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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ित वित्तीय सहायता योजना 2026: ₹8,000–₹14,400 महीना पेंशन, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ित वित्तीय सहायता योजना 2026: ₹8,000–₹14,400 महीना पेंशन, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 10:29 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा में तेजाब हमले की शिकार महिलाओं और लड़कियों के लिए एक जीवनभर की मासिक पेंशन की योजना है — “महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ितों को वित्तीय सहायता” योजना। इसमें विकलांगता के प्रतिशत के हिसाब से हर महीने ₹8,000 से ₹14,400 तक पेंशन मिलती है — 40–50% विकलांगता पर ₹8,000, 51–60% पर ₹11,200 और 61% से अधिक पर ₹14,400। यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा चलाता है। इस गाइड में पूरी सच्चाई है — जिसमें एक बड़ा भ्रम भी शामिल है: ₹8,000 महीना दो अलग-अलग योजनाओं में मिलता है, और दोनों को एक समझने की गलती न करें।

पहले यह समझ लें: यह योजना एकमुश्त मुआवज़े की नहीं, जीवनभर की पेंशन की है — अधिसूचना में साफ लिखा है कि यह पीड़िता को “जीवन के अंत तक आय का निरंतर स्रोत” देगी। एकमुश्त ₹1 लाख, मुफ्त इलाज और 15 दिन की समय-सीमा वाली योजना अलग है — वह महिला एवं बाल विकास विभाग की “एसिड पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना” है। दोनों के बीच का अंतर नीचे विस्तार से बताया गया है।

योजना एक नज़र में

बात विवरण
योजना का नाम महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ितों को वित्तीय सहायता (Financial Assistance to Women and Girl Acid Attack Victims)
विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा
अधिसूचना संख्या 1517/SW(4)-2018, 4 अक्टूबर 2018 (हरियाणा राजपत्र संख्या 42-2018, 16 अक्टूबर 2018) — मंत्रिमंडल ने 25 सितंबर 2018 को मंज़ूरी दी
लाभ जीवनभर मासिक पेंशन — विकलांगता 40–50%: ₹8,000; 51–60%: ₹11,200; 61% से अधिक: ₹14,400 (1 नवंबर 2025 से)
किसे मिलेगा हमले से 3 साल पहले से हरियाणा में रह रही महिला/लड़की, जिसका हमला 2 मई 2011 के बाद हुआ हो
कहाँ आवेदन करें जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) को; टाइम्स ऑफ इंडिया (जनवरी 2019) के अनुसार SARAL पोर्टल पर ऑनलाइन भी
आवेदन की समय-सीमा अधिसूचना में कोई अंतिम तिथि नहीं — पेंशन आवेदन के महीने से मिलती है
आय सीमा अधिसूचना में कोई आय सीमा नहीं
आवेदन शुल्क अधिसूचना में कोई शुल्क दर्ज नहीं — कार्यालय से पूछें
स्टेटस चेक जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय — जहाँ आवेदन दिया था
संपर्क महिला हेल्पलाइन 181 (24×7); आपातकाल 112; सामाजिक न्याय विभाग 0172-2713277

कितनी पेंशन मिलेगी?

पेंशन दिव्यांग पेंशन की दर के गुणक के हिसाब से मिलती है — दिव्यांग पेंशन सरकार समय-समय पर तय करती है। 1 नवंबर 2025 से दिव्यांग पेंशन ₹3,200 महीना है, इसलिए अभी की दरें ये हैं:

विकलांगता का प्रतिशत गुणक (दिव्यांग पेंशन का) अभी की पेंशन (1 नवंबर 2025 से) पहले (दिव्यांग पेंशन ₹3,000) 2018 में (दिव्यांग पेंशन ₹2,000)
40–50% 2.5 गुना ₹8,000 महीना ₹7,500 महीना ₹5,000 महीना
51–60% 3.5 गुना ₹11,200 महीना ₹10,500 महीना ₹7,000 महीना
61% से अधिक 4.5 गुना ₹14,400 महीना ₹13,500 महीना ₹9,000 महीना

ध्यान दें: पेंशन आवेदन के महीने से मिलती है — आवेदन से पहले के महीनों का बकाया अधिसूचना में नहीं लिखा है। इसलिए आवेदन में देरी का मतलब है हर महीने की पेंशन का नुकसान।

बैंड को लेकर एक अंतर: अधिसूचना में बैंड 40–50%, 51–60% और 61% से अधिक लिखे हैं। कुछ खबरों में इन्हें “50 से 60%” और “60% से अधिक” लिखा गया है — इस गाइड में अधिसूचना वाले बैंड ही इस्तेमाल किए गए हैं।

सबसे बड़ा भ्रम — ₹8,000 वाली दो योजनाएँ

₹8,000 महीना दो अलग-अलग योजनाओं में मिलता है — दोनों को एक समझना सबसे बड़ी गलती है:

बात यह योजना (सामाजिक न्याय विभाग, 2018) WCD राहत व पुनर्वास योजना (2018)
किसको सिर्फ महिला व लड़की महिला, लड़की और 18 साल तक के लड़के
₹8,000 किस पर 40–50% विकलांगता वाली पेंशन दर विकलांगता की परिभाषा में आने वाली पीड़िता को मासिक सहायता
अवधि जीवनभर पेंशन जब तक पात्रता बनी रहे (मासिक सहायता)
आवेदन कहाँ जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) जिला स्तरीय समिति (उपायुक्त)
समय-सीमा अधिसूचना में कोई अंतिम तिथि नहीं हमले के 15 दिन के अंदर
एकमुश्त राशि कोई एकमुश्त राशि नहीं ₹1 लाख (15 दिन में) + 100% मुफ्त इलाज

साफ चेतावनी: दोनों योजनाओं के लिए अलग-अलग आवेदन होते हैं। यह भी जान लें — इस पेंशन योजना के दस्तावेज़ों में WCD योजना में किए गए आवेदन या मिले लाभ की प्रति भी माँगी जाती है, इसलिए पहले WCD योजना में आवेदन करना इस योजना की कागज़ी प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन क्या दोनों की ₹8,000 वाली मदद एक साथ ली जा सकती है — यह किसी भी अधिसूचना में नहीं लिखा है। आवेदन से पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी से पूछ लें।

कौन पात्र है?

  • हमला 2 मई 2011 के बाद हुआ हो — इससे पहले के हमलों की पीड़िताएँ इस योजना में नहीं आतीं।
  • सिर्फ महिला या लड़की — योजना का नाम ही “महिला व बालिका” है; पुरुष या लड़के इस योजना में नहीं आते।
  • हमले से 3 साल पहले से हरियाणा निवासी — हरियाणा की मूल निवासी महिला या हमले की तारीख से कम से कम 3 साल पहले से हरियाणा में रह रही महिला।
  • तेजाब हमले से विकृति या विकलांगता — शरीर के किसी भी हिस्से की विकृति या दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 2 के खंड (r), (s) और (zc) के तहत विकलांगता।
  • आवेदन पीड़िता या उसके वारिस कर सकते हैं — पीड़िता खुद आवेदन न कर सके तो उसका वारिस; नाबालिग के लिए माता-पिता/अभिभावक; विवाहित महिला के लिए पति या माता-पिता/अभिभावक।

कौन पात्र नहीं है?

  • हमला 2 मई 2011 से पहले हुआ हो — अधिसूचना की कट-ऑफ तारीख के कारण।
  • पुरुष या लड़के — यह योजना सिर्फ महिला व लड़कियों के लिए है (लड़कों के लिए WCD की राहत योजना है)।
  • हमले से 3 साल पहले से हरियाणा में न रह रहे हों — 3 साल की निवास शर्त पूरी न होने पर पात्रता नहीं।
  • खुद से लगी चोट — अधिसूचना साफ कहती है कि तेजाब हमला “किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा हमला” है; जानबूझकर या अनजाने में खुद से लगी चोट इसमें नहीं आती।
  • 40% से कम विकलांगता — पेंशन की दरें 40% विकलांगता से शुरू होती हैं; 40% से कम पर पेंशन की कोई दर अधिसूचना में नहीं दी गई है।

पेंशन कब से मिलेगी?

  • आवेदन के महीने से — अधिसूचना कहती है कि सहायता दिव्यांग पेंशन की उस दर पर मिलेगी जो आवेदन के महीने में लागू हो।
  • कोई अंतिम तिथि नहीं — अधिसूचना में आवेदन की कोई समय-सीमा नहीं लिखी है; सालभर आवेदन किया जा सकता है।
  • जीवनभर — योजना का उद्देश्य पीड़िता को जीवन के अंत तक आय का निरंतर स्रोत देना है।
  • दर बदलती रहती है — दिव्यांग पेंशन की दर सरकार समय-समय पर बदलती है; पेंशन उसी के गुणक से अपने आप बदलती है (जैसे 1 नवंबर 2025 से दिव्यांग पेंशन ₹3,200 होने पर दरें ₹8,000/₹11,200/₹14,400 हुईं)।
  • देरी का नुकसान — आवेदन जितनी देर से होगा, पेंशन उतने ही महीने बाद से शुरू होगी।

ज़रूरी दस्तावेज़

अधिसूचना के अनुसार आवेदन के साथ ये तीन दस्तावेज़ लगाने होते हैं:

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड का चिकित्सा प्रमाण-पत्र विकलांगता का प्रतिशत तय करने के लिए
FIR / शिकायत की प्रति हमले की पुलिस शिकायत का प्रमाण
WCD विभाग को किए गए आवेदन या मिले लाभ की प्रति WCD राहत योजना से जुड़ाव का प्रमाण — पहले WCD में आवेदन करना इस योजना की कागज़ी प्रक्रिया का हिस्सा है

ध्यान दें: अधिसूचना में सिर्फ ये तीन दस्तावेज़ लिखे हैं। व्यवहार में कार्यालय पहचान प्रमाण, हरियाणा निवास प्रमाण (3 साल) और बैंक खाता विवरण भी माँग सकता है — लेकिन वह सूची अधिसूचना में नहीं है, इसलिए अंतिम सूची जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से पूछ लें। कोई फॉर्म संख्या अधिसूचना में दर्ज नहीं है।

आवेदन कैसे करें? — जिला समाज कल्याण अधिकारी से

आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) को करना होता है। ऐसे करें:

  1. FIR दर्ज कराएँ — नज़दीकी थाने में तेजाब हमले की रिपोर्ट करें (तेजाब हमला भारतीय दंड संहिता की धारा 326A के तहत गंभीर अपराध है)।
  2. WCD योजना में आवेदन करें — पहले महिला एवं बाल विकास विभाग की राहत व पुनर्वास योजना में आवेदन करें, क्योंकि उसकी प्रति इस योजना के दस्तावेज़ों में लगानी है (₹1 लाख व मुफ्त इलाज उसी से मिलेगा)।
  3. मेडिकल बोर्ड से प्रमाण-पत्र लें — जिले के मेडिकल बोर्ड से विकलांगता का प्रतिशत प्रमाणित कराएँ।
  4. DSWO को आवेदन दें — पीड़िता खुद, माता-पिता, कानूनी वारिस या (विवाहित महिला के लिए) पति आवेदन दे सकते हैं; नाबालिग के लिए अभिभावक आवेदन करें।
  5. दस्तावेज़ लगाएँ — मेडिकल प्रमाण-पत्र, FIR की प्रति और WCD आवेदन/लाभ की प्रति।
  6. ऑनलाइन विकल्प — टाइम्स ऑफ इंडिया (जनवरी 2019) के अनुसार SARAL पोर्टल पर घर से, अंत्योदय केंद्र या अटल सेवा केंद्र (CSC) से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। SARAL पर इस योजना के लिए सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका — SARAL पर “Acid” या “तेजाब” खोजकर देखें। (8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से saralharyana.gov.in नहीं खुली; अपने ब्राउज़र से खोलकर देखें।)
  7. पेंशन शुरू — स्वीकृति के बाद पेंशन आवेदन के महीने से लागू दर पर हर महीने मिलती है।

विकलांगता का प्रतिशत कैसे तय होगा?

विकलांगता का प्रतिशत मेडिकल बोर्ड तय करता है — अधिसूचना में इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा की अधिसूचना (संख्या 28/195-82-5HB-I, 21 मार्च 1989) और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिसूचनाएँ (संख्या 16-18/97-NI.1, 1 जून 2001 व 18 फरवरी 2002) तथा समय-समय पर जारी अधिसूचनाएँ लागू बताई गई हैं।

  • कौन तय करेगा — जिले का मेडिकल बोर्ड (District Medical Board)।
  • किस आधार पर — तेजाब हमले से हुई विकृति/विकलांगता का प्रतिशत।
  • क्यों ज़रूरी है — पेंशन की दर (2.5/3.5/4.5 गुना) इसी प्रतिशत से तय होती है।
  • अगर प्रतिशत बदल जाए — अधिसूचना में दोबारा आकलन की प्रक्रिया नहीं लिखी है — ज़रूरत पड़े तो DSWO कार्यालय से पूछें।

पुरुषों को क्यों नहीं? — 2019 की अदालत चुनौती

यह योजना सिर्फ महिला व लड़कियों के लिए है — इस पर 2019 में पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। धुरी (संगरूर) के मलकीत सिंह — जिनकी आँखों की रोशनी तेजाब हमले में चली गई थी — ने याचिका में कहा था कि 2011 की मूल योजना में पुरुष-महिला का भेद नहीं था, लेकिन बाद की योजना में ₹8,000 की मासिक सहायता सिर्फ महिलाओं को दी गई, जो संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का उल्लंघन है। अदालत ने फरवरी 2019 में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। इस चुनौती का नतीजा सत्यापित नहीं हो सका है — अधिसूचना आज भी महिला व लड़कियों तक ही सीमित है। पुरुष पीड़ितों के लिए WCD की राहत व पुनर्वास योजना (₹1 लाख + मुफ्त इलाज) और हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना 2020 के रास्ते खुले हैं।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

बात स्थिति
आवेदन शुल्क अधिसूचना में कोई शुल्क दर्ज नहीं — कार्यालय से पूछें
आवेदन की अंतिम तिथि कोई अंतिम तिथि नहीं — सालभर आवेदन किया जा सकता है
पेंशन शुरू आवेदन के महीने से लागू दर पर; स्वीकृति के बाद हर महीने
पेंशन की अवधि जीवनभर — योजना का उद्देश्य जीवन के अंत तक आय का निरंतर स्रोत देना है
समय-सीमा (RTS) इस योजना के लिए कोई अलग RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है
स्टेटस चेक (ऑनलाइन) कोई ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं है
स्टेटस चेक (ऑफलाइन) जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय — जहाँ आवेदन दिया था
हेल्पलाइन महिला हेल्पलाइन 181 (24×7); आपातकाल 112; बाल हेल्पलाइन 1098; सामाजिक न्याय विभाग 0172-2713277

अंतर समझें — यह योजना बनाम दूसरी योजनाएँ

तेजाब हमले की पीड़िता के पास कई रास्ते हैं — इन्हें आपस में न मिलाएँ:

योजना / रास्ता किसके लिए लाभ मुख्य बात
महिला व बालिका तेजाब पीड़ित वित्तीय सहायता (यह गाइड, सामाजिक न्याय विभाग) सिर्फ महिला/लड़की; हमला 2.5.2011 के बाद; हमले से 3 साल पहले से हरियाणा निवासी जीवनभर मासिक पेंशन — 40–50%: ₹8,000; 51–60%: ₹11,200; 61% से अधिक: ₹14,400 (1 नवंबर 2025 से) जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन; खुद से लगी चोट बाहर; अधिसूचना 4 अक्टूबर 2018
एसिड पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना (WCD, 2018) महिला, लड़की, 18 साल तक के लड़के; हमला 2.5.2011 के बाद; हरियाणा निवासी 15 दिन में ₹1 लाख; 100% मुफ्त इलाज; विकलांग पीड़िता को ₹8,000 महीना; राशन दुकान में प्राथमिकता जिला स्तरीय समिति (उपायुक्त) को 15 दिन के अंदर आवेदन; अधिसूचना 8 मई 2018
हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना 2020 (भाग-I व भाग-II) तेजाब हमले के पीड़ित (भाग-I सभी; भाग-II महिला पीड़ित) अनुसूची के अनुसार मुआवज़ा — राशि देखे गए दस्तावेज़ से सत्यापित नहीं हुई, इसलिए यहाँ नहीं लिखी गई ट्रायल कोर्ट की सिफारिश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) मुआवज़ा देता है — अदालत का रास्ता
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) तेजाब हमले के पीड़ित (केंद्र सरकार) ₹1,00,000 अतिरिक्त (9 नवंबर 2016 से) राज्य योजना से अलग केंद्र की व्यवस्था
घरेलू हिंसा से सुरक्षा (PWDVA 2005) घरेलू हिंसा की महिला पीड़ित सुरक्षा आदेश, निवास आदेश, आर्थिक राहत, हिरासत, मुआवज़ा — कानूनी राहत मुआवज़ा योजना नहीं, कानूनी अधिकार; तेजाब हमले के मामले में अलग से लागू हो सकता है
नि:शुल्क कानूनी सहायता जिन पीड़ितों को वकील चाहिए मुफ्त वकील — सरकार वकील नियुक्त करती है और फीस देती है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से; तेजाब हमले के मामलों में भी लागू

एक ही पीड़िता एक से अधिक रास्तों से मदद ले सकती है — लेकिन एक ही नुकसान के लिए दोहरा मुआवज़ा मिलने के नियम हर योजना में अलग होते हैं। आवेदन से पहले संबंधित कार्यालय से पूछ लें कि कौन-सी मदद एक साथ ली जा सकती है। खासकर यह ध्यान रखें: इस योजना की पेंशन और WCD योजना की ₹8,000 महीने वाली सहायता दो अलग-अलग योजनाओं की हैं — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. इस योजना में कितनी पेंशन मिलेगी?

विकलांगता के प्रतिशत के हिसाब से — 40–50% पर ₹8,000 महीना, 51–60% पर ₹11,200 महीना और 61% से अधिक पर ₹14,400 महीना (1 नवंबर 2025 से, दिव्यांग पेंशन ₹3,200 के गुणक)। यह पेंशन जीवनभर मिलती है।

2. ₹8,000 महीना तो WCD योजना में भी है — क्या दोनों मिलेंगे?

दोनों योजनाओं में ₹8,000 का आँकड़ा है, लेकिन वे दो अलग-अलग योजनाएँ हैं — एक सामाजिक न्याय विभाग की पेंशन (40–50% स्लैब) और दूसरी WCD योजना की मासिक सहायता। क्या दोनों एक साथ ली जा सकती हैं — यह किसी भी अधिसूचना में नहीं लिखा है। आवेदन से पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी / जिला स्तरीय समिति से पूछ लें।

3. क्या पुरुष या लड़के भी पात्र हैं?

नहीं — यह योजना सिर्फ महिला व लड़कियों के लिए है। 18 साल तक के लड़कों को WCD की राहत व पुनर्वास योजना (₹1 लाख + मुफ्त इलाज) मिलती है। 2019 में इस महिला-केवल शर्त को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी (नोटिस जारी हुआ था), लेकिन उसका नतीजा सत्यापित नहीं हो सका है — अधिसूचना आज भी महिला व लड़कियों तक ही सीमित है।

4. हमला 2 मई 2011 से पहले हुआ तो क्या होगा?

इस योजना में नहीं — पात्रता सिर्फ 2 मई 2011 के बाद के हमलों के लिए है। ऐसे मामलों में हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना या कानूनी रास्तों के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से पूछें।

5. क्या इस योजना में आय सीमा है?

नहीं — अधिसूचना में कोई आय सीमा नहीं लिखी है। पात्रता सिर्फ हमले की तारीख, लिंग, 3 साल के निवास और विकलांगता के प्रतिशत पर तय होती है।

6. आवेदन कब तक करना है?

अधिसूचना में कोई अंतिम तिथि नहीं है — सालभर आवेदन किया जा सकता है। लेकिन पेंशन आवेदन के महीने से मिलती है, इसलिए देरी का मतलब है हर महीने की पेंशन का नुकसान — जल्दी आवेदन करें।

7. क्या पहले WCD योजना में आवेदन ज़रूरी है?

कागज़ी तौर पर हाँ — अधिसूचना के दस्तावेज़ों में “WCD विभाग को किए गए आवेदन या मिले लाभ की प्रति” माँगी जाती है। इसलिए पहले WCD की राहत व पुनर्वास योजना में आवेदन करें — उससे ₹1 लाख व मुफ्त इलाज भी मिलेगा।

8. क्या ऑनलाइन आवेदन होगा?

टाइम्स ऑफ इंडिया (जनवरी 2019) के अनुसार SARAL पोर्टल पर घर से, अंत्योदय केंद्र या अटल सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है — और जिला समाज कल्याण अधिकारी को सीधे आवेदन भी दिया जा सकता है। SARAL पर इस योजना के लिए सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका — SARAL पर “Acid” या “तेजाब” खोजकर देखें।

9. क्या खुद से लगी चोट पर भी पेंशन मिलेगी?

नहीं — अधिसूचना साफ कहती है कि तेजाब हमला “किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा हमला” है; जानबूझकर या अनजाने में खुद से लगी चोट इसमें नहीं आती।

10. पेंशन कब तक मिलेगी?

जीवनभर — अधिसूचना का उद्देश्य पीड़िता को “जीवन के अंत तक आय का निरंतर स्रोत” देना है। पेंशन की दर दिव्यांग पेंशन की दर के साथ अपने आप बदलती रहती है — जैसे 1 नवंबर 2025 से दिव्यांग पेंशन ₹3,200 होने पर दरें ₹8,000/₹11,200/₹14,400 हुईं।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा socialjusticehry.gov.in — विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
योजना की अधिसूचना (हरियाणा राजपत्र, 16 अक्टूबर 2018) राजपत्र संख्या 42-2018, अधिसूचना संख्या 1517/SW(4)-2018, 4 अक्टूबर 2018 — योजना का पूरा पाठ (पात्रता, दरें, प्रक्रिया) — राजपत्र पाठ की मिरर प्रति
अंत्योदय SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in — इस योजना के लिए SARAL पर सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका; SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400 (8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से साइट नहीं खुली; अपने ब्राउज़र से खोलकर देखें)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) myscheme.gov.in/search/state/Haryana (इस योजना का myScheme विवरण पेज client-rendered है और सीधे पढ़ा नहीं जा सका)
महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा wcdhry.gov.in — राहत व पुनर्वास योजना (₹1 लाख + मुफ्त इलाज) इसी विभाग की है; पहले वहाँ आवेदन करें
महिला हेल्पलाइन (24×7) 181 — हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए; महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा
बाल हेल्पलाइन 1098 — बच्चों के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर (ERSS 112 से जुड़ा)
सामाजिक न्याय विभाग मुख्यालय SCO 20-27, जीवनदीप बिल्डिंग, तीसरी मंज़िल, सेक्टर 17-A, चंडीगढ़; फोन 0172-2713277; ईमेल [email protected] (विभागीय निर्देशिका सूची से)
हरियाणा राज्य महिला आयोग 0172-2584039, 0172-2583639
आपातकालीन सेवा 112 (ERSS); पुलिस 100

संबंधित गाइड — यह भी पढ़ें: हरियाणा एसिड पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना 2026: ₹1 लाख सहायता व मुफ्त इलाज | घरेलू हिंसा से सुरक्षा 2026: PWDVA के 5 कानूनी उपाय | अनुसूचित जाति व विमुक्त जातियों को मुफ्त कानूनी सहायता 2026

अस्वीकरण

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा सरकार के राजपत्र (अधिसूचना संख्या 1517/SW(4)-2018, 4 अक्टूबर 2018), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना, फरवरी 2026 की पेंशन बढ़ोतरी की खबरों (दिव्यांग पेंशन ₹3,200, 1 नवंबर 2025 से) और myScheme पोर्टल — के आधार पर तैयार की गई है। लाभ की राशि, पात्रता और प्रक्रिया समय के साथ बदल सकते हैं — आवेदन करने से पहले अपने जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी, महिला हेल्पलाइन 181 या सामाजिक न्याय विभाग (0172-2713277) से ताज़ा जानकारी की पुष्टि कर लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर दोनों ₹8,000 वाली मददों का एक साथ मिलना, SARAL पर सेवा का नाम, 2019 की अदालत चुनौती का नतीजा और खबरों में बैंड का अलग लिखा जाना), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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