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सरकारी योजनाएँ

लखमी चंद कलाकार सम्मान योजना 2026: ₹10,000 मासिक मानदेय

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: लखमी चंद कलाकार सम्मान योजना 2026: ₹10,000 मासिक मानदेय
  • तारीख़: 6 नवम्बर 2026, 12:33 अपराह्न
  • लेखक: Harish
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

हरियाणा की मिट्टी से रागनी और सांग की आवाज़ पूरी दुनिया तक पहुँचाने वाले कलाकारों के लिए सरकार ने एक खास योजना बनाई है। लखमी चंद कलाकार सम्मान योजना 2026 के तहत राज्य के वरिष्ठ कलाकारों और कला विद्वानों को हर महीने सम्मान स्वरूप मानदेय दिया जाता है। जिन कलाकारों की वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक है, उन्हें ₹10,000 प्रति माह मिलते हैं, और जिनकी आय ₹1.80 लाख से अधिक लेकिन ₹3 लाख तक है, उन्हें ₹7,000 प्रति माह दिए जाते हैं। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।

यह योजना उन कलाकारों के लिए है जिन्होंने गायन, अभिनय, नृत्य, नाटक, चित्रकला, मूर्तिकला या वाद्य यंत्र बजाने जैसी किसी कला विधा में कम से कम 20 साल तक योगदान दिया है, लेकिन बुढ़ापे के कारण अब सक्रिय रूप से कला नहीं कर पा रहे हैं। हरियाणा मंत्रिमंडल ने 5 मई 2025 को इस योजना को मंजूरी दी थी, और योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देश 19 जून 2025 को जारी हुए, जो 2 जुलाई 2025 को हरियाणा राजपत्र में प्रकाशित हुए। योजना का संचालन हरियाणा के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा किया जाता है।

आवेदन करने से पहले एक ज़रूरी सावधानी: मई 2025 में योजना की घोषणा के समय सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि निर्धारित आवेदन फॉर्म विभाग की वेबसाइट पर मिलेगा और कलाकारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लेकिन बाद की उपलब्ध जानकारी (जुलाई 2026 में अद्यतन एक योजना-विवरण के अनुसार) बताती है कि फिलहाल आवेदन निर्धारित फॉर्म से ऑफलाइन माध्यम से लिए जा रहे हैं और ऑनलाइन सुविधा भविष्य में शुरू हो सकती है। हमने 6 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक माध्यमों से यह स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं कर पाया है कि विभाग की वेबसाइट या SARAL पोर्टल पर इस योजना का कोई लाइव ऑनलाइन फॉर्म मौजूद है या नहीं। इसलिए इस लेख में आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम को मुख्य मानकर दी गई है, और ऑनलाइन विकल्प को लेकर सावधानी वाला नोट अलग से दिया गया है। आवेदन करने से पहले अपने ज़िले के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कार्यालय से फॉर्म की ताज़ा स्थिति ज़रूर पूछ लें — आवेदन के समय पोर्टल या कार्यालय में दिख रहा फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

योजना एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम पंडित लखमी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान योजना
राज्य हरियाणा
नोडल विभाग कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा
लाभ मासिक मानदेय — ₹10,000 या ₹7,000 प्रति माह
लाभार्थी हरियाणा के 60 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ कलाकार और कला विद्वान
कला अनुभव कम से कम 20 वर्ष का योगदान
आय सीमा (₹10,000 के लिए) वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक
आय सीमा (₹7,000 के लिए) वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से अधिक, ₹3 लाख तक
आयु व आय का प्रमाण परिवार पहचान पत्र (PPP) के अनुसार
मंत्रिमंडल मंजूरी 5 मई 2025
दिशा-निर्देश जारी 19 जून 2025 (हरियाणा राजपत्र में प्रकाशन: 2 जुलाई 2025)
आवेदन का माध्यम निर्धारित फॉर्म — फिलहाल ऑफलाइन (ज़िला कार्यालय); ऑनलाइन स्थिति सत्यापित नहीं
भुगतान का तरीका डीबीटी — लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे
हेल्पलाइन 0172-2793897 (विभाग) — नीचे पूरी सूची देखें

पंडित लखमी चंद कौन थे?

यह योजना हरियाणा के सबसे बड़े लोक कवि और सांग कलाकार पंडित लखमी चंद (1903–1945) के नाम पर है। वे सोनीपत ज़िले के जांटी कलां गाँव में जन्मे थे और हरियाणवी रागनी तथा सांग (स्वांग) परंपरा को नई ऊँचाई देने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें ‘सूर्य कवि’ और ‘हरियाणा के कालिदास’ कहा जाता है। उनके प्रसिद्ध सांगों में राजा हरिश्चंद्र, शाही लकड़हारा और सेठ ताराचंद शामिल हैं, और उनकी रचना ‘लखमीचंद का ब्रह्मज्ञान’ आज भी हरियाणा के कलाकारों द्वारा गाई जाती है। उनके जीवन पर बनी फिल्म ‘दादा लखमी’ को 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ हरियाणवी फिल्म का सम्मान मिला था। योजना का नाम उनके नाम पर रखकर सरकार ने न सिर्फ़ उनके योगदान को सम्मान दिया है, बल्कि हरियाणा की लोक कला परंपरा को भी पहचान दी है।

योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

पंडित लखमी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान योजना हरियाणा सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य उन वरिष्ठ कलाकारों और कला विद्वानों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारना है, जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा हरियाणा की कला और संस्कृति को समर्पित कर दिया, लेकिन बुढ़ापे के कारण अब उनकी आय का कोई स्थिर साधन नहीं रहा। कई लोक कलाकार — रागनी गायक, सांग कलाकार, वादक, चित्रकार और रंगकर्मी — युवावस्था में गाँव-गाँव जाकर कला करते रहे, पर उनके पास न पेंशन है, न नियमित रोज़गार। यह योजना ऐसे ही कलाकारों को हर महीने एक सम्मानजनक राशि देकर उनके बुढ़ापे को सहारा देती है।

योजना की घोषणा सबसे पहले हरियाणा सरकार के वर्ष 2023-24 के बजट में की गई थी। इसके बाद 5 मई 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इसे लागू करने का फैसला हुआ। योजना के दिशा-निर्देश 19 जून 2025 को जारी किए गए और 2 जुलाई 2025 को हरियाणा राजपत्र में प्रकाशित हुए।

कितना मानदेय मिलेगा?

मानदेय की राशि आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय पर निर्भर करती है। आय परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज जानकारी के अनुसार मानी जाती है।

वार्षिक पारिवारिक आय मासिक मानदेय वार्षिक कुल
₹1.80 लाख तक ₹10,000 प्रति माह ₹1,20,000
₹1.80 लाख से अधिक, ₹3 लाख तक ₹7,000 प्रति माह ₹84,000
₹3 लाख से अधिक पात्र नहीं —

ध्यान दें कि आय की गणना सभी स्रोतों से हुई कुल पारिवारिक आय के आधार पर होती है, न कि सिर्फ़ कलाकार की व्यक्तिगत कमाई के आधार पर। अगर परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से एक रुपया भी अधिक है, तो आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। इसलिए आवेदन से पहले अपने परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय की जानकारी ज़रूर जाँच लें — अगर उसमें कोई गलती है, तो पहले उसे ठीक करवाएँ, क्योंकि विभाग आयु और आय दोनों की पुष्टि PPP से ही करता है।

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक को नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। कोई एक शर्त भी पूरी न हो, तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

पात्रता शर्त विवरण
हरियाणा का स्थायी निवासी आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए
आयु 60 वर्ष या उससे अधिक (PPP में दर्ज आयु के अनुसार)
कला अनुभव किसी कला विधा में कम से कम 20 वर्ष का योगदान
पंजीकृत कलाकार कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग से जुड़ा पंजीकृत कलाकार या कला विद्वान होना चाहिए
परिवार पहचान पत्र वैध PPP होना अनिवार्य है
वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए
योगदान का प्रमाण अपने कला योगदान के दस्तावेज़ी प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे

कला के जिन क्षेत्रों के कलाकार इस योजना के दायरे में आते हैं, उनमें गायन, अभिनय, नृत्य, नाटक और रंगमंच, चित्रकला, मूर्तिकला, वाद्य यंत्र बजाना और अन्य दृश्य कलाएँ शामिल हैं। रागनी गायक, सांग कलाकार, लोक नर्तक, वादक और चित्रकार — सभी इन श्रेणियों में आते हैं, बशर्ते वे 20 वर्ष के योगदान और अन्य शर्तों को पूरा करते हों।

एक और अहम शर्त यह है कि आवेदक को अपने कला योगदान का हर वर्ष का दस्तावेज़ी प्रमाण देना होता है। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 को इस प्रमाण से छूट दी गई है, क्योंकि उन वर्षों में कोविड-19 महामारी के कारण कला कार्यक्रम लगभग बंद थे। यानी 20 वर्षों के योगदान के प्रमाण में इन दो वर्षों का प्रमाण माँगा नहीं जाएगा।

ज़रूरी दस्तावेज़

आवेदन के साथ नीचे दिए गए दस्तावेज़ लगाने होते हैं। फॉर्म जमा करने से पहले हर दस्तावेज़ की फोटोकॉपी और मूल प्रति साथ रखें — कार्यालय में मूल दस्तावेज़ दिखाकर सत्यापन करवाना पड़ सकता है।

दस्तावेज़ टिप्पणी
हरियाणा अधिवास प्रमाण पत्र हरियाणा का स्थायी निवासी होने का प्रमाण
आधार कार्ड पहचान प्रमाण के रूप में
परिवार पहचान पत्र (PPP) आयु, परिवार विवरण और आय के सत्यापन के लिए अनिवार्य
आयु प्रमाण जन्मतिथि का प्रमाण (PPP में दर्ज आयु ही मान्य मानी जाती है)
पारिवारिक आय प्रमाण पत्र PPP में दर्ज आय के अनुसार
बैंक खाता विवरण खाता संख्या और IFSC कोड सहित; मानदेय डीबीटी से इसी खाते में आएगा
हालिया पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो फॉर्म पर लगाने के लिए
मोबाइल नंबर संपर्क और सूचना के लिए
कला योगदान के प्रमाण (20 वर्ष) कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों के प्रमाण; 2020-21 और 2021-22 के लिए छूट है
पुरस्कार, सम्मान, प्रमाण पत्र केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या मान्यता प्राप्त सांस्कृतिक संस्थाओं से मिले हों तो
अख़बार की कतरनें, मीडिया कवरेज, फोटो, ऑडियो-वीडियो लिंक कलात्मक उपलब्धियों के सहायक प्रमाण के रूप में

कला योगदान के प्रमाण सबसे अहम हैं, क्योंकि चयन योग्यता (मेरिट) के आधार पर होता है। जितने मज़बूत और व्यवस्थित प्रमाण होंगे — जैसे पुराने कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्र, अख़बारों में छपी ख़बरें, फोटो, पुरस्कार प्रमाण पत्र या प्रस्तुतियों की रिकॉर्डिंग — चयन समिति के सामने आपका मामला उतना ही मज़बूत होगा। अगर आपके पास पुराने दस्तावेज़ बिखरे हुए हैं, तो आवेदन से पहले उन्हें साल के हिसाब से क्रम में लगाकर एक फाइल बना लें।

आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के आवेदन निर्धारित फॉर्म के माध्यम से ऑफलाइन लिए जा रहे हैं। नीचे दी गई प्रक्रिया उसी के अनुसार है।

चरण 1 — ज़िला कार्यालय जाएँ: अपने ज़िले के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कार्यालय जाएँ और पंडित लखमी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान योजना का निर्धारित आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। फॉर्म भरने से पहले कार्यालय से यह भी पूछ लें कि फॉर्म जमा करने की कोई अंतिम तारीख तय की गई है या नहीं — हमें 6 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक माध्यमों से कोई अंतिम तारीख सत्यापित नहीं हुई है।

चरण 2 — PPP की जानकारी जाँचें: फॉर्म भरने से पहले अपने परिवार पहचान पत्र में दर्ज आयु, परिवार के सदस्यों और वार्षिक आय की जानकारी जाँच लें। अगर PPP में आयु या आय गलत दर्ज है, तो पहले उसे ठीक करवाएँ, क्योंकि विभाग इन्हीं जानकारियों को अंतिम मानेगा।

चरण 3 — फॉर्म ध्यान से भरें: फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आय का विवरण और कला योगदान का ब्योरा सावधानी से भरें। कला अनुभव वाले हिस्से में अपनी कला विधा, अनुभव के वर्ष और प्रमुख प्रस्तुतियों का उल्लेख करें।

चरण 4 — दस्तावेज़ संलग्न करें: ऊपर दी गई सूची के सभी दस्तावेज़ फॉर्म के साथ लगाएँ — अधिवास प्रमाण, आधार कार्ड, PPP, आय प्रमाण, बैंक खाता विवरण, फोटो और कला योगदान के प्रमाण। कोई दस्तावेज़ छूट जाए, तो आवेदन अधूरा माना जा सकता है।

चरण 5 — फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म सभी दस्तावेज़ों सहित संबंधित ज़िला कार्यालय में जमा करें। जमा करते समय रसीद या पावती लेना न भूलें — यही आपके आवेदन का प्रमाण होगी।

चरण 6 — सत्यापन और समिति के समक्ष प्रस्तुति: विभाग आपके आवेदन, दस्तावेज़ों और पात्रता की जाँच करेगा। इसके बाद पात्र आवेदन विभाग द्वारा गठित विशेष समिति के समक्ष रखे जाएँगे, जो वित्तीय ज़रूरत और कलात्मक योग्यता — दोनों के आधार पर चयन करेगी।

चरण 7 — अनुमोदन और भुगतान: सक्षम प्राधिकारी के अंतिम अनुमोदन के बाद चयनित लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी और मासिक मानदेय डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेजा जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन को लेकर क्या स्थिति है?

मई 2025 में योजना की घोषणा के समय सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि निर्धारित आवेदन फॉर्म विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और कलाकारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लेकिन बाद की उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल आवेदन ऑफलाइन फॉर्म से लिए जा रहे हैं। हमें यह सत्यापित नहीं हो पाया है कि इस योजना का फॉर्म SARAL पोर्टल पर उपलब्ध है या नहीं, और विभाग की वेबसाइट पर इस योजना के लिए कोई लाइव ऑनलाइन फॉर्म मिला भी नहीं है। इसलिए कृपया किसी भी वेबसाइट पर इस योजना के नाम से माँगे जा रहे ऑनलाइन फॉर्म या शुल्क के झाँसे में न आएँ। आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट artandculturalaffairshry.gov.in पर जाकर या ज़िला कार्यालय में फोन करके ताज़ा स्थिति ज़रूर पूछ लें। अगर भविष्य में ऑनलाइन सुविधा शुरू होती है, तो उसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर ही दी जाएगी।

आवेदन शुल्क और समय-सीमा

उपलब्ध दिशा-निर्देशों के सारांश में इस योजना के लिए किसी आवेदन शुल्क का उल्लेख नहीं मिला है — यानी फॉर्म भरने या जमा करने के लिए कोई शुल्क तय होने की जानकारी नहीं है। फिर भी, फॉर्म लेते समय ज़िला कार्यालय से शुल्क के बारे में एक बार पूछ लेना बेहतर रहेगा। आवेदन के बाद कितने समय में मानदेय मिलना शुरू होगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा भी सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है, क्योंकि इसमें विभागीय सत्यापन और विशेष समिति की बैठक का समय लगता है। आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति जानने के लिए अपने ज़िला कार्यालय से संपर्क करें और जमा की गई पावती अपने पास सुरक्षित रखें।

मानदेय कैसे मिलेगा और स्टेटस कैसे जाँचें?

चयनित लाभार्थियों को मासिक मानदेय डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आवेदन में दिया गया बैंक खाता चालू हो और आधार से जुड़ा हो, ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए। अगर बैंक खाता बदलता है या आधार से लिंक नहीं है, तो ज़िला कार्यालय को तुरंत सूचित करें।

इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन स्टेटस-चेक पोर्टल सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। इसलिए आवेदन की स्थिति जानने का भरोसेमंद तरीका अपने ज़िले के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कार्यालय से संपर्क करना है — पावती संख्या या अपना नाम और PPP नंबर बताकर स्थिति पूछी जा सकती है। विभाग के हेल्पलाइन नंबर नीचे दिए गए हैं।

हेल्पलाइन और संपर्क

संपर्क विवरण
विभाग कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा
कार्यालय पता एससीओ 29, दूसरी मंज़िल, सेक्टर 7-सी, मध्य मार्ग, चंडीगढ़ — 160019
फोन नंबर 0172-2793897, 0172-2793901, 0172-2793896, 0172-2793877, 0172-2793884
ईमेल [email protected]
आधिकारिक वेबसाइट artandculturalaffairshry.gov.in

ये फोन नंबर और ईमेल विभाग की योजना-विवरण में दिए गए संपर्क विवरण हैं। फोन न लगने पर कार्यदिवस में सुबह के समय दोबारा प्रयास करें, या सीधे ज़िला कार्यालय जाकर जानकारी लें।

आवेदन में आम गलतियाँ — इनसे बचें

  • परिवार पहचान पत्र में गलत आयु या आय दर्ज होना — आवेदन से पहले PPP ठीक करवाएँ।
  • कला योगदान के प्रमाण अधूरे होना — 20 वर्षों के प्रमाण साल के हिसाब से क्रम में लगाकर दें; 2020-21 और 2021-22 की छूट का लाभ उठाएँ।
  • आय ₹3 लाख से अधिक होने पर भी आवेदन करना — ऐसे आवेदन पात्रता में ही खारिज हो जाएँगे।
  • बैंक खाता आधार से लिंक न होना — मानदेय डीबीटी से आएगा, इसलिए खाता चालू और आधार से जुड़ा होना ज़रूरी है।
  • किसी दलाल या एजेंट को पैसे देना — योजना के लिए कोई शुल्क तय होने की जानकारी नहीं है; कोई व्यक्ति फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे माँगे, तो ज़िला कार्यालय या विभाग को सूचित करें।
  • फॉर्म की पावती न लेना — जमा करने के बाद पावती ज़रूर लें, वही आपके आवेदन का प्रमाण है।

अन्य उपयोगी योजनाएँ

हरियाणा सरकार की कुछ अन्य कल्याणकारी योजनाएँ भी इस योजना के लाभार्थियों के परिवारों के काम आ सकती हैं। अगर आपके परिवार की आय ₹1.80 लाख तक है, तो मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों के लिए हरियाणा दिव्यांग पेंशन योजना — ₹3,200 प्रति माह की जानकारी उपयोगी रहेगी। हरियाणा रोडवेज़ में मुफ़्त या रियायती यात्रा के लिए हरियाणा हैप्पी कार्ड योजना के बारे में भी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित लखमी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान योजना क्या है?

यह हरियाणा सरकार की योजना है, जिसके तहत राज्य के वरिष्ठ कलाकारों और कला विद्वानों को हर महीने ₹10,000 या ₹7,000 का मानदेय दिया जाता है। योजना का संचालन कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग करता है और लाभ डीबीटी से सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।

कितना मानदेय मिलेगा?

वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख तक होने पर ₹10,000 प्रति माह और आय ₹1.80 लाख से अधिक लेकिन ₹3 लाख तक होने पर ₹7,000 प्रति माह मिलते हैं। आय ₹3 लाख से अधिक होने पर आवेदक पात्र नहीं होगा।

इस योजना के लिए कौन पात्र है?

हरियाणा का स्थायी निवासी, जिसकी आयु 60 वर्ष या अधिक हो, जिसने किसी कला विधा में कम से कम 20 वर्ष तक योगदान दिया हो, जो पंजीकृत कलाकार या कला विद्वान हो, जिसके पास वैध परिवार पहचान पत्र हो और जिसकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक न हो — वह आवेदन कर सकता है।

कौन-कौन सी कलाएँ इस योजना में आती हैं?

गायन, अभिनय, नृत्य, नाटक और रंगमंच, चित्रकला, मूर्तिकला, वाद्य यंत्र बजाना और अन्य दृश्य कलाएँ इस योजना के दायरे में आती हैं। रागनी गायक, सांग कलाकार, लोक नर्तक, वादक और चित्रकार सभी पात्र हो सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

फिलहाल आवेदन निर्धारित फॉर्म से ऑफलाइन माध्यम से लिए जा रहे हैं। अपने ज़िले के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कार्यालय से फॉर्म लें, उसे भरकर ज़रूरी दस्तावेज़ों सहित वहीं जमा करें और पावती लें। ऑनलाइन फॉर्म की ताज़ा स्थिति विभाग की वेबसाइट या ज़िला कार्यालय से पूछकर ही तय करें।

क्या SARAL पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

हमें 6 नवंबर 2026 तक यह सत्यापित नहीं हो पाया है कि इस योजना का फॉर्म SARAL पोर्टल पर उपलब्ध है या नहीं। मई 2025 की सरकारी विज्ञप्ति में ऑनलाइन आवेदन की बात कही गई थी, लेकिन बाद की जानकारी ऑफलाइन आवेदन की ओर इशारा करती है। इसलिए SARAL पर इस योजना का नाम खोजकर न मिलने पर घबराएँ नहीं — ज़िला कार्यालय से फॉर्म लेकर ऑफलाइन आवेदन करें।

मानदेय कब से और कैसे मिलेगा?

विभागीय सत्यापन और विशेष समिति के अनुमोदन के बाद चयनित लाभार्थियों की सूची तैयार होती है, फिर मासिक मानदेय डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेजा जाता है। भुगतान शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक रूप से तय नहीं है — स्थिति ज़िला कार्यालय से पूछी जा सकती है।

आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?

इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन स्टेटस-चेक पोर्टल सत्यापित नहीं हुआ है। आवेदन की स्थिति अपने ज़िले के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के कार्यालय से या विभाग के फोन नंबर 0172-2793897 पर संपर्क करके पूछी जा सकती है।

क्या इस योजना के लिए कोई शुल्क देना होगा?

उपलब्ध दिशा-निर्देशों के सारांश में किसी आवेदन शुल्क का उल्लेख नहीं मिला है। फिर भी फॉर्म लेते समय ज़िला कार्यालय से शुल्क के बारे में एक बार ज़रूर पूछ लें, और किसी भी व्यक्ति को फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे न दें।

क्या 60 वर्ष से कम आयु के कलाकार आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। इस योजना के लिए न्यूनतम आयु 60 वर्ष तय है और आयु परिवार पहचान पत्र में दर्ज जानकारी के अनुसार मानी जाती है। 60 वर्ष से कम आयु के कलाकार पात्र नहीं हैं, चाहे उनका कला अनुभव 20 वर्ष से अधिक ही क्यों न हो।

आधिकारिक स्रोत

नोट: इस लेख की जानकारी 6 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। आवेदन की प्रक्रिया, फॉर्म की उपलब्धता और ऑनलाइन सुविधा की ताज़ा स्थिति के लिए आवेदन से पहले कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या अपने ज़िले के कार्यालय से संपर्क करें। आवेदन के समय पोर्टल या कार्यालय में दिख रहा फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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