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सरकारी योजनाएँ

Haryana BOCW Coaching Hostel Yojana 2026: ₹1.2 Lakh Madad

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Haryana BOCW Coaching Hostel Yojana 2026: ₹1.2 Lakh Madad
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 3:02 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता 2026: श्रमिक के बच्चों को पढ़ाई के लिए ₹1,20,000 तक की मदद

हरियाणा में भवन निर्माण का काम करने वाले पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए श्रम विभाग की दो बड़ी मदद चल रही है — एक कोचिंग की तैयारी के लिए और दूसरी हॉस्टल के खर्च के लिए। हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) के तहत चलने वाली इन योजनाओं में कोचिंग के लिए ₹20,000 से ₹1,00,000 तक और हॉस्टल के खर्च के लिए अधिकतम ₹1,20,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है। यह लेख दोनों योजनाओं की पात्रता, दस्तावेज़, आवेदन प्रक्रिया, समय-सीमा और हेल्पलाइन — सब कुछ एक ही जगह आसान भाषा में समझाता है।

सबसे पहला भ्रम दूर करें: यह “मुफ्त कोचिंग सेंटर” या “सरकारी हॉस्टल” नहीं है

इस लेख को पढ़ने से पहले एक बात साफ समझ लें, क्योंकि इसी को लेकर सबसे ज्यादा गलतफहमी फैली है। सरकार कोई मुफ्त कोचिंग संस्थान नहीं चलाती और न ही श्रमिकों के बच्चों को रहने के लिए कोई सरकारी हॉस्टल भवन अलॉट करती है। असल व्यवस्था यह है कि ये दो अलग-अलग वित्तीय सहायता की योजनाएँ हैं — बच्चा अपनी पसंद के मान्यता प्राप्त कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करता है या अपने कॉलेज के हॉस्टल में रहता है, और बोर्ड उसका खर्च तय सीमा तक वहन करता है। यानी मदद पैसे के रूप में मिलती है, सुविधा के भवन के रूप में नहीं।

दूसरी बात — कोचिंग सहायता और हॉस्टल सहायता एक योजना नहीं हैं, दो अलग योजनाएँ हैं। दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करने होते हैं, दोनों की पात्रता और दस्तावेज़ थोड़े अलग हैं, और दोनों का पैसा भी अलग तरीके से मिलता है। कोचिंग की सहायता बच्चे के बैंक खाते में आती है, जबकि हॉस्टल की सहायता जाँच के बाद सीधे कॉलेज, संस्था या विश्वविद्यालय को जमा की जाती है। इसलिए आवेदन करते समय दोनों को अलग-अलग समझकर चलें, वरना फॉर्म भरने में गलती हो सकती है।

योजना एक नज़र में

जानकारी विवरण
योजना का नाम कोचिंग सहायता योजना और हॉस्टल सुविधा वित्तीय सहायता योजना (दो अलग योजनाएँ)
राज्य हरियाणा
संचालन विभाग श्रम विभाग, हरियाणा / हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB)
लाभार्थी HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे
कोचिंग सहायता ₹20,000 तक (प्रोफेशनल/तकनीकी कोर्स की प्रवेश परीक्षा की तैयारी); UPSC/HPSC मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹1,00,000
हॉस्टल सहायता हॉस्टल खर्च के लिए अधिकतम ₹1,20,000 तक
सबसे ज़रूरी शर्त माता या पिता की बोर्ड में कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता
आवेदन का तरीका ऑनलाइन — अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in)
लाभ मिलने की समय-सीमा सेवा का अधिकार अधिनियम (RTS) के तहत 90 दिन
हेल्पलाइन बोर्ड टोल फ्री 18001802129; श्रम विभाग 0172-2701373

दोनों योजनाओं की तुलना: कौन सी मदद किस काम की है

बात कोचिंग सहायता योजना हॉस्टल सुविधा सहायता योजना
किस काम के लिए प्रवेश परीक्षा / UPSC-HPSC की तैयारी के लिए कोचिंग की फीस पढ़ाई के दौरान हॉस्टल में रहने का खर्च
अधिकतम राशि ₹20,000 (प्रोफेशनल कोर्स); ₹1,00,000 (UPSC/HPSC मुख्य परीक्षा) ₹1,20,000 तक
पैसा किसे मिलता है लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे कॉलेज/संस्था/विश्वविद्यालय को
किस कोर्स के छात्र व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स के डिग्री-डिप्लोमा छात्र; UPSC/HPSC अभ्यर्थी व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स के छात्र
एक परिवार से कितने बच्चे अधिकतम 3 बच्चे (नीचे नोट देखें) एक परिवार के अधिकतम 2 लड़के और 3 लड़कियाँ
लाभ कितनी बार एक बार ही एक शैक्षणिक वर्ष में एक बार; फेल होने पर उसी वर्ष दोबारा नहीं

पहली योजना: कोचिंग सहायता — ₹20,000 से ₹1,00,000 तक

कितनी सहायता मिलती है

तैयारी किसकी सहायता राशि
व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स में दाखिले की प्रवेश परीक्षा की कोचिंग ₹20,000 तक
UPSC या HPSC की मुख्य परीक्षा की तैयारी (प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद) ₹1,00,000

कोचिंग सहायता की राशि को लेकर एक बारीक बात नोट करें: एक विस्तृत विवरण में लिखा है कि प्रोफेशनल कोर्स की कोचिंग के लिए ₹20,000 या कोचिंग फीस का 75 प्रतिशत — जो भी कम हो — देय होता है। हालांकि मुख्य योजना विवरण में सीधे ₹20,000 की राशि दर्ज है। इसलिए आवेदन से पहले SARAL पोर्टल पर योजना के फॉर्म में दिख रही राशि ही अंतिम मानें। ₹1,00,000 वाली सहायता सिर्फ उन्हीं को मिलती है जिन्होंने UPSC या HPSC की प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा पास कर ली हो — मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए। बिना प्रारंभिक परीक्षा पास किए यह ₹1,00,000 नहीं मिलता।

किन कोर्सों की कोचिंग के लिए मदद मिलती है

योजना विवरण के अनुसार व्यावसायिक और तकनीकी कोर्सों में डिग्री या डिप्लोमा करने वाले छात्र पात्र हैं। जिन क्षेत्रों का नाम योजना में दर्ज है, वे हैं — मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन (मैनेजमेंट), एमसीए, कानून (लॉ) और फैशन डिजाइनिंग। इसके अलावा UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) और HPSC (हरियाणा लोक सेवा आयोग) की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अलग से ₹1,00,000 की सहायता है। ध्यान रखें कि यह मदद कोचिंग की फीस के लिए है — कोचिंग करने का प्रमाण जमा करना अनिवार्य है। बिना फीस रसीद और कोचिंग संस्थान के प्रमाण के आवेदन आगे नहीं बढ़ता।

कोचिंग सहायता के लिए पात्रता

  • आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के माता या पिता हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड (HBOCWWB) में पंजीकृत होने चाहिए।
  • माता या पिता की बोर्ड में कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता होनी चाहिए — जिनकी सदस्यता 1 साल से कम है, वे पात्र नहीं हैं।
  • योजना का लाभ एक परिवार के अधिकतम 3 बच्चे उठा सकते हैं।
  • लाभार्थी को योजना का लाभ एक बार ही दिया जाता है।
  • जो आवेदक स्वयं रोजगार या नौकरी करते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • कोचिंग करने का प्रमाण जमा करना अनिवार्य है।

बच्चों की संख्या को लेकर स्रोतों में एक अंतर है, जिसे छिपाया नहीं जा रहा है: योजना के मुख्य विवरण में “एक परिवार के अधिकतम 3 बच्चे” लिखा है, जबकि एक अन्य विस्तृत विवरण में “एक परिवार की 3 लड़कियाँ और 2 लड़के” लाभ ले सकते हैं, ऐसा दर्ज है। हॉस्टल योजना में भी यही 2 लड़के और 3 लड़कियों वाली सीमा दर्ज है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले SARAL पोर्टल पर अपनी श्रेणी की सटीक सीमा ज़रूर जाँच लें — पोर्टल पर दिख रहा फॉर्म ही अंतिम है।

कोचिंग संस्थान से जुड़ी शर्त (जाँचने योग्य)

एक विस्तृत स्रोत के अनुसार कोचिंग संस्थान को भी कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं — संस्थान कम से कम 3 साल से कोचिंग करा रहा हो, कम से कम 300 छात्रों को कोचिंग दे चुका हो, 3 साल से सर्विस टैक्स चुका रहा हो और दुकान एवं वाणिज्यिक स्थापन अधिनियम, 1958 के तहत पंजीकृत हो। यह जानकारी आधिकारिक पोर्टल से सीधे सत्यापित नहीं हो सकी है, इसलिए कोचिंग संस्थान चुनने से पहले इन शर्तों की पुष्टि SARAL पोर्टल या जिला श्रम कार्यालय से ज़रूर कर लें। गलत संस्थान चुनने पर आवेदन रुक सकता है।

कोचिंग सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

  • हरियाणा निवास का प्रमाण / स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की कॉपी)
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र (पिछली परीक्षा की मार्कशीट/प्रमाण पत्र)
  • माता या पिता का निर्माण कामगार कार्ड / पंजीकरण संख्या
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
  • वर्क स्लिप
  • घोषणा पत्र (Declaration Form)
  • कोचिंग की फीस की रसीद और कोचिंग संस्थान से नियमित पढ़ाई का प्रमाण पत्र
  • परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID)

एक बात और: कुछ विस्तृत विवरणों में पिछली योग्यता परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक की शर्त का उल्लेख मिलता है। योजना के मुख्य विवरण में यह शर्त दर्ज नहीं है, इसलिए इसे पक्की शर्त न मानें — लेकिन अपनी मार्कशीट तैयार रखें, क्योंकि पोर्टल का फॉर्म ही अंतिम है और वहाँ यह माँगा जा सकता है।

दूसरी योजना: हॉस्टल सुविधा सहायता — ₹1,20,000 तक

कितनी सहायता मिलती है

हॉस्टल सुविधा योजना के तहत लाभार्थी को हॉस्टल खर्च का भुगतान खुद नहीं करना पड़ता — यह खर्च हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड वहन करता है। बोर्ड अधिकतम ₹1,20,000 तक हॉस्टल व्यय का भुगतान करता है। यह राशि जाँच के बाद सीधे कॉलेज, संस्था या विश्वविद्यालय में जमा की जाती है, बच्चे के खाते में नहीं। इसलिए हॉस्टल की रसीदें और संस्थान का प्रमाण संभालकर रखें — भुगतान के लिए यही दस्तावेज़ काम आते हैं।

यह योजना इसलिए बनाई गई है क्योंकि कई निर्माण श्रमिक अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर भेजते हैं, जहाँ उन्हें हॉस्टल या पेइंग गेस्ट में रहना पड़ता है। कम आय के कारण कई बार बच्चों को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। हॉस्टल सहायता का उद्देश्य यही है कि छात्र बिना आर्थिक रुकावट के अपना कोर्स पूरा कर सके।

हॉस्टल सहायता के लिए पात्रता

  • आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक के माता या पिता हरियाणा निर्माण कामगार बोर्ड में पंजीकृत होने चाहिए।
  • माता या पिता की बोर्ड में कम से कम 1 साल की सदस्यता होनी चाहिए — 1 साल से कम सदस्यता वाले पात्र नहीं हैं।
  • आवेदक व्यावसायिक या तकनीकी कोर्स का छात्र होना चाहिए।
  • जो आवेदक स्वयं रोजगार या नौकरी करते हैं, वे पात्र नहीं हैं।
  • एक ही परिवार के अधिकतम 2 लड़के और 3 लड़कियाँ इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • कक्षा में अनुत्तीर्ण (फेल) होने पर लाभार्थी को उसी शैक्षणिक वर्ष के लिए दोबारा सहायता नहीं मिलेगी।

हॉस्टल सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

  • हरियाणा निवास प्रमाण / स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाते की जानकारी
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • पंजीकरण संख्या / निर्माण कामगार कार्ड
  • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
  • जाति प्रमाण पत्र
  • वर्क स्लिप
  • घोषणा पत्र (Declaration Form)

हॉस्टल योजना के दस्तावेज़ों में कोचिंग योजना की तरह शैक्षणिक प्रमाण पत्र अलग से दर्ज नहीं है, लेकिन कोर्स में दाखिले और हॉस्टल में रहने का प्रमाण तो देना ही होगा — इसलिए कॉलेज का दाखिला पत्र, हॉस्टल आवंटन या फीस रसीद पहले से तैयार रखें। पोर्टल पर दिख रही दस्तावेज़ों की सूची ही अंतिम मानी जाती है।

आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step)

दोनों योजनाओं के आवेदन अंत्योदय-SARAL पोर्टल से ऑनलाइन होते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:

स्टेप 1: सबसे पहले यह पक्का करें कि माता या पिता का लेबर कार्ड (HBOCWWB पंजीकरण) बना हुआ है और कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता पूरी हो चुकी है। बिना इसके आवेदन स्वीकार नहीं होगा। अगर लेबर कार्ड अभी बना नहीं है, तो पहले पंजीकरण कराएँ — इसकी पूरी प्रक्रिया हमारे हरियाणा लेबर कार्ड (BOCW) गाइड में दी गई है।

स्टेप 2: अंत्योदय-SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in खोलें। अगर आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो “New User” / नए उपयोगकर्ता के विकल्प से पंजीकरण करें — नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार कार्ड और राज्य का नाम भरें।

स्टेप 3: पंजीकरण के बाद मोबाइल पर आए यूज़र आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें। OTP से ईमेल और मोबाइल का सत्यापन पूरा करें।

स्टेप 4: लॉगिन के बाद “Apply for Services” / सेवाओं के लिए आवेदन करें, और योजनाओं की सूची में से अपनी योजना चुनें — कोचिंग के लिए “कोचिंग कक्षाओं के लिए वित्तीय सहायता” और हॉस्टल के लिए “हॉस्टल सुविधा हेतु वित्तीय सहायता” (ध्यान दें: हॉस्टल योजना SARAL पोर्टल पर “हरियाणा शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना” के नाम से भी सूचीबद्ध मिल सकती है — योजना का विवरण पढ़कर ही चुनें)।

स्टेप 5: आवेदन फॉर्म में परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) डालकर परिवार का विवरण प्राप्त करें, लाभार्थी का नाम चुनें और OTP से सत्यापन करें। फिर फॉर्म की बाकी जानकारी भरें।

स्टेप 6: ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करें। दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य हों — धुंधली कॉपी से आवेदन अटक सकता है।

स्टेप 7: फॉर्म सबमिट करने से पहले पूर्वावलोकन (Preview) में सारी जानकारी दोबारा जाँच लें, फिर सबमिट करें। मिली हुई Application ID नोट करके सुरक्षित रखें — यही स्टेटस चेक करने में काम आएगी।

स्टेप 8: आवेदन की जाँच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी। जाँच पूरी होने के बाद कोचिंग की सहायता लाभार्थी के बैंक खाते में और हॉस्टल की सहायता सीधे कॉलेज/संस्था को जमा की जाएगी।

एक वैकल्पिक रास्ता भी है: श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट hrylabour.gov.in पर “Welfare Board Beneficiary Login” से लॉगिन करके भी योजनाओं की सूची में से संबंधित योजना चुनकर आवेदन किया जा सकता है। लेकिन SARAL पोर्टल ही मुख्य और सबसे सीधा रास्ता है — वहीं से आवेदन करें।

आवेदन शुल्क और समय-सीमा

इन योजनाओं के आवेदन के लिए कोई शुल्क स्रोतों में दर्ज नहीं मिला है — फॉर्म भरते समय SARAL पोर्टल पर दिख रहा शुल्क ही मानें, और किसी व्यक्ति को आवेदन के नाम पर पैसे न दें। लाभ मिलने की समय-सीमा आधिकारिक रूप से तय है: हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत HBOCWWB की कल्याण योजनाओं के लाभ 90 दिनों में दिए जाने का प्रावधान है। यानी आवेदन के बाद अधिकतम 90 दिन में लाभ मिल जाना चाहिए। अगर 90 दिन बीत जाएँ और स्टेटस न बदले, तो हेल्पलाइन या जिला श्रम कार्यालय से संपर्क करें। इन योजनाओं के लिए कोई अंतिम तिथि (Last Date) सत्यापित नहीं हुई है — यह साल भर चलने वाली कल्याण योजना है, इसलिए पात्र होते ही आवेदन करें, किसी तारीख का इंतज़ार न करें।

आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?

  • SARAL पोर्टल पर status.saralharyana.nic.in पर जाकर अपनी Application ID डालकर स्टेटस ऑनलाइन देखें।
  • अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7738299899 पर SARAL (स्पेस) Application ID लिखकर SMS भेजकर भी स्टेटस जाना जा सकता है।
  • hrylabour.gov.in पर Beneficiary Login से भी आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
  • स्टेटस में कोई अपडेट न दिखे या आवेदन लंबे समय से अटका हो, तो अपने जिले के जिला श्रम कार्यालय या नजदीकी ब्लॉक-स्तरीय हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

हेल्पलाइन और संपर्क

किस काम के लिए नंबर / पता
HBOCWWB टोल फ्री नंबर 18001802129
HBOCWWB हेल्पलाइन 0172-2560226
श्रम विभाग, हरियाणा हेल्पलाइन 0172-2701373
अंत्योदय-SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400
श्रम विभाग कार्यालय 30 बेज़ बिल्डिंग, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160017
HBOCWWB बोर्ड कार्यालय बेज़ नंबर 29-30 (पॉकेट-II), सेक्टर-4, पंचकुला – 134112

बच्चों की पढ़ाई के लिए और कौन सी मदद मिलती है?

कोचिंग और हॉस्टल सहायता के अलावा बोर्ड श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए और भी मदद देता है — इन्हें भी जान लें, ताकि कोई लाभ छूटे नहीं:

  • शिक्षा सहायता — ₹8,000 से ₹20,000 प्रति वर्ष: पहली कक्षा से उच्च शिक्षा तक के बच्चों को हर साल कक्षा/कोर्स के अनुसार वित्तीय सहायता मिलती है।
  • मेधावी छात्र प्रोत्साहन — ₹21,000 से ₹51,000: 10वीं या 12वीं में 60 प्रतिशत या अधिक अंक लाने वाले बच्चों को अंकों के अनुसार प्रोत्साहन राशि मिलती है। यह राशि बच्चे के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में भी रखी जा सकती है।
  • व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स की फीस: प्रोफेशनल या टेक्निकल कोर्स कर रहे बच्चों की शैक्षणिक फीस सरकारी खर्च के अनुसार वापस की जाती है।

इन सभी लाभों की पूरी जानकारी हमारे हरियाणा लेबर कार्ड (BOCW) गाइड में दी गई है — पहले लेबर कार्ड बनवाएँ, फिर एक-एक करके हर लाभ के लिए आवेदन करें।

UPSC/HPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो यह भी जानें

अगर आपका बच्चा UPSC या HPSC की तैयारी कर रहा है, तो कोचिंग सहायता के साथ-साथ सरकारी नौकरी की मुख्य परीक्षा HSSC CET 2026 गाइड भी पढ़ लें — CET हरियाणा की Group C और Group D भर्तियों के लिए पहला और ज़रूरी कदम है। और अगर किसी कारण से 10वीं या 12वीं की पढ़ाई बीच में छूट गई हो, तो हरियाणा ओपन स्कूल एडमिशन 2027 से दोबारा परीक्षा देकर पढ़ाई पूरी की जा सकती है।

एक भ्रम से और बचें: अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना की घोषणा हुई थी, जिसमें UPSC/HPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को ₹25,000 से ₹70,000 की सहायता देने की बात है। वह एक अलग योजना है — BOCW कोचिंग सहायता से उसका कोई लेना-देना नहीं है। दोनों को आपस में मिलाएँ नहीं; BOCW लाभ के लिए सिर्फ श्रमिक पंजीकरण और 1 साल की सदस्यता ही आधार है।

आवेदन से पहले की चेकलिस्ट: फॉर्म भरने से पहले ये 10 काम कर लें

आवेदन में देरी और खारिज होने की सबसे बड़ी वजह अधूरी तैयारी होती है। फॉर्म खोलने से पहले नीचे दी गई चेकलिस्ट पूरी कर लें, तो एक ही बार में आवेदन जमा हो जाएगा:

  1. माता या पिता का लेबर कार्ड बना हुआ है और 1 साल की सदस्यता पूरी हो चुकी है — कार्ड की वैधता और नवीनीकरण की तारीख जाँच लें।
  2. परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) में बच्चे का नाम और विवरण सही दर्ज है — गलत नाम से OTP सत्यापन अटक जाता है।
  3. बच्चे का आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक्ड है, ताकि OTP समय पर मिले।
  4. बैंक खाता आधार से लिंक्ड है और पासबुक की साफ कॉपी तैयार है — कोचिंग की सहायता सीधे इसी खाते में आएगी।
  5. कोचिंग की फीस रसीद और संस्थान से नियमित पढ़ाई का प्रमाण पत्र हाथ में है।
  6. हॉस्टल के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो कॉलेज का दाखिला पत्र और हॉस्टल फीस की रसीद तैयार रखें।
  7. सभी दस्तावेज़ों की साफ स्कैन कॉपी एक फोल्डर में रख लें — धुंधली या कटी हुई कॉपी अपलोड न करें।
  8. घोषणा पत्र (Declaration Form) भरकर हस्ताक्षर करके तैयार रखें।
  9. एक चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी तैयार रखें — सारे अपडेट और OTP इसी पर आएँगे।
  10. SARAL पोर्टल पर योजना का नाम ध्यान से पढ़ें — कोचिंग और हॉस्टल दो अलग योजनाएँ हैं, गलत योजना चुनने पर आवेदन गलत जगह चला जाएगा।

कोचिंग संस्थान कैसे चुनें: गलत चुनाव से आवेदन रुक सकता है

कोचिंग सहायता का पैसा तभी मिलता है जब बच्चा किसी मान्यता प्राप्त और शर्तें पूरी करने वाले संस्थान में पढ़ाई कर रहा हो। इसलिए कोचिंग संस्थान चुनते समय सिर्फ फीस या नाम न देखें — ये बातें भी जाँच लें। पहली बात, संस्थान का पंजीकरण और अनुभव: ऊपर बताई गई शर्तों के अनुसार संस्थान को कम से कम 3 साल से कोचिंग कराते हुए होना चाहिए और दुकान एवं वाणिज्यिक स्थापन अधिनियम के तहत पंजीकृत होना चाहिए। दाखिला लेने से पहले संस्थान से उसका पंजीकरण प्रमाण और पिछले वर्षों के छात्रों का रिकॉर्ड माँगकर देख लें। दूसरी बात, फीस की रसीद: संस्थान से पक्की रसीद लें, जिस पर छात्र का नाम, कोर्स का नाम, फीस की राशि और तारीख साफ लिखी हो — बिना रसीद के सहायता का दावा नहीं बनता। तीसरी बात, नियमित पढ़ाई का प्रमाण: संस्थान से यह प्रमाण पत्र भी लें कि बच्चा वहाँ नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा है, क्योंकि आवेदन के साथ यह दस्तावेज़ भी माँगा जाता है। चौथी बात, फीस का भुगतान बैंक या UPI से करें, ताकि भुगतान का रिकॉर्ड रहे — नकद भुगतान की स्थिति में रसीद के अलावा कोई सबूत नहीं बचता। अगर संस्थान शर्तें पूरी नहीं करता, तो पहले ही दूसरा संस्थान चुन लें — दाखिला लेने के बाद संस्थान बदलना और दोबारा आवेदन करना, दोनों में समय बर्बाद होता है।

पैसा कब और कैसे मिलता है?

आवेदन जमा होने के बाद सबसे पहले संबंधित अधिकारी दस्तावेज़ों की जाँच करते हैं — पंजीकरण की वैधता, 1 साल की सदस्यता, निवास प्रमाण, कोचिंग या हॉस्टल के प्रमाण और बैंक विवरण, सब कुछ मिलाया जाता है। जाँच में कोई कमी मिले, तो आवेदन पर आपत्ति (Objection) लग सकती है — ऐसे में SARAL पोर्टल पर स्टेटस देखकर कमी दूर करें और दस्तावेज़ दोबारा अपलोड करें। जाँच पूरी होने के बाद कोचिंग की सहायता लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है, जबकि हॉस्टल की सहायता सीधे कॉलेज, संस्था या विश्वविद्यालय के खाते में जमा की जाती है। सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत यह पूरी प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी होनी चाहिए। अगर 90 दिन बीत जाएँ और स्टेटस में कोई बदलाव न दिखे, तो Application ID के साथ बोर्ड की टोल फ्री हेल्पलाइन 18001802129 पर कॉल करें या जिला श्रम कार्यालय जाएँ। पैसा आने के बाद बैंक पासबुक में एंट्री ज़रूर जाँच लें और रसीद संभालकर रखें — अगली बार किसी और लाभ के लिए आवेदन करते समय यही रिकॉर्ड काम आएगा।

आवेदन खारिज होने के आम कारण — और उनसे कैसे बचें

  • 1 साल की सदस्यता पूरी नहीं हुई: यह सबसे आम कारण है। कार्ड बनते ही आवेदन कर दिया जाता है, जबकि नियम के अनुसार कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता ज़रूरी है। सदस्यता पूरी होने की तारीख पहले ही जाँच लें।
  • नवीनीकरण नहीं कराया गया: लेबर कार्ड की सदस्यता हर साल नवीनीकृत करनी होती है। बिना नवीनीकरण के सदस्यता रुक जाती है और आवेदन खारिज हो सकता है।
  • गलत योजना का चुनाव: कोचिंग के लिए हॉस्टल योजना या हॉस्टल के लिए कोचिंग योजना चुन लेना — फॉर्म भरने से पहले योजना का नाम और विवरण ध्यान से पढ़ें।
  • फीस रसीद या प्रमाण पत्र नहीं है: कोचिंग की फीस रसीद, संस्थान का प्रमाण पत्र या हॉस्टल की रसीद नहीं होने पर आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
  • दस्तावेज़ धुंधले या अधूरे हैं: स्कैन कॉपी साफ न होने पर अधिकारी दस्तावेज़ नहीं पढ़ पाते और आवेदन लौटा देते हैं।
  • बैंक खाता आधार से लिंक्ड नहीं है: DBT से पैसा तभी आता है जब खाता आधार से लिंक्ड हो। आवेदन से पहले बैंक में जाकर लिंकिंग जाँच लें।
  • आवेदक स्वयं नौकरी या रोजगार करता है: योजना में साफ लिखा है कि स्वयं रोजगार या नौकरी करने वाला आवेदक पात्र नहीं है।
  • फेल होने के बाद उसी वर्ष दोबारा आवेदन: हॉस्टल योजना में कक्षा में फेल होने पर उसी शैक्षणिक वर्ष के लिए दोबारा सहायता नहीं मिलती।

ब्लॉक हेल्पडेस्क और जिला श्रम कार्यालय से मदद

अगर ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत आ रही है, तो अकेले परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। जून 2026 में श्रम मंत्री अनिल विज ने घोषणा की थी कि निर्माण श्रमिकों को पंजीकरण और योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद के लिए राज्य के हर ब्लॉक में हेल्पडेस्क बनाए जाएँगे। ये हेल्पडेस्क वन-स्टॉप सेंटर की तरह काम करेंगे — पंजीकरण में मदद, योजनाओं के आवेदन, जागरूकता और शिकायतों का निपटारा, सब एक ही जगह। इन केंद्रों पर सहायक कल्याण अधिकारी और IT सहायता उपलब्ध रहेगी। श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लगा नोटिस भी नए पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए नजदीकी हेल्पडेस्क केंद्र से संपर्क करने को कहता है। इसलिए फॉर्म भरने, दस्तावेज़ अपलोड करने या स्टेटस समझने में कोई दिक्कत हो, तो अपने नजदीकी ब्लॉक हेल्पडेस्क या जिला श्रम कार्यालय जाएँ — वहाँ आवेदन भरने में मुफ्त मदद मिलती है। किसी भी व्यक्ति को आवेदन के नाम पर पैसे न दें; हेल्पडेस्क की मदद निःशुल्क है।

ध्यान रखने वाली बातें

  • दलालों से बचें: आवेदन सिर्फ आधिकारिक SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से करें। कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर लाभ दिलवाने का दावा करे, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है। अपना OTP और पासवर्ड किसी को न दें।
  • 1 साल की सदस्यता का नियम न भूलें: कोचिंग और हॉस्टल — दोनों लाभों के लिए माता या पिता की कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता ज़रूरी है। कार्ड बनते ही आवेदन न करें; पहले एक साल की सदस्यता पूरी होने दें और हर साल नवीनीकरण कराते रहें।
  • फीस रसीद और प्रमाण संभालकर रखें: कोचिंग की फीस रसीद, संस्थान का प्रमाण पत्र, हॉस्टल की रसीद और दाखिला पत्र — इनके बिना आवेदन पूरा नहीं होगा। आवेदन से पहले ही इनकी साफ स्कैन कॉपी तैयार रखें।
  • गलत जानकारी न भरें: फॉर्म में गलत जानकारी या फर्ज़ी दस्तावेज़ देने पर आवेदन रद्द हो सकता है और आगे के लाभ भी रुक सकते हैं। घोषणा पत्र (Declaration) सोच-समझकर भरें।
  • पोर्टल का फॉर्म ही अंतिम है: इस लेख की जानकारी 6 नवंबर 2026 तक सत्यापित स्रोतों पर आधारित है। नियम बदल सकते हैं — आवेदन से पहले SARAL पोर्टल या hrylabour.gov.in पर ताज़ा नियम ज़रूर जाँच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: क्या हरियाणा सरकार श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग देती है?
उत्तर: नहीं — सरकार कोई मुफ्त कोचिंग सेंटर नहीं चलाती। HBOCWWB की कोचिंग सहायता योजना के तहत बच्चे की कोचिंग फीस के लिए ₹20,000 तक की वित्तीय सहायता मिलती है, और UPSC/HPSC की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹1,00,000 मिलते हैं। बच्चा अपनी पसंद के मान्यता प्राप्त संस्थान में कोचिंग करता है, बोर्ड उसकी फीस में मदद करता है।

प्रश्न 2: हॉस्टल की सहायता कितनी मिलती है और पैसा किसे मिलता है?
उत्तर: हॉस्टल खर्च के लिए अधिकतम ₹1,20,000 तक की सहायता मिलती है। यह पैसा बच्चे के खाते में नहीं आता — जाँच के बाद राशि सीधे कॉलेज, संस्था या विश्वविद्यालय को जमा की जाती है।

प्रश्न 3: कोचिंग और हॉस्टल सहायता के लिए सबसे ज़रूरी शर्त क्या है?
उत्तर: माता या पिता का HBOCWWB में पंजीकृत होना और बोर्ड में कम से कम 1 साल की नियमित सदस्यता। जिनकी सदस्यता 1 साल से कम है, वे दोनों योजनाओं के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अलावा आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और व्यावसायिक/तकनीकी कोर्स का छात्र होना चाहिए।

प्रश्न 4: UPSC की तैयारी के लिए ₹1,00,000 कैसे मिलते हैं?
उत्तर: यह राशि सिर्फ उन्हीं को मिलती है जिन्होंने UPSC या HPSC की प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा पास कर ली हो — मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए। प्रारंभिक परीक्षा पास करने का प्रमाण आवेदन के साथ देना होता है। बिना Prelims पास किए यह सहायता नहीं मिलती।

प्रश्न 5: आवेदन कहाँ और कैसे करें?
उत्तर: आवेदन ऑनलाइन अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से होता है। पहले पोर्टल पर पंजीकरण करके लॉगिन करें, फिर योजनाओं की सूची में से कोचिंग या हॉस्टल योजना चुनें, फॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें। स्टेटस status.saralharyana.nic.in पर Application ID डालकर देखा जा सकता है।

प्रश्न 6: लाभ मिलने में कितना समय लगता है?
उत्तर: सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत HBOCWWB की कल्याण योजनाओं के लाभ 90 दिनों में दिए जाने का प्रावधान है। 90 दिन बीत जाने पर भी लाभ न मिले, तो बोर्ड की टोल फ्री हेल्पलाइन 18001802129 या जिला श्रम कार्यालय से संपर्क करें।

प्रश्न 7: एक परिवार के कितने बच्चे लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: कोचिंग योजना में एक परिवार के अधिकतम 3 बच्चे लाभ ले सकते हैं, जबकि हॉस्टल योजना में एक परिवार के अधिकतम 2 लड़के और 3 लड़कियाँ लाभ ले सकती हैं। स्रोतों में बच्चों की संख्या को लेकर थोड़ा अंतर है, इसलिए आवेदन से पहले SARAL पोर्टल पर अपनी श्रेणी की सटीक सीमा ज़रूर जाँच लें।

आधिकारिक स्रोत

इस लेख की जानकारी इन आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है: श्रम विभाग, हरियाणा — hrylabour.gov.in; अंत्योदय-SARAL पोर्टल — saralharyana.gov.in; आवेदन स्टेटस — status.saralharyana.nic.in; सेवा का अधिकार समय-सीमा — audit.hrylabour.gov.in/content/rts। योजना के विस्तृत विवरण के लिए govtschemes.in पर प्रकाशित कोचिंग सहायता और हॉस्टल सहायता योजना के पृष्ठ भी देखे गए हैं, जो श्रम विभाग और SARAL पोर्टल से जुड़े हैं। आवेदन से पहले पोर्टल पर ताज़ा नियम ज़रूर जाँच लें, क्योंकि नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।

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