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हरियाणा मत्स्य पालन योजना 2026: तालाब पर 60% तक सब्सिडी

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा मत्स्य पालन योजना 2026: तालाब पर 60% तक सब्सिडी
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 9:33 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा मत्स्य पालन योजना क्या है?

मछली पालन (मत्स्य पालन) हरियाणा में तेज़ी से बढ़ता काम है — राज्य में खारे और क्षारीय पानी वाले इलाकों में भी मछली पालन हो रहा है, जहाँ दूसरी फसलें नहीं होतीं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत हरियाणा मत्स्य पालन विभाग किसानों और युवाओं को नया तालाब बनाने, मछली के बीज और दाने पर, और मछली बेचने की व्यवस्था पर सब्सिडी देता है।

इस गाइड में ‘मत्स्य पालन योजना’ का मतलब यही है — PMMSY के तहत हरियाणा में मिलने वाली तालाब और मत्स्य पालन सब्सिडी। कोई अलग ‘राज्य मत्स्य पालन योजना’ नाम की योजना नहीं है; PMMSY ही वह योजना है जिसके तहत हरियाणा में मछली पालन की मदद मिलती है।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) — हरियाणा
विभाग मत्स्य पालन विभाग, हरियाणा
तालाब सब्सिडी सामान्य वर्ग 40%, महिला और SC/ST वर्ग 60%
1 हेक्टेयर तालाब की लागत लगभग ₹11 लाख (परियोजना लागत)
मछली ढुलाई वाहन पर सब्सिडी ₹2.25 लाख तक
तालाब की ज़मीन अपनी ज़मीन या 8–10 साल के पट्टे पर ली गई ज़मीन
आवेदन ऑनलाइन — अंत्योदय सरल पोर्टल / मत्स्य पालन विभाग
2020-21 से 2024-25 में हरियाणा को मंज़ूरी कुल ₹760.87 करोड़ की परियोजनाएँ; केंद्र का हिस्सा ₹262.16 करोड़
आधिकारिक पोर्टल saralharyana.gov.in

कितनी सब्सिडी मिलेगी? — पूरी जानकारी

मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, 1 हेक्टेयर ज़मीन पर नया तालाब बनाने की परियोजना लागत लगभग ₹11 लाख तक हो सकती है। इस पूरी राशि पर श्रेणी के हिसाब से सब्सिडी मिलती है:

मद सामान्य वर्ग महिला / SC / ST वर्ग
नया तालाब (1 हेक्टेयर) परियोजना लागत का 40% परियोजना लागत का 60%
मछली ढुलाई के लिए चार पहिया वाहन ₹2.25 लाख तक सब्सिडी ₹2.25 लाख तक सब्सिडी

तालाब अपनी ज़मीन पर भी बनाया जा सकता है और 8 से 10 साल के पट्टे (lease) पर ली गई ज़मीन पर भी। पट्टे वाली ज़मीन पर तालाब बनाने के लिए पट्टा समझौता (lease agreement) होना ज़रूरी है।

PMMSY के तहत तालाब के अलावा भी कई कामों पर मदद मिलती है:

  1. नए ग्रो-आउट और रियरिंग तालाब — मछली पालने के लिए नए तालाबों का निर्माण।
  2. खारे/क्षारीय इलाकों में तालाब — सैलाइन/अल्कलाइन पानी वाले इलाकों में नए तालाब और पॉलीथीन लाइनिंग की लागत पर मदद।
  3. ताज़ा पानी की मछली पालन की लागत (inputs) — नए तालाबों में कंपोज़िट मछली पालन, स्कैम्पी, पंगासियस, तिलापिया आदि के लिए बीज और दाने की लागत पर सब्सिडी।
  4. मछली बेचने की व्यवस्था — लाइव फिश वेंडिंग सेंटर, तीन पहिया आइस-बॉक्स वाहन (ई-रिक्शा सहित), मछली कियोस्क और फिश रिटेल बाज़ार।
  5. अन्य ढाँचा — RAS (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम), बायोफ्लॉक, हैचरी, फिश फीड मिल, आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज और सजावटी मछली पालन यूनिट।

हरियाणा में PMMSY के तहत 2020-21 से 2024-25 के बीच मंज़ूर कामों में 3,766 हेक्टेयर नए ग्रो-आउट/रियरिंग तालाब (खारे/क्षारीय इलाकों सहित), 166 फिश कियोस्क, 130 RAS, 326 बायोफ्लॉक, 11 नई ताज़ा पानी की हैचरी, 48 फिश फीड मिल, 23 आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज और 9 सजावटी मछली पालन यूनिट शामिल हैं। यह जानकारी मार्च 2026 में राज्यसभा में दिए गए सरकारी उत्तर के अनुसार है।

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  1. हरियाणा का निवासी किसान, मछुआरा, युवा या महिला हो।
  2. तालाब के लिए अपनी ज़मीन हो, या 8–10 साल के पट्टे पर ली गई ज़मीन हो।
  3. सामान्य वर्ग को 40% और महिला, SC और ST वर्ग को 60% तक सब्सिडी मिलती है।
  4. SC परिवारों के लिए एक अलग योजना भी है — मत्स्य क्षेत्र में SC परिवारों के कल्याण की योजना, जिसके तहत पंचायती तालाब या जलग्रहण क्षेत्र के पट्टे के पहले साल के पट्टा शुल्क (lease money) पर सब्सिडी मिलती है।
  5. सामुदायिक तालाब (community fish pond) के लिए गाँव की समुदाय/सहकारी समिति भी आवेदन कर सकती है — इसमें 40% तक का अपना योगदान श्रम के रूप में देना होता है।
  6. बैंक लोन से जुड़ी इकाइयों के लिए बैंक की लोन पात्रता शर्तें भी लागू होंगी।

ज़रूरी दस्तावेज़

क्रम दस्तावेज़ टिप्पणी
1 परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी) / आधार कार्ड फॉर्म के लिए
2 ज़मीन के कागज़ — फर्द/जमाबंदी तालाब वाली ज़मीन का मालिकाना हक
3 पट्टा समझौता (lease agreement) पट्टे की ज़मीन पर तालाब बनाने वालों के लिए; 8–10 साल का पट्टा
4 बैंक खाते की जानकारी DBT/सब्सिडी के लिए
5 श्रेणी प्रमाण-पत्र (SC/ST/महिला) 60% सब्सिडी के लिए (अगर लागू हो)
6 प्रोजेक्ट रिपोर्ट/अनुमानित लागत तालाब निर्माण की लागत का ब्योरा
7 पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर फॉर्म के लिए

पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — फॉर्म में जो दस्तावेज़ माँगा जाए, वही अपलोड करें। सामुदायिक तालाब के लिए सहकारी समिति के दस्तावेज़ और अपना योगदान देने का शपथ-पत्र (undertaking) भी माँगा जाता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप

आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) या मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

चरण 1: सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएँ। नए उपयोगकर्ता हों तो ‘Register’ पर क्लिक करके खाता बनाएँ — नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और आधार से जुड़ी जानकारी भरनी होगी।

चरण 2: अपनी यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।

चरण 3: ‘Apply for Services’ पर क्लिक करें और योजना खोजें — ‘PMMSY: Construction of New Grow-out Pond’ या ‘PMMSY: Construction of New Rearing Ponds’ (या जिस घटक के लिए आवेदन करना है, जैसे बायोफ्लॉक, RAS, फिश वेंडिंग सेंटर)।

चरण 4: आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें — नाम, पता, परिवार पहचान पत्र, ज़मीन का विवरण (अपनी या पट्टे की), तालाब का आकार (हेक्टेयर में) और अनुमानित लागत।

चरण 5: माँगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें — ज़मीन के कागज़, पट्टा समझौता (अगर लागू हो), श्रेणी प्रमाण-पत्र और बैंक विवरण।

चरण 6: फॉर्म जमा (Submit) करें। जमा करने के बाद आपको Application Reference ID मिलेगी — इसे संभालकर रखें।

चरण 7: विभाग आपके आवेदन की जाँच करेगा और ज़मीन/तालाब स्थल का निरीक्षण (site inspection) कर सकता है। मंज़ूरी मिलने पर तालाब निर्माण का काम शुरू किया जा सकता है — पहली किस्त मंज़ूर सहायता की 50% तक हो सकती है, और बाकी राशि काम पूरा होने के बाद मिलती है। सामुदायिक तालाबों में काम पहले अपने योगदान से शुरू करना होता है।

ऑफलाइन आवेदन का विकल्प

अगर ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो अपने नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र (SARAL Kendra) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, अपने ज़िले के मत्स्य पालन अधिकारी (District Fisheries Officer) या मत्स्य किसान विकास एजेंसी (FFDA) के कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है — खासकर यह तय करने के लिए कि आपकी ज़मीन और पानी के हिसाब से कौन सा घटक (तालाब, बायोफ्लॉक, RAS) सही रहेगा। विभाग गाँवों में जागरूकता शिविर भी लगाता है — अंबाला ज़िले में ऐसे शिविरों के माध्यम से किसानों को PMMSY की जानकारी दी गई थी।

मत्स्य पालन विभाग, हरियाणा का मुख्यालय पंचकूला में है — बेज़ नं. 31–32, सेक्टर-4, पंचकूला; फोन: 0172-2565743, 2566081, 2565961 (विभागीय सूची के अनुसार)।

आवेदन शुल्क और समय-सीमा

शुल्क: विभागीय जानकारी में इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें।

समय-सीमा: PMMSY के तहत आवेदन साल भर खुले रहते हैं, लेकिन हर घटक के लिए बजट और लक्ष्य सीमित होते हैं — लक्ष्य पूरा होने पर आवेदन रुक सकते हैं। इसलिए तालाब बनाने का फैसला होते ही जल्दी आवेदन करें। सामुदायिक तालाब का पूरा काम वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करना होता है।

आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?

  • सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर ‘Track Application / View Status of Application’ विकल्प से अपनी Application Reference ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है।
  • आवेदन के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भी भेजा जाता है।
  • निरीक्षण या किस्त की स्थिति जानने के लिए अपने ज़िले के मत्स्य पालन अधिकारी से संपर्क करें।

सब्सिडी कैसे मिलेगी?

मंज़ूरी मिलने के बाद सहायता किस्तों में मिलती है — सामुदायिक तालाबों में पहली किस्त मंज़ूर पूँजीगत सहायता की 50% तक होती है, और बाकी राशि काम पूरा होने और अधिकारियों की मंज़ूरी के बाद मिलती है। मछली के बीज, दाने और दवाओं की सहायता विभाग अधिकृत डीलरों के माध्यम से या बिल-वाउचर के आधार पर सीधे देता है। सब्सिडी DBT से सीधे बैंक खाते में आती है — इसलिए बैंक खाते की जानकारी सही भरें।

मछली पालन शुरू करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें

  • पानी की जाँच: तालाब बनाने से पहले पानी की गुणवत्ता (pH, खारापन) जाँचवाएँ — खारे/क्षारीय पानी के लिए अलग घटक और अलग तकनीक होती है।
  • मछली की प्रजाति: अपने इलाके के हिसाब से प्रजाति चुनें — रोहू, कतला, मृगल (कंपोज़िट), तिलापिया, पंगासियस या स्कैम्पी। विभाग के अधिकारी सही सलाह देंगे।
  • पट्टा समझौता: पट्टे की ज़मीन पर तालाब बनाने से पहले 8–10 साल का लिखित पट्टा समझौता ज़रूर करवाएँ — बिना समझौते के आवेदन अटक सकता है।
  • बाज़ार पहले से देखें: मछली बेचने का बाज़ार (स्थानीय मंडी, ठेकेदार, फिश कियोस्क) पहले से तय कर लें। ढुलाई वाहन पर ₹2.25 लाख तक की सब्सिडी इसी काम आती है।
  • बीज और दाना: बीज सिर्फ अधिकृत हैचरी/डीलर से लें — सस्ते के चक्कर में खराब बीज लेने से पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।
  • सर्दी-गर्मी का ध्यान: मछली पालन में मौसम का असर पड़ता है — विभाग की सलाह के अनुसार तालाब की गहराई और पानी का स्तर बनाए रखें।

किसानों के लिए अन्य उपयोगी योजनाएँ

मछली पालन के साथ-साथ इन योजनाओं का लाभ भी लिया जा सकता है (हर योजना की अपनी पात्रता शर्तें लागू होंगी):

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. हरियाणा में मछली पालन पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

PMMSY के तहत नए तालाब पर सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 40% और महिला व SC/ST वर्ग को 60% तक सब्सिडी मिलती है। 1 हेक्टेयर तालाब की लागत लगभग ₹11 लाख तक हो सकती है।

2. क्या पट्टे की ज़मीन पर तालाब बनाकर सब्सिडी ली जा सकती है?

हाँ। तालाब अपनी ज़मीन पर भी बनाया जा सकता है और 8–10 साल के पट्टे पर ली गई ज़मीन पर भी। पट्टा समझौता होना ज़रूरी है।

3. मछली ढुलाई के वाहन पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

मछली को तालाब से बाज़ार तक ले जाने के लिए चार पहिया वाहन खरीदने पर ₹2.25 लाख तक की सब्सिडी मिलती है।

4. आवेदन कहाँ करें?

ऑनलाइन आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर होता है। योजना का नाम खोजें — ‘PMMSY: Construction of New Grow-out Pond’। ज़िले के मत्स्य पालन अधिकारी से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

5. खारे पानी वाले इलाकों में भी मछली पालन हो सकता है?

हाँ। PMMSY के तहत खारे/क्षारीय इलाकों में नए तालाब और पॉलीथीन लाइनिंग की लागत पर भी मदद मिलती है। हरियाणा में 3,766 हेक्टेयर नए तालाबों में खारे/क्षारीय इलाकों के तालाब भी शामिल हैं।

6. SC परिवारों के लिए मत्स्य पालन में कोई अलग मदद है?

हाँ। SC परिवारों के कल्याण की योजना के तहत पंचायती तालाब या जलग्रहण क्षेत्र के पट्टे के पहले साल के पट्टा शुल्क (lease money) पर सब्सिडी मिलती है।

7. सब्सिडी एकमुश्त मिलती है या किस्तों में?

सहायता किस्तों में मिलती है — पहली किस्त मंज़ूर सहायता की 50% तक हो सकती है, और बाकी राशि काम पूरा होने के बाद मिलती है।

आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक

  • मत्स्य पालन विभाग, हरियाणा (मुख्यालय, पंचकूला): बेज़ नं. 31–32, सेक्टर-4, पंचकूला; फोन: 0172-2565743, 2566081, 2565961 (विभागीय सूची के अनुसार)
  • अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in
  • PMMSY — मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार (केंद्रीय योजना की जानकारी के लिए)
  • मार्च 2026 में राज्यसभा में दिए गए सरकारी उत्तर के अनुसार हरियाणा में PMMSY के तहत 2020-21 से 2024-25 में ₹760.87 करोड़ की परियोजनाएँ मंज़ूर हुईं, जिनमें ₹168.61 करोड़ जारी किए गए

अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी मत्स्य पालन विभाग, हरियाणा, PMMSY की योजना जानकारियों और मार्च 2026 के संसदीय उत्तर पर आधारित है। 40%/60% की सब्सिडी दरें, ₹11 लाख की परियोजना लागत और ₹2.25 लाख की वाहन सब्सिडी विभागीय/प्रकाशित स्रोतों से ली गई है — घटक-वार दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। आवेदन करने से पहले SARAL पोर्टल पर संबंधित घटक का लाइव फॉर्म और ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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