मेडिकल आधार पर सेना से डिस्चार्ज हुए जवान को हरियाणा सरकार हर महीने वित्तीय सहायता देती है — ₹7,000 महीना (1 नवंबर 2026 से, गणना के अनुसार)। यह “Financial Assistance to Disabled Ex-Servicemen” योजना है — हरियाणा के सैनिक व अर्ध सैनिक कल्याण विभाग की राज्य योजना, जो राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) से चलती है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह उन्हीं जवानों के लिए है जिनकी विकलांगता सेवा से जुड़ी नहीं है — यानी जो जवान बीमारी या ऐसी विकलांगता के कारण मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज हुआ, जो सैन्य सेवा से नहीं हुई। ध्यान दें — ₹7,000 की दर 29 अक्टूबर 2016 के मेमो से गिनी गई है (₹3,000 + हर नवंबर ₹400); 2016 के बाद कोई नया मेमो नहीं मिला है, इसलिए आवेदन से पहले ताज़ा दर अपने जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) से लिखित में ज़रूर पुष्ट कर लें।
सबसे बड़ा भ्रम — इस सहायता को विकलांगता पेंशन समझ लेना। दोनों बिल्कुल अलग हैं: विकलांगता पेंशन (disability pension) भारत सरकार से उन जवानों को मिलती है जिनकी विकलांगता सेवा से जुड़ी होती है; इस योजना में विकलांगता सेवा से जुड़ी नहीं होनी चाहिए — और जो कोई भी पेंशन पा रहा है, वह इस योजना के लिए पात्र ही नहीं है। दूसरा भ्रम — बेटी की शादी के अनुदान से मिलाना। युद्ध विकलांग सैनिक की बेटी की शादी पर ₹51,000 (गाइड 7788) व KSB का ₹1 लाख (गाइड 7781) अलग योजनाएँ हैं — यह सहायता ESM की अपनी है, बेटी की शादी की नहीं। और तीसरा भ्रम — विभाग की वेबसाइट पर अब भी दिख रही ₹1,000 की पुरानी दर; साइट को 2016 के मेमो से अपडेट नहीं किया गया है, इसलिए ₹1,000 को आज की दर न समझें।
योजना एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Financial Assistance to Disabled Ex-Servicemen; myScheme हरियाणा सूची क्रमांक 19 (पृष्ठ 1–5) |
| किसकी योजना | हरियाणा सरकार — सैनिक व अर्ध सैनिक कल्याण विभाग (राज्य सैनिक बोर्ड); जिला सैनिक बोर्ड से आवेदन, RSB से मंज़ूरी |
| लाभ | हर महीने की वित्तीय सहायता — ₹7,000 महीना (1 नवंबर 2026 से, गणना के अनुसार; ताज़ा दर ZSB से पुष्ट करें) |
| किसे मिलेगा | मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज भूतपूर्व सैनिक, जिसकी विकलांगता सेवा से जुड़ी न हो |
| विकलांगता की शर्त | विकलांगता सेवा से जुड़ी नहीं होनी चाहिए; मेमो में कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं लिखा है |
| पेंशन की शर्त | किसी भी स्रोत से कोई पेंशन या वित्तीय सहायता नहीं मिल रही हो — यही सबसे सख्त शर्त है |
| आवेदन कैसे | ऑनलाइन — Antyodaya SARAL पोर्टल पर “Financial Assistance to Disabled Ex Serviceman” सेवा से |
| समय-सीमा | कोई सालाना अंतिम तारीख नहीं — साल भर आवेदन; मंज़ूरी के अगले महीने की 1 तारीख से भुगतान |
| बजट शीर्ष | 2235-SSW-60-OSSWP-200-OP(88) FA to Disabled ESM-09-GIA (Non-Plan); 2024-25 में प्रावधान ₹60.00 लाख, खर्च ₹51.09 लाख |
कितनी सहायता मिलेगी? — पूरी दर सूची
यह सहायता 1990 के दशक से चल रही है और इसकी दर कई बार बढ़ी है। नीचे दी गई तालिका में हर दौर की दर है — और याद रखें, 2016 के बाद की दरें 29 अक्टूबर 2016 के मेमो के ₹400 सालाना बढ़ोतरी के नियम से गिनी गई हैं, किसी नए मेमो से नहीं।
| कब से | रकम (महीना) | आधार |
|---|---|---|
| 2004 से पहले | ₹200 | 8 मई 1991 व 4 अगस्त 1992 के पत्रों से चली आ रही दर |
| 1 दिसंबर 2004 | ₹500 | मेमो FA/D.ESM/4D-III/2004, 16 दिसंबर 2004 |
| 13 दिसंबर 2006 | ₹1,000 | मेमो 24/9/97-4DIII, 5 अप्रैल 2007 |
| 28 मई 2014 का मेमो | ₹1,500 | 2016 के मेमो में हवाला; लागू तारीख सत्यापित नहीं हुई |
| 1 नवंबर 2016 | ₹3,000 | मेमो 24/9/97-4D-III, 29 अक्टूबर 2016 |
| 1 नवंबर 2017 | ₹3,400 | हर नवंबर ₹400 की बढ़ोतरी शुरू (1 नवंबर 2017 से) |
| 1 नवंबर 2021 | ₹5,000 | ₹400 सालाना बढ़ोतरी जारी |
| 1 नवंबर 2024 | ₹6,200 | ₹400 सालाना बढ़ोतरी जारी |
| 1 नवंबर 2026 | ₹7,000 (गणना से — पुष्टि करें) | 2016 के मेमो से गणना; 2016 के बाद कोई नया मेमो नहीं मिला |
गिनती सीधी है — 2016 में ₹3,000, फिर हर नवंबर ₹400 जोड़ते जाएँ: 2017 में ₹3,400, 2018 में ₹3,800, 2019 में ₹4,200, 2020 में ₹4,600, 2021 में ₹5,000, 2022 में ₹5,400, 2023 में ₹5,800, 2024 में ₹6,200, 2025 में ₹6,600 और 2026 में ₹7,000। मेमो में बढ़ोतरी की कोई ऊपरी सीमा नहीं लिखी है — यानी नियम के अनुसार यह हर साल बढ़ती रहेगी, जब तक सरकार इसे बदल न दे। पर एक बात साफ समझ लें — यह गणना 2016 के मेमो पर आधारित है; अगर 2016 के बाद सरकार ने कोई और आदेश जारी किया है, तो वह यहाँ नहीं मिला है। इसलिए ₹7,000 को “आज की पक्की दर” नहीं, “मेमो के नियम से गिनी गई दर” समझें — और आवेदन से पहले ZSB से लिखित में पुष्ट कर लें। युद्ध विधवा सहायता (गाइड 7773) में भी ठीक यही नियम और यही गणना लागू होती है — दोनों योजनाओं को एक ही तारीख (29 अक्टूबर 2016) के मेमो से बढ़ाया गया था।
सबसे बड़ा भ्रम — यह सहायता बनाम दूसरी योजनाएँ
हरियाणा में विकलांग सैनिकों व उनके परिवारों के लिए कई योजनाएँ हैं और सबकी शर्तें अलग हैं — सबसे ज़्यादा भ्रम इसी बात पर होता है कि कौन-सी योजना किसे मिलेगी और क्या दो योजनाओं का पैसा एक साथ ले सकते हैं। नीचे दी गई तालिका से फर्क साफ समझें — और याद रखें, इस योजना की सबसे सख्त शर्त यह है कि कोई भी पेंशन या FA नहीं मिल रही होनी चाहिए।
| योजना | किसके लिए | रकम | खास शर्त |
|---|---|---|---|
| यह योजना — विकलांग ESM की अपनी सहायता (राज्य) | विकलांग ESM (मेडिकल डिस्चार्ज, सेवा से जुड़ी विकलांगता नहीं) | ₹7,000 महीना (1.11.2026 से, गणना) | कोई पेंशन/FA नहीं; सिविल नौकरी नहीं; SARAL से आवेदन |
| युद्ध विकलांग बेटी विवाह अनुदान (गाइड 7788) | युद्ध विकलांग ESM (50%+) की बेटी | ₹51,000 एकमुश्त | शादी से 2 महीने पहले ZSB को कागज़ी आवेदन; बेटी की शादी का अनुदान है |
| KSB विवाह अनुदान (गाइड 7781) | ESM/विधवा की बेटी (हवलदार या नीचे) | ₹1,00,000 प्रति बेटी (अधिकतम 2) | शादी के 180 दिन में ksb.gov.in पर ऑनलाइन; केंद्र की योजना |
| युद्ध विधवा सहायता (गाइड 7773) | शहीद जवान की विधवा | ₹7,000 महीना (1.11.2026 से, गणना) | GoI पारिवारिक पेंशन के ऊपर मिलती है — इस योजना से उल्टा नियम |
| भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता (गाइड 7743) | 60+ ESM व विधवा | ₹600 महीना | कोई पेंशन नहीं; उम्र की शर्त, विकलांगता की नहीं |
| हरियाणा दिव्यांग पेंशन | 60%+ दिव्यांग व्यक्ति (3 साल निवास, आय सीमा) | ₹3,200 महीना (1.11.2025 से) | समाज कल्याण विभाग; इस योजना के साथ दोनों नहीं मिलेंगे |
| पैरा/टेट्रा/हेमी प्लीजिक ESM सहायता | 100% विकलांग, गरीबी में, सिविल जीवन के अयोग्य ESM | ₹1,000 महीना (2007 का मेमो; बाद की दर सत्यापित नहीं) | GoI विकलांगता पेंशन के साथ भी मिलती है — इस योजना से उल्टा नियम |
कौन पात्र है?
नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए — ये शर्तें हरियाणा सरकार के 2004 के मेमो के Annexure ‘A’ की हैं; जहाँ जानकारी सत्यापित नहीं हुई है, वहाँ गाइड में साफ लिखा है।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| आवेदक | मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज भूतपूर्व सैनिक — उम्र की कोई सीमा नहीं (चाहे उम्र कुछ भी हो) |
| विकलांगता | विकलांगता सेवा से जुड़ी न हो — वही विकलांगता मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज का कारण बनी हो |
| सेवा | थल सेना, नौसेना या वायु सेना (नियमित) — DSC, GREF, लोक सहायक सेना व अर्धसैनिक बल इस परिभाषा में नहीं आते |
| हरियाणा निवास | हरियाणा का असली निवासी होना; सक्षम अधिकारी से जारी domicile प्रमाण पत्र ज़रूरी |
| पेंशन | किसी भी स्रोत से कोई पेंशन या वित्तीय सहायता नहीं मिल रही हो — GoI की विकलांगता पेंशन भी नहीं |
| नौकरी | सिविल नौकरी में काम नहीं कर रहा हो |
| आवेदन का रास्ता | अपने जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) से — ZSB जाँच करता है, राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) मंज़ूरी देता है |
| शपथ-पत्र | 7 बातों का शपथ-पत्र — हरियाणा निवासी, मेडिकल बोर्ड से डिस्चार्ज, विकलांगता सेवा से जुड़ी नहीं, DSWO/किसी विभाग से FA नहीं, GoI से विकलांगता पेंशन नहीं, सिविल नौकरी नहीं |
कौन पात्र नहीं है?
नीचे दी गई किसी भी स्थिति में इस सहायता से पैसा नहीं मिलेगा — आवेदन करने से पहले खुद को इस सूची से जाँच लें।
- किसी भी स्रोत से पेंशन या FA पा रहा हो — GoI की विकलांगता पेंशन, बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या कोई भी वित्तीय सहायता; यह इस योजना की सबसे सख्त शर्त है।
- विकलांगता सेवा से जुड़ी हो — जैसे युद्ध में लगी चोट या सेवा से हुई बीमारी; वह विकलांगता पेंशन का रास्ता है, इस FA का नहीं।
- सिविल नौकरी में काम कर रहा हो — नौकरी लगते ही पात्रता खत्म हो जाती है; पहले से मंज़ूर FA भी बंद हो जाएगी।
- DSC, GREF, लोक सहायक सेना या अर्धसैनिक बल (CAPF) का जवान हो — भारत सरकार की भूतपूर्व सैनिक की परिभाषा (DoPT मेमो, 27 मार्च 1987) में ये ESM नहीं माने जाते; भर्ती (recruits) भी ESM नहीं हैं।
- हरियाणा का असली निवासी न हो — domicile प्रमाण पत्र न हो तो आवेदन नहीं चलेगा।
- मंज़ूरी के बाद किसी विभाग से पेंशन/FA मिलता पाया जाए — स्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा — सिर्फ इस योजना से नहीं, सभी सैनिक बोर्ड FA योजनाओं से।
विकलांगता की शर्त — कोई न्यूनतम प्रतिशत मेमो में नहीं
इस योजना की सबसे अहम और सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली बात विकलांगता का प्रतिशत है — सामान्य योजना के मेमो में कोई न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत नहीं लिखा है। न 2004 के मेमो में, न 2007 के मेमो में, न 2016 के मेमो में — कहीं भी “इतने प्रतिशत विकलांगता होनी चाहिए” नहीं लिखा है। शर्त सिर्फ इतनी है कि विकलांगता मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज का कारण बनी हो और सेवा से जुड़ी न हो। यह बात इसे बाकी योजनाओं से अलग करती है: पैरा/टेट्रा/हेमी प्लीजिक योजना में 100% विकलांगता चाहिए, बेटी के विवाह अनुदान (#42) में 50% से ऊपर चाहिए, दिव्यांग पेंशन में 60% से ऊपर चाहिए — पर इस योजना में कोई % सीमा मेमो में नहीं है। पर ध्यान दें — SARAL सूची में विकलांगता प्रमाण पत्र में प्रतिशत दर्ज करने को कहा गया है, यानी प्रतिशत देखा जाता है; व्यवहार में ZSB कोई % सीमा लगाता है या नहीं, यह सत्यापित नहीं हुआ है — आवेदन से पहले अपने ZSB से पूछ लें। और यह भी समझ लें — विकलांगता का आकलन मेडिकल बोर्ड करता है और यह डिस्चार्ज बुक में दर्ज होता है; डिस्चार्ज बुक में मेडिकल डिस्चार्ज का विवरण साफ होना ही सबसे बड़ा सबूत है।
ज़रूरी दस्तावेज़
नीचे दी गई सूची 2004 के मेमो के Annexure ‘A’ व SARAL/myScheme की दस्तावेज़ सूची से बनाई गई है — कोई एक कागज़ छूटा तो मामला अटक जाएगा, इसलिए आवेदन से पहले सटीक सूची अपने जिला सैनिक बोर्ड से भी पुष्ट कर लें।
| क्रम | दस्तावेज़ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | भूतपूर्व सैनिक पहचान पत्र | ESM ID कार्ड — SARAL सूची के अनुसार |
| 2 | परिवार पहचान पत्र (PPP) व आधार कार्ड | SARAL आवेदन में PPP नंबर से परिवार का डेटा लाया जाता है |
| 3 | मूल डिस्चार्ज बुक | मेडिकल डिस्चार्ज का विवरण — जाँच के बाद ZSB से वापस मिलेगी |
| 4 | हरियाणा निवास प्रमाण पत्र | सक्षम अधिकारी से जारी domicile प्रमाण पत्र |
| 5 | तहसीलदार से जाँची राजस्व रिपोर्ट | SARAL सूची के अनुसार |
| 6 | आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक | खाता विवरण — भुगतान के लिए |
| 7 | विकलांगता प्रमाण पत्र | विकलांगता का प्रतिशत दर्ज — कोई न्यूनतम % मेमो में नहीं है |
| 8 | गैर-रोज़गार प्रमाण पत्र व शपथ-पत्र | सिविल नौकरी नहीं + 7 बातों का शपथ-पत्र (मेमो का प्रोफार्मा) |
| 9 | DSWO का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) | जिला समाज कल्याण विभाग से कोई FA/पेंशन नहीं मिल रही है — मेमो की शर्त |
आवेदन कैसे करें?
इस सहायता का आवेदन ऑनलाइन — Antyodaya SARAL पोर्टल से होता है। SARAL सेवाओं की सूची (3 दिसंबर 2018) में क्रमांक 164 पर यह सेवा दर्ज है — “Financial Assistance to Disabled ESM”। नीचे दिए गए चरणों से आवेदन करें।
| चरण | क्या करें |
|---|---|
| 1 | पात्रता जाँचें — मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज, विकलांगता सेवा से जुड़ी नहीं, कोई पेंशन/FA नहीं, सिविल नौकरी नहीं, हरियाणा निवासी |
| 2 | दस्तावेज़ जुटाएँ — मूल डिस्चार्ज बुक, domicile प्रमाण पत्र, DSWO का NOC, शपथ-पत्र, आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक (ऊपर दी गई सूची देखें) |
| 3 | SARAL पर रजिस्टर करें — saralharyana.gov.in पर “New User” से रजिस्टर करें; मोबाइल व ईमेल OTP से सत्यापित करके लॉगिन करें |
| 4 | सेवा खोजें व फॉर्म भरें — “Apply for Services” में “Financial Assistance to Disabled Ex Serviceman” खोजें; PPP नंबर डालकर परिवार का डेटा लाएँ, OTP से नाम सत्यापित करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें, सबमिट करें |
| 5 | ZSB जाँच व RSB मंज़ूरी — ZSB सचिव व कल्याण आयोजक जाँच करेंगे; कमी हो तो तुरंत पूरी करें; मामला RSB को सिफारिश के साथ जाएगा |
| 6 | भुगतान व स्टेटस — मंज़ूरी के अगले महीने की 1 तारीख से मासिक भुगतान; स्टेटस SARAL स्टेटस पोर्टल पर आवेदन संदर्भ संख्या (reference ID) से देखें |
ध्यान दें — 2004 का मेमो ZSB से कागज़ी आवेदन बताता है, जबकि myScheme व SARAL सूची ऑनलाइन सेवा बताती है — आज का रास्ता SARAL ऑनलाइन ही है, पर ZSB की जाँच अब भी होती है। SARAL पोर्टल यहाँ से नहीं खुला, इसलिए ऊपर दिए गए चरण myScheme की सूची से लिए गए हैं — पोर्टल पर सेवा का नाम व फॉर्म खुद देखकर पुष्ट कर लें। अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत आए तो अपने जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में जाकर मदद लें — ZSB ही आपके मामले की जाँच करता है।
शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक
- शुल्क: आवेदन के लिए कोई सरकारी शुल्क किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई शुल्क होने का दावा नहीं किया जा रहा; SARAL पर पूछ लें।
- समय-सीमा: कोई सालाना अंतिम तारीख नहीं है — साल भर आवेदन कर सकते हैं; असली समय-सीमा हर साल अप्रैल में survival verification की है।
- स्टेटस चेक: SARAL स्टेटस पोर्टल पर आवेदन संदर्भ संख्या (reference ID) से देखें; ZSB कार्यालय से भी पूछ सकते हैं।
- RTS: इस सेवा के लिए सेवा का अधिकार (RTS) के तहत कोई समय-सीमा किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं मिली है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
- निपटान का समय: मंज़ूरी में कितने दिन लगेंगे, यह किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
पैसा कैसे मिलेगा? — भुगतान का रास्ता
मंज़ूरी के बाद मासिक सहायता लाभार्थी के बैंक खाते में आती है — रास्ता इस तरह है:
- फंड (राज्य बजट) — बजट शीर्ष 2235-SSW-60-OSSWP-200-OP(88) FA to Disabled ESM-09-GIA (Non-Plan); पैसा हरियाणा सरकार के बजट से आता है, केंद्र की RMEWF से नहीं।
- मंज़ूरी — राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) मंज़ूरी देता है; आवेदन ZSB की जाँच व सचिव की सिफारिश से आगे बढ़ता है।
- भुगतान — मंज़ूरी के अगले महीने की 1 तारीख से हर महीने; पिछला बकाया (arrears) नहीं मिलता। मेमो “FA रोल” की बात करता है और SARAL सूची में आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक माँगी गई है — DBT से मिलता है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं लिखा है, ZSB से पूछ लें।
- मासिक, एकमुश्त नहीं — यह हर महीने मिलने वाली सहायता है; बेटी की शादी का अनुदान (#41/#42) एकमुश्त है — दोनों अलग हैं और साथ-साथ मिल सकते हैं।
- जीवित प्रमाण — भुगतान से पहले कल्याण आयोजक FA रोल पर लिखित प्रमाण देता है कि सभी लाभार्थी जीवित हैं; हर साल अप्रैल में survival verification देना होता है, नहीं तो भुगतान तुरंत रुक जाएगा।
राशि कब मिलेगी और देरी क्यों होती है?
मेमो में यह नहीं लिखा है कि आवेदन के कितने दिन बाद पैसा मिलेगा — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है। पर एक बात पक्की है — पैसा मंज़ूरी के अगले महीने की 1 तारीख से मिलेगा, आवेदन की तारीख से नहीं; मंज़ूरी से पहले की अवधि का कोई बकाया नहीं मिलेगा। देरी की सबसे आम वजहें यही हैं — दस्तावेज़ अधूरे होना (खासकर मूल डिस्चार्ज बुक में मेडिकल डिस्चार्ज का विवरण न होना या DSWO का NOC न होना), ZSB की जाँच में देरी, या हर साल अप्रैल में survival verification न देना। इसलिए आवेदन देते ही अपने ZSB से संपर्क में रहें और हर साल अप्रैल में जीवित होने का प्रमाण देना न भूलें — एक साल चूके तो भुगतान तुरंत रुक जाएगा। अपने आवेदन की स्थिति SARAL स्टेटस पोर्टल पर reference ID से देखते रहें।
योजना का बजट व पैमाना
यह सहायता हरियाणा सरकार के बजट से चलती है — इसलिए विभाग के बजट विवरण में इसका अलग शीर्ष है। पैमाना इस तरह है:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बजट शीर्ष | 2235-SSW-60-OSSWP-200-OP(88) FA to Disabled ESM-09-GIA (Non-Plan), Demand No. 22 |
| 2024-25 प्रावधान | ₹60.00 लाख |
| 2024-25 खर्च | ₹51.09 लाख (18 फरवरी 2025 तक) |
| विभाग का कुल बजट | ₹14,053.22 लाख (2024-25, कुल योग) |
| पैमाना (गणना) | लगभग 80 लाभार्थी (2024-25 के खर्च से गणना; आधिकारिक गिनती नहीं) — ₹60 लाख का शीर्ष ₹7,000 महीना पर साल में लगभग 71 लाभार्थियों को कवर करता है |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. इस योजना में कितनी सहायता मिलेगी?
₹7,000 महीना (1 नवंबर 2026 से, गणना के अनुसार)। यह 29 अक्टूबर 2016 के मेमो से गिनी गई दर है (₹3,000 + हर नवंबर ₹400) — ताज़ा दर ZSB से लिखित में पुष्ट कर लें। विभाग की वेबसाइट पर अब भी पुरानी ₹1,000 की दर दिख रही है — उसे आज की दर न समझें।
2. क्या यह विकलांगता पेंशन (disability pension) है?
नहीं। यह हरियाणा सरकार की मासिक वित्तीय सहायता (FA) है। विकलांगता पेंशन भारत सरकार से उन जवानों को मिलती है जिनकी विकलांगता सेवा से जुड़ी होती है — और जो कोई भी पेंशन पा रहा है, वह इस योजना के लिए पात्र ही नहीं है।
3. विकलांगता कितनी होनी चाहिए?
मेमो में कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं लिखा है। शर्त सिर्फ इतनी है कि विकलांगता मेडिकल आधार पर डिस्चार्ज का कारण बनी हो और सेवा से जुड़ी न हो; विकलांगता प्रमाण पत्र में प्रतिशत दर्ज होता है। व्यवहार में ZSB कोई % सीमा लगाता है या नहीं, यह सत्यापित नहीं हुआ है — ZSB से पूछ लें।
4. क्या पेंशन पाने वाले भूतपूर्व सैनिक को मिलेगा?
नहीं। किसी भी स्रोत से कोई पेंशन या FA मिल रही हो तो यह सहायता नहीं मिलेगी — GoI की विकलांगता पेंशन, बुढ़ापा पेंशन या दिव्यांग पेंशन, कोई भी हो। मंज़ूरी के बाद पेंशन/FA मिलता पाया गया तो स्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा।
5. आवेदन कहाँ करें — SARAL पर या ZSB को?
Antyodaya SARAL पोर्टल पर ऑनलाइन — सेवा “Financial Assistance to Disabled Ex Serviceman”। ZSB जाँच करता है, RSB मंज़ूरी देता है। 2004 का मेमो कागज़ी आवेदन बताता है, पर आज का रास्ता SARAL ऑनलाइन ही है।
6. क्या बेटी की शादी का अनुदान भी साथ मिलेगा?
हाँ। बेटी की शादी का अनुदान (#42 राज्य ₹51,000; #41 KSB ₹1 लाख) अलग योजनाएँ हैं — ESM की अपनी मासिक सहायता और बेटी का विवाह अनुदान साथ-साथ मिल सकते हैं। रोक सिर्फ एक ही शादी पर दो विवाह अनुदान लेने पर है।
7. हर साल अप्रैल में क्या करना है?
जीवित होने का प्रमाण (survival verification) राजस्व अधिकारियों से देना है। नहीं दिया तो भुगतान तुरंत रुक जाएगा। भुगतान से पहले कल्याण आयोजक FA रोल पर सभी लाभार्थियों के जीवित होने का लिखित प्रमाण देता है।
8. पैसा कब से मिलेगा?
RSB की मंज़ूरी के अगले महीने की 1 तारीख से। मंज़ूरी से पहले की अवधि का कोई बकाया (arrears) नहीं मिलेगा — यह मेमो का साफ नियम है।
9. क्या 60+ सहायता (₹600) के साथ दोनों मिलेंगे?
नहीं। 2007 के मेमो के अनुसार, जो विकलांग ESM पहले से “भूतपूर्व सैनिक 60 वर्ष सहायता” से FA ले रहे हैं, वे उसी योजना की दर पर FA पाते रहेंगे, जब तक RSB इस योजना में उनका नया मामला मंज़ूर न कर दे — एक ही FA मिलेगी, दोनों नहीं।
10. क्या दिव्यांग पेंशन (₹3,200) के साथ दोनों मिलेंगे?
नहीं। दिव्यांग पेंशन समाज कल्याण विभाग की अलग योजना है (60%+ विकलांगता, ₹3,200 महीना) — कोई भी अन्य सरकारी पेंशन/FA मिल रही हो तो यह सहायता नहीं मिलेगी; बाद में मिलने पर स्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। myScheme का विवरण पृष्ठ सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए myScheme को सूची के क्रमांक से बताया गया है, लिंक से नहीं। हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Financial Assistance to Disabled ESM”) का दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला — उसका लिंक नहीं दिया गया है।
- सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा: sainikwelfareharyana.gov.in — राज्य सैनिक बोर्ड की वेबसाइट; नीति सूची में “Financial Assistance to Disabled ESM” दर्ज है
- हरियाणा सरकार — 2016 का मेमो: Memo No. 24/9/97-4D-III, 29 अक्टूबर 2016 — दर ₹1,500 से ₹3,000 (1 नवंबर 2016 से), हर नवंबर ₹400 की बढ़ोतरी (1 नवंबर 2017 से); csharyana.gov.in पर उपलब्ध
- हरियाणा सरकार — 2004 व 2007 के मेमो: Memo No. FA/D.ESM/4D-III/2004 (16 दिसंबर 2004) व Memo No. 24/9/97-4DIII (5 अप्रैल 2007) — पात्रता, शपथ-पत्र, बजट शीर्ष; विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध
- Antyodaya SARAL पोर्टल: saralharyana.gov.in — ऑनलाइन आवेदन (“Financial Assistance to Disabled Ex Serviceman”); SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400
- राज्य सैनिक बोर्ड मुख्यालय: सेक्टर-12, पंचकूला; फोन 0172-5210277; ईमेल [email protected]
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अस्वीकरण
यह गाइड 9 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा सरकार का मेमो No. 24/9/97-4D-III (29 अक्टूबर 2016; csharyana.gov.in), मेमो No. FA/D.ESM/4D-III/2004 (16 दिसंबर 2004) व मेमो No. 24/9/97-4DIII (5 अप्रैल 2007) (विभाग की वेबसाइट), SARAL सेवाओं की सूची (3 दिसंबर 2018, क्रमांक 164), हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट (नीति सूची व 2024-25 बजट विवरण, 18 फरवरी 2025 की स्थिति), रक्षा मंत्रालय का 15 अक्टूबर 2025 का KSB बढ़ोतरी आदेश (तुलना के लिए) और myScheme हरियाणा सूची (क्रमांक 19) — से तैयार की गई है। सबसे अहम बात: ₹7,000 महीना की दर 29 अक्टूबर 2016 के मेमो के नियम (₹3,000 + हर नवंबर ₹400, 1 नवंबर 2017 से) से गिनी गई गणना है — 2016 के बाद कोई नया मेमो नहीं मिला है; हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Financial Assistance to Disabled ESM”) का पूरा दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला, इसलिए राज्य-स्तर की कोई अलग शर्त या दर हो तो वह इस गाइड में नहीं है। सहायता की रकम, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले अपने जिला सैनिक बोर्ड से ताज़ा जानकारी लिखित में ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर आज की ताज़ा दर, 2014 के मेमो की लागू तारीख, न्यूनतम विकलांगता प्रतिशत, भुगतान का तरीका, शुल्क व RTS समय-सीमा), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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