Haryana Destitute Child Pension Yojana 2026: ₹2,300 महीना, पात्रता, ऑनलाइन आवेदन
हरियाणा में ऐसे हज़ारों बच्चे हैं जिनके सिर से माँ-बाप का साया उठ गया है, या माँ-बाप किसी वजह से उनकी देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे बच्चों के लिए हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक पुरानी और भरोसेमंद योजना चल रही है — Financial Assistance to Destitute Children (FADC), जिसे आम बोलचाल में Haryana Destitute Child Pension Yojana या निराश्रित बच्चा पेंशन योजना कहा जाता है। इस योजना के तहत हर पात्र बच्चे को हर महीने ₹2,300 की आर्थिक सहायता मिलती है, और यह राशि 1 नवंबर 2025 से लागू है।
यह कोई नई घोषणा नहीं है — यह योजना मार्च 2009 से लगातार चल रही है। शुरुआत में राशि सिर्फ ₹200 महीना थी, जो बढ़ते-बढ़ते आज ₹2,300 हो चुकी है। आधिकारिक SEWA पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 1,51,775 से ज़्यादा थी — यानी यह कोई कागज़ पर सिमटी छोटी योजना नहीं है, हरियाणा के हर ज़िले में इसके लाभार्थी मौजूद हैं।
इस लेख में आपको योजना की पूरी जानकारी मिलेगी — कितने पैसे मिलेंगे, कौन पात्र है, कौन पात्र नहीं है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, saralharyana.gov.in (Antyodaya-SARAL पोर्टल) से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, ऑफलाइन विकल्प क्या है, फीस और समय-सीमा क्या है, स्टेटस कैसे चेक करें, और पैसा कब व कैसे मिलेगा।
योजना एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Financial Assistance to Destitute Children (FADC) — Haryana Destitute Child Pension Yojana |
| राज्य | हरियाणा (राज्य योजना) |
| संचालन विभाग | सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग, हरियाणा |
| शुरू हुई | मार्च 2009 (₹200 महीना प्रति बच्चा, 1 मार्च 2009 से) |
| वर्तमान राशि | ₹2,300 प्रति बच्चा, प्रति माह (1 नवंबर 2025 से) |
| उम्र की सीमा | 21 साल से कम — बच्चा 21 साल का होते ही भुगतान बंद |
| आय सीमा | माता-पिता या अभिभावक की सालाना आय ₹2,00,000 से अधिक नहीं |
| एक परिवार में सीमा | ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चे |
| भुगतान का तरीका | DBT — सीधे बैंक खाते में |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (Antyodaya-SARAL पोर्टल) या ऑफलाइन (जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय) |
| आधिकारिक योजना पेज | sewa.haryana.gov.in |
| आधिकारिक पेंशन पोर्टल | pension.socialjusticehry.gov.in |
कितना पैसा मिलेगा — ₹2,300 महीना प्रति बच्चा
1 नवंबर 2025 से इस योजना की दर ₹2,300 प्रति बच्चा, प्रति माह है। यह हर महीने मिलने वाली सहायता है — एक बार का अनुदान नहीं — जो बच्चे के 21 साल का होने तक जारी रहती है।
| पात्र बच्चे | हर महीना | पूरे साल में |
|---|---|---|
| 1 बच्चा | ₹2,300 | ₹27,600 |
| 2 बच्चे (अधिकतम) | ₹4,600 | ₹55,200 |
ध्यान दें: एक परिवार से ज़्यादा से ज़्यादा दो बच्चों को ही लाभ मिलता है। तीसरे बच्चे के लिए इस योजना में कोई प्रावधान नहीं है — तीसरे बच्चे का आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
सावधान रहें — ₹2,100 पुरानी दर है: इंटरनेट पर कई वेबसाइटों और खबरों में अब भी ₹2,100 महीना लिखा मिलता है। वह दर 1 जनवरी 2024 से लागू थी और 1 नवंबर 2025 से बढ़कर ₹2,300 हो चुकी है। आधिकारिक SEWA पेज पर यही ₹2,300 की दर दर्ज है। किसी भी व्यक्ति या एजेंट के ज़्यादा राशि के वादे पर भरोसा न करें — जब तक नया सरकारी आदेश नहीं आता, ₹2,300 ही वर्तमान राशि है।
राशि का सफर: ₹200 से ₹2,300 तक
इस योजना की सबसे भरोसेमंद बात यह है कि इसकी राशि समय-समय पर बढ़ती रही है। SEWA पोर्टल पर दर्ज दरों का इतिहास इस प्रकार है:
| कब से लागू | मासिक राशि (प्रति बच्चा) |
|---|---|
| 1 मार्च 2009 | ₹200 |
| जनवरी 2014 | ₹500 |
| 1 नवंबर 2016 | ₹700 |
| 1 नवंबर 2017 | ₹900 |
| 1 नवंबर 2018 | ₹1,100 |
| 1 जनवरी 2020 | ₹1,350 |
| 1 अप्रैल 2021 | ₹1,600 |
| 1 अप्रैल 2023 | ₹1,850 |
| 1 जनवरी 2024 | ₹2,100 |
| 1 नवंबर 2025 (वर्तमान) | ₹2,300 |
इस इतिहास से साफ है कि सरकार ने योजना बंद नहीं की, बल्कि हर कुछ साल में राशि बढ़ाई है। नवंबर 2025 की बढ़ोतरी में हरियाणा की सामाजिक सुरक्षा पेंशनों में ₹200 की बढ़ोतरी हुई थी, जिसका लाभ इस योजना को भी मिला।
कौन पात्र है — 4 वजहें, एक भी छूटे तो लाभ नहीं
SEWA पोर्टल के अनुसार, बच्चे को नीचे दी गई चार वजहों में से किसी एक वजह से माता-पिता की देखभाल से वंचित होना चाहिए। सिर्फ गरीब होना काफी नहीं है — बच्चे का निराश्रित (destitute) होना ज़रूरी है।
| क्रम | पात्रता की वजह | क्या मतलब है |
|---|---|---|
| 1 | माता-पिता की मृत्यु | बच्चे के माता-पिता का देहांत हो गया हो और उसकी देखभाल करने वाला कोई न हो |
| 2 | पिता की लंबे समय से अनुपस्थिति | पिता पिछले 2 साल से लगातार घर से गायब हो और बच्चे की देखभाल न कर रहा हो |
| 3 | माता या पिता को 1 साल या ज़्यादा की सज़ा | माता या पिता को कम से कम 1 साल की कैद की सज़ा हुई हो |
| 4 | माता-पिता की शारीरिक या मानसिक अक्षमता | माता या पिता शारीरिक या मानसिक रूप से बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हो |
इन चार वजहों के अलावा तीन शर्तें हर मामले में लागू होती हैं:
- उम्र 21 साल से कम — बच्चा 21 साल से छोटा होना चाहिए; 21 साल का होते ही भुगतान बंद हो जाता है।
- सालाना आय ₹2,00,000 तक — माता-पिता या अभिभावक की सभी स्रोतों से सालाना आय ₹2,00,000 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
- एक परिवार से ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चे — तीसरे बच्चे के लिए लाभ नहीं मिलेगा।
हरियाणा का निवासी होना ज़रूरी है: Antyodaya-SARAL सेवा शीट के अनुसार बच्चा हरियाणा का अधिवासी (domicile) होना चाहिए और हरियाणा राज्य में रह रहा होना चाहिए। निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, वोटर कार्ड या फोटो वाली वोटर लिस्ट जैसे दस्तावेज़ माँगे जाते हैं।
न्यूनतम निवास अवधि पर सावधानी: आधिकारिक SEWA पेज पर यह दर्ज नहीं है कि हरियाणा में कितने साल से रहना ज़रूरी है। कुछ अन्य स्रोतों में 5 साल के निवास का उल्लेख मिलता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है — इसलिए आवेदन करने से पहले अपने ज़िले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) से इस शर्त की पुष्टि ज़रूर कर लें।
कौन पात्र नहीं है — ये अपवर्जन जान लें
Antyodaya-SARAL सेवा शीट में साफ लिखा है कि नीचे वाले मामलों में बच्चा इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा, भले ही ऊपर की शर्तें पूरी होती हों:
- बच्चे का अभिभावक या कोई माता-पिता किसी सरकारी नौकरी में हो, या किसी स्थानीय/वैधानिक निकाय अथवा सरकार से पर्याप्त वित्तपोषित संगठन में कार्यरत हो।
- अभिभावक या माता-पिता पेंशन या फैमिली पेंशन ले रहे हों।
- अभिभावक या माता-पिता को भविष्य निधि (Provident Fund), वार्षिकी (annuity) या बीमा/वित्तीय संस्था से मिलने वाली आय सहित संचित आय से कोई आय मिल रही हो।
इसके अलावा, अगर बच्चे के माता-पिता दोनों जीवित हैं और उसकी देखभाल कर रहे हैं — चाहे आय कम ही क्यों न हो — तो भी बच्चा इस योजना के दायरे में नहीं आएगा।
दस्तावेज़ — ये कागज़ पहले से तैयार रखें
Antyodaya-SARAL सेवा शीट में माँगे गए दस्तावेज़ों की सूची इस प्रकार है। ध्यान दें कि आवेदन करते समय पोर्टल पर दिखने वाला लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा — नीचे दी गई सूची तैयारी के लिए है, फॉर्म भरने से पहले DSWO या SARAL पोर्टल से एक बार ज़रूर मिलान कर लें।
| दस्तावेज़ | क्या चाहिए |
|---|---|
| उम्र का प्रमाण | (1) अंतिम शिक्षण/तकनीकी संस्था के प्रमुख का प्रमाण पत्र, या (2) केंद्र/राज्य सरकार के राजपत्रित अधिकारी का प्रमाण पत्र, या (3) प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से सत्यापित शपथ पत्र |
| निवास का प्रमाण | राशन कार्ड (खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा), वोटर कार्ड, या फोटो वाली वोटर लिस्ट — इनमें से कोई एक; अगर इनमें से कोई दस्तावेज़ न हो तो स्व-घोषणा के साथ अन्य दस्तावेज़ी प्रमाण, जिसका सत्यापन जिला समाज कल्याण अधिकारी करेंगे |
| निराश्रित होने का प्रमाण | जो वजह लागू हो, उसका प्रमाण — माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र, या बेसहारा प्रमाण पत्र (Destitute Certificate) |
| आय प्रमाण पत्र | माता-पिता/अभिभावक की सालाना आय ₹2,00,000 से अधिक न होने का प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी से जारी |
| परिवार पहचान पत्र (Family ID) | परिवार पहचान पत्र (PPP) होना चाहिए — SARAL फॉर्म में परिवार की बुनियादी जानकारी इसी से स्वतः भर जाती है |
| बैंक खाते का विवरण | अभिभावक के बचत बैंक खाते का विवरण, पासबुक की फोटोकॉपी सहित — खाता संख्या और IFSC सही होना चाहिए |
| आधार कार्ड | SARAL शीट में आधार वैकल्पिक (optional) दर्ज है, फिर भी पहचान के लिए साथ रखना बेहतर है |
| बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | उम्र और पहचान के सत्यापन के लिए (आयु प्रमाण के साथ संलग्न करें) |
बेसहारा प्रमाण पत्र पर ज़रूरी सावधानी: SARAL शीट में बेसहारा प्रमाण पत्र (Destitute Certificate) दस्तावेज़ों की सूची में शामिल है, लेकिन इसे जारी करने वाला अधिकारी आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए यह प्रमाण पत्र बनवाने से पहले अपने ज़िले के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से पूछ लें कि इसे कौन जारी करता है और किस प्रक्रिया से बनता है — गलत जगह से बनवाया गया प्रमाण पत्र आवेदन अटका सकता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — SARAL पोर्टल से, चरण दर चरण
ऑनलाइन आवेदन Antyodaya-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से किया जाता है। नीचे दिए गए चरण योजना गाइडों के अनुसार हैं — SEWA पेज पर आवेदन की प्रक्रिया छपी नहीं है, इसलिए फॉर्म भरने से पहले SARAL पोर्टल या DSWO पर ताज़ा प्रक्रिया ज़रूर देख लें।
- SARAL पोर्टल खोलें — saralharyana.gov.in पर जाएँ और अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी व पासवर्ड से लॉगिन करें। नए उपयोगकर्ता पहले मोबाइल नंबर और ईमेल से रजिस्टर करें।
- सेवा खोजें — बाएँ मेनू में “Apply for Services” और फिर “View all Available Services” पर क्लिक करें। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत “Financial Assistance to Destitute Children” सेवा खोजें।
- पात्रता जाँचें — “Check Your Eligibility” विकल्प का उपयोग करें और अपना परिवार पहचान पत्र (Family ID) नंबर डालें। इससे परिवार की बुनियादी जानकारी फॉर्म में स्वतः भर जाएगी।
- बच्चे और अभिभावक की जानकारी भरें — बच्चे का नाम, उम्र, निराश्रित होने की वजह, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड ध्यान से डालें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें — उम्र का प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, निराश्रित होने का प्रमाण (मृत्यु प्रमाण पत्र/अभिभावक प्रमाण पत्र/बेसहारा प्रमाण पत्र) और बैंक पासबुक की कॉपी साफ स्कैन करके लगाएँ।
- सबमिट करें और संदर्भ संख्या संभालकर रखें — फॉर्म जमा करने के बाद मिलने वाला एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर नोट कर लें। इसी नंबर से आगे स्टेटस ट्रैक होगा।
ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो तो: नज़दीकी अटल सेवा केंद्र (CSC) या अनंत्योदय सरल केंद्र से मदद लें — वहाँ ऑपरेटर फॉर्म भरने में सहायता करते हैं।
ज़रूरी चेतावनी: अगर SARAL पोर्टल पर यह सेवा उस नाम से न मिले, तो ज़बरदस्ती किसी मिलती-जुलती सेवा में फॉर्म न भरें। सीधे DSWO कार्यालय में जाकर पूछें कि इस समय FADC के लिए कौन सा चैनल चल रहा है। गलत सेवा में भरा गया फॉर्म अस्वीकार होगा और महीने बर्बाद होंगे।
ऑफलाइन आवेदन — DSWO कार्यालय से
जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, उनके लिए ऑफलाइन रास्ता भी खुला है:
- अपने ज़िले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) कार्यालय में जाएँ।
- वहाँ से Financial Assistance to Destitute Children का आवेदन फॉर्म लें — फॉर्म पेंशन पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- फॉर्म भरें, ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ संलग्न करें और अधिकृत अधिकारी से सत्यापन (attestation) करवाएँ।
- भरा हुआ फॉर्म DSWO कार्यालय में जमा करें और प्राप्ति रसीद या संदर्भ संख्या संभालकर रखें।
ऑनलाइन से सहज न होने वालों के लिए यह रास्ता अक्सर बेहतर होता है, क्योंकि अधिकारी सामने ही कागज़ात जाँच लेते हैं और कमी हो तो उसी समय बता देते हैं। कुछ ज़िलों में आवेदन CSC से अपलोड करवाकर संबंधित BDPO/MC कार्यालय में जमा करवाने की व्यवस्था भी बताई गई है — अपने ज़िले की प्रक्रिया DSWO से ही पूछें।
फीस और समय-सीमा — कितना खर्च, कितना इंतज़ार
| मद | शुल्क/समय |
|---|---|
| सरकारी शुल्क | कोई शुल्क नहीं (No Fee) |
| केंद्र सेवा शुल्क (अटल सेवा केंद्र/CSC) | ₹30 |
| समय-सीमा (RTS) | SARAL सेवा शीट के अनुसार 60 दिन |
सरकारी शुल्क शून्य है — सिर्फ सेवा केंद्र से आवेदन करवाने पर ₹30 का सेवा शुल्क लगता है। अगर कोई व्यक्ति फॉर्म भरने के नाम पर बड़ी रकम माँगे, तो वह गलत है — सीधे DSWO कार्यालय या SARAL हेल्पलाइन से संपर्क करें।
समय-सीमा के बारे में एक बात साफ कर दें: SARAL सेवा शीट में इस सेवा की समय-सीमा 60 दिन दर्ज है। वहीं 2022 की एक पुरानी अधिसूचना में इस योजना सहित कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समय-सीमा 120 दिन बताई गई थी। वर्तमान में SARAL शीट की 60 दिन की सीमा ही लागू मानी जाती है — फिर भी आवेदन के समय पोर्टल पर दिखने वाली समय-सीमा ही अंतिम होगी।
स्टेटस कैसे चेक करें और पैसा कैसे मिलेगा
आवेदन का स्टेटस: SARAL पोर्टल पर होमपेज के “Track Application / Appeal” विकल्प से आवेदन का स्टेटस देखा जा सकता है — इसके लिए विभाग, सेवा का नाम और एप्लीकेशन रेफरेंस आईडी डालनी होती है। SARAL गाइडों के अनुसार SMS से भी स्टेटस मिलता है — अपने पंजीकृत मोबाइल से SARAL <Application ID> लिखकर 7738299899 पर भेजें।
पेंशन/भुगतान का विवरण: सामाजिक न्याय विभाग के पेंशन पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in पर लाभार्थी के पेंशन विवरण देखने का विकल्प है, जिसमें Pension ID, आधार नंबर या बैंक खाता संख्या से विवरण देखा जा सकता है। यदि पोर्टल पर FADC का विकल्प सीधे न दिखे, तो अपने रेफरेंस नंबर के साथ DSWO कार्यालय से संपर्क करें।
पैसा कैसे मिलेगा: स्वीकृति के बाद राशि DBT (Direct Benefit Transfer) से अभिभावक के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है — नकद भुगतान नहीं होता। इसलिए बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए, उसमें आधार लिंक और पूरी KYC होनी चाहिए। खाता संख्या या IFSC में एक भी गलत अंक पूरी भुगतान प्रक्रिया रोक देता है — फॉर्म जमा करने से पहले पासबुक से दोनों दोबारा मिलाएँ।
भुगतान कब रुकेगा: बच्चे के 21 साल का होते ही भुगतान बंद हो जाता है — इसमें कोई विस्तार नहीं है। आय सीमा से ऊपर जाने या परिस्थिति बदलने पर भी विभाग भुगतान रोक सकता है, इसलिए जानकारी अपडेट रखें और DSWO के सत्यापन में सहयोग करें। एक-दो महीने भुगतान न आए तो पहले बैंक में, फिर DSWO में रेफरेंस नंबर के साथ पूछें; रुका हुआ मामला सुलझाए बिना दोबारा फॉर्म न भरें।
5 आम गलतियाँ जो आवेदन अटका देती हैं
- तीसरे बच्चे के लिए भी फॉर्म भर देना — नियम सिर्फ 2 बच्चों तक है। तीसरे बच्चे का फॉर्म अस्वीकार होगा, और कभी-कभी पूरी फाइल की जाँच अटक जाती है।
- आय को सिर्फ एक सदस्य की आय समझना — सीमा माता-पिता या अभिभावक की सभी स्रोतों से सालाना आय पर है। आय प्रमाण पत्र में पूरी तस्वीर सही दिखाएँ — गलत जानकारी सत्यापन में पकड़ी जाती है।
- निराश्रित होने का प्रमाण न लगाना — सिर्फ यह लिख देना कि “माता-पिता नहीं हैं” काफी नहीं है। मृत्यु प्रमाण पत्र, कोर्ट का आदेश या चिकित्सा प्रमाण — जो वजह है, उसका कागज़ लगाना ही पड़ेगा।
- Family ID बनाए बिना आवेदन करना — हरियाणा की सामाजिक सुरक्षा भुगतान अब Family ID से जुड़े हैं। पहले Family ID बनवाएँ, फिर फॉर्म भरें, वरना स्वतः सत्यापन अटकेगा।
- गलत बैंक विवरण देना — एक गलत अंक या गलत IFSC पूरी भुगतान प्रक्रिया रोक देता है। जमा करने से पहले पासबुक से खाता संख्या और IFSC दोबारा मिलाएँ।
FADC को दूसरी योजनाओं से न मिलाएँ
बच्चों से जुड़ी हरियाणा की कुछ और योजनाएँ भी चलती हैं, और लोग अक्सर उन्हें FADC से मिला देते हैं। फर्क साफ समझ लें:
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना — COVID-19 में माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए अलग योजना है; यह FADC से अलग है और इसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा है।
- हरिहर नीति — बाल देखभाल संस्थानों (Child Care Institutions) में रहने वाले बच्चों के लिए अलग व्यवस्था है।
सीधा नियम: माता-पिता की मृत्यु, 2 साल की अनुपस्थिति, 1 साल या ज़्यादा की सज़ा, या माता-पिता की अक्षमता के कारण निराश्रित हुए बच्चों के लिए FADC है। बाल सेवा और हरिहर की ताज़ा शर्तें व राशि WCD पोर्टल पर अलग से जाँच लें।
इसी विभाग की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ भी देखें: दिव्यांग बच्चों व वयस्कों के लिए हरियाणा दिव्यांग पेंशन योजना — ₹3,200 महीना, बेटियों के लिए लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, हरियाणा और आपकी बेटी हमारी बेटी योजना, हरियाणा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: इस समय कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: ₹2,300 प्रति बच्चा प्रति माह, 1 नवंबर 2025 से लागू। यह दर आधिकारिक SEWA पोर्टल पर दर्ज है। ₹2,100 पुरानी दर है।
प्रश्न: एक परिवार के कितने बच्चों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चों को। तीसरे बच्चे के लिए इस योजना में कोई प्रावधान नहीं है।
प्रश्न: आय सीमा क्या है?
उत्तर: माता-पिता या अभिभावक की सभी स्रोतों से सालाना आय ₹2,00,000 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।
प्रश्न: बच्चा 21 साल का हो गया तो क्या होगा?
उत्तर: भुगतान बंद हो जाएगा। यह योजना सिर्फ 21 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है — इसमें कोई विस्तार नहीं है।
प्रश्न: क्या सिर्फ गरीब होना काफी है?
उत्तर: नहीं। आय के साथ-साथ बच्चे का निराश्रित होना भी ज़रूरी है — मृत्यु, पिता की 2 साल की अनुपस्थिति, माता या पिता को 1 साल या ज़्यादा की सज़ा, या माता-पिता की शारीरिक/मानसिक अक्षमता में से कोई एक वजह होनी चाहिए।
प्रश्न: Family ID ज़रूरी है?
उत्तर: व्यावहारिक रूप से हाँ — SARAL सेवा शीट के अनुसार आवेदक के पास Family ID होनी चाहिए, और फॉर्म में परिवार की जानकारी इसी से स्वतः भरती है। Family ID न हो तो पहले बनवाएँ।
प्रश्न: आवेदन की फीस कितनी है?
उत्तर: सरकारी शुल्क शून्य है। अटल सेवा केंद्र या CSC से आवेदन करवाने पर ₹30 का सेवा शुल्क लगता है।
प्रश्न: बेसहारा प्रमाण पत्र कहाँ से बनेगा?
उत्तर: यह प्रमाण पत्र दस्तावेज़ों की सूची में है, लेकिन इसे जारी करने वाला अधिकारी आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित नहीं हो सका है। इसे बनवाने से पहले अपने ज़िले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) कार्यालय से प्रक्रिया पूछ लें।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- आधिकारिक योजना पेज (SEWA, हरियाणा सरकार): sewa.haryana.gov.in — Financial Assistance to Destitute Children Schemes — योजना की शर्तें, राशि का इतिहास और पात्रता
- ऑनलाइन आवेदन (Antyodaya-SARAL पोर्टल): saralharyana.gov.in — ऑनलाइन आवेदन व स्टेटस ट्रैकिंग
- पेंशन पोर्टल (सामाजिक न्याय विभाग): pension.socialjusticehry.gov.in — पेंशन/लाभार्थी विवरण व फॉर्म
- SARAL हेल्पलाइन: 0172-3968400 — ईमेल: [email protected]
स्रोत नोट: इस लेख के तथ्य 6 नवंबर 2026 को आधिकारिक SEWA योजना पेज (sewa.haryana.gov.in) और Antyodaya-SARAL सेवा शीट से सत्यापित किए गए हैं — राशि ₹2,300 (1 नवंबर 2025 से), उम्र 21 साल से कम, आय ₹2 लाख सालाना, ज़्यादा से ज़्यादा 2 बच्चे, फीस व समय-सीमा, और हेल्पलाइन। दस्तावेज़ों की सूची व ऑनलाइन आवेदन के चरण SARAL सेवा शीट व योजना गाइडों के अनुसार दिए गए हैं — फॉर्म भरने से पहले SARAL पोर्टल या DSWO पर ताज़ा प्रक्रिया ज़रूर जाँच लें, क्योंकि पोर्टल पर दिखने वाला लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।
अंतिम बात — सही योजना, सही कागज़, सही समय
यह योजना इसलिए खास है क्योंकि यह 2009 से लगातार चल रही है और राशि बढ़ती रही है — लेकिन लाभ सिर्फ सही श्रेणी वालों को, पूरे कागज़ात के साथ आवेदन करने पर मिलेगा। पहले ऊपर दी गई जाँच सूची से पात्रता मिलाएँ, फिर Family ID और दस्तावेज़ तैयार करें, और SARAL पोर्टल या DSWO के ज़रिए आवेदन करें। अगर यह जानकारी काम की लगी, तो इसे उन परिवारों तक पहुँचाएँ जिन्हें इसकी सच में ज़रूरत है।

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