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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड मृत्यु सहायता 2026: विधवा/आश्रित को ₹2 लाख, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड मृत्यु सहायता 2026: विधवा/आश्रित को ₹2 लाख, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 11:08 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा में फैक्ट्री, दुकान या किसी औद्योगिक संस्थान में काम करने वाले श्रमिक की मृत्यु हो जाए, तो उसके परिवार को हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (HLWB) से एकमुश्त ₹2,00,000 की वित्तीय सहायता मिलती है। यह सहायता मृतक श्रमिक की विधवा या आश्रित को दी जाती है — बशर्ते श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत रहा हो, उसकी सेवा अवधि कम से कम 6 महीने रही हो और उसका मासिक वेतन ₹20,000 से अधिक न रहा हो। इसके साथ दाह संस्कार के लिए अलग से ₹15,000 भी मिलता है, यानी दोनों दावे मिलाकर परिवार को कुल ₹2,15,000 तक मिल सकते हैं। इस गाइड में पूरी पात्रता, दस्तावेज़, आवेदन की प्रक्रिया, समय-सीमा और वे भ्रम भी समझाए गए हैं जिनमें लोग इस योजना को निर्माण श्रमिकों की ₹2 लाख वाली मृत्यु सहायता या ₹5 लाख वाली दुर्घटना-मृत्यु योजना से मिला देते हैं।

योजना एक नज़र में

यह योजना हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की है, जो पंजाब श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1965 की धारा 4 के तहत बना है। बोर्ड औद्योगिक संस्थानों, दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए बना है — नियोक्ता (मालिक) श्रमिकों की ओर से श्रम कल्याण निधि में अंशदान देता है और उसी निधि से ये लाभ दिए जाते हैं। नीचे की तालिका में योजना की मुख्य बातें एक जगह दी गई हैं।

बात विवरण
योजना का नाम मृतक श्रमिक की विधवा/आश्रित को वित्तीय सहायता (Financial Assistance to Widow/Dependent in case of Death of a Worker)
बोर्ड हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (Haryana Labour Welfare Board — HLWB)
कानून पंजाब श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1965 (धारा 4 के तहत बोर्ड का गठन)
लाभ एकमुश्त ₹2,00,000 — विधवा/आश्रित को; दाह संस्कार के लिए अलग से ₹15,000
किसे मिलेगा पंजीकृत श्रमिक (औद्योगिक संस्थान/दुकान/वाणिज्यिक प्रतिष्ठान) की विधवा या आश्रित को
सेवा अवधि 6 महीने
मासिक वेतन सीमा ₹20,000 (मृतक श्रमिक का मासिक वेतन इससे अधिक नहीं होना चाहिए)
आय सीमा परिवार की आय की कोई सीमा तालिका में नहीं दी गई है — केवल श्रमिक के वेतन की सीमा है
आवेदन ऑनलाइन — hrylabour.gov.in / अंत्योदय सरल पोर्टल; ऑफलाइन — जिला श्रम कल्याण कार्यालय
शुल्क कोई शुल्क नहीं
समय-सीमा (RTS) 90 दिन — सेवा अधिकार अधिनियम के तहत (सेवा संख्या 273)
आवेदन की अंतिम तारीख कोई नहीं — साल भर आवेदन किया जा सकता है
स्रोत हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ (hisar.gov.in/labour-welfare/), पंक्ति 19 — 8 नवंबर 2026 को लाइव देखा गया

कितनी सहायता मिलेगी?

मृतक श्रमिक के परिवार को मिलने वाली सहायता एकमुश्त है — यानी एक बार में पूरी राशि। हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ की आधिकारिक तालिका में इस योजना की राशि साफ लिखी है: ₹2,00,000। इसके अलावा उसी तालिका की अगली पंक्ति में दाह संस्कार (अंतिम संस्कार) के लिए ₹15,000 की अलग सहायता दी गई है। हरियाणा श्रम विभाग की 2019 की अधिसूचना के सारांश में भी यही कहा गया है कि श्रम कल्याण निधि से विधवा और आश्रितों को कुल ₹2,15,000 की सहायता मिलती है — यानी ₹2,00,000 मृत्यु सहायता + ₹15,000 दाह संस्कार सहायता। इसलिए परिवार को दोनों दावों के लिए अलग-अलग आवेदन करना चाहिए, ताकि कोई राशि छूट न जाए।

सहायता राशि किसे शर्त
मृत्यु सहायता (मुख्य दावा) ₹2,00,000 एकमुश्त मृतक श्रमिक की विधवा/आश्रित सेवा अवधि 6 महीने; मासिक वेतन ₹20,000 तक
दाह संस्कार सहायता ₹15,000 एकमुश्त विधवा/आश्रित (अलग दावा) वही 6 महीने की सेवा अवधि; दस्तावेज़ मुख्य दावे जैसे ही
दोनों दावे मिलाकर ₹2,15,000 परिवार दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करें
कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु (अलग योजना — मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना) ₹5,00,000 एकमुश्त नामांकित व्यक्ति/कानूनी उत्तराधिकारी मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना से हुई हो; FIR व पोस्टमार्टम रिपोर्ट ज़रूरी
दुर्घटना में विकलांगता (उसी योजना में) ₹50,000 से ₹1,00,000 श्रमिक विकलांगता के प्रतिशत/गंभीरता के हिसाब से; 1 जनवरी 2014 से लागू

एक बात साफ समझ लें — ₹5 लाख इस योजना की राशि नहीं है। ₹5 लाख मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना की राशि है, जो केवल तब मिलती है जब श्रमिक की मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना में हुई हो। कई वेबसाइटें ₹5 लाख का आंकड़ा दिखाकर इस योजना का प्रचार करती हैं — वह गलत है।

राशि के भुगतान के तरीके के बारे में आधिकारिक तालिका में कुछ नहीं लिखा है, इसलिए गाइड में यह दावा नहीं किया जा रहा कि पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT) आएगा या चेक से मिलेगा। कुछ एग्रीगेटर वेबसाइटों का कहना है कि राशि कानूनी उत्तराधिकारी के बैंक खाते में सीधे भेजी जाती है, लेकिन यह आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं है — आवेदन करते समय जिला कार्यालय से भुगतान का तरीका ज़रूर पूछ लें।

सबसे बड़ा भ्रम — ₹2 लाख वाली तीन योजनाएँ

हरियाणा में श्रमिक की मृत्यु पर ₹2 लाख की राशि तीन अलग-अलग जगहों पर दिखती है, और यही सबसे बड़ा भ्रम है। लोग एक योजना का नाम पढ़कर दूसरी योजना के नियम लागू कर देते हैं, गलत कार्यालय में आवेदन कर देते हैं, या गलत दस्तावेज़ लेकर चले जाते हैं। नीचे की तालिका में तीनों को अलग-अलग करके दिखाया गया है — आवेदन करने से पहले यह तालिका ज़रूर पढ़ें।

योजना बोर्ड राशि किसके लिए मुख्य शर्त
विधवा/आश्रित को वित्तीय सहायता (यह योजना — हिसार तालिका पंक्ति 19) हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (HLWB) ₹2,00,000 औद्योगिक संस्थान/दुकान/वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के पंजीकृत श्रमिक की विधवा/आश्रित सेवा 6 महीने; मासिक वेतन ₹20,000 तक; मृत्यु का कारण तालिका में नहीं लिखा
मृत्यु सहायता (नियम 57) हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB/BOCW) ₹2,00,000 पंजीकृत निर्माण श्रमिक के नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी प्राकृतिक मृत्यु (बीमारी/प्राकृतिक कारण); निर्माण श्रमिक होना ज़रूरी
मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना (हिसार तालिका पंक्ति 21) दोनों बोर्डों की तालिकाओं में दर्ज — HLWB और BOCW ₹5,00,000 पंजीकृत श्रमिक के नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना से हुई हो; FIR व पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनिवार्य

दूसरा भ्रम एग्रीगेटर वेबसाइटों से पैदा होता है। कुछ योजना-वेबसाइटें “हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड मृत्यु सहायता योजना” के नाम से ₹2 लाख की जानकारी देती हैं, लेकिन उसके अंदर निर्माण श्रमिकों (BOCW) की बात लिखती हैं — नियम 57, प्राकृतिक मृत्यु की शर्त। यह जानकारी BOCW की है, HLWB की नहीं। इस गाइड में हर जगह वही तथ्य दिए गए हैं जो हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ की आधिकारिक तालिका और श्रम विभाग की RTS सेवा-सूची में लिखे हैं।

तीसरा भ्रम मृत्यु के कारण को लेकर है। एक एग्रीगेटर का कहना है कि यह सहायता “केवल कार्य के दौरान या कार्यस्थल दुर्घटना से हुई हानि” पर मिलती है — लेकिन हिसार की आधिकारिक तालिका की पंक्ति 19 में मृत्यु के कारण के बारे में कुछ नहीं लिखा है; कार्यस्थल दुर्घटना के लिए अलग पंक्ति (21) में ₹5 लाख लिखे हैं। इसलिए तालिका के हिसाब से ₹2 लाख वाली सहायता पर मृत्यु के कारण की कोई शर्त नहीं है — फिर भी आवेदन से पहले जिला श्रम कल्याण अधिकारी से पुष्टि कर लेना सबसे सुरक्षित है।

चौथा भ्रम मुख्यमंत्री के निर्देश को लेकर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के नियम बदलकर कार्यस्थल से बाहर हुई मृत्यु पर भी परिवार को ₹5 लाख दिए जाएँ — अभी नियम के अनुसार कार्यस्थल पर मृत्यु पर ₹5 लाख और बाहर मृत्यु पर ₹2 लाख का प्रावधान है। यह अभी निर्देश है, अधिसूचना नहीं — जब तक नई अधिसूचना नहीं आती, पोर्टल पर दिख रही राशि ही अंतिम मानी जाएगी। और यह निर्देश निर्माण श्रमिकों के बोर्ड (HBOCWWB) के संदर्भ में था — HLWB पर लागू होगा या नहीं, यह सत्यापित नहीं हुआ है।

कौन पात्र है?

पात्रता की शर्तें हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ की तालिका में साफ लिखी हैं। इनमें सबसे पहली शर्त यह है कि मृतक श्रमिक हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत रहा हो — यानी उसका नाम बोर्ड की सूची में दर्ज रहा हो और नियोक्ता ने उसके लिए श्रम कल्याण निधि में अंशदान दिया हो। दूसरी शर्त सेवा अवधि 6 महीने की है। तीसरी शर्त मासिक वेतन ₹20,000 की सीमा है — मृतक श्रमिक का मासिक वेतन इससे अधिक नहीं होना चाहिए। इन तीनों शर्तों के साथ-साथ आवेदक का मृतक से संबंध भी साबित करना होता है — आवेदक मृतक की विधवा हो या उसका आश्रित।

शर्त विवरण कैसे साबित होगा
पंजीकृत श्रमिक मृतक हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक रहा हो — औद्योगिक संस्थान, दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान का कर्मकार कर्मचारी प्रमाण-पत्र (Employee Certificate) व नियोक्ता प्रमाण-पत्र (Employer Certificate)
सेवा अवधि कम से कम 6 महीने नियोक्ता प्रमाण-पत्र व वेतन पर्ची (Salary Slip) से
मासिक वेतन ₹20,000 से अधिक नहीं वेतन पर्ची से — यह सीमा मृतक के वेतन पर है, परिवार की आय पर नहीं
आवेदक का संबंध मृतक की विधवा या आश्रित मृत्यु प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड व शपथ-पत्र (Affidavit) से
हरियाणा से संबंध श्रमिक हरियाणा के प्रतिष्ठान में काम करता रहा हो (तालिका में अलग से अधिवास की शर्त नहीं लिखी है) नियोक्ता प्रमाण-पत्र व ESI कार्ड से

एक बात पर खास ध्यान दें — तालिका में परिवार की आय की कोई सीमा नहीं दी गई है। ₹20,000 की सीमा मृतक श्रमिक के मासिक वेतन की है, परिवार की सालाना आय की नहीं। तालिका में माँगे गए दस्तावेज़ों की सूची में आय प्रमाण-पत्र नहीं है — अगर माँगा जाए तो पूछ लें कि वह किस नियम के तहत माँगा जा रहा है।

सेवा अवधि के बारे में भी एक सावधानी ज़रूरी है। तालिका में सिर्फ “Period of Service — Six Month” लिखा है — यह नहीं लिखा कि ये 6 महीने एक ही नियोक्ता के पास लगातार सेवा होनी चाहिए या कुल पंजीकृत सेवा। अगर श्रमिक ने बीच में नौकरी बदली हो, तो पात्रता पर सवाल उठ सकता है — ऐसे मामलों में पहले जिला श्रम कल्याण अधिकारी से पूछ लेना बेहतर है।

कौन पात्र नहीं है?

जो परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हैं, उन्हें जानना उतना ही ज़रूरी है जितना पात्रता जानना — क्योंकि गलत बोर्ड में आवेदन करने पर समय बर्बाद होता है और दावा खारिज हो जाता है। नीचे दिए गए मामलों में यह योजना लागू नहीं होती।

निर्माण श्रमिक का परिवार: अगर मृतक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार था, तो उसका परिवार इस योजना में आवेदन नहीं कर सकता। उनके लिए हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) की मृत्यु सहायता (नियम 57, ₹2,00,000) और मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना (₹5,00,000) हैं — पूरी जानकारी हमारी गाइड हरियाणा BOCW मृत्यु सहायता 2026 में दी गई है।

6 महीने से कम सेवा या वेतन ₹20,000 से अधिक: अगर मृतक की सेवा अवधि 6 महीने से कम रही हो, या उसका मासिक वेतन ₹20,000 से अधिक था, तो तालिका की शर्त के हिसाब से ₹2 लाख वाला दावा नहीं बनता। लेकिन अगर मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना से हुई हो, तो ₹5 लाख वाली योजना में सेवा अवधि और वेतन की कोई सीमा नहीं है — वह रास्ता तब भी खुला रह सकता है।

अपंजीकृत श्रमिक: अगर श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत ही नहीं था — नियोक्ता ने उसका पंजीकरण नहीं कराया था और निधि में अंशदान नहीं दिया था — तो बोर्ड की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलता। ऐसे परिवारों के लिए दयालु योजना (DAYALU) जैसा अलग रास्ता हो सकता है, जिसके बारे में नीचे “अंतर समझें” वाले हिस्से में बताया गया है।

फर्जी पंजीकरण: दिसंबर 2025 में सामने आए फर्जी वर्क-स्लिप घोटाले में 13 जिलों में 1,93,756 पंजीकरण फर्जी पाए गए थे — वह घोटाला निर्माण श्रमिकों (BOCW) से जुड़ा था, HLWB से नहीं, लेकिन अगर किसी श्रमिक का पंजीकरण ही फर्जी पाया जाता है तो उसका दावा खारिज हो जाएगा। आवेदन से पहले पंजीकरण की स्थिति ज़रूर जाँच लें।

“आश्रित” का मतलब क्या है? — परिभाषा सत्यापित नहीं

योजना का नाम है — “मृतक श्रमिक की विधवा/आश्रित को वित्तीय सहायता”। “विधवा” तो साफ है — मृतक श्रमिक की पत्नी। लेकिन “आश्रित” की कोई परिभाषा किसी भी उपलब्ध आधिकारिक स्रोत में नहीं मिली है। न हिसार की तालिका में, न श्रम विभाग की RTS सेवा-सूची में, न myScheme की सूची में यह लिखा है कि आश्रित में कौन-कौन आता है — बच्चे, माता-पिता, अविवाहित बेटी, या कोई और।

श्रम विभाग की RTS सूची में इस सेवा का नाम “Financial assistance to dependent of deceased employee” लिखा है — यानी “मृतक कर्मचारी के आश्रित को सहायता” — लेकिन वहाँ भी “dependent” की परिभाषा नहीं दी गई है। कुछ एग्रीगेटर वेबसाइटों का कहना है कि सहायता नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को मिलती है और इसके लिए उत्तराधिकारी का प्रमाण-पत्र देना होता है। यह जानकारी एग्रीगेटर की है, आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं हुई है, इसलिए गाइड में इसे तथ्य की तरह नहीं लिखा जा रहा — सिर्फ इसलिए बताया जा रहा है ताकि पाठक को पता रहे कि कार्यालय में यह सवाल उठ सकता है।

व्यावहारिक सलाह यही है: अगर मृतक की पत्नी जीवित है, तो दावा उसी के नाम से करें — “विधवा” शब्द योजना के नाम में सबसे पहले है। अगर पत्नी नहीं है, तो बच्चों या माता-पिता के दावे के लिए कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र और शपथ-पत्र तैयार रखें, और पहले जिला श्रम कल्याण अधिकारी से पूछ लें कि उनके कार्यालय में “आश्रित” की क्या परिभाषा मानी जाती है। आश्रितों की कोई सूची इस गाइड में जानबूझकर नहीं दी गई है, क्योंकि वह सत्यापित नहीं है।

ज़रूरी दस्तावेज़

हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ की तालिका में इस योजना के लिए 7 दस्तावेज़ लिखे हैं — ये वही दस्तावेज़ हैं जो बोर्ड की लगभग हर योजना में माँगे जाते हैं। नीचे की तालिका में हर दस्तावेज़ का मकसद भी दिया गया है, ताकि पता रहे कि कौन-सा कागज़ क्यों माँगा जा रहा है।

दस्तावेज़ किस लिए कहाँ से मिलेगा
कर्मचारी प्रमाण-पत्र (Employee Certificate) मृतक श्रमिक के बोर्ड में पंजीकृत होने का सबूत नियोक्ता (मालिक/प्रतिष्ठान) से
नियोक्ता प्रमाण-पत्र (Employer Certificate) सेवा अवधि (6 महीने) व मासिक वेतन (₹20,000 तक) का सबूत नियोक्ता से
राशन कार्ड (Ration Card) परिवार की पहचान व सदस्यों का ब्योरा परिवार के पास उपलब्ध
ESI कार्ड (ESI Card) श्रमिक के संगठित क्षेत्र में काम करने व बीमा पंजीकरण का सबूत परिवार के पास उपलब्ध; खो गया हो तो ESIC कार्यालय से
वेतन पर्ची (Salary Slip) मासिक वेतन ₹20,000 की सीमा की जाँच के लिए नियोक्ता से
मृत्यु प्रमाण-पत्र (Death Certificate) श्रमिक की मृत्यु का आधिकारिक सबूत — सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ नगरपालिका/ग्राम पंचायत/जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से
शपथ-पत्र (Affidavit) आवेदक के मृतक से संबंध व दावे की सत्यता का हलफनामा नोटरी/तहसील से; प्रारूप कार्यालय से पूछ लें

ध्यान दें — FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस योजना के दस्तावेज़ों में नहीं हैं। वे सिर्फ मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना (₹5 लाख, कार्यस्थल दुर्घटना) के लिए माँगे जाते हैं। इसी तरह, इस योजना में आय प्रमाण-पत्र भी नहीं माँगा गया है, क्योंकि तालिका में आय की कोई सीमा ही नहीं है।

दाह संस्कार सहायता (₹15,000) के लिए तालिका में दस्तावेज़ के खाने में “Do-” लिखा है — यानी वही दस्तावेज़ जो मुख्य दावे के लिए। इसलिए दोनों दावों के लिए दस्तावेज़ों का एक ही सेट तैयार रखें और दोनों आवेदन एक साथ जमा करें, ताकि दो बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

आवेदन कैसे करें? — ऑनलाइन व ऑफलाइन

हिसार की तालिका में “How to Apply” के खाने में Hrylabour.gov.in लिखा है और “Download Form” के खाने में Online लिखा है — यानी आवेदन ऑनलाइन ही करना है, कोई कागज़ी फॉर्म डाउनलोड करके भरने का तरीका तालिका में नहीं दिया गया है। श्रम विभाग की RTS सूची में भी “Where to Apply” के खाने में SARAL / Labour लिखा है — यानी अंत्योदय सरल पोर्टल या श्रम विभाग का कार्यालय। नीचे दी गई प्रक्रिया इन्हीं दोनों आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है।

चरण क्या करें ध्यान देने वाली बात
1. दस्तावेज़ तैयार करें ऊपर की तालिका के सभी 7 दस्तावेज़ इकट्ठा करें; मृत्यु प्रमाण-पत्र सबसे पहले बनवाएँ मृत्यु प्रमाण-पत्र बनने में समय लगता है — पहले यह कागज़ पक्का कर लें
2. नियोक्ता से प्रमाण-पत्र लें मृतक के नियोक्ता से कर्मचारी प्रमाण-पत्र, नियोक्ता प्रमाण-पत्र व वेतन पर्ची लें नियोक्ता सहयोग न करे तो जिला श्रम कल्याण अधिकारी से संपर्क करें
3. शपथ-पत्र बनवाएँ आवेदक के मृतक से संबंध का शपथ-पत्र नोटरी से बनवाएँ प्रारूप कार्यालय से पूछ लें — गलत प्रारूप पर आवेदन अटक सकता है
4. ऑनलाइन आवेदन करें hrylabour.gov.in या अंत्योदय सरल पोर्टल पर सेवा चुनकर फॉर्म भरें SARAL पर सेवा का सही नाम सत्यापित नहीं हुआ — “मृत्यु सहायता” खोजें या कार्यालय से पूछें
5. दस्तावेज़ अपलोड करें सभी 7 दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें स्कैन साफ होना चाहिए — धुंधले दस्तावेज़ पर आवेदन वापस आ सकता है
6. दाह संस्कार का दावा भी करें ₹15,000 के लिए अलग से आवेदन करें (वही दस्तावेज़) दोनों आवेदन एक साथ करें — कुल ₹2,15,000 बनता है
7. आवेदन संख्या संभालें जमा करने के बाद मिली आवेदन/संदर्भ संख्या नोट करके रखें यही संख्या स्टेटस चेक और शिकायत के काम आएगी
8. ऑफलाइन मदद लें ऑनलाइन न हो पाए तो जिला श्रम कल्याण कार्यालय या अंत्योदय केंद्र / अटल सेवा केंद्र जाएँ कार्यालय में आवेदन की पावती ज़रूर लें

एक ईमानदार चेतावनी: hrylabour.gov.in और saralharyana.gov.in दोनों ही 8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से नहीं खुल पाए (समय समाप्त — HTTP 000)। इसका मतलब यह नहीं है कि ये साइटें बंद हैं — सरकारी पोर्टल अक्सर कुछ नेटवर्क से धीमे खुलते हैं या रखरखाव में होते हैं। अगर पोर्टल न खुले, तो कुछ देर बाद फिर कोशिश करें, या सीधे जिला श्रम कल्याण कार्यालय जाएँ। SARAL पर सेवा का सही नाम किसी भी उपलब्ध आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं हुआ है — पोर्टल पर गलत सेवा चुनने से अच्छा है कि कार्यालय से सही नाम पूछ लिया जाए।

ऑफलाइन आवेदन का रास्ता भी खुला है — RTS सूची में “Where to Apply” में “Labour” भी लिखा है, यानी श्रम विभाग के कार्यालय से भी आवेदन किया जा सकता है। जिले के श्रम कल्याण अधिकारी (Labour Welfare Officer) इस सेवा के नामित अधिकारी हैं — वही आपके दावे की जाँच करेंगे और स्वीकृति देंगे।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

इस योजना में कोई शुल्क नहीं है — हिसार की तालिका में “Fee” के खाने में साफ “No” लिखा है। अगर कोई एजेंट या व्यक्ति आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो वह गलत है — सीधे जिला श्रम कल्याण कार्यालय या हेल्पलाइन पर शिकायत करें। आवेदन की कोई अंतिम तारीख नहीं है — यह योजना साल भर खुली रहती है; दावा मृत्यु के बाद किसी भी समय किया जा सकता है, हालांकि जितनी जल्दी आवेदन होगा, उतनी जल्दी सहायता मिलेगी। तालिका में “दावा कितने दिन के अंदर करना है” जैसी कोई समय-सीमा भी नहीं लिखी है — इसलिए देर होने पर भी आवेदन किया जा सकता है, लेकिन देर का कारण पूछा जा सकता है।

दावे के निपटान की समय-सीमा 90 दिन है — यह हरियाणा श्रम विभाग की सेवा अधिकार (RTS) सूची में सेवा संख्या 273 के सामने लिखा है। इस सेवा के नामित अधिकारी श्रम कल्याण अधिकारी हैं; अगर 90 दिन में फैसला न आए, तो पहली अपील उप श्रम आयुक्त (कल्याण) के पास और दूसरी अपील कल्याण आयुक्त के पास की जा सकती है। एक विरोधाभास यहाँ भी है: हिसार की तालिका में इसी योजना के “RTS” खाने में “N.A.” लिखा है, जबकि विभाग की RTS सूची में 90 दिन दर्ज हैं — गाइड में 90 दिन इसलिए दिए गए हैं क्योंकि RTS सूची ही अधिसूचित समय-सीमा का स्रोत है।

स्टेटस चेक के लिए आवेदन करते समय मिली आवेदन संख्या संभालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन SARAL पोर्टल पर किया गया हो, तो पोर्टल पर लॉगिन करके स्थिति देखी जा सकती है; ऑफलाइन आवेदन पर पावती पर दर्ज संख्या से जिला कार्यालय में फोन करके या जाकर पूछ सकते हैं। 90 दिन बीत जाने पर भी जवाब न आए, तो ऊपर बताई गई अपील की प्रक्रिया अपनाएँ।

दाह संस्कार सहायता ₹15,000 — अलग दावा

दाह संस्कार सहायता इस योजना का हिस्सा होते हुए भी अलग दावा है। हिसार की तालिका की पंक्ति 20 में इसका नाम है — “Financial assistance for cremation to widows/ dependents workers” — राशि ₹15,000, सेवा अवधि वही 6 महीने, और दस्तावेज़ के खाने में “Do-” लिखा है, यानी मुख्य दावे वाले ही दस्तावेज़। इसलिए परिवार को यह सहायता अपने आप नहीं मिलेगी — इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा।

श्रम विभाग की 2019 की अधिसूचना के सारांश में भी कहा गया है कि श्रम कल्याण निधि से विधवा और आश्रितों को कुल ₹2,15,000 की सहायता मिलती है और उसमें अंतिम संस्कार का खर्च भी शामिल है — यानी विभाग खुद इन दोनों को एक ही परिवार-सहायता पैकेज मानता है। इसलिए दोनों आवेदन एक साथ, एक ही दिन जमा करें, ताकि दोनों की जाँच एक साथ हो और पैसा एक साथ मिले।

कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु — ₹5 लाख वाली योजना

अगर श्रमिक की मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना में हुई हो, तो परिवार के लिए एक और योजना लागू होती है — मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना। इसके तहत नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को ₹5,00,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है। यह योजना 1 जनवरी 2014 से लागू है। उसी योजना में दुर्घटना में विकलांगता होने पर ₹50,000 से ₹1,00,000 तक की सहायता का प्रावधान है।

इस योजना की खासियत यह है कि इसमें सेवा अवधि की कोई सीमा नहीं है और वेतन की कोई सीमा नहीं है — हिसार की तालिका की पंक्ति 21 में दोनों खाने में “No ceiling has been fixed” लिखा है। लेकिन इसके दस्तावेज़ ज़्यादा हैं: मृत्यु प्रमाण-पत्र और शपथ-पत्र के साथ DDR/FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अनिवार्य हैं, क्योंकि दुर्घटना की पुष्टि इन्हीं से होती है। इस योजना का नाम अलग-अलग जगह अलग-अलग लिखा मिलता है — हिसार तालिका में “Mukhya Mantri Shramik Samajik Suraksha Yojna”, RTS सूची में “Mukhya Mantri Samajik Suraksha Yojna” — योजना एक ही है, वर्तनी अलग है।

अगर मृत्यु कार्यस्थल दुर्घटना से हुई हो, तो परिवार को दोनों दावों के बारे में पूछना चाहिए — ₹2 लाख वाली मृत्यु सहायता और ₹5 लाख वाली दुर्घटना-मृत्यु सहायता — और कार्यालय से पूछना चाहिए कि दोनों एक साथ मिल सकती हैं या सिर्फ एक। इस बारे में किसी भी आधिकारिक स्रोत में साफ नहीं लिखा है कि दोनों राशियाँ एक साथ मिलेंगी या नहीं; गाइड में यह दावा नहीं किया जा रहा है।

अंतर समझें — यह योजना बनाम दूसरी योजनाएँ

मृतक श्रमिक के परिवार से जुड़ी कई योजनाएँ हैं — नीचे की तालिका में इस योजना की तुलना उन योजनाओं से की गई है जिनसे इसका भ्रम सबसे ज़्यादा होता है। सही योजना चुनने का नियम सीधा है: मृतक किस बोर्ड में पंजीकृत था, और मृत्यु कैसे हुई — इन्हीं दो बातों से तय होगा कि कौन-सी योजना लागू होगी।

योजना राशि किसके लिए इस योजना से अंतर
यह योजना — HLWB विधवा/आश्रित मृत्यु सहायता ₹2,00,000 एकमुश्त (+ ₹15,000 दाह संस्कार) HLWB पंजीकृत श्रमिक की विधवा/आश्रित —
BOCW मृत्यु सहायता (नियम 57) — गाइड 6121 ₹2,00,000 एकमुश्त HBOCWWB पंजीकृत निर्माण श्रमिक का उत्तराधिकारी राशि एक जैसी, बोर्ड अलग; प्राकृतिक मृत्यु पर; निर्माण श्रमिकों के लिए
मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना ₹5,00,000 एकमुश्त पंजीकृत श्रमिक का उत्तराधिकारी सिर्फ कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु पर; FIR + पोस्टमार्टम ज़रूरी; कोई सेवा/वेतन सीमा नहीं
हरियाणा विधवा पेंशन — गाइड 6019 ₹3,200 महीना हरियाणा की विधवा महिला मासिक पेंशन है, एकमुश्त नहीं; श्रमिक से संबंध ज़रूरी नहीं; अलग आवेदन
दयालु योजना (DAYALU) — गाइड 5476 ₹1–5 लाख (उम्र के हिसाब से) अंत्योदय परिवार (सालाना आय ₹1.8 लाख तक) आय व उम्र पर आधारित; पंजीकृत श्रमिकों का मुआवज़ा उनके बोर्ड से मिलता है; बोर्ड से खारिज होने पर हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास देता है
सिलिकोसिस/न्यूमोकोनियोसिस नीति (मृत्यु) — गाइड 7407 ₹1,00,000 + ₹15,000 अंतिम संस्कार फेफड़ों की व्यावसायिक बीमारी से मृत श्रमिक की विधवा/माता-पिता सिर्फ सिलिकोसिस/एस्बेस्टोसिस आदि बीमारियों पर; परिवार पेंशन ₹3,500 महीना भी
HLWB छात्रवृत्ति — गाइड 7681 ₹4,000–₹15,000 सालाना HLWB श्रमिकों के बच्चे मृत्यु से नहीं, पढ़ाई से जुड़ी सहायता; जीवित श्रमिक के बच्चे भी पात्र
HLWB विवाह सहायता — गाइड 7706 ₹51,000 एकमुश्त महिला श्रमिक / श्रमिक की बेटी विवाह से जुड़ी सहायता; मृत्यु से कोई संबंध नहीं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मृतक श्रमिक की विधवा को कितनी सहायता मिलेगी?

एकमुश्त ₹2,00,000 — बशर्ते श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत रहा हो, सेवा अवधि कम से कम 6 महीने रही हो और मासिक वेतन ₹20,000 से अधिक न रहा हो। दाह संस्कार के लिए अलग से ₹15,000 का दावा भी करें — कुल ₹2,15,000 बनता है।

2. क्या ₹2 लाख के साथ ₹15,000 दाह संस्कार सहायता भी मिलेगी?

हाँ, लेकिन अलग आवेदन करना होगा। दाह संस्कार सहायता तालिका की अलग पंक्ति (20) में दर्ज है, दस्तावेज़ वही हैं जो मुख्य दावे के लिए हैं। दोनों आवेदन एक साथ जमा करें, ताकि दोनों की जाँच एक साथ हो।

3. कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु हुई तो कितना मिलेगा — ₹2 लाख या ₹5 लाख?

कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु पर मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत ₹5,00,000 मिलते हैं — FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ज़रूरी है, सेवा अवधि या वेतन की कोई सीमा नहीं। ₹2 लाख वाली मृत्यु सहायता अलग योजना है। दोनों एक साथ मिलेंगी या नहीं, यह किसी आधिकारिक स्रोत में साफ नहीं लिखा है — जिला कार्यालय से पूछ लें।

4. “आश्रित” में कौन-कौन आता है — बच्चे, माता-पिता?

इसकी कोई आधिकारिक परिभाषा उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। योजना के नाम में “विधवा” सबसे पहले है, इसलिए पत्नी का दावा सबसे सीधा है। पत्नी न हो तो बच्चों या माता-पिता के दावे के लिए कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र तैयार रखें और पहले जिला श्रम कल्याण अधिकारी से पूछ लें कि उनके कार्यालय में “आश्रित” की क्या परिभाषा मानी जाती है।

5. क्या निर्माण श्रमिक (BOCW) का परिवार इस योजना में आवेदन कर सकता है?

नहीं। निर्माण श्रमिकों के लिए अलग बोर्ड (HBOCWWB) है — उनके परिवार को मृत्यु सहायता (नियम 57, ₹2,00,000) और मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना (₹5,00,000) के तहत आवेदन करना चाहिए। राशि एक जैसी होने से भ्रम होता है, लेकिन बोर्ड अलग है।

6. आवेदन की कोई अंतिम तारीख है?

नहीं। इस योजना की कोई अंतिम तारीख नहीं है — साल भर आवेदन किया जा सकता है। 90 दिन का आंकड़ा आवेदन की अंतिम तारीख नहीं है; वह RTS के तहत दावे के निपटान की समय-सीमा है।

7. श्रमिक की सेवा अवधि 6 महीने से कम रही तो क्या होगा?

तालिका की शर्त के हिसाब से ₹2 लाख वाला दावा नहीं बनता। लेकिन अगर मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना से हुई हो, तो ₹5 लाख वाली योजना में सेवा अवधि की कोई सीमा नहीं है — वह रास्ता तब भी खुला रह सकता है। दयालु योजना (DAYALU) के बारे में भी जिला कार्यालय से पूछ सकते हैं।

8. क्या ऑनलाइन आवेदन होगा या ऑफलाइन?

आधिकारिक तालिका के अनुसार आवेदन ऑनलाइन है — hrylabour.gov.in या अंत्योदय सरल पोर्टल से। ऑनलाइन न हो पाए तो जिला श्रम कल्याण कार्यालय या नज़दीकी अंत्योदय केंद्र / अटल सेवा केंद्र से मदद लें। SARAL पर सेवा का सही नाम सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए पोर्टल पर “मृत्यु सहायता” खोजें या कार्यालय से नाम पूछें।

9. दावा मंज़ूर होने में कितना समय लगेगा?

श्रम विभाग की RTS सूची के अनुसार 90 दिन। हिसार की तालिका में इस खाने में “N.A.” लिखा है, लेकिन अधिसूचित समय-सीमा RTS सूची की 90 दिन ही है। 90 दिन में फैसला न आए तो पहली अपील उप श्रम आयुक्त (कल्याण) के पास की जा सकती है।

10. क्या दयालु योजना से भी मदद मिल सकती है?

दयालु योजना अंत्योदय परिवारों (सालाना आय ₹1.8 लाख तक) को उम्र के हिसाब से ₹1–5 लाख देती है। पंजीकृत श्रमिक भी इसके दायरे में आते हैं, लेकिन उनका मुआवज़ा उनके अपने बोर्ड से मिलता है; अगर श्रम विभाग दावा खारिज कर दे, तो हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास भुगतान करता है। दोनों योजनाओं में एक साथ दावा करने से पहले जिला कार्यालय से पूछ लें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। दो पोर्टल — hrylabour.gov.in और saralharyana.gov.in — 8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से नहीं खुल पाए (समय समाप्त); इसका मतलब यह नहीं है कि वे बंद हैं — कुछ देर बाद फिर कोशिश करें या सीधे कार्यालय जाएँ।

  • योजना की आधिकारिक तालिका (हिसार जिला): hisar.gov.in/labour-welfare/ — पंक्ति 19, 20, 21
  • हरियाणा श्रम विभाग (ऑनलाइन आवेदन): hrylabour.gov.in — 8 नवंबर 2026 को समय समाप्त (खुला नहीं)
  • अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन): saralharyana.gov.in — 8 नवंबर 2026 को समय समाप्त (खुला नहीं)
  • RTS समय-सीमा सूची (श्रम विभाग): audit.hrylabour.gov.in/content/rts — सेवा 273, 274, 275 (90 दिन)
  • myScheme — हरियाणा योजनाएँ: myScheme हरियाणा सूची, क्रमांक 57 — विवरण पृष्ठ का स्लग सत्यापित नहीं हुआ
  • श्रमिक सहायता सेवा (हेल्पलाइन): 1800-180-2129 (सुबह 8 – रात 8, सोमवार–शनिवार)
  • हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड: 0172-2560015
  • श्रमिक हेल्पलाइन: 0172-2971057
  • सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400
  • नामित अधिकारी: श्रम कल्याण अधिकारी (Labour Welfare Officer) — जिला श्रम कल्याण कार्यालय
  • पहली अपील: उप श्रम आयुक्त (कल्याण) — Deputy Labour Commissioner (Welfare)
  • दूसरी अपील: कल्याण आयुक्त — Welfare Commissioner

संबंधित गाइड — बोर्ड की अन्य योजनाएँ: श्रमिक बच्चों की छात्रवृत्ति ₹4,000–₹15,000 | विवाह सहायता ₹51,000 | स्कूल वर्दी-किताब सहायता ₹2,000–₹3,000 | BOCW मृत्यु सहायता ₹5 लाख / ₹2 लाख | दयालु योजना ₹5 लाख तक | विधवा पेंशन ₹3,200 महीना

अस्वीकरण

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हिसार जिला श्रम कल्याण पृष्ठ की तालिका और हरियाणा श्रम विभाग की RTS सेवा-सूची — से तैयार की गई है। सहायता राशि, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले जिला श्रम कल्याण अधिकारी, श्रमिक सहायता सेवा 1800-180-2129 या हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड (0172-2560015) से ताज़ा जानकारी ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर “आश्रित” की परिभाषा, मृत्यु के कारण की शर्त, SARAL पर सेवा का नाम, ₹2 लाख और ₹5 लाख के एक साथ मिलने का सवाल, और मुख्यमंत्री के निर्देश की स्थिति), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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