युद्ध में घायल होकर 50% से ज़्यादा विकलांग हुए जवान की बेटी की शादी पर हरियाणा सरकार एकमुश्त अनुदान देती है — ₹51,000। यह “Marriage Grant for the Marriage of the Daughter of War Disabled Ex-Servicemen above 50% Disability” योजना है — हरियाणा के सैनिक कल्याण विभाग की राज्य योजना, जो हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि (Haryana Defence and Security Relief Fund) से चलती है। यह केंद्र की KSB विवाह अनुदान योजना (₹1 लाख, गाइड 7781) से अलग है — दोनों की रकम, शर्तें और आवेदन का तरीका अलग-अलग है। इस राज्य योजना में आवेदन शादी से 2 महीने पहले करना होता है — शादी के बाद आवेदन नहीं लिया जाता। ध्यान दें — इस योजना का पूरा नीति दस्तावेज़ (“Marriage Grant-War Disabled ESM”) यहाँ से खुला नहीं, इसलिए आवेदन से पहले ताज़ा दर व शर्तें अपने जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) से लिखित में ज़रूर पुष्ट कर लें।
सबसे बड़ा भ्रम — ₹51,000 की रकम देखकर इसे मुख्यमंत्री विवाह शगुन (₹51,000) समझ लेना। दोनों की रकम एक ही है, पर योजनाएँ बिल्कुल अलग हैं — विवाह शगुन गरीब परिवारों की बेटियों के लिए है (आय ≤ ₹1.80 लाख), यह अनुदान युद्ध विकलांग सैनिक की बेटी के लिए है। और दूसरा भ्रम — KSB का ₹1 लाख वाला अनुदान। एक ही बेटी की शादी पर सिर्फ एक अनुदान मिलेगा — राज्य का ₹51,000 लें या केंद्र का ₹1 लाख, दोनों नहीं। इसलिए पहले दोनों की शर्तें तौल लें — KSB का अनुदान सिर्फ हवलदार या नीचे के रैंक पर मिलता है, जबकि राज्य के इस अनुदान में रैंक की कोई शर्त मेमो में नहीं है।
योजना एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Marriage Grant for the Marriage of the Daughter of War Disabled Ex-Servicemen above 50% Disability; myScheme हरियाणा सूची क्रमांक 18 (पृष्ठ 1–5) |
| किसकी योजना | हरियाणा सरकार — सैनिक व अर्ध सैनिक कल्याण विभाग (राज्य सैनिक बोर्ड); हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि समिति से मंज़ूरी |
| लाभ | बेटी की शादी पर एकमुश्त अनुदान — ₹51,000 (अगस्त 2014 की घोषणा के अनुसार; ताज़ा दर ZSB से पुष्ट करें) |
| किसे मिलेगा | युद्ध विकलांग भूतपूर्व सैनिक (50% से ऊपर विकलांगता) की बेटी |
| विकलांगता की शर्त | विकलांगता 50% से ऊपर आंकी गई हो — मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित, डिस्चार्ज बुक/PPO में दर्ज |
| रैंक की शर्त | मेमो में कोई रैंक शर्त नहीं है (KSB के हवलदार-या-नीचे नियम से अलग) |
| आवेदन कैसे | ऑफलाइन — कागज़ी आवेदन जिला सैनिक बोर्ड को; शादी से 2 महीने पहले |
| समय-सीमा | शादी की तारीख से 2 महीने पहले आवेदन — शादी के बाद आवेदन नहीं लिया जाता |
| फंड | हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि (राज्य निधि); विभाग के 2024-25 बजट विवरण में इसका कोई अलग शीर्ष नहीं है |
| दूसरी बेटी | मेमो में बेटियों की संख्या की सीमा नहीं लिखी है — ZSB से पुष्ट करें |
| KSB विकल्प | केंद्र का KSB विवाह अनुदान ₹1,00,000 भी मिल सकता है (सिर्फ हवलदार या नीचे) — पर एक शादी पर सिर्फ एक अनुदान |
कितनी सहायता मिलेगी? — पूरी दर सूची
यह अनुदान 2006 से चल रहा है और इसकी रकम तीन बार बढ़ी है। नीचे दी गई तालिका में हर दौर की दर है — ताज़ा दर की पुष्टि ZSB से ज़रूर करें, क्योंकि 2014 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं मिली है।
| कब से | रकम (एकमुश्त) | आधार |
|---|---|---|
| 21 अप्रैल 2006 (संदर्भ मेमो) | ₹11,000 | इससे पहले की दर — 2006 के मेमो का हवाला |
| 4 अक्टूबर 2008 | ₹21,000 | मुख्यमंत्री की घोषणा (वीर नारियों से मिलन, मेहम); मेमो 6 नवंबर 2008 |
| अगस्त 2014 | ₹51,000 | मुख्यमंत्री की घोषणा (झज्जर सैनिक सम्मेलन); कन्यादान राशि ₹21,000 से ₹51,000 |
| आज (2026) | ₹51,000 (पुष्टि करें) | 2014 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं मिली; ताज़ा दर ZSB से लिखित में पुष्ट करें |
गिनती सीधी है — 2006 में ₹11,000, 2008 में ₹21,000, 2014 में ₹51,000। 2014 के बाद 12 साल में कोई बढ़ोतरी का आदेश नहीं मिला — इसलिए गाइड में ₹51,000 को “2014 की घोषणा के अनुसार” कहा गया है, “आज की पक्की दर” नहीं। एक और ज़रूरी बात — 2014 की घोषणा के शब्द “भूतपूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी पर” हैं; घोषणा में तीनों श्रेणियाँ (युद्ध विधवा, युद्ध विकलांग, अनाथ बेटी) अलग से नहीं गिनाई गई हैं। इसलिए यह पुष्ट करना ज़रूरी है कि ₹51,000 युद्ध विकलांग श्रेणी पर भी लागू है — ZSB से लिखित में पूछें।
सबसे बड़ा भ्रम — यह अनुदान बनाम दूसरी विवाह योजनाएँ
हरियाणा में बेटी की शादी पर कई योजनाओं से पैसा मिलता है और सबकी शर्तें अलग हैं — सबसे ज़्यादा भ्रम इसी बात पर होता है कि कौन-सी योजना किसे मिलेगी और क्या दो योजनाओं का पैसा एक साथ ले सकते हैं। नीचे दी गई तालिका से फर्क साफ समझें — और याद रखें, एक ही शादी पर सिर्फ एक अनुदान।
| योजना | किसके लिए | रकम | खास शर्त |
|---|---|---|---|
| यह योजना — युद्ध विकलांग सैनिक बेटी विवाह अनुदान (राज्य) | युद्ध विकलांग ESM (50%+) की बेटी | ₹51,000 | शादी से 2 महीने पहले ZSB को कागज़ी आवेदन; रैंक शर्त नहीं |
| KSB विवाह अनुदान (गाइड 7781) | ESM/विधवा की बेटी (हवलदार या नीचे) | ₹1,00,000 प्रति बेटी (अधिकतम 2) | शादी के 180 दिन में ksb.gov.in पर ऑनलाइन |
| युद्ध विधवा बेटी विवाह अनुदान (गाइड 7781 — राज्य श्रेणी) | शहीद जवान की बेटी | राज्य ₹51,000 / KSB ₹1,00,000 | एक ही मेमो की पहली श्रेणी — अलग गाइड |
| मुख्यमंत्री विवाह शगुन (गाइड 5470) | गरीब परिवार की बेटी (आय ≤ ₹1.80 लाख) | ₹51,000 (SC/DT ₹71,000) | SARAL से आवेदन; शादी के 6 महीने के अंदर |
| विवाह सहायता — HLWB (गाइड 7706) | पंजीकृत श्रमिक की बेटी/स्वयं (5 साल सेवा) | ₹51,000 | मज़दूरी सीमा ₹20,000/महीना; सिर्फ श्रमिक परिवार |
| कन्यादान — BOCW (गाइड 6141) | निर्माण श्रमिक की बेटी (3 बेटियाँ तक) | ₹51,000 + ₹50,000 = ₹1,01,000 | BOCW पंजीकरण ज़रूरी; श्रमिक परिवार ही |
| विकलांग व्यक्ति विवाह प्रोत्साहन (समाज कल्याण) | दिव्यांग व्यक्ति की अपनी शादी | ₹15,000–₹35,000 | यह बेटी की शादी का अनुदान नहीं है — खुद दिव्यांग व्यक्ति की शादी पर |
कौन पात्र है?
नीचे दी गई हर शर्त पूरी होनी चाहिए — ये शर्तें हरियाणा सरकार के 2008 के मेमो की हैं; जहाँ जानकारी सत्यापित नहीं हुई है, वहाँ गाइड में साफ लिखा है।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| आवेदक | युद्ध विकलांग भूतपूर्व सैनिक (ESM) — पिता; बेटी की शादी पर आवेदन पिता करता है |
| विकलांगता | युद्ध/सैन्य सेवा से हुई विकलांगता 50% से ऊपर आंकी गई हो — मेडिकल बोर्ड का प्रमाण |
| सेवा | थल सेना, नौसेना या वायु सेना — युद्ध/ऑपरेशन में घायल |
| बेटी | पिता की बेटी; शादी के समय उम्र 18 वर्ष से ऊपर हो (कानूनी उम्र) |
| हरियाणा निवास | हरियाणा का निवासी होना — विभाग की सामान्य शर्त (शपथ-पत्र में दर्ज) |
| रैंक | मेमो में कोई रैंक शर्त नहीं — JCO/अधिकारी भी पात्र हो सकते हैं (ZSB से पुष्ट करें) |
| आय | मेमो में कोई आय सीमा नहीं है (विवाह शगुन की ₹1.80 लाख सीमा यहाँ लागू नहीं होती) |
| आवेदन का समय | शादी की तारीख से 2 महीने पहले आवेदन ZSB को देना है |
कौन पात्र नहीं है?
नीचे दी गई किसी भी स्थिति में इस अनुदान से पैसा नहीं मिलेगा — आवेदन करने से पहले खुद को इस सूची से जाँच लें।
- पिता की विकलांगता 50% या उससे कम हो — “50% से ऊपर” की शर्त पूरी नहीं होती (ठीक 50% पर भी नहीं — ZSB से पुष्ट करें)।
- विकलांगता युद्ध/सैन्य सेवा से न हुई हो — जैसे सड़क हादसा या बीमारी जो सेवा से जुड़ी न हो; विकलांगता सेवा से जुड़ी होनी चाहिए।
- पिता भूतपूर्व सैनिक नहीं हो — जैसे अर्धसैनिक बल (CAPF) का जवान; यह योजना सिर्फ रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के ESM के लिए है।
- बेटी की उम्र शादी के समय 18 वर्ष से कम हो — बाल विवाह पर कोई अनुदान नहीं मिलता।
- शादी की तारीख से 2 महीने पहले आवेदन न दिया हो — देर से आवेदन पर मंज़ूरी नहीं मिलती (मेमो का नियम)।
- उसी बेटी की शादी के लिए KSB या राज्य का कोई और विवाह अनुदान ले चुके हों — एक शादी पर सिर्फ एक अनुदान का नियम है।
50% से ऊपर विकलांगता — सबसे अहम शर्त
इस योजना की सबसे अहम और सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली शर्त विकलांगता का प्रतिशत है — विकलांगता 50% से ऊपर आंकी गई होनी चाहिए। “युद्ध विकलांग” का मतलब है — युद्ध या सैन्य ऑपरेशन में लगी चोट/बीमारी से हुई विकलांगता, जिसे मेडिकल बोर्ड ने सेवा से जुड़ा माना हो। विकलांगता का प्रतिशत Release Medical Board (RMB) या Invaliding Medical Board (IMB) आंकता है और यह डिस्चार्ज बुक व PPO में दर्ज होता है। ध्यान दें — मेमो में “above 50%” लिखा है, यानी 50% से ऊपर; ठीक 50% विकलांगता पर यह अनुदान मिलेगा या नहीं, यह मेमो के शब्दों से साफ नहीं है — ZSB से पूछ लें। और यह भी समझ लें — विकलांगता पेंशन के लिए 20% ही काफी होता है, पर इस विवाह अनुदान के लिए 50% से ऊपर चाहिए; दोनों की शर्तें अलग हैं। रैंक की कोई शर्त मेमो में नहीं है — यही इस योजना को KSB अनुदान से अलग करता है: KSB में हवलदार से ऊपर के रैंक को अनुदान नहीं मिलता, पर राज्य की इस योजना में विकलांगता ही असली शर्त है। इसलिए आवेदन से पहले डिस्चार्ज बुक में विकलांगता का प्रतिशत ज़रूर देख लें — अगर प्रतिशत 50% या उससे कम है, तो इस अनुदान के लिए समय न गँवाएँ।
ज़रूरी दस्तावेज़
नीचे दी गई सूची मेमो के युद्ध विधवा प्रोफार्मा व KSB की सूची से बनाई गई है — युद्ध विकलांग श्रेणी की सटीक सूची मेमो के मिले पन्नों में नहीं है, इसलिए आवेदन से पहले सटीक सूची अपने जिला सैनिक बोर्ड से पुष्ट कर लें, क्योंकि कोई एक कागज़ छूटा तो मामला अटक जाएगा — और शादी से 2 महीने पहले की समय-सीमा भी चलती रहेगी।
| क्रम | दस्तावेज़ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | आवेदन पत्र (प्रोफार्मा, दो प्रतियों में) | ZSB से निर्धारित फॉर्म; शादी की तारीख व बेटी का नाम/उम्र दर्ज |
| 2 | पिता की डिस्चार्ज बुक | रंगीन स्कैन — विकलांगता का प्रतिशत व बेटी का नाम दर्ज होना चाहिए |
| 3 | विकलांगता प्रमाण पत्र / मेडिकल बोर्ड का आकलन | RMB/IMB का प्रमाण — 50% से ऊपर विकलांगता का सबूत |
| 4 | बेटी की उम्र का प्रमाण | जन्म प्रमाण पत्र / आधार / वोटर ID — शादी के समय 18+ का प्रमाण |
| 5 | शादी का प्रमाण | शादी का कार्ड / तारीख का प्रमाण — शादी 2 महीने बाद की होनी चाहिए |
| 6 | हरियाणा निवास का प्रमाण | शपथ-पत्र / निवास प्रमाण — मेमो के शपथ-पत्र में हरियाणा निवासी होना दर्ज है |
| 7 | आधार कार्ड | आवेदक (पिता) व बेटी का — पहचान का प्रमाण |
| 8 | बैंक खाता विवरण | पासबुक का पहला पन्ना / रद्द चेक — नाम, खाता संख्या, बैंक, IFSC साफ दिखे |
| 9 | कल्याण आयोजक की सत्यापन रिपोर्ट | ZSB के कल्याण आयोजक (Welfare Organiser) की जाँच रिपोर्ट — मेमो के प्रोफार्मा में दर्ज |
आवेदन कैसे करें?
इस अनुदान का आवेदन ऑफलाइन (कागज़ी) से होता है — इस राज्य विवाह अनुदान के लिए SARAL पर कोई सेवा सत्यापित नहीं हुई है। नीचे दिए गए चरणों से आवेदन करें, और शादी से 2 महीने पहले की समय-सीमा का खास ध्यान रखें।
| चरण | क्या करें |
|---|---|
| 1 | पात्रता जाँचें — पिता युद्ध विकलांग ESM हों, विकलांगता 50% से ऊपर हो, बेटी 18+ हो, हरियाणा निवासी हों |
| 2 | दस्तावेज़ जुटाएँ — डिस्चार्ज बुक (विकलांगता % सहित), विकलांगता प्रमाण, बेटी की उम्र का प्रमाण, शादी का कार्ड, शपथ-पत्र, आधार, बैंक विवरण (ऊपर दी गई सूची देखें) |
| 3 | शादी से 2 महीने पहले ZSB को आवेदन दें — कागज़ी आवेदन (दो प्रतियों में) जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में जमा करें |
| 4 | ZSB सत्यापन — ZSB सचिव व कल्याण आयोजक जाँच करेंगे; कमी हो तो तुरंत पूरी करें |
| 5 | RSB सिफारिश व मंज़ूरी — आवेदन राज्य सैनिक बोर्ड होते हुए हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि समिति के सचिव तक जाएगा; मंज़ूरी पर चेक जारी होगा |
| 6 | भुगतान व स्टेटस — मंज़ूरी के बाद ₹51,000 का भुगतान; स्टेटस ZSB कार्यालय से पूछें |
ध्यान दें — यह आवेदन शादी से पहले करना है, बाद में नहीं। KSB का अनुदान शादी के बाद 180 दिन में मिलता है, पर राज्य का यह अनुदान शादी से 2 महीने पहले माँगना होता है — अगर शादी की तारीख नज़दीक आ गई है और 2 महीने नहीं बचे, तो राज्य का अनुदान छूट जाएगा; ऐसी स्थिति में KSB का रास्ता देखें (अगर रैंक हवलदार या नीचे हो)। दूसरी बेटी की शादी पर भी यही प्रक्रिया दोहरानी होगी — पर बेटियों की संख्या की सीमा मेमो में नहीं लिखी है, इसलिए दूसरी बेटी के लिए भी ZSB से पूछ लें।
शुल्क, समय-सीमा और स्टेटस चेक
- शुल्क: आवेदन के लिए कोई सरकारी शुल्क मेमो में नहीं लिखा है — कोई शुल्क होने का दावा नहीं किया जा रहा; ZSB से पूछ लें।
- समय-सीमा: शादी की तारीख से 2 महीने पहले आवेदन — यही इस योजना की असली अंतिम तारीख है; कोई सालाना अंतिम तारीख नहीं है।
- स्टेटस चेक: अपने जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय से पूछें — ऑनलाइन स्टेटस की कोई व्यवस्था सत्यापित नहीं हुई है।
- RTS: इस सेवा के लिए सेवा का अधिकार (RTS) के तहत कोई समय-सीमा किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं मिली है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
- निपटान का समय: मंज़ूरी में कितने दिन लगेंगे, यह किसी आधिकारिक स्रोत पर नहीं लिखा है — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है।
पैसा कैसे मिलेगा? — भुगतान का रास्ता
मंज़ूरी के बाद अनुदान एकमुश्त पिता के बैंक खाते में आता है — रास्ता इस तरह है:
- फंड (राज्य) — हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि; पैसा राज्य की निधि से आता है, केंद्र की RMEWF से नहीं।
- मंज़ूरी — हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि समिति के सचिव मंज़ूरी देते हैं; आवेदन ZSB की जाँच व RSB की सिफारिश से आगे बढ़ता है।
- भुगतान — मेमो के प्रोफार्मा के अनुसार मंज़ूरी पर चेक जारी होता है; आज DBT से मिलता है या चेक से, यह सत्यापित नहीं हुआ है — ZSB से पूछ लें।
- एकमुश्त, मासिक नहीं — यह एक बार का अनुदान है, हर महीने मिलने वाली सहायता नहीं; विकलांग ESM की अपनी मासिक सहायता (अलग योजना, #43) इससे अलग चलती रहती है।
- KSB से तुलना — KSB का ₹1 लाख भी एकमुश्त है; दोनों में से सिर्फ एक चुन सकते हैं — एक ही शादी पर दोनों नहीं।
राशि कब मिलेगी और देरी क्यों होती है?
मेमो या किसी आधिकारिक जानकारी में यह नहीं लिखा है कि आवेदन के कितने दिन बाद पैसा मिलेगा — कोई दिन गिनकर नहीं लिखा गया है। देरी की सबसे आम वजहें यही हैं — दस्तावेज़ अधूरे होना (खासकर डिस्चार्ज बुक में विकलांगता का प्रतिशत न होना या बेटी का नाम न होना), ZSB की जाँच में देरी, या शादी से 2 महीने पहले आवेदन न करना। इसलिए शादी की तारीख तय होते ही आवेदन करें — आखिरी हफ्ते में आवेदन देने पर मंज़ूरी का समय ही नहीं बचेगा। अपने आवेदन की स्थिति ZSB कार्यालय से पूछते रहें।
योजना का बजट व पैमाना
यह अनुदान विभाग के आम बजट से नहीं चलता — इसलिए हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग के बजट विवरण (18 फरवरी 2025 की स्थिति) में इसका कोई अलग बजट शीर्ष नहीं है। पैसा हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि से आता है, और पैमाना इस तरह है:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| फंड | हरियाणा रक्षा व सुरक्षा राहत निधि (राज्य निधि) — विभाग के बजट से अलग |
| राज्य बजट शीर्ष | कोई नहीं — हरियाणा विभाग के 2024-25 बजट विवरण में विवाह अनुदान का कोई शीर्ष नहीं है |
| विभाग का कुल बजट | ₹14,053.22 लाख (2024-25, कुल योग) — विवाह अनुदान इसमें अलग से नहीं दिखता |
| पड़ोसी योजना | विकलांग ESM सहायता (#43) का शीर्ष ₹60.00 लाख, खर्च ₹51.09 लाख — यह ESM की अपनी सहायता है, बेटी की शादी की नहीं |
| इतिहास | 2006 से चल रही योजना; दर ₹11,000 → ₹21,000 → ₹51,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. इस योजना में कितनी सहायता मिलेगी?
₹51,000 एकमुश्त (अगस्त 2014 की घोषणा के अनुसार)। 2014 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं मिली है — ताज़ा दर ZSB से लिखित में पुष्ट कर लें। बेटियों की संख्या की सीमा मेमो में नहीं लिखी है — ZSB से पूछें।
2. क्या यह KSB का ₹1 लाख वाला अनुदान है?
नहीं। यह हरियाणा सरकार की राज्य योजना है (रक्षा व सुरक्षा राहत निधि से)। KSB का अनुदान केंद्र का है (₹1 लाख, गाइड 7781) — दोनों अलग हैं; एक शादी पर सिर्फ एक मिलेगा।
3. विकलांगता कितनी होनी चाहिए?
50% से ऊपर, मेडिकल बोर्ड से आंकी हुई। ठीक 50% पर मिलेगा या नहीं, यह मेमो के शब्दों से साफ नहीं है — ZSB से पूछ लें। विकलांगता पेंशन के 20% नियम से भ्रमित न हों — इस अनुदान के लिए 50% से ऊपर चाहिए।
4. क्या JCO/अधिकारी के परिवार को मिलेगा?
मेमो में कोई रैंक शर्त नहीं है, इसलिए हाँ — पर ZSB से पुष्ट कर लें। KSB का अनुदान हवलदार से ऊपर को नहीं मिलता — यही दोनों का बड़ा फर्क है।
5. आवेदन कब करना है?
शादी की तारीख से 2 महीने पहले, जिला सैनिक बोर्ड को कागज़ी आवेदन। शादी के बाद आवेदन नहीं लिया जाता — KSB का रास्ता अलग है (शादी के 180 दिन में ऑनलाइन)।
6. आवेदन कहाँ करें — SARAL पर या ZSB को?
जिला सैनिक बोर्ड को कागज़ी आवेदन। इस राज्य विवाह अनुदान के लिए SARAL पर कोई सेवा सत्यापित नहीं हुई है — SARAL पर विवाह शगुन जैसी योजनाएँ हैं।
7. क्या विवाह शगुन (₹51,000) के साथ दोनों ले सकते हैं?
नहीं। एक ही बेटी की शादी पर सिर्फ एक अनुदान — राज्य विवाह अनुदान लें या विवाह शगुन, दोनों नहीं। रकम एक ही (₹51,000) है, पर पात्रता अलग है — विवाह शगुन आय की शर्त पर मिलता है, यह अनुदान विकलांगता की शर्त पर।
8. दूसरी बेटी की शादी पर भी मिलेगा?
मेमो में बेटियों की संख्या की सीमा नहीं लिखी है — ZSB से पुष्ट करें। KSB में अधिकतम दो बेटियों तक मिलता है, पर वह नियम इस राज्य योजना पर लागू नहीं होता।
9. पैसा किस खाते में आएगा?
मेमो के अनुसार मंज़ूरी पर चेक जारी होता है। आज DBT से मिलता है या चेक से, यह सत्यापित नहीं हुआ है — ZSB से पूछ लें।
10. क्या विकलांग ESM की अपनी सहायता के साथ यह भी मिलेगा?
हाँ। विकलांग ESM की अपनी वित्तीय सहायता (बजट शीर्ष ₹60 लाख, अलग योजना #43) ESM को मिलती है और यह विवाह अनुदान बेटी की शादी पर मिलता है — दोनों अलग हैं और साथ-साथ मिल सकते हैं। रोक सिर्फ एक ही शादी पर दो विवाह अनुदान लेने पर है।
आधिकारिक लिंक और संपर्क
नीचे दिए गए लिंक आधिकारिक स्रोतों के हैं। myScheme का विवरण पृष्ठ सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए myScheme को सूची के क्रमांक से बताया गया है, लिंक से नहीं। हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Marriage Grant-War Disabled ESM”) का दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला — उसका लिंक नहीं दिया गया है।
- सैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा: sainikwelfareharyana.gov.in — राज्य सैनिक बोर्ड की वेबसाइट; नीति सूची में “Marriage Grant-War Disabled ESM” दर्ज है
- हरियाणा सरकार — 2008 का मेमो: Memo No.2(2)/2006/2D-II/M.G.WW/O.D., 6 नवंबर 2008 — दर ₹11,000 से ₹21,000 (4 अक्टूबर 2008 से); csharyana.gov.in पर उपलब्ध
- 2014 की घोषणा: 10 अगस्त 2014 — कन्यादान राशि ₹21,000 से ₹51,000 (झज्जर सैनिक सम्मेलन); टाइम्स ऑफ इंडिया व बिज़नेस स्टैंडर्ड
- KSB विवाह अनुदान (केंद्र): ksb.gov.in — ₹1,00,000 वाला केंद्रीय अनुदान; गाइड 7781 भी देखें
- राज्य सैनिक बोर्ड मुख्यालय: सेक्टर-12, पंचकूला; फोन 0172-5210277; ईमेल [email protected]
- संबंधित गाइड — युद्ध विधवा बेटी विवाह अनुदान ₹1 लाख (KSB): युद्ध विधवा बेटी विवाह अनुदान | भूतपूर्व सैनिक 60+ सहायता: भूतपूर्व सैनिक 60 वर्ष सहायता | मुख्यमंत्री विवाह शगुन: विवाह शगुन योजना | विवाह सहायता HLWB: HLWB विवाह सहायता | युद्ध विधवा सहायता ₹7,000/महीना: युद्ध विधवा सहायता | शहीद सम्मान ₹1 करोड़: शहीद सम्मान योजना | दयालु योजना: दयालु योजना
अस्वीकरण
यह गाइड 9 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा सरकार का मेमो No.2(2)/2006/2D-II/M.G.WW/O.D. (6 नवंबर 2008; csharyana.gov.in), 10 अगस्त 2014 की मुख्यमंत्री घोषणा (टाइम्स ऑफ इंडिया, बिज़नेस स्टैंडर्ड), हरियाणा सैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट (नीति सूची व 2024-25 बजट विवरण, 18 फरवरी 2025 की स्थिति), रक्षा मंत्रालय का 15 अक्टूबर 2025 का KSB बढ़ोतरी आदेश (तुलना के लिए) और myScheme हरियाणा सूची (क्रमांक 18) — से तैयार की गई है। सबसे अहम बात: ₹51,000 की दर अगस्त 2014 की घोषणा पर आधारित है; हरियाणा विभाग की राज्य नीति (“Marriage Grant-War Disabled ESM”) का पूरा दस्तावेज़ यहाँ से नहीं खुला, इसलिए राज्य-स्तर की कोई अलग शर्त या दर हो तो वह इस गाइड में नहीं है। सहायता की रकम, पात्रता और प्रक्रिया बदल सकती है — आवेदन करने से पहले अपने जिला सैनिक बोर्ड से ताज़ा जानकारी लिखित में ज़रूर ले लें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है (खासकर हरियाणा राज्य नीति का पूरा पाठ, बेटियों की संख्या की सीमा, भुगतान का तरीका, निपटान का समय, शुल्क व RTS समय-सीमा), वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

[…] विकलांग बेटी विवाह अनुदान ₹51,000 (राज्य): युद्ध विकलांग बेटी विवाह अनुदान | युद्ध विधवा बेटी विवाह अनुदान ₹1 लाख […]