पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार 5 नवंबर 2026 को हुगली जिले के पुरसुड़ा में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। आलू की खेती करने वाले किसानों को 50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य के चार लाख किसानों को कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर सब्सिडी देने का ऐलान किया गया। झाड़ग्राम, पुरुलिया और अलीपुरद्वार जिलों के काश्तकारों के लिए विशेष पैकेज का भी वादा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम आलू की खेती करने वाले किसानों को 50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी देंगे।” आलू किसानों को अपनी फसल दूसरे राज्यों में भेजने की अनुमति भी दी जाएगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। दक्षिणी जिलों के आलू उत्पादक किसानों को पिछली फसल के दौरान हुए नुकसान के लिए विशेष मुआवजा पैकेज तैयार किया जा रहा है, जिसकी घोषणा 5 नवंबर को पुरसुड़ा से की गई।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत राज्य के 46 लाख किसानों को लाभ मिल रहा है। यह केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में से एक है, जिसके तहत देशभर के किसान परिवारों के बैंक खातों में सालाना 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में भेजे जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून में इस योजना की 23वीं किस्त जारी की थी, जिसकी कुल राशि 18,880 करोड़ रुपये थी और इसमें से 900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अकेले पश्चिम बंगाल के लाभार्थियों के लिए थी।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की वार्षिक सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से किसानों को 3,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 5 नवंबर को पात्र किसानों के खातों में 3,000-3,000 रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस तरह पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से सालाना कुल 9,000 रुपये की सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने गरबेटा में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की थी।
किसानों के लिए घोषित बिजली सब्सिडी से खेती की लागत कम होगी, खासकर उन किसानों को फायदा मिलेगा जो सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बिजली का इस्तेमाल करते हैं। तीन जिलों — झाड़ग्राम, पुरुलिया और अलीपुरद्वार — के लिए विशेष पैकेज का वादा इसलिए अहम है क्योंकि इन जिलों के किसान लंबे समय से विशेष मदद की मांग कर रहे थे। सरकार का कहना है कि इन घोषणाओं से राज्य के किसानों की आय बढ़ेगी और खेती को और अधिक लाभ का काम बनाया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
1. आलू किसानों को कितनी सब्सिडी मिलेगी? — आलू की खेती करने वाले किसानों को 50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी जाएगी।
2. बिजली सब्सिडी किसे मिलेगी? — राज्य के चार लाख किसानों को कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर सब्सिडी दी जाएगी।
3. विशेष पैकेज किन जिलों के लिए है? — झाड़ग्राम, पुरुलिया और अलीपुरद्वार जिलों के काश्तकारों के लिए विशेष पैकेज का वादा किया गया है।
4. PM-KISAN से बंगाल के किसानों को कितना मिलता है? — राज्य के 46 लाख किसानों को PM-KISAN के तहत सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं; जून में जारी 23वीं किस्त में 900 करोड़ रुपये से अधिक बंगाल के लिए थे।
अगला कदम: पश्चिम बंगाल की नई निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 — उद्योगों को 120% तक प्रोत्साहन, पढ़ें: https://www.viksitharyana.com/west-bengal-investment-promotion-policy-2026/

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