मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना हरियाणा 2026: बच्चों और माताओं को आंगनवाड़ी केंद्र पर 200 ml फोर्टिफाइड दूध
हरियाणा में छोटे बच्चों और माताओं के पोषण के लिए राज्य सरकार की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना। इस योजना के तहत आंगनवाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चों और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को मुफ्त में फोर्टिफाइड दूध दिया जाता है। दूध साधारण दूध नहीं है — यह विटामिन-ए और विटामिन-डी से फोर्टिफाइड, स्वाद वाला स्किम्ड दूध है, जिसे बच्चे खुशी से पीते हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए आपको कहीं ऑनलाइन आवेदन नहीं करना है, कोई फॉर्म भरकर कहीं जमा नहीं करना है और कोई पैसा नहीं देना है। लाभ सीधे आपके गाँव या मोहल्ले के आंगनवाड़ी केंद्र से मिलता है। अगर आपके घर में 1 से 6 साल का बच्चा है, या घर में कोई गर्भवती महिला या स्तनपान कराने वाली माँ है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम की है। इस लेख में हम योजना की शुरुआत, पात्रता, मिलने वाला लाभ, छह स्वाद, 2026-27 का बजट, अक्टूबर 2026 का नया अपडेट और आंगनवाड़ी केंद्र से लाभ लेने की पूरी चरण-दर-चरण प्रक्रिया विस्तार से बता रहे हैं।
एक नजर में — मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना (Mukhya Mantri Doodh Uphar Yojana — MMDUY) |
| राज्य | हरियाणा |
| शुरुआत | 5 अगस्त 2020 |
| शुरू करने वाले | तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर |
| चलाने वाला विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा |
| लाभार्थी | 1 से 6 साल के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली माताएँ |
| लाभ | प्रति लाभार्थी 200 ml फोर्टिफाइड स्वाद वाला दूध, सप्ताह में 6 दिन |
| दूध के स्वाद | 6 — चॉकलेट, गुलाब, इलायची, वनीला, सादा, बटरस्कॉच |
| लाभ का स्थान | आंगनवाड़ी केंद्र |
| ऑनलाइन आवेदन | नहीं — कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है |
| बजट 2026-27 | ₹170 करोड़ (अप्रैल 2026 में स्वीकृत, एक स्रोत के अनुसार) |
| आधिकारिक वेबसाइट | wcdhry.gov.in |
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना क्या है?
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना हरियाणा सरकार की एक पोषण योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों और माताओं में कुपोषण और खून की कमी यानी एनीमिया को कम करना है। योजना समेकित बाल विकास योजना (ICDS) के ढाँचे के तहत, हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जाती है। इसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार किया गया 200 ml दूध दिया जाता है।
फोर्टिफाइड का मतलब है कि दूध में विटामिन-ए और विटामिन-डी3 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, जो भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के अनुसार होते हैं। शुरुआत के समय दी गई जानकारी के अनुसार इस दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी-12 जैसे पोषक तत्व भी होते हैं, जो शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। दूध का पाउडर हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (HDDCF) और वीटा द्वारा गाँव स्तर तक पहुँचाया जाता है।
योजना का लाभ पूरक पोषण (supplementary nutrition) के अतिरिक्त दिया जाता है, यानी आंगनवाड़ी केंद्र से मिलने वाले अन्य पोषण आहार के साथ-साथ यह दूध भी मिलता है। इसका एक उद्देश्य बच्चों की आंगनवाड़ी केंद्र पर उपस्थिति बढ़ाना भी है, ताकि बच्चे नियमित रूप से केंद्र आएँ, खेलें, सीखें और पोषण भी पाएँ।
योजना की शुरुआत — 5 अगस्त 2020
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना की शुरुआत 5 अगस्त 2020 को हुई थी। उस समय के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंडीगढ़ से इसका शुभारंभ किया था, और सभी जिलों में उपायुक्तों ने जिला स्तर पर इसकी शुरुआत की थी। उसी दिन ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ भी शुरू की गई थी, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की लड़कियों और महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन दिए जाते हैं।
शुरुआत के समय योजना के लिए लगभग ₹216 करोड़ का प्रावधान किया गया था। उस समय बताया गया था कि राज्य के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों पर यह दूध दिया जाएगा। पहले दिन गाँव स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लाभार्थियों को घर-घर जाकर भी दूध पाउडर और सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए थे, क्योंकि वह कोरोना काल था।
योजना को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग को इस योजना के लिए गोल्ड स्कॉच अवार्ड मिला था, जिसका समारोह 27 मई 2023 को नई दिल्ली में हुआ था। यह पुरस्कार इस बात का संकेत है कि योजना को पोषण के क्षेत्र में एक असरदार पहल के रूप में देखा गया है।
किन्हें मिलता है लाभ? — पात्रता
इस योजना का लाभ हरियाणा के आंगनवाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत इन तीन समूहों को मिलता है:
| लाभार्थी समूह | आयु / स्थिति | लाभ |
|---|---|---|
| बच्चे | 1 से 6 साल | 200 ml फोर्टिफाइड दूध, सप्ताह में 6 दिन |
| गर्भवती महिलाएँ | गर्भावस्था के दौरान | 200 ml फोर्टिफाइड दूध, सप्ताह में 6 दिन |
| स्तनपान कराने वाली माताएँ | बच्चे को दूध पिलाने की अवधि में | 200 ml फोर्टिफाइड दूध, सप्ताह में 6 दिन |
कुल लाभार्थियों की संख्या समय-समय पर पंजीकरण के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए अलग-अलग समय की रिपोर्टों में अलग-अलग आँकड़े मिलते हैं। शुरुआत के समय, अगस्त 2020 में, बताया गया था कि लगभग 9.03 लाख बच्चे और 2.95 लाख गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ इस योजना से जुड़ेंगी। वर्ष 2023 में विभाग की ओर से लगभग 9.23 लाख बच्चों और 2.88 लाख माताओं का आँकड़ा सामने आया था। 2026 की एक रिपोर्ट (sarkariyojana.com) के अनुसार अब लगभग 9.46 लाख बच्चे (1 से 6 साल) और 2.56 लाख गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ इस योजना से लाभ ले रही हैं — यानी कुल मिलाकर 12 लाख से अधिक लोग।
यहाँ एक बात ध्यान देने की है: 2023 में मंत्री के एक बयान में बच्चों की आयु 6 महीने से 6 साल भी बताई गई थी, जबकि योजना की शुरुआत और अक्टूबर 2026 की आधिकारिक खबर में आयु 1 से 6 साल ही बताई गई है। इसलिए इस लेख में 1 से 6 साल को ही मुख्य पात्रता माना गया है। अगर आपके घर में 6 महीने से 1 साल का बच्चा है, तो अपने आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर जरूर पूछें — हो सकता है कि केंद्र पर उसे भी पोषण आहार मिलता हो।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना किसी एक जाति, वर्ग या आय सीमा तक सीमित नहीं बताई गई है — आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकृत बच्चे और माताएँ ही इसके लाभार्थी हैं। कोई अलग से गरीबी रेखा का प्रमाणपत्र इस योजना के लिए अनिवार्य होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं मिली है। अंतिम जानकारी के लिए अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता से ही पूछना सबसे सही रहेगा।
क्या-क्या मिलता है? — लाभ का पूरा विवरण
200 ml फोर्टिफाइड दूध, सप्ताह में 6 दिन
प्रत्येक लाभार्थी को हर दिन 200 ml फोर्टिफाइड स्वाद वाला दूध दिया जाता है, और यह दूध सप्ताह में 6 दिन मिलता है। दूध केंद्र पर ही फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार किया जाता है और लाभार्थी को पीने के लिए दिया जाता है।
दूध के 6 स्वाद
बच्चे रोज एक ही स्वाद का दूध पीकर बोर न हों, इसलिए दूध छह स्वादों में दिया जाता है:
| स्वाद | कैसा है |
|---|---|
| चॉकलेट | बच्चों में सबसे लोकप्रिय |
| गुलाब (रोज) | हल्का और सुगंधित स्वाद |
| इलायची | पारंपरिक भारतीय स्वाद |
| वनीला | आम और पसंदीदा स्वाद |
| सादा (प्लेन) | साधारण दूध का स्वाद |
| बटरस्कॉच | मीठा और मलाईदार स्वाद |
ध्यान दें: कुछ वेबसाइटों पर यह भी लिखा है कि स्वाद हर महीने बदले जाते हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो पाई है। इसलिए इस लेख में केवल यह कहा जा रहा है कि दूध छह स्वादों में मिलता है। आपके केंद्र पर किस दिन कौन-सा स्वाद मिलेगा, यह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बता सकती हैं।
दूध में क्या-क्या पोषक तत्व हैं?
शुरुआत के समय की सरकारी जानकारी के अनुसार, इस फोर्टिफाइड दूध में विटामिन-ए और विटामिन-डी के साथ-साथ प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी-12 होते हैं। विटामिन-ए आँखों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है, विटामिन-डी हड्डियों के लिए, कैल्शियम भी हड्डियों और दाँतों के लिए, और प्रोटीन बच्चों की लंबाई-वजन की बढ़ोतरी के लिए जरूरी है। यही कारण है कि इस योजना को कुपोषण और एनीमिया से लड़ने की एक बड़ी पहल माना जाता है।
अक्टूबर 2026 का नया अपडेट — खीर मिक्स और प्रोटीन बार भी
17 अक्टूबर 2026 को यूएनआई (UNI) की खबर के अनुसार, हरियाणा सरकार अब इस योजना के तहत 1 से 6 साल के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को फोर्टिफाइड दूध के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर खीर मिक्स और प्रोटीन मिल्क बार भी सप्ताह में दो बार दे रही है। खबर के अनुसार लाभार्थियों को 200 ml दूध तैयार करने के लिए फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क पाउडर और 45 ग्राम का माइक्रोन्यूट्रिएंट युक्त इंस्टेंट खीर मिक्स का पैकेट दिया जाता है। यह कदम कुपोषण, एनीमिया और बच्चों की वृद्धि में कमी से लड़ने के लिए उठाया गया है, और इसका वितरण भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर ही होता है।
इस अपडेट से साफ है कि योजना अब सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रही है — सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण का एक पूरा पैकेज देने की दिशा में बढ़ रही है। खीर मिक्स और प्रोटीन बार की मात्रा और वितरण के दिन आपके केंद्र पर अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इसकी ताजा जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेना ही सही रहेगा।
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना हरियाणा: 2026-27 का बजट — ₹170 करोड़
एक रिपोर्ट (sarkariyojana.com, अगस्त 2026) के अनुसार, अप्रैल 2026 में चंडीगढ़ में हुई राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस समिति की बैठक में इस योजना के लिए ₹170 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक राज्य में गंभीर कुपोषण को समाप्त करना है।
यहाँ पाठकों के लिए ईमानदारी से यह बताना जरूरी है कि इस ₹170 करोड़ के आँकड़े की पुष्टि किसी सरकारी प्रेस विज्ञप्ति या आधिकारिक आदेश से इस लेख की तैयारी के समय नहीं हो पाई है — यह जानकारी एक ही स्रोत पर आधारित है। इसलिए इसे अंतिम सरकारी आँकड़ा न मानकर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किया जा रहा है। योजना की शुरुआत के समय का ₹216 करोड़ का आँकड़ा जरूर कई सरकारी स्रोतों से पुष्ट होता है।
सबसे जरूरी बात — इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है
बहुत-सी वेबसाइटें हर सरकारी योजना के साथ ‘ऑनलाइन अप्लाई करें’ का बटन लगा देती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए ऐसा कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको किसी वेबसाइट पर फॉर्म नहीं भरना है, किसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करना है और किसी को कोई पैसा नहीं देना है।
लाभ लेने का एकमात्र तरीका है — अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपका और आपके बच्चे का नाम केंद्र के रजिस्टर और पोषण ट्रैकर प्रणाली में दर्ज करती है, और उसके बाद आपको केंद्र पर दूध मिलने लगता है। अगर कोई व्यक्ति या वेबसाइट आपसे इस योजना के नाम पर ऑनलाइन फॉर्म भरने के पैसे माँगे, या कोई लिंक भेजकर आवेदन करने को कहे, तो समझ जाएँ कि वह फर्जी है।
लाभ कैसे मिलेगा? — आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया
नीचे दी गई प्रक्रिया आंगनवाड़ी सेवाओं (ICDS) की सामान्य व्यवस्था और इस योजना की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। हर गाँव या वार्ड में एक आंगनवाड़ी केंद्र होता है, और उसी केंद्र से आपको लाभ मिलेगा।
चरण 1 — अपना आंगनवाड़ी केंद्र पता करें: अपने गाँव या मोहल्ले का आंगनवाड़ी केंद्र पता करें। आमतौर पर हर गाँव में एक या एक से अधिक केंद्र होते हैं। अगर आपको केंद्र का पता नहीं है, तो गाँव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, सरपंच या पड़ोस की महिलाओं से पूछें — वे बता देंगी।
चरण 2 — आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिलें: केंद्र के खुलने के समय पर वहाँ जाएँ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (आंगनवाड़ी वर्कर) से मिलें। उन्हें बताएँ कि आपके घर में 1 से 6 साल का बच्चा है, या आप गर्भवती हैं, या आप स्तनपान कराने वाली माँ हैं, और आप दूध उपहार योजना का लाभ लेना चाहती हैं।
चरण 3 — जानकारी और दस्तावेज दें: कार्यकर्ता आपसे बच्चे का नाम, जन्मतिथि, आपका नाम, पता और गर्भावस्था से जुड़ी बुनियादी जानकारी पूछेंगी। साथ में नीचे बताए गए दस्तावेजों की प्रति भी माँगी जा सकती है। जानकारी सही-सही दें, ताकि पंजीकरण में कोई गलती न हो।
चरण 4 — पंजीकरण होगा: कार्यकर्ता आपका नाम केंद्र के रजिस्टर में दर्ज करेंगी और पोषण ट्रैकर ऐप/प्रणाली में भी आपका पंजीकरण करेंगी। यह पंजीकरण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही करती हैं — आम नागरिक खुद से ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करते हैं। इसलिए आपको किसी ऐप या वेबसाइट से जूझने की जरूरत नहीं है।
चरण 5 — नाम की पुष्टि करें: पंजीकरण के बाद कार्यकर्ता से पूछें कि आपका और आपके बच्चे का नाम लाभार्थी सूची में दर्ज हो गया है या नहीं। अगर कोई जानकारी अधूरी रह गई हो, तो उसे तुरंत पूरा कर दें।
चरण 6 — केंद्र पर दूध लेना शुरू करें: पंजीकरण पूरा होने के बाद आप केंद्र के समय पर जाकर 200 ml फोर्टिफाइड दूध ले सकती हैं। बच्चे को केंद्र पर ही दूध पिलाया जाता है, और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ भी केंद्र पर दूध लेती हैं।
चरण 7 — नियमित रूप से केंद्र जाएँ: दूध सप्ताह में 6 दिन मिलता है, इसलिए नियमित रूप से केंद्र जाना जरूरी है। नियमित उपस्थिति से बच्चे का वजन और लंबाई भी दर्ज होती रहती है, जिससे उसकी बढ़ोतरी पर नजर रखी जा सकती है।
चरण 8 — खीर मिक्स और प्रोटीन बार के दिन पूछें: अक्टूबर 2026 के अपडेट के अनुसार खीर मिक्स और प्रोटीन बार सप्ताह में दो बार मिलते हैं। अपने केंद्र पर पूछें कि ये किस दिन मिलते हैं, ताकि आप उन दिनों जरूर जाएँ।
साथ में कौन-से दस्तावेज ले जाएँ?
इस योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कोई अलग से आधिकारिक दस्तावेज सूची सार्वजनिक जानकारी में नहीं मिली है। इसलिए नीचे दी गई सूची को अंतिम सूची न मानें — यह उन कागजों की सूची है जो आमतौर पर आंगनवाड़ी पंजीकरण के समय माँगे जाते हैं। अपने केंद्र पर जाकर कार्यकर्ता से जरूर पूछ लें कि उन्हें किन कागजों की जरूरत है।
| दस्तावेज | किसके लिए |
|---|---|
| आधार कार्ड (माता-पिता का) | पहचान और पते के प्रमाण के लिए |
| बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | बच्चे की आयु की पुष्टि के लिए |
| माँ और बच्चा सुरक्षा कार्ड (MCP कार्ड) | गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड के लिए |
| परिवार पहचान पत्र (PPP) / राशन कार्ड | परिवार की पहचान के लिए (अगर माँगा जाए) |
| निवास प्रमाण | हरियाणा का निवासी होने की पुष्टि के लिए (अगर माँगा जाए) |
आधार को आंगनवाड़ी पंजीकरण के लिए प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए आधार अनिवार्य नहीं माना जाता है — बिना आधार के भी पंजीकरण हो सकता है। अगर आपके पास कोई दस्तावेज नहीं है, तो भी पहले कार्यकर्ता से मिलकर पूछें; कई बार जानकारी के आधार पर पंजीकरण शुरू कर दिया जाता है और दस्तावेज बाद में जमा कराए जा सकते हैं।
लाभ कब तक मिलेगा? — समय-सीमा
इस योजना की कोई अंतिम तिथि या समाप्ति की तारीख उपलब्ध जानकारी में नहीं मिली है — यह एक चालू योजना है, जो 2020 से लगातार चल रही है और 2026 में भी सक्रिय है। लाभ तब तक मिलता है, जब तक आप पात्रता की शर्त पूरी करते हैं:
- बच्चे को: 1 साल की उम्र से 6 साल की उम्र तक। 6 साल पूरे होने पर बच्चा आंगनवाड़ी की इस श्रेणी से बाहर हो जाता है और स्कूल जाने लगता है।
- गर्भवती महिला को: गर्भावस्था के दौरान।
- स्तनपान कराने वाली माँ को: बच्चे को दूध पिलाने की अवधि में, जैसा कि केंद्र के नियमों में तय हो।
दूध सप्ताह में 6 दिन मिलता है, यानी आंगनवाड़ी केंद्र के कार्यदिवसों पर। एक बात और स्पष्ट कर दें: कुछ वेबसाइटों पर इस योजना के लिए साल में कितने दिन दूध दिया जाता है, इस बारे में एक आँकड़ा दिया जाता है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों में यह आँकड़ा अलग-अलग है और इस पर मतभेद है। इसलिए यह लेख उस आँकड़े को नहीं दे रहा है — सही जानकारी के लिए अपने आंगनवाड़ी केंद्र या जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से पूछें।
संपर्क और शिकायत — कहाँ जाएँ?
इस योजना के लिए कोई अलग समर्पित हेल्पलाइन नंबर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए सबसे पहला और सबसे असरदार संपर्क आपका अपना आंगनवाड़ी केंद्र ही है। अगर केंद्र पर दूध नहीं मिल रहा है, या आपका नाम सूची में नहीं जुड़ रहा है, तो इस क्रम में संपर्क करें:
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता — सबसे पहले उन्हीं से बात करें।
- सुपरवाइजर / CDPO कार्यालय — आपके क्षेत्र के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) का कार्यालय।
- जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय — जिले स्तर पर शिकायत और जानकारी के लिए।
- महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा — मुख्यालय: बेज़ 15-20, सेक्टर 4, पंचकूला — 134112। विभाग का फोन नंबर विभिन्न डायरेक्टरी सूचियों में 0172-2560349 बताया गया है, और आधिकारिक वेबसाइट wcdhry.gov.in है। फोन करने से पहले वेबसाइट पर नंबर की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।
- महिला हेल्पलाइन 181 — महिलाओं से जुड़ी मदद और जानकारी के लिए हरियाणा में 181 नंबर उपलब्ध है।
किसी भी स्थिति में किसी बिचौलिए या एजेंट को पैसा न दें — यह योजना पूरी तरह मुफ्त है।
ध्यान देने वाली बातें — सावधानी
- लाभ पूरी तरह मुफ्त है। दूध, खीर मिक्स या प्रोटीन बार के लिए कोई पैसा नहीं देना है।
- कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। जो वेबसाइट या व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन के नाम पर पैसा माँगे, वह फर्जी है।
- दूध केंद्र पर ही दिया जाता है। शुरुआत के पहले दिन घर-घर वितरण हुआ था, लेकिन नियमित व्यवस्था आंगनवाड़ी केंद्र से ही है। अपने केंद्र की व्यवस्था कार्यकर्ता से पूछ लें।
- नाम सूची में दर्ज करवाएँ। दूध तभी मिलेगा, जब आपका नाम लाभार्थी सूची में दर्ज होगा। सिर्फ केंद्र जाना काफी नहीं है — पंजीकरण करवाना जरूरी है।
- बच्चे की सेहत पर नजर रखें। आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चे का वजन और लंबाई नियमित रूप से दर्ज की जाती है। अगर बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है, तो कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से जरूर बात करें।
संबंधित हरियाणा सरकार की योजनाएँ
अगर आपके घर में बेटी है या आप दूध उत्पादक किसान हैं, तो ये योजनाएँ भी आपके काम की हो सकती हैं। बेटियों के लिए हरियाणा सरकार की आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में बेटी के जन्म पर आर्थिक सहायता दी जाती है। बेटियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना भी चल रही है। और अगर आप दूध उत्पादक हैं, तो मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत दूध पर प्रोत्साहन राशि मिलती है — यह योजना दूध देने वाले किसानों के लिए है, जबकि दूध उपहार योजना दूध पीने वाले बच्चों और माताओं के लिए है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना क्या है?
यह हरियाणा सरकार की पोषण योजना है, जिसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर 1 से 6 साल के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मुफ्त में 200 ml फोर्टिफाइड स्वाद वाला दूध दिया जाता है। यह योजना 5 अगस्त 2020 से चल रही है और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जाती है।
इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं है। लाभ लेने के लिए आपको अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से पंजीकरण करवाना होता है। कार्यकर्ता आपका नाम केंद्र के रजिस्टर और पोषण ट्रैकर प्रणाली में दर्ज करती हैं, उसके बाद आपको केंद्र पर दूध मिलने लगता है।
एक दिन में कितना दूध मिलता है?
प्रत्येक लाभार्थी को हर दिन 200 ml फोर्टिफाइड दूध दिया जाता है, और यह दूध सप्ताह में 6 दिन मिलता है। दूध फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार किया जाता है।
दूध में कौन-कौन से स्वाद मिलते हैं?
दूध छह स्वादों में मिलता है — चॉकलेट, गुलाब, इलायची, वनीला, सादा और बटरस्कॉच। स्वाद हर महीने बदले जाते हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो पाई है, इसलिए अपने केंद्र पर ही पूछें कि किस दिन कौन-सा स्वाद मिलेगा।
क्या इस योजना में खीर और प्रोटीन बार भी मिलते हैं?
हाँ, 17 अक्टूबर 2026 की यूएनआई खबर के अनुसार अब इस योजना के तहत फोर्टिफाइड दूध के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर खीर मिक्स (45 ग्राम का पैकेट) और प्रोटीन मिल्क बार भी सप्ताह में दो बार दिए जा रहे हैं। यह वितरण भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर ही होता है।
लाभ लेने के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
इस योजना के लिए विभाग की ओर से कोई अलग आधिकारिक दस्तावेज सूची सार्वजनिक जानकारी में नहीं मिली है। आमतौर पर आंगनवाड़ी पंजीकरण के समय माता-पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और माँ और बच्चा सुरक्षा कार्ड (MCP कार्ड) माँगे जा सकते हैं। अपने केंद्र की कार्यकर्ता से पूछकर ही अंतिम सूची की पुष्टि करें।
क्या इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई पैसा देना पड़ता है?
नहीं, यह योजना पूरी तरह मुफ्त है। दूध, खीर मिक्स या प्रोटीन बार के लिए कोई शुल्क नहीं है। अगर कोई व्यक्ति इस योजना के नाम पर पैसा माँगे, तो उसे पैसे न दें और अपने CDPO कार्यालय या जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में शिकायत करें।
आधिकारिक स्रोत और सत्यापन नोट
इस लेख की जानकारी इन स्रोतों पर आधारित है: हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट wcdhry.gov.in, यूएनआई की 17 अक्टूबर 2026 की खबर Haryana steps up maternal, child nutrition, योजना की शुरुआत की खबर The Tribune और स्कॉच अवार्ड की खबर The Statesman।
सत्यापन नोट: इस लेख में साल में कितने दिन दूध दिया जाता है, यह आँकड़ा जानबूझकर नहीं दिया गया है, क्योंकि अलग-अलग स्रोतों में यह आँकड़ा अलग-अलग है। ₹170 करोड़ के 2026-27 बजट का आँकड़ा और 9.46 लाख बच्चों व 2.56 लाख माताओं का आँकड़ा एक ही स्रोत (sarkariyojana.com) पर आधारित है, और इनकी सरकारी प्रेस विज्ञप्ति से पुष्टि इस लेख की तैयारी के समय नहीं हो पाई है। दस्तावेजों की सूची और हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी विभाग की कोई अलग आधिकारिक सूची सार्वजनिक जानकारी में नहीं मिली है — इसलिए लेख में जहाँ-जहाँ ‘आमतौर पर’ या ‘केंद्र पर पूछें’ लिखा है, वहाँ पाठक कृपया अपने आंगनवाड़ी केंद्र से ही अंतिम पुष्टि करें। योजना से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए wcdhry.gov.in देखें या अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करें।

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