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Pashu Kisan Credit Card Haryana 2026: ₹3 Lakh Loan, 4% Interest

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Pashu Kisan Credit Card Haryana 2026: ₹3 Lakh Loan, 4% Interest
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 8:34 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के डेयरी किसान के लिए भैंस या गाय सिर्फ पशु नहीं, घर की रोज़ की आमदनी है। लेकिन दूध देने वाले पशु को हर महीने चारा-दाना, हरा चारा, मिनरल मिक्सचर, दवाइयाँ और पशु चिकित्सा पर खर्च चाहिए — और यह खर्च हर महीने आता है, जबकि दूध की आमदनी कभी कम, कभी ज़्यादा होती है। इसी रोज़मर्रा के खर्च के लिए हरियाणा सरकार ने पशु किसान क्रेडिट कार्ड (Pashu Kisan Credit Card — PKCC) की सुविधा दी है। इस कार्ड से पशुपालक को ₹3 लाख तक का लोन मिलता है, ₹1.60 लाख तक बिना किसी ज़मानत या ज़मीन गिरवी रखे, और समय पर पैसा लौटाने पर ब्याज सिर्फ 4% सालाना रह जाता है।

हरियाणा इस कार्ड को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य है — दिसंबर 2019 में इसकी शुरुआत हुई थी और पहले 101 कार्ड भिवानी में जारी किए गए थे। यह सुविधा फसल वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का ही पशुपालन वाला रूप है; 2019 में भारत सरकार ने KCC की सुविधा पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों तक बढ़ाई थी।

इस लेख में PKCC की पूरी जानकारी दी गई है — कितना लोन मिलेगा, ब्याज की पूरी गणित, कौन आवेदन कर सकता है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, बैंक शाखा से आवेदन कैसे करें, पैसा कैसे और कब मिलेगा, और किन गलतियों से बचना है।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम पशु किसान क्रेडिट कार्ड (Pashu Kisan Credit Card — PKCC)
शुरू हुई दिसंबर 2019 — भारत में सबसे पहले हरियाणा में
पहले कार्ड पहले 101 कार्ड भिवानी में जारी
विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सरकार
अधिकतम लोन ₹3 लाख तक
बिना ज़मानत (collateral-free) ₹1.60 लाख तक — ज़मीन गिरवी नहीं, कोई गारंटी नहीं
ब्याज दर बैंक की दर 7% सालाना; समय पर चुकाने पर 3% सब्सिडी — प्रभावी दर 4%
देर से चुकाने पर ब्याज 12% सालाना तक बढ़ सकता है
चुकाने की अवधि 1 साल के अंदर पूरी राशि लौटानी होती है
लोन किस काम के लिए चारा, दाना, दवाइयाँ, पशु चिकित्सा, बीमा, शेड रखरखाव — पशु खरीदने के लिए नहीं
आवेदन का तरीका ऑफलाइन — किसी भी बैंक शाखा में (ऑनलाइन पोर्टल नहीं)
आधिकारिक पोर्टल pashudhanharyana.gov.in
हेल्पलाइन 0172-2574663, 0172-2574664

पशु किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?

पशु किसान क्रेडिट कार्ड एक रिवॉल्विंग कैश क्रेडिट खाता है — यानी बैंक आपके नाम एक क्रेडिट लिमिट तय कर देता है, और आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से उसमें से पैसा निकालते और जमा करते रहते हैं। यह कोई एकमुश्त लोन नहीं है जो एक बार मिलकर खत्म हो जाए; यह आपके पशुओं के रोज़मर्रा के खर्च के लिए हमेशा तैयार रहने वाली उधारी की सुविधा है।

इस कार्ड से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल इन कामों के लिए होता है — पशुओं के लिए चारा और हरा चारा खरीदना, दाना और मिनरल मिक्सचर, बीमार पशु की दवाइयाँ और पशु चिकित्सक की फीस, पशुओं का बीमा, और शेड (बाड़े) का रखरखाव। कार्ड से ATM से नकद निकासी भी की जा सकती है और तय सीमा के अंदर बाज़ार में खरीदारी भी की जा सकती है।

सबसे ज़रूरी बात — यह कार्ड पशु खरीदने के लिए नहीं है। अगर आप नई भैंस या गाय खरीदना चाहते हैं, तो उसके लिए यह कार्ड काम नहीं आएगा। पशु खरीदने और डेयरी यूनिट लगाने के लिए विभाग की अलग योजना है — पशुपालन ऋण योजना (Pashupalan Loan Yojana), जिसमें डेयरी, सूअर पालन और भेड़-बकरी यूनिट पर 25% से 90% तक सब्सिडी मिलती है और आवेदन SARAL पोर्टल से 30 नवंबर 2026 तक खुले हैं। दोनों योजनाओं को एक समझने की गलती न करें — PKCC रोज़ का खर्च चलाने के लिए है, पशुपालन ऋण नई यूनिट लगाने के लिए। इसी तरह पशुधन बीमा योजना भी अलग है — वह पशु की मृत्यु पर होने वाले नुकसान की भरपाई करती है, जबकि PKCC पशु को पालने-पोसने का खर्च देता है। तीनों योजनाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं।

कितना लोन मिलेगा — पशु के हिसाब से तय सीमा

PKCC में लोन “जितना माँगो उतना” नहीं मिलता। हर पशु के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस नाम का एक तय चार्ट है — आपके पास जितने टैग लगे हुए पशु हैं, उसी हिसाब से आपकी क्रेडिट लिमिट तय होती है। योजना शुरू होने के समय तय की गई दरें इस प्रकार हैं:

पशु प्रति पशु लोन सीमा (स्केल ऑफ फाइनेंस) कैसे मिलेगा
भैंस (Buffalo) ₹60,249 हर टैग लगी भैंस पर
गाय (Cow) ₹40,783 6 बराबर मासिक किश्तों में (लगभग ₹6,797 प्रति माह)
भेड़ / बकरी (Sheep/Goat) ₹4,063 प्रति पशु
मुर्गी (Poultry) ₹720 प्रति पक्षी

उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 2 भैंस और 1 गाय है, तो आपकी सीमा लगभग ₹60,249 × 2 + ₹40,783 = ₹1,61,281 बनती है — लेकिन कुल सीमा ₹3 लाख से ज़्यादा नहीं हो सकती। गाय के ₹40,783 छह बराबर मासिक किश्तों में मिलते हैं — लगभग ₹6,797 प्रति माह। किसी महीने आप अपनी किश्त नहीं निकाल पाए, तो वह हिस्सा अगले महीने ले सकते हैं।

ध्यान दें: ऊपर दी गई दरें योजना शुरू होने के समय की हैं। स्केल ऑफ फाइनेंस समय-समय पर संशोधित होता रहता है, इसलिए आवेदन के समय अपने बैंक शाखा से वर्तमान दर लिखित में ज़रूर पूछ लें — बैंक की तय की गई सीमा ही अंतिम होगी।

₹1.60 लाख तक बिना ज़मानत: ₹1.60 लाख तक की सीमा के लिए न ज़मीन गिरवी रखनी पड़ती है, न कोई और ज़मानत देनी होती है। इससे ज़्यादा की सीमा पर बैंक ज़मीन या अन्य सुरक्षा माँग सकता है। एक ताज़ा जानकारी यह भी है कि केंद्र सरकार की Modified Interest Subvention Scheme (MISS) के तहत 1 जनवरी 2025 से पशु KCC की बिना-ज़मानत सीमा ₹2 लाख कर दी गई है — लेकिन हरियाणा में बैंक अभी भी अपने सर्कुलर के हिसाब से ₹1.6 लाख वाली सीमा पर काम कर रहे हैं। इसलिए अपनी शाखा से लिखित में पुष्टि ज़रूर कर लें।

ब्याज की पूरी गणित — 7% से 4% तक

PKCC के ब्याज को लेकर कई जगह अलग-अलग बातें लिखी मिलती हैं, इसलिए पूरी गणित साफ़ तौर पर समझ लें:

चरण ब्याज दर छूट कौन देता है
बैंक की मूल दर 7% सालाना —
केंद्र सरकार की ब्याज सब्सिडी (समय पर चुकाने पर) 7% − 3% = 4% भारत सरकार (3% छूट)
समय पर चुकाने पर प्रभावी ब्याज 4% सालाना —
समय पर न चुकाने पर 12% सालाना तक छूट खत्म हो जाती है

बैंक पहले 7% सालाना के हिसाब से ब्याज लगाता है। अगर आप पैसा समय पर लौटा देते हैं, तो केंद्र सरकार की ओर से 3% की ब्याज सब्सिडी मिलती है और आपकी प्रभावी दर 4% सालाना रह जाती है। यह सब्सिडी ₹3 लाख तक के लोन पर लागू होती है।

एक शर्त जो सबसे ज़रूरी है — पैसा 1 साल के अंदर लौटाना होगा। एक साल के अंदर निकाली गई पूरी राशि किसी एक दिन में जमा करनी होती है; उसी पर 4% वाली रियायत मिलती है। अगर आपने समय पर पैसा नहीं लौटाया, तो न सिर्फ छूट खत्म हो जाती है, बल्कि ब्याज 12% सालाना तक बढ़ सकता है और आप डिफॉल्टर भी माने जा सकते हैं। इसलिए 1 साल की तारीख कैलेंडर में लिख लें — पहली किश्त मिलने वाले दिन से गिनती शुरू होती है।

“0% ब्याज” वाले दावे पर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर लिखा है कि हरियाणा सरकार बाकी बचे 4% पर भी छूट देती है, जिससे समय पर चुकाने पर प्रभावी ब्याज 0% हो जाता है। यह दावा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि नहीं हुआ है, इसलिए इस लेख में इसे तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है। अगर आपकी बैंक शाखा लिखित में 0% की पुष्टि करती है, तो वही मानें — लेकिन बैंक से बिना लिखित पुष्टि के इस पर भरोसा न करें। सुरक्षित और सत्यापित तथ्य यही है: 7% मूल दर, समय पर चुकाने पर 4% प्रभावी।

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  • आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो और पशुपालन करता हो।
  • आवेदक गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर या मुर्गी पालन में से किसी एक या अधिक गतिविधि से जुड़ा हो।
  • पशु स्वस्थ हो और उसका पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हो।
  • पशु के कान पर ईयर टैग लगा हो — बिना टैग वाला पशु लोन सीमा में नहीं गिना जाएगा।
  • आवेदक के पास बैंक खाता हो — जिस शाखा में खाता है, वहीं आवेदन करना सबसे आसान रहता है।
  • आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) हो — बैंक शाखाएँ अब इसे नियमित रूप से माँगती हैं।

उम्र की कोई अलग सीमा योजना में नहीं बताई गई है; बैंक के सामान्य KCC नियम लागू होते हैं। अगर आपके पशु पहले से बीमित हैं, तो आवेदन और आसान हो जाता है — क्योंकि बैंक पशु का बीमा कराने पर ज़ोर देता है।

ज़रूरी दस्तावेज़

बैंक शाखा में आवेदन करते समय ये दस्तावेज़ साथ ले जाएँ:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र (स्थायी निवास प्रमाण पत्र / वोटर ID)
  • परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID)
  • बैंक खाते का विवरण (पासबुक की कॉपी)
  • पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र — सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा जारी
  • पशु बीमा (जहाँ लागू हो — बैंक पशुओं का बीमा कराने पर ज़ोर देता है)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • पशुओं के ईयर टैग नंबरों की सूची — आवेदन फॉर्म में पशुओं की संख्या और प्रकार के साथ टैग नंबर भरने होते हैं

नोट: बैंक की शाखा आवेदन के समय कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ भी माँग सकती है — बैंक का लाइव फॉर्म ही अंतिम है।

आवेदन कैसे करें? — स्टेप-बाय-स्टेप

PKCC के लिए कोई अलग ऑनलाइन पोर्टल नहीं है — यह बैंक का उत्पाद है और आवेदन बैंक शाखा में ही होता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

चरण 1 — पशुओं की टैगिंग और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाएँ

सबसे पहले अपने नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल जाएँ या अपने इलाके के पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon) से संपर्क करें। अपने सभी पशुओं के कान पर ईयर टैग लगवाएँ और उनका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाएँ। बिना टैग वाले पशु आपकी लोन सीमा में नहीं गिने जाएँगे — यही वह छिपा हुआ कदम है जिस पर सबसे ज़्यादा आवेदन अटकते हैं।

चरण 2 — पशुओं का बीमा करवाएँ

पशुओं का बीमा करवाना बैंक की शर्त होती है। हरियाणा की पशुधन बीमा योजना के तहत मात्र ₹100 से ₹300 सालाना अंशदान पर भैंस का ₹88,000 तक का बीमा हो जाता है (SC परिवारों के लिए मुफ्त) — इसका आवेदन SARAL पोर्टल से होता है। बीमा होने से बैंक को भी भरोसा रहता है और आपको भी सुरक्षा मिलती है।

चरण 3 — बैंक शाखा में जाकर फॉर्म लें

अपनी नज़दीकी किसी भी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक की शाखा में जाएँ — सबसे अच्छा है वही शाखा जहाँ आपका बचत खाता है। वहाँ बैंक अधिकारी से Animal Husbandry and Dairying Farmers Kisan Credit Card (AHDF-KCC) का आवेदन फॉर्म माँगें।

चरण 4 — फॉर्म भरें और दस्तावेज़ लगाएँ

फॉर्म में अपना नाम, पता, बैंक खाता विवरण और पशुओं की संख्या व प्रकार टैग नंबरों सहित सही-सही भरें। ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ों की कॉपी साथ लगाएँ। फॉर्म जमा करने से पहले एक बार फिर सारे टैग नंबर और नाम की स्पेलिंग जाँच लें — गलत टैग नंबर आवेदन अटकने की सबसे आम वजह है।

चरण 5 — बैंक की जाँच और सीमा तय होना

बैंक आपके दस्तावेज़ों और पशुओं की जाँच करता है और स्केल ऑफ फाइनेंस के हिसाब से आपकी क्रेडिट लिमिट तय करता है। कागज़ात साफ़ हों, तो कार्ड आमतौर पर कुछ हफ़्तों के अंदर जारी हो जाता है।

चरण 6 — कार्ड मिलते ही इस्तेमाल शुरू

मंज़ूरी के बाद आपको पशु किसान क्रेडिट कार्ड और पासबुक मिलती है। अब आप अपनी सीमा के अंदर ज़रूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकते हैं — चारा, दाना, दवाइयाँ या पशु चिकित्सा के लिए — और तय समय पर लौटा सकते हैं। बची हुई राशि पर बचत खाते वाली दर से ब्याज भी मिलता है।

ऑफलाइन मदद कहाँ मिलेगी?

अगर फॉर्म भरने में दिक्कत हो, तो अपने ज़िले के पशुपालन कार्यालय या नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल से मदद लें — वहाँ के अधिकारी टैगिंग, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और बीमा की प्रक्रिया में मदद करते हैं। बैंक शाखा के अलावा कोई अलग आवेदन केंद्र नहीं है।

पैसा कैसे मिलेगा और कितने दिन में?

  • मंज़ूरी के बाद कार्ड जारी होता है और आपकी क्रेडिट लिमिट तय हो जाती है — पैसा एकमुश्त नहीं, ज़रूरत के हिसाब से निकालने के लिए तैयार रहता है।
  • गाय की सीमा 6 बराबर मासिक किश्तों में मिलती है — लगभग ₹6,797 प्रति माह।
  • कागज़ात पूरे हों तो कार्ड आमतौर पर कुछ हफ़्तों में जारी हो जाता है; बैंक शाखा में भीड़ या सत्यापन में देरी हो तो थोड़ा और समय लग सकता है।
  • निकाली गई पूरी राशि 1 साल के अंदर एक ही दिन में जमा करनी होती है — तभी 4% वाली रियायती दर लागू रहती है।
  • अगले साल के लिए सीमा का नवीनीकरण (renewal) बैंक के नियमों के अनुसार होता है — समय पर चुकाने वाले किसानों की सीमा बढ़ भी सकती है।

स्टेटस कैसे चेक करें?

PKCC के लिए कोई अलग ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल नहीं है — यह बैंक का उत्पाद है, इसलिए स्टेटस जानने के तरीके ये हैं:

  • अपनी बैंक शाखा में जाकर या बैंक के कस्टमर केयर पर पूछें।
  • पासबुक अपडेट करवाकर अपनी सीमा, निकासी और बकाया राशि देखें।
  • बैंक की मोबाइल बैंकिंग / नेट बैंकिंग (अगर उपलब्ध हो) पर KCC खाते की जानकारी देखें।
  • पशुधन बीमा या अन्य SARAL योजनाओं का स्टेटस अलग से status.saralharyana.nic.in पर जाँचा जा सकता है — लेकिन PKCC का स्टेटस बैंक शाखा से ही मिलेगा।

PKCC, पशुपालन ऋण और पशुधन बीमा में अंतर

बात पशु किसान क्रेडिट कार्ड (PKCC) पशुपालन ऋण योजना पशुधन बीमा योजना
किस काम के लिए पशुओं के रोज़मर्रा के खर्च — चारा, दवा, रखरखाव नई डेयरी/सूअर/भेड़-बकरी यूनिट लगाना, पशु खरीदना पशु की मृत्यु पर नुकसान की भरपाई
राशि ₹3 लाख तक लोन यूनिट लागत पर 25%–90% सब्सिडी भैंस ₹88,000 तक कवर
ब्याज 7%, समय पर चुकाने पर 4% प्रभावी बैंक लोन + सब्सिडी सिर्फ ₹100–₹300 सालाना अंशदान
आवेदन बैंक शाखा (ऑफलाइन) SARAL पोर्टल (ऑनलाइन), अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 SARAL पोर्टल (ऑनलाइन)
किनके लिए पहले से पशु पालने वाले किसान नई यूनिट लगाने वाले पशु का बीमा चाहने वाले

तीनों योजनाएँ एक ही विभाग — पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सरकार — की हैं और एक-दूसरे की पूरक हैं। समझदारी यही है कि पशु का बीमा करवाएँ, उसके रोज़ के खर्च के लिए PKCC लें, और नई यूनिट लगानी हो तो पशुपालन ऋण का लाभ उठाएँ।

आवेदन करते समय ये 5 गलतियाँ न करें

  1. बिना टैग वाले पशुओं पर लोन माँगना — बिना ईयर टैग के पशु सीमा में नहीं गिनते; पहले टैगिंग करवाएँ, फिर आवेदन करें।
  2. PKCC से पशु खरीदने की कोशिश — यह कार्ड पशु खरीदने के लिए नहीं है; इससे आवेदन खारिज हो सकता है। पशु खरीदने के लिए पशुपालन ऋण योजना देखें।
  3. 1 साल की समय-सीमा भूल जाना — समय पर न लौटाने पर ब्याज 12% तक बढ़ जाता है और 4% वाली छूट खत्म हो जाती है।
  4. “0% ब्याज” मानकर चलना — 0% का दावा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है; बैंक से लिखित पुष्टि के बिना इस पर भरोसा न करें।
  5. गलत टैग नंबर या अधूरे दस्तावेज़ — फॉर्म में टैग नंबर, नाम की स्पेलिंग और PPP विवरण दो बार जाँचकर ही जमा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. पशु किसान क्रेडिट कार्ड पर कितना लोन मिलता है?
₹3 लाख तक का लोन मिलता है। भैंस पर ₹60,249 और गाय पर ₹40,783 की सीमा स्केल ऑफ फाइनेंस के हिसाब से तय होती है। ₹1.60 लाख तक की सीमा बिना ज़मानत के मिलती है।

2. पशु किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर कितनी है?
बैंक की मूल दर 7% सालाना है। समय पर पैसा लौटाने पर केंद्र सरकार की 3% ब्याज सब्सिडी मिलती है, जिससे प्रभावी दर 4% सालाना रह जाती है। समय पर न चुकाने पर ब्याज 12% तक बढ़ सकता है।

3. क्या पशु किसान क्रेडिट कार्ड पर 0% ब्याज मिलता है?
कुछ स्रोतों का दावा है कि हरियाणा सरकार की अतिरिक्त छूट से प्रभावी ब्याज 0% हो जाता है, लेकिन यह विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पुष्ट नहीं हुआ है। सुरक्षित तथ्य यही है — 7% मूल दर, समय पर चुकाने पर 4% प्रभावी। अपनी बैंक शाखा से लिखित पुष्टि ज़रूर लें।

4. पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
इसके लिए कोई अलग ऑनलाइन पोर्टल नहीं है। आवेदन किसी भी वाणिज्यिक, क्षेत्रीय ग्रामीण या सहकारी बैंक की शाखा में AHDF-KCC फॉर्म भरकर करना होता है। विभाग की जानकारी pashudhanharyana.gov.in पर मिलती है।

5. PKCC के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र (PPP), बैंक खाता विवरण, पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पशु बीमा और पशुओं के ईयर टैग नंबर — साथ में पासपोर्ट साइज़ फोटो और मोबाइल नंबर।

6. क्या बिना ज़मीन के भी पशु किसान क्रेडिट कार्ड मिल सकता है?
हाँ। ₹1.60 लाख तक की सीमा के लिए ज़मीन गिरवी रखना या कोई ज़मानत देना ज़रूरी नहीं है। यही इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत है — छोटे और भूमिहीन पशुपालक भी इसका लाभ ले सकते हैं।

7. लोन की राशि कितने दिन में मिलती है और कैसे चुकानी होती है?
कागज़ात पूरे हों तो कार्ड आमतौर पर कुछ हफ़्तों में जारी हो जाता है। निकाली गई पूरी राशि 1 साल के अंदर एक ही दिन में जमा करनी होती है। गाय की सीमा 6 बराबर मासिक किश्तों में मिलती है।

8. पशु किसान क्रेडिट कार्ड और पशुपालन ऋण योजना में क्या अंतर है?
PKCC पहले से मौजूद पशुओं के चारे-दाने और दवाइयों जैसे रोज़मर्रा के खर्च के लिए कार्यशील पूंजी देता है, जबकि पशुपालन ऋण योजना नई डेयरी या भेड़-बकरी यूनिट लगाने और पशु खरीदने पर 25% से 90% तक सब्सिडी देती है। दोनों अलग योजनाएँ हैं — अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनें।

आधिकारिक स्रोत

नोट: स्केल ऑफ फाइनेंस और ब्याज दरें समय-समय पर संशोधित होती रहती हैं। आवेदन करने से पहले अपनी बैंक शाखा या pashudhanharyana.gov.in पर वर्तमान दरें ज़रूर जाँच लें।

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