हरियाणा के शहरों और कस्बों में रेहड़ी, ठेला, पटरी या छोटी दुकान लगाकर रोज़ी-रोटी कमाने वाले लाखों विक्रेताओं के लिए PM SVANidhi Yojana Haryana एक बड़ी राहत है। यह योजना सड़क पर सामान बेचने वाले लोगों को बिना किसी गारंटी या संपत्ति गिरवी रखे, बैंक से कामकाजी पूँजी (working capital) का लोन दिलाती है, ताकि वे अपना सामान खरीद सकें, दुकान का सामान बढ़ा सकें और धंधा दोबारा खड़ा कर सकें।
यह एक केंद्रीय योजना है, हरियाणा सरकार की योजना नहीं। इसे केंद्र सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs — MoHUA) ने शुरू किया था। हरियाणा में इसका लाभ हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies — ULB), यानी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के ज़रिए मिलता है। इसलिए इस गाइड में आपको केंद्र सरकार की योजना की पूरी जानकारी के साथ-साथ हरियाणा में आवेदन करने की स्थानीय प्रक्रिया भी बताई गई है।
अगर आप गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत, सोनीपत, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर या हरियाणा के किसी भी शहर-कस्बे में रेहड़ी-पटरी लगाते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है।
PM SVANidhi Yojana क्या है?
PM SVANidhi का पूरा नाम है — प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (Prime Minister Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi)। यह योजना 1 जून 2020 को शुरू हुई थी। उस समय कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी वालों का धंधा पूरी तरह ठप हो गया था। सरकार ने उन्हें दोबारा काम शुरू करने के लिए छोटा, सस्ता और बिना गारंटी वाला लोन देने की व्यवस्था बनाई।
शुरुआत में पहला लोन ₹10,000 का था। लेकिन 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना का पुनर्गठन (restructuring) करके इसे PM SVANidhi 2.0 के रूप में आगे बढ़ाया। अब पहला लोन बढ़ाकर ₹15,000 तक, दूसरा लोन ₹25,000 तक कर दिया गया है, जबकि तीसरा लोन ₹50,000 का ही है। योजना की ऋण अवधि (lending period) अब 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है। इस पुनर्गठित योजना का कुल परिव्यय ₹7,332 करोड़ है और इसका लक्ष्य 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं तक लाभ पहुँचाना है, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लोन के लिए न कोई गारंटी चाहिए, न कोई संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है और न ही किसी गारंटर की ज़रूरत होती है। समय पर लोन चुकाने वाले विक्रेता को अगली बार और बड़ा लोन मिलता है। इससे विक्रेता का बैंक में क्रेडिट इतिहास (credit history) भी बनता है, जो आगे चलकर बड़े लोन लेने में काम आता है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM SVANidhi — प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि |
| योजना का प्रकार | केंद्रीय योजना (Central Sector Scheme) |
| शुरू करने वाला मंत्रालय | आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), भारत सरकार |
| शुरुआत की तारीख | 1 जून 2020 |
| पुनर्गठन (PM SVANidhi 2.0) | 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी |
| ऋण अवधि | 31 मार्च 2030 तक |
| कुल परिव्यय (2.0) | ₹7,332 करोड़ |
| लक्ष्य लाभार्थी (2.0) | 1.15 करोड़ विक्रेता, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी |
| पहला लोन | ₹15,000 तक |
| दूसरा लोन | ₹25,000 तक |
| तीसरा लोन | ₹50,000 तक |
| ब्याज सब्सिडी | 7% प्रति वर्ष, समय पर चुकाने पर, तिमाही आधार पर खाते में |
| डिजिटल कैशबैक | साल में ₹1,600 तक (शर्तों के साथ) |
| आधिकारिक पोर्टल | pmsvanidhi.mohua.gov.in |
| हरियाणा में लागू करने वाली संस्था | संबंधित नगर निगम / नगर परिषद / नगर पालिका (ULB) |
PM SVANidhi 2.0 में कितना लोन मिलता है?
PM SVANidhi 2.0 में लोन तीन चरणों (tranches) में मिलता है। हर चरण में समय पर लोन चुकाने पर अगला और बड़ा लोन मिलता है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि विक्रेता धीरे-धीरे अपना धंधा बढ़ा सके और बैंक को भी भरोसा हो कि पैसा वापस मिलेगा।
| लोन का चरण | अधिकतम राशि | चुकाने की सामान्य अवधि | शर्त |
|---|---|---|---|
| पहला लोन | ₹15,000 तक | 12 महीने | पहली बार आवेदन करने वाले पात्र विक्रेता |
| दूसरा लोन | ₹25,000 तक | 18 महीने | पहला लोन समय पर चुकाने पर |
| तीसरा लोन | ₹50,000 तक | 36 महीने | दूसरा लोन समय पर चुकाने पर |
ध्यान दें: ऊपर दी गई चुकाने की अवधि (12, 18 और 36 महीने) बैंक और ऋणदाता संस्थाओं के सामान्य नियमों के अनुसार बताई गई है। आपकी किस्त और अवधि आपके बैंक के लोन स्वीकृति पत्र (sanction letter) में लिखी होगी, वही अंतिम मानी जाएगी। लोन की राशि भी “तक” (up to) है — बैंक आपकी ज़रूरत, चुकाने की क्षमता और रिकॉर्ड देखकर राशि तय करता है।
पुरानी जानकारी से सावधान: इंटरनेट पर आज भी कई पुरानी वेबसाइटों पर पहला लोन ₹10,000 और दूसरा लोन ₹20,000 लिखा मिलता है। यह पुरानी व्यवस्था थी। अगस्त 2025 के पुनर्गठन के बाद पहला लोन ₹15,000 और दूसरा लोन ₹25,000 हो गया है। तीसरा लोन पहले की तरह ₹50,000 ही है। इसी तरह योजना की अंतिम तारीख के बारे में भी पुरानी जानकारी न देखें — ऋण अवधि अब 31 मार्च 2030 तक है, दिसंबर 2030 तक नहीं।
लोन के फायदे: ब्याज सब्सिडी, डिजिटल कैशबैक और RuPay क्रेडिट कार्ड
7% ब्याज सब्सिडी
समय पर या समय से पहले लोन चुकाने वाले विक्रेताओं को 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तिमाही (हर तीन महीने में) आधार पर जमा की जाती है। इसका मतलब यह है कि बैंक आपसे जो ब्याज लेता है, उसका एक बड़ा हिस्सा सरकार वापस कर देती है। इससे लोन सस्ता पड़ता है। यह लाभ केवल उन खातों पर मिलता है जो नियमित (standard) हैं — यानी जिनमें किस्त समय पर चुकाई जा रही है।
डिजिटल भुगतान पर कैशबैक — साल में ₹1,600 तक
योजना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देती है। जो विक्रेता UPI, QR कोड या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान लेते-देते हैं, उन्हें कैशबैक मिलता है:
| कैशबैक का प्रकार | कैशबैक | अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| खुदरा (retail) डिजिटल लेन-देन | हर डिजिटल लेन-देन पर ₹1 | ₹100 प्रति माह, साल में ₹1,200 तक |
| थोक (wholesale) डिजिटल खरीद | हर योग्य लेन-देन पर ₹20 | ₹100 प्रति तिमाही, साल में ₹400 तक |
थोक खरीद पर कैशबैक के लिए एक लेन-देन ₹2,000 या उससे अधिक का होना चाहिए। दोनों तरह का कैशबैक मिलाकर एक विक्रेता साल में ₹1,600 तक पा सकता है। यह कैशबैक अपने आप नहीं मिलता — इसके लिए शर्तें पूरी करनी होती हैं और लेन-देन UPI जैसे निर्धारित डिजिटल माध्यम से होना चाहिए। “1% कैशबैक” जैसी बात कई जगह लिखी मिलती है, वह इस योजना के वर्तमान नियमों का सही विवरण नहीं है — सही नियम ऊपर दी गई ₹100 प्रति माह वाली व्यवस्था है।
UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड
PM SVANidhi 2.0 में एक नई सुविधा जोड़ी गई है। जो विक्रेता अपना दूसरा लोन समय पर चुका लेते हैं, वे UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड के पात्र हो सकते हैं। यह कार्ड धंधे या निजी ज़रूरत के समय तुरंत उधार लेने में मदद करता है। विभिन्न बैंक और ऋणदाता गाइडों में इस कार्ड की सीमा ₹30,000 तक बताई गई है, लेकिन यह सीमा बैंक और पात्रता की शर्तों पर निर्भर करती है — इसलिए कार्ड की अंतिम सीमा और शर्तें अपने बैंक या आधिकारिक पोर्टल से ही कन्फर्म करें।
SVANidhi se Samriddhi — दूसरे सरकारी लाभों से जोड़ना
इस योजना का एक और बड़ा लाभ यह है कि लाभार्थियों को भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाता है। ‘SVANidhi se Samriddhi’ के तहत विक्रेताओं और उनके परिवारों की प्रोफाइलिंग करके उन्हें 8 सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाता है। इसके लिए समय-समय पर लोक कल्याण मेले भी लगाए जाते हैं। हरियाणा में रहने वाले विक्रेता परिवार के लिए यह इसलिए भी अहम है कि एक ही बार में कई योजनाओं का लाभ मिल सकता है — जैसे राशन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी योजनाएँ।
कौन आवेदन कर सकता है? — पात्रता
PM SVANidhi के लिए पात्रता की सबसे अहम शर्त यह है कि आप 24 मार्च 2020 को या उससे पहले से रेहड़ी-पटरी लगा रहे हों। यह वही तारीख है जब देश में कोरोना लॉकडाउन लगाया गया था। इसके अलावा आपकी पहचान आपके शहर की शहरी स्थानीय निकाय (ULB) से जुड़ी होनी चाहिए। योजना में विक्रेताओं को चार श्रेणियों में बाँटा गया है:
| श्रेणी | कौन आता है |
|---|---|
| श्रेणी A | जिनके पास ULB से जारी वेंडिंग प्रमाणपत्र (Certificate of Vending — CoV) या पहचान पत्र (ID Card) है |
| श्रेणी B | जिनका नाम ULB के सर्वेक्षण में दर्ज है, लेकिन अभी तक CoV या ID कार्ड जारी नहीं हुआ है |
| श्रेणी C | जो ULB के सर्वेक्षण में छूट गए थे या सर्वेक्षण के बाद वेंडिंग शुरू की, और ULB / टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) से सिफारिश पत्र (Letter of Recommendation — LoR) प्राप्त है |
| श्रेणी D | जो आस-पास के विकासशील, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्र से आकर ULB की सीमा में वेंडिंग करते हैं और उन्हें ULB / TVC से LoR मिला है |
इसके अलावा कुछ सामान्य शर्तें भी हैं:
- आवेदक रेहड़ी-पटरी वाला, ठेला वाला, फेरी वाला, हॉकर या छोटी अस्थायी दुकान चलाने वाला होना चाहिए।
- वेंडिंग शहरी क्षेत्र में होनी चाहिए। पुनर्गठित योजना में कवरेज को वैधानिक शहरों से आगे बढ़ाकर जनगणना शहरों (census towns) और अर्ध-शहरी (peri-urban) क्षेत्रों तक भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है।
- आवेदक के पास आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना चाहिए, क्योंकि लोन की राशि सीधे बैंक खाते में आती है और सब्सिडी भी उसी खाते में जमा होती है।
- आवेदक का नाम ULB के सर्वेक्षण, CoV/ID कार्ड या LoR — इनमें से किसी एक के ज़रिए सत्यापित होना चाहिए।
नोट: हरियाणा में PM SVANidhi के लाभार्थियों की जिलेवार या शहरवार संख्या इस गाइड की तैयारी के समय आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हो सकी, इसलिए यहाँ कोई संख्या नहीं दी जा रही है। अपने शहर की स्थिति अपने ULB कार्यालय या पोर्टल पर ही देखें।
हरियाणा में आवेदन की स्थानीय प्रक्रिया — ULB और CoV क्यों सबसे अहम है?
केंद्र सरकार की इस योजना में हरियाणा के विक्रेता के लिए सबसे अहम कड़ी उसका अपना शहरी स्थानीय निकाय (ULB) है। लोन बैंक देता है, लेकिन आपकी पहचान — यानी आप सच में उस शहर में वेंडिंग करते हैं — ULB ही सत्यापित करता है। इसलिए हरियाणा में आवेदन की प्रक्रिया में दो हिस्से हैं: पहला, ULB से अपनी पहचान का कागज़ (CoV / ID कार्ड / LoR) पाना; दूसरा, पोर्टल पर लोन के लिए आवेदन करना।
हरियाणा के बड़े शहरों — गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत, सोनीपत, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और मानेसर — में नगर निगम (Municipal Corporation) है। इनके अलावा राज्य में नगर परिषद (Municipal Council) और नगर पालिका / नगर समिति (Municipal Committee) भी हैं। आपको अपने शहर की उसी निकाय से संपर्क करना है जिसकी सीमा में आप वेंडिंग करते हैं। नगर निगमों की सटीक संख्या अलग-अलग स्रोतों में 10 और 11 के बीच बताई गई है, इसलिए इस गाइड में कुल संख्या का दावा नहीं किया जा रहा है — आपके शहर की निकाय का नाम ही मायने रखता है, राज्य का कुल आँकड़ा नहीं।
हरियाणा में CoV / LoR कैसे मिलेगा?
- अपने शहर के नगर निगम / नगर परिषद कार्यालय जाएँ या वहाँ की वेंडिंग / टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) शाखा से संपर्क करें।
- बताएं कि आप किस जगह, कब से और क्या बेचते हैं। अगर आपका नाम पहले हुए स्ट्रीट वेंडर सर्वेक्षण में है, तो अपना नाम और सर्वे रेफरेंस नंबर (Survey Reference Number — SRN) निकलवाएँ।
- अगर आपके पास CoV या ID कार्ड नहीं है और नाम सर्वे में भी नहीं है, तो ULB / TVC से सिफारिश पत्र (LoR) के लिए आवेदन करें। इसके लिए ULB आपसे वेंडिंग का सबूत माँग सकता है — जैसे स्थानीय सत्यापन, वेंडर संघ की सदस्यता या पहले के वेंडिंग से जुड़े कागज़।
- LoR या CoV मिलने के बाद ही पोर्टल पर लोन आवेदन पूरा होगा। पोर्टल पर ही LoR के लिए आवेदन करने का विकल्प भी दिया गया है — नीचे ऑनलाइन प्रक्रिया में देखें।
- हरियाणा के छोटे कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विक्रेता भी इस व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं, क्योंकि पुनर्गठित योजना में कवरेज जनगणना शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाई जा रही है। अपने क्षेत्र की निकाय से पूछें कि आपका क्षेत्र कवर है या नहीं।
ज़रूरी दस्तावेज़ — क्या-क्या तैयार रखें?
आवेदन से पहले ये दस्तावेज़ और जानकारियाँ तैयार रख लें, ताकि फॉर्म भरते समय रुकना न पड़े:
| दस्तावेज़ / जानकारी | किसके लिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान और e-KYC के लिए — मुख्य दस्तावेज़ |
| मोबाइल नंबर | आधार से जुड़ा हुआ — OTP सत्यापन के लिए |
| वेंडिंग प्रमाणपत्र (CoV) या ULB पहचान पत्र | श्रेणी A और B के विक्रेताओं के लिए |
| सिफारिश पत्र (LoR) | श्रेणी C और D के विक्रेताओं के लिए (ULB / TVC से जारी) |
| सर्वे रेफरेंस नंबर (SRN) | अगर नाम ULB सर्वेक्षण में है तो |
| बैंक खाता विवरण | खाता संख्या और IFSC — लोन की राशि इसी खाते में आएगी |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | बैंक / आवेदन में माँगे जाने पर |
| अन्य KYC दस्तावेज़ (कोई एक) | वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा जॉब कार्ड या पैन कार्ड — बैंक माँगे तो |
| दूसरे लोन के लिए | पहले लोन के बंद होने / चुकता होने का दस्तावेज़ |
महत्वपूर्ण: पोर्टल पर आवेदन करते समय दिखने वाला लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा। अगर पोर्टल पर कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगा जाता है, तो वही मान्य होगा। किसी भी बिचौलिए को दस्तावेज़ की मूल प्रति या पैसे न दें। आवेदन करते समय अपने दस्तावेज़ों की साफ फोटो या स्कैन तैयार रखें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — स्टेप-बाय-स्टेप
ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर किया जाता है। नीचे दिए गए चरण सामान्य प्रक्रिया के अनुसार हैं — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम होगा।
चरण 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in खोलें।
चरण 2: होमपेज पर “Apply for Loan” या “Login” / “Applicant Login” विकल्प चुनें।
चरण 3: अपनी विक्रेता श्रेणी चुनें — CoV/ID कार्ड है (श्रेणी A), सर्वे में नाम है (श्रेणी B), या LoR है / LoR चाहिए (श्रेणी C/D)।
चरण 4: अगर आप श्रेणी A के हैं तो अपना सर्वे रेफरेंस नंबर (SRN) दर्ज करें। अगर आपके पास SRN नहीं है तो पोर्टल पर “Search Vendor” / सर्वे स्थिति जाँचने का विकल्प देखें और अपना नाम, राज्य (Haryana), ULB का नाम, पिता/पति का नाम और मोबाइल नंबर डालकर अपनी सर्वे स्थिति देखें।
चरण 5: अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें। फिर आधार नंबर डालकर e-KYC पूरा करें।
चरण 6: अगर आप श्रेणी C या D के हैं और आपके पास LoR नहीं है, तो पहले LoR के लिए आवेदन करें — पोर्टल पर LoR आवेदन का विकल्प दिया गया है, या अपने ULB कार्यालय से LoR लें।
चरण 7: आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, परिवार का विवरण, वेंडिंग का विवरण (क्या बेचते हैं, कहाँ बेचते हैं), बैंक खाता और डिजिटल भुगतान का विवरण भरें।
चरण 8: लोन की राशि और लोन का उद्देश्य चुनें, ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें और घोषणा (declaration) पर टिक करके फॉर्म सेव करें और सबमिट करें।
चरण 9: फॉर्म सबमिट होने पर आपको एक आवेदन संख्या (Application Number) मिलेगी। इसे नोट करके सुरक्षित रखें — यही संख्या स्टेटस जाँचने और बैंक से बात करते समय काम आएगी।
चरण 10: आपका आवेदन संबंधित बैंक / ऋणदाता संस्था को भेजा जाएगा। बैंक आपकी जानकारी की जाँच करेगा और ज़रूरत पड़ने पर आपसे संपर्क करेगा।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
जिन विक्रेताओं के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे ऑफलाइन तरीके से भी आवेदन कर सकते हैं:
- अपने शहर के ULB कार्यालय जाएँ और PM SVANidhi के लिए मदद माँगें। वहाँ आपको सर्वे स्थिति, CoV या LoR के बारे में जानकारी मिलेगी।
- नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएँ — वहाँ से पोर्टल पर आवेदन भरवाने में मदद मिल सकती है।
- अपने बैंक की शाखा में जाएँ — बैंक शाखा भी आवेदन प्रक्रिया में मदद कर सकती है। अपने साथ आधार कार्ड, CoV/LoR और बैंक पासबुक ले जाएँ।
- ULB कार्यालय या CSC पर आवेदन भरवाते समय भी आवेदन संख्या ज़रूर लें और उसकी रसीद या SMS संभालकर रखें।
शुल्क और समय-सीमा — क्या जानना ज़रूरी है?
आवेदन शुल्क: इस गाइड की तैयारी के समय आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन के लिए किसी शुल्क की पुष्टि सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी, इसलिए यहाँ कोई शुल्क राशि नहीं दी जा रही है। सामान्य नियम यह है कि सरकारी पोर्टल पर आवेदन करते समय किसी बिचौलिए को पैसे न दें। बैंक लोन पर ब्याज लेता है, जिसकी दर बैंक तय करता है — 7% ब्याज सब्सिडी उसी ब्याज पर अलग से मिलती है। अगर कोई व्यक्ति लोन दिलाने के नाम पर पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है — तुरंत ULB या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
समय-सीमा: लोन मिलने में कितने दिन लगेंगे, इसकी कोई निश्चित अवधि इस गाइड में नहीं दी जा रही है, क्योंकि यह बैंक की जाँच, दस्तावेज़ों की पूर्णता और ULB सत्यापन पर निर्भर करती है। कुछ स्रोतों में 30 दिन का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह आधिकारिक गारंटी नहीं है, इसलिए इसे समय-सीमा के रूप में न मानें। आवेदन के बाद पोर्टल पर स्टेटस देखते रहें और बैंक से संपर्क में रहें।
आवेदन का स्टेटस कैसे देखें और पैसा कैसे मिलेगा?
स्टेटस जाँचने के लिए:
- आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in खोलें।
- “Login” / “Applicant Login” पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें और OTP से लॉगिन करें।
- अपनी आवेदन संख्या से आवेदन की स्थिति देखें — जैसे “Under Process”, स्वीकृत, या बैंक को भेजा गया।
पैसा कैसे मिलेगा: लोन स्वीकृत होने पर राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा की जाती है — नकद नहीं मिलती। इसलिए बैंक खाता संख्या और IFSC सही भरना बहुत ज़रूरी है। 7% ब्याज सब्सिडी भी सीधे उसी बैंक खाते में तिमाही आधार पर आती है। डिजिटल कैशबैक भी आपके खाते में ही जमा होता है।
आवेदन रिजेक्ट होने से कैसे बचें? — आम गलतियाँ
- गलत या अधूरा SRN, गलत मोबाइल नंबर या आधार से न जुड़ा मोबाइल नंबर भरना।
- CoV/ID कार्ड/LoR में से कोई भी कागज़ न होना और LoR के लिए आवेदन किए बिना ही लोन फॉर्म भर देना।
- बैंक खाता संख्या या IFSC गलत भरना — इससे पैसा अटक सकता है।
- एक ही जानकारी के लिए अलग-अलग दस्तावेज़ों में अलग-अलग नाम या पता होना।
- किसी बिचौलिए को पैसे देकर आवेदन करवाना — इससे न सिर्फ पैसा डूबता है, बल्कि गलत जानकारी भरने पर आवेदन रिजेक्ट भी हो सकता है।
- पहला लोन लेकर किस्त समय पर न चुकाना — इससे दूसरा और तीसरा लोन नहीं मिलेगा और ब्याज सब्सिडी भी रुक सकती है।
हरियाणा के विक्रेता परिवारों के लिए अन्य उपयोगी योजनाएँ
PM SVANidhi का लाभ लेने वाले परिवार को हरियाणा की अन्य योजनाओं से भी जोड़ना फायदेमंद हो सकता है। हमारी साइट पर इन योजनाओं की विस्तृत गाइड भी उपलब्ध हैं:
- हैप्पी कार्ड योजना — हरियाणा में पात्र परिवारों को बस यात्रा की सुविधा से जुड़ी योजना के बारे में जानने के लिए पढ़ें: Haryana Happy Card Yojana
- मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना — गरीब परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने की हरियाणा सरकार की योजना: Mukhyamantri Antyodaya Parivar Utthan Yojana
- मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना — गाँवों में प्लॉट और आवास से जुड़ी हरियाणा सरकार की योजना: Mukhyamantri Gramin Awas Yojana Haryana
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. PM SVANidhi Yojana क्या है और यह हरियाणा सरकार की योजना है या केंद्र सरकार की?
PM SVANidhi केंद्र सरकार की योजना है, जिसे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने 1 जून 2020 को शुरू किया था। हरियाणा में इसका क्रियान्वयन राज्य के शहरी स्थानीय निकायों (ULB) और बैंकों के ज़रिए होता है। इसे हरियाणा सरकार की योजना कहना गलत होगा।
2. PM SVANidhi 2.0 में कितना लोन मिलता है?
PM SVANidhi 2.0 में पहला लोन ₹15,000 तक, दूसरा लोन ₹25,000 तक और तीसरा लोन ₹50,000 तक मिलता है। दूसरा लोन पहले लोन के समय पर चुकाने पर और तीसरा लोन दूसरे लोन के समय पर चुकाने पर मिलता है। ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक है।
3. क्या PM SVANidhi लोन के लिए कोई गारंटी या संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है?
नहीं। यह पूरी तरह बिना गारंटी (collateral-free) वाला लोन है। इसके लिए न कोई संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है और न ही किसी गारंटर की ज़रूरत होती है।
4. हरियाणा में रेहड़ी लगाने वाला विक्रेता CoV या LoR कहाँ से पाएगा?
CoV, पहचान पत्र या LoR आपके शहर के नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका (ULB) / टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) से मिलेगा। अगर आपका नाम ULB सर्वेक्षण में है तो CoV/ID कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी; अगर नाम सर्वे में नहीं है तो ULB/TVC से सिफारिश पत्र (LoR) लेना होगा।
5. बिना वेंडिंग प्रमाणपत्र के क्या PM SVANidhi के लिए आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, लेकिन सिर्फ LoR के साथ। अगर आपके पास CoV या ID कार्ड नहीं है, तो ULB / TVC से जारी सिफारिश पत्र (LoR) के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। बिना CoV/ID कार्ड और बिना LoR के आवेदन पूरा नहीं होगा।
6. PM SVANidhi में 7% ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक कैसे मिलता है?
समय पर लोन चुकाने पर 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी सीधे बैंक खाते में तिमाही आधार पर जमा होती है। डिजिटल भुगतान पर ₹100 प्रति माह तक (साल में ₹1,200 तक) खुदरा कैशबैक और ₹2,000 या अधिक की थोक डिजिटल खरीद पर ₹400 तक अतिरिक्त कैशबैक मिल सकता है — कुल ₹1,600 तक, शर्तों के साथ।
7. PM SVANidhi आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?
आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर Applicant Login से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP डालकर आवेदन संख्या से स्टेटस देखा जा सकता है। लोन स्वीकृत होने पर राशि सीधे बैंक खाते में आती है।
8. क्या PM SVANidhi लोन के लिए आवेदन करने की कोई फीस है?
इस गाइड की तैयारी के समय पोर्टल पर आवेदन शुल्क की पुष्टि सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी, इसलिए कोई राशि नहीं दी जा रही है। किसी भी बिचौलिए को लोन दिलाने के नाम पर पैसे न दें। मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800111979 पर संपर्क करें।
हेल्पलाइन और आधिकारिक स्रोत
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800111979 — सोमवार से शनिवार, सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक (राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर)। यह नंबर कई स्रोतों में प्रकाशित है; कॉल करने से पहले पोर्टल पर वर्तमान संपर्क विवरण देख लें।
- आधिकारिक पोर्टल: PM SVANidhi Portal — pmsvanidhi.mohua.gov.in
- आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (PIB): Restructured PM SVANidhi Scheme — Cabinet approval 27 August 2025
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी 6 नवंबर 2026 को सार्वजनिक आधिकारिक स्रोतों (PIB प्रेस विज्ञप्ति और PM SVANidhi पोर्टल से जुड़े प्रकाशित विवरण) के आधार पर तैयार की गई है। योजना के नियम, लोन की राशि, ब्याज दर और पात्रता समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर दिखने वाला लाइव फॉर्म और अपने बैंक / ULB से मिली जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी। इस गाइड में जहाँ किसी तथ्य की पुष्टि नहीं हो सकी है, वहाँ साफ़ तौर पर लिख दिया गया है — कोई भी आँकड़ा अनुमान से नहीं भरा गया है।

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