अदालत में मुकदमा लड़ना महँगा होता है — वकील की फीस ही कई परिवारों की पहुँच से बाहर होती है। इसी वजह से हरियाणा सरकार 1961 से एक खास योजना चला रही है: अनुसूचित जाति और विमुक्त जाति कानूनी सहायता योजना। इसके तहत अनुसूचित जाति (SC) या विमुक्त जाति (Vimukat Jati) के व्यक्ति को कुछ खास तरह के मामलों में मुफ्त वकील मिलता है — वकील की फीस सरकार देती है, आवेदक को एक रुपया भी नहीं देना पड़ता। वकील की फीस ₹22,000 तक जिला कल्याण अधिकारी (DWO) मंज़ूर कर सकता है; इससे ज़्यादा फीस हो तो उपायुक्त (DC) मंज़ूरी देता है। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 हिस्सेदारी वाली है। इस गाइड में पूरी जानकारी है — किन 11 तरह के मामलों में मदद मिलती है, कौन आवेदन कर सकता है, तहसील/जिला कल्याण अधिकारी से कैसे मिलें, SARAL पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, और यह योजना DLSA की मुफ्त कानूनी सहायता से कैसे अलग है।
एक बात साफ समझ लें: ₹22,000 आवेदक को नकद नहीं मिलता — यह वकील की फीस की अधिकतम सीमा है, जो सरकार सीधे वकील को देती है। कुछ वेबसाइटों पर इसे “₹22,000 की सहायता” लिखा गया है — वह सही नहीं है।
योजना एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | अनुसूचित जाति और विमुक्त जाति कानूनी सहायता योजना (Legal Aid to Scheduled Castes and Vimukat Jatis Scheme) — 50:50 |
| शुरुआत | 13 फरवरी 1961 — “Legal Aid to Scheduled Castes (Punjab) Rules, 1960” (पंजाब सरकार अधिसूचना संख्या 13889-6WGI-60/3950); हरियाणा बनने के बाद राज्य में लागू |
| किस्म | हरियाणा राज्य योजना — केंद्र व राज्य सरकार की 50:50 हिस्सेदारी |
| विभाग | सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग (SEWA), हरियाणा |
| लाभ | मुफ्त वकील — सरकार वकील की फीस देती है; आवेदक को कोई फीस नहीं देनी पड़ती |
| फीस की सीमा | वकील की फीस ₹22,000 तक DWO मंज़ूर कर सकता है; इससे ज़्यादा हो तो उपायुक्त (DC) मंज़ूरी देता है (21 जून 2021 के संशोधन से ₹11,000 से बढ़कर ₹22,000) |
| कौन आवेदन कर सकता है | हरियाणा का निवासी जो अनुसूचित जाति या विमुक्त जाति का हो (जाति प्रमाण पत्र से) |
| आय सीमा | योजना के नियमों/विभागीय पेज में कोई आय सीमा नहीं दी गई है — पात्रता जाति आधारित है |
| कहाँ आवेदन करें | तहसील कल्याण अधिकारी (TWO) या जिला कल्याण अधिकारी (DWO) कार्यालय; ऑनलाइन — अंत्योदय केंद्र या saralharyana.gov.in |
| आवेदन शुल्क | कोई शुल्क नहीं — आवेदन निःशुल्क |
| अंतिम तिथि | कोई तय अंतिम तिथि नहीं — योजना जारी है; कभी भी आवेदन किया जा सकता है |
| संपर्क | अपने जिले के जिला कल्याण अधिकारी (DWO) कार्यालय; NALSA हेल्पलाइन 15100 (24×7, निःशुल्क) |
₹22,000 का मतलब क्या है?
इस योजना में सरकार आवेदक को पैसे नहीं देती — वह वकील नियुक्त करती है और उसकी फीस चुकाती है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- वकील की नियुक्ति: जिला कल्याण अधिकारी (DWO) जिले के लिए रखी गई राज्य सूची (State List) से वकील नियुक्त करता है — आवेदक को खुद वकील ढूँढने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- फीस की मंज़ूरी: वकील के फीस बिल पर DWO ₹22,000 तक की मंज़ूरी दे सकता है। अगर फीस ₹22,000 से ज़्यादा हो, तो उपायुक्त (DC) मंज़ूरी देता है — लॉ मैनुअल में तय दरों के अनुसार।
- सीमा का इतिहास: पहले यह सीमा ₹11,000 थी; 21 जून 2021 की अधिसूचना (संख्या 270-SW(1)-2021) से इसे बढ़ाकर ₹22,000 किया गया।
- आवेदक को क्या मिलता है: मुकदमा लड़ने/दायर करने के लिए मुफ्त वकील — कोई फीस, कोई खर्च नहीं।
किन मामलों में मदद मिलती है?
विभागीय पेज के अनुसार यह सहायता सिर्फ नीचे दिए गए तरह के मामलों में मिलती है — हर मुकदमे में नहीं:
| क्र. | मामले का प्रकार | मतलब |
|---|---|---|
| 1 | निजी शिकायत पर आपराधिक मामले | प्राइवेट शिकायत पर शुरू किए गए आपराधिक मामले, जिनमें CrPC 1898 के अध्याय VIII के तहत सुरक्षा कार्यवाही भी शामिल है |
| 2 | ज़मीन/अचल संपत्ति से बेदखली | ज़मीन या अन्य अचल संपत्ति से निकाले जाने के मामले |
| 3 | मकान मालिक द्वारा किराया वसूली | मकान मालिक के किराया वसूलने के मामले |
| 4 | राजस्व अधिकारी के पास किराया जमा करना | जब मकान मालिक किराया लेने या रसीद देने से मना करे, या यह संदेह हो कि किराया किसे मिलना चाहिए |
| 5 | खसरा गिरदावरी में सुधार | मकान मालिकों द्वारा खसरा गिरदावरी ठीक कराने के मामले |
| 6 | रास्ते के अधिकार का दावा | आने-जाने के रास्ते (right of way) के मामले |
| 7 | गोबर के ढेर जबरन हटाना | गोबर के ढेर जबरन हटाए जाने के मामले |
| 8 | छुआछूत/पानी/मंदिर-छात्रावास में प्रवेश से रोक पर मुआवज़ा | छुआछूत मानने, पीने का पानी न देने, या मंदिर/छात्रावास में प्रवेश से रोकने से हुई परेशानी का मुआवज़ा |
| 9 | फसल में सेरी, संजी या सीपीदार का हिस्सा | कृषि उपज में सेरी, संजी या सीपीदार के हिस्से के मामले |
| 10 | अपहरण/बहला-फुसलाकर ले जाने पर हर्जाना | महिलाओं/लड़कियों के अपहरण या बहला-फुसलाकर ले जाए जाने पर पति या माता-पिता द्वारा Law of Torts के तहत हर्जाने का दावा |
| 11 | सेवाओं में आरक्षण के मामले | अनुसूचित जाति/विमुक्त जाति/टपरीवास कर्मचारियों द्वारा अदालत में दायर आरक्षण संबंधी मामले |
ध्यान दें: आपका मामला इस सूची में है या नहीं — यह जिला कल्याण अधिकारी तय करता है। आवेदन मिलने पर DWO पहले यह जाँचता है कि मामला सहायता के लायक है या नहीं, फिर वकील नियुक्त करता है।
कौन आवेदन कर सकता है?
- हरियाणा का निवासी होना चाहिए।
- अनुसूचित जाति (SC) या विमुक्त जाति (Vimukat Jati) का सदस्य होना चाहिए — जाति प्रमाण पत्र से साबित करना होगा।
- मामला ऊपर दी गई सूची के प्रकारों में से एक होना चाहिए।
- कोई आय सीमा नहीं: विभागीय पेज और नियमों में इस योजना के लिए कोई आय सीमा नहीं दी गई है — पात्रता जाति आधारित है, आय आधारित नहीं। (DLSA की मुफ्त कानूनी सहायता में भी SC/ST के लिए कोई आय सीमा नहीं है — नीचे “अंतर समझें” देखें।)
- मामला दायर करना हो या बचाव करना हो — दोनों के लिए सहायता मिलती है (defending and instituting)।
विमुक्त जाति (Vimukat Jatis) कौन हैं?
“विमुक्त जाति” वे समुदाय हैं जिन्हें अंग्रेज़ों के समय में Criminal Tribes Act, 1871 के तहत “अपराधी जनजाति” घोषित किया गया था। आज़ादी के बाद 1952 में यह कानून खत्म हुआ और इन समुदायों को “विमुक्त” (denotified) किया गया — इसलिए इन्हें विमुक्त जाति कहा जाता है। हरियाणा में इन समुदायों को टपरीवास समुदायों के साथ जोड़ा जाता है। इस योजना में विमुक्त जाति के लोगों को अनुसूचित जाति के बराबर ही कानूनी सहायता मिलती है। नोट: हरियाणा की विमुक्त जातियों की अलग से प्रकाशित आधिकारिक सूची इस शोध में सत्यापित नहीं हुई है — अपनी जाति इस श्रेणी में आती है या नहीं, यह जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से पूछकर पुष्टि कर लें।
आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
दो रास्ते हैं — ऑफलाइन (सत्यापित, नियमों में दर्ज) और ऑनलाइन (विभागीय पेज पर दर्ज):
- अपने जिले के जिला कल्याण अधिकारी (DWO) या तहसील कल्याण अधिकारी (TWO) कार्यालय जाएँ: आवेदन TWO या DWO को दिया जाता है। DWO कार्यालय आमतौर पर जिला सचिवालय/लघु सचिवालय परिसर में होता है — पता अपने जिले के उपायुक्त कार्यालय या 181/सरल हेल्पलाइन से पूछ लें।
- आवेदन दें: सादा आवेदन (Simple Application) — अपना नाम, पता, जाति, मामले का विवरण और क्या राहत चाहिए, यह लिखें। साथ में नीचे दिए दस्तावेज़ लगाएँ।
- DWO मामले की जाँच करेगा: नियमों के अनुसार TWO/DWO आवेदन मिलते ही यह जाँचता है कि मामला सहायता के लायक है या नहीं। अगर मामला ठीक पाया गया, तो DWO तुरंत आदेश जारी करता है।
- वकील नियुक्त होगा: DWO जिले की राज्य सूची से वकील नियुक्त करता है — वकील आपके मामले को अदालत में लड़ेगा या दायर करेगा।
- फीस सरकार देगी: वकील के फीस बिल पर DWO ₹22,000 तक मंज़ूरी देता है; इससे ज़्यादा हो तो उपायुक्त (DC) मंज़ूरी देता है। आपको वकील को कोई फीस नहीं देनी है।
- ऑनलाइन आवेदन (वैकल्पिक): विभागीय पेज के अनुसार ऑनलाइन आवेदन के लिए नज़दीकी अंत्योदय केंद्र जाएँ या saralharyana.gov.in पर जाएँ। ध्यान दें: SARAL पर इस योजना की सेवा का सटीक नाम इस शोध में सत्यापित नहीं हुआ है — पोर्टल पर “Legal Aid” खोजें या अंत्योदय केंद्र/CSC से पूछें।
अगर DWO आवेदन ठुकरा दे तो: नियमों में DWO को मामले की उपयुक्तता जाँचने का अधिकार है — अगर आपका मामला इस सूची में नहीं आता, तो DLSA का रास्ता अपनाएँ (नीचे देखें), जहाँ SC/ST सदस्यों को हर तरह के मामले में मुफ्त कानूनी सहायता मिलती है।
दस्तावेज़ क्या-क्या चाहिए?
विभागीय पेज पर कोई दस्तावेज़ सूची प्रकाशित नहीं है — नीचे दी गई सूची सामान्य सरकारी प्रक्रिया के अनुसार है; अंतिम सूची के लिए DWO/TWO कार्यालय से पूछ लें:
| दस्तावेज़ | क्यों चाहिए |
|---|---|
| पहचान प्रमाण — आधार कार्ड / वोटर ID | आपकी पहचान के लिए |
| हरियाणा निवास प्रमाण — अधिवास प्रमाण पत्र / PPP फैमिली ID | हरियाणा का निवासी साबित करने के लिए |
| जाति प्रमाण पत्र — SC / विमुक्त जाति | पात्रता (SC या विमुक्त जाति) साबित करने के लिए — सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ |
| मामले से जुड़े कागज़ — नोटिस, कोर्ट के कागज़, ज़मीन के रिकॉर्ड, खसरा गिरदावरी आदि | DWO को मामला समझने और उपयुक्तता जाँचने के लिए |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | आवेदन पत्र के लिए |
| मोबाइल नंबर | संपर्क और SMS अपडेट के लिए |
नोट: दस्तावेज़ों की कमी के कारण कोई भी अधिकारी आपका आवेदन लेने से मना नहीं कर सकता — दस्तावेज़ बाद में भी जमा किए जा सकते हैं। जाति प्रमाण पत्र SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) से ऑनलाइन बनवाया जा सकता है।
शुल्क, समय-सीमा और स्थिति जाँच
| विषय | स्थिति |
|---|---|
| आवेदन शुल्क | कोई शुल्क नहीं — आवेदन निःशुल्क है |
| वकील की फीस | सरकार देती है — DWO ₹22,000 तक, DC इससे ज़्यादा (लॉ मैनुअल की दरों पर) |
| आवेदन की जाँच | TWO/DWO आवेदन मिलते ही मामले की उपयुक्तता जाँचता है (नियम 5, 1976 संशोधन) |
| स्थिति जाँच (ऑनलाइन) | SARAL पर आवेदन किया हो तो status.saralharyana.nic.in पर आवेदन संख्या से देखें |
| स्थिति जाँच (ऑफ़लाइन) | जिला कल्याण अधिकारी (DWO) कार्यालय — जहाँ आवेदन दिया था |
| अंतिम तिथि | कोई तय अंतिम तिथि नहीं — योजना 1961 से जारी है; कभी भी आवेदन किया जा सकता है |
| समय-सीमा (RTS) | कोई RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — कोई समय-सीमा गाइड में नहीं दी गई है |
अंतर समझें — SEWA योजना बनाम DLSA/NALSA मुफ्त कानूनी सहायता
हरियाणा में SC समुदाय के लोगों को मुफ्त कानूनी मदद के दो अलग-अलग रास्ते हैं — दोनों को मिलाएँ नहीं:
| बिंदु | SEWA कानूनी सहायता योजना (यह गाइड) | DLSA / NALSA मुफ्त कानूनी सहायता |
|---|---|---|
| कानून/नियम | Legal Aid to SC (Punjab) Rules, 1960 (13 फरवरी 1961); हरियाणा SEWA विभाग | विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12; NALSA / हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HSLSA) |
| किसके लिए | SC और विमुक्त जाति के सदस्य | SC/ST सहित महिलाएँ, बच्चे, दिव्यांग, कम आय वाले और अन्य पात्र वर्ग — SC/ST के लिए कोई आय सीमा नहीं |
| किन मामलों में | सिर्फ ऊपर दी गई 11 तरह के मामले | हर तरह के मामले — सिविल, आपराधिक, सभी अदालतें और ट्रिब्यूनल |
| कहाँ जाएँ | तहसील/जिला कल्याण अधिकारी (DWO); ऑनलाइन SARAL | जिले की DLSA (जिला न्यायालय परिसर, ADR सेंटर); NALSA हेल्पलाइन 15100 |
| वकील कौन देता है | DWO राज्य सूची से वकील नियुक्त करता है | DLSA पैनल वकील / लीगल एड डिफेंस काउंसिल नियुक्त करती है |
| फीस | सरकार देती है — DWO ₹22,000 तक, DC इससे ज़्यादा | पूरी तरह मुफ्त — वकील, सलाह, कोर्ट फीस सब |
कौन-सा रास्ता चुनें? अगर आपका मामला ऊपर दी गई 11 श्रेणियों में आता है, तो SEWA योजना सीधी है। अगर मामला उन श्रेणियों में नहीं आता — या आपको तुरंत सलाह चाहिए — तो DLSA का रास्ता अपनाएँ: अपने जिले की DLSA में जाएँ या 15100 पर कॉल करें। दोनों रास्ते एक-दूसरे को रोकते नहीं।
मुफ्त कानूनी सहायता के अन्य रास्ते
- NALSA हेल्पलाइन 15100 (24×7, निःशुल्क): मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन — कॉल पर ही बताया जाएगा कि नज़दीकी DLSA कहाँ है और क्या करना है।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA): हर जिले के न्यायालय परिसर में DLSA कार्यालय (ADR सेंटर) होता है — वहाँ जाकर मुफ्त वकील के लिए आवेदन करें। SC/ST सदस्य धारा 12 के तहत बिना आय सीमा के हकदार हैं।
- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HSLSA): Institutional Plot No. 9, Sector-14, पंचकूला — 134109; फोन 0172-2583309 / 0172-2586309; ईमेल [email protected]।
- लोक अदालत: HSLSA/DLSA समय-समय पर लोक अदालतें लगाते हैं — आपसी समझौते से मुकदमा जल्दी निपटाने का रास्ता; फैसला अंतिम होता है।
- अत्याचार के मामले अलग रास्ता: SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत पीड़ितों को अलग से आर्थिक सहायता मिलती है (जिला प्रशासन के अनुसार ₹85,000 से ₹8,25,000 तक) — यह इस योजना से अलग है; ऐसे मामले में तुरंत पुलिस/FIR और DWO से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या मुझे ₹22,000 नकद मिलेंगे?
नहीं। ₹22,000 वकील की फीस की अधिकतम सीमा है — यह पैसा सरकार सीधे वकील को देती है। आपको मुफ्त वकील मिलता है, नकद राशि नहीं।
2. कौन आवेदन कर सकता है?
हरियाणा का निवासी जो अनुसूचित जाति या विमुक्त जाति का हो। जाति प्रमाण पत्र से पात्रता साबित करनी होगी। इस योजना में कोई आय सीमा नहीं दी गई है।
3. किन मामलों में मदद मिलती है?
सिर्फ 11 तरह के मामलों में — निजी शिकायत पर आपराधिक मामले, ज़मीन से बेदखली, किराया, खसरा गिरदावरी, रास्ते का अधिकार, छुआछूत पर मुआवज़ा, फसल का हिस्सा, अपहरण पर हर्जाना और आरक्षण के मामले। पूरी सूची ऊपर दी गई है।
4. आवेदन कहाँ करें — ऑनलाइन या ऑफलाइन?
दोनों। ऑफलाइन: अपने जिले के तहसील कल्याण अधिकारी (TWO) या जिला कल्याण अधिकारी (DWO) को सादा आवेदन दें। ऑनलाइन: अंत्योदय केंद्र जाएँ या saralharyana.gov.in पर आवेदन करें — SARAL पर सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए पोर्टल पर “Legal Aid” खोजें या केंद्र से पूछें।
5. वकील कौन देगा — क्या मैं अपना वकील चुन सकता हूँ?
नहीं — वकील DWO जिले की राज्य सूची से नियुक्त करता है। वकील की फीस सरकार देती है — ₹22,000 तक DWO, इससे ज़्यादा हो तो उपायुक्त (DC) मंज़ूरी देता है।
6. क्या कोई अंतिम तिथि है?
नहीं। यह योजना 1961 से जारी है — कोई तय अंतिम तिथि नहीं है; कभी भी आवेदन किया जा सकता है।
7. अगर मेरा मामला इन 11 श्रेणियों में नहीं आता तो क्या करूँ?
तो DLSA का रास्ता अपनाएँ — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला न्यायालय परिसर) में जाएँ या NALSA हेल्पलाइन 15100 पर कॉल करें। धारा 12 के तहत SC/ST सदस्यों को हर तरह के मामले में बिना आय सीमा के मुफ्त कानूनी सहायता मिलती है।
8. क्या इस योजना में कोई आय सीमा है?
विभागीय पेज और नियमों में कोई आय सीमा नहीं दी गई है — पात्रता जाति आधारित है। अगर DWO कार्यालय आय प्रमाण माँगे, तो उनसे लिखित में पूछें कि यह किस नियम के तहत माँगा जा रहा है।
9. आवेदन में कितना खर्च आएगा?
कुछ नहीं — आवेदन निःशुल्क है और वकील की फीस सरकार देती है। अगर कोई पैसे माँगे, तो सावधान रहें और DWO कार्यालय या 15100 पर शिकायत करें।
10. विमुक्त जाति (Vimukat Jati) का मतलब क्या है?
विमुक्त जाति वे समुदाय हैं जिन्हें अंग्रेज़ों के समय Criminal Tribes Act, 1871 के तहत “अपराधी जनजाति” कहा गया था; 1952 में कानून खत्म होने पर इन्हें “विमुक्त” (denotified) किया गया। हरियाणा में इन्हें टपरीवास समुदायों के साथ जोड़ा जाता है। अपनी जाति इस श्रेणी में आती है या नहीं — DWO कार्यालय से पुष्टि कर लें।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
| काम | लिंक / संपर्क |
|---|---|
| SEWA विभाग — योजना पेज | sewa.haryana.gov.in — Legal Aid to SC and Vimukat Jatis (50:50) (मामलों की सूची, ₹22,000 सीमा और SARAL नोट — आधिकारिक पेज) |
| संशोधन अधिसूचना 21.06.2021 (PDF) | अधिसूचना संख्या 270-SW(1)-2021 — फीस सीमा ₹11,000 से ₹22,000 (SEWA विभाग की साइट से) |
| myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) | myscheme.gov.in/search/state/Haryana (इस योजना का myScheme विवरण पेज client-rendered है और सीधे पढ़ा नहीं जा सका) |
| अंत्योदय SARAL पोर्टल | saralharyana.gov.in — ऑनलाइन आवेदन; SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400; स्थिति जाँच status.saralharyana.nic.in |
| हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HSLSA) | haryana.nalsa.gov.in — Institutional Plot No. 9, Sector-14, पंचकूला — 134109; 0172-2583309 / 0172-2586309; [email protected] |
| राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) | nalsa.gov.in — मुफ्त कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 (24×7, निःशुल्क) |
| जिला कल्याण अधिकारी (DWO) | अपने जिले का DWO कार्यालय (जिला सचिवालय/लघु सचिवालय परिसर) — आवेदन और स्थिति जाँच के लिए |
| आपातकालीन सेवा | 112 (ERSS); पुलिस 100 |
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अस्वीकरण
यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा SEWA विभाग का योजना पेज, 21 जून 2021 की संशोधन अधिसूचना (संख्या 270-SW(1)-2021), हरियाणा राजपत्र 27 अप्रैल 1976, NALSA/HSLSA की जानकारी और myScheme पोर्टल — के आधार पर तैयार की गई है। यह गाइड कानूनी जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं है — अपने मामले के लिए जिला कल्याण अधिकारी, DLSA के वकील या किसी अधिवक्ता से सलाह ज़रूर लें। हेल्पलाइन नंबर, कार्यालयों के पते और नियम समय के साथ बदल सकते हैं — संपर्क करने से पहले 15100 या DWO कार्यालय से ताज़ा जानकारी की पुष्टि कर लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है, वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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