शहीद जवान की बेटी की शादी पर सरकार एकमुश्त अनुदान देती है — ₹1 लाख प्रति बेटी, अधिकतम दो बेटियों तक। यह “Marriage Grant to War Widows’ Daughters of Ex-Servicemen” योजना है — केंद्र सरकार की रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण निधि (RMEWF) से चलने वाली केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) की विवाह अनुदान योजना, जिसमें युद्ध विधवा की बेटियाँ भी आती हैं। 1 नवंबर 2025 से दर ₹50,000 से बढ़कर ₹1,00,000 हुई है। आवेदन शादी के 180 दिन के अंदर KSB पोर्टल (ksb.gov.in) पर ऑनलाइन करना होता है, और आवेदन पर अपने जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) की सिफारिश ज़रूरी है। ध्यान दें — हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर इस योजना की राज्य नीति (“Marriage Grant-War Widow ESM”) का दस्तावेज़ यहाँ से खुला नहीं (पोर्टल नहीं खुला) — इसलिए आवेदन से पहले ताज़ा दर व शर्तें अपने ZSB से लिखित में ज़रूर पुष्ट कर लें।
आगे बढ़ने से पहले सबसे बड़ा भ्रम दूर कर लें — यह मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना (₹51,000) नहीं है, न ही श्रम विभाग की विवाह सहायता (₹51,000) और न ही BOCW कन्यादान। और एक नियम तो बिल्कुल साफ समझ लें — एक बेटी की शादी पर सिर्फ एक ही अनुदान मिलेगा: अगर बेटी की शादी के लिए KSB विवाह अनुदान ले लिया, तो उसी शादी के लिए राज्य की किसी विवाह योजना से पैसा नहीं मिलेगा, और अगर राज्य से ले लिया तो KSB से नहीं। इसलिए आवेदन करने से पहले दोनों की रकम व शर्तें तौल लें — KSB का ₹1 लाख, राज्य के विवाह शगुन के ₹51,000 से लगभग दोगुना है।
योजना एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Marriage Grant to War Widows’ Daughters of Ex-Servicemen; myScheme हरियाणा सूची क्रमांक 17 (पृष्ठ 1–5) |
| किसकी योजना | केंद्र सरकार — रक्षा मंत्रालय, भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW), केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (KSB); हरियाणा में जिला/राज्य सैनिक बोर्ड के ज़रिए |
| लाभ | बेटी की शादी पर एकमुश्त अनुदान — प्रति बेटी ₹1,00,000; अधिकतम दो बेटियों तक (कुल ₹2 लाख तक) |
| वर्तमान दर | ₹1,00,000 प्रति बेटी — 1 नवंबर 2025 से (इससे पहले ₹50,000; पुराने पन्नों पर अब भी ₹50,000 दिख सकता है) |
| किसे मिलेगा | युद्ध विधवा की बेटी (शहीद जवान की बेटी); योजना ESM/विधवा की बेटियों व विधवा के पुनर्विवाह के लिए भी है |
| रैंक की शर्त | पति/पिता का रैंक हवलदार या उससे नीचे (थल सेना) या नौसेना/वायु सेना में समकक्ष — JCO/अधिकारी के परिवार पात्र नहीं |
| आवेदन कैसे | ऑनलाइन — KSB पोर्टल ksb.gov.in पर; आवेदन ZSB की सिफारिश से आगे बढ़ता है; SARAL पर इस अनुदान की सेवा सत्यापित नहीं हुई |
| समय-सीमा | शादी की तारीख से 180 दिन के अंदर आवेदन — कोई सालाना अंतिम तारीख नहीं; 180 दिन बीतने पर आवेदन नहीं लिया जाता |
| फंड | रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण निधि (RMEWF) — सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि (AFFDF) का हिस्सा; राज्य बजट से पैसा नहीं आता |
| दूसरी बेटी | दूसरी बेटी की शादी के लिए अलग नया ऑनलाइन आवेदन — हर बेटी की शादी से 180 दिन की अलग गिनती |
| विधवा पुनर्विवाह | उसी योजना में युद्ध विधवा के पुनर्विवाह पर भी ₹1,00,000 एकमुश्त — शादी नई दर लागू होने के बाद की हो |
कितनी सहायता मिलेगी? — पूरी दर सूची
यह अनुदान 1981 से चल रहा है और इसकी रकम चार बार बढ़ी है। नीचे दी गई तालिका में हर दौर की दर है — नई दर सिर्फ उन शादियों पर लागू होती है जो दर लागू होने के बाद हुई हों।
| कब से | रकम (प्रति बेटी) | आधार |
|---|---|---|
| 1981 (शुरुआत) | ₹3,000 | RMEWF विवाह योजना की शुरुआत |
| मई 2007 | ₹16,000 | पहली बढ़ोतरी — अधिकतम दो बेटियाँ |
| 1 अप्रैल 2016 | ₹50,000 | दूसरी बढ़ोतरी — 1 अप्रैल 2016 के बाद की शादियों पर |
| 1 नवंबर 2025 | ₹1,00,000 | रक्षा मंत्री का 100% बढ़ोतरी का आदेश (15 अक्टूबर 2025) — 1 नवंबर 2025 से मिले आवेदनों पर |
| दो बेटियाँ (कुल) | ₹2,00,000 तक | ₹1,00,000 × 2 — हर बेटी के लिए अलग आवेदन |
गिनती सीधी है — 2016 से 2025 तक ₹50,000 चलता रहा, और 15 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों कल्याण अनुदानों (पेनरी, शिक्षा, विवाह) में 100% बढ़ोतरी मंज़ूर की। विवाह अनुदान ₹50,000 से ₹1,00,000 हुआ — नई दर सिर्फ उन शादियों पर लागू है जो आदेश जारी होने के बाद हुईं, और आवेदन 1 नवंबर 2025 से मिले आवेदनों पर। इसलिए अगर शादी 1 नवंबर 2025 से पहले हुई है, तो पुरानी दर (₹50,000) लागू होगी — नई दर नहीं। एक और ज़रूरी बात — कई पुराने सरकारी पन्ने व KSB के पुराने दस्तावेज़ अब भी ₹50,000 दिखाते हैं, क्योंकि वे 2025 की बढ़ोतरी के बाद अपडेट नहीं हुए; ताज़ा दर के लिए रक्षा मंत्रालय का 15 अक्टूबर 2025 का आदेश व राज्यसभा प्रश्न 2591 (16 मार्च 2026) देखें, और ZSB से पुष्ट करें।
सबसे बड़ा भ्रम — यह अनुदान बनाम दूसरी विवाह योजनाएँ
हरियाणा में बेटी की शादी पर कई योजनाओं से पैसा मिलता है और सबकी शर्तें अलग हैं — सबसे ज़्यादा भ्रम इसी बात पर होता है कि कौन-सी योजना किसे मिलेगी और क्या दो योजनाओं का पैसा एक साथ ले सकते हैं। नीचे दी गई तालिका से फर्क साफ समझें — और याद रखें, एक ही शादी पर सिर्फ एक अनुदान।
| योजना | किसके लिए | रकम | खास शर्त |
|---|---|---|---|
| यह योजना — युद्ध विधवा बेटी विवाह अनुदान (KSB) | शहीद जवान/ESM की बेटी (हवलदार या नीचे) | ₹1,00,000 प्रति बेटी (अधिकतम 2) | 180 दिन में KSB पोर्टल पर आवेदन; राज्य अनुदान के साथ नहीं |
| मुख्यमंत्री विवाह शगुन (गाइड 5470) | विधवा/गरीब परिवार की बेटी (आय ≤ ₹1.80 लाख) | ₹51,000 (SC/DT ₹71,000) | SARAL से आवेदन; शादी के 6 महीने के अंदर |
| विवाह सहायता — HLWB (गाइड 7706) | पंजीकृत श्रमिक की बेटी/स्वयं (5 साल सेवा) | ₹51,000 | मज़दूरी सीमा ₹20,000/महीना; सिर्फ श्रमिक परिवार |
| कन्यादान — BOCW (गाइड 6141) | निर्माण श्रमिक की बेटी (3 बेटियाँ तक) | ₹51,000 + ₹50,000 = ₹1,01,000 | BOCW पंजीकरण ज़रूरी; श्रमिक परिवार ही |
| युद्ध विधवा सहायता (गाइड 7773) | शहीद जवान की विधवा (महीना) | ₹7,000/महीना | मासिक सहायता है, शादी का अनुदान नहीं — दोनों साथ मिल सकते हैं |
| शहीद सम्मान (गाइड 6075) | शहीद के परिवार | ₹1 करोड़ एकमुश्त अनुग्रह राशि | शहादत पर एकमुश्त; शादी से कोई लेना-देना नहीं |
| विधवा पुनर्विवाह अनुदान (KSB, इसी योजना में) | युद्ध विधवा का अपना पुनर्विवाह | ₹1,00,000 एकमुश्त | पहले विवाह पर यह अनुदान न लिया हो |
कौन पात्र है?
नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए — ये शर्तें KSB/RMEWF विवाह योजना की हैं; जहाँ जानकारी सत्यापित नहीं हुई है, वहाँ गाइड में साफ लिखा है।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| आवेदक | भूतपूर्व सैनिक (ESM) या उसकी विधवा — युद्ध विधवा भी; अनाथ बेटी खुद भी आवेदन कर सकती है |
| बेटी | शहीद जवान/ESM की बेटी; शादी के समय उम्र 18 वर्ष से ऊपर हो |
| रैंक | पति/पिता का रैंक हवलदार या उससे नीचे (थल सेना) या नौसेना/वायु सेना में समकक्ष रैंक |
| पेंशन | पेंशनर व नॉन-पेंशनर दोनों ESM पात्र — पेंशन मिल रही हो या न हो, फर्क नहीं पड़ता |
| शादी | शादी हो चुकी हो; आवेदन शादी की तारीख से 180 दिन के अंदर करना है |
| दो बेटियाँ | अधिकतम दो बेटियों की शादी पर अनुदान — हर बेटी के लिए अलग आवेदन |
| कोई और अनुदान नहीं | उसी बेटी की शादी के लिए राज्य सरकार या सेवा (सर्विस) से कोई विवाह अनुदान न लिया हो — शपथ/प्रमाण देना होगा |
| ZSB सिफारिश | आवेदन अपने जिला सैनिक बोर्ड की सिफारिश से आगे बढ़ता है — ZSB/RSB के बिना आवेदन पूरा नहीं होता |
कौन पात्र नहीं है?
नीचे दी गई किसी भी स्थिति में इस अनुदान से पैसा नहीं मिलेगा — आवेदन करने से पहले खुद को इस सूची से जाँच लें।
- पति/पिता का रैंक हवलदार से ऊपर हो — जैसे JCO (नायब सूबेदार/सूबेदार) या अधिकारी; KSB विवाह अनुदान सिर्फ हवलदार व उससे नीचे के रैंक के लिए है। यह इस योजना की सबसे बड़ी सीमा है।
- पति भूतपूर्व सैनिक नहीं था — जैसे अर्धसैनिक बल (CAPF/पैरा-मिलिट्री) का जवान; यह योजना सिर्फ रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के ESM/विधवाओं के लिए है।
- बेटी की उम्र शादी के समय 18 वर्ष से कम हो — बाल विवाह पर कोई अनुदान नहीं मिलता।
- उसी बेटी की शादी के लिए राज्य/सेवा से अनुदान ले चुके हों — जैसे मुख्यमंत्री विवाह शगुन (₹51,000) या कोई और विवाह अनुदान; एक शादी पर सिर्फ एक अनुदान का नियम है।
- शादी को 180 दिन से ज़्यादा हो चुके हों — समय-सीमा बीतने के बाद आवेदन नहीं लिया जाता (सिर्फ KSB पोर्टल बंद रहने जैसी खास छूट को छोड़कर — नीचे देखें)।
- बेटी की शादी पहले हो चुकी हो और उस पर अनुदान ले चुके हों — एक बेटी की एक शादी पर अनुदान सिर्फ एक बार मिलता है; दूसरी बेटी के लिए अलग आवेदन करना होगा।
रैंक की शर्त — हवलदार या उससे नीचे
इस योजना की सबसे अहम और सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली शर्त रैंक की है — अनुदान सिर्फ उन भूतपूर्व सैनिकों व उनकी विधवाओं को मिलता है जिनका रैंक हवलदार या उससे नीचे था (थल सेना में हवलदार; नौसेना व वायु सेना में समकक्ष रैंक)। JCO (जैसे नायब सूबेदार, सूबेदार) या किसी अधिकारी के परिवार को यह अनुदान नहीं मिलता — चाहे वह युद्ध विधवा ही क्यों न हो। यह शर्त इसलिए है क्योंकि KSB की यह योजना खास तौर पर निचले रैंक के जवानों व उनके परिवारों के लिए बनाई गई है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमज़ोर मानी जाती है। इसलिए आवेदन से पहले डिस्चार्ज बुक में पति/पिता का रैंक ज़रूर देख लें — अगर रैंक हवलदार से ऊपर है, तो इस अनुदान के लिए समय न गँवाएँ; ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री विवाह शगुन (₹51,000, आय की शर्त के साथ) जैसे राज्य के विकल्प देखें। पेंशन मिल रही हो या नहीं — इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; पेंशनर व नॉन-पेंशनर दोनों पात्र हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
नीचे दी गई सूची KSB विवाह योजना की सत्यापित सूची है। आवेदन से पहले सटीक सूची अपने जिला सैनिक बोर्ड से पुष्ट कर लें, क्योंकि कोई एक कागज़ छूटा तो मामला अटक जाएगा — और 180 दिन की समय-सीमा भी चलती रहेगी।
| क्रम | दस्तावेज़ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | ऑनलाइन आवेदन (KSB पोर्टल) | ksb.gov.in पर पंजीकरण के बाद भरा हुआ फॉर्म; ZSB से सिफारिश के साथ आगे बढ़ेगा |
| 2 | पति/पिता की डिस्चार्ज बुक | रंगीन स्कैन — बेटी का नाम दर्ज होना चाहिए; रैंक व सेवा का प्रमाण |
| 3 | बेटी की उम्र का प्रमाण | जन्म प्रमाण पत्र / आधार / वोटर ID — शादी के समय 18+ का प्रमाण |
| 4 | विवाह प्रमाण पत्र | विवाह रजिस्ट्रार / ग्राम सरपंच से जारी प्रमाण — शादी की तारीख का प्रमाण |
| 5 | कोई और अनुदान न लेने का प्रमाण पत्र | आवेदक का प्रमाण कि उसी शादी के लिए राज्य/सेवा से कोई विवाह अनुदान नहीं लिया |
| 6 | आधार कार्ड | आवेदक (विधवा) व बेटी का — पहचान का प्रमाण |
| 7 | बैंक खाता विवरण | पासबुक का पहला पन्ना / रद्द चेक — नाम, खाता संख्या, बैंक, IFSC साफ दिखे |
| 8 | ESM/विधवा पहचान पत्र | ZSB से जारी पहचान पत्र — ZSB से पुष्ट करें |
| 9 | स्व-घोषणा फॉर्म | KSB पोर्टल का निर्धारित फॉर्म — पोर्टल से डाउनलोड करें; ZSB से पुष्ट करें |
आवेदन कैसे करें?
इस अनुदान का आवेदन ऑनलाइन (KSB पोर्टल) से होता है — SARAL पर इस अनुदान की कोई सेवा सत्यापित नहीं हुई है। नीचे दिए गए चरणों से आवेदन करें, और 180 दिन की समय-सीमा का खास ध्यान रखें।
| चरण | क्या करें |
|---|---|
| 1 | पात्रता जाँचें — युद्ध विधवा हों, पति/पिता का रैंक हवलदार या नीचे हो, बेटी की उम्र 18+ हो, उसी शादी पर कोई और अनुदान न लिया हो |
| 2 | दस्तावेज़ जुटाएँ — डिस्चार्ज बुक (बेटी का नाम सहित), बेटी की उम्र का प्रमाण, विवाह प्रमाण पत्र, कोई और अनुदान न लेने का प्रमाण, आधार, बैंक विवरण (ऊपर दी गई सूची देखें) |
| 3 | KSB पोर्टल पर पंजीकरण करें — ksb.gov.in पर रजिस्टर करें और विवाह अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन भरें |
| 4 | दस्तावेज़ अपलोड करें — सभी कागज़ स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करें; स्व-घोषणा फॉर्म भी साथ लगाएँ |
| 5 | ZSB सिफारिश — आवेदन जिला सैनिक बोर्ड की सिफारिश से राज्य सैनिक बोर्ड होते हुए KSB तक जाएगा; ZSB कार्यालय से संपर्क में रहें |
| 6 | मंज़ूरी व भुगतान — KSB की मंज़ूरी के बाद अनुदान सीधे बैंक खाते में (DBT) आएगा; स्टेटस KSB पोर्टल व ZSB से पूछें |
दूसरी बेटी की शादी पर भी यही प्रक्रिया दोहरानी होगी — हर बेटी के लिए अलग नया आवेदन, और हर शादी से 180 दिन की अलग गिनती। ध्यान दें — KSB की वेबसाइट 18 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक रखरखाव के कारण बंद/ठीक से काम नहीं कर रही थी, इसलिए KSB ने पत्र संख्या 195/Welfare/Misc/2026-27 (सितंबर 2026) से उन आवेदकों को खास छूट दी थी जिनकी 180 दिन की अवधि 18 अगस्त से 7 सितंबर 2026 के बीच खत्म हो रही थी — वे 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते थे। वह छूट अब बीत चुकी है (30 सितंबर 2026 निकल गया) — अब सामान्य 180 दिन का नियम ही लागू है; पोर्टल में दिक्कत हो तो तुरंत ZSB को लिखित में बताएँ और सबूत सहेजकर रखें।
शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक
- शुल्क: आवेदन के लिए कोई सरकारी शुल्क किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई शुल्क होने का दावा नहीं किया जा रहा; ZSB/KSB से पूछ लें।
- समय-सीमा: शादी की तारीख से 180 दिन के अंदर ऑनलाइन आवेदन — यही इस योजना की असली अंतिम तारीख है; कोई सालाना अंतिम तारीख नहीं है।
- स्टेटस चेक: KSB पोर्टल (ksb.gov.in) पर अपने आवेदन का स्टेटस देखें; अपने जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय से भी पूछा जा सकता है।
- RTS: इस सेवा के लिए सेवा का अधिकार (RTS) के तहत कोई समय-सीमा किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं मिली है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
- निपटान का समय: मंज़ूरी में कितने दिन लगेंगे, यह किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
पैसा कैसे मिलेगा? — भुगतान का रास्ता
मंज़ूरी के बाद अनुदान एकमुश्त विधवा के बैंक खाते में आता है — रास्ता इस तरह है:
- फंड (केंद्र) — रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण निधि (RMEWF), जो सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि (AFFDF) का हिस्सा है; पैसा राज्य बजट से नहीं, केंद्र के इस निधि से आता है।
- मंज़ूरी (KSB) — केन्द्रीय सैनिक बोर्ड मंज़ूरी देता है; आवेदन ZSB की सिफारिश से RSB होते हुए KSB तक जाता है।
- भुगतान (DBT) — मंज़ूरी के बाद ₹1,00,000 सीधे बैंक खाते में आते हैं; पुरानी जानकारी के अनुसार PNB या SBI में बचत खाता माँगा जाता था — ताज़ा नियम ZSB/KSB पोर्टल से पुष्ट करें।
- एकमुश्त, मासिक नहीं — यह एक बार का अनुदान है, हर महीने मिलने वाली पेंशन/सहायता नहीं; युद्ध विधवा की ₹7,000 मासिक सहायता (गाइड 7773) इससे अलग चलती रहती है।
- दो बेटियाँ = दो भुगतान — हर बेटी की शादी पर अलग आवेदन व अलग ₹1,00,000; कुल अधिकतम ₹2,00,000।
राशि कब मिलेगी और देरी क्यों होती है?
KSB की किसी आधिकारिक जानकारी में यह नहीं लिखा है कि आवेदन के कितने दिन बाद पैसा मिलेगा — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है। देरी की सबसे आम वजहें यही हैं — दस्तावेज़ अधूरे होना (खासकर डिस्चार्ज बुक में बेटी का नाम न होना या विवाह प्रमाण पत्र न होना), ZSB की सिफारिश में देरी, या 180 दिन की समय-सीमा के आखिरी दिनों में आवेदन करना। इसलिए शादी के तुरंत बाद आवेदन करें, आखिरी हफ्ते का इंतज़ार न करें — अगर पोर्टल न खुले या कोई कागज़ अटक जाए, तो सुधारने का समय ही नहीं बचेगा। सितंबर 2026 की छूट से यह भी साफ है कि KSB 180 दिन के नियम को सख्ती से लागू करता है — छूट सिर्फ पोर्टल बंद रहने जैसी खास वजह से, एक बार, उन्हीं लोगों को मिली थी जिनकी अवधि उसी दौरान खत्म हो रही थी। अपने आवेदन की स्थिति KSB पोर्टल पर देखते रहें और ZSB से संपर्क में रहें।
योजना का बजट व पैमाना
यह अनुदान राज्य के बजट से नहीं चलता — इसलिए हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग के बजट विवरण (18 फरवरी 2025 की स्थिति) में इसका कोई अलग बजट शीर्ष नहीं है। पैसा केंद्र की निधि से आता है, और पैमाना इस तरह है:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| फंड | RMEWF (रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण निधि) — AFFDF का हिस्सा |
| तीनों अनुदानों पर सालाना असर | लगभग ₹257 करोड़ (पेनरी + शिक्षा + विवाह अनुदान की 100% बढ़ोतरी, 2025) |
| लाभार्थी | तीनों बढ़े हुए अनुदानों से लगभग 20,000 लोग (रक्षा मंत्रालय, अक्टूबर 2025) |
| राज्य बजट शीर्ष | कोई नहीं — हरियाणा विभाग के 2024-25 बजट विवरण में विवाह अनुदान का कोई शीर्ष नहीं है |
| इतिहास | 1981 से चल रही योजना; दर ₹3,000 → ₹16,000 → ₹50,000 → ₹1,00,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. इस योजना में कितनी सहायता मिलेगी?
₹1,00,000 एकमुश्त प्रति बेटी, अधिकतम दो बेटियों तक (कुल ₹2 लाख तक)। यह दर 1 नवंबर 2025 से लागू है — इससे पहले ₹50,000 थी। शादी 1 नवंबर 2025 के बाद की होनी चाहिए, नहीं तो पुरानी दर लागू होगी।
2. क्या यह अनुदान सिर्फ युद्ध विधवाओं की बेटियों को मिलता है?
नहीं — यह KSB विवाह अनुदान है जो सभी पात्र ESM/विधवाओं की बेटियों को मिलता है। युद्ध विधवा की बेटियाँ भी इसमें आती हैं — myScheme में इस योजना का नाम “Marriage Grant to War Widows’ Daughters” इसलिए है क्योंकि हरियाणा सूची में युद्ध विधवा वाला हिस्सा अलग दर्ज है। शर्तें सबके लिए एक ही हैं — रैंक हवलदार या नीचे, बेटी 18+, 180 दिन में आवेदन।
3. रैंक की शर्त क्या है?
पति/पिता का रैंक हवलदार या उससे नीचे होना चाहिए (थल सेना में हवलदार; नौसेना/वायु सेना में समकक्ष)। JCO या अधिकारी के परिवार को यह अनुदान नहीं मिलता — चाहे वह युद्ध विधवा ही क्यों न हो। पेंशन मिल रही हो या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
4. क्या विवाह शगुन (₹51,000) के साथ दोनों ले सकते हैं?
नहीं। एक ही बेटी की शादी पर सिर्फ एक अनुदान मिलता है — KSB विवाह अनुदान लेने पर उसी शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन या कोई और राज्य/सेवा विवाह अनुदान नहीं मिलेगा। चुनते समय रकम देखें — KSB का ₹1 लाख, विवाह शगुन के ₹51,000 से लगभग दोगुना है।
5. आवेदन कब तक करना है?
शादी की तारीख से 180 दिन के अंदर, KSB पोर्टल (ksb.gov.in) पर ऑनलाइन। 180 दिन बीतने के बाद आवेदन नहीं लिया जाता। सितंबर 2026 की 30 सितंबर तक की छूट सिर्फ पोर्टल बंद रहने से प्रभावित लोगों के लिए थी और अब बीत चुकी है।
6. आवेदन कहाँ करें — SARAL पर या KSB पोर्टल पर?
KSB पोर्टल (ksb.gov.in) पर ऑनलाइन। SARAL पर इस अनुदान की कोई सेवा सत्यापित नहीं हुई है — SARAL पर विवाह शगुन जैसी राज्य योजनाएँ हैं, यह केंद्र की KSB योजना है। आवेदन ZSB की सिफारिश से आगे बढ़ता है, इसलिए ZSB कार्यालय से संपर्क में रहें।
7. दूसरी बेटी की शादी पर भी मिलेगा?
हाँ — अधिकतम दो बेटियों तक। दूसरी बेटी के लिए अलग नया ऑनलाइन आवेदन करना होगा, और उसकी शादी से भी 180 दिन की अलग गिनती चलेगी।
8. विधवा के अपने पुनर्विवाह पर क्या मिलेगा?
उसी योजना में विधवा के पुनर्विवाह पर भी ₹1,00,000 एकमुश्त — बशर्ते शादी नई दर लागू होने के बाद की हो और पहले विवाह पर यह अनुदान न लिया गया हो।
9. पैसा किस खाते में आएगा?
मंज़ूरी के बाद सीधे (DBT) बैंक खाते में। पुरानी जानकारी के अनुसार PNB या SBI में बचत खाता माँगा जाता था — ताज़ा नियम KSB पोर्टल/ZSB से पुष्ट कर लें।
10. क्या युद्ध विधवा की ₹7,000 मासिक सहायता के साथ यह भी मिलेगा?
हाँ। ₹7,000 महीना वाली युद्ध विधवा सहायता (गाइड 7773) मासिक सहायता है और यह विवाह अनुदान एकमुश्त है — दोनों अलग हैं और साथ-साथ मिल सकते हैं। रोक सिर्फ एक ही शादी पर दो विवाह अनुदान लेने पर है।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। myScheme का विवरण पृष्ठ सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए myScheme को सूची के क्रमांक से बताया गया है, लिंक से नहीं। हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Marriage Grant-War Widow ESM”) का दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला — उसका लिंक नहीं दिया गया है।
- केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) पोर्टल: ksb.gov.in — विवाह अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन यहीं से; ZSB की सिफारिश ज़रूरी
- सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा: sainikwelfareharyana.gov.in — राज्य सैनिक बोर्ड की वेबसाइट; नीति सूची में “Marriage Grant-War Widow ESM” दर्ज है
- रक्षा मंत्रालय — बढ़ोतरी का आदेश: 15 अक्टूबर 2025 — विवाह अनुदान ₹50,000 से ₹1,00,000 (1 नवंबर 2025 से मिले आवेदनों पर); PIB विज्ञप्ति भी देखें
- राज्यसभा प्रश्न 2591: 16 मार्च 2026 — शहीद सैनिकों की विधवाओं की योजनाएँ; अनुलग्नक में विवाह अनुदान ₹1,00,000 (अधिकतम दो बेटियाँ, हवलदार व नीचे)
- राज्य सैनिक बोर्ड मुख्यालय: सेक्टर-12, पंचकूला; फोन 0172-5210277; ईमेल [email protected]
- संबंधित गाइड — युद्ध विधवा सहायता ₹7,000/महीना: युद्ध विधवा सहायता | भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता: भूतपूर्व सैनिक 60 वर्ष सहायता | मुख्यमंत्री विवाह शगुन: विवाह शगुन योजना | विवाह सहायता HLWB: HLWB विवाह सहायता | शहीद सम्मान ₹1 करोड़: शहीद सम्मान योजना | दयालु योजना: दयालु योजना
अस्वीकरण
यह गाइड 9 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — रक्षा मंत्रालय का 15 अक्टूबर 2025 का बढ़ोतरी आदेश (PIB विज्ञप्ति), राज्यसभा प्रश्न 2591 (16 मार्च 2026) व प्रश्न 1159 (10 मार्च 2025), केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) की विवाह अनुदान जानकारी, हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट (नीति सूची व 2024-25 बजट विवरण, 18 फरवरी 2025 की स्थिति) और myScheme हरियाणा सूची (क्रमांक 17) — से तैयार की गई है। सबसे अहम बात: ₹1,00,000 की दर 1 नवंबर 2025 से लागू है; हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Marriage Grant-War Widow ESM”) का दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला, इसलिए राज्य-स्तर की कोई अलग शर्त या दर हो तो वह इस गाइड में नहीं है। सहायता की रकम, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले अपने जिला सैनिक बोर्ड व KSB पोर्टल से ताज़ा जानकारी लिखित में ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर हरियाणा राज्य नीति का पूरा पाठ, PNB/SBI खाते का नियम, निपटान का समय, शुल्क व RTS समय-सीमा), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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