हरियाणा कैंसर मरीज पेंशन 2026: स्टेज 3-4 को ₹3,200 महीना
हरियाणा कैंसर मरीज पेंशन 2026: स्टेज 3 और 4 के मरीजों को हर महीने ₹3,200
हरियाणा सरकार स्टेज 3 और स्टेज 4 के कैंसर मरीजों को हर महीने आर्थिक सहायता देती है। इस योजना का नाम है — स्टेज III और IV कैंसर मरीजों के लिए वित्तीय सहायता (Financial Assistance for Stage III & IV Cancer Patients)। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (Department of Social Justice and Empowerment) चलाता है। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (SARAL Haryana) से ऑनलाइन किया जाता है और पैसा सीधे मरीज के बैंक खाते में PFMS के जरिए आता है।
कैंसर का इलाज लंबा और महंगा होता है। कीमोथेरेपी, दवाइयाँ, जाँचें, अस्पताल आना-जाना — इन सब पर परिवार का भारी खर्च होता है और कई बार कमाने वाला सदस्य ही बीमार पड़ जाता है। इसी बोझ को थोड़ा कम करने के लिए यह पेंशन शुरू की गई थी। यह इलाज का खर्च नहीं उठाती, लेकिन हर महीने मिलने वाली यह तय रकम परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों, दवाइयों और आने-जाने के खर्च में सहारा बनती है।
इस गाइड में आपको योजना की पूरी और सही जानकारी मिलेगी — कितनी पेंशन मिलती है, कौन पात्र है, कौन पात्र नहीं है, कौन से दस्तावेज चाहिए, सरल पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, ऑफलाइन विकल्प क्या है, फीस और समय-सीमा क्या है, और पैसा कैसे मिलेगा।
सबसे पहले यह जरूरी सुधार पढ़ लें: अब ₹3,200 मिलते हैं, ₹3,000 नहीं
ध्यान दें — यह इस गाइड की सबसे अहम जानकारी है। कैंसर मरीजों की पेंशन अब ₹3,200 प्रति माह है। यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2025 से लागू हुई है और बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से खातों में आनी शुरू हुई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SEWA) की अधिसूचना के अनुसार ₹200 की यह बढ़ोतरी नौ सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं पर लागू हुई है, जिनमें स्टेज III और IV कैंसर मरीजों के लिए वित्तीय सहायता भी साफ तौर पर शामिल है।
इसलिए अगर आपको कहीं पुराने लेख, पुराना सरल फॉर्म या पुरानी खबर में ₹3,000 लिखा दिखे, तो समझ लें कि वह पुरानी दर है। पुरानी दरों का क्रम इस प्रकार रहा है — शुरुआत में ₹2,500 प्रति माह, फिर ₹2,750 प्रति माह, फिर 1 जनवरी 2024 से ₹3,000 प्रति माह, और अब 1 नवंबर 2025 से ₹3,200 प्रति माह। इस गाइड का स्लग पुराने नाम पर आधारित है, इसलिए उसमें 3000 लिखा है, लेकिन गाइड के अंदर हर जगह मौजूदा सही राशि ₹3,200 ही लिखी गई है। आवेदन करने से पहले सरल पोर्टल पर दिख रही मौजूदा राशि भी एक बार जरूर देख लें।
एक और बड़ी भ्रांति दूर कर लें: किडनी और HIV मरीजों को यह पेंशन नहीं मिलती
इंटरनेट पर कई जगह इस योजना को “कैंसर, किडनी और HIV मरीज पेंशन योजना” लिखा जाता है। यह गलत है और इस भ्रांति से बचना बहुत जरूरी है। असलियत यह है:
- कैंसर (स्टेज 3 और 4) के मरीजों को इस योजना के तहत ₹3,200 प्रति माह मिलते हैं।
- किडनी के मरीजों को इस योजना के तहत कोई पेंशन नहीं मिलती। उनके लिए सरकार ने अलग राहत दी है — हरियाणा के सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलती है। यह फैसला 17 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था और उसी दिन से लागू किया गया था। डायलिसिस पर महीने में लगभग ₹20,000 से ₹25,000 का खर्च आता है, जो अब सरकार उठाती है।
- HIV मरीजों को भी इस योजना के तहत कोई अलग पेंशन नहीं मिलती।
- किडनी या किसी अन्य बीमारी से अगर किसी व्यक्ति की दिव्यांगता 60% या उससे अधिक हो जाती है, तो वह दिव्यांग पेंशन के लिए पात्र हो सकता है। दिव्यांग पेंशन भी अब ₹3,200 प्रति माह है (1 नवंबर 2025 से)। इसके लिए सिविल सर्जन से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जरूरी होता है। दिव्यांग पेंशन की पूरी जानकारी हमारी इस गाइड में पढ़ें: हरियाणा दिव्यांग पेंशन 2026: 60% दिव्यांगता पर ₹3,200 प्रति माह।
कृपया कोई भी व्यक्ति यह सोचकर आवेदन न करे कि किडनी या HIV की बीमारी पर इस योजना से ₹3,200 पेंशन मिल जाएगी — ऐसा आवेदन खारिज हो जाएगा और समय बर्बाद होगा। सही रास्ता यह है कि किडनी मरीज मुफ्त डायलिसिस की सुविधा लें और दिव्यांगता की स्थिति में दिव्यांग पेंशन के लिए अलग से पात्रता जाँचें।
थैलेसीमिया और हीमोफीलिया के मरीजों को ₹3,200 मिलते हैं — लेकिन अलग योजना से
थैलेसीमिया और हीमोफीलिया के मरीजों को भी आर्थिक सहायता मिलती है, लेकिन वह इस कैंसर योजना से नहीं, बल्कि दिव्यांग पेंशन योजना के तहत मिलती है। दिसंबर 2023 की कैबिनेट बैठक में थैलेसीमिया और हीमोफीलिया को हरियाणा दिव्यांग पेंशन नियम, 2016 के तहत शामिल किया गया था। इन मरीजों के लिए पहले 18 साल की आयु-सीमा थी, जिसे जनवरी 2025 में हटा दिया गया — अब किसी भी उम्र के थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीज इस सहायता के पात्र हैं, बशर्ते परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से कम हो। इन मरीजों को मिलने वाली राशि भी दिव्यांग पेंशन की दर से जुड़ी है, जो 1 नवंबर 2025 से ₹3,200 प्रति माह हो गई है। थैलेसीमिया के मामलों में सिविल सर्जन से प्रमाण पत्र का हर साल सत्यापन कराना होता है।
इसी तरह 55 दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) से पीड़ित मरीजों के लिए भी अलग से ₹3,200 प्रति माह की वित्तीय सहायता की योजना है। ये सभी अलग-अलग योजनाएँ हैं — इन्हें कैंसर पेंशन योजना के साथ मिलाकर न देखें।
अटल कैंसर केयर सेंटर कोई योजना नहीं, एक अस्पताल है
एक और बात साफ कर लें — अटल कैंसर केयर सेंटर (Atal Cancer Care Centre), अंबाला कैंट, कोई पेंशन योजना नहीं है। यह एक अत्याधुनिक कैंसर इलाज की सुविधा है, जहाँ कैंसर का इलाज होता है। दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री ने इसी केंद्र के उद्घाटन के मौके पर कैंसर मरीजों के लिए पेंशन की घोषणा की थी, इसलिए कई खबरों में दोनों का नाम साथ आता है। लेकिन पेंशन योजना और इलाज का केंद्र दो अलग चीजें हैं। पेंशन के लिए आवेदन सरल पोर्टल से करना होता है, अंबाला कैंट जाने से पेंशन नहीं मिलती।
योजना एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | स्टेज III और IV कैंसर मरीजों के लिए वित्तीय सहायता (Financial Assistance for Stage III & IV Cancer Patients) |
| विभाग | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा (SEWA) |
| मौजूदा पेंशन | ₹3,200 प्रति माह (1 नवंबर 2025 से; इससे पहले ₹3,000, 1 जनवरी 2024 से) |
| पात्र मरीज | केवल स्टेज 3 और स्टेज 4 के कैंसर मरीज |
| आय सीमा | परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से कम (अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को छोड़कर) |
| आयु सीमा | कोई आयु सीमा नहीं — सभी आयु वर्ग के मरीज पात्र |
| निवास | हरियाणा का बोनाफाइड निवासी; आवेदन के समय पिछले 15 साल से हरियाणा में रह रहा हो |
| जरूरी पहचान | परिवार पहचान पत्र (PPP — फैमिली आईडी) अनिवार्य |
| आवेदन | ऑनलाइन — अंत्योदय सरल पोर्टल (SARAL Haryana) |
| पैसा कैसे मिलेगा | सीधे बैंक खाते में, PFMS के जरिए, हर महीने |
| समय-सीमा (RTS) | 60 दिन |
| अब तक लाभार्थी | 5,807 मरीज (स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फरवरी 2026 तक) |
कितनी पेंशन मिलती है — पूरी समय-रेखा
| कब से | कितनी राशि | क्या हुआ था |
|---|---|---|
| 23 दिसंबर 2022 | ₹2,500 प्रति माह | योजना की घोषणा; ₹68.42 करोड़ का बजट प्रावधान |
| 27 नवंबर 2023 | ₹2,750 प्रति माह | कैबिनेट से मंजूरी; 1 जनवरी 2024 से ₹3,000 तय |
| 1 जनवरी 2024 | ₹3,000 प्रति माह | वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के बराबर दर लागू |
| 1 नवंबर 2025 | ₹3,200 प्रति माह | ₹200 की बढ़ोतरी; फरवरी 2026 से बढ़ी राशि का भुगतान |
गजट अधिसूचना (12 दिसंबर 2023) के अनुसार इस योजना की राशि वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के बराबर रहती है और सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर के अनुसार बदलती है। यही कारण है कि जब फरवरी 2026 में वृद्धावस्था भत्ते सहित नौ पेंशन योजनाओं की दर ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,200 की गई, तो कैंसर मरीजों की सहायता भी अपने आप ₹3,200 हो गई।
कौन पात्र है — पात्रता की पूरी शर्तें
आवेदन करने से पहले नीचे दी गई हर शर्त को ध्यान से पढ़ें। कोई एक शर्त भी पूरी न हो, तो आवेदन खारिज हो सकता है।
- भारत का नागरिक और हरियाणा का बोनाफाइड निवासी हो। आवेदन की तारीख पर पिछले 15 साल से हरियाणा में रह रहा हो — इसकी पुष्टि 15 साल पहले जारी निवास प्रमाण से होती है।
- परिवार पहचान पत्र (PPP — फैमिली आईडी) हो। इसके बिना आवेदन नहीं होगा। आय का सत्यापन भी PPP में दर्ज जानकारी से मिलान करके किया जाता है।
- कैंसर स्टेज 3 या स्टेज 4 का हो। स्टेज 1 या स्टेज 2 के मरीज इस योजना के पात्र नहीं हैं, चाहे इलाज कितना भी महंगा क्यों न हो।
- परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से कम हो। इसमें अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से मिलने वाली राशि को नहीं गिना जाता।
- उम्र की कोई सीमा नहीं है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, किसी भी उम्र का स्टेज 3 या 4 का कैंसर मरीज आवेदन कर सकता है।
- सिविल सर्जन का प्रमाण पत्र हो। मरीज स्टेज 3 या 4 का है, इसकी पुष्टि जिले के सिविल सर्जन कार्यालय की समिति से होनी चाहिए। बिना इस प्रमाण पत्र के आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
एक अच्छी बात यह भी है कि यह सहायता अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अतिरिक्त मिलती है। यानी अगर मरीज को पहले से कोई और सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है, तो भी यह ₹3,200 अलग से मिलेंगे, वह बंद नहीं होगी।
कौन पात्र नहीं है
| स्थिति | कारण |
|---|---|
| स्टेज 1 या स्टेज 2 का कैंसर | योजना केवल स्टेज 3 और 4 के लिए है |
| परिवार की आय ₹3 लाख या अधिक | आय सीमा से ऊपर |
| हरियाणा का निवासी नहीं, या 15 साल से कम समय से रह रहा हो | निवास की शर्त पूरी नहीं |
| PPP (फैमिली आईडी) नहीं है | आवेदन की बुनियादी शर्त पूरी नहीं |
| किडनी या HIV के मरीज (केवल इस बीमारी के आधार पर) | इस योजना में इनके लिए पेंशन नहीं है; मुफ्त डायलिसिस / दिव्यांग पेंशन का रास्ता देखें |
| सिविल सर्जन से स्टेज 3-4 का प्रमाण पत्र नहीं है | चिकित्सीय पुष्टि के बिना पात्रता तय नहीं हो सकती |
पेंशन के साथ मिलने वाली अन्य सुविधाएँ
1. हरियाणा रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा — मरीज और एक साथी के लिए
कैंसर मरीजों और उनके साथ एक सहायक (अटेंडेंट) को हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हजारों मरीजों ने पिछले वित्तीय वर्ष में इस सुविधा का लाभ लिया है और 2024-25 में 10,000 से अधिक यात्रा कार्ड जारी किए गए थे। इलाज के लिए बार-बार जिला अस्पताल या बड़े अस्पताल जाना पड़ता है, इसलिए यह सुविधा परिवार के आने-जाने के खर्च को काफी कम करती है। यात्रा कार्ड सिविल सर्जन कार्यालय से जारी पहचान पत्र के आधार पर मिलता है — इसकी मौजूदा प्रक्रिया और वैधता की जानकारी अपने जिले के सिविल सर्जन कार्यालय या रोडवेज डिपो से जरूर जाँच लें, क्योंकि इस कार्ड की पुरानी नियमावली में यात्राओं की संख्या और वैधता की सीमा थी, जिसकी ताजा स्थिति इस गाइड के लेखन के समय दोबारा सत्यापित नहीं हो सकी है।
2. जिले में ही कैंसर की देखभाल — 22 जिलों में डे केयर कैंसर सेंटर
विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी 2026) पर हरियाणा के सभी 22 जिलों के सिविल अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर (DCCC) शुरू कर दिए गए हैं। इससे पहले केवल 5 जिलों में यह सुविधा थी। इन केंद्रों पर फॉलो-अप कीमोथेरेपी, दर्द और पेलिएटिव केयर, लक्षण प्रबंधन और इलाज के बाद की देखभाल मुफ्त मिलती है। हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत PGIMS रोहतक, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) झज्जर, सरवोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर अंबाला कैंट हब का काम करते हैं और जिला अस्पतालों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन देते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार जिले में ही इलाज मिलने से मरीज के यात्रा और ठहरने के खर्च में औसतन ₹3.3 लाख तक की बचत हो सकती है।
3. मुफ्त इलाज की अन्य योजनाएँ
कैंसर का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत भी कराया जा सकता है, और हरियाणा की मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा है। अगर परिवार की आय कम है, तो अंत्योदय परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी देखें: मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना। बेटियों वाले परिवारों के लिए लाडो लक्ष्मी योजना की जानकारी यहाँ पढ़ें: लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा।
जरूरी दस्तावेज — आवेदन से पहले तैयार रखें
सरल पोर्टल की आधिकारिक सेवा सूची के अनुसार दस्तावेज इस प्रकार हैं। ध्यान रखें कि पोर्टल पर आवेदन करते समय दिख रहा लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा — अगर पोर्टल पर कोई अतिरिक्त दस्तावेज माँगा जाए, तो वही मान्य होगा।
| दस्तावेज | क्या चाहिए |
|---|---|
| आयु प्रमाण (कोई एक) | जन्म प्रमाण पत्र, या स्कूल प्रमाण पत्र, या वोटर कार्ड, या वोटर सूची (जिसमें आवेदक का नाम और फोटो हो) |
| निवास प्रमाण (कोई एक, 15 साल पहले जारी, स्व-प्रमाणित) | राशन कार्ड, या वोटर कार्ड, या वोटर सूची (नाम और फोटो सहित) |
| परिवार पहचान पत्र | PPP — फैमिली आईडी (अनिवार्य) |
| आधार कार्ड | वैकल्पिक (सरल सूची में Optional लिखा है) |
| बैंक खाता विवरण | बचत बैंक खाते का विवरण और पासबुक की फोटोकॉपी |
| सबसे अहम: चिकित्सीय प्रमाण पत्र | सिविल सर्जन कार्यालय की समिति से सत्यापित स्टेज 3 या 4 कैंसर का प्रमाण पत्र — इसके बिना आवेदन पूरा नहीं होगा |
इसके अलावा आवेदन के समय सरल केंद्र पर सत्यापन के लिए राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, घर के पते वाला बिजली/पानी/टेलीफोन का बिल या जमीन के दस्तावेज जैसे कागजात साथ ले जाने को कहा जाता है। पुरानी प्रक्रिया में यह भी दर्ज है कि आशा कार्यकर्ता या ANM मरीज के जीवित होने के प्रमाण पत्र का सत्यापन करती हैं, जिस पर स्वास्थ्य विभाग के हस्ताक्षर होते हैं — यह प्रक्रिया जिले के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए अपने जिले के सिविल सर्जन कार्यालय से ताजा प्रक्रिया पूछ लें।
सुझाव: आवेदन शुरू करने से पहले सिविल सर्जन का प्रमाण पत्र सबसे पहले बनवाएँ, क्योंकि यही वह दस्तावेज है जिसमें सबसे ज्यादा समय लगता है और जिसके बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ता। सभी दस्तावेजों की साफ स्कैन कॉपी या फोटो पहले से तैयार रखें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — सरल पोर्टल से स्टेप-बाय-स्टेप
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। आधिकारिक वेबसाइट है — https://saralharyana.gov.in/
- पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर https://saralharyana.gov.in/ खोलें। अगर आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो मोबाइल नंबर और परिवार पहचान पत्र (PPP — फैमिली आईडी) से लॉगिन/रजिस्ट्रेशन करें।
- सेवा खोजें: पोर्टल पर “Financial Assistance for Stage III & IV Cancer Patients” सेवा खोजें। यह सेवा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत सूचीबद्ध है।
- फॉर्म भरें: आवेदक का नाम, PPP फैमिली आईडी, पता, बैंक खाते का विवरण और परिवार की आय से जुड़ी जानकारी सही-सही भरें। जानकारी PPP में दर्ज जानकारी से मेल खानी चाहिए।
- दस्तावेज अपलोड करें: सिविल सर्जन से सत्यापित स्टेज 3-4 कैंसर प्रमाण पत्र सहित ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज अपलोड करें। धुंधली या अधूरी कॉपी अपलोड न करें — इससे आवेदन अटक सकता है।
- फॉर्म जमा करें और रसीद सहेजें: फॉर्म जमा करने के बाद मिलने वाला रेफरेंस नंबर / आवेदन संख्या नोट करके रखें। यही नंबर स्टेटस चेक करने के काम आएगा।
- सिविल सर्जन से सत्यापन: आपका आवेदन ऑनलाइन ही जिले के सिविल सर्जन को भेजा जाता है। सिविल सर्जन जाँचते हैं कि आवेदक वाकई स्टेज 3 या 4 का कैंसर मरीज है या नहीं। अगर नहीं पाया गया, तो वे कारण सहित आवेदन खारिज कर देते हैं। अगर पाया गया, तो वे आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) को भेज देते हैं।
- DSWO से स्वीकृति: DSWO PPP के जरिए आँकड़ों की जाँच करते हैं और सरल पोर्टल पर ही ऑनलाइन स्वीकृति देते हैं। स्वीकृति के बाद लाभार्थी को यूनिक पेंशन पहचान संख्या (Unique Pension Identification Number) दी जाती है।
- पैसा खाते में: स्वीकृति के बाद हर महीने ₹3,200 की राशि PFMS के जरिए सीधे मरीज के बैंक खाते में भेजी जाती है।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प — सरल केंद्र / अटल सेवा केंद्र
अगर आप खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो नजदीकी सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी आवेदन करवा सकते हैं। वहाँ ऑपरेटर आपका फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड कर देगा। साथ में सभी मूल दस्तावेज और उनकी फोटोकॉपी लेकर जाएँ, खासकर सिविल सर्जन से सत्यापित प्रमाण पत्र। मदद के लिए अपने जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। गाँव में यह काम BDPO या नगरपालिका कार्यालय के जरिए भी आगे बढ़ाया जा सकता है — इसकी ताजा व्यवस्था अपने जिले के DSWO कार्यालय से पूछ लें।
फीस और समय-सीमा
| मद | शुल्क / समय |
|---|---|
| सरकारी शुल्क | कोई शुल्क नहीं (No Fee) |
| सरल केंद्र / अटल सेवा केंद्र (CSC) सेवा शुल्क | ₹30 |
| समय-सीमा (RTS Time Limit) | 60 दिन |
सरल पोर्टल की सेवा सूची में सरकारी शुल्क शून्य और केंद्र सेवा शुल्क ₹30 दर्ज है। RTS समय-सीमा 60 दिन है — यानी आवेदन के निपटारे की तय सीमा 60 दिन है। अगर 60 दिन में कोई जवाब न आए, तो रेफरेंस नंबर के साथ सरल हेल्पलाइन या DSWO कार्यालय से संपर्क करें।
स्टेटस कैसे चेक करें और पैसा कैसे मिलेगा
- स्टेटस चेक: सरल पोर्टल (https://saralharyana.gov.in/) पर लॉगिन करके अपने रेफरेंस नंबर से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। स्वीकृति के बाद मिलने वाली यूनिक पेंशन पहचान संख्या भी सहेजकर रखें।
- पैसा कैसे मिलेगा: राशि हर महीने PFMS (Public Financial Management System) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। नकद या किसी बिचौलिए के जरिए पैसा नहीं मिलता — अगर कोई व्यक्ति पेंशन दिलाने के नाम पर पैसे माँगे, तो वह ठगी है।
- बैंक खाते का खास नियम: गजट अधिसूचना के अनुसार लाभार्थी उसी जिले में पंजीकृत बैंक खाते से ही राशि निकाल सकेगा। अगर खाते से लगातार 60 दिन तक कोई निकासी न हो, तो बैंक उस खाते को इस योजना के लिए “निष्क्रिय (inoperative)” मान सकता है। अगले 90 दिन में उचित कारण के साथ दोबारा चालू कराने का आवेदन किया जा सकता है, वरना खाता “मृत (dead)” माना जा सकता है और आखिरी निकासी के बाद जमा राशि ब्याज सहित विभाग को लौटा दी जाती है। इसलिए पेंशन आने पर खाते से समय पर निकासी करते रहें।
- दो किस्तों का नियम: अगर लगातार दो किस्तों के भुगतान की पावती नहीं मिली, तो DSWO इसकी जाँच करते हैं और जरूरी कार्रवाई करते हैं।
- जीवित होने का सत्यापन: मरीज को यह सहायता तब तक मिलती है, जब तक वह जीवित है और स्टेज 3 या 4 के कैंसर से पीड़ित है। सिविल सर्जन हर साल कैंसर प्रमाण पत्र का सत्यापन करते हैं कि मरीज ठीक तो नहीं हो गया है।
पेंशन कब बंद हो सकती है
गजट अधिसूचना के अनुसार निम्नलिखित स्थितियों में मासिक सहायता तुरंत बंद कर दी जाती है:
- लाभार्थी की मृत्यु हो जाए।
- मरीज कैंसर से ठीक हो जाए (सिविल सर्जन हर साल इसकी जाँच करते हैं)।
- पात्रता की शर्तों का उल्लंघन पाया जाए।
- आवेदन में गलत या अधूरी जानकारी देकर पेंशन ली गई हो — ऐसी स्थिति में गलत तरीके से ली गई राशि 12% सालाना ब्याज सहित वसूल की जा सकती है।
इसलिए आवेदन में हमेशा सही जानकारी ही दें। गलत जानकारी से न सिर्फ पेंशन बंद होगी, बल्कि वसूली भी हो सकती है।
आवेदन खारिज होने के आम कारण — इनसे बचें
- स्टेज 1 या 2 का कैंसर होना (योजना केवल स्टेज 3-4 के लिए है)।
- सिविल सर्जन का प्रमाण पत्र न होना या उसमें स्टेज साफ न लिखा होना।
- PPP (फैमिली आईडी) में दर्ज आय ₹3 लाख से अधिक दिखना।
- निवास प्रमाण 15 साल पुराना न होना।
- बैंक खाते का विवरण गलत होना या पासबुक की कॉपी साफ न होना।
- दस्तावेजों की धुंधली स्कैन कॉपी अपलोड करना।
अगर आवेदन खारिज हो जाए, तो खारिज होने का कारण पढ़ें, कमी दूर करें और दोबारा आवेदन करें। कारण समझ न आए, तो DSWO कार्यालय में रेफरेंस नंबर के साथ जाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. हरियाणा में कैंसर मरीजों को कितनी पेंशन मिलती है?
स्टेज 3 और स्टेज 4 के कैंसर मरीजों को ₹3,200 प्रति माह मिलते हैं। यह दर 1 नवंबर 2025 से लागू है और बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से खातों में आ रही है। इससे पहले 1 जनवरी 2024 से ₹3,000 मिलते थे।
2. क्या स्टेज 1 या स्टेज 2 के कैंसर मरीज भी आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। यह योजना केवल स्टेज 3 और स्टेज 4 के कैंसर मरीजों के लिए है। स्टेज 1 या 2 के मरीज इस योजना के पात्र नहीं हैं।
3. क्या किडनी या HIV के मरीजों को भी ₹3,200 पेंशन मिलती है?
नहीं। किडनी और HIV के मरीजों के लिए इस योजना के तहत कोई पेंशन नहीं है। किडनी मरीजों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलती है (17 अक्टूबर 2024 से)। अगर दिव्यांगता 60% या अधिक हो, तो दिव्यांग पेंशन के लिए अलग से पात्रता जाँची जा सकती है।
4. थैलेसीमिया और हीमोफीलिया के मरीजों को कितनी सहायता मिलती है?
थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को दिव्यांग पेंशन योजना के तहत सहायता मिलती है, जो अब ₹3,200 प्रति माह है। इसके लिए परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए और सिविल सर्जन से जारी प्रमाण पत्र जरूरी है। इनके लिए कोई आयु-सीमा नहीं है।
5. आवेदन कहाँ और कैसे करें?
आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल (https://saralharyana.gov.in/) पर ऑनलाइन किया जाता है। खुद आवेदन न कर सकें, तो नजदीकी सरल केंद्र या अटल सेवा केंद्र (CSC) से करवा सकते हैं। सबसे पहले सिविल सर्जन से स्टेज 3-4 कैंसर का सत्यापित प्रमाण पत्र बनवाना जरूरी है।
6. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल प्रमाण पत्र / वोटर कार्ड), 15 साल पहले जारी निवास प्रमाण (राशन कार्ड / वोटर कार्ड), परिवार पहचान पत्र (PPP), बैंक पासबुक की कॉपी, आधार कार्ड (वैकल्पिक) और सिविल सर्जन से सत्यापित स्टेज 3-4 कैंसर प्रमाण पत्र। पोर्टल पर आवेदन करते समय दिख रहा लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।
7. पेंशन मिलने में कितना समय लगता है और पैसा कैसे आएगा?
RTS समय-सीमा 60 दिन है। स्वीकृति के बाद पैसा हर महीने PFMS के जरिए सीधे बैंक खाते में आता है। स्वीकृति पर यूनिक पेंशन पहचान संख्या दी जाती है। स्टेटस सरल पोर्टल पर रेफरेंस नंबर से देखा जा सकता है।
8. क्या पहले से कोई और पेंशन मिल रही हो, तो भी यह पेंशन मिलेगी?
हाँ। गजट अधिसूचना के अनुसार यह सहायता किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अतिरिक्त मिलती है — पहले वाली पेंशन बंद नहीं होगी। आय की गणना में अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को नहीं गिना जाता।
9. क्या कैंसर मरीजों को बस यात्रा भी मुफ्त मिलती है?
हाँ। कैंसर मरीज और उनके साथ एक सहायक को हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। यात्रा कार्ड सिविल सर्जन कार्यालय से जारी पहचान पत्र के आधार पर मिलता है।
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- मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना — कम आय वाले अंत्योदय परिवारों की आय बढ़ाने और सहायता की योजना।
- लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा — बेटियों वाले परिवारों के लिए हरियाणा सरकार की सहायता योजना।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड की जानकारी इन आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित की गई है: सरल पोर्टल की सेवा सूची — https://saralharyana.gov.in/; हरियाणा सरकार गजट अधिसूचना, 12 दिसंबर 2023 (वित्तीय सहायता योजना, स्टेज III और IV कैंसर मरीज) — https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s3229754d7799160502a143a72f6789927/uploads/2024/01/202401021787839193.pdf; सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा — https://socialjusticehry.gov.in/; सरल हेल्पलाइन 0172-3968400, ईमेल [email protected]। पेंशन की ₹3,200 की बढ़ी दर SEWA अधिसूचना (फरवरी 2026, 1 नवंबर 2025 से प्रभावी) पर आधारित है। आवेदन करने से पहले सरल पोर्टल पर मौजूदा राशि और लाइव फॉर्म जरूर जाँच लें, क्योंकि सरकारी दरें और फॉर्म समय-समय पर बदलते रहते हैं।
अस्वीकरण: यह गाइड जानकारी के लिए है। योजना की अंतिम और मान्य जानकारी वही होगी जो आवेदन के समय सरल पोर्टल और संबंधित विभाग की अधिसूचना में दर्ज होगी।

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