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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा खेल नर्सरी योजना 2026: खिलाड़ी ₹2,000, कोच ₹25,000

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा खेल नर्सरी योजना 2026: खिलाड़ी ₹2,000, कोच ₹25,000
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 1:11 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

महत्वपूर्ण सूचना — पहले यह समझ लें: हरियाणा खेल नर्सरी योजना के शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 22 फरवरी 2026 को बंद हो चुका है। इसलिए इस समय अभी आवेदन करें जैसी कोई स्थिति नहीं है। यह गाइड आपको योजना की पूरी और सही जानकारी देने के लिए है, ताकि आप अगले सत्र 2027-28 के लिए पहले से तैयारी कर सकें। अगले सत्र की तारीखें विभाग ने अभी घोषित नहीं की हैं — जैसे ही आधिकारिक घोषणा होगी, इस गाइड को अपडेट किया जाएगा। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे देकर आवेदन कराने के झांसे में न आएँ।

हरियाणा को देश में खेलों की नर्सरी कहा जाता है। यहाँ के गाँवों और कस्बों से निकले खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रीय खेलों में देश का नाम रोशन किया है। इस सफलता की जड़ गाँव-गाँव और स्कूल-स्कूल में चलने वाली खेल नर्सरियाँ हैं, जहाँ 8 से 19 साल के बच्चों को कम उम्र में ही सही कोच, सही मैदान और नियमित प्रशिक्षण मिलता है। हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा मामले विभाग द्वारा चलाई जा रही हरियाणा खेल नर्सरी योजना का उद्देश्य भी यही है — प्रतिभाशाली बच्चों को शुरुआती स्तर पर पहचानना, उन्हें प्रशिक्षित करना और उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहारा देना।

इस योजना में दो अलग-अलग लाभार्थी हैं — खिलाड़ी (बच्चे) और कोच — और दोनों के लिए पैसे की राशि अलग-अलग है। यह बात सबसे ज्यादा भ्रम पैदा करती है, इसलिए इसे शुरुआत में ही साफ कर देते हैं।

खिलाड़ी को कितना मिलता है और कोच को कितना — भ्रम दूर करें

बहुत-सी खबरों और वेबसाइटों में सिर्फ ₹25,000 का आँकड़ा छपता है, जिसे देखकर कई माता-पिता यह समझ लेते हैं कि उनके बच्चे को ₹25,000 महीना मिलेगा। यह गलत है। ₹25,000 कोच का मानदेय है, खिलाड़ी की छात्रवृत्ति नहीं।

लाभार्थी राशि (प्रति माह) शर्त
खिलाड़ी, आयु 8 से 14 वर्ष ₹1,500 प्रति खिलाड़ी महीने में कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण में उपस्थिति
खिलाड़ी, आयु 15 से 19 वर्ष ₹2,000 प्रति खिलाड़ी महीने में कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण में उपस्थिति
कोच, एनआईएस पटियाला डिप्लोमा या समकक्ष ₹25,000 खेल एवं युवा मामले मंत्रालय से मान्यता प्राप्त संस्थान का डिप्लोमा
कोच, एम.पी.एड / डी.पी.एड / एम.ए. (शारीरिक शिक्षा) या एनआईएस प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम ₹20,000 संबंधित खेल में राष्ट्रीय खिलाड़ी होना भी अनिवार्य

खिलाड़ी को मिलने वाली राशि को आधिकारिक शब्दों में छात्रवृत्ति और आहार राशि (स्कॉलरशिप व डाइट मनी) कहा जाता है। यह पैसा सीधे खिलाड़ी के बैंक खाते में जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी (डीएसवाईएओ) द्वारा हर महीने भेजा जाता है। कोच का मानदेय पहले स्कूल द्वारा कोच के बैंक खाते में दिया जाता है और फिर डीएसवाईएओ स्कूल को उसकी प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) करता है। इसलिए ₹25,000 का आँकड़ा पढ़कर अपने बच्चे के लिए उतनी राशि की उम्मीद न करें — बच्चे के लिए अधिकतम राशि ₹2,000 प्रति माह है।

हरियाणा खेल नर्सरी योजना 2026 क्या है?

हरियाणा खेल नर्सरी योजना राज्य सरकार की एक नियमित खेल योजना है, जिसे खेल एवं युवा मामले विभाग, हरियाणा सरकार चलाता है। इसके तहत सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और निजी शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियाँ स्थापित की जाती हैं। हर नर्सरी किसी एक खेल के लिए होती है — जैसे कुश्ती, कबड्डी, हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, तैराकी, तीरंदाजी या हैंडबॉल।

नर्सरी का मतलब यहाँ पौधों की नर्सरी जैसा ही है — छोटे बच्चों को खेल की शुरुआती ट्रेनिंग देकर उन्हें भविष्य के खिलाड़ी के रूप में तैयार करना। नर्सरी में बच्चों को योग्य कोच से नियमित प्रशिक्षण मिलता है, खेल का मैदान या कोर्ट मिलता है, स्पोर्ट्स किट मिलती है और छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक मदद मिलती है। संस्था को खेल उपकरण और उपभोग्य सामग्री के खर्च की प्रतिपूर्ति भी मिलती है।

यह योजना हर शैक्षणिक सत्र के लिए चलाई जाती है। हर साल संस्थानों से ऑनलाइन आवेदन माँगे जाते हैं, उनकी जाँच और निरीक्षण होता है, और फिर नर्सरियों का आवंटन किया जाता है। आवंटन के बाद नर्सरी वाला स्कूल अपने यहाँ खेल एवं शारीरिक योग्यता परीक्षा (ट्रायल) आयोजित करता है और उसी के आधार पर बच्चों का चयन होता है।

योजना एक नजर में

विवरण जानकारी
योजना का नाम हरियाणा खेल नर्सरी योजना (Haryana Khel Nursery Yojana)
विभाग खेल एवं युवा मामले विभाग, हरियाणा सरकार
लाभार्थी 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ी; योग्य कोच; सरकारी स्कूल, ग्राम पंचायत और निजी शिक्षण संस्थान
खिलाड़ी लाभ ₹1,500 (8–14 वर्ष) / ₹2,000 (15–19 वर्ष) प्रति माह
कोच मानदेय ₹25,000 / ₹20,000 प्रति माह (योग्यता के अनुसार)
प्रति नर्सरी खिलाड़ी 25 चयनित + 25 प्रतीक्षा सूची
उपस्थिति की शर्त महीने में कम से कम 22 दिन
आवेदन का माध्यम ऑनलाइन — नर्सरी प्रबंधन प्रणाली (Nursery Management System)
पंजीकरण पोर्टल khelnurseryharyana.in
विभागीय वेबसाइट haryanasports.gov.in
2026-27 की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 (बंद हो चुकी है)
2027-28 की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है

कितनी नर्सरियाँ हैं? संख्या का पूरा इतिहास

नर्सरियों की संख्या समय के साथ बढ़ती रही है, इसलिए अलग-अलग साल की खबरों में अलग-अलग संख्या मिलती है। सही क्रम इस प्रकार है:

  • पहले सरकार हर साल लगभग 1,100 खेल नर्सरियाँ आवंटित करती थी।
  • वित्त वर्ष 2024-25 से नर्सरियों की संख्या बढ़ाकर 1,500 कर दी गई। इनमें से लगभग 500 नर्सरियाँ सरकारी कोचों द्वारा सरकारी बुनियादी ढाँचे पर चलाई जाती हैं।
  • 12 जून 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 976 खेल नर्सरियों के आवंटन को मंजूरी दी थी। ये नर्सरियाँ सरकारी और निजी स्कूलों व संस्थानों में आवंटित की गईं।
  • अप्रैल 2025 में सरकार ने बताया था कि राज्य में 1,489 खेल नर्सरियाँ चल रही हैं, जिनमें 37,225 उभरते खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
  • 2025-26 सत्र के लिए खेल विभाग ने 74,884 खिलाड़ियों के लिए जुलाई, अगस्त और सितंबर की पोषण भत्ता राशि के रूप में ₹12.72 करोड़ जारी किए थे। यह राशि सभी 22 जिलों को दी गई थी।
  • अक्टूबर 2025 की खबरों के अनुसार विभाग ने नर्सरियों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 2,000 करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था, लेकिन इस वृद्धि की अंतिम मंजूरी के बारे में इस गाइड की तैयारी के समय तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इस गाइड में 1,500 की संख्या ही आधिकारिक तौर पर दर्ज की जा रही है — 2,000 का आँकड़ा प्रस्ताव के स्तर पर है, अंतिम निर्णय नहीं।

किन खेलों के लिए नर्सरी खुल सकती है?

खेल नर्सरी सिर्फ उन्हीं खेलों के लिए खोली जा सकती है, जो ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों या राष्ट्रीय खेलों में खेले जाते हैं। इनके साथ संबंधित पैरा खेल (दिव्यांग खिलाड़ियों के खेल) भी शामिल हैं। इसका मतलब है कि हर खेल के लिए नर्सरी नहीं मिलती — सिर्फ उन्हीं खेलों के लिए, जिन्हें इन बड़ी प्रतियोगिताओं में मान्यता मिली हुई है।

आमतौर पर हरियाणा में जिन खेलों की नर्सरियाँ सबसे ज्यादा चलती हैं, उनमें कुश्ती, कबड्डी, बॉक्सिंग, हॉकी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, तैराकी, तीरंदाजी, खो-खो और बैडमिंटन शामिल हैं। संस्था को आवेदन में वही खेल चुनना होता है, जिसके लिए उसके पास मैदान, कोर्ट या हॉल और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध हों।

कौन आवेदन कर सकता है? संस्था की पात्रता

यह समझना बहुत जरूरी है कि खेल नर्सरी के लिए आवेदन सीधे बच्चा या उसके माता-पिता नहीं करते। आवेदन संस्था करती है — स्कूल, ग्राम पंचायत या निजी शिक्षण संस्थान। बच्चा बाद में उस नर्सरी में ट्रायल देकर चयनित होता है। इसलिए पात्रता के दो हिस्से हैं — पहला, संस्था की पात्रता; दूसरा, खिलाड़ी की पात्रता।

संस्था (स्कूल / पंचायत / निजी संस्थान) की पात्रता

  • सरकारी और निजी हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल आवेदन कर सकते हैं।
  • ग्राम पंचायतें भी आवेदन कर सकती हैं।
  • निजी शिक्षण संस्थान और निजी खेल संस्थान भी पात्र हैं।
  • एक स्कूल को अधिकतम दो खेल नर्सरियाँ ही आवंटित की जा सकती हैं।
  • संस्था के पास उस खेल के लिए खेल का मैदान, कोर्ट या हॉल और अन्य सुविधाएँ होनी चाहिए, जिसके लिए नर्सरी माँगी जा रही है।
  • संस्था के पास योग्य कोच की उपलब्धता होनी चाहिए।
  • नर्सरी में अधिकतम 25 खिलाड़ियों को समायोजित करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • आवंटन से पहले जिला खेल अधिकारी संस्था के परिसर का भौतिक निरीक्षण करते हैं।

खिलाड़ी (बच्चे) की पात्रता

  • बच्चे की आयु 8 से 19 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • बच्चे को नर्सरी वाले स्कूल द्वारा आयोजित खेल एवं शारीरिक योग्यता परीक्षा (स्पीड / फिजिकल टेस्ट) में शामिल होना होगा। यह परीक्षा जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी (डीएसवाईएओ) की निगरानी में होती है।
  • परीक्षा के आधार पर स्कूल 25 बच्चों का चयन करता है और 25 बच्चों को प्रतीक्षा सूची में रखता है।
  • यदि कोई प्रशिक्षु नर्सरी छोड़ देता है, तो उसकी जगह प्रतीक्षा सूची से क्रमानुसार भरी जाती है।
  • यदि किसी भी समय प्रशिक्षुओं की संख्या 20 से नीचे चली जाए, तो नर्सरी बंद कर दी जाएगी।
  • छात्रवृत्ति पाने के लिए बच्चे को महीने में कम से कम 22 दिन कोचिंग में उपस्थित रहना होगा।
  • खिलाड़ी को नशे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहना होगा और सख्त अनुशासन बनाए रखना होगा।

कोच की पात्रता — ₹25,000 और ₹20,000 में क्या अंतर है?

कोच का मानदेय उसकी योग्यता पर निर्भर करता है। दोनों श्रेणियाँ नीचे दी गई हैं:

कोच की योग्यता मानदेय (प्रति माह)
एनआईएस पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा, या युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा एनआईएस पटियाला के समकक्ष मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से डिप्लोमा ₹25,000
एम.पी.एड, डी.पी.एड, एम.ए. (शारीरिक शिक्षा) या एनआईएस कोचिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम — साथ में संबंधित खेल में राष्ट्रीय खिलाड़ी होना अनिवार्य ₹20,000

कोच की नियुक्ति स्कूल द्वारा की जाती है। चुने गए कोच की योग्यता की जाँच स्कूल संबंधित डीएसवाईएओ से करवाता है। डीएसवाईएओ की भूमिका सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल ने शर्तों के अनुसार योग्य कोच ही नियुक्त किया है। ध्यान दें — पुरानी (2016 की) खबरों में कोच का मानदेय ₹15,000 बताया गया था, लेकिन वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार यह ₹20,000 / ₹25,000 है। पुराना आँकड़ा अब लागू नहीं है।

खिलाड़ी को क्या-क्या लाभ मिलते हैं?

  • मासिक छात्रवृत्ति / आहार राशि: 8–14 वर्ष के खिलाड़ी को ₹1,500 और 15–19 वर्ष के खिलाड़ी को ₹2,000 प्रति माह।
  • नियमित प्रशिक्षण: योग्य कोच से रोजाना प्रशिक्षण।
  • खेल किट: स्कूल चयनित प्रशिक्षुओं और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट देता है।
  • मैदान और सुविधाएँ: स्कूल के मैदान, कोर्ट या हॉल में प्रशिक्षण।
  • प्रतियोगिताओं का रास्ता: नर्सरी से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का मौका मिलता है।
  • अनुशासन और फिटनेस: नियमित अभ्यास, बायोमेट्रिक उपस्थिति (विभाग ने 1 अक्टूबर 2025 से नर्सरियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति शुरू की है) और अनुशासन की आदत।

संस्था को मिलने वाला लाभ भी जान लें — खेल उपकरण और उपभोग्य सामग्री पर खर्च के लिए स्कूल को प्रति वर्ष ₹1.00 लाख तक की प्रतिपूर्ति दी जाती है। यह खरीद उपायुक्त या उनके प्रतिनिधियों की निगरानी में होती है और राशि का भुगतान डीएसवाईएओ द्वारा वस्तुओं के भौतिक सत्यापन और वाउचर की जाँच के बाद स्कूल के बैंक खाते में किया जाता है। ध्यान दें — पुरानी खबरों में यह राशि ₹1.20 लाख या ₹1.25 लाख भी बताई गई है, लेकिन वर्तमान दिशानिर्देशों के सार में ₹1.00 लाख प्रति वर्ष का उल्लेख है, इसलिए इस गाइड में वही आँकड़ा दर्ज किया गया है।

जरूरी दस्तावेज

यहाँ दो अलग-अलग दस्तावेजों के सेट हैं — एक संस्था के आवेदन के लिए और दूसरा खिलाड़ी के चयन व भुगतान के लिए।

संस्था के ऑनलाइन आवेदन के लिए

संस्था को नर्सरी प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर संस्था का विवरण भरना होता है, खेल चुनना होता है और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। पोर्टल पर कौन-कौन से दस्तावेज माँगे जाते हैं, इसकी सटीक और अंतिम सूची सिर्फ पोर्टल के लाइव फॉर्म में ही दिखती है — विभाग के सार्वजनिक दिशानिर्देशों में दस्तावेजों की एक निश्चित सूची इस गाइड की तैयारी के समय तक नहीं मिली है। इसलिए आवेदन करते समय पोर्टल पर दिख रही सूची ही अंतिम मानी जाएगी। सामान्य तौर पर संस्था को अपनी पहचान, स्कूल की मान्यता, मैदान व सुविधाओं का विवरण और कोच की योग्यता से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

खिलाड़ी के चयन और छात्रवृत्ति भुगतान के लिए

खिलाड़ी की छात्रवृत्ति का भुगतान डीएसवाईएओ द्वारा तभी किया जाता है, जब स्कूल बच्चे का यह विवरण जमा करे — बच्चे का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, आधार संख्या और मोबाइल नंबर, साथ में उपस्थिति रजिस्टर की सत्यापित प्रति। इसी से यह साफ है कि बच्चे के लिए ये दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • जन्म तिथि का प्रमाण — जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का आयु प्रमाण
  • स्कूल पहचान पत्र / बोनाफाइड प्रमाण पत्र
  • हरियाणा निवास प्रमाण पत्र (यदि माँगा जाए)
  • पासपोर्ट आकार की फोटो
  • बैंक खाते का विवरण — छात्रवृत्ति सीधे बैंक खाते में आती है
  • चिकित्सा फिटनेस प्रमाण पत्र (यदि ट्रायल के समय माँगा जाए)

सावधानी: ऊपर दी गई खिलाड़ी-दस्तावेजों की सूची में से आधार, जन्म तिथि, मोबाइल और बैंक खाता भुगतान की प्रक्रिया से सीधे सत्यापित हैं। बाकी दस्तावेज — जैसे निवास प्रमाण पत्र और फिटनेस प्रमाण पत्र — सामान्य खेल-चयन प्रक्रिया में माँगे जाने वाले दस्तावेज हैं, लेकिन विभाग के सार्वजनिक दिशानिर्देशों में इनकी अनिवार्य सूची अलग से नहीं मिली है। इसलिए अंतिम सूची के लिए नर्सरी वाले स्कूल या डीएसवाईएओ कार्यालय से ही पुष्टि करें।

आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

फिर दोहराते हैं — 2026-27 का आवेदन बंद है। नीचे दी गई प्रक्रिया अगले सत्र (2027-28) के लिए है, जब पंजीकरण खुलेगा। प्रक्रिया पिछले सत्र के आधिकारिक चरणों पर आधारित है; अगले सत्र में पोर्टल के चरणों में मामूली बदलाव हो सकता है, इसलिए उस समय पोर्टल पर दिख रहे निर्देश ही अंतिम होंगे।

ऑनलाइन आवेदन — संस्था के लिए

चरण 1: हरियाणा खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट haryanasports.gov.in पर जाएँ और Sports Nursery पेज खोलें।

चरण 2: स्पोर्ट्स नर्सरी पेज पर Registration for Sports Nursery लिंक पर क्लिक करें। इससे नर्सरी प्रबंधन प्रणाली (Nursery Management System) खुलती है — khelnurseryharyana.in।

चरण 3: नर्सरी प्रबंधन प्रणाली के लॉगिन पेज पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और लॉगिन पूरा करके पंजीकरण करें।

चरण 4: संस्था का विवरण भरें, जिस खेल के लिए नर्सरी चाहिए उसे चुनें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

चरण 5: आवेदन अंतिम तिथि से पहले जमा (सबमिट) करें और पावती / एक्नॉलेजमेंट की प्रति संभालकर रखें। यही प्रति भविष्य में स्थिति पूछने के काम आएगी।

खिलाड़ी के चयन की प्रक्रिया — ट्रायल से लेकर छात्रवृत्ति तक

चरण 1: संस्था को नर्सरी आवंटित होने के बाद स्कूल अपने यहाँ खेल एवं शारीरिक योग्यता परीक्षा (ट्रायल / स्पीड टेस्ट) आयोजित करता है। यह परीक्षा डीएसवाईएओ की निगरानी में 8 से 19 वर्ष के बच्चों के लिए होती है।

चरण 2: ट्रायल में दौड़ की गति, ताकत और सहनशक्ति, लचीलापन और समन्वय, चुने गए खेल की बुनियादी तकनीक और बच्चे की रुचि व लगन देखी जाती है।

चरण 3: परीक्षा के आधार पर 25 बच्चों का चयन होता है और 25 बच्चे प्रतीक्षा सूची में रखे जाते हैं।

चरण 4: चयनित बच्चों को नियमित प्रशिक्षण शुरू करना होता है। स्कूल उनकी और कोच की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज करता है।

चरण 5: छात्रवृत्ति के लिए स्कूल हर महीने बच्चे का विवरण — नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, आधार संख्या, मोबाइल नंबर — और उपस्थिति रजिस्टर की सत्यापित प्रति डीएसवाईएओ को भेजता है। इसके बाद डीएसवाईएओ छात्रवृत्ति सीधे बच्चे के बैंक खाते में भेजता है।

ऑफलाइन विकल्प

वर्तमान में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है — संस्थाओं को अब कागजी फॉर्म डाउनलोड करके जमा करने की जरूरत नहीं है। इसलिए इस योजना के लिए कोई अलग से आधिकारिक ऑफलाइन फॉर्म इस गाइड की तैयारी के समय तक सत्यापित नहीं हुआ है। यदि किसी संस्था को ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत आती है, तो वह अपने जिले के जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी (डीएसवाईएओ) के कार्यालय से संपर्क कर सकती है — वही कार्यालय नर्सरियों का निरीक्षण और निगरानी भी करता है। यह सलाह सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था पर आधारित है, इसे अलग से ऑफलाइन आवेदन का चैनल न समझें।

फीस और समय-सीमा

  • आवेदन शुल्क: विभाग के सार्वजनिक दिशानिर्देशों में खेल नर्सरी के लिए किसी आवेदन शुल्क का उल्लेख इस गाइड की तैयारी के समय तक नहीं मिला है। इसलिए इस गाइड में कोई शुल्क राशि नहीं लिखी जा रही है। यदि पंजीकरण के समय पोर्टल पर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम होगा। कोई भी व्यक्ति अगर इस योजना के नाम पर फीस माँगे, तो पहले डीएसवाईएओ कार्यालय से पुष्टि करें।
  • 2026-27 की समय-सीमा: ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 थी। यह तिथि बढ़ाकर तय की गई थी और इसके बाद आए आवेदनों पर विचार नहीं किया गया।
  • 2027-28 की समय-सीमा: अभी घोषित नहीं हुई है। पिछले वर्षों में आवेदन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले माँगे जाते रहे हैं, लेकिन 2027-28 के लिए कोई तारीख इस गाइड में नहीं लिखी जा रही है, क्योंकि वह सत्यापित नहीं है। आधिकारिक घोषणा के लिए haryanasports.gov.in और khelnurseryharyana.in पर नजर रखें।

स्थिति (स्टेटस) कैसे जाँचें?

खेल नर्सरी योजना के लिए कोई अलग से सार्वजनिक स्टेटस-ट्रैकिंग पेज इस गाइड की तैयारी के समय तक सत्यापित नहीं हुआ है। संस्था अपने आवेदन की स्थिति इस प्रकार जाँच सकती है:

  • नर्सरी प्रबंधन प्रणाली khelnurseryharyana.in पर उसी मोबाइल नंबर से लॉगिन करके, जिससे आवेदन किया गया था।
  • अपने जिले के डीएसवाईएओ कार्यालय से संपर्क करके — जिला स्तर पर निरीक्षण और आवंटन की सूची वहीं से जाती है।
  • आवेदन की पावती (एक्नॉलेजमेंट) की प्रति संभालकर रखें — स्थिति पूछते समय यही काम आएगी।

खिलाड़ी के माता-पिता को अपने बच्चे के चयन की जानकारी नर्सरी वाले स्कूल से ही मिलेगी, क्योंकि ट्रायल और चयन स्कूल स्तर पर होता है।

हेल्पलाइन और संपर्क — क्या सत्यापित है, क्या नहीं

इस योजना के लिए कोई अलग, योजना-विशिष्ट हेल्पलाइन नंबर इस गाइड की तैयारी के समय तक सत्यापित नहीं हुआ है। इसलिए कोई भी ऐसा नंबर यहाँ नहीं दिया जा रहा है, जिसकी पुष्टि न हुई हो। विभाग के आधिकारिक संपर्क पेज पर दर्ज सामान्य संपर्क इस प्रकार हैं:

  • खेल विभाग, हरियाणा — निदेशक, खेल: 0172-2992868, ईमेल: [email protected] — पता: खेल भवन, ताऊ देवीलाल खेल परिसर, सेक्टर-3, पंचकूला।
  • सामान्य पूछताछ ईमेल: [email protected] (विभाग के संपर्क स्रोतों में दर्ज)।
  • अपने जिले के जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी (डीएसवाईएओ) का कार्यालय — नर्सरी आवंटन, निरीक्षण और भुगतान से जुड़े कामों के लिए यही सबसे सही संपर्क है।

किसी भी फोन नंबर या ईमेल पर संपर्क करने से पहले haryanasports.gov.in के संपर्क पेज पर दर्ज नवीनतम जानकारी ही देखें, क्योंकि अधिकारियों के नाम और नंबर बदल सकते हैं।

2027-28 के लिए अभी से क्या तैयारी करें?

अगर आप स्कूल, पंचायत या निजी संस्थान चला रहे हैं और अगले सत्र में नर्सरी चाहते हैं, तो अभी से यह तैयारी कर लें:

  • अपने खेल के मैदान, कोर्ट या हॉल की मरम्मत और सफाई कराएँ — निरीक्षण में यही सबसे पहले देखा जाता है।
  • योग्य कोच की व्यवस्था पहले से करें — एनआईएस डिप्लोमा या एम.पी.एड / डी.पी.एड वाले कोच की योग्यता के दस्तावेज तैयार रखें।
  • संस्था के दस्तावेज — मान्यता, पहचान और सुविधाओं का विवरण — डिजिटल रूप में तैयार रखें, ताकि पोर्टल खुलते ही अपलोड किए जा सकें।
  • पिछले सत्र की पावती और आवंटन पत्र, यदि कोई हो, संभालकर रखें।

अगर आप माता-पिता हैं, तो अपने बच्चे के लिए यह करें:

  • बच्चे का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और बैंक खाता पहले से तैयार रखें।
  • बच्चे की नियमित खेल-प्रैक्टिस जारी रखें — ट्रायल में गति, ताकत, सहनशक्ति और खेल की बुनियादी तकनीक देखी जाती है।
  • अपने आसपास की उस स्कूल या नर्सरी पर नजर रखें, जहाँ पहले से नर्सरी चल रही है — अगले सत्र के ट्रायल की सूचना वहीं से मिलेगी।
  • बच्चे की उपस्थिति की आदत बनाएँ — छात्रवृत्ति के लिए महीने में कम से कम 22 दिन की उपस्थिति अनिवार्य है।

आम गलतियाँ — जिनसे बचें

  • ₹25,000 को बच्चे की राशि समझना: यह कोच का मानदेय है। बच्चे को ₹1,500 या ₹2,000 ही मिलते हैं।
  • सीधे बच्चे का ऑनलाइन आवेदन करना: नर्सरी के लिए आवेदन संस्था करती है, बच्चा नहीं। बच्चा सिर्फ ट्रायल देता है।
  • बंद तारीख के बाद आवेदन की कोशिश: 2026-27 की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 बीत चुकी है। अब अगले सत्र का इंतजार करें।
  • किसी एजेंट को पैसे देना: विभाग के दिशानिर्देशों में किसी शुल्क का उल्लेख नहीं है। पैसे माँगने वाले से सावधान रहें।
  • उपस्थिति में लापरवाही: 22 दिन से कम उपस्थिति पर उस महीने की छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
  • गलत खेल चुनना: सिर्फ ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल या राष्ट्रीय खेलों के खेलों के लिए ही नर्सरी मिलती है।

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आधिकारिक स्रोत

इस गाइड की जानकारी नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों और उन पर आधारित सत्यापित खबरों से ली गई है। आवेदन से पहले इन्हीं स्रोतों पर नवीनतम सूचना जरूर जाँच लें:

अस्वीकरण: यह गाइड जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। योजना की शर्तें, राशि और तारीखें विभाग के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार बदल सकती हैं। अंतिम और बाध्यकारी जानकारी वही होगी, जो विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल पर दर्ज है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हरियाणा खेल नर्सरी योजना क्या है?

यह हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा मामले विभाग की योजना है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और निजी शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियाँ खोली जाती हैं। इनमें 8 से 19 वर्ष के बच्चों को योग्य कोच से प्रशिक्षण, खेल किट और मासिक छात्रवृत्ति मिलती है।

खिलाड़ी को हर महीने कितने पैसे मिलते हैं?

8 से 14 वर्ष के खिलाड़ी को ₹1,500 प्रति माह और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ी को ₹2,000 प्रति माह मिलते हैं। यह राशि छात्रवृत्ति और आहार राशि के रूप में सीधे बच्चे के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए महीने में कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण में उपस्थिति अनिवार्य है।

क्या खिलाड़ी को ₹25,000 प्रति माह मिलते हैं?

नहीं। ₹25,000 कोच का मानदेय है, खिलाड़ी की छात्रवृत्ति नहीं। एनआईएस पटियाला डिप्लोमा वाले कोच को ₹25,000 और एम.पी.एड / डी.पी.एड / एम.ए. (शारीरिक शिक्षा) या एनआईएस प्रमाणपत्र वाले कोच को ₹20,000 प्रति माह मिलते हैं।

2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या थी?

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 थी। यह तिथि अब बीत चुकी है, इसलिए इस सत्र के लिए अब आवेदन नहीं किया जा सकता।

2027-28 के लिए आवेदन कब शुरू होंगे?

2027-28 सत्र के लिए आवेदन की तारीखें विभाग ने अभी घोषित नहीं की हैं। इस गाइड की तैयारी के समय तक कोई आधिकारिक तारीख सत्यापित नहीं हुई है। घोषणा के लिए haryanasports.gov.in और khelnurseryharyana.in पर नजर रखें।

खेल नर्सरी के लिए आवेदन कौन करता है — बच्चा या स्कूल?

आवेदन संस्था करती है — स्कूल, ग्राम पंचायत या निजी शिक्षण संस्थान। बच्चा सीधे आवेदन नहीं करता। संस्था को नर्सरी मिलने के बाद बच्चा स्कूल में आयोजित ट्रायल देकर चयनित होता है।

खिलाड़ी का चयन कैसे होता है?

नर्सरी वाले स्कूल को डीएसवाईएओ की निगरानी में 8 से 19 वर्ष के बच्चों की खेल एवं शारीरिक योग्यता परीक्षा (ट्रायल / स्पीड टेस्ट) करानी होती है। इसके आधार पर 25 बच्चों का चयन होता है और 25 बच्चे प्रतीक्षा सूची में रखे जाते हैं।

कोच बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

₹25,000 मानदेय के लिए एनआईएस पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा या समकक्ष मान्यता प्राप्त डिप्लोमा चाहिए। ₹20,000 मानदेय के लिए एम.पी.एड, डी.पी.एड, एम.ए. (शारीरिक शिक्षा) या एनआईएस प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के साथ संबंधित खेल में राष्ट्रीय खिलाड़ी होना अनिवार्य है।

क्या आवेदन के लिए कोई फीस देनी होती है?

विभाग के सार्वजनिक दिशानिर्देशों में इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क का उल्लेख नहीं मिला है। इसलिए कोई शुल्क राशि इस गाइड में नहीं लिखी गई है। पंजीकरण के समय पोर्टल पर जो दिखे, वही अंतिम होगा।

आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?

संस्था khelnurseryharyana.in पर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करके या अपने जिले के डीएसवाईएओ कार्यालय से संपर्क करके स्थिति जान सकती है। खिलाड़ी के चयन की जानकारी नर्सरी वाले स्कूल से मिलेगी।

“हरियाणा खेल नर्सरी योजना 2026: खिलाड़ी ₹2,000, कोच ₹25,000” को एक उत्तर

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