PM KUSUM Solar Pump Haryana 2026: 75% Subsidy पर सोलर पंप, पूरी जानकारी
डीज़ल का बढ़ता खर्च, बिजली की कटौती और सिंचाई का अनिश्चित समय — हरियाणा के किसान की ये तीनों परेशानियाँ एक साथ सुलझाने का नाम है सोलर पंप। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत हरियाणा में किसानों को सोलर पंप पर कुल 75% सब्सिडी मिलती है — यानी पंप की कीमत का सिर्फ 25% हिस्सा किसान को देना होता है। इस गाइड में पात्रता, किसान के हिस्से की पूरी रेट-सूची, ज़रूरी दस्तावेज़, SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया और आवेदन विंडो की ताज़ा स्थिति — सब कुछ एक जगह दिया गया है।
ताज़ा स्थिति (6 नवंबर 2026): वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नए आवेदनों की आखिरी विंडो 25 से 29 दिसंबर 2025 तक खुली थी, जो बंद हो चुकी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नए आवेदनों की कोई नई विंडो 6 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं मिली है। अगस्त 2026 में HAREDA ने पहले से चुने गए आवेदकों के लिए लाभार्थी हिस्सा जमा करने और वेंडर चुनने का विंडो खोला था — वह नए आवेदन का विंडो नहीं था। इसलिए इस गाइड को एवरग्रीन + अगली विंडो की तैयारी के तौर पर पढ़ें: पात्रता और दस्तावेज़ अभी से तैयार रखिए, और नई विंडो खुलते ही आवेदन करिए। नीचे दी गई तारीखों के अलावा कोई नई तारीख इस गाइड में नहीं दी गई है — नई विंडो की घोषणा होते ही यह गाइड अपडेट किया जाएगा।
PM-KUSUM योजना क्या है?
PM-KUSUM (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan) केंद्र सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की योजना है, जो 2019 में शुरू हुई थी। इसका मकसद है — किसानों को डीज़ल पंप से छुटकारा दिलाना, सिंचाई की लागत घटाना और खेत में सौर ऊर्जा से कमाई का रास्ता खोलना। हरियाणा में इस योजना को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग / हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (HAREDA) लागू करती है।
योजना के तीन हिस्से (Components) हैं:
| घटक | किसके लिए | क्या मिलता है |
|---|---|---|
| Component A | खाली/बंजर ज़मीन पर सौर संयंत्र | 2 मेगावाट तक का सोलर प्लांट, बिजली बेचकर कमाई |
| Component B | ऑफ-ग्रिड खेतों में सिंचाई | स्टैंडअलोन सोलर पंप — हरियाणा में यही घटक लागू है |
| Component C | ग्रिड से जुड़े पुराने कृषि पंप | मौजूदा पंप का सौरीकरण (सोलराइज़ेशन) |
हरियाणा के किसान के लिए काम का घटक Component B है — इसी के तहत 3 HP से 10 HP तक के स्टैंडअलोन सोलर पंप मिलते हैं।
हरियाणा देश में नंबर 1
जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार हरियाणा PM-KUSUM के तहत सबसे ज़्यादा ऑफ-ग्रिड सोलर पंप लगाने वाला राज्य है — यहाँ 1.95 लाख से ज़्यादा सोलर पंप लग चुके हैं। देश भर में Component B के तहत 31 दिसंबर 2025 तक 9.75 लाख से ज़्यादा स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाए जा चुके थे। हरियाणा का यह रिकॉर्ड बताता है कि यहाँ योजना सिर्फ काग़ज़ पर नहीं, ज़मीन पर चल रही है।
75% सब्सिडी का मतलब — पैसा कौन, कितना देगा
HAREDA की आधिकारिक जानकारी के अनुसार हरियाणा में सोलर पंप पर कुल 75% सब्सिडी इस तरह बँटती है:
| हिस्सा | कौन देगा | कितना |
|---|---|---|
| केंद्रीय वित्तीय सहायता | केंद्र सरकार (MNRE, PM-KUSUM) | 30% |
| राज्य अनुदान | हरियाणा सरकार | 45% |
| कुल सब्सिडी | केंद्र + राज्य | 75% |
| किसान का हिस्सा (Beneficiary Share) | किसान | 25% |
मतलब साफ़ है — पंप मुफ़्त नहीं मिलता, लेकिन कीमत का तीन-चौथाई हिस्सा सरकार उठाती है। किसान को सिर्फ 25% देना होता है, जिसे लाभार्थी हिस्सा (Beneficiary Share) कहते हैं। यह रकम आवेदन के बाद पोर्टल पर दिए गए वर्चुअल अकाउंट नंबर में NEFT/RTGS से जमा करनी होती है — किसी एजेंट या बिचौलिए को नकद पैसे कभी न दें।
एक बात और: 10 HP के पंप पर केंद्रीय सहायता आमतौर पर 7.5 HP की लागत तक ही सीमित रहती है (राष्ट्रीय नियम), बाक़ी बोझ राज्य सरकार उठाती है — इसलिए किसान का हिस्सा फिर भी 25% के पैटर्न पर ही बनता है। नए विंडो की दरें पोर्टल पर ही अंतिम मानी जाएँगी।
कौन से पंप मिलेंगे — 3 HP, 5 HP, 7.5 HP, 10 HP
हरियाणा में KUSUM के तहत 3 HP से 10 HP क्षमता के सोलर पंप दिए जाते हैं — सरफेस (मोनोब्लॉक) और सबमर्सिबल, दोनों तरह के। मोटे तौर पर:
| पंप क्षमता | किसके लिए सही | ध्यान देने वाली बात |
|---|---|---|
| 3 HP | छोटे खेत, कम पानी वाली फसल | सबसे कम लाभार्थी हिस्सा — छोटे किसानों के लिए सबसे आसान शुरुआत |
| 5 HP | बीच के खेत, सामान्य सिंचाई | 2025-26 की दर-सूची में शामिल था |
| 7.5 HP | बीच-बड़े खेत, आम सिंचाई | सबसे ज़्यादा माँग इसी की रहती है |
| 10 HP | बड़े खेत, गहरी बोरिंग | ज़्यादा कीमत = ज़्यादा 25% हिस्सा; सिर्फ़ ज़रूरत हो तभी चुनें |
सामान्य अनुमान के तौर पर 3 HP पंप लगभग 10 मीटर, 7.5 HP लगभग 30 मीटर और 10 HP लगभग 50 मीटर पानी की गहराई तक उपयुक्त माना जाता है — अपनी बोरिंग की गहराई के हिसाब से ही क्षमता चुनें। जितना बड़ा पंप, उतना बड़ा आपका 25% हिस्सा — इसलिए असल ज़रूरत के हिसाब से फैसला करें, बड़े पंप के मोह में न पड़ें।
किसान को कितना देना होगा — पूरी रेट-सूची (FY 2025-26)
नीचे दी गई रकम वित्त वर्ष 2025-26 की अधिसूचना के अनुसार किसान के हिस्से (25%) की है। ये दरें टेंडर/बेंचमार्क लागत पर आधारित हैं और नए विंडो में बदल सकती हैं — आवेदन के समय पोर्टल पर दिख रही रकम ही अंतिम मानी जाएगी।
| पंप का प्रकार और क्षमता | किसान का हिस्सा (₹) |
|---|---|
| 3 HP DC, सबमर्सिबल, नॉर्मल कंट्रोलर | 46,891 |
| 3 HP DC, सबमर्सिबल, यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 70,640 |
| 3 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 66,371 |
| 5 HP DC, सबमर्सिबल, नॉर्मल कंट्रोलर | 66,762 |
| 5 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), नॉर्मल कंट्रोलर | 64,507 |
| 5 HP DC, सबमर्सिबल, यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 98,661 |
| 5 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 98,450 |
| 7.5 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), नॉर्मल कंट्रोलर | 86,080 |
| 7.5 HP DC, सबमर्सिबल, यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 1,31,595 |
| 7.5 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 1,21,458 |
| 10 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), नॉर्मल कंट्रोलर | 1,09,924 |
| 10 HP DC, सरफेस (मोनोब्लॉक), यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर | 1,65,717 |
यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर वाले पंप महँगे होते हैं, क्योंकि उनमें ज़्यादा सुविधाएँ होती हैं। नॉर्मल कंट्रोलर वाला पंप बजट के लिहाज़ से हल्का पड़ता है। चुनाव करते समय सिर्फ़ कीमत नहीं, अपनी बोरिंग की गहराई, पानी की ज़रूरत और रखरखाव भी देखिए। पैनल, कंट्रोलर, RMS और पाँच साल के रखरखाव (O&M) सहित की कीमत पर ही सब्सिडी तय होती है — इसीलिए अलग-अलग वेंडर की कीमत में ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता।
कौन आवेदन कर सकता है — पात्रता की पूरी सूची
आवेदन से पहले नीचे की शर्तें खुद से जाँच लीजिए। एक भी शर्त पूरी न हो तो आवेदन अटक सकता है:
- हरियाणा के स्थायी निवासी हों।
- कृषि भूमि के मालिक हों — ज़मीन आपके नाम पर हो (फर्द/जमाबंदी में नाम दर्ज हो)।
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल पर पंजीकृत हों — हरियाणा में KUSUM के लिए यह अनिवार्य है। पंजीकरण fasal.haryana.gov.in पर होता है।
- इससे पहले किसी अन्य सरकारी सोलर पंप योजना का लाभ न लिया हो — एक परिवार को एक ही बार सोलर पंप का लाभ मिलता है।
- खेत में सिंचाई की असल ज़रूरत हो।
- माइक्रो-इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) — पुरानी मार्गदर्शिकाओं के अनुसार खेत में ड्रिप, स्प्रिंकलर या भूमिगत पाइपलाइन होनी चाहिए, या पंप लगने से पहले लगवाने का शपथ-पत्र/प्रमाण देना होता है। ताज़ा विंडो की अधिसूचना में यह शर्त किस रूप में होगी, वह आवेदन के समय ही साफ़ होगा — इसलिए पहले से ड्रिप/स्प्रिंकलर की व्यवस्था रखना फायदेमंद है।
- कुछ पुरानी मार्गदर्शिकाओं में यह भी शर्त थी कि आवेदक के नाम पर बिजली का पंप कनेक्शन न हो। यह शर्त 2025-26 की अधिसूचना में किस रूप में लागू थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है — आवेदन से पहले SARAL/HAREDA की ताज़ा अधिसूचना ज़रूर पढ़ लें।
किसान के अलावा किसान समूह, FPO, पंचायत, सहकारी समिति और जल उपभोक्ता संघ भी राष्ट्रीय स्तर पर पात्र श्रेणियों में आते हैं, लेकिन हरियाणा में व्यक्तिगत किसान ही मुख्य लाभार्थी हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़ — एक भी छूटा तो काम अटकेगा
फॉर्म भरने से पहले ये काग़ज़ तैयार रखिए:
| दस्तावेज़ | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान का बुनियादी सबूत; मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए |
| परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID) | हरियाणा की लगभग हर योजना में अनिवार्य; SARAL लॉगिन में भी Family ID से OTP सत्यापन होता है |
| ज़मीन की फर्द / जमाबंदी | सबसे अहम — नाम और रकबा आधार/PPP से मेल खाना चाहिए; सर्वे के समय चयनित कंपनी को भी दिखानी होती है |
| पैन कार्ड | पहचान और वित्तीय रिकॉर्ड के लिए |
| बैंक पासबुक की कॉपी | खाता आधार से लिंक हो; सब्सिडी/DBT इसी खाते से जुड़ती है |
| मोबाइल नंबर | आधार और बैंक खाते से लिंक; आवेदन की हर सूचना SMS से आती है |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | फॉर्म के साथ लगती है |
| मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण | बिना इसके हरियाणा में KUSUM का फॉर्म आगे नहीं बढ़ता |
| माइक्रो-इरिगेशन प्रमाण/शपथ-पत्र | ड्रिप/स्प्रिंकलर/भूमिगत पाइपलाइन का प्रमाण या लगाने का आश्वासन (ताज़ा अधिसूचना अनुसार) |
ध्यान दें: पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा — अगर आवेदन के समय कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगा जाता है, तो वही मान्य होगा। दस्तावेज़ों में नाम की स्पेलिंग और ज़मीन के रिकॉर्ड में कोई अंतर न हो, वरना आवेदन जाँच में अटक जाता है।
ऑनलाइन आवेदन — SARAL पोर्टल से स्टेप-बाय-स्टेप
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदन अंत्योदय सरल (SARAL) पोर्टल — saralharyana.gov.in से किया जाता है:
- SARAL पोर्टल खोलें — saralharyana.gov.in पर जाएँ।
- रजिस्टर/लॉगिन करें — पहली बार है तो “New User? Register Here” पर क्लिक करके रजिस्टर करें; पहले से खाता है तो यूज़रनेम-पासवर्ड से लॉगिन करें।
- Family ID से सत्यापन — अपनी फैमिली आईडी डालकर मेंबर आईडी चुनें और OTP से सत्यापित करें।
- सेवा खोजें — “Apply for Services” → “View all Available Services” में जाकर सर्च बॉक्स में “solar water pump” लिखें।
- सेवा चुनें — “Application For Solar Water Pumping Scheme” पर क्लिक करें — आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
- विवरण भरें — अपनी ज़रूरत के अनुसार पंप की क्षमता चुनें, ज़मीन और फसल का विवरण भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और फॉर्म Submit करें।
- रसीद सँभालकर रखें — सबमिट करते ही आवेदन संख्या/रसीद मिलेगी। यही आपकी पहचान है — इसे नोट करके रखिए और SMS पर नज़र रखिए।
आवेदन विंडो चरणों (phases) में खुलती है — विंडो खुलते ही पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आवेदन लिए जाते हैं, इसलिए आखिरी दिन का इंतज़ार न करें।
ऑफलाइन / CSC से आवेदन
जिन किसानों के पास खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा नहीं है, वे अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सरल केंद्र से आवेदन करवा सकते हैं। CSC पर जाकर अपने दस्तावेज़ और Family ID साथ ले जाएँ — वहाँ ऑपरेटर SARAL पोर्टल पर ही आपका फॉर्म भरेगा। CSC की फीस (अगर कोई हो) की रसीद ज़रूर लें और अपना आवेदन नंबर नोट करके लाएँ। किसी भी दलाल को पैसे देकर “जल्दी काम करवाने” के झाँसे में न आएँ — चयन पोर्टल और विभाग की प्रक्रिया से होता है, पैसे से नहीं।
चयन के बाद क्या होता है — लाभार्थी हिस्सा, वेंडर और इंस्टॉलेशन
- चयन और सूचना — चयनित आवेदकों को SMS/पोर्टल से सूचना मिलती है।
- वेंडर का चुनाव — चयनित आवेदक PM-KUSUM स्टेट पोर्टल पर अपनी पसंद की एक कंपनी (वेंडर) चुनते हैं। अगर चुनी हुई कंपनी की मासिक क्षमता पूरी हो चुकी हो, तो विभाग दूसरी फर्म बदलने का अधिकार रखता है।
- लाभार्थी हिस्सा जमा करें — फॉर्म जमा करने पर एक चालान मिलता है, जिसमें लाभार्थी हिस्सा जमा करने के लिए एक वर्चुअल अकाउंट नंबर लिखा होता है — हर आवेदक का नंबर अलग होता है। यह रकम NEFT/RTGS से किसी भी खाते से या बैंक में जाकर जमा करवाएँ। जमा का प्रमाण अपने पास सँभालकर रखें।
- सर्वे — चयनित कंपनी सर्वे के समय आपसे ज़मीन की फर्द और लाभार्थी हिस्सा जमा करने का प्रमाण माँगेगी।
- इंस्टॉलेशन — स्वीकृति (sanction) के 3 महीने के भीतर पंप लगवाना होता है। सूचीबद्ध (empanelled) वेंडरों की सूची hareda.gov.in पर मिलती है।
- सब्सिडी जारी — इंस्टॉलेशन के तुरंत बाद पोर्टल पर सब्सिडी जारी करने का निर्धारित आवेदन जमा करना होता है; ADC कार्यालय द्वारा सत्यापन और PCR अपलोड के बाद 10 दिन के भीतर सब्सिडी जारी की जाती है।
फीस और समय-सीमा — एक नज़र में
| काम | समय / शुल्क |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन | SARAL पोर्टल पर — आवेदन की कोई अलग सरकारी फीस अधिसूचना में दर्ज नहीं मिली (CSC अपनी सेवा शुल्क ले सकता है) |
| नए आवेदनों की विंडो | चरणों में खुलती है; FY 2025-26 की आखिरी विंडो 25–29 दिसंबर 2025 (बंद) |
| लाभार्थी हिस्सा जमा | चयन के बाद, चालान में दिए गए वर्चुअल अकाउंट में NEFT/RTGS से |
| इंस्टॉलेशन | स्वीकृति के 3 महीने के भीतर |
| सब्सिडी जारी | इंस्टॉलेशन के बाद सत्यापन और PCR अपलोड के 10 दिन के भीतर |
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें
- SARAL पोर्टल पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति देखिए — आवेदन संख्या से स्टेटस ट्रैक होता है।
- SMS अलर्ट पर नज़र रखिए — आवेदन की हर बड़ी अपडेट आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS से आती है।
- PM-KUSUM स्टेट पोर्टल पर चयनित आवेदकों की सूची और वेंडर-चयन की जानकारी मिलती है।
- HAREDA वेबसाइट (hareda.gov.in) पर सूचीबद्ध वेंडरों की सूची और योजना की मार्गदर्शिका देखी जा सकती है।
- अगर स्टेटस लंबे समय से एक ही जगह अटका है, तो अपने ज़िले के जिला परियोजना अधिकारी (HAREDA) या HAREDA मुख्यालय से संपर्क करें।
सोलर पंप क्यों फायदेमंद है — और किन बातों से बचें
फायदे: दिन में धूप से मुफ़्त सिंचाई — डीज़ल का खर्च शून्य, बिजली कटौती की चिंता नहीं, फसल को समय पर पानी, और पर्यावरण के लिए साफ़ ऊर्जा। एक 7.5 HP का सोलर पंप साल भर में लगभग 4 टन CO₂ उत्सर्जन भी बचाता है। पंप लगने के बाद पाँच साल तक रखरखाव की ज़िम्मेदारी व्यवस्था में शामिल रहती है।
ध्यान रखें:
- PM-KUSUM बनाम PM Surya Ghar: छत पर बिजली के लिए घरेलू सोलर योजना PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana है — खेत के पंप के लिए सही योजना सिर्फ़ PM-KUSUM है। दोनों को आपस में न मिलाएँ।
- धोखाधड़ी से बचें: कोई भी व्यक्ति “सब्सिडी दिलवाने” के नाम पर पैसे माँगे तो तुरंत मना करें। आवेदन सिर्फ़ SARAL पोर्टल से होता है और लाभार्थी हिस्सा सिर्फ़ चालान के वर्चुअल अकाउंट में जमा होता है।
- पंप की जगह न बदलें: पंप को बिना अनुमति दूसरी जगह लगाना/हटाना नियमों का उल्लंघन है — विभाग ऐसे मामलों की जाँच करता है।
- खेती से जुड़ी अन्य मदद भी देखिए: कृषि यंत्र अनुदान से खेती के औज़ारों पर सब्सिडी, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना से दूध पर प्रोत्साहन राशि, और मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना से फसल का बीमा कवच — ये तीनों योजनाएँ सोलर पंप के साथ मिलकर खेती की लागत घटाने में मदद करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. हरियाणा में PM-KUSUM सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
कुल 75% सब्सिडी मिलती है — 30% केंद्र सरकार (MNRE) से और 45% हरियाणा सरकार से। किसान को सिर्फ़ 25% हिस्सा देना होता है।
2. PM-KUSUM के तहत कौन-कौन से पंप मिलते हैं?
3 HP, 5 HP, 7.5 HP और 10 HP के सोलर पंप — सरफेस (मोनोब्लॉक) और सबमर्सिबल, दोनों तरह के। मुख्य श्रेणियाँ 3 HP, 7.5 HP और 10 HP हैं।
3. 7.5 HP सोलर पंप के लिए किसान को कितना देना होगा?
FY 2025-26 की दर-सूची के अनुसार 7.5 HP DC सरफेस (मोनोब्लॉक) नॉर्मल कंट्रोलर वाले पंप पर किसान का हिस्सा ₹86,080 था; सबमर्सिबल यूनिवर्सल कंट्रोलर वाले पर ₹1,31,595 था। नए विंडो की दरें बदल सकती हैं — आवेदन के समय पोर्टल पर दिख रही रकम ही अंतिम होगी।
4. क्या मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण ज़रूरी है?
हाँ, हरियाणा में KUSUM के लिए Meri Fasal Mera Byora पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) पर पंजीकरण अनिवार्य है। बिना इसके आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
5. PM-KUSUM के लिए आवेदन कहाँ और कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन अंत्योदय सरल (SARAL) पोर्टल — saralharyana.gov.in — से होता है। वहाँ “Application For Solar Water Pumping Scheme” सेवा चुनकर फॉर्म भरना होता है। CSC/सरल केंद्र से भी आवेदन करवाया जा सकता है।
6. अभी (नवंबर 2026 में) आवेदन खुला है क्या?
नहीं — नए आवेदनों की आखिरी विंडो 25–29 दिसंबर 2025 थी, जो बंद हो चुकी है। वित्त वर्ष 2026-27 की नई विंडो 6 नवंबर 2026 तक घोषित नहीं मिली है। अगस्त 2026 में सिर्फ़ पहले से चुने गए आवेदकों के लिए लाभार्थी हिस्सा जमा करने और वेंडर चुनने का विंडो खुला था। नई विंडो की घोषणा HAREDA की वेबसाइट और SARAL पोर्टल पर देखिए।
7. लाभार्थी हिस्सा (25%) कैसे जमा करना होता है?
चयन के बाद चालान में दिया गया वर्चुअल अकाउंट नंबर (हर आवेदक का अलग) इस्तेमाल करके NEFT/RTGS से या बैंक में जाकर रकम जमा करनी होती है। नकद किसी एजेंट को न दें।
8. पंप लगने में कितना समय लगता है और सब्सिडी कब मिलती है?
स्वीकृति के 3 महीने के भीतर पंप लगवाना होता है। इंस्टॉलेशन के बाद सत्यापन और PCR अपलोड होने पर 10 दिन के भीतर सब्सिडी जारी की जाती है।
आधिकारिक स्रोत और संपर्क
- HAREDA — Solar Water Pumping Programme: https://hareda.gov.in/solar-water-pumping-programme/
- अंत्योदय सरल (SARAL) पोर्टल — ऑनलाइन आवेदन: https://saralharyana.gov.in/
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा: https://fasal.haryana.gov.in/
- MNRE — PM-KUSUM (राष्ट्रीय योजना): https://mnre.gov.in/
- HAREDA मुख्यालय: अक्षय ऊर्जा भवन, इंस्टीट्यूशनल प्लॉट नं. 1, सेक्टर-17, पंचकूला। फोन: 0172-2585733, 2585433; ईमेल: [email protected]
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी HAREDA की आधिकारिक वेबसाइट और वित्त वर्ष 2025-26 की अधिसूचना/मार्गदर्शिका पर आधारित है। दरें, पात्रता शर्तें और विंडो की तारीखें नए वित्त वर्ष की अधिसूचना में बदल सकती हैं — आवेदन करने से पहले SARAL पोर्टल और HAREDA की वेबसाइट पर ताज़ा अधिसूचना ज़रूर पढ़ लें। पोर्टल का लाइव फॉर्म और ताज़ा अधिसूचना ही अंतिम मानी जाएगी।
— Viksit Haryana डेस्क — अंतिम जाँच: 6 नवंबर 2026

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