
|---|---|---|---|
| जून 2015 | वास्तविक खर्च का 50% या ₹10,000 (जो कम हो) | 50 श्रद्धालु | PTI / हरियाणा सरकार की घोषणा — पहली बार 50 श्रद्धालुओं का प्रायोजन |
| 2016 | वास्तविक खर्च का 50% या ₹10,000 (जो कम हो) | 50 श्रद्धालु | योजना औपचारिक रूप से “Sindhu Darshan Yatra Scheme, 2016” |
| मई 2026 | ₹10,000 प्रति श्रद्धालु (CM के बयान के अनुसार) | 50 श्रद्धालु | The Tribune, 15 मई 2026 — “स्वर्ण जयंती सिंधु दर्शन योजना” के तहत ₹10,000 |
| अक्टूबर 2026 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु | 100 श्रद्धालु | पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान; CM ने कोटा दोगुना किया (22 अक्टूबर 2026) |
₹10,000 से ₹20,000 होने की सही तारीख सत्यापित नहीं हो सकी है — मई 2026 तक ₹10,000 ही बताया जा रहा था, और अक्टूबर 2026 में ₹20,000 बताया गया। इसलिए बदलाव मई से अक्टूबर 2026 के बीच कभी हुआ है; गाइड में कोई अनुमानित तारीख नहीं दी जा रही है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आर्थिक सहायता के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है — दूसरे राज्य के निवासी इस योजना से सहायता नहीं पा सकते।
- यात्रा राज्य सरकार, केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था (Society) के माध्यम से पूरी की हो — पूरी तरह निजी तौर पर की गई यात्रा पर सहायता का दावा तभी होगा जब उसके पूर्ण होने का प्रमाण पत्र हो।
- यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) देना होगा — यह प्रमाण पत्र उसी सरकार या संस्था से मिलता है, जिसके माध्यम से यात्रा की गई थी। बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा।
- आर्थिक सहायता एक श्रद्धालु को सिर्फ एक बार मिलती है — जिसने एक बार यह सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता।
आयु और आय सीमा: हरियाणा की योजना के पाठ में कोई आयु सीमा या आय सीमा दर्ज नहीं है — न न्यूनतम आयु, न अधिकतम आयु, न आय की कोई शर्त। यह बात साफ तौर पर इसलिए लिखी जा रही है क्योंकि दूसरे राज्यों की इसी तरह की योजनाओं में ऐसी शर्तें हैं (जैसे मध्य प्रदेश में आयकरदाता पात्र नहीं) — वे शर्तें हरियाणा की योजना पर लागू नहीं होतीं।
कौन पात्र नहीं है?
- जो हरियाणा का स्थायी निवासी नहीं है — दूसरे राज्य के निवासी हरियाणा सरकार की इस योजना से दावा नहीं कर सकते।
- जिसके पास यात्रा पूर्ण होने का प्रमाण पत्र नहीं है — बिना प्रमाण पत्र के दावा स्वीकार नहीं होगा।
- जिसने पहले ही इस योजना की आर्थिक सहायता एक बार ले ली हो — एक बार का नियम लागू होता है।
- जिसने यात्रा ही नहीं की हो — बिना यात्रा किए सहायता का दावा नहीं किया जा सकता; यह योजना यात्रा से पहले की अग्रिम सहायता नहीं है।
- जिसने यात्रा के 2 महीने बाद दावा किया हो — दावा करने की समय-सीमा बीत जाने पर दावा स्वीकार नहीं होगा।
यात्रा कब होती है?
सिंधु दर्शन यात्रा हर साल जून में, गुरु पूर्णिमा के आसपास होती है। वर्ष 2026 में इसका 30वाँ संस्करण 22–27 जून 2026 को सिंधु घाट, लेह में मनाया गया — पहली बार इसे सिंधु कुंभ के रूप में मनाया गया। 2026 की यात्रा हो चुकी है।
| वर्ष | आयोजन | स्थिति (8 नवंबर 2026 तक) |
|---|---|---|
| 2024 | सिंधु दर्शन उत्सव, जून | हो चुका |
| 2025 | सिंधु दर्शन यात्रा, जून | हो चुका |
| 2026 | 30वाँ संस्करण + पहला सिंधु कुंभ, 22–27 जून 2026 | हो चुका — दावा करने की 2 महीने की समय-सीमा ~27 अगस्त 2026 को बीत चुकी |
| 2027 | जून 2027 (तारीख घोषित नहीं) | तारीखों की घोषणा का इंतज़ार करें — गाइड में कोई अनुमानित तारीख नहीं दी जा रही |
2026 में यात्रा पर गए श्रद्धालु ध्यान दें: अगर आप 22–27 जून 2026 की यात्रा पर गए थे और अभी तक दावा नहीं किया है, तो 2 महीने की समय-सीमा बीत चुकी है। देर से दावा स्वीकार होगा या नहीं — यह सिर्फ पर्यटन विभाग ही बता सकता है; इस बारे में गाइड में कोई अनुमान नहीं दिया जा रहा है। अगली यात्रा जून 2027 में होगी — उसकी तारीखें घोषित होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा।
दावा कैसे करें?
इस योजना में सबसे ज़रूरी बात यह है कि सहायता यात्रा से पहले नहीं, यात्रा के बाद मिलती है। पहले यात्रा पूरी करें, उसके बाद दावा करें। दावा यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर पर्यटन विभाग के निदेशक को निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में करना होता है।
SARAL पोर्टल को लेकर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर “अंत्योदय-SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करें” लिखा है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है। उल्टा, अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने इन तीनों तीर्थ योजनाओं (गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर, सिंधु दर्शन) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं — जिसका मतलब है कि अभी तक ऐसा कोई पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। इसलिए इस गाइड में SARAL से आवेदन की प्रक्रिया नहीं दी जा रही है — सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है। पोर्टल शुरू होते ही गाइड अपडेट की जाएगी।
दावा प्रक्रिया — चरण-दर-चरण
यात्रा के बाद दावा करने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- यात्रा पूरी करें: राज्य सरकार, केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था के माध्यम से सिंधु दर्शन यात्रा करें। यात्रा के सभी खर्चों के बिल, टिकट और रसीदें संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
- पूर्णता प्रमाण पत्र लें: यात्रा पूरी होने का प्रमाण पत्र उसी सरकार या संस्था से लें, जिसके माध्यम से यात्रा की थी। यह दस्तावेज़ दावे के लिए अनिवार्य है।
- Annexure A भरें: निर्धारित प्रारूप (Annexure A) में आवेदन भरें — आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, पूरा वर्तमान पता, फोटो आदि। यह प्रारूप हरियाणा पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर योजना के दस्तावेज़ के साथ उपलब्ध है।
- दस्तावेज़ जोड़ें: नीचे दी गई सूची के सभी दस्तावेज़ संलग्न करें, साथ में यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे।
- निदेशक को जमा करें: यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर आवेदन Director, Tourism Department, Haryana को जमा करें — कार्यालय: हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017।
- मंज़ूरी और भुगतान: निदेशक दस्तावेज़ों की जाँच करके 15 दिन के भीतर मामला Administrative Secretary, Tourism Department, Haryana को भेजते हैं; मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
दावे के साथ ये दस्तावेज़ लगाने होते हैं:
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| पहचान प्रमाण | आधार कार्ड या कोई अन्य फोटो पहचान पत्र |
| पता प्रमाण | हरियाणा के स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) की सत्यापित प्रति |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | आवेदन पत्र (Annexure A) पर लगाने के लिए |
| यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र | राज्य/केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था से — अनिवार्य; बिना इसके दावा स्वीकार नहीं होगा |
| यात्रा खर्च के बिल / रसीदें | वास्तविक खर्च का प्रमाण — 50% की शर्त लागू होने पर ज़रूरी |
| घोषणा पत्र | यह घोषणा कि आपने पहले कभी यह आर्थिक सहायता नहीं ली है और आगे भी नहीं लेंगे |
| बैंक विवरण | भुगतान के लिए खाता विवरण — 2016 के प्रारूप में भुगतान Demand Draft से होता था; वर्तमान भुगतान माध्यम सत्यापित नहीं है, विभाग से पूछें |
| मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र | योजना के दिशा-निर्देशों में माँगा जाए तो (लेह ऊँचाई वाला क्षेत्र है, इसलिए फिटनेस ज़रूरी है) |
नोट: पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम होता है — दावा करते समय विभाग जो अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगे, वह भी देना होगा।
दावा मंज़ूरी की प्रक्रिया
दावा जमा होने के बाद मंज़ूरी की प्रक्रिया इस प्रकार चलती है:
| चरण | क्या होता है | समय |
|---|---|---|
| 1. जाँच | पर्यटन विभाग के निदेशक (Director, Tourism Department, Haryana) आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करते हैं | आवेदन मिलने पर |
| 2. अग्रेषण | निदेशक मामला Administrative Secretary, Government of Haryana, Tourism Department को भेजते हैं | 15 दिन के भीतर |
| 3. मंज़ूरी | Administrative Secretary की मंज़ूरी के बाद आर्थिक सहायता जारी होती है | मंज़ूरी के बाद |
| 4. भुगतान | 2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी | मंज़ूरी के बाद |
भुगतान के माध्यम को लेकर सावधानी: 2016 के योजना-पाठ में भुगतान Demand Draft से होने की बात है, लेकिन वर्तमान में भुगतान DBT (बैंक खाते में सीधे) से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है। दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें। इस योजना की कोई RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है, इसलिए मंज़ूरी में कितना समय लगेगा, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा गाइड में नहीं दिया जा रहा है।
शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| आवेदन शुल्क | योजना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है — दावा निःशुल्क है |
| दावा करने की समय-सीमा | यात्रा पूरी होने के 2 महीने के भीतर — यही इस योजना की असली “अंतिम तिथि” है |
| मंज़ूरी की प्रक्रिया | निदेशक → 15 दिन में Administrative Secretary को → मंज़ूरी → भुगतान |
| भुगतान | 2016 के पाठ में Demand Draft; वर्तमान माध्यम सत्यापित नहीं — विभाग से पूछें |
| स्टेटस चेक (ऑनलाइन) | कोई ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं है — विभाग से ही संपर्क करें |
| स्टेटस चेक (ऑफलाइन) | पर्यटन विभाग, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — फोन 0172-2702955 |
| अंतिम तिथि (last date) | कोई स्थायी अंतिम तिथि नहीं है — हर यात्रा के बाद 2 महीने की दावा-खिड़की होती है; 2026 की यात्रा 22–27 जून को हो चुकी है, 2027 की तारीखें घोषित नहीं हुई हैं |
| लाभ की आवृत्ति | एक श्रद्धालु को सिर्फ एक बार |
ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल — नया निर्देश
22 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को तीनों तीर्थ योजनाओं — स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा — के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। घोषणा के अनुसार आर्थिक सहायता सिर्फ पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही मिलेगी, ताकि आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी हो और योग्य श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिले।
लेकिन 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल का नाम, लिंक या शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है — इसलिए इस गाइड में कोई पोर्टल लिंक नहीं दिया जा रहा है। पोर्टल शुरू होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। तब तक दावा ऑफलाइन ही करना होगा — पोर्टल के नाम पर किसी अनौपचारिक लिंक या व्यक्ति को पैसे न दें।
यात्रा की तैयारी — लेह-लद्दाख जाने से पहले
सिंधु दर्शन यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- ऊँचाई का ध्यान रखें: लेह की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 3,500 मीटर है। ऊँचाई की बीमारी (AMS) से बचने के लिए पहुँचने के बाद 1–2 दिन आराम करें, खूब पानी पिएँ और डॉक्टर की सलाह लें।
- गर्म कपड़े साथ रखें: जून में भी लेह की रातें ठंडी होती हैं — गर्म कपड़े, सनस्क्रीन और धूप का चश्मा ज़रूर रखें।
- सभी बिल और रसीदें संभालें: यात्रा के टिकट, होटल और परिवहन के सभी बिल संभालकर रखें — दावा करते समय खर्च का प्रमाण चाहिए होगा।
- पूर्णता प्रमाण पत्र यात्रा के दौरान ही लें: यात्रा पूरी होने का प्रमाण पत्र उसी समय ले लें — बाद में इसे हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
- पहचान पत्र साथ रखें: आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण पत्र की प्रतियाँ साथ रखें।
- दावे की समय-सीमा याद रखें: लौटने के बाद 2 महीने के भीतर दावा करना है — देर न करें।
अंतर समझें — सिंधु दर्शन vs कैलाश मानसरोवर vs गुरु दर्शन
हरियाणा सरकार की तीनों तीर्थ सहायता योजनाएँ एक जैसी लगती हैं — लेकिन राशि और यात्रा अलग-अलग हैं। अक्टूबर 2026 की घोषणा के बाद तीनों का कोटा 100-100 श्रद्धालु हो गया है:
| योजना | सहायता | वार्षिक कोटा | यात्रा |
|---|---|---|---|
| सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु | 100 | सिंधु नदी, लेह-लद्दाख (जून, गुरु पूर्णिमा) |
| कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना | ₹50,000 प्रति श्रद्धालु | 100 | कैलाश मानसरोवर, तिब्बत (अलग गाइड आएगी) |
| स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना 2016 | ₹20,000 प्रति श्रद्धालु | 100 | गुरु दर्शन तीर्थ यात्रा (अलग गाइड आएगी) |
| मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना | मुफ्त यात्रा (3rd AC ट्रेन, खाना, ठहरना) | बैच अनुसार | 60+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए; SARAL से आवेदन (पूरी गाइड वेबसाइट पर है) |
तीनों सहायता योजनाओं में एक समान बात यह है कि सहायता यात्रा के बाद दावा करके मिलती है, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में सरकार खुद यात्रा कराती है।
अन्य राज्यों की सिंधु दर्शन सहायता
सिंधु दर्शन यात्रा के लिए कई राज्य अपने निवासियों को सहायता देते हैं। यह तालिका सिर्फ जानकारी के लिए है — हरियाणा के निवासी सिर्फ हरियाणा सरकार की योजना से ही दावा कर सकते हैं, दूसरे राज्य की योजना से नहीं:
| राज्य | सहायता | वार्षिक कोटा | खास शर्त |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ₹20,000 या वास्तविक खर्च (जो कम हो) | अधिकतम 100 | जीवन में एक बार; सिर्फ ऑनलाइन आवेदन |
| बिहार | 50% या ₹20,000 (जो कम हो) | अधिकतम 100 | जीवन में एक बार; यात्रा के 60 दिन के भीतर आवेदन |
| मध्य प्रदेश | 50% या ₹10,000 (जो कम हो) | जिला कलेक्टर से दावा | जीवन में एक बार; आयकरदाता पात्र नहीं |
| छत्तीसगढ़ / गुजरात / राजस्थान | इसी तरह की योजनाएँ चलती हैं (PTI के अनुसार) | — | विवरण राज्य अनुसार अलग-अलग |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. सिंधु दर्शन यात्रा योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
वर्तमान में ₹20,000 प्रति श्रद्धालु — यह जानकारी पर्यटन विभाग के आयुक्त ने 22 अक्टूबर 2026 को दी थी। पहले यह सहायता ₹10,000 (वास्तविक खर्च का 50% या ₹10,000, जो कम हो) थी। वार्षिक कोटा अब 100 श्रद्धालु है, पहले 50 था।
2. क्या यात्रा से पहले आवेदन करना होता है?
नहीं। इस योजना में पहले यात्रा पूरी करनी होती है, फिर यात्रा के 2 महीने के भीतर दावा करना होता है। यात्रा से पहले कोई आवेदन नहीं होता — जो पहले आवेदन करने की बात कहे, वह इस योजना को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से मिला रहा है।
3. कौन आवेदन कर सकता है?
हरियाणा का स्थायी निवासी, जिसने राज्य सरकार, केंद्र सरकार या मान्यता प्राप्त संस्था के माध्यम से सिंधु दर्शन यात्रा पूरी की हो और जिसके पास यात्रा पूर्णता प्रमाण पत्र हो। सहायता एक श्रद्धालु को सिर्फ एक बार मिलती है।
4. क्या SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?
सत्यापित नहीं। कुछ वेबसाइटों पर SARAL से ऑनलाइन आवेदन की बात लिखी है, लेकिन SARAL पर इस योजना की कोई सेवा सत्यापित नहीं हो सकी है — और अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल बनाने के निर्देश ही दिए हैं, जिसका मतलब है कि पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है। सत्यापित तरीका ऑफलाइन दावा ही है।
5. 2026 की यात्रा के लिए दावा अब भी किया जा सकता है?
2026 की यात्रा 22–27 जून 2026 को हुई थी; दावा करने की 2 महीने की समय-सीमा ~27 अगस्त 2026 को बीत चुकी है। देर से दावा स्वीकार होगा या नहीं — यह सिर्फ पर्यटन विभाग ही बता सकता है; इस बारे में गाइड में कोई अनुमान नहीं दिया जा रहा है।
6. सहायता कितनी बार मिल सकती है?
एक श्रद्धालु को सिर्फ एक बार। जिसने एक बार यह आर्थिक सहायता ले ली, वह दोबारा इसका दावा नहीं कर सकता — दावा करते समय इस आशय की घोषणा भी देनी होती है।
7. क्या कोई आयु या आय सीमा है?
हरियाणा की योजना के पाठ में कोई आयु सीमा या आय सीमा दर्ज नहीं है। दूसरे राज्यों की इसी तरह की योजनाओं में ऐसी शर्तें हैं (जैसे मध्य प्रदेश में आयकरदाता पात्र नहीं), लेकिन वे शर्तें हरियाणा की योजना पर लागू नहीं होतीं।
8. भुगतान कैसे मिलता है?
2016 के योजना-पाठ के अनुसार सहायता Demand Draft से जारी होती थी। वर्तमान में भुगतान DBT से होता है या अब भी Demand Draft से — यह सत्यापित नहीं हो सका है; दावा करते समय विभाग से भुगतान का माध्यम ज़रूर पूछ लें।
9. अगली सिंधु दर्शन यात्रा कब है?
यात्रा हर साल जून में, गुरु पूर्णिमा के आसपास होती है। 2027 की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं — तारीखें घोषित होते ही इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। यात्रा से पहले पर्यटन विभाग या सिंधु दर्शन यात्रा समिति की सूचना से तारीखें जाँच लें।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
| काम | लिंक / संपर्क |
|---|---|
| ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल | अक्टूबर 2026 में बनाने के निर्देश दिए गए; 8 नवंबर 2026 तक पोर्टल शुरू नहीं हुआ — कोई लिंक नहीं दिया जा रहा है |
| योजना दस्तावेज़ (PDF) | haryanatourism.gov.in/WriteReadData/downloads/SindhuDarshanYatraScheme2016.pdf (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में साइट नहीं खुली — DNS/टाइमआउट; लिंक नोट सहित दिया गया है) |
| पर्यटन विभाग (कार्यालय) | हरियाणा पर्यटन निगम, SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 160017 |
| फोन | 0172-2702955 / 2702956 / 2702957, 0172-2720437 |
| ईमेल | [email protected] | [email protected] |
| वेबसाइट | haryanatourism.gov.in (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में नहीं खुली) |
| myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) | myscheme.gov.in/search/state/Haryana (विवरण पेज क्लाइंट-रेंडर होने के कारण सीधे पढ़ा नहीं जा सका; सूची पेज भी देखें) |
| SARAL हेल्पलाइन | 0172-3968400 | ईमेल: [email protected] (सिर्फ SARAL पोर्टल के सामान्य प्रश्नों के लिए) |
संबंधित गाइड — ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना 2026: 60+ को मुफ्त तीर्थ यात्रा | हरियाणा वाराणसी-अमृतसर यात्रा योजना 2026: बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा | तीर्थ यात्रियों को बड़ी सौगात: गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और सिंधु दर्शन में कोटा दोगुना | हरियाणा वृद्धावस्था सम्मान भत्ता 2026: ₹3,200 महीना
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है — हरियाणा सरकार की सिंधु दर्शन यात्रा योजना 2016 का दस्तावेज़, पर्यटन विभाग की अक्टूबर 2026 की घोषणा (पर्यटन विभाग के आयुक्त का बयान), PTI की 2015–2016 की खबरें और myScheme पोर्टल की हरियाणा सूची। सहायता की राशि, कोटा और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है — दावा करने से पहले पर्यटन विभाग, हरियाणा (SCO 17–19, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ — 0172-2702955) से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। इस गाइड में जहाँ-जहाँ स्रोतों में अंतर या अपुष्ट जानकारी है, वहाँ उसे साफ-साफ बता दिया गया है। Viksit Haryana किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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