यह गाइड किस बारे में है?
किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की मृत्यु उसके परिवार के लिए सिर्फ भावनात्मक आघात नहीं होती — घर की कमाई अचानक बंद हो जाती है। हरियाणा सरकार के श्रम विभाग के अंतर्गत हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCWWB) ऐसे परिवारों के लिए मृत्यु सहायता की योजनाएँ चलाता है। इस गाइड में चार विषय एक साथ समझाए गए हैं — मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना (कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु पर ₹5,00,000), मृत्यु सहायता नियम 57 (प्राकृतिक मृत्यु पर ₹2,00,000), दाह संस्कार सहायता (₹15,000) और अंत्योदय आहार योजना (श्रमिकों को ₹10 में भोजन)।
एक बात शुरुआत में ही साफ कर दें — मृत्यु सहायता की योजनाएँ अलग-अलग हैं। कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु और प्राकृतिक मृत्यु के लिए अलग-अलग योजनाएँ और अलग-अलग राशि हैं, और हर योजना के लिए अलग दावा करना होता है। इस गाइड को पढ़कर परिवार यह समझ सकेगा कि उसकी स्थिति में कौन-सी योजना लागू होती है, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए और दावा कैसे करें।
अगर श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत नहीं था, तो पहले यह समझ लें: बोर्ड की सभी मृत्यु सहायता के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के कोई दावा स्वीकार नहीं होता — इसलिए परिवार के कमाने वाले सदस्य का पंजीकरण पहले से कराना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। पंजीकरण की प्रक्रिया यहाँ पढ़ें: हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी।
मृत्यु सहायता एक नज़र में
| स्थिति | योजना | सहायता राशि | मुख्य शर्त |
|---|---|---|---|
| कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु | मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना | ₹5,00,000 | पंजीकृत श्रमिक; FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ज़रूरी |
| कार्यस्थल से बाहर मृत्यु (प्राकृतिक/अन्य) | मृत्यु सहायता (नियम 57) / सामाजिक सुरक्षा योजना | ₹2,00,000 | पंजीकृत श्रमिक; नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी |
| दाह संस्कार (अंतिम संस्कार) | दाह संस्कार सहायता | ₹15,000 | मृत्यु सहायता के दावे के साथ |
| सस्ता भोजन | अंत्योदय आहार योजना | ₹10 में भोजन (नाश्ता ₹5) | कोई आवेदन नहीं — कैंटीन पर सीधे |
पहली योजना: मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना — कार्यस्थल पर मृत्यु पर ₹5,00,000
यह योजना क्या है?
मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत, अगर किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो बोर्ड उसके नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को ₹5,00,000 की वित्तीय सहायता देता है। यह बोर्ड की सबसे बड़ी मृत्यु सहायता है।
राशि को लेकर ताज़ा स्थिति — मुख्यमंत्री का निर्देश
वर्तमान नियम के अनुसार कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर ₹5,00,000 और कार्यस्थल के बाहर (अन्य स्थल पर) मृत्यु होने पर ₹2,00,000 की सहायता का प्रावधान है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के नियमों में बदलाव करके कार्यस्थल के अलावा अन्य स्थल पर मृत्यु होने पर भी परिवार को ₹5,00,000 की सहायता दी जाए — क्योंकि किसी गरीब श्रमिक की मृत्यु पर उसके परिवार पर दुख का संकट टूट पड़ता है। यह अभी निर्देश है; नियमों में संशोधन की अधिसूचना आने तक पोर्टल पर दिख रही राशि ही अंतिम मानी जाए। दावा करने से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म ज़रूर देख लें।
सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए पात्रता
- मृतक श्रमिक हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक रहा हो।
- श्रमिक की मृत्यु कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण हुई हो।
- आवेदक मृतक श्रमिक का नामांकित व्यक्ति (nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी हो।
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो।
सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- मृतक श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण (लेबर कॉपी)
- श्रमिक का मृत्यु प्रमाण-पत्र
- दुर्घटना के संबंध में FIR की प्रति — यह दस्तावेज़ अनिवार्य है
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट — यह भी अनिवार्य है
- नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण-पत्र
- आवेदक का आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए ऑनलाइन दावा कैसे करें?
दावा अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है:
चरण 1: सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएँ। नए उपयोगकर्ता “Register” पर क्लिक करके खाता बनाएँ।
चरण 2: अपनी यूज़र आईडी और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 3: “Apply for Services” पर क्लिक करें और “View all available services” में जाकर योजना खोजें — “Mukhyamantri Samajik Suraksha Yojana” / “मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना”।
चरण 4: फॉर्म में मृतक श्रमिक और आवेदक की सभी जानकारी सही-सही भरें — बोर्ड पंजीकरण संख्या, मृत्यु की तारीख और स्थान, दुर्घटना का विवरण आदि।
चरण 5: माँगे गए सभी दस्तावेज़ अपलोड करें — मृत्यु प्रमाण-पत्र, FIR की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कानूनी उत्तराधिकारी का प्रमाण-पत्र। दस्तावेज़ साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
चरण 6: फॉर्म जमा (Submit) करें। जमा करने के बाद आपको एक Application Reference ID मिलेगी — इसे संभालकर रखें। आवेदन के हर चरण पर आपके मोबाइल पर SMS और ईमेल से सूचना भेजी जाती है।
चरण 7: संबंधित अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे। स्वीकृति मिलने पर ₹5,00,000 की राशि सीधे नामांकित व्यक्ति/कानूनी उत्तराधिकारी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस योजना के लिए सेवा का अधिकार अधिनियम (RTS) के तहत 15 दिन की समय-सीमा तय है।
दूसरी योजना: मृत्यु सहायता (नियम 57) — प्राकृतिक मृत्यु पर ₹2,00,000
यह योजना क्या है?
मृत्यु सहायता योजना (नियम 57) के तहत, अगर किसी पंजीकृत निर्माण श्रमिक की प्राकृतिक मृत्यु हो जाती है — यानी मृत्यु दुर्घटना से नहीं, बल्कि बीमारी या प्राकृतिक कारणों से हुई हो — तो बोर्ड उसके नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को ₹2,00,000 की वित्तीय सहायता देता है।
मृत्यु सहायता के लिए पात्रता
- मृतक श्रमिक HBOCWWB में पंजीकृत निर्माण श्रमिक रहा हो।
- श्रमिक की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई हो।
- आवेदक मृतक श्रमिक का नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी हो।
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो।
मृत्यु सहायता के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- मृतक श्रमिक का BOCW पंजीकरण कार्ड/प्रमाण — जिसमें आवेदन की तारीख तक अंशदान की अदायगी दर्ज हो, उसकी सत्यापित प्रति
- श्रमिक का मृत्यु प्रमाण-पत्र
- नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण-पत्र
- आवेदक का आधार कार्ड और हरियाणा निवास प्रमाण
- परिवार पहचान पत्र (PPP फैमिली आईडी)
- बैंक खाते की जानकारी (पासबुक की प्रति)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
मृत्यु सहायता के लिए ऑनलाइन दावा कैसे करें?
दावा अंत्योदय सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर “Death Assistance Scheme” / “मृत्यु सहायता” सेवा के तहत किया जाता है। फॉर्म में मृतक श्रमिक की पंजीकरण संख्या, मृत्यु की तारीख और आवेदक का विवरण भरना होता है। मृत्यु प्रमाण-पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी का प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। स्वीकृति के बाद ₹2,00,000 की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
कौन-सी योजना चुनें — कार्यस्थल दुर्घटना या प्राकृतिक मृत्यु?
| स्थिति | लागू योजना | राशि |
|---|---|---|
| कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु | मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना | ₹5,00,000 |
| प्राकृतिक मृत्यु (बीमारी/प्राकृतिक कारण) | मृत्यु सहायता (नियम 57) | ₹2,00,000 |
| कार्यस्थल के बाहर दुर्घटना/अन्य कारण से मृत्यु | वर्तमान नियम: ₹2,00,000; मुख्यमंत्री ने ₹5,00,000 का निर्देश दिया है — अधिसूचना आने तक पोर्टल देखें | ₹2,00,000 (फिलहाल) |
अगर मृत्यु के कारण को लेकर संदेह हो — जैसे, कार्यस्थल पर तबीयत बिगड़ने से मृत्यु हुई हो — तो FIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के कागज़ात के साथ ज़िला श्रम कार्यालय से सलाह लें। गलत योजना में दावा करने से समय बर्बाद होगा।
तीसरी सहायता: दाह संस्कार सहायता — ₹15,000
यह क्या है?
मृत्यु सहायता के साथ-साथ परिवार को दाह संस्कार (अंतिम संस्कार) के खर्च के लिए ₹15,000 भी दिए जाते हैं। यह राशि मृत्यु सहायता के दावे के साथ ही मिलती है — इसके लिए अलग से कोई लंबी प्रक्रिया नहीं है। पुराने नियमों में अंतिम संस्कार सहायता ₹5,000 थी, जिसे बढ़ाकर वर्तमान में ₹15,000 कर दिया गया है।
दाह संस्कार सहायता के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र और मृत्यु सहायता का दावा ही पर्याप्त होता है। दावा करते समय सरल पोर्टल पर योजना के फॉर्म में दाह संस्कार सहायता का विकल्प भी देखें — अगर फॉर्म में अलग से माँगा जाए, तो वही भरें।
चौथी योजना: अंत्योदय आहार योजना — श्रमिकों को ₹10 में भोजन
यह क्या है?
अंत्योदय आहार योजना श्रमिकों के लिए सस्ते भोजन की योजना है — यह कोई नकद सहायता नहीं है और इसके लिए कोई आवेदन फॉर्म नहीं भरना होता। योजना के तहत श्रम विभाग की श्रम कैंटीनों में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और अन्य ज़रूरतमंद लोगों को मात्र ₹10 में भरपेट भोजन और ₹5 में नाश्ता मिलता है। एक भोजन के पैकेट का वज़न लगभग 730 ग्राम होता है, जिसमें चार चपाती, चावल, दाल, मौसमी सब्ज़ी, दही/रायता, हरी चटनी और गुड़ शामिल होता है — लगभग 1,150 कैलोरी। भोजन की असली लागत ₹20 होती है, जिसमें से ₹10 का योगदान श्रम विभाग करता है।
अंत्योदय आहार योजना की मुख्य बातें
- योजना 2018 में शुरू हुई थी — पहले चार शहरों (फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार और यमुनानगर) में पाँच कैंटीनों से शुरुआत हुई थी।
- जनवरी 2024 तक राज्य भर में 127 श्रम कैंटीनें चल रही थीं — इनमें 52 बेस कैंटीनें (रसोई सहित) और 75 वितरण कैंटीनें हैं, जहाँ केंद्रीय रसोई में बना खाना 39 वैन और 9 ई-रिक्शा से पहुँचाया जाता है।
- इन कैंटीनों की क्षमता रोज़ाना लगभग 27,000 श्रमिकों को भोजन देने की है। कैंटीनें कार्यस्थलों और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के पास स्थित हैं।
- भोजन रोज़ाना सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक दिया जाता है।
- सभी स्थायी कैंटीनों और मोबाइल इकाइयों के स्थान श्रम विभाग की वेबसाइट hrylabour.gov.in पर उपलब्ध मानचित्र (map) में देखे जा सकते हैं।
- 2022 में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राज्य में श्रमिकों के लिए 100 कैंटीनें खोली जाएँगी, जहाँ ₹10 में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा।
अंत्योदय आहार का लाभ कैसे लें?
इसके लिए कोई ऑनलाइन आवेदन या पंजीकरण फॉर्म नहीं है — श्रमिक को बस अपनी नज़दीकी श्रम कैंटीन पर जाना होता है और ₹10 में भोजन लेना होता है। कैंटीन का स्थान जानने के लिए hrylabour.gov.in पर उपलब्ध मानचित्र देखें या ज़िला श्रम कार्यालय से पूछें।
अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर क्या होगा? — एक ईमानदार जवाब
यह सवाल बहुत से परिवार पूछते हैं: अगर श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत ही नहीं था, तो उसकी मृत्यु पर परिवार को क्या मिलेगा? ईमानदार जवाब यह है — बोर्ड की मृत्यु सहायता योजनाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के मृत्यु सहायता, सामाजिक सुरक्षा या दाह संस्कार सहायता का कोई दावा स्वीकार नहीं होता। अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु के लिए बोर्ड की कोई अलग योजना सत्यापित नहीं हो सकी है।
इसलिए, अगर आपके परिवार का कोई सदस्य निर्माण का काम करता है और अभी तक बोर्ड में पंजीकृत नहीं है, तो आज ही पंजीकरण कराएँ — पंजीकरण ही वह सुरक्षा है जो मृत्यु, दुर्घटना, बीमारी और बुढ़ापे में परिवार के काम आती है। पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया यहाँ पढ़ें: हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी।
ऑफलाइन दावा का विकल्प
मृत्यु सहायता के दावे मुख्य रूप से ऑनलाइन हैं, लेकिन दुख की घड़ी में परिवार अगर ऑनलाइन फॉर्म न भर सके, तो नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र (SARAL Kendra) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ली जा सकती है। वहाँ ऑपरेटर आपकी ओर से फॉर्म भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय में जाकर भी दावा दाखिल करने में मदद ली जा सकती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लंबित मृत्यु दावों को तुरंत जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं — अगर आपका पुराना दावा लंबित है, तो ज़िला श्रम कार्यालय में उसकी स्थिति ज़रूर पूछें।
दावा शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: मृत्यु सहायता योजनाओं के लिए आधिकारिक योजना पृष्ठों पर कोई आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। फिर भी, फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें — दावा पूरी तरह ऑनलाइन और सीधा है।
समय-सीमा: मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए RTS के तहत 15 दिन की समय-सीमा तय है। बोर्ड की अन्य सेवाओं के लिए सामान्यतः 90 दिन की समय-सीमा है। दावा जितनी जल्दी दाखिल किया जाए, उतना बेहतर — दस्तावेज़ पूरे और सही रखना ही सबसे तेज़ रास्ता है।
दावे की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाकर “Track Application / View Status of Application” विकल्प से अपनी Application Reference ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है। पोर्टल पर “Citizen Dashboard” से भी दावा ट्रैक किया जा सकता है।
- दावे के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजा जाता है।
- स्थिति न बदले या दावा अटक जाए, तो ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय या बोर्ड के हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
पैसे कैसे मिलेंगे?
स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे नामांकित व्यक्ति/कानूनी उत्तराधिकारी के बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है — इसलिए बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना चाहिए। दाह संस्कार सहायता ₹15,000 भी उसी खाते में भेजी जाती है।
दावा करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट न भूलें: कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु के दावे में FIR की प्रति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनिवार्य हैं — इनके बिना दावा आगे नहीं बढ़ता।
- सही योजना चुनें: कार्यस्थल दुर्घटना के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना (₹5 लाख) और प्राकृतिक मृत्यु के लिए मृत्यु सहायता (₹2 लाख) — गलत योजना में दावा करने से समय बर्बाद होगा।
- कानूनी उत्तराधिकारी का प्रमाण: नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखें।
- दाह संस्कार सहायता अलग से न भूलें: ₹15,000 की दाह संस्कार सहायता मृत्यु सहायता के साथ ही मिलती है — दावा करते समय इसका उल्लेख ज़रूर करें।
- लंबित दावा हो तो पूछें: मुख्यमंत्री के निर्देश पर लंबित मृत्यु दावों को तुरंत जारी करने के आदेश दिए गए हैं — पुराना दावा लंबित हो तो ज़िला श्रम कार्यालय में उसकी स्थिति पूछें।
- पंजीकरण ही सुरक्षा है: अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर बोर्ड की कोई सहायता नहीं मिलती — परिवार के कमाने वाले सदस्य का पंजीकरण पहले से कराना सबसे ज़रूरी है।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: दावा केवल saralharyana.gov.in और hrylabour.gov.in से ही करें। कोई भी व्यक्ति अगर पैसे लेकर फॉर्म भरने का दावा करे, तो सरल हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
श्रमिक परिवार के लिए अन्य योजनाएँ
- हरियाणा लेबर कार्ड BOCW पंजीकरण — पूरी जानकारी: निर्माण श्रमिक के रूप में बोर्ड में पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया — मृत्यु सहायता का पहला कदम।
- हरियाणा BOCW स्कूटी योजना — श्रमिक बेटी को ₹50,000 सहायता: पंजीकृत श्रमिक की बेटी को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि।
- हरियाणा BOCW कोचिंग और हॉस्टल सहायता — श्रमिक बच्चों को ₹1,20,000 तक: श्रमिकों के बच्चों को कोचिंग के लिए ₹20,000–₹1,00,000 और हॉस्टल के लिए ₹1,20,000 तक की सहायता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. कार्यस्थल पर दुर्घटना में श्रमिक की मृत्यु पर कितनी सहायता मिलती है?
मुख्यमंत्री श्रमिक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत नामांकित व्यक्ति/कानूनी उत्तराधिकारी को ₹5,00,000 की सहायता मिलती है। इसके लिए FIR और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनिवार्य हैं।
2. प्राकृतिक मृत्यु पर कितनी सहायता मिलती है?
प्राकृतिक मृत्यु पर मृत्यु सहायता (नियम 57) के तहत ₹2,00,000 की सहायता मिलती है। कार्यस्थल के बाहर मृत्यु पर भी फिलहाल ₹2,00,000 का ही प्रावधान है — मुख्यमंत्री ने इसे ₹5,00,000 करने का निर्देश दिया है, अधिसूचना आने तक पोर्टल पर दिख रही राशि ही अंतिम है।
3. दाह संस्कार के लिए कितने पैसे मिलते हैं?
मृत्यु सहायता के साथ ₹15,000 की दाह संस्कार सहायता भी दी जाती है। यह राशि मृत्यु सहायता के दावे के साथ ही मिलती है।
4. मृत्यु सहायता का दावा कौन कर सकता है?
मृतक श्रमिक का नामांकित व्यक्ति (nominee) या कानूनी उत्तराधिकारी ही दावा कर सकता है। नामांकित/कानूनी उत्तराधिकारी होने का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है।
5. सामाजिक सुरक्षा योजना के दावे में कितना समय लगता है?
इस योजना के लिए RTS के तहत 15 दिन की समय-सीमा तय है। दस्तावेज़ पूरे और सही हों, तो दावा जल्दी निपटता है।
6. अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर क्या सहायता मिलेगी?
बोर्ड की मृत्यु सहायता योजनाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के कोई दावा स्वीकार नहीं होता। अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु के लिए बोर्ड की कोई अलग योजना सत्यापित नहीं हो सकी है।
7. अंत्योदय आहार योजना में भोजन कैसे मिलेगा?
इसके लिए कोई आवेदन नहीं करना होता — नज़दीकी श्रम कैंटीन पर जाकर ₹10 में भोजन और ₹5 में नाश्ता लिया जा सकता है। कैंटीनों के स्थान hrylabour.gov.in पर उपलब्ध मानचित्र में देखे जा सकते हैं।
8. दावा ऑनलाइन न कर सकें तो क्या करें?
नज़दीकी अंत्योदय सरल केंद्र या CSC केंद्र पर जाकर मदद ली जा सकती है, या ज़िले के श्रम विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- हरियाणा श्रम विभाग (Labour Department, Haryana): hrylabour.gov.in
- अंत्योदय सरल पोर्टल (ऑनलाइन दावा): saralharyana.gov.in
- सरल हेल्पलाइन: 0172-3968400 (सुबह 7 बजे – रात 8 बजे, सोमवार–शनिवार, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर); ईमेल: [email protected]
- हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड टोल फ्री नंबर: 1800-180-2129; श्रम विभाग हेल्पलाइन: 0172-2701373
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी हरियाणा श्रम विभाग की वेबसाइट, अंत्योदय सरल पोर्टल, योजना की आधिकारिक शर्तों और मुख्यमंत्री के सार्वजनिक निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। दावा करने से पहले सरल पोर्टल पर योजना का लाइव फॉर्म और ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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