हरियाणा महिला विकास निगम लोन क्या है?
हरियाणा महिला विकास निगम (Haryana Women Development Corporation — HWDC), जिसे हरियाणा महिला विकास निगम भी कहा जाता है, राज्य सरकार की वह संस्था है जो महिलाओं को स्वरोज़गार और छोटे व्यवसाय के लिए वित्तीय मदद देती है। निगम की सबसे पुरानी और बुनियादी लोन व्यवस्था का नाम है — व्यक्तिगत ऋण योजना (Individual Loaning Scheme)। इसके तहत कोई भी पात्र महिला अपना छोटा-सा काम शुरू करने के लिए ₹1.50 लाख तक की परियोजना लागत पर वित्तीय सहायता ले सकती है।
इस योजना की खासियत यह है कि इसमें सरकार सिर्फ लोन दिलवाती नहीं है — वह सब्सिडी भी देती है। सामान्य और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को परियोजना लागत की 25% सब्सिडी, अधिकतम ₹10,000 तक मिलती है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 25% सब्सिडी, अधिकतम ₹25,000 तक मिलती है। महिला को परियोजना लागत का सिर्फ 10% अपने हिस्से के रूप में लगाना होता है, बाकी रकम राष्ट्रीयकृत बैंक से लोन के रूप में मिलती है।
एक बात शुरुआत में ही साफ कर दें — यह योजना मातृशक्ति उद्यमिता योजना से अलग है, हालाँकि दोनों ही हरियाणा महिला विकास निगम के ज़रिए चलती हैं। दोनों के बीच का फर्क इस गाइड में नीचे विस्तार से समझाया गया है, ताकि आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही योजना चुन सकें।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | व्यक्तिगत ऋण योजना (Individual Loaning Scheme) |
| संचालक संस्था | हरियाणा महिला विकास निगम (HWDC) |
| लाभार्थी | हरियाणा की स्थायी निवासी महिलाएँ |
| अधिकतम परियोजना लागत | ₹1,50,000 |
| महिला का अपना हिस्सा | परियोजना लागत का 10% |
| सब्सिडी (सामान्य/पिछड़ा वर्ग) | परियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹10,000 |
| सब्सिडी (अनुसूचित जाति) | परियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹25,000 |
| बाकी रकम | राष्ट्रीयकृत/वाणिज्यिक बैंक से लोन |
| पारिवारिक आय सीमा | ₹1,50,000 प्रति वर्ष से कम (योजना पृष्ठ के अनुसार) |
| आवेदन का तरीका | जिला प्रबंधक, महिला विकास निगम कार्यालय (ऑफलाइन); SARAL पोर्टल पर भी जाँच करें |
| आधिकारिक पोर्टल | saralharyana.gov.in |
मातृशक्ति योजना से फर्क — कौन-सी योजना आपके लिए है?
हरियाणा महिला विकास निगम एक ही संस्था के ज़रिए कई लोन योजनाएँ चलाता है, इसलिए भ्रम होना आम बात है। नीचे दी गई तालिका से फर्क साफ हो जाएगा:
| बिंदु | व्यक्तिगत ऋण योजना (यह गाइड) | मातृशक्ति उद्यमिता योजना | विधवा अनुदान योजना |
|---|---|---|---|
| लोन/परियोजना सीमा | ₹1.5 लाख तक की परियोजना | ₹5 लाख तक का बैंक लोन | ₹3 लाख तक का बैंक लोन |
| सब्सिडी | 25% — अधिकतम ₹10,000 (सामान्य/BC), ₹25,000 (SC) | समय पर किस्त पर 3 साल तक 7% ब्याज सब्सिडी | ब्याज सब्सिडी अधिकतम ₹50,000 या 3 साल (जो पहले हो) |
| पारिवारिक आय सीमा | ₹1.5 लाख/वर्ष से कम | ₹5 लाख/वर्ष से कम | ₹3 लाख/वर्ष तक |
| आयु | महिला आवेदक (आयु सीमा जिला कार्यालय से जाँचें) | 18 से 60 वर्ष | 18 से 60 वर्ष |
| किसके लिए | सभी पात्र महिलाएँ | सभी पात्र महिलाएँ | सिर्फ विधवा महिलाएँ |
| अपना हिस्सा | परियोजना का 10% | बैंक के नियमों के अनुसार | कुल लोन का 10% महिला को वहन करना होता है |
मातृशक्ति योजना की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें: मातृशक्ति उद्यमिता योजना हरियाणा 2026: ₹5 लाख तक का लोन। अगर आपका काम छोटा है और आपको ₹1.5 लाख तक की मदद चाहिए, तो व्यक्तिगत ऋण योजना सही है; अगर बड़ा लोन चाहिए, तो मातृशक्ति योजना देखें।
ध्यान दें: आय सीमा को लेकर स्रोतों में थोड़ा अंतर है — योजना के विवरण पृष्ठ पर ₹1.5 लाख प्रति वर्ष दर्ज है, जबकि नवंबर 2025 की एक प्रेस रिपोर्ट में ₹1.8 लाख तक की आय वाली महिलाओं के पात्र होने की बात कही गई है। आवेदन से पहले अपने ज़िले के महिला विकास निगम कार्यालय से ताज़ा आय सीमा ज़रूर जाँच लें।
किन कामों के लिए लोन मिलता है?
इस योजना के तहत आर्थिक रूप से व्यवहार्य (economically viable) स्वरोज़गार परियोजनाओं के लिए मदद मिलती है, जैसे:
- खुदरा दुकान: किराना दुकान, जनरल स्टोर
- सौंदर्य और सिलाई: ब्यूटी पार्लर, सैलून, सिलाई-कढ़ाई (टेलरिंग) यूनिट, बुटीक
- हस्तशिल्प और हथकरघा: हैंडलूम, हस्तशिल्प कार्य
- पशुपालन: बकरी और भेड़ पालन, डेयरी से जुड़े छोटे काम
- खाद्य कार्य: पापड़-अचार बनाना, मिठाई की दुकान, फूड स्टॉल
- अन्य छोटे व्यवसाय: जिले के प्रबंधक से अपने काम की पात्रता की पुष्टि कराई जा सकती है
निगम के जिला प्रबंधक को इन लोन आवेदनों को प्रायोजित (sponsor) करने का अधिकार दिया गया है — यानी आपका आवेदन जिला कार्यालय से बैंक तक भेजा जाता है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकती है?
- महिला आवेदक — योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है।
- हरियाणा की स्थायी निवासी — आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- पारिवारिक आय — परिवार की सालाना आय ₹1,50,000 से कम होनी चाहिए (योजना पृष्ठ के अनुसार; ताज़ा सीमा जिला कार्यालय से जाँचें)।
- आयकर दाता नहीं — आवेदक के पति या माता-पिता आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
- 10% अपना हिस्सा — आवेदक को परियोजना लागत का 10% अपने हिस्से के रूप में लगाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- बैंक रिकॉर्ड साफ — पहले किसी बैंक लोन की डिफॉल्टर न हों (बैंक अपनी जाँच में यह देखता है)।
आयु सीमा के बारे में योजना के सार्वजनिक विवरण में कोई तय आँकड़ा दर्ज नहीं मिला है; मातृशक्ति और विधवा योजना में 18–60 वर्ष की सीमा है, इसलिए इस योजना के लिए भी जिला कार्यालय से आयु सीमा की पुष्टि कर लें।
सब्सिडी और लोन का हिसाब — उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपकी परियोजना की कुल लागत ₹1,00,000 है:
| हिस्सा | रकम |
|---|---|
| महिला का अपना हिस्सा (10%) | ₹10,000 |
| सब्सिडी — सामान्य/पिछड़ा वर्ग (25%, अधिकतम ₹10,000) | ₹10,000 |
| सब्सिडी — अनुसूचित जाति (25%, अधिकतम ₹25,000) | ₹25,000 |
| बैंक से लोन (बाकी रकम) — सामान्य वर्ग | ₹80,000 |
| बैंक से लोन (बाकी रकम) — SC वर्ग | ₹65,000 |
यानी SC वर्ग की महिला को ₹1 लाख की परियोजना के लिए सिर्फ ₹10,000 अपने पास से लगाने होते हैं, ₹25,000 सब्सिडी मिलती है और ₹65,000 बैंक लोन के रूप में मिलते हैं। सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹10,000 (सामान्य/BC) और ₹25,000 (SC) है — परियोजना बड़ी होने पर भी सब्सिडी इससे ज़्यादा नहीं मिलेगी।
ज़रूरी दस्तावेज़
आवेदन के समय आमतौर पर ये दस्तावेज़ माँगे जाते हैं:
| क्रम | दस्तावेज़ |
|---|---|
| 1 | आधार कार्ड |
| 2 | परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी) |
| 3 | निवास प्रमाण पत्र (हरियाणा का स्थायी निवास) |
| 4 | आय प्रमाण पत्र (परिवार की सालाना आय के लिए) |
| 5 | जाति प्रमाण पत्र (SC सब्सिडी के लिए, जहाँ लागू हो) |
| 6 | बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की कॉपी) |
| 7 | परियोजना रिपोर्ट / व्यवसाय का विवरण (क्या काम करना है, कितनी लागत आएगी) |
| 8 | पासपोर्ट साइज़ फोटो |
| 9 | मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी |
यह सूची योजना के सार्वजनिक विवरण पर आधारित है; जिला कार्यालय या पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — फॉर्म में जो दस्तावेज़ माँगा जाए, वही जमा करें।
आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
इस योजना का आवेदन मुख्य रूप से ऑफलाइन होता है — जिला प्रबंधक, हरियाणा महिला विकास निगम के कार्यालय के माध्यम से:
चरण 1: अपने ज़िले के महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक कार्यालय का पता करें। यह कार्यालय आमतौर पर जिला विकास भवन या जिला सचिवालय परिसर में होता है।
चरण 2: कार्यालय जाकर व्यक्तिगत ऋण योजना का आवेदन फॉर्म लें। साथ में अपनी परियोजना का छोटा-सा विवरण तैयार रखें — क्या काम करना है, कितनी लागत आएगी, कहाँ से सामान/कच्चा माल मिलेगा।
चरण 3: फॉर्म में अपनी जानकारी भरें — नाम, पता, आयु, पारिवारिक आय, जाति श्रेणी, बैंक खाते का विवरण और परियोजना का ब्योरा।
चरण 4: माँगे गए सभी दस्तावेज़ फॉर्म के साथ लगाकर जिला प्रबंधक कार्यालय में जमा करें।
चरण 5: जिला प्रबंधक आपके आवेदन की जाँच करके उसे संबंधित राष्ट्रीयकृत बैंक को प्रायोजित (sponsor) करते हैं।
चरण 6: बैंक अपनी प्रक्रिया के अनुसार परियोजना की जाँच करता है और लोन मंज़ूर करता है। मंज़ूरी के बाद सब्सिडी का हिस्सा और लोन की रकम नियमानुसार जारी की जाती है।
ऑनलाइन विकल्प: हरियाणा की ज़्यादातर योजनाएँ अब SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से जुड़ी हैं। आवेदन से पहले पोर्टल पर “Haryana Women Development Corporation” या “Individual Loaning Scheme” खोजकर देखें कि क्या इस योजना का ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध है — अगर उपलब्ध हो तो ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाए।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: योजना के सार्वजनिक विवरण में कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। अगर फॉर्म जमा करते समय कोई शुल्क दिखे या माँगा जाए, तो उसकी रसीद ज़रूर लें और जिला कार्यालय से पुष्टि करें। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें।
समय-सीमा: इस योजना के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — आवेदन साल भर खुले रहते हैं। लोन की मंज़ूरी का समय बैंक की जाँच प्रक्रिया पर निर्भर करता है, इसलिए दस्तावेज़ पूरे और सही रखना ही सबसे तेज़ रास्ता है।
लोन और सब्सिडी कैसे मिलेगी?
बैंक से लोन मंज़ूर होने के बाद रकम नियमानुसार जारी की जाती है — आमतौर पर परियोजना के काम के अनुसार, सीधे बैंक खाते या ज़रूरत के हिसाब से। सब्सिडी का हिस्सा सरकार की ओर से निगम के माध्यम से समायोजित किया जाता है। लोन की किस्तें बैंक के नियमों के अनुसार चुकानी होती हैं — समय पर किस्त चुकाना आपकी साख के लिए ज़रूरी है, ताकि भविष्य में भी किसी योजना का लाभ मिल सके।
आवेदन से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- सही योजना चुनें: ₹1.5 लाख तक की छोटी परियोजना के लिए यह योजना, ₹5 लाख तक के बड़े लोन के लिए मातृशक्ति योजना — दोनों की पात्रता और सब्सिडी अलग-अलग है। गलत योजना में आवेदन करने से समय बर्बाद होगा।
- परियोजना रिपोर्ट तैयार रखें: बैंक यह देखता है कि आपका काम वाकई चल पाएगा या नहीं। क्या बेचेंगी, ग्राहक कौन होंगे, कितनी आमदनी होगी — इसका छोटा-सा हिसाब पहले से तैयार रखें।
- आय सीमा की पुष्टि करें: आय सीमा को लेकर स्रोतों में ₹1.5 लाख और ₹1.8 लाख — दोनों आँकड़े मिले हैं। आवेदन से पहले जिला कार्यालय से ताज़ा सीमा ज़रूर पूछ लें।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन सिर्फ जिला प्रबंधक कार्यालय या saralharyana.gov.in से ही करें। कोई व्यक्ति अगर पैसे लेकर लोन दिलाने का दावा करे, तो वह धोखा हो सकता है।
महिलाओं के लिए हरियाणा की अन्य योजनाएँ
- मातृशक्ति उद्यमिता योजना — ₹5 लाख तक का लोन: बड़े व्यवसाय के लिए बैंक लोन और 7% ब्याज सब्सिडी।
- लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता — हरियाणा: बेटियों के लिए सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना।
- मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना — हरियाणा: बेटियों के विवाह पर आर्थिक सहायता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. हरियाणा महिला विकास निगम लोन में कितनी रकम मिलती है?
व्यक्तिगत ऋण योजना में ₹1.5 लाख तक की परियोजना पर मदद मिलती है — महिला का 10% हिस्सा, 25% सब्सिडी (अधिकतम ₹10,000 सामान्य/BC, ₹25,000 SC) और बाकी रकम बैंक लोन के रूप में।
2. क्या यह योजना मातृशक्ति योजना जैसी ही है?
नहीं। दोनों हरियाणा महिला विकास निगम की हैं, लेकिन अलग हैं — व्यक्तिगत ऋण योजना में ₹1.5 लाख तक की परियोजना पर सीधी सब्सिडी मिलती है, जबकि मातृशक्ति योजना में ₹5 लाख तक का बैंक लोन और 3 साल तक 7% ब्याज सब्सिडी मिलती है। आय सीमा भी अलग है (₹1.5 लाख बनाम ₹5 लाख)।
3. SC महिलाओं को कितनी सब्सिडी मिलती है?
परियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹25,000 तक। सामान्य और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए यही दर 25% है, लेकिन अधिकतम सीमा ₹10,000 है।
4. आवेदन कहाँ करना होगा?
अपने ज़िले के महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन होता है। साथ ही SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर भी योजना का ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध है या नहीं, यह जाँच लें।
5. पारिवारिक आय की सीमा क्या है?
योजना के विवरण पृष्ठ के अनुसार ₹1,50,000 प्रति वर्ष से कम। कुछ प्रेस रिपोर्टों में ₹1.8 लाख का भी उल्लेख है — आवेदन से पहले जिला कार्यालय से ताज़ा सीमा की पुष्टि कर लें।
6. क्या पति या माता-पिता के आयकर दाता होने पर आवेदन हो सकता है?
नहीं। योजना की शर्तों के अनुसार आवेदक के पति या माता-पिता आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
7. लोन किन कामों के लिए मिल सकता है?
किराना दुकान, जनरल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, हैंडलूम, बकरी-भेड़ पालन, पापड़-अचार, मिठाई की दुकान और फूड स्टॉल जैसे आर्थिक रूप से व्यवहार्य स्वरोज़गार कामों के लिए।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन/जाँच): saralharyana.gov.in
- हरियाणा महिला विकास निगम — जिला प्रबंधक कार्यालय (ऑफलाइन आवेदन का मुख्य माध्यम)
- मातृशक्ति उद्यमिता योजना (तुलना के लिए): viksitharyana.com/matrishakti-udyamita-yojana-haryana-5-lakh-loan
- हरियाणा महिला विकास निगम हेल्पलाइन (योजना निर्देशिकाओं के अनुसार): 0172-2564720 — यह नंबर सार्वजनिक निर्देशिकाओं से लिया गया है; आवेदन से पहले जिला कार्यालय से इसकी पुष्टि कर लें
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा महिला विकास निगम से जुड़े सार्वजनिक योजना विवरणों और प्रेस रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आय सीमा और आवेदन प्रक्रिया के बारे में स्रोतों में मामूली अंतर मिला है — आवेदन करने से पहले अपने ज़िले के महिला विकास निगम कार्यालय या SARAL पोर्टल पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें। पोर्टल का लाइव फॉर्म और जिला कार्यालय की जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी।

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