लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन 2026: राजनाथ सिंह ने सेना को दिया नया युद्ध-सिद्धांत, ड्रोन-AI पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन भारतीय सेना का नया ‘लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन 2026’ जारी किया। 8 साल बाद सेना को नया युद्ध-सिद्धांत मिला है — इससे पहले दिसंबर 2018 में डॉक्ट्रिन जारी हुआ था। यह सिद्धांत 13 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना के लिए भविष्य के युद्धों का समग्र ढांचा तय करेगा।
नए डॉक्ट्रिन में ऑपरेशन सिंदूर के साथ-साथ रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों से मिली सीख को शामिल किया गया है। इसमें ड्रोन युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रिसिजन वारफेयर, साइबर क्षमताओं और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन पर विशेष जोर दिया गया है। आर्मी के अधिकारियों को AI और ड्रोन संचालन के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाएगा और यह अनिवार्य कौशल होगा।
रक्षा मंत्री ने सेना के शीर्ष नेतृत्व से अगले 20 से 30 साल की रणनीतिक दृष्टि विकसित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जमीनी सेनाएं आज भी अपरिहार्य हैं और भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना को तकनीक और आत्मनिर्भरता दोनों मोर्चों पर तैयार रहना होगा। यह डॉक्ट्रिन ‘डिफेंस फोर्सेज विजन 2047’ से भी जुड़ा है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में देश ने हाल के वर्षों में बड़ी छलांग लगाई है — स्वदेशी हथियार प्रणालियों का निर्यात भी बढ़ रहा है। नया युद्ध-सिद्धांत इसी दिशा में अगला कदम है, जो सेना को भविष्य के खतरों से निपटने के लिए सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर सशक्त बनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन और AI-आधारित युद्धकला पर केंद्रित यह डॉक्ट्रिन भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुरूप ढालेगा।
