सबसे पहले यह समझ लें — ₹6,000 हाथ में कैश नहीं मिलता
हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना (MMPSY) के तहत पात्र परिवार को साल में ₹6,000 (महीने के ₹500) का सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलता है। लेकिन यह रकम आपके हाथ में नकद आकर खर्च होने के लिए नहीं है।
यह ₹6,000 आपके परिवार के बीमा और पेंशन के प्रीमियम पर खर्च होता है — जीवन बीमा (PMJJBY), दुर्घटना बीमा (PMSBY), फसल बीमा (PMFBY) और बुढ़ापे की पेंशन वाली माँधन योजनाओं का अंशदान इसी में से भरा जाता है। सारे प्रीमियम और अंशदान कटने के बाद जो रकम बचती है, वही परिवार नकद निकाल सकता है या फैमिली प्रॉविडेंट फंड (FPF) में जमा कर सकता है।
इसलिए अगर कोई यह कहे कि इस योजना में हर साल ₹6,000 सीधे हाथ में मिलते हैं, तो वह गलत है। इस गाइड में हम पूरा हिसाब, पात्रता, दस्तावेज़ और आवेदन की प्रक्रिया विस्तार से बता रहे हैं, ताकि आप सही उम्मीद के साथ आवेदन करें।
एक नज़र में — मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना (MMPSY) |
| राज्य | हरियाणा |
| लाभ | प्रति परिवार ₹6,000 प्रति वर्ष (₹500 प्रति माह) |
| लाभ का रूप | बीमा-पेंशन प्रीमियम का भुगतान + बची राशि की निकासी / FPF में निवेश |
| आय सीमा | सभी स्रोतों से सालाना आय ₹1,80,000 तक (₹15,000 प्रति माह तक) |
| ज़मीन सीमा | कुल ज़मीन 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक |
| छोटा व्यापारी | सालाना टर्नओवर ₹1.5 करोड़ तक वाले छोटे व्यापारी भी पात्र |
| ज़रूरी पहचान | परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) अनिवार्य |
| आधिकारिक पोर्टल | cm-psy.haryana.gov.in |
| नोडल विभाग | वित्त विभाग, हरियाणा सरकार |
| शुरुआत | अगस्त 2019 (घोषणा 9 अगस्त 2019; औपचारिक शुभारंभ 30 अगस्त 2019, पंचकूला) |
यह योजना क्या है
मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना हरियाणा सरकार की एक अनोखी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे गरीब और आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, फसल बीमा और बुढ़ापे की पेंशन का सुरक्षा कवच देने के लिए शुरू किया गया था। योजना की घोषणा 9 अगस्त 2019 को हुई, 21 अगस्त 2019 से इसे लागू करने की घोषणा की गई और 30 अगस्त 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला में इसका औपचारिक शुभारंभ किया।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक ही परिवार को एक साथ कई केंद्रीय योजनाओं से जोड़ देती है। अलग-अलग बीमा और पेंशन योजनाओं में अलग-अलग आवेदन करने के बजाय, परिवार एक ही फॉर्म से अपने सदस्यों को उन सभी योजनाओं में शामिल कर लेता है, और उनका प्रीमियम इसी ₹6,000 की राशि में से भरा जाता है।
योजना के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी वित्त विभाग, हरियाणा सरकार की है। पात्रता की जाँच नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों से करता है, और भुगतान की प्रक्रिया स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान (SJHIFM) के माध्यम से चलती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2019-20 और 2020-21 के दौरान इस योजना के तहत 8,77,538 परिवारों को ₹270.84 करोड़ की स्वीकृतियाँ जारी की गई थीं।
₹6,000 का पूरा हिसाब — पैसा कहाँ जाता है
यही इस गाइड का सबसे ज़रूरी हिस्सा है। हर पात्र परिवार को मिलने वाले ₹6,000 का उपयोग इन मदों में होता है:
| मद | क्या मिलता है | प्रीमियम / अंशदान |
|---|---|---|
| प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) | जीवन बीमा — सदस्य की मृत्यु पर परिवार को ₹2 लाख | योजना दस्तावेज़ों में ₹330 सालाना दर्ज (वर्तमान दर नीचे देखें) |
| प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) | दुर्घटना बीमा — हादसे में मृत्यु या विकलांगता पर ₹2 लाख तक (आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख) | योजना दस्तावेज़ों में ₹12 सालाना दर्ज (वर्तमान दर नीचे देखें) |
| पेंशन — माँधन योजनाएँ (PM-KMY / PM-SYM / PM-LVMY) | 60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 महीना पेंशन | उम्र के हिसाब से ₹55 से ₹200 महीना अंशदान |
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) | किसान परिवारों के लिए फसल बीमा | लागू होने पर किसान का प्रीमियम भरा जाता है |
| बची हुई राशि | सारे प्रीमियम और अंशदान कटने के बाद जो रकम बचे | परिवार नकद निकाल सकता है या फैमिली प्रॉविडेंट फंड (FPF) में लगा सकता है |
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी परिवार में पति-पत्नी दोनों पात्र सदस्य हैं। दोनों का PMJJBY और PMSBY प्रीमियम तथा एक सदस्य का माँधन अंशदान इस ₹6,000 में से भरा जाता है। मान लीजिए कुल कटौती ₹2,000 से ₹3,000 के बीच बैठती है, तो बाकी बची हुई रकम परिवार की होती है — वह उसे नकद निकाल सकता है या FPF में निवेश का विकल्प चुन सकता है। असली कटौती परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी उम्र और चुनी गई योजनाओं पर निर्भर करती है, इसलिए हर परिवार का हिसाब अलग होगा।
ज़रूरी चेतावनी — प्रीमियम की दरें बदल चुकी हैं
योजना के पुराने दस्तावेज़ों में PMJJBY का प्रीमियम ₹330 सालाना और PMSBY का प्रीमियम ₹12 सालाना दर्ज है। लेकिन केंद्र सरकार ने 1 जून 2022 से इन दोनों योजनाओं के प्रीमियम बढ़ा दिए हैं — अब PMJJBY का प्रीमियम ₹436 सालाना और PMSBY का प्रीमियम ₹20 सालाना है। इसलिए बैंक खाते से आज की असली कटौती पुराने दस्तावेज़ों में लिखी रकम से अलग हो सकती है। आवेदन से पहले बैंक या पोर्टल पर मौजूदा प्रीमियम दर ज़रूर जाँच लें। कवर की राशि वही है — दोनों योजनाओं में ₹2 लाख।
यह भी जान लें कि योजना की कार्यप्रणाली (SOP) के अनुसार, अगर किसी परिवार के सभी प्रीमियम और अंशदान का कुल योग ₹6,000 की सीमा से ज़्यादा हो जाए, तो अतिरिक्त राशि का बोझ राज्य सरकार उठाती है — परिवार से अतिरिक्त पैसा नहीं माँगा जाता। पहली किस्त का अंशदान लाभार्थी को पहले खुद देना पड़ सकता है, जिसकी प्रतिपूर्ति बाद में राज्य सरकार करती है — यह व्यवस्था SOP में दर्ज है।
योजना के तहत कौन-कौन सी योजनाएँ मिलती हैं
MMPSY के तहत परिवार को कुल छह केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलता है:
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) — जीवन बीमा, 18 से 50 साल की उम्र के सदस्य पात्र।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) — दुर्घटना बीमा, 18 से 70 साल की उम्र के सदस्य पात्र।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — किसान परिवारों के लिए फसल बीमा प्रीमियम।
- प्रधानमंत्री किसान माँधन योजना (PM-KMY) — छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन।
- प्रधानमंत्री श्रम योगी माँधन योजना (PM-SYM) — असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन।
- प्रधानमंत्री लघु व्यापारी माँधन योजना (PM-LVMY) — छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन।
बीमा (PMJJBY और PMSBY) में नामांकन सभी पात्र सदस्यों के लिए अनिवार्य रखा गया है। पेंशन के लिए परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य को ऊपर दी गई तीन माँधन योजनाओं में से किसी एक का चुनाव करना होता है — किसान हैं तो PM-KMY, असंगठित कामगार हैं तो PM-SYM और छोटे व्यापारी हैं तो PM-LVMY। माँधन योजनाओं में अंशदान सदस्य की उम्र के हिसाब से ₹55 से ₹200 महीना होता है, और 60 साल की उम्र पूरी होने पर ₹3,000 महीना पेंशन मिलती है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है
| शर्त | क्या चाहिए |
|---|---|
| निवास | परिवार हरियाणा का स्थायी निवासी हो |
| सालाना आय | सभी स्रोतों से मिलाकर ₹1,80,000 तक (महीने के ₹15,000 तक) |
| ज़मीन | परिवार के पास कुल 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक ज़मीन हो |
| छोटा व्यापारी | सालाना ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाले छोटे व्यापारी भी पात्र |
| Family ID | परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर होना ज़रूरी है — पात्रता PPP डेटा से जाँच होती है |
| उम्र (बीमा/पेंशन के लिए) | जीवन बीमा के लिए 18 से 50 साल, दुर्घटना बीमा के लिए 18 से 70 साल की उम्र के सदस्य कवर होते हैं |
ध्यान दें — आय, ज़मीन और टर्नओवर की शर्तें विकल्प के रूप में दर्ज हैं: सालाना आय ₹1,80,000 तक हो या कुल ज़मीन 2 हेक्टेयर तक हो या छोटा व्यापारी ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाला हो। यानी इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर परिवार पात्र माना जाता है। अंतिम पात्रता PPP डेटा और विभागीय जाँच से तय होती है।
कौन पात्र नहीं होगा
विभिन्न स्रोतों के अनुसार इन परिवारों को लाभ नहीं मिलता — संगठित क्षेत्र में काम करने वाले या जिनका कोई सदस्य राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) या कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का सदस्य हो; जो परिवार आयकर देता हो; जिनकी सालाना आय ₹1,80,000 से ज़्यादा हो या ज़मीन 5 एकड़ से ज़्यादा हो; और जिनके पास परिवार पहचान पत्र (Family ID) न हो। यह सूची योजना के दस्तावेज़ों और रिपोर्टों पर आधारित है — आवेदन से पहले पोर्टल या नज़दीकी CSC पर अपनी स्थिति ज़रूर जाँच लें, क्योंकि पोर्टल पर दिख रहा लाइव फॉर्म और PPP डेटा ही अंतिम माना जाता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
आवेदन के समय ये दस्तावेज़ और जानकारियाँ तैयार रखें। ध्यान रहे, पोर्टल पर दिख रहा लाइव फॉर्म ही अंतिम है — अगर फॉर्म में कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगा जाए, तो वही मान्य होगा।
- परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर / Family ID — सबसे ज़रूरी; बिना इसके आवेदन नहीं होगा
- परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड (अनिवार्य)
- सभी पात्र सदस्यों की बैंक खाता पासबुक — खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए, क्योंकि भुगतान DBT से होता है
- माँधन योजना की आईडी (अगर पहले से बनी हो तो)
- PMJJBY और PMSBY में नामांकन का सबूत — पासबुक में प्रीमियम कटौती की प्रविष्टि से इसकी पुष्टि होती है
- मोबाइल नंबर — जो Family ID पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम दर्ज है (OTP इसी पर आएगा)
- आय, ज़मीन और व्यवसाय की जानकारी — यह जानकारी PPP डेटा से ली जाती है, इसलिए PPP में दर्ज जानकारी सही और अपडेट होनी चाहिए
अगर आपके पास अभी Family ID नहीं है, तो पहले PPP के लिए आवेदन करें — बिना Family ID के इस योजना में सत्यापन ही नहीं हो सकता। PPP के लिए meraparivar.haryana.gov.in पोर्टल देखें या नज़दीकी CSC / सरल केंद्र पर जाएँ।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
- पोर्टल खोलें — आधिकारिक MMPSY पोर्टल https://cm-psy.haryana.gov.in पर जाएँ।
- Family ID डालें — होमपेज पर दिए गए आवेदन/लॉगिन विकल्प में अपना Family ID (PPP नंबर) दर्ज करें।
- OTP से सत्यापन करें — Family ID पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम दर्ज मोबाइल नंबर पर एक डायनैमिक OTP आएगा; उसे डालकर लॉगिन करें।
- फॉर्म भरें — परिवार और सदस्यों की बुनियादी जानकारी भरें — ज़मीन, आय, व्यवसाय और प्रत्येक सदस्य के लिए चुनी गई सामाजिक सुरक्षा योजना (बीमा/पेंशन) का विकल्प चुनें।
- बैंक और माँधन जानकारी जोड़ें — प्रत्येक सदस्य का बैंक खाता विवरण और (लागू हो तो) माँधन आईडी दर्ज करें।
- फॉर्म जाँचकर सबमिट करें — सारी जानकारी ध्यान से पढ़कर सबमिट करें; ज़रूरत हो तो फॉर्म का प्रिंट निकालकर अपने पास रखें।
- बैंक फॉर्म (अगर माँगा जाए) — पोर्टल पर Bank Form विकल्प से PMJJBY के लिए सहमति-सह-घोषणा फॉर्म डाउनलोड करके बैंक में जमा करना पड़ सकता है; पोर्टल पर दिख रहे निर्देशों का पालन करें।
इसके बाद आपकी आय और अन्य जानकारियों की जाँच CRID द्वारा PPP डेटा से की जाती है, और सत्यापन के बाद SJHIFM के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया शुरू होती है।
ऑफलाइन आवेदन — CSC / सरल केंद्र से
अगर आप खुद ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकते, तो ऑफलाइन तरीका भी है:
- नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), सरल केंद्र, अंत्योदय केंद्र या अटल सेवा केंद्र पर जाएँ।
- वहाँ ऑपरेटर आपके Family ID और OTP से पोर्टल पर लॉगिन करके फॉर्म भरता है — ऊपर बताए गए दस्तावेज़ साथ लेकर जाएँ।
- CSC पर माँधन खाता (अगर पहले से न बना हो) बनाने और PMJJBY/PMSBY में नामांकन की जाँच में भी मदद मिलती है — ऑपरेटर पासबुक में ₹436 (PMJJBY) और ₹20 (PMSBY) की प्रीमियम कटौती देखकर नामांकन की पुष्टि करता है।
- फॉर्म जमा करने के बाद उसकी रसीद या पावती ज़रूर लें और अपने पास सुरक्षित रखें।
किसी भी एजेंट या बिचौलिए को पैसे देकर आवेदन कराने की ज़रूरत नहीं है — आवेदन की प्रक्रिया सरकारी पोर्टल और अधिकृत केंद्रों से निःशुल्क उपलब्ध है।
शुल्क और समय-सीमा
योजना के दस्तावेज़ों में आवेदन के लिए कोई शुल्क दर्ज नहीं है — पोर्टल पर खुद आवेदन करना निःशुल्क है। CSC या सरल केंद्र पर सेवा शुल्क लग सकता है, जो केंद्र की निर्धारित दर के अनुसार होता है; आवेदन से पहले केंद्र पर शुल्क पूछ लें।
समय-सीमा के बारे में सावधानी से: आवेदन के बाद सत्यापन और भुगतान में कितना समय लगेगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा हमें आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं हो सकी है। यह समय PPP डेटा की स्थिति, दस्तावेज़ों की पूर्णता और विभागीय जाँच पर निर्भर करता है। आवेदन के बाद पोर्टल पर स्थिति देखते रहें और देरी हो तो नज़दीकी CSC या जिला कोषागार कार्यालय से संपर्क करें। कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट अगर भुगतान की पक्की तारीख बताए, तो उस पर भरोसा न करें।
स्टेटस कैसे चेक करें और पैसा कैसे मिलता है
- स्टेटस चेक: MMPSY पोर्टल (cm-psy.haryana.gov.in) पर अपने Family ID और OTP से लॉगिन करके आवेदन और भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा बैंक पासबुक में प्रीमियम की कटौती और खाते में आई राशि से भी स्थिति का पता चलता है।
- भुगतान का तरीका: सारी राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से परिवार के मुखिया के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है — कोई नकद भुगतान नहीं होता और कोई बिचौलिया नहीं होता।
- बची राशि: प्रीमियम और अंशदान कटने के बाद बची राशि परिवार नकद निकाल सकता है या Family Provident Fund (FPF) में निवेश का विकल्प चुन सकता है। FPF खाते का विवरण ब्याज सहित ऑनलाइन देखा जा सकता है।
फैमिली प्रॉविडेंट फंड (FPF) क्या है
FPF इस योजना का बचत वाला हिस्सा है। ₹6,000 में से प्रीमियम और अंशदान के बाद जो रकम बचती है, उसे परिवार चाहे तो नकद निकाल सकता है और चाहे तो FPF में डाल सकता है, जहाँ उस पर ब्याज मिलता है। FPF खाते का स्टेटमेंट ब्याज के विवरण सहित ऑनलाइन उपलब्ध रहता है।
सावधानी: FPF से निकासी के समय और नियमों (जैसे साल में एक बार निकासी या 5 साल बाद निकासी) के बारे में हमें तैयारी के समय कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिल सकी है। इसलिए निकासी का फैसला करने से पहले पोर्टल पर दिख रहे नियम या CSC पर मिली जानकारी को ही अंतिम मानें। FPF पर ब्याज दर भी इस गाइड में नहीं दी गई है, क्योंकि वह सत्यापित नहीं हो सकी है।
आम गलतियाँ — इनसे बचें
- ₹6,000 को हाथ में मिलने वाला कैश समझना — यह सबसे बड़ी गलतफहमी है; रकम पहले प्रीमियम पर खर्च होती है।
- PPP में गलत आय या ज़मीन दर्ज होना — पात्रता PPP डेटा से जाँच होती है; PPP अपडेट न होने पर आवेदन अटक सकता है। पहले PPP सही करवाएँ।
- आधार से न जुड़ा बैंक खाता देना — DBT भुगतान के लिए आधार-लिंक्ड खाता ज़रूरी है।
- पुरानी प्रीमियम दरों (₹330/₹12) के हिसाब से बजट बनाना — आज की दरें ₹436 और ₹20 हैं।
- ₹3,000–₹15,000 पेंशन या ₹36,000 एकमुश्त वाली बातों को इस योजना से जोड़ना — वे आंकड़े एक अलग योजना (मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि) से जुड़े बताए जाते हैं, MMPSY से नहीं। MMPSY में 60 साल के बाद पेंशन ₹3,000 महीना है।
- किसी अनजान लिंक या एजेंट से आवेदन कराना — सिर्फ आधिकारिक पोर्टल cm-psy.haryana.gov.in या अधिकृत CSC/सरल केंद्र का ही उपयोग करें।
हरियाणा की अन्य योजनाएँ — और पढ़ें
- मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना — गरीब परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की योजना।
- हरियाणा दिव्यांग पेंशन ₹3,200 — पात्रता और आवेदन — दिव्यांगजनों के लिए मासिक पेंशन सहायता।
- PM किसान 21वीं किस्त — तारीख और स्टेटस — किसान परिवारों के लिए केंद्र की सम्मान निधि की जानकारी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना में ₹6,000 हाथ में कैश मिलते हैं क्या?
नहीं। ₹6,000 सालाना आपके परिवार के बीमा और पेंशन के प्रीमियम पर खर्च होते हैं — PMJJBY, PMSBY, फसल बीमा और माँधन पेंशन योजनाओं का अंशदान इसी में से भरा जाता है। सारे प्रीमियम कटने के बाद जो रकम बचती है, वही परिवार नकद निकाल सकता है या FPF में जमा कर सकता है।
2. इस योजना के लिए आय सीमा क्या है?
परिवार की सभी स्रोतों से सालाना आय ₹1,80,000 तक (महीने के ₹15,000 तक) होनी चाहिए। इसके अलावा कुल ज़मीन 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक हो, या छोटा व्यापारी सालाना ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाला हो — इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर परिवार पात्र माना जाता है। पात्रता PPP डेटा से जाँच होती है।
3. Family ID (PPP) के बिना आवेदन हो सकता है क्या?
नहीं। परिवार पहचान पत्र (PPP) नंबर इस योजना के लिए अनिवार्य है — पात्रता की जाँच PPP डेटा से ही होती है। अगर Family ID नहीं है, तो पहले meraparivar.haryana.gov.in पर या नज़दीकी CSC से PPP बनवाएँ।
4. ऑनलाइन आवेदन कहाँ और कैसे करें?
आधिकारिक पोर्टल https://cm-psy.haryana.gov.in पर जाएँ, अपना Family ID डालें, परिवार के मुखिया के मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें, फॉर्म में परिवार और सदस्यों की जानकारी भरें, हर सदस्य के लिए बीमा/पेंशन का विकल्प चुनें और सबमिट करें। खुद न कर पाएँ तो CSC, सरल केंद्र या अंत्योदय केंद्र से आवेदन करवाएँ।
5. PMJJBY और PMSBY का प्रीमियम कितना कटेगा — ₹330/₹12 या ₹436/₹20?
योजना के पुराने दस्तावेज़ों में ₹330 और ₹12 दर्ज हैं, लेकिन 1 जून 2022 से PMJJBY का प्रीमियम ₹436 सालाना और PMSBY का प्रीमियम ₹20 सालाना हो गया है। बैंक खाते से आज की कटौती इन्हीं नई दरों के हिसाब से होगी। दोनों में ₹2 लाख का कवर मिलता है।
6. 60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलेगी?
माँधन योजना (PM-KMY, PM-SYM या PM-LVMY — जो भी चुनी हो) के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने पर ₹3,000 महीना पेंशन मिलती है। अंशदान उम्र के हिसाब से ₹55 से ₹200 महीना होता है और यह अंशदान भी इसी ₹6,000 की राशि में से भरा जाता है।
7. बची हुई रकम का क्या होता है — क्या वह भी मिलती है?
हाँ। सारे प्रीमियम और अंशदान कटने के बाद बची राशि परिवार की होती है — परिवार उसे नकद निकाल सकता है या Family Provident Fund (FPF) में निवेश कर सकता है, जहाँ उस पर ब्याज मिलता है। निकासी के समय और नियमों के लिए पोर्टल पर दिख रहे लाइव नियम ही अंतिम माने जाएँगे।
आधिकारिक स्रोत
- MMPSY आधिकारिक पोर्टल: https://cm-psy.haryana.gov.in
- परिवार पहचान पत्र (PPP) पोर्टल: https://meraparivar.haryana.gov.in
- जन सुरक्षा योजनाएँ (PMJJBY / PMSBY) — आधिकारिक पोर्टल: https://jansuraksha.gov.in
- योजना के नोडल विभाग: वित्त विभाग, हरियाणा सरकार; सत्यापन: नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID)
नोट: इस गाइड की जानकारी तैयारी के समय (नवंबर 2026) उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज़ों, सरकारी SOP रिपोर्टों और विश्वसनीय स्रोतों से जाँचकर लिखी गई है। पोर्टल पर दिख रहा लाइव फॉर्म, मौजूदा प्रीमियम दरें और PPP डेटा ही अंतिम माने जाएँगे। आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी ज़रूर जाँच लें।

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