सूरजकुंड दिवाली मेला: CM सैनी बोले — स्वदेशी कारीगरों को मिल रहा नया बाजार, 26 अक्टूबर तक चलेगा
फरीदाबाद: तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का शुभारंभ 23 अक्टूबर को हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मेला 26 अक्टूबर तक चलेगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को साकार करने वाले मेहनतकश कारीगरों और कलाकारों को नया बाजार उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बिना बिचौलिए के सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना और कारीगरों को उनकी मेहनत का उचित लाभ दिलाना इस मेले का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने सभी आगंतुकों और पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्हें करवा चौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस, दीपावली, विश्वकर्मा पूजन, गोवर्धन पूजन, भाई दूज और छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है और आत्मनिर्भरता व ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है।
चार दिन तक चलने वाले मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां देश के अलग-अलग राज्यों के हस्तशिल्पी और कारीगर अपने उत्पाद बेच रहे हैं। फूड कोर्ट और शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण हैं। प्रसिद्ध सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की लाइव प्रस्तुति भी होनी है।
26 अक्टूबर को समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
मेले में भारतीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रों के खान-पान की विविधता देखने को मिल रही है। परिवारों को देश की समृद्ध परंपराओं को करीब से जानने और कारीगरों व शिल्पकारों के उत्पाद खरीदने का अवसर मिल रहा है। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि चार दिनों में बड़ी संख्या में लोग मेले का आनंद लेंगे और स्वदेशी उत्पादों की खरीद को बढ़ावा मिलेगा।
