अंतरजातीय विवाह शगुन योजना हरियाणा 2026: ₹2.5 लाख की पूरी जानकारी
अंतरजातीय विवाह शगुन योजना हरियाणा के तहत, हरियाणा में जब अनुसूचित जाति (SC) का युवक या युवती गैर-अनुसूचित जाति के जीवनसाथी से विवाह करता है, तो राज्य सरकार उस दंपति को ₹2,50,000 की आर्थिक सहायता देती है। इस योजना का नाम है — मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना। इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को कम करना और समाज में समरसता को बढ़ावा देना है।
यह योजना हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (Welfare of Scheduled Castes and Backward Classes Department) द्वारा चलाई जाती है। आवेदन अंत्योदय SARAL पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। इस गाइड में पात्रता, लाभ, दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया, फीस, समय-सीमा और स्टेटस चेक करने का तरीका — सब कुछ विस्तार से दिया गया है।
महत्वपूर्ण नोट: यह योजना साइट पर पहले से प्रकाशित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना से अलग है। विवाह शगुन योजना महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना है, जो बेटी के विवाह पर परिवार को सहायता देती है। अंतरजातीय विवाह शगुन योजना पूरी तरह अलग योजना है, अलग विभाग की है और इसकी पात्रता व लाभ भी अलग हैं। दोनों को एक समझकर आवेदन न करें। विवाह शगुन योजना की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें: मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा
एक नज़र में योजना
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना |
| राज्य | हरियाणा |
| विभाग | अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, हरियाणा |
| शुरू हुई | 2016 में |
| सहायता राशि | ₹2,50,000 |
| लाभार्थी | अंतरजातीय विवाहित दंपति, जिनमें एक जीवनसाथी SC और दूसरा गैर-SC हो |
| आवेदन की समय-सीमा | विवाह की तारीख से 3 साल के भीतर |
| आवेदन का माध्यम | अंत्योदय SARAL पोर्टल (ऑनलाइन) |
| RTS समय-सीमा | 20 दिन |
| आधिकारिक पोर्टल | https://saralharyana.gov.in |
यह योजना क्या है?
सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना हरियाणा सरकार की एक प्रोत्साहन योजना है। सरकार चाहती है कि जाति के आधार पर भेदभाव खत्म हो और अंतरजातीय विवाह को समाज में स्वीकार्यता मिले। इसी उद्देश्य से ऐसे दंपतियों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनमें एक जीवनसाथी अनुसूचित जाति से हो और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति से।
योजना 2016 में शुरू हुई थी। शुरुआत में सहायता राशि कम थी — पहले ₹50,000, फिर मार्च 2016 में बढ़ाकर ₹1,01,000 की गई। इसके बाद मई 2018 में राशि बढ़ाकर ₹2,50,000 कर दी गई, और आवेदन की समय-सीमा भी एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई। तब से यही ₹2.5 लाख की राशि लागू है।
यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 हिस्सेदारी वाली योजना के रूप में भी दर्ज है, यानी इसका खर्च केंद्र और राज्य मिलकर उठाते हैं। इसका मतलब यह है कि यह कोई अस्थायी घोषणा नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही एक स्थापित योजना है।
₹2.5 लाख कैसे मिलते हैं — FD और 3 साल का लॉक-इन
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरी राशि हाथ में नकद नहीं मिलती। राशि दंपति के संयुक्त बैंक खाते (जॉइंट अकाउंट) में जमा की जाती है और उस पर तीन साल का लॉक-इन लगता है।
आधिकारिक SARAL गाइडलाइन में लिखा है कि ₹2,50,000 की सहायता दंपति के संयुक्त खाते में तीन साल के लॉक-इन पीरियड के साथ जमा की जाती है। वहीं, हरियाणा सरकार के सेवा पोर्टल (sewa.haryana.gov.in) पर इस योजना का पैटर्न इस प्रकार बताया गया है:
| किस्त | राशि | कैसे मिलती है |
|---|---|---|
| पहली किस्त | ₹1,25,000 | विवाह के तुरंत बाद दंपति के संयुक्त खाते में सीधे DBT से |
| दूसरी किस्त | ₹1,25,000 | संयुक्त खाते में तीन साल के लॉक-इन पर जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में) |
2018 में जब राशि बढ़ाकर ₹2.5 लाख की गई थी, तब सरकार ने कहा था कि यह राशि सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में दंपति के संयुक्त नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में की जाएगी, जिसका लॉक-इन पीरियड तीन साल होगा और समय से पहले निकासी (premature encashment) की सुविधा नहीं होगी। तीन साल पूरे होने के बाद दंपति इस राशि को निकाल सकते हैं।
सावधानी वाला नोट: कुछ गैर-सरकारी वेबसाइटों पर यह भी लिखा मिलता है कि आधी राशि तुरंत और बाकी आधी राशि एक साल साथ रहने के बाद मिलती है। यह बात आधिकारिक SARAL गाइडलाइन या सेवा पोर्टल पर नहीं मिली है, इसलिए इस गाइड में उसे पक्का तथ्य नहीं माना गया है। विभाजन की अंतिम और सही स्थिति आपके स्वीकृति पत्र (sanction letter) और बैंक की FD रसीद पर ही देखें। बैंक में FD किस नाम से, किस तारीख से और किस मैच्योरिटी पर बनी है, यह जानकारी बैंक से लिखित में जरूर लें।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
आवेदन करने से पहले नीचे दी गई सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें। एक भी शर्त पूरी न होने पर आवेदन खारिज हो सकता है।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| नागरिकता | दोनों जीवनसाथी भारत के नागरिक हों |
| SC जीवनसाथी का निवास | दंपति में जो जीवनसाथी SC है, वह हरियाणा का स्थायी निवासी (domicile) हो |
| जाति संयोजन | एक जीवनसाथी अनुसूचित जाति (SC) से हो और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति (Non-SC) से हो |
| विवाह | दोनों जीवनसाथियों का यह पहला विवाह हो |
| दुल्हन की उम्र | विवाह के समय दुल्हन की उम्र कम से कम 18 वर्ष हो |
| दूल्हे की उम्र | विवाह के समय दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष हो |
| आवेदन की अंतिम तारीख | विवाह की तारीख से 3 साल के भीतर आवेदन करें |
| अन्य योजना का लाभ | समान योजना के तहत पहले लाभ न लिया हो |
इन शर्तों के बारे में कुछ बातें और स्पष्ट कर देते हैं। पहली शर्त यह है कि SC जीवनसाथी का हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है — सिर्फ हरियाणा में रहना काफी नहीं है, निवास प्रमाण (domicile) होना चाहिए। दूसरी बात यह है कि यह लाभ केवल पहले विवाह के लिए मिलता है। अगर दूल्हा या दुल्हन में से किसी का भी यह दूसरा विवाह है, तो लाभ नहीं मिलेगा। तीसरी बात यह है कि विवाह के तीन साल बीत जाने के बाद आवेदन नहीं किया जा सकता, इसलिए देर न करें।
आय सीमा के बारे में: इस योजना की आधिकारिक SARAL गाइडलाइन में कोई आय सीमा नहीं दी गई है। विवाह शगुन योजना जैसी योजनाओं में ₹1.80 लाख की आय सीमा होती है, लेकिन इस अंतरजातीय विवाह शगुन योजना में ऐसी कोई सीमा गाइडलाइन में दर्ज नहीं मिली है। इसलिए इस गाइड में कोई आय सीमा नहीं बताई जा रही है। फिर भी, आवेदन करते समय पोर्टल पर जो लाइव फॉर्म खुलेगा, वही अंतिम माना जाएगा — अगर उसमें आय से जुड़ा कोई कॉलम या शर्त दिखे, तो उसे उसी के अनुसार भरें।
जरूरी दस्तावेज
आधिकारिक SARAL गाइडलाइन में इस योजना के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मांगे गए हैं। आवेदन करने से पहले इन सभी की स्कैन कॉपी तैयार रखें:
- दूल्हा और दुल्हन दोनों का आयु प्रमाण (Age proof)
- परिवार पहचान पत्र (Parivar Pehchan Patra / PPP) की कॉपी
- SC जीवनसाथी का हरियाणा निवास प्रमाण (Haryana residence proof)
- SC जीवनसाथी का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (SC Certificate)
- विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Registration Certificate)
- दोनों पक्षों का विवाह कार्ड (यदि अरेंज्ड मैरिज है तो)
- विवाह की फोटो (Marriage Photograph)
- दोनों के आधार कार्ड
- संयुक्त बैंक खाते की पासबुक की कॉपी — आधार से लिंक हो और पहले नाम में आवेदक महिला का नाम हो
- पैन कार्ड (Pan Card)
- प्रथम विवाह का शपथ पत्र (Affidavit of First Marriage)
कुछ बातों पर खास ध्यान दें। संयुक्त बैंक खाता पहले से खुला होना चाहिए, क्योंकि राशि उसी खाते में आएगी। खाता आधार से लिंक होना चाहिए और गाइडलाइन के अनुसार खाते में पहला नाम आवेदक महिला का होना चाहिए — बैंक में खाता खुलवाते समय यह बात जरूर बता दें। विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र भी जरूरी है, इसलिए अगर विवाह पंजीकृत नहीं है, तो पहले विवाह पंजीकरण करवाएं। प्रथम विवाह का शपथ पत्र नोटरी या सक्षम अधिकारी से बनवाकर रखें।
नोट: दस्तावेजों की यह सूची आधिकारिक SARAL गाइडलाइन से ली गई है। लेकिन अंतिम रूप से पोर्टल पर जो लाइव फॉर्म खुलेगा, उसी में मांगे गए दस्तावेज ही मान्य होंगे। अगर फॉर्म में कोई अतिरिक्त दस्तावेज मांगा जाए, तो उसे भी अपलोड करना होगा।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — SARAL पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप
ऑनलाइन आवेदन अंत्योदय SARAL पोर्टल पर किया जाता है। SARAL पोर्टल का आधिकारिक पता है: https://saralharyana.gov.in। पोर्टल पर सेवा का नाम इस प्रकार दर्ज है: “Mukhya Mantri Samajik Samrasta Anterjatiya Vivah Shagun Yojna” — ध्यान दें, SARAL पर “Antarjatiya” की स्पेलिंग “Anterjatiya” लिखी है। सेवा खोजते समय यही नाम लिखें।
स्टेप 1: SARAL पोर्टल पर जाएं और लॉगिन करें
सबसे पहले https://saralharyana.gov.in पर जाएं। अगर आपका पहले से अकाउंट है, तो यूजर ID और पासवर्ड से लॉगिन करें। पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो पोर्टल पर नया अकाउंट बनाएं (रजिस्टर करें)। रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर और परिवार पहचान पत्र (PPP) की जानकारी काम आ सकती है, इसलिए इन्हें तैयार रखें।
स्टेप 2: सेवा खोजें
लॉगिन करने के बाद सेवाओं की सूची में “Mukhya Mantri Samajik Samrasta Anterjatiya Vivah Shagun Yojna” खोजें। विभाग के रूप में Welfare of Scheduled Castes and Backward Classes Department चुनें। सही सेवा पर क्लिक करें, तभी आवेदन फॉर्म खुलेगा।
स्टेप 3: आवेदन फॉर्म भरें
फॉर्म में दूल्हा और दुल्हन दोनों की जानकारी भरें — नाम, जन्म तारीख, जाति, पता, मोबाइल नंबर, परिवार पहचान पत्र संख्या और विवाह की तारीख। विवाह की तारीख वही लिखें जो विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र पर दर्ज है। संयुक्त बैंक खाते का विवरण — बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC — भी सही-सही भरें, क्योंकि पैसा इसी खाते में आएगा।
स्टेप 4: दस्तावेज अपलोड करें
ऊपर दी गई सूची के सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। ध्यान रखें कि स्कैन साफ हो और फाइल का साइज पोर्टल की सीमा के भीतर हो। धुंधली या अधूरी कॉपी पर आवेदन अटक सकता है।
स्टेप 5: फॉर्म जमा करें और पावती संभालकर रखें
सारी जानकारी दोबारा जांचकर फॉर्म जमा (submit) करें। जमा करने के बाद आपको आवेदन संख्या / SARAL ID और पावती (acknowledgement) मिलेगी। इसे संभालकर रखें — यही संख्या स्टेटस चेक करने और आगे की पूछताछ में काम आएगी। इसका स्क्रीनशॉट या प्रिंट भी रख लें।
स्टेप 6: सत्यापन और स्वीकृति
जमा किया गया आवेदन संबंधित जिला कल्याण अधिकारी (District Welfare Officer) के पास सत्यापन के लिए जाता है। अधिकारी दस्तावेजों और विवाह से जुड़े तथ्यों की जांच करते हैं। सत्यापन पूरा होने पर आवेदन स्वीकृत किया जाता है और राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू होती है।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
अगर आप खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो अटल सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आवेदन करवा सकते हैं। CSC पर ऑपरेटर आपकी ओर से SARAL पोर्टल पर फॉर्म भरकर जमा कर देगा। अपने सभी मूल दस्तावेज और उनकी फोटोकॉपी साथ लेकर जाएं। CSC से आवेदन करवाने पर पावती और आवेदन संख्या जरूर लें।
इसके अलावा, अपने जिले के जिला कल्याण कार्यालय (District Welfare Office) से भी इस योजना की जानकारी और मदद ली जा सकती है। पुरानी प्रक्रिया में आवेदन जिला कल्याण कार्यालय के माध्यम से ही होता था; अब ऑनलाइन SARAL ही मुख्य माध्यम है, लेकिन सत्यापन जिला स्तर पर ही होता है। इसलिए अपने जिले के कल्याण कार्यालय का पता और संपर्क पहले से नोट करके रखें।
फीस और समय-सीमा
| मद | जानकारी |
|---|---|
| सरकारी शुल्क | कोई शुल्क नहीं (SARAL गाइडलाइन के अनुसार No Fee) |
| अटल सेवा केंद्र (CSC) सेवा शुल्क | ₹10 (SARAL गाइडलाइन की फीस तालिका के अनुसार) |
| RTS समय-सीमा | 20 दिन |
RTS का मतलब है Right to Service (सेवा का अधिकार) — यानी विभाग को इस सेवा का निपटान 20 दिन के भीतर करना होता है। यह समय-सीमा आवेदन जमा होने की तारीख से गिनी जाती है। अगर दस्तावेज पूरे हों और सत्यापन में कोई अड़चन न हो, तो 20 दिन के भीतर निर्णय होना चाहिए। अगर आवेदन में कोई कमी हो, तो विभाग आपसे दस्तावेज मांग सकता है — ऐसी स्थिति में समय-सीमा बढ़ सकती है, इसलिए कमी का जवाब जल्दी दें।
फीस के बारे में एक सावधानी: SARAL गाइडलाइन की फीस तालिका में सरकारी शुल्क “No Fee” और अटल सेवा केंद्र सेवा शुल्क ₹10 दर्शाया गया है। यह जानकारी गाइडलाइन की तालिका से ली गई है; CSC पर वास्तविक शुल्क पोर्टल पर दिख रही राशि के अनुसार ही दें और रसीद जरूर लें। कोई भी व्यक्ति इस योजना के नाम पर आपसे बड़ी रकम मांगे, तो उसे न दें — आवेदन का सरकारी शुल्क शून्य है।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें
आवेदन जमा करने के बाद उसका स्टेटस इस प्रकार चेक करें:
- https://saralharyana.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “Track Application / Appeal” विकल्प पर क्लिक करें।
- विभाग (Department) और सेवा (Service) चुनें — सेवा का नाम वही है: Mukhya Mantri Samajik Samrasta Anterjatiya Vivah Shagun Yojna।
- अपनी Application Reference ID / SARAL ID डालें और Check Status पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आवेदन की स्थिति दिखेगी — जमा हुआ, जांच में है, स्वीकृत या खारिज।
इसके अलावा, SARAL पोर्टल पर लॉगिन करके “My Applications” में भी अपने सभी आवेदनों की स्थिति देखी जा सकती है। SMS से स्टेटस जानने का विकल्प भी कई स्रोतों में बताया जाता है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों में SMS नंबर अलग-अलग दिए गए हैं, इसलिए इस गाइड में SMS नंबर को सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं दिया जा रहा है। स्टेटस के लिए पोर्टल का ट्रैक विकल्प ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
पैसा कैसे मिलेगा और FD कैसे काम करेगी
स्वीकृति के बाद राशि दंपति के संयुक्त बैंक खाते में भेजी जाती है। जैसा ऊपर बताया गया है, राशि का एक हिस्सा सीधे खाते में आता है और बाकी हिस्सा तीन साल के लॉक-इन वाली फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखा जाता है। तीन साल का लॉक-इन पूरा होने के बाद FD की राशि निकाली जा सकती है।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि संयुक्त खाता सक्रिय (active) हो, उसमें KYC पूरा हो, खाता आधार से लिंक हो और खाते में पहला नाम आवेदक महिला का हो। अगर खाता बंद हो या KYC अधूरा हो, तो पैसा अटक सकता है। FD बनने के बाद बैंक से FD रसीद जरूर लें और उस पर लिखी मैच्योरिटी तारीख नोट करके रखें। मैच्योरिटी से पहले FD तुड़वाने की सुविधा नहीं होती, इसलिए इस राशि को तीन साल के लिए बंधा हुआ मानकर ही योजना बनाएं।
आवेदन खारिज होने से कैसे बचें
आवेदन खारिज होने के सबसे आम कारण ये हैं:
- विवाह की तारीख से तीन साल बीत जाना — समय पर आवेदन करें।
- SC प्रमाण पत्र या निवास प्रमाण का न होना या गलत होना।
- संयुक्त बैंक खाता न होना या खाता आधार से लिंक न होना।
- विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र का न होना।
- प्रथम विवाह का शपथ पत्र न लगाना।
- दस्तावेजों की धुंधली स्कैन कॉपी अपलोड करना।
- फॉर्म में नाम या तारीख की गलती — नाम और तारीख आधार, विवाह प्रमाण पत्र और बैंक खाते में एक जैसे होने चाहिए।
आवेदन जमा करने से पहले फॉर्म की हर जानकारी को मूल दस्तावेजों से मिलाकर जरूर जांचें। अगर कोई दस्तावेज नहीं है, तो पहले उसे बनवाएं, फिर आवेदन करें। जल्दबाजी में अधूरा आवेदन करने से अच्छा है कि दस्तावेज पूरे करके एक बार में सही आवेदन करें।
यह योजना विवाह शगुन योजना से कैसे अलग है?
कई लोग इन दोनों योजनाओं को एक समझ लेते हैं, लेकिन ये पूरी तरह अलग हैं:
| बात | अंतरजातीय विवाह शगुन योजना | मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना |
|---|---|---|
| किसके लिए | SC + गैर-SC अंतरजातीय दंपति | बेटी के विवाह पर परिवार (SC / BPL / अन्य पात्र श्रेणियाँ) |
| विभाग | SC एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग |
| राशि | ₹2,50,000 | श्रेणी के अनुसार अलग (विवरण लिंक वाली गाइड में) |
| आवेदन की सीमा | विवाह से 3 साल के भीतर | विवाह शगुन गाइड के अनुसार अलग नियम |
| मुख्य शर्त | एक जीवनसाथी SC, दूसरा गैर-SC, पहला विवाह | परिवार की पात्रता और आय से जुड़ी शर्तें |
अगर आपके परिवार में बेटी का विवाह हो रहा है और आप विवाह शगुन योजना के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह गाइड पढ़ें: मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा। बेटियों से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण योजना है आपकी बेटी हमारी बेटी योजना, जिसमें बेटी के जन्म पर सहायता दी जाती है: आपकी बेटी हमारी बेटी योजना हरियाणा। बुजुर्गों के लिए लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता की जानकारी यहाँ है: लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता हरियाणा।
हेल्पलाइन और संपर्क
| संपर्क | विवरण |
|---|---|
| SARAL हेल्पलाइन (टोल-फ्री) | 1800-2000-023 |
| SARAL ईमेल | [email protected] |
| SARAL पोर्टल | https://saralharyana.gov.in |
| जिला कार्यालय | अपने जिले का जिला कल्याण कार्यालय (DWO) |
हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आधिकारिक SARAL गाइडलाइन में दिए गए हैं। आवेदन में कोई तकनीकी दिक्कत आए या स्टेटस लंबे समय तक न बदले, तो पहले SARAL हेल्पलाइन पर संपर्क करें। जिले से जुड़े सत्यापन के सवालों के लिए जिला कल्याण कार्यालय से संपर्क करना बेहतर रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. अंतरजातीय विवाह शगुन योजना हरियाणा में कितनी राशि मिलती है?
इस योजना में पात्र दंपति को ₹2,50,000 की सहायता मिलती है। राशि दंपति के संयुक्त बैंक खाते में जमा की जाती है और उस पर तीन साल का लॉक-इन लगता है। सेवा पोर्टल के पैटर्न के अनुसार ₹1,25,000 विवाह के तुरंत बाद DBT से और ₹1,25,000 तीन साल के लॉक-इन पर जमा किए जाते हैं।
2. कौन इस योजना के लिए पात्र है?
दंपति में एक जीवनसाथी अनुसूचित जाति (SC) से और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति से होना चाहिए। SC जीवनसाथी हरियाणा का स्थायी निवासी हो, दोनों भारत के नागरिक हों, दोनों का यह पहला विवाह हो, दुल्हन की उम्र कम से कम 18 वर्ष और दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष हो।
3. विवाह के कितने समय बाद तक आवेदन कर सकते हैं?
विवाह की तारीख से 3 साल के भीतर आवेदन करना होता है। तीन साल बीत जाने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता, इसलिए समय पर आवेदन करें।
4. क्या इस योजना में आय सीमा है?
आधिकारिक SARAL गाइडलाइन में इस योजना के लिए कोई आय सीमा नहीं दी गई है। फिर भी, आवेदन करते समय पोर्टल पर जो लाइव फॉर्म खुलेगा, वही अंतिम माना जाएगा। अगर उसमें आय से जुड़ी कोई जानकारी मांगी जाए, तो उसे सही-सही भरें।
5. आवेदन कहाँ और कैसे करें?
आवेदन अंत्योदय SARAL पोर्टल https://saralharyana.gov.in पर ऑनलाइन किया जाता है। सेवा का नाम है “Mukhya Mantri Samajik Samrasta Anterjatiya Vivah Shagun Yojna”। खुद आवेदन न कर सकें, तो अटल सेवा केंद्र (CSC) से करवा सकते हैं।
6. ₹2.5 लाख कब और कैसे मिलेंगे? क्या पूरी राशि तुरंत निकाल सकते हैं?
नहीं, पूरी राशि तुरंत नहीं निकाली जा सकती। राशि संयुक्त खाते में तीन साल के लॉक-इन के साथ जमा की जाती है और FD के रूप में रखी जाती है, जिस पर समय से पहले निकासी की सुविधा नहीं होती। तीन साल पूरे होने के बाद ही FD की राशि निकाली जा सकती है। विभाजन की अंतिम स्थिति आपके स्वीकृति पत्र और बैंक की FD रसीद पर देखें।
7. आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?
SARAL पोर्टल https://saralharyana.gov.in पर “Track Application / Appeal” पर जाकर विभाग, सेवा का नाम और अपनी Application Reference ID / SARAL ID डालकर स्टेटस चेक करें। RTS समय-सीमा 20 दिन है।
8. क्या दूसरा विवाह करने पर भी लाभ मिलेगा?
नहीं। यह लाभ केवल पहले विवाह के लिए मिलता है। दूल्हा और दुल्हन दोनों का यह पहला विवाह होना जरूरी है, और इसके लिए प्रथम विवाह का शपथ पत्र भी देना होता है।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड की जानकारी निम्नलिखित आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित की गई है: हरियाणा सरकार का सेवा पोर्टल — Mukhya Mantri Samajik Samrasta Antarjatiya Vivah Shagun Yojana (50:50), अंत्योदय SARAL पोर्टल — https://saralharyana.gov.in, और SARAL गाइडलाइन (पात्रता, दस्तावेज, फीस, RTS समय-सीमा और हेल्पलाइन सहित) — SARAL Guideline PDF। योजना की राशि और समय-सीमा से जुड़ी खबरों की पुष्टि 2018 की सरकारी घोषणाओं से भी हुई है।
अस्वीकरण: योजना के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले SARAL पोर्टल पर लाइव फॉर्म और गाइडलाइन जरूर जांच लें — पोर्टल पर दिख रही जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी। इस गाइड में दी गई जानकारी 6 नवंबर 2026 को सत्यापित स्रोतों पर आधारित है।

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