12 साल में विदेशों से वापस आईं 650 प्राचीन मूर्तियां: चिन्मय समिट में PM मोदी ने बताया सांस्कृतिक पुनरुत्थान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में चिन्मय अमृत महोत्सव के वैश्विक सम्मेलन में भारत की सांस्कृतिक विरासत की वापसी का बड़ा आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने विदेशों से चुराई गई 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियां वापस हासिल की हैं। यह उन धरोहरों की घर वापसी है, जो कभी तस्करी के जरिए देश से बाहर ले जाई गई थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सांस्कृतिक केंद्रों का अभूतपूर्व पुनरुत्थान हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों का पुनर्विकास इसका जीवंत प्रमाण है। उन्होंने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा की स्थापना का भी जिक्र किया, जो भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है।
मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने भारतीय प्राचीन परंपराओं को दुनिया भर के लोगों से जोड़ा है। आज योग और आयुर्वेद जैसे भारतीय ज्ञान-विज्ञान को वैश्विक मान्यता मिल रही है, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परिचायक है।
प्रधानमंत्री ने समाज में फैल रही नई विकृतियों और बांटने वाली ताकतों के प्रति भी आगाह किया और एकजुट होकर इनका मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है और इसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस महोत्सव में 9,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जहां प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।
