पदक लाओ नौकरी पाओ योजना क्या है?
"पदक लाओ, पद पाओ" (Win a Medal, Get a Job) हरियाणा की सबसे मशहूर खेल नीति का नारा है। इसका सीधा मतलब है — अगर आप देश के लिए पदक जीतकर लाते हैं, तो हरियाणा सरकार आपको नकद पुरस्कार भी देगी और सरकारी नौकरी भी। इस नीति ने हरियाणा को देश की खेल राजधानी बनाया है — 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 101 पदकों में से 38 प्रतिशत पदक अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते थे, जिनमें 38 में से 19 स्वर्ण पदक शामिल थे। इस गाइड में पदक लाओ नौकरी पाओ योजना हरियाणा की पूरी जानकारी दी गई है।
लेकिन एक बात शुरुआत में ही साफ कर दें — "पदक लाओ नौकरी पाओ" नाम से कोई एक ऑनलाइन फॉर्म वाली योजना नहीं है, जिसे कोई भी भरकर नौकरी माँग सके। यह हरियाणा की खेल नीति का पूरा ढाँचा है, जो तीन हिस्सों में बँटा है: (1) अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को करोड़ों का नकद पुरस्कार, (2) उत्कृष्ट खिलाड़ी (Outstanding Sportsperson — OSP) कोटे से ग्रुप A, B और C की सरकारी नौकरियाँ, और (3) राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को प्रोत्साहन नकद पुरस्कार। नौकरी और पुरस्कार पाने के लिए पदक जीतना और फिर विभाग की प्रक्रिया से गुजरना होता है — इस गाइड में वही पूरी प्रक्रिया बताई गई है।
ताज़ा उदाहरण — 30 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक ही समारोह में राज्य के 132 खिलाड़ियों को ₹189 करोड़ से अधिक की नकद पुरस्कार राशि दी और सभी पात्र खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी सौंपे। यही इस नीति का जीवंत रूप है।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नीति का नाम | पदक लाओ, पद पाओ (Padak Lao, Pad Pao) — हरियाणा खेल नीति |
| आधार नीति | हरियाणा शारीरिक गतिविधि और खेल नीति 2015 + उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम |
| विभाग | खेल एवं युवा मामले विभाग, हरियाणा |
| नकद पुरस्कार (ओलंपिक स्वर्ण) | ₹6 करोड़ |
| नकद पुरस्कार (एशियाई खेल स्वर्ण) | ₹3 करोड़ |
| नकद पुरस्कार (राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण) | ₹1.5 करोड़ |
| ओलंपिक में भाग लेने पर | ₹15 लाख (पदक न मिलने पर भी) |
| नौकरी | उत्कृष्ट खिलाड़ी (OSP) कोटे से ग्रुप A, B, C की नौकरियाँ |
| राष्ट्रीय पदक प्रोत्साहन | स्वर्ण ₹25,000; रजत ₹15,000; कांस्य ₹10,000 |
| ताज़ा समारोह | 30 अक्टूबर 2026 — 132 खिलाड़ी, ₹189 करोड़+, नौकरी ऑफर लेटर |
| आवेदन | नकद पुरस्कार — जिला खेल अधिकारी कार्यालय; नौकरी — OSP कोटे की भर्ती प्रक्रिया से |
नकद पुरस्कार कितना मिलता है?
हरियाणा की खेल नीति 2015 के तहत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि देश में सबसे अधिक है:
| प्रतियोगिता | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|
| ओलंपिक / पैरालंपिक | ₹6 करोड़ | ₹4 करोड़ | ₹2.5 करोड़ |
| एशियाई खेल | ₹3 करोड़ | ₹1.5 करोड़ | ₹75 लाख |
| राष्ट्रमंडल खेल | ₹1.5 करोड़ | (श्रेणी के अनुसार) | (श्रेणी के अनुसार) |
इसके अलावा ओलंपिक में भाग लेने वाले हर खिलाड़ी को — चाहे पदक मिले या न मिले — ₹15 लाख दिए जाते हैं। यह राशि 2015 की नीति में ₹11 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख की गई थी।
पुरस्कार की शर्तें भी जान लें — खिलाड़ी को हरियाणा का निवासी होना चाहिए, हरियाणा राज्य की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खेला होना चाहिए, और पुरस्कार सिर्फ पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धि के लिए दिया जाता है — पुरानी उपलब्धियों पर पुरस्कार नहीं मिलता। ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल, युवा ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप/चैंपियनशिप (4 साल में एक बार होने वाली) के पदक विजेताओं के लिए "हरियाणा की ओर से खेला हो" वाली शर्त में छूट दी जाती है, अगर खिलाड़ी नौकरी या प्रशिक्षण के कारण किसी केंद्रीय संगठन की ओर से खेल रहा हो।
नौकरी कैसे मिलती है? — उत्कृष्ट खिलाड़ी (OSP) कोटा
पुरानी व्यवस्था (2005–2014) में सरकार ने मंत्रिमंडल की सिफारिश पर पंजाब पुलिस सेवा नियम 1959 के नियम 14 के तहत 13 खिलाड़ियों को सीधे DSP नियुक्त किया था — इनमें हॉकी खिलाड़ी ममता खरब, सरदार सिंह और सुरिंदर कौर; पहलवान गीतिका जाखड़, रमेश कुमार, रविंदर सिंह सांगवान और योगेश्वर दत्त; मुक्केबाज जितेंदर कुमार, अखिल कुमार, विजेंदर सिंह, विकास कृष्ण और परमजीत समोता; कबड्डी खिलाड़ी ममता सोढा; और क्रिकेटर जोगिंदर शर्मा शामिल थे।
2014 के बाद व्यवस्था बदल गई है। अब नियुक्तियाँ हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम (Haryana Outstanding Sportspersons Service Rules) के तहत होती हैं — खिलाड़ी अपनी खेल उपलब्धियों के आधार पर ग्रुप A, B और C की नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इसका मतलब यह है:
- कोई सीधी "पदक दिखाओ, DSP बनो" वाली व्यवस्था अब नहीं है — नियमित DSP नियुक्तियाँ हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) या तय पदोन्नति कोटे से होती हैं।
- नौकरी OSP कोटे से मिलती है — खेल विभाग पात्र खिलाड़ियों के मामलों को आगे बढ़ाता है, और नियुक्ति संबंधित विभाग/आयोग की भर्ती प्रक्रिया से होती है।
- नकद पुरस्कार और नौकरी एक साथ मिलते हैं — 30 अक्टूबर 2026 के समारोह में 132 खिलाड़ियों को पुरस्कार के साथ-साथ सभी पात्र खिलाड़ियों को नौकरी के ऑफर लेटर दिए गए थे।
ध्यान दें — अगस्त 2026 में इस पुरानी नीति को लेकर राजनीतिक बहस भी हुई थी, जिसमें पूर्व सरकार के "पदक लाओ, पद पाओ" नारे का बचाव किया गया था। लेकिन तथ्य यह है कि नकद पुरस्कार और OSP कोटे की नौकरी की व्यवस्था आज भी लागू है और 2026 में बड़े पैमाने पर पुरस्कार बाँटे गए हैं।
राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को प्रोत्साहन पुरस्कार
जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं जीत पाए, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं और किसी अन्य वित्तीय लाभ योजना में नहीं आते, उनके लिए नकद पुरस्कार प्रोत्साहन योजना (Cash Award for Encouragement of Sportspersons Scheme) है। हरियाणा राजपत्र (18 अक्टूबर 2023) में अधिसूचित इस योजना के तहत:
| पदक | राशि |
|---|---|
| स्वर्ण | ₹25,000 |
| रजत | ₹15,000 |
| कांस्य | ₹10,000 |
शर्तें — खिलाड़ी हरियाणा का निवासी हो, हरियाणा राज्य की ओर से खेला हो (किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश/संगठन की ओर से न खेला हो), किसी अन्य खेल विभाग की वित्तीय लाभ योजना में न आता हो, केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी में न हो, और किसी भी तरह का नकद पुरस्कार या मानदेय न ले रहा हो। एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक नकद पुरस्कार मिलता है, चाहे कितनी भी प्रतियोगिताओं में पदक जीते हों। प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर की होनी चाहिए, राष्ट्रीय महासंघ या संघ द्वारा आयोजित होनी चाहिए, और 1 अप्रैल 2019 के बाद हुई होनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अधिसूचित हुई थी और 2024-25 के लिए भी जारी रही थी। 2026-27 के लिए इसकी ताज़ा अधिसूचना आवेदन से पहले खेल विभाग की वेबसाइट या जिला खेल कार्यालय से ज़रूर जाँच लें — इस गाइड में 2026-27 की अधिसूचना सत्यापित नहीं हुई है।
पात्रता — कौन लाभ ले सकता है?
- हरियाणा का निवासी: खिलाड़ी या उसके माता-पिता हरियाणा के निवासी होने चाहिए।
- हरियाणा की ओर से खेला हो: राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हरियाणा राज्य की ओर से खेला होना चाहिए (अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए ऊपर बताई गई छूट लागू होती है)।
- किसी अन्य राज्य की ओर से न खेला हो: खिलाड़ी ने किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की ओर से नहीं खेला होना चाहिए।
- उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की हो: नकद पुरस्कार सिर्फ पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धि के लिए दिया जाता है।
- प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए: सरकारी नौकरी में न हो, किसी अन्य खेल योजना का वित्तीय लाभ न ले रहा हो।
- भीम पुरस्कार: राज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान — भीम प्रतिमा, सम्मान पत्र, ब्लेज़र, टाई/स्कार्फ और ₹5 लाख नकद पुरस्कार; कम से कम 50 अंक जरूरी होते हैं। भीम पुरस्कार के लिए आवेदन सरल पोर्टल के माध्यम से भी किया जा सकता है।
जरूरी दस्तावेज
नकद पुरस्कार के आवेदन के साथ आमतौर पर ये दस्तावेज लगते हैं — विभाग का लाइव फॉर्म ही अंतिम है:
| क्रम | दस्तावेज | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | खेल उपलब्धियों के प्रमाण-पत्र (सत्यापित प्रतियाँ) | पदक/प्रतियोगिता के प्रमाण |
| 2 | हरियाणा का निवास/डोमिसाइल प्रमाण-पत्र | अनिवार्य |
| 3 | जन्म तिथि प्रमाण-पत्र | आयु की पुष्टि के लिए |
| 4 | हरियाणा की ओर से खेलने का प्रमाण | राष्ट्रीय महासंघ/राज्य संघ की सिफारिश |
| 5 | आधार कार्ड | पहचान प्रमाण |
| 6 | बैंक खाता विवरण | पुरस्कार राशि DBT के लिए |
| 7 | पासपोर्ट साइज़ फोटो | फॉर्म के साथ |
| 8 | खेल महासंघ/संघ की सिफारिश | फॉर्म पर संबंधित महासंघ की सिफारिश का कॉलम होता है |
नकद पुरस्कार के लिए आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
चरण 1: खेल विभाग की वेबसाइट haryanasports.gov.in से नकद पुरस्कार का आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें। विभाग समय-समय पर उपलब्धियों के वर्ष के हिसाब से आवेदन आमंत्रित करता है — जैसे 2023-24 की उपलब्धियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पहले 30 जुलाई 2024 थी, जिसे बढ़ाकर 10 जनवरी 2025 किया गया था।
चरण 2: फॉर्म में अपनी जानकारी भरें — नाम, जिला, खेल, वित्तीय वर्ष की उपलब्धियाँ (प्रतियोगिता का नाम, स्थान, तिथि, स्थान/पदक), सर्वोच्च उपलब्धि और कुल पदकों का ब्योरा।
चरण 3: फॉर्म पर संबंधित राष्ट्रीय महासंघ/राज्य खेल संघ की सिफारिश लें — फॉर्म में इसके लिए अलग कॉलम होता है।
चरण 4: भरा हुआ फॉर्म सभी दस्तावेजों के साथ अपने जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी (District Sports & Youth Affairs Officer) के कार्यालय में जमा करें। जमा करने पर पावती (रसीद) ज़रूर लें।
चरण 5: जिला स्तर पर जाँच समिति 15 दिनों के भीतर आवेदन की जाँच करती है — संबंधित महासंघ/संघ से ईमेल के माध्यम से सत्यापन किया जाता है — और मामला खेल निदेशालय को भेजा जाता है।
चरण 6: निदेशालय की स्वीकृति के बाद पुरस्कार राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। प्रोत्साहन योजना में निदेशालय को 5 दिनों के भीतर राशि स्वीकृत करने का लक्ष्य बताया गया है।
नौकरी के लिए: OSP कोटे की नौकरी के लिए कोई अलग "आवेदन फॉर्म" नहीं भरना होता — खेल विभाग पात्र पदक विजेताओं के मामलों को संबंधित विभाग/आयोग की भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ाता है। खिलाड़ी को HPSC/HSSC की भर्तियों पर भी नज़र रखनी चाहिए, जिनमें खिलाड़ियों को आरक्षण का लाभ मिलता है। बड़े समारोहों (जैसे 30 अक्टूबर 2026) में पात्र खिलाड़ियों को सीधे ऑफर लेटर दिए जाते हैं।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
नकद पुरस्कार की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन ही है — फॉर्म भरकर जिला खेल अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होता है। भीम पुरस्कार के लिए सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी बताई गई है। जिला खेल कार्यालय से फॉर्म और ताज़ा अंतिम तिथि की जानकारी ली जा सकती है।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: नकद पुरस्कार के आवेदन के लिए कोई शुल्क दर्ज नहीं है। फॉर्म जमा करते समय अगर कोई शुल्क दिखे, तो विभाग का निर्देश ही अंतिम माना जाए।
समय-सीमा: नकद पुरस्कार के लिए विभाग हर वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों के लिए आवेदन आमंत्रित करता है और अंतिम तिथि तय करता है — जैसे 2023-24 के लिए अंतिम तिथि 10 जनवरी 2025 थी। 2026-27 की उपलब्धियों के लिए आवेदन की तिथियाँ विभाग की ताज़ा अधिसूचना से ही पता चलेंगी — haryanasports.gov.in या जिला खेल कार्यालय से जाँच लें। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के पुरस्कार और नौकरी के ऑफर आमतौर पर मुख्यमंत्री की ओर से आयोजित विशेष समारोहों में दिए जाते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
- जिला खेल अधिकारी कार्यालय से अपने आवेदन की स्थिति पूछी जा सकती है — जमा करते समय मिली पावती सँभालकर रखें।
- खेल विभाग की वेबसाइट haryanasports.gov.in पर ताज़ा अधिसूचनाएँ और आवेदन आमंत्रण देखे जा सकते हैं।
- भीम पुरस्कार के ऑनलाइन आवेदन की स्थिति सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर ट्रैक की जा सकती है।
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400।
खिलाड़ियों के लिए अन्य योजनाएँ
खेल की तैयारी करने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए खेल नर्सरी योजना भी है — इसमें खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और कोच को मानदेय मिलता है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें: हरियाणा खेल नर्सरी योजना — खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, कोच को मानदेय।
ध्यान देने योग्य बातें
- पदक ही असली पात्रता है: न तो कोई एजेंट और न ही कोई वेबसाइट आपको बिना पदक के इस योजना से नौकरी दिला सकती है — ऐसे दावों से सावधान रहें।
- समय पर आवेदन करें: नकद पुरस्कार सिर्फ पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धि के लिए मिलता है — अंतिम तिथि निकलने के बाद पुरानी उपलब्धि पर आवेदन नहीं होता।
- महासंघ की सिफारिश पहले से लें: फॉर्म पर राष्ट्रीय महासंघ/राज्य संघ की सिफारिश जरूरी होती है — इसे आखिरी समय पर न छोड़ें।
- DSP सीधे नहीं बनते: अब DSP या अन्य पदों पर नियुक्ति OSP कोटे और आयोग की प्रक्रिया से होती है — "पदक दिखाओ, DSP बनो" वाली पुरानी सीधी व्यवस्था 2014 के बाद नहीं है।
- 2026-27 की अधिसूचना जाँचें: प्रोत्साहन पुरस्कार योजना की ताज़ा अधिसूचना आवेदन से पहले विभाग से सत्यापित कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. पदक लाओ नौकरी पाओ योजना में क्या मिलता है?
पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार (ओलंपिक स्वर्ण पर ₹6 करोड़ तक) और उत्कृष्ट खिलाड़ी (OSP) कोटे से सरकारी नौकरी मिलती है। यह हरियाणा खेल नीति का ढाँचा है, कोई एक फॉर्म वाली योजना नहीं।
2. ओलंपिक स्वर्ण पदक पर कितने पैसे मिलते हैं?
₹6 करोड़। रजत पर ₹4 करोड़ और कांस्य पर ₹2.5 करोड़। एशियाई खेल स्वर्ण पर ₹3 करोड़ और राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पर ₹1.5 करोड़ मिलते हैं।
3. क्या पदक जीतने पर सीधे DSP की नौकरी मिलती है?
अब नहीं। 2005–2014 में 13 खिलाड़ियों को सीधे DSP बनाया गया था, लेकिन अब नियुक्तियाँ उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियमों के तहत OSP कोटे से ग्रुप A, B, C की नौकरियों में होती हैं।
4. राष्ट्रीय स्तर के पदक पर कितना पुरस्कार मिलता है?
प्रोत्साहन योजना में स्वर्ण पर ₹25,000, रजत पर ₹15,000 और कांस्य पर ₹10,000 — लेकिन यह उन्हीं खिलाड़ियों को मिलता है जो किसी अन्य खेल योजना का वित्तीय लाभ नहीं ले रहे।
5. नकद पुरस्कार के लिए आवेदन कहाँ जमा करें?
जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी के कार्यालय में — फॉर्म haryanasports.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है। जमा करने पर पावती ज़रूर लें।
6. क्या ओलंपिक में भाग लेने पर भी पैसे मिलते हैं?
हाँ — ओलंपिक में भाग लेने वाले हर खिलाड़ी को ₹15 लाख दिए जाते हैं, चाहे पदक मिले या न मिले।
7. 2026 में कितने खिलाड़ियों को पुरस्कार मिला?
30 अक्टूबर 2026 को 132 खिलाड़ियों को ₹189 करोड़ से अधिक की नकद पुरस्कार राशि दी गई और सभी पात्र खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के ऑफर लेटर सौंपे गए।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- खेल एवं युवा मामले विभाग, हरियाणा (आवेदन फॉर्म और अधिसूचनाएँ): haryanasports.gov.in
- अंत्योदय सरल पोर्टल (भीम पुरस्कार ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in
- हरियाणा राजपत्र — नकद पुरस्कार प्रोत्साहन योजना 2023-24 (18 अक्टूबर 2023): स्वर्ण ₹25,000, रजत ₹15,000, कांस्य ₹10,000
- खेल नीति 2015: ओलंपिक स्वर्ण ₹6 करोड़, रजत ₹4 करोड़, कांस्य ₹2.5 करोड़; एशियाई खेल स्वर्ण ₹3 करोड़; राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण ₹1.5 करोड़; भागीदारी ₹15 लाख
- 30 अक्टूबर 2026 समारोह: 132 खिलाड़ी, ₹189 करोड़ से अधिक पुरस्कार, नौकरी ऑफर लेटर
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा खेल नीति 2015, हरियाणा राजपत्र की अधिसूचनाओं, खेल विभाग की सार्वजनिक जानकारी और 2026 के पुरस्कार समारोह की रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। प्रोत्साहन पुरस्कार योजना की 2026-27 के लिए ताज़ा अधिसूचना इस गाइड में सत्यापित नहीं हुई है — आवेदन करने से पहले haryanasports.gov.in या जिला खेल कार्यालय से ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें।

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