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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा एसिड पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना 2026: ₹1 लाख सहायता, मुफ्त इलाज व ₹8,000 महीना, पात्रता व आवेदन

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा एसिड पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना 2026: ₹1 लाख सहायता, मुफ्त इलाज व ₹8,000 महीना, पात्रता व आवेदन
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 10:01 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा में तेजाब हमले की शिकार महिलाओं, लड़कियों और 18 साल तक के बच्चों के लिए राज्य सरकार की एक खास योजना है — महिला व बालक तेजाब पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना। इसके तहत हमले के 15 दिन के अंदर ₹1 लाख की सहायता मिलती है, 100% मुफ्त इलाज मिलता है और गंभीर रूप से दिव्यांग हुई पीड़िता को ₹8,000 महीना भी मिलता है। यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD), हरियाणा चलाता है। इस गाइड में योजना का पूरा सच है — जिसमें एक उलझन भी है: पुरानी खबरों और अदालत के फैसले में ₹3 लाख का ज़िक्र है, जबकि मौजूदा अधिसूचना में ₹1 लाख लिखा है। दोनों का फर्क नीचे “सबसे बड़ा भ्रम” वाले हिस्से में साफ किया गया है।

सबसे पहले यह समझ लें: यह योजना सिर्फ मुआवज़े की नहीं है — इसमें तुरंत राहत, पूरा मुफ्त इलाज, पुनर्वास और कानूनी व मनोवैज्ञानिक मदद भी है। और एक और ज़रूरी बात — इसी से मिलती-जुलती एक और अलग योजना है (“महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ितों को वित्तीय सहायता”, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, 2018), जिसमें विकलांगता के प्रतिशत के हिसाब से जीवनभर मासिक पेंशन (₹8,000–₹14,400) मिलती है। दोनों को मिलाएँ नहीं — फर्क नीचे विस्तार से दिया गया है।

योजना एक नज़र में

बात विवरण
योजना का नाम महिला व बालक तेजाब पीड़ित राहत व पुनर्वास योजना (Relief and Rehabilitation of Women and Children Acid Victims)
चलाने वाला विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD), हरियाणा
अधिसूचना संख्या 654-SW(3)-2018, दिनांक 8 मई 2018 (हरियाणा राजपत्र, 5 जून 2018) — 25 मार्च 2016 की अधिसूचना के स्थान पर; योजना मूल रूप से मई 2011 में शुरू हुई
लाभ हमले के 15 दिन में ₹1 लाख (₹25,000 तुरंत + ₹75,000); 100% मुफ्त इलाज (दवा, खाना, बिस्तर, प्लास्टिक/पुनर्निर्माण सर्जरी सहित); दिव्यांग पीड़िता को ₹8,000 महीना; राशन की दुकान के आवंटन में वरीयता
किसे मिलेगा 2 मई 2011 के बाद तेजाब हमले की शिकार हरियाणा में रहने वाली लड़कियाँ, महिलाएँ और 18 साल तक के लड़के
आवेदन कहाँ ऑफलाइन — जिला स्तरीय समिति (अध्यक्ष: उपायुक्त) के पास; कोई ऑनलाइन पोर्टल अधिसूचना में दर्ज नहीं है
आवेदन की समय-सीमा हमले के 15 दिन के अंदर (वाजिब कारण पर देरी माफ हो सकती है)
समय-सीमा (RTS) तदर्थ राहत 15 दिन में; चिकित्सा प्रतिपूर्ति 15 दिन/1 महीने में आगे भेजी जाती है (नीचे देखें)
आवेदन शुल्क अधिसूचना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है — कार्यालय से पूछें
स्टेटस चेक जिला स्तरीय समिति / उपायुक्त कार्यालय — जहाँ आवेदन जमा किया था
संपर्क महिला हेल्पलाइन 181 (24×7); आपातकाल 112; WCD हरियाणा 0172-2560349

कितनी सहायता मिलेगी?

8 मई 2018 की अधिसूचना के अनुसार इस योजना में ये लाभ मिलते हैं:

लाभ राशि / विवरण कब और कैसे
तुरंत आर्थिक सहायता ₹1,00,000 हमले के 15 दिन के अंदर — ₹25,000 तदर्थ राहत उपायुक्त तुरंत देते हैं (WCD से वापस मिलता है) और बाकी ₹75,000 WCD 15 दिन के अंदर देता है
मुफ्त इलाज 100% मुफ्त — दवा, खाना, बिस्तर, प्लास्टिक/पुनर्निर्माण सर्जरी सहित किसी भी सरकारी अस्पताल या सरकार से अनुमोदित अस्पताल में; अस्पताल का खर्च WCD सीधे अस्पताल के बैंक खाते में देता है
मासिक आर्थिक सहायता ₹8,000 महीना उन तेजाब पीड़ितों को जो विकलांगता की परिभाषा में आते हैं (जिला मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित) — सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देता है
राशन की दुकान में वरीयता उचित मूल्य की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) के आवंटन में वरीयता खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा देता है
अन्य मदद चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक व कानूनी सहायता राज्य व जिला स्तरीय समितियाँ सरकारी व गैर-सरकारी संगठनों से समन्वय करके दिलाती हैं

ध्यान दें: ₹1 लाख की राशि हमले के तुरंत बाद की ज़रूरतों के लिए है — इलाज का पूरा खर्च इसके अलावा मुफ्त मिलता है, इस ₹1 लाख में से इलाज नहीं कटता।

सबसे बड़ा भ्रम — ₹1 लाख या ₹3 लाख?

इस योजना की राशि को लेकर तीन अलग-अलग आँकड़े सुनने को मिलते हैं। तीनों का स्रोत और स्थिति अलग-अलग है — इन्हें मिलाएँ नहीं:

राशि किसका आँकड़ा है आज की स्थिति
₹1 लाख मौजूदा अधिसूचना (8 मई 2018, संख्या 654-SW(3)-2018) — हमले के 15 दिन में यही मौजूदा योजना की सत्यापित राशि है — इसी पर भरोसा करें
₹3 लाख 2016 की योजना का अधिकतम मुआवज़ा — पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले (सुमन बनाम भारत संघ) में दर्ज; सर्वोच्च न्यायालय ने भी 2013 में (लक्ष्मी बनाम भारत संघ) ₹3 लाख न्यूनतम मुआवज़ा देने का निर्देश दिया था 2018 की अधिसूचना में यह आँकड़ा दोहराया नहीं गया है — आज ₹3 लाख मिलेगा या नहीं, यह अधिसूचना से सत्यापित नहीं है; WCD/जिला समिति से पूछें
₹5 लाख 2012 के संशोधन में — हमले में जान गँवाने वाली पीड़िता के कानूनी वारिसों को (सितंबर 2012 की खबर) 2018 की अधिसूचना में यह आँकड़ा भी नहीं है — मौजूदा स्थिति सत्यापित नहीं है; कार्यालय से पूछें

ईमानदार चेतावनी: कई वेबसाइटें इस योजना के लिए सीधे “₹3 लाख” लिख देती हैं। वह आँकड़ा 2016 की योजना और अदालत के फैसलों से है — 2018 की मौजूदा अधिसूचना में सिर्फ ₹1 लाख (15 दिन में) लिखा है। हो सकता है कि ₹1 लाख के बाद और राशि जिला/राज्य समिति या पीड़ित मुआवज़ा योजना से मिलती हो, लेकिन अधिसूचना में ऐसा कुछ दर्ज नहीं है — इसलिए इस गाइड में कोई अतिरिक्त राशि अंदाज़े से नहीं लिखी गई है। आवेदन से पहले जिला स्तरीय समिति से कुल मिलने वाली राशि की पुष्टि ज़रूर कर लें। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तेजाब पीड़ितों को ₹1,00,000 अतिरिक्त मिलता है (9 नवंबर 2016 से) — वह केंद्र सरकार की अलग व्यवस्था है।

कौन पात्र है?

  • हमला 2 मई 2011 के बाद हुआ हो — इससे पहले के हमलों की पीड़िताएँ इस योजना में नहीं आतीं।
  • लड़कियाँ, महिलाएँ और 18 साल तक के लड़के — 2018 के संशोधन से पहले सिर्फ महिलाएँ/लड़कियाँ थीं; अब 18 साल तक के लड़के भी शामिल हैं।
  • हरियाणा में रहने वाले हों — पीड़िता हरियाणा की निवासी हो (इस योजना में 3 साल से रहने की शर्त नहीं है — वह शर्त #170 वाली पेंशन योजना की है)।
  • पीड़िता पूरी तरह ठीक न हुई हो तो भी पात्रता बनी रहती है — अधिसूचना इसे “जारी रहने वाला कारण” (continuing cause of action) कहती है।
  • आवेदन पीड़िता खुद या उसकी ओर से वारिस कर सकता है — अगर पीड़िता खुद आवेदन करने में असमर्थ हो तो वारिस आवेदन कर सकता है; बच्चे की ओर से माता-पिता/अभिभावक; विवाहित महिला की ओर से पति या माता-पिता/अभिभावक।

कौन पात्र नहीं है?

  • 2 मई 2011 से पहले हमला हुआ हो — अधिसूचना की तारीख की शर्त के कारण।
  • हरियाणा में न रहने वाले — योजना सिर्फ हरियाणा के निवासियों के लिए है।
  • 18 साल से अधिक उम्र के पुरुष — लड़कों के लिए सीमा 18 साल तक ही है; वयस्क पुरुष इस योजना में नहीं आते।
  • आवेदन खारिज हो सकता है अगर — पुलिस को तुरंत सूचना देने में बिना वजह देरी हुई हो, पुलिस से सहयोग न किया हो, या समिति को मदद न दी हो (अधिसूचना के खारिज करने के आधार)।
  • खुद को तेजाब से नुकसान पहुँचाना — इस योजना की अधिसूचना में इस पर कुछ नहीं लिखा है, लेकिन #170 वाली पेंशन योजना में खुद को पहुँचाई गई चोट साफ तौर पर बाहर रखी गई है; इस योजना में भी जिला समिति तथ्यों की जाँच करती है।

आवेदन की समय-सीमा — 15 दिन का नियम

इस योजना में समय बहुत मायने रखता है — अधिसूचना में हर कदम की समय-सीमा लिखी है:

  • आवेदन: हमले के 15 दिन के अंदर — जिला स्तरीय समिति को तुरंत आवेदन करें। वाजिब कारण बताने पर समिति देरी माफ कर सकती है।
  • तदर्थ राहत: 15 दिन के अंदर — समिति प्रथम दृष्टया मामला बनने पर 15 दिन में अंतरिम राहत का आदेश देती है।
  • ₹1 लाख: 15 दिन के अंदर — ₹25,000 उपायुक्त तुरंत देते हैं; बाकी ₹75,000 WCD 15 दिन के अंदर देता है।
  • होम स्टडी: हमले के 1 हफ्ते के अंदर — जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) पीड़िता की अतिरिक्त ज़रूरतों का आकलन करने के लिए घर का अध्ययन करता है।
  • चिकित्सा प्रतिपूर्ति आगे भेजना: 15 दिन या 1 महीना — जिला समिति शिकायतकर्ता के साक्ष्य के 15 दिन के अंदर या आवेदन मिलने के 1 महीने के अंदर (जो पहले हो) आवेदन निदेशक, WCD को भेजती है।

याद रखें: 15 दिन की सीमा आवेदन के लिए है — इलाज के लिए नहीं। किसी भी अस्पताल को इलाज से मना करने का अधिकार नहीं है, और इलाज के लिए FIR या पुलिस रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं है (नीचे देखें)।

ज़रूरी दस्तावेज़

अधिसूचना के अनुसार आवेदन के साथ सिर्फ दो दस्तावेज़ माँगे गए हैं:

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
मेडिकल सर्टिफिकेट (चिकित्सा प्रमाण पत्र) तेजाब हमले से हुई चोट की पुष्टि के लिए — आवेदन पीड़िता की ओर से किया जा रहा हो तो यह ज़रूरी है
FIR / शिकायत की प्रति हमले की पुलिस शिकायत का प्रमाण

नोट: अधिसूचना में सिर्फ यही दो दस्तावेज़ लिखे हैं। व्यवहार में जिला समिति पहचान, हरियाणा निवास, बैंक खाता विवरण और विकलांगता प्रमाण पत्र (₹8,000 महीने वाली सहायता के लिए जिला मेडिकल बोर्ड से) भी माँग सकती है — लेकिन यह सूची अधिसूचना में दर्ज नहीं है, इसलिए अंतिम सूची जिला स्तरीय समिति / उपायुक्त कार्यालय से पुष्टि कर लें। कोई फॉर्म नंबर अधिसूचना में दर्ज नहीं है — आवेदन सादे रूप में जिला समिति को दिया जाता है।

आवेदन कैसे करें? — जिला स्तरीय समिति से

इस योजना में कोई ऑनलाइन पोर्टल अधिसूचना में दर्ज नहीं है — आवेदन ऑफलाइन, जिला स्तरीय समिति को करना होता है। ऐसे करें:

  1. तुरंत FIR दर्ज कराएँ — नज़दीकी थाने में तेजाब हमले की शिकायत दें (भारतीय दंड संहिता की धारा 326A के तहत तेजाब हमला गंभीर अपराध है)। इलाज के लिए FIR का इंतज़ार न करें — अस्पताल इलाज से मना नहीं कर सकता।
  2. इलाज शुरू कराएँ — सरकारी अस्पताल या सरकार से अनुमोदित अस्पताल में इलाज कराएँ; पूरा खर्च (दवा, खाना, बिस्तर, सर्जरी) मुफ्त है।
  3. जिला स्तरीय समिति को आवेदन दें — अपने जिले के उपायुक्त कार्यालय में आवेदन दें; समिति की अध्यक्षता उपायुक्त करते हैं। आवेदन पीड़िता खुद, माता-पिता/अभिभावक, पति या कानूनी वारिस कर सकता है।
  4. दस्तावेज़ लगाएँ — मेडिकल सर्टिफिकेट और FIR/शिकायत की प्रति साथ लगाएँ।
  5. तदर्थ राहत पाएँ — समिति 15 दिन के अंदर ₹25,000 की तदर्थ राहत का आदेश देती है; बाकी ₹75,000 WCD से 15 दिन के अंदर मिलता है।
  6. होम स्टडी में सहयोग करें — DCPO एक हफ्ते के अंदर घर आकर ज़रूरतों का आकलन करता है; इससे अन्य कल्याणकारी योजनाओं की मदद भी मिल सकती है।
  7. चिकित्सा प्रतिपूर्ति — अस्पताल के बिल जिला समिति से सत्यापित होकर (सिविल सर्जन से प्रतिहस्ताक्षरित) निदेशक, WCD को भेजे जाते हैं; भुगतान सीधे अस्पताल के बैंक खाते में होता है।

समितियाँ — कौन क्या करता है: राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री करते हैं; इसमें WCD, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और SC/BC विभागों के प्रशासनिक सचिव तथा निदेशक, WCD (सदस्य सचिव) होते हैं — यह जिला समितियों का समन्वय करती है, धन का सही वितरण देखती है और चिकित्सा प्रतिपूर्ति को मंज़ूरी देती है। जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता उपायुक्त करते हैं; इसमें आपराधिक कानून/महिला सशक्तिकरण के दो या अधिक विशेषज्ञ और एक चिकित्सक होते हैं (कम से कम दो महिलाएँ) — यही समिति दावों पर फैसला करती है और अपने जिले में योजना चलाती है।

ऑनलाइन आवेदन के बारे में: SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर इस योजना के लिए सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका — SARAL पर WCD की सेवाओं में “Acid” या “तेजाब” खोजकर देखें। साथ ही, saralharyana.gov.in 8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से सीधे नहीं खुला (सर्वर से कोई जवाब नहीं) — इसका मतलब यह नहीं है कि वेबसाइट बंद है; अपने फोन/ब्राउज़र से खोलकर देखें या नज़दीकी अंत्योदय केंद्र / अटल सेवा केंद्र (CSC) से मदद लें।

मुफ्त इलाज कैसे मिलेगा?

इस योजना की सबसे बड़ी राहत मुफ्त इलाज है — और इसके लिए FIR का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है:

  • 100% मुफ्त इलाज — दवा, खाना, बिस्तर और प्लास्टिक/पुनर्निर्माण सर्जरी सहित, किसी भी सरकारी अस्पताल या सरकार से अनुमोदित अस्पताल में।
  • कोई अस्पताल मना नहीं कर सकता — अधिसूचना साफ कहती है कि सरकारी हो या निजी, कोई भी चिकित्सा सुविधा किसी भी आधार पर पीड़िता को विशेषज्ञ इलाज या किसी भी तरह का इलाज देने से मना नहीं कर सकती।
  • FIR इलाज की शर्त नहीं है — इलाज के लिए पुलिस रिपोर्ट या FIR ज़रूरी पूर्व-शर्त नहीं है; अस्पताल को इलाज देते हुए जिला बोर्ड/राज्य बोर्ड और पुलिस को सूचित करना होता है, लेकिन इलाज रोकना मना है।
  • अस्पतालों की सूची — अनुमोदित अस्पतालों की सूची हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर है (अधिसूचना में haryanahealth.nic.in का पेज दर्ज है; 8 नवंबर 2026 को यह पेज इस वातावरण से नहीं खुला — अपने ब्राउज़र से खोलकर देखें या स्वास्थ्य विभाग से पूछें)। पहले की सूची में PGIMS रोहतक, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS नई दिल्ली के साथ एस्कॉर्ट्स, बत्रा, सर गंगाराम, इंद्रप्रस्थ अपोलो, राजीव गांधी कैंसर संस्थान, महाराजा अग्रसेन, फोर्टिस मोहाली जैसे निजी अस्पताल भी शामिल किए गए थे — मौजूदा सूची की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग से कर लें।
  • भुगतान सीधे अस्पताल को — चिकित्सा प्रतिपूर्ति WCD सीधे अस्पताल के बैंक खाते में करती है; बिल जिला समिति से सत्यापित होकर सिविल सर्जन से प्रतिहस्ताक्षरित होकर जाते हैं।

पुनर्वास — ₹8,000 महीना व राशन की दुकान

इलाज के बाद ज़िंदगी दोबारा खड़ी करने के लिए योजना में पुनर्वास की व्यवस्था है:

  • ₹8,000 महीना — गंभीर तेजाब पीड़ित को जिला मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित विकलांगता की श्रेणी में माना जाता है; जो पीड़ित विकलांगता की परिभाषा में आते हैं, उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से ₹8,000 महीना मिलता है। (2018 की अधिसूचना में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 1995 की धारा 2(i) का हवाला है; आज दिव्यांगता की परिभाषा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 से तय होती है।)
  • राशन की दुकान में वरीयता — तेजाब हमले की पीड़िता को उचित मूल्य की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) के आवंटन में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग वरीयता देता है — यह आत्मनिर्भरता का एक रास्ता है।
  • चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक व कानूनी मदद — राज्य व जिला समितियाँ सरकारी व गैर-सरकारी संगठनों से समन्वय करके पीड़िता को कानूनी, चिकित्सा व मनोवैज्ञानिक सहायता दिलाती हैं।
  • वन स्टॉप सेंटर (सखी) — हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए हर जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर भी मदद करते हैं (कानूनी, चिकित्सा व परामर्श) — महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें।

सावधानी: ₹8,000 महीने वाली यह सहायता और #170 वाली पेंशन योजना की 40–50% वाली ₹8,000 की दर एक जैसी दिखती है — क्या दोनों एक साथ मिल सकती हैं, यह किसी भी अधिसूचना में दर्ज नहीं है। दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन होते हैं (यहाँ DLC को, वहाँ जिला समाज कल्याण अधिकारी को) — एक साथ लेने से पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी / जिला स्तरीय समिति से पूछ लें।

शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक

विषय स्थिति
आवेदन शुल्क अधिसूचना में कोई शुल्क दर्ज नहीं है — कार्यालय से पूछें
आवेदन की अंतिम तिथि कोई सालाना अंतिम तिथि नहीं — हमले के 15 दिन के अंदर आवेदन करें (वाजिब कारण पर देरी माफ हो सकती है)
तदर्थ राहत 15 दिन के अंदर (₹25,000 उपायुक्त से तुरंत + ₹75,000 WCD से 15 दिन में)
चिकित्सा प्रतिपूर्ति जिला समिति साक्ष्य के 15 दिन या आवेदन के 1 महीने में (जो पहले हो) निदेशक, WCD को भेजती है; भुगतान सीधे अस्पताल के खाते में
समय-सीमा (RTS) इस योजना के लिए कोई अलग RTS समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — ऊपर दी गई 15 दिन/1 महीने की सीमाएँ अधिसूचना की हैं
स्टेटस चेक (ऑनलाइन) कोई ऑनलाइन स्टेटस पोर्टल सत्यापित नहीं है
स्टेटस चेक (ऑफलाइन) जिला स्तरीय समिति / उपायुक्त कार्यालय — जहाँ आवेदन जमा किया था
हेल्पलाइन महिला हेल्पलाइन 181 (24×7); आपातकाल 112; बाल हेल्पलाइन 1098; WCD हरियाणा 0172-2560349

अंतर समझें — यह योजना बनाम दूसरी योजनाएँ

तेजाब हमले की पीड़िता के लिए कई रास्ते हैं — इन्हें मिलाएँ नहीं:

योजना / रास्ता किसके लिए लाभ खास बात
राहत व पुनर्वास योजना (यह गाइड, WCD) लड़कियाँ, महिलाएँ, 18 साल तक के लड़के; हमला 2.5.2011 के बाद; हरियाणा निवासी 15 दिन में ₹1 लाख; 100% मुफ्त इलाज; दिव्यांग को ₹8,000/महीना; राशन दुकान में वरीयता आवेदन जिला स्तरीय समिति (उपायुक्त) को, 15 दिन में; अधिसूचना 8 मई 2018
महिला व बालिका तेजाब पीड़ितों को वित्तीय सहायता (सामाजिक न्याय विभाग, 2018) सिर्फ महिलाएँ/लड़कियाँ; हमला 2.5.2011 के बाद; हमले से 3 साल पहले से हरियाणा निवासी जीवनभर मासिक पेंशन — 40–50% विकलांगता: ₹8,000; 51–60%: ₹11,200; 61% से अधिक: ₹14,400 (1 नवंबर 2025 से) आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को; खुद को चोट पहुँचाना बाहर; अधिसूचना 4 अक्टूबर 2018
हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना 2020 (भाग-I व भाग-II) तेजाब हमले के पीड़ित (भाग-I सभी पीड़ित; भाग-II महिला पीड़िताएँ) मुआवज़ा अनुसूची के अनुसार — राशि इस दस्तावेज़ से सत्यापित नहीं हुई, इसलिए यहाँ नहीं लिखी गई मुआवज़ा ट्रायल कोर्ट की सिफारिश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) देता है — अदालत का रास्ता
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) तेजाब हमले के पीड़ित (केंद्र सरकार) ₹1,00,000 अतिरिक्त (9 नवंबर 2016 से) केंद्र की अलग व्यवस्था; राज्य योजना से अलग
घरेलू हिंसा से सुरक्षा (PWDVA 2005) घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाएँ सुरक्षा आदेश, निवास आदेश, आर्थिक राहत, हिरासत, मुआवज़ा — कानूनी राहत मुआवज़ा योजना नहीं, कानूनी अधिकार है; तेजाब हमले के लिए अलग से लागू हो सकता है
नि:शुल्क कानूनी सहायता पीड़ित जिन्हें वकील चाहिए मुफ्त वकील — सरकार नियुक्त करती है और फीस देती है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से; तेजाब मामले में भी लागू

एक ही पीड़िता एक से अधिक रास्तों से मदद ले सकती है — लेकिन एक ही नुकसान के लिए दोहरा मुआवज़ा मिलने के नियम हर योजना में अलग होते हैं। आवेदन से पहले संबंधित कार्यालय से पूछ लें कि कौन-सी मदद एक साथ ली जा सकती है। खासकर यह ध्यान रखें: WCD योजना की ₹8,000 महीने वाली सहायता और सामाजिक न्याय विभाग की पेंशन योजना की ₹8,000 वाली दर दो अलग-अलग योजनाओं की हैं — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. इस योजना में कितने पैसे मिलेंगे?

हमले के 15 दिन के अंदर ₹1 लाख — ₹25,000 उपायुक्त तुरंत देते हैं और बाकी ₹75,000 महिला एवं बाल विकास विभाग 15 दिन के अंदर देता है। इसके अलावा पूरा इलाज 100% मुफ्त है और दिव्यांग पीड़िता को ₹8,000 महीना भी मिलता है।

2. ₹3 लाख वाली बात क्या है — क्या ₹3 लाख नहीं मिलेंगे?

₹3 लाख का आँकड़ा 2016 की योजना का है — पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले (सुमन बनाम भारत संघ) में दर्ज है, और सर्वोच्च न्यायालय ने भी 2013 में ₹3 लाख न्यूनतम मुआवज़े का निर्देश दिया था। लेकिन 2018 की मौजूदा अधिसूचना में सिर्फ ₹1 लाख (15 दिन में) लिखा है — ₹3 लाख उसमें दोहराया नहीं गया है। इसलिए इस गाइड में ₹3 लाख को मौजूदा राशि नहीं कहा गया है — कुल राशि की पुष्टि जिला स्तरीय समिति / WCD से कर लें।

3. क्या लड़कों को भी सहायता मिलेगी?

हाँ — 18 साल तक के लड़कों को भी मिलेगी। 2018 के संशोधन से योजना का नाम “महिला व बालक तेजाब पीड़ित” हुआ और लड़के शामिल किए गए। 18 साल से अधिक उम्र के पुरुष इस योजना में नहीं आते।

4. हमला 2 मई 2011 से पहले हुआ तो क्या होगा?

इस योजना में नहीं — पात्रता सिर्फ 2 मई 2011 के बाद के हमलों के लिए है। ऐसे मामलों में हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना या कानूनी रास्तों के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से पूछें।

5. आवेदन कब तक करना है?

हमले के 15 दिन के अंदर जिला स्तरीय समिति को आवेदन करें। वाजिब कारण बताने पर समिति देरी माफ कर सकती है। अगर पीड़िता पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, तो पात्रता “जारी रहने वाले कारण” के आधार पर बनी रहती है।

6. इलाज के पैसे कैसे मिलेंगे — क्या पहले पैसे देने पड़ेंगे?

नहीं — सरकारी या अनुमोदित अस्पताल में इलाज 100% मुफ्त है (दवा, खाना, बिस्तर, सर्जरी सहित)। अस्पताल का बिल WCD सीधे अस्पताल के बैंक खाते में देती है। इलाज के लिए FIR का इंतज़ार नहीं करना है और कोई अस्पताल इलाज से मना नहीं कर सकता।

7. ₹8,000 महीना किसे मिलेगा?

उन पीड़ितों को जो विकलांगता की परिभाषा में आते हैं — गंभीर तेजाब पीड़ित को जिला मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित विकलांग की श्रेणी में माना जाता है। यह ₹8,000 महीना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देता है।

8. क्या ऑनलाइन आवेदन होगा?

अधिसूचना में कोई ऑनलाइन पोर्टल दर्ज नहीं है — आवेदन ऑफलाइन, जिला स्तरीय समिति (उपायुक्त कार्यालय) को करना होता है। SARAL पोर्टल पर इस योजना के लिए सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका — SARAL पर WCD की सेवाओं में “Acid” या “तेजाब” खोजकर देखें।

9. ₹8,000/₹11,200/₹14,400 वाली मासिक पेंशन क्या इसी योजना की है?

नहीं — वह अलग योजना है: “महिला व बालिका तेजाब हमला पीड़ितों को वित्तीय सहायता” (सामाजिक न्याय विभाग, 4 अक्टूबर 2018)। उसमें विकलांगता के प्रतिशत के हिसाब से जीवनभर पेंशन मिलती है — 40–50%: ₹8,000; 51–60%: ₹11,200; 61% से अधिक: ₹14,400 (1 नवंबर 2025 से, दिव्यांग पेंशन ₹3,200 के गुणक)। उसके लिए आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को करना होता है, और उसमें हमले से 3 साल पहले से हरियाणा निवासी होने की शर्त है।

10. मुआवज़े के लिए और कौन से रास्ते हैं?

तीन और रास्ते हैं: (1) हरियाणा पीड़ित मुआवज़ा योजना 2020 — ट्रायल कोर्ट की सिफारिश पर DLSA मुआवज़ा देता है; (2) PMNRF — केंद्र से ₹1,00,000 अतिरिक्त; (3) नि:शुल्क कानूनी सहायता — DLSA से मुफ्त वकील। इनके बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पूछें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा wcdhry.gov.in — योजना WCD की योजनाओं की सूची में क्रम संख्या 10 पर दर्ज है
योजना की अधिसूचना (हरियाणा राजपत्र, 5 जून 2018) राजपत्र अधिसूचना संख्या 654-SW(3)-2018, 8 मई 2018 — योजना का पूरा पाठ (पात्रता, समितियाँ, प्रक्रिया, लाभ)
अंत्योदय SARAL पोर्टल saralharyana.gov.in — इस योजना के लिए SARAL पर सेवा का सटीक नाम सत्यापित नहीं हो सका; SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400 (8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से साइट नहीं खुली; अपने ब्राउज़र से खोलकर देखें)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) myscheme.gov.in/search/state/Haryana (इस योजना का myScheme विवरण पेज client-rendered है और सीधे पढ़ा नहीं जा सका)
अनुमोदित अस्पतालों की सूची haryanahealth.nic.in — अधिसूचना में दर्ज पेज (8 नवंबर 2026 को इस वातावरण से नहीं खुला; स्वास्थ्य विभाग से पुष्टि करें)
महिला हेल्पलाइन (24×7) 181 — हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए; महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा
बाल हेल्पलाइन 1098 — बच्चों के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर (ERSS 112 से जुड़ा)
WCD हरियाणा मुख्यालय Bays No. 15-20, Sector-4, Panchkula – 134112; फोन 0172-2560349; ईमेल [email protected]
हरियाणा राज्य महिला आयोग 0172-2584039, 0172-2583639
आपातकालीन सेवा 112 (ERSS); पुलिस 100

संबंधित गाइड — यह भी पढ़ें: घरेलू हिंसा से सुरक्षा 2026: PWDVA के 5 कानूनी उपाय | अनुसूचित जाति व विमुक्त जातियों को मुफ्त कानूनी सहायता 2026 | हरियाणा वर्किंग वुमन हॉस्टल (सखी निवास) 2026

अस्वीकरण

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा सरकार के राजपत्र (अधिसूचना संख्या 654-SW(3)-2018, 8 मई 2018), महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा की वेबसाइट, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना (1517/SW(4)-2018, 4 अक्टूबर 2018), पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले (सुमन बनाम भारत संघ) और myScheme पोर्टल — के आधार पर तैयार की गई है। लाभ की राशि, पात्रता और प्रक्रिया समय के साथ बदल सकते हैं — आवेदन करने से पहले अपने जिले की जिला स्तरीय समिति / उपायुक्त कार्यालय, महिला हेल्पलाइन 181 या WCD हरियाणा (0172-2560349) से ताज़ा जानकारी की पुष्टि कर लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर ₹1 लाख बनाम ₹3 लाख, ₹5 लाख मृत्यु लाभ की मौजूदा स्थिति, SARAL पर सेवा का नाम और अस्पतालों की मौजूदा सूची), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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