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हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान 2026: मशीन पर 50% सब्सिडी, ट्रैक्टर पर ₹3 लाख

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान 2026: मशीन पर 50% सब्सिडी, ट्रैक्टर पर ₹3 लाख
  • तारीख़: 5 नवम्बर 2026, 9:58 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान 2026: मशीन पर 50% सब्सिडी, ट्रैक्टर पर ₹3 लाख

हरियाणा के किसान के लिए आधुनिक मशीन ही सबसे बड़ी बचत है — सुपर सीडर से पराली बिना जलाए गेहूँ की बुआई हो जाती है, हैप्पी सीडर से समय और डीज़ल दोनों बचते हैं, और नया ट्रैक्टर पूरे साल के काम का भरोसा देता है। लेकिन एक मशीन की कीमत लाखों में होती है, इसलिए हरियाणा सरकार कृषि यंत्र अनुदान के तहत किसानों को मशीनों पर 40% से 50% तक सब्सिडी देती है — और अनुसूचित जाति (SC) के किसानों को नए ट्रैक्टर पर ₹3 लाख तक की अलग सहायता मिलती है।

इस लेख में आपको चारों योजनाओं की पूरी और सही जानकारी मिलेगी — कौन सी खिड़की अभी खुली है, कौन सी बंद हो चुकी है, कितनी सब्सिडी मिलती है, कौन पात्र है और आवेदन कैसे करना है।

⚠️ सबसे पहले पढ़ें: कौन सी खिड़की खुली है, कौन सी बंद

कृषि यंत्र अनुदान एक ही योजना नहीं है — यह चार अलग-अलग विंडो का समूह है, और हर विंडो की अपनी तारीख है। गलत तारीख पर भरोसा करके आवेदन का इंतज़ार करना सबसे बड़ी गलती होगी, इसलिए पहले यही समझ लें:

योजना / विंडो स्थिति (5 नवंबर 2026 तक) आखिरी तारीख
पराली प्रबंधन मशीनें (CRM, RKVY 2026-27) — सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर आदि बंद — आवेदन जुलाई 2026 में खुले थे, ड्रॉ अगस्त 2026 में हो चुके 3 अगस्त 2026
सामान्य कृषि यंत्र (SMAM / RKVY, 2025-26) बंद 16 फरवरी 2026
ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89 (SC किसान, ₹3 लाख) बंद — 2025-26 का चक्र पूरा हो चुका 15 जनवरी 2026
गन्ना यंत्र सब्सिडी (Technology Mission on Sugarcane) बंद — मशीनों के आवेदन 21 सितंबर से खुले थे 30–31 अक्टूबर 2026
गन्ना बुआई प्रोत्साहन — चौड़ी कतार / सिंगल-बड पर ₹5,000 प्रति एकड़ ✅ अभी खुला है (LIVE) 31 दिसंबर 2026
गन्ना शरदकालीन बुआई पंजीकरण ✅ अभी खुला है (LIVE) 31 दिसंबर 2026

यानी आज की तारीख में मशीन खरीदने की सब्सिडी की कोई भी खिड़की खुली नहीं है — लेकिन गन्ना किसानों के लिए ₹5,000 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन अभी भी खुला है, और अगले चक्र की तैयारी अभी से की जा सकती है। इस लेख का बाकी हिस्सा दोनों के लिए काम आएगा: गन्ना प्रोत्साहन के लिए तुरंत आवेदन करें, और मशीन/ट्रैक्टर सब्सिडी के अगले चक्र के लिए दस्तावेज़ और पंजीकरण आज ही तैयार रखें।

योजना एक नज़र में

जानकारी विवरण
योजना का नाम हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान — पराली प्रबंधन (CRM, RKVY) + SMAM + ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89 + गन्ना तकनीक मिशन
राज्य हरियाणा
संचालन विभाग कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा
आवेदन पोर्टल agriharyana.gov.in
अनिवार्य पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) पोर्टल — fasal.haryana.gov.in
सब्सिडी मशीनों पर 40–50% (SC / छोटे-सीमांत / महिला किसान 50%, अन्य 40%); ट्रैक्टर पर ₹3,00,000 तक
चयन का तरीका जिला-स्तरीय ड्रॉ (लॉटरी) — पहले आवेदन करने से कोई फायदा नहीं
हेल्पलाइन कृषि विभाग 0172-2571553; टोल-फ्री 1800-180-2117

पराली प्रबंधन मशीनों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के पराली प्रबंधन (CRM) घटक के तहत 2026-27 में 13 तरह की मशीनों पर 50% सब्सिडी दी गई। सब्सिडी मशीन की कीमत का 50% या नीचे दी गई अधिकतम सीमा — जो भी कम हो — के हिसाब से मिलती है। नीचे दी गई तालिका विभाग की प्रकाशित सूची पर आधारित है:

मशीन का नाम सब्सिडी अधिकतम सब्सिडी (₹)
सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (Super SMS) 50% 54,290
हैप्पी सीडर (9–12 टाइन) 50% 74,000–82,000
स्मार्ट सीडर (9–12 टाइन) 50% 74,000–82,000
पेडी स्ट्रॉ चॉपर / श्रेडर / मल्चर (माउंटेड, 5–8 फीट) 50% 74,000–86,500
पेडी स्ट्रॉ चॉपर / श्रेडर / मल्चर (ट्रेल्ड) 50% 1,34,000
श्रब मास्टर / रोटरी स्लैशर 50% 22,375
हाइड्रोलिक रिवर्सिबल MB प्लाऊ (2–4 बॉटम) 50% 50,000–75,000
ज़ीरो टिल सीड-कम-फर्टिलाइज़र ड्रिल (9–15 टाइन) 50% 22,500–30,000
सुपर सीडर 50% 1,05,000
सरफेस सीडर 50% 35,200
बेलर — राउंड मिनी / मीडियम (16–25 किलो प्रति बेल) 50% 1,50,000
बेलर — राउंड बिग (180–200 किलो प्रति बेल) 50% 9,00,000
बेलर — रेक्टेंगुलर (18–20 किलो प्रति बेल) 50% 6,00,000
स्ट्रॉ रेक (छोटा / बड़ा) 50% 1,50,000
क्रॉप रीपर (ट्रैक्टर माउंटेड / सेल्फ प्रोपेल्ड) 50% 37,500–62,500
रीपर-कम-बाइंडर (3 / 4 पहिया) 50% 1,75,000–2,50,000
ट्रैक्टर माउंटेड लोडर (बिना ट्रैक्टर) 50% 2,44,000
ट्रैक्टर ड्रॉन टेडर मशीन 50% 2,09,600

⚠️ सब्सिडी की सीमा को लेकर सावधानी: विभाग की जुलाई 2026 की मूल अधिसूचना में सुपर सीडर की अधिकतम सीमा ₹1,20,000 और बड़े राउंड बेलर की ₹9,90,000 दिखाई गई थी, जबकि बाद की प्रकाशित तालिका में यही सीमाएँ ₹1,05,000 और ₹9,00,000 हैं। हैप्पी सीडर के लिए भी कुछ स्रोतों में ₹87,000 तक का आंकड़ा मिलता है। इसलिए ऊपर दी गई तालिका को अंतिम राशि न मानें — मशीन खरीदने से पहले agriharyana.gov.in पर उस मशीन की ताज़ा अधिकतम सीमा ज़रूर जाँच लें, क्योंकि भुगतान पोर्टल पर दर्ज सीमा के हिसाब से ही होता है।

एक और ज़रूरी बात: फॉर्म में आप अधिकतम 4 मशीनें चुन सकते हैं, लेकिन सब्सिडी सिर्फ एक मुख्य मशीन पर मिलती है। सिर्फ बेलर वाले किसानों को छूट है — वे बेलर के साथ रेक, स्ट्रॉ रेक या श्रेडर मास्टर / रोटरी स्लैशर पर भी सब्सिडी ले सकते हैं।

ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89: SC किसानों को ₹3 लाख तक

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना SB-89 हरियाणा सरकार की सबसे बड़ी एकल सहायता है — नए ट्रैक्टर की खरीद पर ₹3,00,000 प्रति यूनिट तक की सब्सिडी। यह योजना सिर्फ अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों के लिए है।

2025-26 के चक्र की पुष्टि की गई जानकारी:

  • आवेदन 27 दिसंबर 2025 से शुरू हुए थे और 15 जनवरी 2026 को बंद हो गए थे — यह चक्र अब पूरा हो चुका है।
  • ट्रैक्टर 45 हॉर्स पावर (HP) या उससे अधिक क्षमता का नया ट्रैक्टर होना चाहिए।
  • आवेदक हरियाणा का निवासी और SC वर्ग का हो, और मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) पोर्टल पर पंजीकृत हो।
  • आवेदक के नाम — या परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज किसी भी परिवार के सदस्य के नाम — कृषि भूमि होनी चाहिए।
  • लाभार्थी ने पिछले 5 सालों में कृषि विभाग की किसी भी योजना के तहत ट्रैक्टर पर सब्सिडी न ली हो।
  • चयन जिला-स्तरीय कार्यकारी समिति (District Level Executive Committee) करती है।

⚠️ अगले चक्र की तारीख को लेकर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर अभी भी “15 जनवरी” की तारीख बिना साल के लिखी मिलती है, जिससे यह भ्रम बनता है कि आवेदन जनवरी 2027 तक खुले हैं। यह गलत है। 15 जनवरी 2026 की तारीख 2025-26 के चक्र की थी, जो बीत चुकी है। 2026-27 के चक्र की कोई तारीख 5 नवंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर घोषित नहीं हुई है। जैसे ही नया चक्र घोषित होगा, इस लेख को अपडेट किया जाएगा — तब तक agriharyana.gov.in पर “Tractor Subsidy Scheme SB-89” की घोषणा खुद जाँचते रहें।

गन्ना किसानों के लिए: ₹5,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन अभी खुला है

गन्ना तकनीक मिशन (Sugarcane Technology Mission) के तहत गन्ना किसानों के लिए दो चीज़ें चल रही हैं — एक बंद हो चुकी है, एक अभी खुली है। दोनों को अलग-अलग समझना ज़रूरी है:

बंद हो चुकी विंडो — गन्ना यंत्र सब्सिडी: गन्ना की खेती की मशीनों (सेट ट्रीटमेंट उपकरण, पावर वीडर, रैटून मैनेजर, रोटावेटर, स्प्रेयर, सब-सॉइलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर, मिनी ट्रैक्टर) पर 40–50% सब्सिडी के आवेदन 21 सितंबर 2026 से खुले थे और 30–31 अक्टूबर 2026 को बंद हो गए। (दो स्रोतों में आखिरी तारीख 30 अक्टूबर और 31 अक्टूबर अलग-अलग दी गई है — दोनों ही बीत चुकी हैं।) आवेदक को पिछले तीन साल से MFMB पोर्टल पर गन्ना उत्पादक के रूप में पंजीकृत होना ज़रूरी था, और प्रति यंत्र 30 लाभार्थियों के लक्ष्य से ज़्यादा आवेदन आने पर ड्रॉ (लॉटरी) से चयन होना था।

✅ अभी खुली विंडो — गन्ना बुआई प्रोत्साहन ₹5,000 प्रति एकड़: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की घोषणा के अनुसार, जो किसान चार फुट की चौड़ी कतारों में गन्ना बोते हैं, उन्हें अब ₹5,000 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन मिलेगा (पहले यह ₹3,000 प्रति एकड़ था)। सिंगल-बड (एक आँख) विधि से बुआई करने पर भी प्रोत्साहन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ कर दिया गया है।

  • आवेदन की अवधि: 15 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक — पोर्टल के माध्यम से।
  • खेत का भौतिक सत्यापन (physical verification) होगा, और सत्यापन के बाद राशि फरवरी 2027 के अंत तक जारी की जाएगी।
  • शरदकालीन गन्ना बुआई (अक्टूबर–नवंबर) का पंजीकरण भी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खुला है।
  • इसके अलावा, हर सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को गन्ना कटाई की मशीन (हार्वेस्टर) उपलब्ध कराएगी, ताकि कटाई की लागत कम हो। करनाल सहकारी चीनी मिल में तैयार किए गए टिशू कल्चर के गन्ने के पौधे किसानों को निःशुल्क दिए जा रहे हैं — अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच मिल से लिए जा सकते हैं।

अगर आप गन्ना किसान हैं, तो 31 दिसंबर 2026 से पहले पोर्टल पर अपना आवेदन ज़रूर कर लें — यह इस समय कृषि यंत्र अनुदान समूह की इकलौती खुली हुई खिड़की है।

सामान्य कृषि यंत्र सब्सिडी (SMAM / RKVY): 40–50%

पराली मशीनों के अलावा, सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइज़ेशन (SMAM) और RKVY के एकीकृत घटक के तहत भी हरियाणा में मशीनों पर सब्सिडी दी जाती है। इसमें लेज़र लैंड लेवलर, रोटावेटर, पावर वीडर, न्यूमैटिक प्लांटर, चाफ कटर, साइलेज बेलर, पैडी मोबाइल ड्रायर, हाई-क्लीयरेंस बूम स्प्रेयर, मल्टी-क्रॉप प्लांटर, सेल्फ-प्रोपेल्ड राइस ट्रांसप्लांटर, मिलेट मिल, ऑयल एक्सपेलर, शुगरकेन फ्रेश कटर, मोबाइल कॉटन श्रेडर जैसी दर्जनों मशीनें शामिल हैं — अक्सर इसी सूची को “33 मशीनें” कहा जाता है।

  • SC / छोटे-सीमांत किसान / महिला किसान: 50% सब्सिडी; अन्य किसान: 40% सब्सिडी।
  • 2025-26 के चक्र के आवेदन 28 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक खुले थे — यह चक्र भी बंद हो चुका है।
  • पात्रता: MFMB पोर्टल पर रबी 2024 और खरीफ 2025 सीज़न में पंजीकृत किसान; एक परिवार पहचान पत्र (Family ID) पर एक ही किसान को एक यंत्र पर सब्सिडी।
  • ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्रों के लिए आवेदक के पास ट्रैक्टर होना अनिवार्य है, और ट्रैक्टर की RC आवेदक के नाम पर होनी चाहिए।

कौन पात्र है? (Eligibility)

मशीन सब्सिडी की सामान्य शर्तें (योजना के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है):

  1. आवेदक हरियाणा का किसान हो और मेरी फसल मेरा ब्योरा (MFMB) पोर्टल पर पंजीकृत हो — यह सबसे पहली और सबसे ज़रूरी शर्त है। ज़मीन का मालिक होना ज़रूरी नहीं है; MFMB पर पंजीकृत बटाईदार (tenant) किसान भी पात्र हैं।
  2. परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) होना अनिवार्य है — आवेदन PPP नंबर से ही शुरू होता है।
  3. एक ही परिवार के किसी सदस्य ने पिछले 3 सालों में उसी मशीन पर सब्सिडी न ली हो।
  4. ट्रैक्टर से चलने वाली मशीनों के लिए आवेदक के नाम पर ट्रैक्टर की वैध RC होनी चाहिए।
  5. ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89 के लिए अलग से: आवेदक SC वर्ग का हो, ट्रैक्टर 45 HP या अधिक का हो, और पिछले 5 साल में ट्रैक्टर सब्सिडी न ली हो।
  6. पराली न जलाने का शपथ-पत्र (affidavit) देना होता है — कि किसान अपने खेत में फसल अवशेष नहीं जलाएगा।

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

अगले चक्र के लिए ये दस्तावेज़ आज ही तैयार रख लें, ताकि विंडो खुलते ही आवेदन कर सकें:

  • परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर — आवेदन इसी से शुरू होता है; OTP परिवार के मुखिया के मोबाइल पर आता है
  • आधार कार्ड या कोई अन्य फोटो पहचान पत्र
  • पैन कार्ड
  • बैंक पासबुक — खाता PPP से लिंक्ड हो, क्योंकि सब्सिडी सीधे इसी खाते में DBT से आएगी
  • ट्रैक्टर की वैध RC — ट्रैक्टर से चलने वाली मशीनों और ट्रैक्टर सब्सिडी के लिए अनिवार्य; RC आवेदक के नाम पर होनी चाहिए
  • जाति प्रमाण पत्र — SC वर्ग के किसानों के लिए
  • पराली न जलाने का शपथ-पत्र और यह घोषणा कि परिवार के किसी सदस्य ने पिछले 3 साल में उसी मशीन पर सब्सिडी नहीं ली

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)

जब भी कोई विंडो खुलती है, आवेदन की प्रक्रिया यही रहती है (पराली प्रबंधन मशीनों के 2026-27 चक्र के अनुसार):

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल agriharyana.gov.in खोलें और Farmers Corner में “APPLY FOR AGRICULTURE SCHEMES” पर क्लिक करें।

स्टेप 2: सूची में “Application for Agriculture Machinery and Equipment under Crop Residue Management (CRM)” (या संबंधित योजना) के सामने “View” बटन पर क्लिक करें।

स्टेप 3: नियम-शर्तें पढ़कर “Agreed, I have read all the terms & conditions” पर टिक करें और “Click Here for Registration” दबाएँ।

स्टेप 4: अपना परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर या आधार नंबर डालकर “Find Family Details” पर क्लिक करें। परिवार के मुखिया के मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करें।

स्टेप 5: परिवार के सदस्यों का विवरण खुलने पर फॉर्म भरें — अधिकतम 4 मशीनें प्राथमिकता क्रम में चुनें (सब्सिडी सिर्फ एक मुख्य मशीन पर मिलेगी)।

स्टेप 6: फॉर्म सबमिट करें और आवेदन संख्या (Application Number) नोट करके सुरक्षित रखें — यही संख्या ड्रॉ, परमिट और स्टेटस चेक करने में काम आएगी।

आवेदन के बाद क्या होता है?

  1. जिला-स्तरीय ड्रॉ: आवेदन बंद होने के बाद हर जिले में ड्रॉ (लॉटरी) होता है, जिसे उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला-स्तरीय कार्यकारी समिति चलाती है। लक्ष्य से लगभग 30% ज़्यादा आवेदकों की प्रतीक्षा सूची भी बनती है।
  2. दस्तावेज़ जाँच: ड्रॉ में चुने गए किसानों को अपने जिले के सहायक कृषि अभियंता (Assistant Agricultural Engineer) के कार्यालय में दस्तावेज़ों की जाँच करानी होती है।
  3. परमिट डाउनलोड: जाँच पास होने पर पोर्टल से परमिट डाउनलोड करें।
  4. मशीन खरीदें: मशीन सिर्फ विभाग से पंजीकृत निर्माता या डीलर से ही खरीदें — गैर-पंजीकृत विक्रेता से खरीदी गई मशीन का बिल स्वीकार नहीं होगा।
  5. बिल अपलोड करें: खरीद का बिल, ई-वे बिल और मशीन की GPS लोकेशन पोर्टल पर तय तारीख तक अपलोड करें (2026-27 के CRM चक्र में यह तारीख 7 सितंबर 2026 थी)। इसके बाद ही सब्सिडी बैंक खाते में आती है।

पराली न जलाने पर ₹1,200 प्रति एकड़ का अलग प्रोत्साहन

मशीन सब्सिडी के अलावा, हरियाणा सरकार पराली जलाने के बजाय उसका प्रबंधन करने वाले किसानों को ₹1,200 प्रति एकड़ का अलग प्रोत्साहन भी देती है। इसका पंजीकरण धान के सीज़न के दौरान अलग से होता है। अगर आपने सुपर सीडर या हैप्पी सीडर से बुआई की है, तो इस प्रोत्साहन के लिए भी अलग से पंजीकरण कराना न भूलें — यह मशीन सब्सिडी से अलग लाभ है।

ध्यान रखने वाली बातें

पहले आवेदन करने से कोई फायदा नहीं: चयन ड्रॉ (लॉटरी) से होता है, इसलिए विंडो खुलते ही भाग-दौड़ करने की ज़रूरत नहीं — लेकिन आखिरी तारीख से पहले आवेदन ज़रूर कर लें, क्योंकि देर से किया गया आवेदन स्वीकार नहीं होता।

सिर्फ पंजीकृत डीलर से खरीदें: मशीन विभाग से पंजीकृत निर्माता/डीलर से ही खरीदें। बिल, ई-वे बिल और GPS लोकेशन समय पर अपलोड करें, वरना सब्सिडी रुक सकती है।

MFMB पंजीकरण पहले कराएँ: हर मशीन योजना की पहली शर्त MFMB पंजीकरण है। अगर आपका पंजीकरण नहीं है, तो पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा (https://fasal.haryana.gov.in) पर पंजीकरण कराएँ — बिना इसके फॉर्म ही नहीं खुलेगा।

दलालों से बचें: आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और निःशुल्क है (सिर्फ मशीन की कीमत का आपका हिस्सा देना होता है)। कोई व्यक्ति पैसे लेकर सब्सिडी दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है — अपना OTP किसी को न दें।

तारीखों की पुष्टि पोर्टल से करें: इस लेख की तारीखें 5 नवंबर 2026 तक की सत्यापित जानकारी पर आधारित हैं। विभाग कभी भी नया चक्र घोषित कर सकता है या तारीख बढ़ा सकता है — आवेदन से पहले agriharyana.gov.in पर ताज़ा सूचना ज़रूर देख लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: हरियाणा में कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: मशीनों पर 40% से 50% सब्सिडी मिलती है — SC, छोटे-सीमांत और महिला किसानों को 50%, अन्य किसानों को 40%। पराली प्रबंधन (CRM) मशीनों पर 50% सब्सिडी है, जो मशीन की कीमत या विभाग की अधिकतम सीमा — जो भी कम हो — के हिसाब से मिलती है। ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89 के तहत SC किसानों को नए ट्रैक्टर पर ₹3 लाख तक मिलते हैं।

प्रश्न 2: क्या अभी कृषि यंत्र सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: 5 नवंबर 2026 तक मशीन सब्सिडी की कोई भी खिड़की खुली नहीं है — CRM 2026-27 (आखिरी तारीख 3 अगस्त 2026), SMAM 2025-26 (16 फरवरी 2026), ट्रैक्टर SB-89 (15 जनवरी 2026) और गन्ना यंत्र सब्सिडी (30–31 अक्टूबर 2026) — सभी बंद हो चुके हैं। सिर्फ गन्ना बुआई पर ₹5,000 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन 31 दिसंबर 2026 तक खुला है। अगले चक्र की घोषणा agriharyana.gov.in पर देखें।

प्रश्न 3: ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89 किसे मिलती है?

उत्तर: सिर्फ हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों को, जो MFMB पोर्टल पर पंजीकृत हों और जिनके नाम (या PPP में दर्ज परिवार के सदस्य के नाम) कृषि भूमि हो। ट्रैक्टर 45 HP या उससे अधिक का नया ट्रैक्टर होना चाहिए, और पिछले 5 साल में ट्रैक्टर पर सब्सिडी न ली हो। 2025-26 का चक्र 15 जनवरी 2026 को बंद हो चुका है; अगले चक्र की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

प्रश्न 4: सुपर सीडर पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: सुपर सीडर पर 50% सब्सिडी मिलती है। अधिकतम सीमा को लेकर दो प्रकाशित तालिकाओं में अंतर है — मूल अधिसूचना में ₹1,20,000 और बाद की तालिका में ₹1,05,000 — इसलिए खरीदने से पहले agriharyana.gov.in पर ताज़ा सीमा ज़रूर जाँच लें। हैप्पी सीडर पर 50% सब्सिडी के साथ अधिकतम ₹74,000–₹82,000 (कुछ स्रोतों में ₹87,000 तक) मिलती है।

प्रश्न 5: क्या बिना ज़मीन के किसान भी मशीन सब्सिडी ले सकता है?

उत्तर: हाँ। ज़मीन का मालिक होना ज़रूरी नहीं है — MFMB पोर्टल पर पंजीकृत बटाईदार (tenant) किसान भी पात्र हैं। लेकिन ट्रैक्टर से चलने वाली मशीनों के लिए आवेदक के नाम पर ट्रैक्टर की वैध RC होनी चाहिए।

प्रश्न 6: गन्ना किसानों को अभी क्या लाभ मिल सकता है?

उत्तर: चौड़ी कतार (4 फुट) में गन्ना बोने पर या सिंगल-बड विधि से बुआई पर ₹5,000 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन मिलता है। आवेदन 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक पोर्टल पर खुले हैं। खेत के भौतिक सत्यापन के बाद राशि फरवरी 2027 के अंत तक जारी होगी। गन्ना यंत्रों की सब्सिडी की खिड़की 30–31 अक्टूबर 2026 को बंद हो चुकी है।

प्रश्न 7: मशीन सब्सिडी के लिए चयन कैसे होता है?

उत्तर: आवेदन बंद होने के बाद हर जिले में ड्रॉ (लॉटरी) होता है। चुने गए किसानों की दस्तावेज़ जाँच सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में होती है, फिर परमिट मिलता है। परमिट से पंजीकृत डीलर से मशीन खरीदकर बिल, ई-वे बिल और GPS लोकेशन पोर्टल पर अपलोड करनी होती है — तभी सब्सिडी बैंक खाते में आती है।

किसानों की अन्य उपयोगी जानकारी

कृषि यंत्र अनुदान के साथ-साथ ये जानकारियाँ भी आपके काम आएँगी: पीएम किसान की 24वीं किस्त — 30 अक्टूबर 2026 को जारी हुई, ₹2,000 की किस्त और e-KYC की पूरी जानकारी; आज के मंडी भाव — हरियाणा की मंडियों के ताज़ा भाव; और धान खरीद भुगतान स्थिति — 31 अक्टूबर तक 43.35 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और ₹6,786 करोड़ का भुगतान।


स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा — आधिकारिक पोर्टल agriharyana.gov.in; The Tribune, 13 जनवरी 2026 (ट्रैक्टर सब्सिडी SB-89, 2025-26 — 27 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026, ₹3 लाख, 45 HP+, SC किसान, MFMB अनिवार्य, 5 साल की शर्त); The Statesman / Millennium Post, 12–13 जनवरी 2026 (ट्रैक्टर SB-89 की पुष्टि); sarkariyojana.com, 25 अगस्त 2026 (CRM RKVY 2026-27 — 13 मशीनें, 50% सब्सिडी, आखिरी तारीख 3 अगस्त 2026, ड्रॉ अगस्त 2026, बिल अपलोड 7 सितंबर 2026, हेल्पलाइन 0172-2571553, पराली प्रबंधन प्रोत्साहन ₹1,200/एकड़); sarkarinetwork.com (SMAM/RKVY 2025-26 — 28 जनवरी से 16 फरवरी 2026, 40–50% सब्सिडी, मूल अधिसूचना की मशीन-सीमाएँ); 5 Dariya News / ChiniMandi (गन्ना बुआई प्रोत्साहन ₹5,000/एकड़ — आवेदन 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026, राशि फरवरी 2027 तक; शरदकालीन बुआई पंजीकरण 1 अक्टूबर–31 दिसंबर 2026); The Tribune / National Times Media, 28 अक्टूबर 2026 (गन्ना यंत्र सब्सिडी — आवेदन 21 सितंबर से 30–31 अक्टूबर 2026 तक)। राशि, तारीखें और नियम बदल सकते हैं — आवेदन से पहले agriharyana.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें। agriharyana.gov.in को इस लेख के लिए सीधे खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन पेज नहीं खुल सका — इसलिए ऊपर दी गई जानकारी दिनांकित समाचार स्रोतों और विभाग की प्रकाशित अधिसूचनाओं पर आधारित है।


“हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान 2026: मशीन पर 50% सब्सिडी, ट्रैक्टर पर ₹3 लाख” को एक उत्तर

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