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Haryana Pashudhan Bima Yojana 2026: ₹100 Premium, ₹88,000 Cover

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: Haryana Pashudhan Bima Yojana 2026: ₹100 Premium, ₹88,000 Cover
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 6:35 पूर्वाह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: किसान
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा के पशुपालक के लिए उसका पशु ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। एक अच्छी भैंस या गाय से परिवार की रोज़ की आमदनी चलती है — दूध बिकता है, घर चलता है, बच्चों की पढ़ाई होती है। लेकिन अगर वही पशु अचानक बीमारी या हादसे में मर जाए, तो परिवार को एक साथ लाखों रुपये का नुकसान होता है। इसी नुकसान से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना (Pashudhan Bima Yojana) चलाई है। इस योजना में मात्र ₹100 से ₹300 के सालाना अंशदान पर आपके पशु का ₹88,000 तक का बीमा हो जाता है, और अनुसूचित जाति (SC) के पशुपालकों को यह बीमा बिल्कुल मुफ्त मिलता है।

इस लेख में योजना की पूरी जानकारी दी गई है — कितना बीमा मिलेगा, प्रीमियम कितना है, कौन आवेदन कर सकता है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, अंत्योदय-SARAL पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, और पशु की मृत्यु पर क्लेम कैसे मिलेगा।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना
शुरू हुई 29 जुलाई 2016, झज्जर (हरियाणा)
विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सरकार
लाभार्थी अंशदान (बड़ा पशु) ₹100 / ₹200 / ₹300 प्रति पशु प्रति वर्ष
लाभार्थी अंशदान (छोटा पशु) ₹25 प्रति पशु प्रति वर्ष
SC लाभार्थी पूरी तरह निःशुल्क
अधिकतम सीमा एक परिवार में अधिकतम 5 पशु इकाइयाँ
बीमा अवधि 3 वर्ष
आवेदन अंत्योदय-SARAL पोर्टल (ऑनलाइन) / SARAL केंद्र / CSC
अनिवार्य शर्त परिवार पहचान पत्र (PPP)
आधिकारिक पोर्टल pashudhanharyana.gov.in, saralharyana.gov.in

पशुधन बीमा योजना क्या है?

हरियाणा पशुधन बीमा योजना की शुरुआत 29 जुलाई 2016 को झज्जर में हुई थी। उस समय के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ओ. पी. धनखड़ ने इसे शुरू किया था। यह योजना स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर बनाई गई थी, जिसका मकसद था कि पशु की मौत से होने वाले आर्थिक नुकसान से पशुपालक को बचाया जाए। शुरुआत में इसे ‘जोखिम प्रबंधन और पशुधन बीमा योजना’ के नाम से शुरू किया गया था; आज इसका आधिकारिक नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना है।

योजना का सिद्धांत बहुत सीधा है — पशुपालक छोटा-सा अंशदान देता है, बीमा की असली किस्त का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है, और पशु की मृत्यु होने पर बीमा कंपनी तय बीमा राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज देती है। सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य वर्ग के प्रीमियम का 85% हिस्सा सरकार वहन करती है, जबकि SC वर्ग का 100% प्रीमियम सरकार देती है। यही वजह है कि पशुपालक को सिर्फ ₹100 से ₹300 देना पड़ता है, जबकि बीमा कवर ₹88,000 तक का मिलता है।

बीमा के दायरे में वे सभी कारण आते हैं जिनसे पशु की मृत्यु हो सकती है — बीमारी, सड़क हादसा, करंट लगना, नहर में डूबना, बाढ़, आग, प्राकृतिक आपदा या कोई और दुर्घटना। दुर्घटना से मौत पर बीमा कवर पॉलिसी के पहले दिन से ही लागू हो जाता है।

कितना फायदा मिलेगा — बीमा राशि और प्रीमियम

बीमा राशि (मुआवज़ा) — पशु के अनुसार

पशु बीमा राशि (लगभग)
भैंस ₹88,000
गाय ₹80,000
घोड़ा ₹40,000
भेड़ ₹5,000
बकरी ₹5,000
सुअर ₹5,000

महत्वपूर्ण नोट: बीमा राशि पशु की श्रेणी, उम्र, नस्ल और दूध उत्पादन के आधार पर तय होती है। ऊपर दी गई राशि विभाग की सूची के अनुसार है — आवेदन और सत्यापन के समय बीमा कंपनी द्वारा तय की गई राशि ही अंतिम होगी। बैल, ऊँट, खच्चर, गधा, बछड़ा-बछिया जैसे पशुओं की बीमा राशि भी उनकी श्रेणी के हिसाब से तय होती है।

प्रीमियम (लाभार्थी अंशदान) — पशु के अनुसार

पशु का प्रकार सालाना अंशदान
बड़ा पशु — गाय, भैंस, बैल, ऊँट (दूध उत्पादन की श्रेणी के अनुसार) ₹100 / ₹200 / ₹300
छोटा पशु — भेड़, बकरी, सुअर ₹25
SC लाभार्थी (सभी पशु) निःशुल्क (₹0)
BPL लाभार्थी प्रीमियम पर अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी

प्रीमियम की सही राशि आवेदन के समय SARAL पोर्टल पर दिखाई देगी — वही अंतिम मानी जाएगी। एक परिवार अधिकतम 5 पशु इकाइयों तक का सब्सिडी वाला बीमा ले सकता है; इससे ज़्यादा पशुओं पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।

कौन-कौन से पशु कवर होंगे?

योजना के तहत इन पशुओं का बीमा कराया जा सकता है — गाय, भैंस, बैल, सांड, ऊँट, घोड़ा, खच्चर, गधा, बछड़ा, बछिया, भेड़, बकरी और सुअर। पशु स्वस्थ होना चाहिए और पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना ज़रूरी है। पशु के कान पर 12 अंकों का यूनिक ईयर टैग (INAPH के अनुसार पॉलीयूरेथेन लेज़र-प्रिंटेड टैग) लगा होना चाहिए — बिना टैग के बीमा या क्लेम नहीं मिलेगा।

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  • आवेदक हरियाणा का निवासी और पशुपालक हो।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो।
  • आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (PPP) होना अनिवार्य है — बिना PPP के आवेदन नहीं होगा।
  • बीमा कराया जाने वाला पशु स्वस्थ हो और उसका पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हो।
  • पशु के कान पर 12 अंकों का यूनिक ईयर टैग लगा हो।
  • SC और BPL वर्ग के पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाती है।

किन स्थितियों में लाभ नहीं मिलेगा?

  • बिना वैध PPP के आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
  • बिना ईयर टैग वाले पशु या अधूरे दस्तावेज़ों पर क्लेम नहीं मिलेगा।
  • पॉलिसी के पहले 21 दिनों में प्राकृतिक (गैर-दुर्घटना) कारण से हुई मृत्यु पर क्लेम देय नहीं है — यह वेटिंग पीरियड सिर्फ प्राकृतिक मृत्यु पर लागू होता है, दुर्घटना से मौत पर नहीं।
  • एक परिवार में 5 से ज़्यादा पशु इकाइयों पर सब्सिडी वाला बीमा नहीं मिलेगा।

ज़रूरी दस्तावेज़

आवेदन करते समय पोर्टल पर ये दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं:

  • परिवार पहचान पत्र (PPP / Family ID)
  • पशु चिकित्सक द्वारा जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
  • ईयर टैग दिखाते हुए पशु की साफ़ फोटो
  • लाभार्थी अंशदान (प्रीमियम) के भुगतान का प्रमाण (जहाँ लागू हो)
  • SC प्रमाण पत्र (SC लाभार्थियों के लिए)
  • BPL प्रमाण पत्र (BPL लाभार्थियों के लिए)
  • बैंक खाते का विवरण (क्लेम की राशि सीधे इसी खाते में DBT से आएगी)

नोट: पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है — आवेदन के समय पोर्टल पर माँगा गया कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ भी देना पड़ सकता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — स्टेप-बाय-स्टेप

योजना के लिए आवेदन अंत्योदय-SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से ऑनलाइन होता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. saralharyana.gov.in खोलें।
  2. अगर आप नए उपयोगकर्ता हैं, तो “Sign In Here” के नीचे New User पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें — नाम, ईमेल ID, मोबाइल नंबर और पासवर्ड भरें, फिर मोबाइल और ईमेल पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें।
  3. रजिस्ट्रेशन के बाद उसी ईमेल ID और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
  4. Apply for Services पर क्लिक करें, फिर View all Available Services चुनें।
  5. सर्च बॉक्स में योजना का नाम — Pandit Deen Dayal Upadhyay Samoohik Pashudhan Bima Yojana — खोजें और संबंधित सेवा पर क्लिक करें।
  6. अपना परिवार पहचान पत्र (Family ID) नंबर डालें और Click here to Fetch Family Data पर क्लिक करें — परिवार के सदस्यों की सूची दिखेगी।
  7. लाभार्थी/आवेदक का नाम चुनें, संबंधित सदस्य के मोबाइल पर आए OTP से वेरिफाई करें और Click to Verify दबाएँ।
  8. फॉर्म में सभी ज़रूरी जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
  9. फॉर्म को ध्यान से जाँचकर Submit करें और आवेदन संदर्भ संख्या (Reference Number) संभालकर रखें — इसी से स्टेटस चेक होगा।

ऑफलाइन आवेदन का विकल्प

अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने नज़दीकी SARAL केंद्र, ई-सेवा केंद्र, CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या अंत्योदय केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। वहाँ भी आवेदन उसी SARAL पोर्टल से दर्ज किया जाता है। दस्तावेज़ साथ ले जाना न भूलें।

सत्यापन और पॉलिसी कैसे जारी होती है?

आवेदन जमा होने के बाद यह प्रक्रिया होती है:

  1. आवेदन उप-मंडल अधिकारी (पशुपालन) के पास सत्यापन के लिए जाता है, फिर उप-निदेशक स्तर पर प्रोसेस होता है।
  2. बीमा कंपनी का प्रतिनिधि मौके पर आकर पशु का सत्यापन करता है — फोटो लेता है, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जाँचता है और पशु का मूल्य आँकता है।
  3. पशु के कान पर 12 अंकों का पॉलीयूरेथेन लेज़र-प्रिंटेड ईयर टैग (INAPH मानक) लगाया जाता है।
  4. सत्यापन पूरा होने के बाद बीमा पॉलिसी जारी हो जाती है।

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने और पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सक को दिया जाने वाला मानदेय योजना के तहत ही वहन किया जाता है — पशुपालक को इसके लिए अलग से भुगतान नहीं करना पड़ता।

क्लेम कैसे करें? — पशु की मृत्यु पर क्या करें

बीमित पशु की मृत्यु होने पर क्लेम की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. 24 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के क्लेम सेंटर को सूचना दें — टोल-फ्री नंबर 1800-419-1415 पर कॉल करके जानकारी दर्ज कराएँ।
  2. दुर्घटना से मृत्यु के मामले में जहाँ ज़रूरी हो, पुलिस में सूचना/FIR दर्ज कराएँ।
  3. सूचना मिलने के 4 घंटे के अंदर बीमा कंपनी का सर्वेक्षक/जाँचकर्ता मौके पर पहुँचता है।
  4. सरकारी पशु चिकित्सक से पशु का पोस्टमार्टम करवाकर रिपोर्ट लें।
  5. क्लेम फॉर्म, बीमा पॉलिसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पशु का intact ईयर टैग और अपडेटेड बैंक खाता विवरण जमा करें।
  6. सभी दस्तावेज़ पूरे होने के 15 दिनों के अंदर क्लेम की राशि का भुगतान किया जाता है। देरी होने पर बीमा कंपनी को 12% चक्रवृद्धि ब्याज देना होता है।

ध्यान दें: मृत्यु की सूचना 24 घंटे के अंदर देना अनिवार्य है — देर से सूचना देने पर क्लेम अटक सकता है। ईयर टैग संभालकर रखें; क्लेम के समय intact टैग जमा करना होता है।

पशुधन बीमा और पशु किसान क्रेडिट कार्ड में अंतर

कई पशुपालक पशुधन बीमा योजना और पशु किसान क्रेडिट कार्ड (PKCC) को एक ही समझ लेते हैं — ये दोनों अलग-अलग सुविधाएँ हैं। पशुधन बीमा पशु की मृत्यु पर होने वाले नुकसान की भरपाई करता है, जबकि पशु किसान क्रेडिट कार्ड पशुओं के चारे-दाने, दवाइयों, पशु चिकित्सा और शेड के रखरखाव जैसे रोज़मर्रा के खर्चों के लिए कार्यशील पूंजी (working capital) का कर्ज़ देता है — पशु खरीदने के लिए नहीं। दोनों योजनाएँ एक-दूसरे की पूरक हैं और पशुपालन एवं डेयरी विभाग ही दोनों को संचालित करता है।

योजना की ताज़ा स्थिति — कितने पशुओं का बीमा हुआ?

सितंबर 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार, योजना के तहत 19.91 लाख पशुओं का बीमा हो चुका है (31 अगस्त 2026 तक)। वर्ष 2018-19 से 31 अगस्त 2026 तक 32,679 क्लेम निपटाए गए और पशुपालकों को ₹123.68 करोड़ की क्लेम राशि का भुगतान किया गया। इससे पहले, फरवरी 2026 तक 15.33 लाख पशुओं का बीमा और लगभग 26,000 पशुपालकों को ₹106 करोड़ का भुगतान हो चुका था — यानी योजना में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

अगर आप पशुपालक हैं और आपके पास गाय-भैंस है, तो यह योजना आपके लिए है। ₹100 से ₹300 के छोटे अंशदान पर ₹88,000 तक का सुरक्षा कवच मिलता है — और SC परिवारों के लिए यह पूरी तरह मुफ्त है। आवेदन साल भर खुला रहता है; कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है, इसलिए जब भी समय मिले, SARAL पोर्टल से आवेदन करें या नज़दीकी CSC/SARAL केंद्र पर जाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. हरियाणा पशुधन बीमा योजना में भैंस का कितना बीमा मिलता है?
विभाग की सूची के अनुसार भैंस की बीमा राशि लगभग ₹88,000 और गाय की लगभग ₹80,000 है। अंतिम राशि पशु की श्रेणी, उम्र, नस्ल और दूध उत्पादन के आधार पर आवेदन और सत्यापन के समय तय होती है।

2. पशुधन बीमा के लिए प्रीमियम कितना देना होता है?
बड़े पशु (गाय, भैंस, बैल, ऊँट) के लिए सालाना अंशदान दूध उत्पादन की श्रेणी के अनुसार ₹100, ₹200 या ₹300 है। छोटे पशु (भेड़, बकरी, सुअर) के लिए ₹25 प्रति पशु प्रति वर्ष है। SC लाभार्थियों के लिए बीमा पूरी तरह निःशुल्क है।

3. पशुधन बीमा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
अंत्योदय-SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in पर रजिस्टर करके लॉगिन करें, Apply for Services में योजना खोजें, PPP नंबर से परिवार का डेटा लाएँ, OTP वेरिफाई करें, दस्तावेज़ अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें। ऑफलाइन आवेदन SARAL केंद्र, CSC या अंत्योदय केंद्र से भी हो सकता है।

4. क्या पशुधन बीमा के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) ज़रूरी है?
हाँ, PPP अनिवार्य है। बिना वैध परिवार पहचान पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

5. एक परिवार कितने पशुओं का बीमा करा सकता है?
एक परिवार अधिकतम 5 पशु इकाइयों तक का सब्सिडी वाला बीमा ले सकता है। इससे ज़्यादा पशुओं पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।

6. पशु की मृत्यु पर क्लेम कैसे मिलेगा?
मृत्यु की सूचना 24 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के क्लेम सेंटर को टोल-फ्री नंबर 1800-419-1415 पर दें। सरकारी पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम करवाकर क्लेम फॉर्म, पॉलिसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, intact ईयर टैग और बैंक विवरण जमा करें। सभी दस्तावेज़ पूरे होने के 15 दिनों के अंदर भुगतान होता है; देरी पर 12% चक्रवृद्धि ब्याज देय है।

7. क्या पॉलिसी के पहले 21 दिनों में मृत्यु पर क्लेम मिलेगा?
दुर्घटना से मृत्यु पर बीमा कवर पहले दिन से ही लागू होता है। लेकिन प्राकृतिक (गैर-दुर्घटना) कारण से पॉलिसी के पहले 21 दिनों में हुई मृत्यु पर क्लेम देय नहीं है।

8. पशुधन बीमा योजना और पशु किसान क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर है?
पशुधन बीमा पशु की मृत्यु पर होने वाले नुकसान की भरपाई करता है, जबकि पशु किसान क्रेडिट कार्ड पशुओं के चारे-दाने, दवाइयों और रखरखाव जैसे रोज़मर्रा के खर्चों के लिए कार्यशील पूंजी का कर्ज़ देता है। दोनों अलग योजनाएँ हैं और एक-दूसरे की पूरक हैं।

आधिकारिक स्रोत

  • पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सरकार — pashudhanharyana.gov.in
  • अंत्योदय-SARAL पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन) — saralharyana.gov.in
  • आवेदन स्थिति जाँचें — status.saralharyana.nic.in
  • विभाग हेल्पलाइन: 0172-2574663, 0172-2574664 | क्लेम टोल-फ्री: 1800-419-1415

संबंधित जानकारी: मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना — दूध पर ₹7 प्रति लीटर प्रोत्साहन; हरियाणा कृषि यंत्र अनुदान — ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों पर सब्सिडी; मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना — 46 फसलों का बीमा, ₹750 प्रीमियम पर ₹30,000 तक कवर।

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