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Haryana DSR Yojana 2026: ₹4,500/एकड़ प्रोत्साहन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Haryana DSR Yojana 2026: ₹4,500/एकड़ प्रोत्साहन
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 9:18 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

Haryana DSR Yojana 2026: सीधी बिजाई धान पर ₹4,500 प्रति एकड़ प्रोत्साहन, 5 साल में ₹6,000 तक

हरियाणा में धान की खेती पानी की सबसे बड़ी खपत वाली फसलों में से एक है। राज्य के कई जिलों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और धान की परंपरागत रोपाई में पानी, मजदूरी और बिजली की भारी खपत होती है। इसी समस्या का समाधान है सीधी बिजाई धान (Direct Seeded Rice — DSR) तकनीक, जिसमें धान के बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं, नर्सरी तैयार करके पौध रोपने की जरूरत नहीं पड़ती।

हरियाणा सरकार इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों को पहले साल ₹4,500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देती है। पहले यह राशि ₹4,000 प्रति एकड़ थी, जिसे बजट 2026-27 में बढ़ाकर ₹4,500 प्रति एकड़ कर दिया गया। सबसे खास बात यह है कि 2 सितंबर 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार अब यह प्रोत्साहन पाँच साल की बढ़ती हुई योजना बन गया है — जो किसान एक ही किला नंबर पर लगातार DSR करता रहेगा, उसे पाँचवें साल ₹6,000 प्रति एकड़ तक मिलेगा।

महत्वपूर्ण सूचना — खरीफ 2026 की स्थिति: खरीफ 2026 में DSR की बिजाई मई 2026 के आखिरी सप्ताह से शुरू हुई थी और खेतों का भौतिक सत्यापन अक्टूबर 2026 में पूरा हो चुका है। इसलिए खरीफ 2026 के लिए नया पंजीकरण अब बंद समझें। यह लेख स्थायी (evergreen) जानकारी के रूप में तैयार किया गया है — इसमें योजना की पूरी प्रक्रिया, पात्रता और राशि की सही जानकारी दी गई है, ताकि आप खरीफ 2027 के लिए पहले से तैयारी कर सकें। खरीफ 2027 का पंजीकरण खुलते ही आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम फसल विविधीकरण और जल संरक्षण को बढ़ावा — सीधी बिजाई धान (DSR)
राज्य हरियाणा
प्रोत्साहन राशि (पहला साल) ₹4,500 प्रति एकड़
प्रोत्साहन राशि (पाँचवाँ साल) ₹6,000 प्रति एकड़ (लगातार DSR करने पर)
पहले की राशि ₹4,000 प्रति एकड़ (बजट 2026-27 में बढ़ाई गई)
लागू जिले महेंद्रगढ़ को छोड़कर हरियाणा के सभी जिले
खरीफ 2026-27 का लक्ष्य 5 लाख एकड़ (पिछले साल 4 लाख एकड़ था)
पंजीकरण पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा — fasal.haryana.gov.in
विभागीय वेबसाइट agriharyana.gov.in
भुगतान का तरीका डीबीटी (सीधे बैंक खाते में)
सरकारी अधिसूचना 2 सितंबर 2026, संख्या 1181-Agri-II-(1)-2026/5444
DSR मशीन पर सब्सिडी कीमत का 50% या ₹40,000, जो भी कम हो

DSR क्या है और इससे पानी कैसे बचता है?

परंपरागत तरीके से धान उगाने में पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है, फिर खेत में पानी भरकर पौध की रोपाई की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में बहुत पानी लगता है, मजदूरों की जरूरत पड़ती है और बिजली से चलने वाले ट्यूबवेल लंबे समय तक चलते हैं।

DSR तकनीक में धान का बीज DSR मशीन (सीड ड्रिल) से सीधे तैयार खेत में बोया जाता है। नर्सरी की जरूरत नहीं, रोपाई की जरूरत नहीं और खेत में लगातार पानी खड़ा रखने की जरूरत नहीं। कृषि विभाग के अनुसार इस तकनीक से लगभग 30 प्रतिशत भूजल की बचत होती है, बिजली की खपत कम होती है, मजदूरी पर खर्च घटता है और खेती की लागत में लगभग ₹8,000 से ₹10,000 प्रति एकड़ तक की बचत हो सकती है।

परंपरागत रोपाई बनाम DSR

बिंदु परंपरागत रोपाई DSR (सीधी बिजाई)
बीज की बुवाई नर्सरी में पौध, फिर रोपाई बीज सीधे खेत में, DSR मशीन से
पानी की जरूरत बहुत अधिक, खेत में पानी खड़ा रखना पड़ता है लगभग 30% कम (विभाग के अनुसार)
मजदूरी रोपाई के लिए अधिक मजदूर काफी कम
बिजली/डीजल ट्यूबवेल लंबे समय तक चलता है सिंचाई कम होने से बचत
लागत अधिक लगभग ₹8,000–₹10,000 प्रति एकड़ कम
फसल की अवधि सामान्य आमतौर पर 7–10 दिन जल्दी तैयार

प्रोत्साहन राशि: 5 साल की बढ़ती हुई योजना

2 सितंबर 2026 की अधिसूचना के बाद DSR प्रोत्साहन अब एक साल की मदद नहीं, बल्कि पाँच साल की बढ़ती हुई सहायता है। शर्त सिर्फ इतनी है कि किसान एक ही किला नंबर पर लगातार DSR करता रहे।

वर्ष प्रोत्साहन राशि (प्रति एकड़)
पहला साल ₹4,500
दूसरा साल ₹4,700
तीसरा साल ₹5,000
चौथा साल ₹5,400
पाँचवाँ साल ₹6,000

ध्यान देने वाली शर्तें:

  • प्रोत्साहन तभी जारी रहेगा जब किसान उसी किला नंबर पर लगातार DSR करता रहे, जो खरीफ के पहले (बेसलाइन) साल में दर्ज हुआ था।
  • अगर किसी साल किसान उस किला नंबर पर DSR नहीं करता है, तो उस साल का प्रोत्साहन नहीं मिलेगा।
  • अगर किसान एक साल का अंतर (gap year) के बाद उसी किला नंबर पर फिर DSR करता है, तो उसे नया पंजीकरण माना जाएगा और फिर पहले साल की राशि ₹4,500 प्रति एकड़ मिलेगी।
  • पंजीकरण या प्रोत्साहन के लिए रकबे (एकड़) की कोई सीमा नहीं है — अधिसूचना में साफ लिखा है कि क्षेत्रफल या किसानों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।

DSR मशीन पर अलग सब्सिडी

DSR के लिए बुवाई DSR मशीन से ही करनी होती है — यह योजना की अनिवार्य शर्त है। मशीन खरीदने पर सरकार मशीन की कीमत का 50 प्रतिशत या ₹40,000, जो भी कम हो, सब्सिडी देती है। मशीन के लिए पंजीकरण विभागीय वेबसाइट agriharyana.gov.in पर मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल से जोड़कर करना होता है।

DSR अपनाने के फायदे

  • पानी की बचत: लगभग 30 प्रतिशत भूजल की बचत, जिससे गिरता जलस्तर थमने में मदद मिलती है।
  • लागत में कमी: नर्सरी, रोपाई मजदूरी और सिंचाई पर खर्च घटता है — विभाग के अनुसार लगभग ₹8,000 से ₹10,000 प्रति एकड़ की बचत।
  • बिजली की बचत: कम सिंचाई का मतलब है ट्यूबवेल का कम चलना और बिजली के बिल में कमी।
  • समय की बचत: फसल आमतौर पर 7–10 दिन जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे अगली फसल के लिए समय मिलता है।
  • सीधा भुगतान: प्रोत्साहन राशि डीबीटी से सीधे किसान के बैंक खाते में आती है, कोई बिचौलिया नहीं।
  • बढ़ती हुई मदद: लगातार DSR करने पर पाँच साल में राशि ₹4,500 से बढ़कर ₹6,000 प्रति एकड़ हो जाती है।

कौन पात्र है? (पात्रता)

  • आवेदक हरियाणा का निवासी किसान हो और उसके पास हरियाणा में खेती योग्य जमीन हो।
  • किसान ने धान की सीधी बिजाई DSR मशीन से की हो — हाथ से छिड़काव या परंपरागत रोपाई पर प्रोत्साहन नहीं मिलेगा।
  • जमीन महेंद्रगढ़ जिले को छोड़कर हरियाणा के किसी भी जिले में हो सकती है — महेंद्रगढ़ इस योजना के दायरे से बाहर है।
  • किसान का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर होना चाहिए और फसल का सही ब्यौरा दर्ज होना चाहिए।
  • खेत का भौतिक सत्यापन कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा — सत्यापन में DSR की पुष्टि होने पर ही भुगतान मिलेगा।
  • बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए, क्योंकि भुगतान डीबीटी से होता है।

जरूरी दस्तावेज़

ऑनलाइन आवेदन से पहले ये दस्तावेज़ और जानकारी तैयार रखें। ध्यान दें कि पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम होता है — अगर पोर्टल पर कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगा जाता है, तो वही मान्य होगा।

  • आधार कार्ड — पहचान और डीबीटी के लिए अनिवार्य
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर — ओटीपी और सूचना के लिए
  • बैंक पासबुक / बैंक खाता विवरण — खाता संख्या और IFSC कोड सहित
  • जमीन के कागजात — जमाबंदी / फर्द, खेवट, खतौनी, खसरा और किला नंबर
  • परिवार पहचान पत्र (Family ID / PPP) — हरियाणा की योजनाओं में आमतौर पर माँगा जाता है
  • पासपोर्ट साइज फोटो — हाल की
  • फसल का ब्यौरा — धान की किस्म, बुवाई का समय और रकबा
  • DSR मशीन का बिल — सिर्फ मशीन सब्सिडी के लिए (प्रोत्साहन राशि के लिए अलग से जरूरी नहीं)

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

DSR प्रोत्साहन के लिए पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर होता है। खरीफ 2026 का सीजन बीत चुका है, इसलिए नीचे दी गई प्रक्रिया खरीफ 2027 के लिए लागू समझें — पंजीकरण खुलते ही यही चरण अपनाने होंगे।

  1. पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर https://fasal.haryana.gov.in खोलें।
  2. पंजीकरण/लॉगिन करें: आधार नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। पहली बार पंजीकरण कर रहे हैं तो किसान पंजीकरण का विकल्प चुनें।
  3. ओटीपी सत्यापन: आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
  4. जमीन का ब्यौरा भरें: खेवट, खतौनी, खसरा और किला नंबर सही-सही दर्ज करें — यही किला नंबर आगे के सालों के प्रोत्साहन के लिए दर्ज रहेगा।
  5. फसल का ब्यौरा दर्ज करें: फसल के रूप में धान (DSR) चुनें, किस्म, बुवाई की तारीख और रकबा (एकड़ में) भरें।
  6. बैंक विवरण भरें: बैंक खाता संख्या, IFSC कोड और खाताधारक का नाम दर्ज करें। खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए।
  7. जानकारी जाँचकर सबमिट करें: पूरा फॉर्म एक बार ध्यान से पढ़कर सबमिट करें। गलत किला नंबर या रकबा भरने पर सत्यापन में दिक्कत हो सकती है।
  8. पंजीकरण संख्या सहेजें: सबमिट करने के बाद मिली पंजीकरण/आवेदन संख्या को नोट करके रखें — यही स्टेटस जाँचने के काम आएगी।

DSR मशीन सब्सिडी के लिए अलग पंजीकरण

मशीन खरीदने पर सब्सिडी के लिए www.agriharyana.gov.in पर जाकर मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल से जुड़ा पंजीकरण करें। मशीन का बिल अपलोड करना होता है और मशीन का भौतिक सत्यापन ब्लॉक स्तर पर मोबाइल ऐप से किया जाता है।

ऑफलाइन आवेदन का विकल्प

अगर ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत हो, तो ये विकल्प हैं:

  • नजदीकी सीएससी (Common Service Centre) पर जाकर मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाएँ — अपने सभी दस्तावेज़ साथ लेकर जाएँ।
  • अपने ब्लॉक के कृषि कार्यालय / उप कृषि निदेशक (DDA) कार्यालय से संपर्क करें — वहाँ से फॉर्म भरने और सत्यापन की जानकारी मिल जाएगी।
  • गाँव के कृषि विकास अधिकारी (ADO) से मदद लें — वे पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करते हैं।
  • ऑनलाइन पंजीकरण स्वयं करने पर कोई सरकारी शुल्क नहीं है; सीएससी से करवाने पर मामूली सेवा शुल्क लग सकता है।

शुल्क और समय-सीमा

  • आवेदन शुल्क: पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण करने पर कोई सरकारी शुल्क नहीं है।
  • खरीफ 2026 की समय-सीमा: खरीफ 2026 में DSR की बिजाई 25 मई 2026 से शुरू हुई थी और सत्यापन अक्टूबर 2026 में हुआ। इस सीजन का पंजीकरण अब बंद है।
  • खरीफ 2027: अगले सीजन का पंजीकरण बिजाई से पहले खुलेगा। सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है — आधिकारिक पोर्टल fasal.haryana.gov.in पर जाँच लें और बिजाई से पहले पंजीकरण जरूर करवा लें, क्योंकि बिजाई के बाद पंजीकरण नहीं होता।
  • भुगतान की समय-सीमा: भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर आने के बाद मुख्यालय से डीबीटी के जरिए भुगतान किया जाता है। भुगतान की कोई निश्चित तारीख सरकार ने घोषित नहीं की है।

सत्यापन और भुगतान कैसे होता है?

  1. पंजीकरण के बाद संबंधित उप कृषि निदेशक (DDA) के कार्यालय से खेत का भौतिक सत्यापन किया जाता है — यह जाँचा जाता है कि धान वाकई DSR तरीके से बोया गया है या नहीं।
  2. 5 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों का सत्यापन DDA स्वयं या उनके प्रतिनिधि द्वारा दोबारा जाँचा जाता है।
  3. सत्यापन की रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज होती है।
  4. रिपोर्ट मिलने के बाद PMU (प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट) पात्र किसानों को भुगतान सुनिश्चित करती है।
  5. राशि डीबीटी से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है — इसलिए बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना जरूरी है।

स्टेटस कैसे देखें: मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) पर लॉगिन करके अपने पंजीकरण का स्टेटस देखा जा सकता है। भुगतान न आने पर पहले अपने बैंक खाते में आधार लिंकिंग और खाता सक्रिय है या नहीं, यह जाँच लें, फिर हेल्पलाइन या DDA कार्यालय से संपर्क करें।

हेल्पलाइन और संपर्क

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-2117 और 1800-180-2060 (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक)
  • कृषि विभाग, पंचकूला: 0172-2571553, 0172-2571544
  • किसान कॉल सेंटर (राष्ट्रीय): 1800-180-1551
  • ईमेल: [email protected]
  • विभागीय वेबसाइट: https://agriharyana.gov.in

(हेल्पलाइन नंबर विभाग की सहायता-सूचियों के अनुसार दिए गए हैं; कॉल करने से पहले विभाग की वेबसाइट पर नंबर की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।)

आम गलतियाँ जिनसे बचें

  • गलत किला नंबर भरना: प्रोत्साहन उसी किला नंबर से जुड़ा रहता है — गलत नंबर भरने पर अगले सालों की बढ़ी हुई राशि नहीं मिलेगी।
  • रोपाई करके DSR का दावा करना: सत्यापन में खेत की जाँच होती है; परंपरागत रोपाई पर प्रोत्साहन नहीं मिलता और पंजीकरण रद्द हो सकता है।
  • बिजाई के बाद पंजीकरण करना: पंजीकरण बिजाई से पहले करवाना होता है — देर से पंजीकरण पर लाभ नहीं मिलता।
  • बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना: डीबीटी भुगतान अटकने का सबसे आम कारण यही है।
  • महेंद्रगढ़ के किसान आवेदन करना: यह जिला योजना के दायरे से बाहर है, इसलिए वहाँ के किसान इस प्रोत्साहन के पात्र नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

DSR योजना में प्रति एकड़ कितनी राशि मिलती है?

पहले साल ₹4,500 प्रति एकड़ मिलती है। लगातार एक ही किला नंबर पर DSR करने पर दूसरे साल ₹4,700, तीसरे साल ₹5,000, चौथे साल ₹5,400 और पाँचवें साल ₹6,000 प्रति एकड़ मिलती है।

क्या पहले साल से ही ₹6,000 मिलेंगे?

नहीं। ₹6,000 प्रति एकड़ पाँचवें साल की राशि है। पहले साल ₹4,500 मिलती है और हर साल लगातार DSR करने पर राशि बढ़ती जाती है।

क्या DSR के लिए मशीन से बुवाई जरूरी है?

हाँ। सरकारी अधिसूचना के अनुसार DSR की बुवाई DSR मशीन से ही करनी होती है। मशीन खरीदने पर कीमत का 50% या ₹40,000 तक की सब्सिडी भी मिलती है।

कौन से जिले इस योजना में शामिल नहीं हैं?

महेंद्रगढ़ जिला इस योजना के दायरे से बाहर है। बाकी सभी जिलों के किसान पात्र हैं। खरीफ 2026-27 में योजना 22 जिलों में लागू हुई, जिसमें सिरसा का लक्ष्य सबसे अधिक 1.62 लाख एकड़ था।

खरीफ 2026 के लिए अब आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। खरीफ 2026 की बिजाई मई 2026 में हुई और सत्यापन अक्टूबर 2026 में पूरा हो चुका है। अब खरीफ 2027 के सीजन की तैयारी करें और पंजीकरण खुलते ही fasal.haryana.gov.in पर आवेदन करें।

भुगतान कब और कैसे मिलेगा?

खेत के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट पोर्टल पर आने के बाद राशि डीबीटी से सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं है — स्टेटस पोर्टल पर देखा जा सकता है।

क्या एक किसान कितने भी एकड़ पर लाभ ले सकता है?

हाँ। अधिसूचना के अनुसार पंजीकरण या प्रोत्साहन के लिए रकबे की कोई सीमा नहीं है। हालाँकि 5 एकड़ से अधिक रकबे का सत्यापन अतिरिक्त जाँच के साथ होता है।

संबंधित योजनाएँ

DSR के साथ-साथ इन योजनाओं की जानकारी भी आपके काम आ सकती है — DSR मशीन खरीदने पर कृषि यंत्र अनुदान, धान बेचने के बाद भुगतान की स्थिति जाँचने का तरीका, और बागवानी से जुड़ी बीमा योजना:

आधिकारिक स्रोत

  • हरियाणा सरकार राजपत्र अधिसूचना, 2 सितंबर 2026 (संख्या 1181-Agri-II-(1)-2026/5444) — अधिसूचना PDF
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल — fasal.haryana.gov.in
  • कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा — agriharyana.gov.in

नोट: इस लेख की जानकारी 6 नवंबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी अधिसूचना और विभागीय जानकारी पर आधारित है। योजना की शर्तें, तारीखें और राशि में बदलाव हो सकता है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम जानकारी जरूर जाँच लें।

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