प्रगतिशील किसान सम्मान योजना क्या है?
यह योजना कोई नकद सब्सिडी या हर किसान को मिलने वाला लाभ नहीं है — यह एक पुरस्कार (award) योजना है। हरियाणा सरकार आधुनिक और उन्नत तरीके से खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों को पहचानकर उन्हें नकद पुरस्कार से सम्मानित करती है, ताकि दूसरे किसान भी उनसे सीखकर बेहतर खेती अपनाएँ।
योजना का पूरा नाम है — मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना (Mukhya Mantri Pragatisheel Kisan Samman Yojana)। इसे अक्टूबर 2020 में शुरू किया गया था, जब तत्कालीन कृषि मंत्री जे.पी. दलाल ने इसकी घोषणा की थी। इसका मकसद है — प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करना, ताकि वे कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों (बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन) में सर्वोत्तम तरीके अपनाएँ और अपनी आय बढ़ाएँ। यह योजना प्रधानमंत्री के ‘किसानों की आय दोगुनी करना’ के लक्ष्य से भी जुड़ी है।
सबसे अहम बात — इस योजना में हर आवेदक को पैसा नहीं मिलता। हर साल चुने हुए कुछ ही किसानों को पुरस्कार मिलता है। पुरस्कार पाने वाले किसान को ‘प्रगतिशील किसान प्रशिक्षक’ बनाया जाता है और उसकी ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपने आसपास के कम से कम 10 किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाए।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना |
| प्रकार | पुरस्कार (award) योजना — नकद सब्सिडी नहीं |
| विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा |
| शुरुआत | अक्टूबर 2020 |
| सबसे बड़ा पुरस्कार | ₹5,00,000 (राज्य स्तर, प्रथम) |
| पुरस्कार की श्रेणी | ज़मीन के आकार के हिसाब से 3 श्रेणियाँ |
| चयन | समिति द्वारा — राज्य स्तर पर महानिदेशक, कृषि; ज़िला स्तर पर उपायुक्त |
| पुरस्कार पाने वाले की ज़िम्मेदारी | 10 किसानों को आधुनिक खेती सिखाना |
| आवेदन | ऑनलाइन — agriharyana.gov.in (जब विंडो खुले) |
| 2026 की विंडो | सत्यापित नहीं — नीचे ‘अगली विंडो’ वाला भाग पढ़ें |
| आधिकारिक पोर्टल | agriharyana.gov.in |
कितना पुरस्कार मिलेगा? — श्रेणीवार पूरी सूची
पुरस्कार ज़मीन के आकार के हिसाब से 3 श्रेणियों में दिए जाते हैं:
| श्रेणी | स्तर | पुरस्कार |
|---|---|---|
| 10 एकड़ या ज़्यादा ज़मीन | राज्य स्तर — प्रथम | ₹5,00,000 |
| 10 एकड़ या ज़्यादा ज़मीन | राज्य स्तर — द्वितीय | ₹3,00,000 |
| 10 एकड़ या ज़्यादा ज़मीन | राज्य स्तर — तृतीय | ₹1,00,000 |
| 10 एकड़ या ज़्यादा ज़मीन | ज़िला स्तर — सांत्वना पुरस्कार | ₹50,000 (88 किसानों को) |
| 5 से 10 एकड़ ज़मीन | ज़िला स्तर | ₹50,000 (88 किसानों को — हर ज़िले से 4) |
| 5 एकड़ से कम ज़मीन | ज़िला स्तर | ₹10,000 प्रति एकड़, अधिकतम ₹50,000 प्रति किसान |
2020 में योजना की शुरुआत के समय की घोषणा के अनुसार, राज्य स्तर पर एक किसान को ₹5 लाख (प्रथम), दो किसानों को ₹3-3 लाख (द्वितीय) और पाँच किसानों को ₹1-1 लाख (तृतीय) पुरस्कार दिया जाना था, और 100 किसानों को ₹50,000-₹50,000 के सांत्वना पुरस्कार दिए जाने थे। बाद की जानकारियों में राज्य स्तर पर 5-5 प्रथम/द्वितीय/तृतीय पुरस्कार और 88 सांत्वना पुरस्कारों का भी उल्लेख है।
इसलिए साफ कर दें — पुरस्कारों की संख्या और राशि हर साल की अधिसूचना (notification) के हिसाब से बदल सकती है। ऊपर दी गई सूची योजना की मानक संरचना है; जिस साल आप आवेदन करें, उस साल की अधिसूचना में दर्ज संख्या और राशि ही अंतिम मानी जाए। किसी भी साल की पुरस्कार सूची को स्थायी न समझें।
कौन से किसान चुने जाते हैं? — चयन के आधार
पुरस्कार उन्हीं किसानों को मिलता है जो आधुनिक और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाते हैं, जैसे:
- जैविक और प्राकृतिक खेती — रासायनिक खाद-कीटनाशक का कम इस्तेमाल।
- पानी की बचत — ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर या कम पानी वाली फसलें।
- फसल अवशेष प्रबंधन — पराली जलाने के बजाय उसका सही इस्तेमाल।
- नई तकनीक — आधुनिक यंत्र, सटीक खेती, डिजिटल तरीके।
- एकीकृत खेती प्रणाली — खेती के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन या मधुमक्खी पालन।
- टिकाऊ खेती — मिट्टी की सेहत बनाए रखना और लंबे समय तक पैदावार लेना।
पुरस्कार कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों — कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन — में काम करने वाले किसानों को दिया जाता है। यानी सिर्फ अनाज उगाने वाले ही नहीं, बाग लगाने वाले, मछली पालने वाले और डेयरी चलाने वाले किसान भी चुने जा सकते हैं।
चयन कैसे होता है? — समिति की प्रक्रिया
इस योजना में कोई लॉटरी या पहले-आओ-पहले-पाओ नहीं है — चयन समिति करती है:
- राज्य स्तर की समिति — कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक (Director General) की अध्यक्षता में।
- ज़िला स्तर की समिति — ज़िले के उपायुक्त (Deputy Commissioner) की अध्यक्षता में।
- समिति में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन विभागों के अधिकारी और KVK (कृषि विज्ञान केंद्र) के समन्वयक शामिल होते हैं, साथ ही 4 प्रगतिशील किसान (जो प्रतियोगिता में शामिल नहीं होते) भी सदस्य होते हैं।
- समिति आवेदक किसानों के काम का मूल्यांकन करती है — उन्होंने कौन सी नई तकनीक अपनाई, पैदावार और आय में कितना सुधार हुआ, और वे दूसरे किसानों को कितना प्रेरित कर सकते हैं।
- चुने गए किसानों को कृषि मेलों (Agro Summits) में सम्मानित किया जाता है।
पुरस्कार पाने वाले किसान को ‘प्रगतिशील किसान प्रशिक्षक’ बनाया जाता है और उसे अपने आसपास के कम से कम 10 किसानों को आधुनिक खेती के तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करना होता है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
- हरियाणा का किसान हो — अपनी ज़मीन पर खेती करता हो।
- ज़मीन के आकार के हिसाब से तीन में से किसी एक श्रेणी में आता हो — 10 एकड़ या ज़्यादा, 5–10 एकड़, या 5 एकड़ से कम।
- आधुनिक/उन्नत खेती के तरीके अपनाए हों — जैविक खेती, पानी की बचत, फसल अवशेष प्रबंधन, नई तकनीक या एकीकृत खेती।
- खेती में उल्लेखनीय काम किया हो — पैदावार, आय या तकनीक के मामले में दूसरे किसानों से बेहतर।
- कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी या मत्स्य पालन में से किसी क्षेत्र में काम करता हो।
- पुरस्कार पाने के बाद 10 किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार हो।
ज़रूरी दस्तावेज़
| क्रम | दस्तावेज़ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी) / आधार कार्ड | फॉर्म के लिए |
| 2 | ज़मीन के कागज़ — फर्द/जमाबंदी | ज़मीन के आकार की श्रेणी तय करने के लिए |
| 3 | बैंक खाते की जानकारी | पुरस्कार राशि DBT से मिलती है |
| 4 | खेती के काम का विवरण/प्रमाण | कौन सी तकनीक अपनाई, पैदावार/आय का ब्योरा, फोटो या प्रमाण-पत्र |
| 5 | पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर | फॉर्म के लिए |
पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — फॉर्म में जो दस्तावेज़ माँगा जाए, वही अपलोड करें। अपने खेती के काम का प्रमाण (फसल की फोटो, पैदावार का रिकॉर्ड, अपनाई गई तकनीक का विवरण) पहले से तैयार रखें — चयन में यही सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
आवेदन कैसे करें? — प्रक्रिया और अगली विंडो
सबसे ज़रूरी बात — 2026 की आवेदन विंडो सत्यापित नहीं हुई है। पिछली ज्ञात आवेदन विंडो जनवरी 2022 में खुली थी, जिसकी अंतिम तिथि 15 जनवरी 2022 थी। उसके बाद की विंडो के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी इस गाइड की तैयारी के समय सत्यापित नहीं हुई है। इसलिए इस योजना को ‘अगली विंडो का इंतज़ार’ (next-window watch) वाली योजना समझें — ‘अभी आवेदन करें’ वाली योजना नहीं।
जब विंडो खुलती है, तो आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
चरण 1: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in खोलें और देखें कि प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं या नहीं।
चरण 2: वेबसाइट पर योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करें — नाम, परिवार पहचान पत्र, ज़मीन का विवरण और अपने खेती के काम का ब्योरा भरें।
चरण 3: माँगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें — ज़मीन के कागज़, बैंक विवरण और खेती के काम का प्रमाण।
चरण 4: फॉर्म जमा करें और Application Reference ID संभालकर रखें।
चरण 5: समिति आपके आवेदन का मूल्यांकन करेगी। चुने जाने पर आपको कृषि मेले (Agro Summit) में सम्मानित किया जाएगा और पुरस्कार राशि DBT से आपके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
अगली विंडो का पता कैसे चलेगा? विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर नज़र रखें, अपने ज़िले के कृषि कार्यालय से पूछते रहें, और कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2117 (सुबह 9 बजे – शाम 5 बजे, सोमवार–शुक्रवार — 2022 की जानकारी के अनुसार) पर पूछें।
ऑफलाइन विकल्प
अगर ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो अपने ज़िले के कृषि कार्यालय या ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी (ADO) से संपर्क करें — वे आवेदन विंडो और प्रक्रिया की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा, अपने नज़दीकी CSC केंद्र या अटल सेवा केंद्र पर जाकर भी फॉर्म भरवाया जा सकता है।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क सार्वजनिक रूप से दर्ज नहीं है। फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें — पुरस्कार समिति के चयन से मिलता है, पैसे देकर नहीं।
समय-सीमा: पिछली ज्ञात विंडो की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2022 थी। 2026 के लिए कोई विंडो या अंतिम तिथि सत्यापित नहीं हुई है — यह योजना एवरग्रीन + अगली विंडो वॉच वाली है। विभाग की वेबसाइट पर नई अधिसूचना आते ही आवेदन करें।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- आवेदन विंडो खुलने पर agriharyana.gov.in पर अपने आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
- चयन की जानकारी विभाग की वेबसाइट और ज़िला कृषि कार्यालय से मिलती है।
- पुरस्कार की घोषणा कृषि मेलों (Agro Summits) में की जाती है — चुने गए किसानों को विभाग की ओर से सूचना दी जाती है।
- पुरस्कार राशि DBT से बैंक खाते में आती है — बैंक स्टेटमेंट से जाँच की जा सकती है।
पुरस्कार कैसे मिलेगा?
चयन होने पर पुरस्कार राशि DBT के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है। राज्य स्तर के पुरस्कार (₹5 लाख, ₹3 लाख, ₹1 लाख) और ज़िला स्तर के पुरस्कार (₹50,000) दोनों इसी तरह मिलते हैं। पुरस्कार के साथ-साथ सम्मान-पत्र और कृषि मेले में सम्मान भी मिलता है। पुरस्कार पाने वाले किसान को ‘प्रगतिशील किसान प्रशिक्षक’ बनाया जाता है — यह सम्मान के साथ-साथ एक ज़िम्मेदारी भी है।
आवेदन से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- यह सब्सिडी नहीं, पुरस्कार है: हर आवेदक को पैसा नहीं मिलता — हर साल चुने हुए कुछ ही किसानों को पुरस्कार मिलता है। कोई भी व्यक्ति ‘पुरस्कार दिलाने’ के नाम पर पैसे माँगे तो वह धोखा है।
- पुरस्कारों की संख्या हर साल बदल सकती है: ऊपर दी गई सूची मानक संरचना है — उस साल की अधिसूचना ही अंतिम है।
- अपने काम का रिकॉर्ड रखें: पैदावार, आय, अपनाई गई तकनीक और फसल की फोटो का रिकॉर्ड रखें — चयन में यही काम आता है।
- 10 किसानों को सिखाना होगा: पुरस्कार पाने के बाद 10 किसानों को आधुनिक खेती सिखाने की ज़िम्मेदारी मिलती है — इसके लिए तैयार रहें।
- विभाग की वेबसाइट पर नज़र रखें: अगली विंडो की जानकारी सिर्फ agriharyana.gov.in और ज़िला कृषि कार्यालय से ही मिलेगी।
किसानों के लिए अन्य उपयोगी योजनाएँ
प्रगतिशील खेती के साथ-साथ इन योजनाओं का लाभ भी लिया जा सकता है (हर योजना की अपनी पात्रता शर्तें लागू होंगी):
- हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान — सब्सिडी: खेती के आधुनिक यंत्रों पर अनुदान — प्रगतिशील खेती के लिए यंत्र ज़रूरी हैं।
- पीएम-कुसुम सोलर पंप योजना — हरियाणा: सोलर पंप पर 75% तक सब्सिडी — पानी की बचत वाली खेती के लिए।
- मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना — हरियाणा: बागवानी फसलों पर बीमा — एकीकृत खेती करने वाले किसानों के लिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. प्रगतिशील किसान सम्मान योजना में कितना पुरस्कार मिलता है?
राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार ₹5,00,000, द्वितीय ₹3,00,000 और तृतीय ₹1,00,000 है। ज़िला स्तर पर ₹50,000 के सांत्वना पुरस्कार दिए जाते हैं। 5 एकड़ से कम ज़मीन वाले किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़, अधिकतम ₹50,000 मिलता है।
2. क्या हर आवेदक को पैसा मिलता है?
नहीं। यह पुरस्कार योजना है, सब्सिडी नहीं। हर साल समिति द्वारा चुने हुए कुछ ही किसानों को पुरस्कार मिलता है।
3. पुरस्कार किस आधार पर दिया जाता है?
आधुनिक और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने पर — जैसे जैविक खेती, पानी की बचत, फसल अवशेष प्रबंधन, नई तकनीक और एकीकृत खेती। चयन राज्य और ज़िला स्तर की समितियाँ करती हैं।
4. 2026 में आवेदन कब से शुरू होंगे?
2026 की आवेदन विंडो सत्यापित नहीं हुई है। पिछली ज्ञात विंडो जनवरी 2022 में खुली थी (अंतिम तिथि 15 जनवरी 2022)। अगली विंडो की जानकारी के लिए agriharyana.gov.in पर नज़र रखें।
5. आवेदन कहाँ करें?
जब विंडो खुलती है, तो ऑनलाइन आवेदन कृषि विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर होता है।
6. पुरस्कार पाने वाले किसान को क्या करना होता है?
पुरस्कार पाने वाले किसान को ‘प्रगतिशील किसान प्रशिक्षक’ बनाया जाता है और उसे अपने आसपास के कम से कम 10 किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाने होते हैं।
7. क्या पुरस्कार पाने के लिए पैसे देने होते हैं?
नहीं। आवेदन मुफ्त है और पुरस्कार समिति के चयन से मिलता है। कोई भी व्यक्ति ‘पुरस्कार दिलाने’ के नाम पर पैसे माँगे तो वह धोखा है — कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा: agriharyana.gov.in
- योजना की शुरुआत: अक्टूबर 2020 में कृषि मंत्री जे.पी. दलाल द्वारा (The Tribune रिपोर्ट के अनुसार)
- कृषि विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-2117 (सुबह 9 बजे – शाम 5 बजे, सोमवार–शुक्रवार — 2022 की जानकारी के अनुसार; ताज़ा समय विभाग की वेबसाइट पर देखें)
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा कृषि विभाग, योजना की शुरुआत से जुड़ी प्रकाशित रिपोर्टों और योजना की मानक पुरस्कार संरचना पर आधारित है। पुरस्कारों की संख्या और राशि हर साल की अधिसूचना के हिसाब से बदल सकती है — उस साल की अधिसूचना ही अंतिम मानी जाए। 2026 की आवेदन विंडो सत्यापित नहीं हुई है; पिछली ज्ञात विंडो जनवरी 2022 की थी। आवेदन करने से पहले agriharyana.gov.in पर योजना का ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें।

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