भारतीय रेलवे की समयबद्धता में बड़ा सुधार: 2018-19 में 69.2% से बढ़कर 77.11% — रेल मंत्रालय ने भ्रामक दावों का खंडन किया
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की ट्रेनों की समयबद्धता में पिछले आठ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रेल मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2018-19 में 69.2 प्रतिशत रही समयबद्धता 2025-26 में बढ़कर 77.43 प्रतिशत और 2026-27 में अब तक 77.11 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों से समयबद्धता लगातार 77 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर ट्रेनों की समयबद्धता में गिरावट के दावों को ‘भ्रामक’ बताते हुए खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि कोविड-काल (2020-21 और 2021-22) में काफी कम ट्रेनें चल रही थीं, इसलिए उस दौरान की ऊंची समयबद्धता को तुलना का उचित मानदंड नहीं माना जा सकता। सामान्य संचालन बहाल होने के बाद समयबद्धता दीर्घकालिक औसत के करीब लौटी और फिर इसमें लगातार सुधार हुआ।
सुधार का श्रेय बेहतर निगरानी, टाइमटेबल तर्कसंगतीकरण, रखरखाव नियोजन और बुनियादी ढांचे के उन्नयन को दिया गया है। इंटीग्रेटेड कोचिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ICMS), नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) और कंट्रोल ऑफिस एप्लीकेशन जैसी डिजिटल निगरानी प्रणालियों से ट्रेन संचालन पर बारीक नजर रखी जा रही है। मार्च 2026 की PIB विज्ञप्ति के अनुसार 2025-26 में (फरवरी तक) 24 रेलवे मंडलों में 90 प्रतिशत से अधिक और 19 मंडलों में 80 से 90 प्रतिशत के बीच समयबद्धता दर्ज की गई थी। मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति आधिकारिक रेलवे पूछताछ सेवाओं से जरूर जांच लें।
