हरियाणा लेबर कार्ड 2026: बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख तक की सहायता
हरियाणा में मकान बनाने वाले मिस्त्री, मजदूर, पेंटर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और निर्माण कार्य से जुड़े लाखों श्रमिकों के लिए सरकार का सबसे बड़ा सहारा है हरियाणा लेबर कार्ड — यानी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) में पंजीकरण। एक बार यह कार्ड बन जाए, तो श्रमिक और उसका परिवार बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख, प्रसूति पर ₹36,000, बच्चों की पढ़ाई पर हर साल ₹20,000 तक और मकान बनाने के लिए ₹2 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण जैसी मदद पा सकता है।
लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर श्रमिकों को इस कार्ड के बारे में सही जानकारी ही नहीं है — और जो जानकारी है, उसमें भी एक बड़ा भ्रम है।
⚠️ सबसे पहला भ्रम दूर करें: e-Shram कार्ड ≠ लेबर कार्ड
हरियाणा के लाखों श्रमिकों के पास e-Shram कार्ड है, और उनमें से ज्यादातर यह समझते हैं कि e-Shram कार्ड बनने से ही उन्हें हरियाणा सरकार की सारी नकद सहायता मिल जाएगी। यह गलत है। e-Shram सिर्फ असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस है — यह केंद्र सरकार का रजिस्टर है, कोई नकद लाभ देने वाली योजना नहीं। श्रम विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साफ लिखा है कि e-Shram पर पंजीकरण सिर्फ यूनिक पंजीकरण नंबर पाने के लिए है।
हरियाणा सरकार की नकद सहायता — कन्यादान, प्रसूति लाभ, छात्रवृत्ति, मकान ऋण — सिर्फ उन श्रमिकों को मिलती है जो हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) में पंजीकृत हैं, यानी जिनके पास हरियाणा लेबर कार्ड (लेबर कॉपी) है। e-Shram कार्ड होने से यह लाभ अपने आप नहीं मिलता। अगर आपके पास सिर्फ e-Shram कार्ड है, तो आपको अलग से लेबर कार्ड के लिए पंजीकरण कराना होगा — इस लेख में वही पूरी प्रक्रिया बताई गई है।
योजना एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | हरियाणा लेबर कार्ड — भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार पंजीकरण (BOCW) |
| राज्य | हरियाणा |
| संचालन विभाग | श्रम विभाग, हरियाणा / हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) |
| पंजीकरण पोर्टल | registration.hrylabour.gov.in |
| लाभ के आवेदन | अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) |
| पात्र उम्र | 18 से 60 साल |
| काम की शर्त | पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन का निर्माण कार्य |
| सबसे बड़ा लाभ | बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख तक (कन्यादान ₹51,000 + शादी सहायता ₹50,000) |
| पंजीकरण शुल्क | नाममात्र — BOCW अधिनियम के अनुसार ₹50 से अधिक नहीं (वर्तमान शुल्क पोर्टल पर जाँचें) |
| हेल्पलाइन | श्रमिक सहायता सेवा 1800-180-2129 (सोम–शनि, सुबह 8–रात 8) |
लेबर कार्ड से क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद श्रमिक और उसके परिवार को बोर्ड की कई कल्याण योजनाओं का लाभ मिलता है। नीचे दी गई तालिका में मुख्य लाभ दिए गए हैं:
| लाभ | राशि | किसे मिलेगा |
|---|---|---|
| बेटी की शादी — कन्यादान | ₹51,000 | पंजीकृत श्रमिक की बेटी (अधिकतम 3 बेटियाँ) |
| बेटी की शादी — शादी सहायता | ₹50,000 | पंजीकृत श्रमिक की बेटी (अधिकतम 3 बेटियाँ) |
| बेटी की शादी — कुल | ₹1,01,000 | दोनों योजनाएँ मिलाकर |
| बेटे की शादी पर सहायता | ₹21,000 | पंजीकृत श्रमिक के बेटे (अधिकतम 2 बेटे) |
| मातृत्व लाभ (महिला श्रमिक) | ₹36,000 | पंजीकृत महिला श्रमिक (₹30,000 प्रसूति + ₹6,000 पोषण) |
| पितृत्व लाभ (पुरुष श्रमिक) | ₹21,000 | पंजीकृत पुरुष श्रमिक (₹15,000 नवजात की देखभाल + ₹6,000 पत्नी का पोषण) |
| बच्चों की शिक्षा सहायता | ₹8,000–₹20,000 प्रति वर्ष | पंजीकृत श्रमिक के बच्चे (प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक) |
| मेधावी छात्र प्रोत्साहन | ₹21,000–₹51,000 | 10वीं/12वीं में 60% या अधिक अंक लाने वाले बच्चे |
| मकान खरीद/निर्माण ऋण | ₹2,00,000 तक (ब्याज-मुक्त) | 5 साल की नियमित सदस्यता वाले श्रमिक |
| व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स की फीस | सरकारी खर्च के अनुसार पूरी फीस | पंजीकृत श्रमिक के बच्चे (प्रोफेशनल/टेक्निकल कोर्स) |
ध्यान दें: ज्यादातर लाभों के लिए कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता ज़रूरी होती है। इसलिए कार्ड बनते ही सारे लाभ नहीं मिलते — पहले एक साल की सदस्यता पूरी करनी होती है। मकान ऋण के लिए तो 5 साल की नियमित सदस्यता चाहिए।
बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख कैसे मिलते हैं?
यह लेबर कार्ड का सबसे बड़ा लाभ है, और यह दो अलग-अलग योजनाओं को मिलाकर बनता है — इसलिए इसके लिए दो अलग आवेदन करने होते हैं:
पहली योजना — कन्यादान योजना (₹51,000): हरियाणा श्रम विभाग की कन्यादान योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को बेटी की शादी पर ₹51,000 की सहायता मिलती है। यह लाभ एक परिवार की अधिकतम 3 बेटियों की शादी पर मिलता है। शर्त यह है कि श्रमिक की कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता हो और उसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो। शादी का पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य है, दूल्हा-दुल्हन की उम्र कानूनी सीमा के अनुसार होनी चाहिए (दुल्हन 18 साल, दूल्हा 21 साल), और आवेदन शादी के 1 साल के भीतर करना होता है।
दूसरी योजना — बेटी की शादी पर वित्तीय सहायता (₹50,000): हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की इस योजना के तहत बेटी की शादी की तैयारियों के लिए ₹50,000 की अलग सहायता मिलती है, जिसके लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह राशि शादी से तीन दिन पहले तक मिलने का प्रावधान है। यह लाभ भी अधिकतम 3 बेटियों तक मिलता है।
कुल मिलाकर: ₹51,000 + ₹50,000 = ₹1,01,000। दोनों योजनाओं का लाभ एक ही बेटी की शादी पर एक साथ लिया जा सकता है — बस दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करने होते हैं। बेटे की शादी पर अलग से ₹21,000 की सहायता मिलती है, जो अधिकतम 2 बेटों तक सीमित है।
मातृत्व और पितृत्व लाभ
मातृत्व लाभ — ₹36,000: पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को प्रसूति पर कुल ₹36,000 मिलते हैं — इसमें ₹30,000 प्रसूति सहायता और ₹6,000 पोषण सहायता शामिल है। यह लाभ हरियाणा निर्माण कामगार मातृत्व लाभ योजना के तहत दिया जाता है।
पितृत्व लाभ — ₹21,000: पंजीकृत पुरुष श्रमिक को बच्चे के जन्म पर ₹21,000 मिलते हैं — इसमें ₹15,000 नवजात बच्चे की देखभाल के लिए और ₹6,000 पत्नी के पोषण के लिए शामिल है। यह लाभ अधिकतम 2 बच्चों तक मिलता है — लेकिन अगर बच्चे बेटियाँ हैं, तो यह लाभ 3 बेटियों तक लिया जा सकता है, चाहे वे किसी भी क्रम में पैदा हुई हों। पितृत्व लाभ का आवेदन भी प्रसव के 1 साल के भीतर करना होता है।
बच्चों की पढ़ाई पर कितनी मदद मिलेगी?
बोर्ड श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए दो तरह की मदद देता है:
शिक्षा सहायता — ₹8,000 से ₹20,000 प्रति वर्ष: पंजीकृत श्रमिक के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर साल ₹8,000 से ₹20,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है। राशि बच्चे की कक्षा/कोर्स के अनुसार तय होती है।
मेधावी छात्र प्रोत्साहन — ₹21,000 से ₹51,000: जो बच्चे 10वीं या 12वीं की परीक्षा में 60% या उससे अधिक अंक लाते हैं, उन्हें मेधावी छात्र प्रोत्साहन राशि मिलती है। यह राशि अंकों के अनुसार ₹21,000 से ₹51,000 के बीच होती है — ज्यादा अंक, ज्यादा राशि — और अधिकतम 3 बच्चों तक मिलती है। यह राशि बच्चे के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में भी रखी जा सकती है।
⚠️ सटीक स्लैब को लेकर सावधानी: कई स्रोतों पर मेधावी प्रोत्साहन के स्लैब इस तरह बताए गए हैं — 60% पर ₹21,000, 70% पर ₹31,000, 80% पर ₹41,000 और 90% पर ₹51,000। श्रम मंत्री के आधिकारिक बयान में ₹21,000–₹51,000 की सीमा और 60% की न्यूनतम शर्त की पुष्टि हुई है, लेकिन बीच के स्लैब की आधिकारिक पुष्टि इस लेख के लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी। इसलिए आवेदन से पहले hrylabour.gov.in या SARAL पोर्टल पर अपने बच्चे की श्रेणी की सटीक राशि ज़रूर जाँच लें।
इसके अलावा, जो बच्चे व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स (प्रोफेशनल/टेक्निकल) कर रहे हैं, उनकी पूरी शैक्षणिक फीस सरकार के वास्तविक खर्च के अनुसार वापस की जाती है।
मकान के लिए ₹2 लाख का ब्याज-मुक्त ऋण
जो श्रमिक अपना मकान खरीदना या बनवाना चाहते हैं, उनके लिए बोर्ड ₹2,00,000 तक का ब्याज-मुक्त ऋण देता है — यानी पूरी राशि पर 0% ब्याज। लेकिन इसकी शर्तें बाकी लाभों से सख्त हैं:
- श्रमिक की कम से कम 5 साल की नियमित सदस्यता होनी चाहिए।
- श्रमिक की उम्र 52 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि 60 साल की उम्र तक 8 साल में ऋण चुकाया जा सके।
- ऋण की वापसी की अवधि 8 साल है।
- यह सुविधा जीवन में सिर्फ एक बार मिलती है।
- ऋण के अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थी श्रमिकों को ब्याज में ₹1 लाख तक की अतिरिक्त सहायता बैंक के माध्यम से मिलने का भी प्रावधान है (पोर्टल पर ताज़ा नियम जाँच लें)।
कौन पात्र है? (Eligibility)
लेबर कार्ड (BOCW पंजीकरण) के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए — ये शर्तें भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 में दर्ज हैं:
- उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक ने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन या अन्य निर्माण कार्य किया हो।
- आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो और हरियाणा में निर्माण कार्य करता हो।
- निर्माण कार्य में ये काम शामिल हैं — राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, पेंटर, वेल्डर, माली, लोहार, बेलदार, मिट्टी/पत्थर का काम और इसी तरह के अन्य निर्माण कार्य।
ध्यान रखें: सिर्फ उम्र और 90 दिन का काम ही पंजीकरण की शर्त है — आय सीमा पंजीकरण के लिए नहीं है। लेकिन कुछ लाभों (जैसे मकान ऋण) के लिए सदस्यता की अवधि की अलग शर्तें हैं, जो ऊपर बताई गई हैं।
पंजीकरण शुल्क कितना है?
⚠️ शुल्क को लेकर सावधानी: कुछ वेबसाइटों पर हरियाणा लेबर कार्ड का शुल्क ₹25 पंजीकरण + ₹60 वार्षिक लिखा मिलता है, लेकिन इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। BOCW अधिनियम, 1996 में साफ लिखा है कि पंजीकरण शुल्क ₹50 से अधिक नहीं हो सकता, और कई सत्यापित गाइड भी “₹50 तक” ही बताते हैं। इसलिए इस लेख में ₹25 + ₹60 वाला आंकड़ा तथ्य के रूप में नहीं दिया जा रहा है। आवेदन से पहले registration.hrylabour.gov.in पर वर्तमान शुल्क ज़रूर जाँच लें — शुल्क नाममात्र ही है, किसी दलाल को ज्यादा पैसे न दें।
पंजीकरण के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
ऑनलाइन पंजीकरण से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रख लें:
- आधार कार्ड — आवेदक का (मोबाइल नंबर से लिंक्ड)
- परिवार पहचान पत्र (Family ID / PPP) — सत्यापन के लिए
- 90 दिन के काम का प्रमाण — नियोक्ता/ठेकेदार का प्रमाण पत्र या कार्य अनुभव का प्रमाण
- निवास का प्रमाण — राशन कार्ड, वोटर कार्ड या हरियाणा निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी — आधार से लिंक्ड खाता (सभी लाभ DBT से इसी खाते में आएँगे)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो — हाल की
- मोबाइल नंबर — OTP सत्यापन के लिए
ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? (Step-by-Step)
हरियाणा लेबर कार्ड का पंजीकरण अब पूरी तरह ऑनलाइन है। श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस भी लगा है कि “नए पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु श्रमिक पंजीकरण पोर्टल अब लाइव है” — और मदद के लिए नजदीकी हेल्पडेस्क केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
स्टेप 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल registration.hrylabour.gov.in खोलें।
स्टेप 2: “New Registration” / नए पंजीकरण का विकल्प चुनें और अपना परिवार पहचान पत्र (PPP/Family ID) नंबर डालकर OTP से सत्यापन करें।
स्टेप 3: फॉर्म में अपनी जानकारी भरें — नाम, उम्र, पता, निर्माण कार्य का प्रकार, नियोक्ता/ठेकेदार का विवरण और पिछले 12 महीनों में किए गए काम के 90 दिन का ब्योरा।
स्टेप 4: ऊपर बताए गए दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें। ध्यान रखें कि सभी दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य हों — धुंधली कॉपी से पंजीकरण अटक सकता है।
स्टेप 5: निर्धारित पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और फॉर्म सबमिट करें। मिली हुई पंजीकरण संख्या (Registration Number) नोट करके सुरक्षित रखें — यही संख्या लेबर कार्ड नंबर और स्टेटस चेक करने में काम आएगी।
स्टेप 6: आपका आवेदन जिला श्रम कार्यालय के पास सत्यापन के लिए जाएगा। दस्तावेज़ों और 90 दिन के काम के प्रमाण की जाँच के बाद आपका लेबर कार्ड (लेबर कॉपी) जारी कर दिया जाएगा, जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड भी कर सकते हैं।
लाभों के लिए आवेदन कहाँ से करें?
पंजीकरण (लेबर कार्ड) और लाभों के आवेदन दो अलग-अलग जगह से होते हैं — यह बात बहुत से श्रमिक नहीं जानते और यहीं अटक जाते हैं:
- लेबर कार्ड पंजीकरण: registration.hrylabour.gov.in
- कल्याण योजनाओं के लाभ (कन्यादान, प्रसूति, छात्रवृत्ति, ऋण आदि): अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) — यहाँ लॉगिन करके संबंधित योजना खोजें, फॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
कार्ड का नवीनीकरण (Renewal) और स्टेटस कैसे चेक करें?
लेबर कार्ड की सदस्यता हर साल नवीनीकृत (renew) करनी होती है — बिना नवीनीकरण के सदस्यता रुक जाती है और लाभ भी रुक जाते हैं। नवीनीकरण भी उसी पंजीकरण पोर्टल (registration.hrylabour.gov.in) से ऑनलाइन होता है, जहाँ “Renewal” का विकल्प मिलता है।
अपने पंजीकरण या लाभ-आवेदन की स्थिति (status) इस तरह देखें:
- registration.hrylabour.gov.in पर लॉगिन करके पंजीकरण की स्थिति देखें।
- SARAL पर किए गए लाभ-आवेदनों की स्थिति status.saralharyana.nic.in पर अपनी Application ID डालकर देखें।
- अगर लंबे समय तक स्टेटस न बदले, तो अपने जिले के जिला श्रम कार्यालय या नजदीकी ब्लॉक-स्तरीय हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
ताज़ा खबर: ब्लॉक स्तर पर हेल्पडेस्क और श्रम-मित्र ऐप
जून 2026 में हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने घोषणा की थी कि निर्माण श्रमिकों की पंजीकरण और योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद के लिए राज्य के हर ब्लॉक में हेल्पडेस्क बनाए जाएँगे। ये हेल्पडेस्क वन-स्टॉप सेंटर की तरह काम करेंगे — पंजीकरण में मदद, योजनाओं के आवेदन, जागरूकता और शिकायतों का निपटारा, सब एक ही जगह। इन केंद्रों पर सहायक कल्याण अधिकारी (Assistant Welfare Officer) और IT सहायता उपलब्ध रहेगी। श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लगा नोटिस भी श्रमिकों को नजदीकी हेल्पडेस्क केंद्र से संपर्क करने को कहता है — यानी हेल्पडेस्क अब काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, 20 मई 2026 को श्रम विभाग ने “श्रम-मित्र” (Shram-Mitra) मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है, जो डिजिटल लेबर चौक की तरह काम करता है — मजदूर और काम देने वाले सीधे ऐप से जुड़ सकते हैं। ऐप पर तब तक लगभग 75,000 पंजीकृत श्रमिकों का डेटा अपलोड किया जा चुका था, और हरियाणा में लगभग 135 लेबर चौक चल रहे थे। राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित अन्य कामगार इस ऐप पर पंजीकरण कर सकते हैं।
ध्यान रखने वाली बातें
फर्ज़ी वेबसाइटों और दलालों से बचें: पंजीकरण सिर्फ आधिकारिक पोर्टल (registration.hrylabour.gov.in) से करें और लाभों के आवेदन सिर्फ SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से करें। कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट अगर पैसे माँगकर कार्ड बनवाने या लाभ दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है — पंजीकरण शुल्क नाममात्र है, और लाभों के आवेदन निःशुल्क हैं। अपना OTP किसी को न दें।
1 साल की सदस्यता का नियम न भूलें: ज्यादातर लाभ — कन्यादान, प्रसूति, पितृत्व, छात्रवृत्ति — सिर्फ उन्हीं श्रमिकों को मिलते हैं जिनकी कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता है। इसलिए कार्ड बनवाते ही आवेदन न करें; पहले सदस्यता का एक साल पूरा होने दें।
समय-सीमा का ध्यान रखें: बेटी की शादी की सहायता और पितृत्व लाभ के लिए आवेदन घटना की तारीख से 1 साल के भीतर करना होता है। देर होने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
हर साल नवीनीकरण कराएँ: बिना नवीनीकरण के सदस्यता टूट जाती है और 1 साल की गिनती फिर से शुरू हो सकती है। हर साल समय पर नवीनीकरण कराएँ।
e-Shram से लाभ नहीं मिलेगा: जैसा ऊपर बताया गया है — e-Shram कार्ड सिर्फ राष्ट्रीय डेटाबेस है। हरियाणा की नकद सहायता के लिए अलग से HBOCWWB लेबर कार्ड बनवाना ज़रूरी है।
मदद कहाँ से लें: किसी भी दिक्कत पर श्रमिक सहायता सेवा 1800-180-2129 (सोम–शनि, सुबह 8–रात 8) पर कॉल करें, या अपने नजदीकी ब्लॉक हेल्पडेस्क / जिला श्रम कार्यालय जाएँ। HBOCWWB बोर्ड का लैंडलाइन नंबर 0172-2575300 और SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400 भी उपलब्ध है (कॉल से पहले पोर्टल पर ताज़ा नंबर जाँच लें)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: हरियाणा लेबर कार्ड क्या है और इससे क्या फायदा है?
उत्तर: हरियाणा लेबर कार्ड, हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) में पंजीकरण का प्रमाण है। इससे श्रमिक को बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख, प्रसूति पर ₹36,000, पितृत्व पर ₹21,000, बच्चों की छात्रवृत्ति ₹8,000–₹20,000 प्रति वर्ष, मेधावी प्रोत्साहन ₹21,000–₹51,000 और मकान के लिए ₹2 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण जैसी सहायता मिलती है।
प्रश्न 2: क्या e-Shram कार्ड से ही लेबर कार्ड के सारे लाभ मिल जाएँगे?
उत्तर: नहीं। e-Shram सिर्फ असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस है — इससे हरियाणा की कोई नकद सहायता नहीं मिलती। हरियाणा के लाभों के लिए अलग से HBOCWWB में पंजीकरण (लेबर कार्ड) कराना ज़रूरी है।
प्रश्न 3: लेबर कार्ड बनवाने के लिए क्या पात्रता है?
उत्तर: उम्र 18 से 60 साल के बीच हो, पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो, और आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो।
प्रश्न 4: लेबर कार्ड के लिए आवेदन कहाँ से करें?
उत्तर: पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल registration.hrylabour.gov.in से करें। पंजीकरण के बाद कल्याण योजनाओं (कन्यादान, प्रसूति, छात्रवृत्ति आदि) के लाभ के लिए आवेदन अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से करना होता है।
प्रश्न 5: बेटी की शादी पर ₹1.01 लाख कैसे मिलते हैं — एक ही आवेदन से?
उत्तर: नहीं, यह दो अलग योजनाओं को मिलाकर बनता है — कन्यादान योजना से ₹51,000 और बेटी की शादी पर वित्तीय सहायता योजना से ₹50,000। दोनों के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करने होते हैं, और दोनों का लाभ एक ही बेटी की शादी पर एक साथ लिया जा सकता है (अधिकतम 3 बेटियाँ)।
प्रश्न 6: लेबर कार्ड बनते ही सारे लाभ मिलने लगेंगे?
उत्तर: नहीं। ज्यादातर लाभों के लिए कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता ज़रूरी है, और मकान ऋण के लिए 5 साल की सदस्यता चाहिए। साथ ही कार्ड की सदस्यता हर साल नवीनीकृत करानी होती है।
परिवार की अन्य सहायता योजनाएँ
लेबर कार्ड के अलावा, हरियाणा सरकार की और भी योजनाएँ हैं जिनकी जानकारी हमारी साइट पर उपलब्ध है: बेटी की शादी पर ₹71,000 तक की सहायता देने वाली मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और परिवार में मृत्यु या विकलांगता पर ₹5 लाख तक की सहायता देने वाली DAYALU योजना। सिर्फ बेटी वाले परिवारों को ₹3,200 महीना पेंशन देने वाली लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना और महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की सहायता देने वाली लाडो लक्ष्मी योजना की पूरी जानकारी भी पढ़ें।
स्रोत: श्रम विभाग, हरियाणा — आधिकारिक वेबसाइट hrylabour.gov.in (पंजीकरण पोर्टल लाइव होने और हेल्पडेस्क का नोटिस); आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल registration.hrylabour.gov.in; अंत्योदय-SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in; PTI, 18 जून 2026 (श्रम मंत्री अनिल विज — ब्लॉक-स्तरीय हेल्पडेस्क की घोषणा; मातृत्व ₹36,000, पितृत्व ₹21,000, छात्रवृत्ति ₹8,000–₹20,000, मेधावी प्रोत्साहन ₹21,000–₹51,000); भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 (उम्र 18–60, 90 दिन का काम, शुल्क ₹50 से अधिक नहीं); The Tribune, 20 मई 2026 (श्रम-मित्र ऐप लॉन्च)। राशि और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है — पंजीकरण या आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

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