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सरकारी योजनाएँ

हरियाणा वर्किंग वुमन हॉस्टल (सखी निवास) योजना 2026: किराया, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया

📌 ज़रूरी जानकारी

  • खबर: हरियाणा वर्किंग वुमन हॉस्टल (सखी निवास) योजना 2026: किराया, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया
  • तारीख़: 8 नवम्बर 2026, 5:26 अपराह्न
  • लेखक: Harish Sharma
  • श्रेणी: सरकारी योजनाएँ
  • स्रोत: विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें — लिंक खबर के अंदर दिया गया है।

नौकरी के लिए घर से दूर दूसरे शहर में रहने वाली महिलाओं के सामने सबसे बड़ी मुश्किल होती है — सुरक्षित और सही जगह पर रहने की व्यवस्था। इसी मुश्किल को दूर करने के लिए भारत सरकार ने 1972-73 में वर्किंग वुमन हॉस्टल योजना शुरू की थी, जिसे अब मिशन शक्ति के तहत “सखी निवास” कहा जाता है। हरियाणा में इस योजना के तहत फिलहाल 7 वर्किंग वुमन हॉस्टल चल रहे हैं — रोहतक (2), हिसार, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, जींद और फरीदाबाद में — और फरीदाबाद व गुरुग्राम में दो नए सखी निवास हॉस्टल बनने की घोषणा हुई है। इस गाइड में पूरी जानकारी है — कौन रह सकता है, किराया कितना लगता है, बच्चों की सुविधा क्या है, हरियाणा के हॉस्टलों की सूची और आवेदन कैसे करें।

पहले एक ज़रूरी बात समझ लें: यह योजना महिलाओं को रहने की जगह (हॉस्टल) देती है, नकद पैसा नहीं। किराया आपकी सैलरी के हिसाब से तय होता है — सिंगल कमरे के लिए सैलरी का अधिकतम 15%, डबल कमरे के लिए 10% और डॉरमेट्री के लिए 7.5%। रहने की अधिकतम अवधि 3 साल है। हॉस्टल में जगह खाली होने पर ही दाखिला मिलता है — यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर नहीं, बल्कि हॉस्टल की उपलब्धता और पात्रता के आधार पर तय होता है।

योजना एक नज़र में

बिंदु विवरण
योजना का नाम वर्किंग वुमन हॉस्टल योजना — अब “सखी निवास” (मिशन शक्ति के तहत)
शुरुआत 1972-73 (भारत सरकार); मिशन शक्ति दिशानिर्देश 14 जुलाई 2022
विभाग महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार; हरियाणा में महिला एवं बाल विकास विभाग
किस्म केंद्र प्रायोजित, माँग-आधारित योजना — राशि सीधे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जारी होती है
लाभ कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल आवास + बच्चों के लिए डे केयर सुविधा (जहाँ संभव हो)
किराया (अधिकतम) सिंगल कमरा: सैलरी का 15%; डबल कमरा: 10%; डॉरमेट्री: 7.5%; डे केयर: माँ की सैलरी का 5% या वास्तविक खर्च, जो कम हो
आय सीमा महानगरों में सकल आय ₹50,000/माह तक; अन्य स्थानों पर ₹35,000/माह तक
रहने की अवधि अधिकतम 3 साल (विशेष परिस्थिति में कुल 5 साल तक विस्तार संभव)
बच्चे लड़कियाँ 18 साल तक, लड़के 5 साल तक माँ के साथ रह सकते हैं
हरियाणा में हॉस्टल 7 हॉस्टल चल रहे हैं (कुल स्वीकृत क्षमता 471); फरीदाबाद व गुरुग्राम में 2 नए सखी निवास घोषित (अभी दाखिला शुरू नहीं)
आवेदन संबंधित हॉस्टल / जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से; SARAL पोर्टल का लिंक विभाग की साइट पर दिया गया है
आवेदन शुल्क कोई शुल्क सत्यापित नहीं हुआ — गाइड में कोई शुल्क नहीं लिखा गया है
अंतिम तिथि कोई तय अंतिम तिथि नहीं — दाखिला जगह खाली होने पर मिलता है
संपर्क महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा — बेज़ 15-20, सेक्टर 4, पंचकूला — 0172-2560349; महिला हेल्पलाइन 181

सखी निवास क्या है?

सखी निवास (वर्किंग वुमन हॉस्टल) का मतलब है — कामकाजी महिलाओं के लिए शहर में सुरक्षित, सुविधाजनक जगह पर रहने का ठिकाना। जब कोई महिला नौकरी या नौकरी की ट्रेनिंग के लिए अपने घर से दूर जाती है, तो उसे किराए पर सुरक्षित मकान मिलना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यह योजना इसी के लिए है — सरकार की मदद से बने या किराए के भवनों में हॉस्टल चलाए जाते हैं, जहाँ महिला अपनी सैलरी के छोटे से हिस्से के बराबर किराया देकर रह सकती है।

योजना का एक और अहम हिस्सा है डे केयर सेंटर — हॉस्टल में रहने वाली कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए दिन में देखभाल की सुविधा, जहाँ संभव हो। बच्चे माँ के साथ हॉस्टल में ही रहते हैं — लड़कियाँ 18 साल की उम्र तक और लड़के 5 साल की उम्र तक।

नाम को लेकर भ्रम न रखें — वर्किंग वुमन हॉस्टल और सखी निवास एक ही योजना है। पुराना नाम “वर्किंग वुमन हॉस्टल” था; मिशन शक्ति के तहत इसका नाम “सखी निवास” हो गया है। हरियाणा सरकार के फरवरी 2025 के ऐलान में भी नए हॉस्टलों को “सखी निवास योजना” ही कहा गया है।

क्या-क्या सुविधा मिलती है? किराया कितना?

हॉस्टल में रहने वाली महिला से किराया उसकी सकल सैलरी (gross salary) के प्रतिशत के हिसाब से लिया जाता है — इससे ज़्यादा किराया नहीं लिया जा सकता:

आवास का प्रकार अधिकतम किराया उदाहरण (₹35,000 सैलरी पर)
सिंगल बेड रूम सैलरी का 15% से अधिक नहीं ₹5,250/माह तक
डबल बेड रूम सैलरी का 10% से अधिक नहीं ₹3,500/माह तक
डॉरमेट्री सैलरी का 7.5% से अधिक नहीं ₹2,625/माह तक
डे केयर (बच्चों के लिए) माँ की सैलरी का 5% या वास्तविक खर्च, जो कम हो ₹1,750/माह तक

ध्यान दें: इस किराए में मेस (खाना) और दूसरी सुविधाएँ — जैसे वॉशिंग मशीन — शामिल नहीं हैं; उनके लिए अलग से उपयोग शुल्क (user charges) लिया जाता है। बच्चों वाली महिलाओं को जहाँ तक संभव हो डॉरमेट्री की बजाय सिंगल या डबल बेड रूम में जगह दी जाती है। नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिलाओं का किराया भी कामकाजी महिलाओं से ज़्यादा नहीं हो सकता — वह किराया ट्रेनिंग कराने वाली संस्था से या महिला से लिया जाता है।

हॉस्टल चलाने वाली संस्था को भवन के लिए भी मदद मिलती है — योजना के तहत नए हॉस्टल भवन बनाने, पुराने भवन का विस्तार करने और किराए के भवन में हॉस्टल चलाने के लिए अनुदान (grant-in-aid) दिया जाता है। हॉस्टल शुरू होने पर फर्नीचर और साज-सज्जा के लिए प्रति निवासी ₹7,500 की एकमुश्त गैर-आवर्ती राशि का उल्लेख भी कुछ स्रोतों में है — यह जानकारी आधिकारिक पृष्ठों से सत्यापित नहीं हुई है, इसलिए इसे अंतिम मानकर न चलें।

हरियाणा के 7 वर्किंग वुमन हॉस्टल — पूरी सूची

हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक साइट (wcdhry.gov.in) पर राज्य के 7 वर्किंग वुमन हॉस्टलों की सूची दी गई है। दाखिले के लिए सीधे संबंधित हॉस्टल से संपर्क करें:

क्र. हॉस्टल का नाम व पता संपर्क स्वीकृत क्षमता
1 गोदावरी वर्किंग वुमन हॉस्टल नं. 5, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक 9416945933 60
2 इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, गांधी कैंप, रोहतक 9416142042; [email protected] 36
3 वर्किंग वुमन हॉस्टल, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार 01662-263591 86
4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, बी.जी.एम.एस., मकान नं. 96 के सामने, सेक्टर 10, पंचकूला 0172-2569079; [email protected] 100
5 रेड क्रॉस वर्किंग वुमन हॉस्टल, सफीदों रोड, जींद 016812-255171 / 9996386510 70
6 वर्किंग वुमन हॉस्टल, सेक्टर 13, शहरी क्षेत्र, कुरुक्षेत्र 01744-220335 84
7 रेड क्रॉस वर्किंग वुमन हॉस्टल, सेक्टर 16, फरीदाबाद 9810232924; [email protected] 35

कुल स्वीकृत क्षमता: 471 महिलाएँ। एक बात पर ध्यान दें — फरवरी 2025 की एक खबर में कहा गया था कि विभाग के 8 हॉस्टल चल रहे हैं, जिनमें गुरुग्राम का एक हॉस्टल भी शामिल है, और फरीदाबाद रेड क्रॉस हॉस्टल की क्षमता 80 बताई गई थी। लेकिन विभाग की आधिकारिक साइट पर 7 हॉस्टल ही सूचीबद्ध हैं और फरीदाबाद की क्षमता 35 दी गई है। यह अंतर सुलझा नहीं है — गाइड में विभाग की आधिकारिक सूची दी गई है; दाखिले से पहले संबंधित हॉस्टल से क्षमता और खाली जगह की पुष्टि ज़रूर कर लें।

नए सखी निवास — फरीदाबाद और गुरुग्राम (अभी दाखिला नहीं)

फरवरी 2025 में हरियाणा सरकार ने सखी निवास योजना के तहत दो नए हॉस्टल बनाने की घोषणा की थी:

बिंदु विवरण
स्थान फरीदाबाद सेक्टर-78 और गुरुग्राम सेक्टर-9
जमीन लगभग 1 एकड़ प्रत्येक
क्षमता प्रत्येक हॉस्टल में 200 महिलाएँ
निर्माण लागत लगभग ₹65.30 करोड़ — भारत सरकार से वित्तपोषण
एजेंसी हरियाणा महिला विकास निगम कार्य योजना तैयार कर रहा है
सुविधाएँ सुरक्षित आवास + बच्चों के लिए डे केयर; बच्चे साथ रह सकेंगे

सबसे ज़रूरी चेतावनी: 8 नवंबर 2026 तक इन दोनों नए हॉस्टलों के खुलने या दाखिला शुरू होने की कोई घोषणा नहीं मिली है। फरवरी 2025 की खबरों में सिर्फ इतना कहा गया था कि कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसलिए फरीदाबाद सेक्टर-78 या गुरुग्राम सेक्टर-9 जाकर दाखिला माँगने से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग या हरियाणा महिला विकास निगम से ताज़ा स्थिति ज़रूर पूछ लें। नए हॉस्टलों के लिए खबरों में कुछ अलग नियम भी बताए गए थे — हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य; आधार कार्ड, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट और वेतन प्रमाण पत्र; वंचित वर्ग और दिव्यांग महिलाओं को प्राथमिकता; लड़के 12 साल तक और लड़कियाँ 18 साल तक साथ रह सकेंगी; आय सीमा पार होने पर 3 महीने में हॉस्टल खाली करना होगा। ये नियम खबरों पर आधारित हैं, आधिकारिक अधिसूचना से सत्यापित नहीं हुए हैं — पुरानी योजना के नियमों से इनमें अंतर है (नीचे “कौन रह सकता है” में देखें), इसलिए अंतिम जानकारी विभाग से ही लें।

पात्रता — कौन रह सकता है?

योजना के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों की कामकाजी महिलाएँ और उनके बच्चे हॉस्टल की सुविधा ले सकते हैं:

  • कामकाजी महिला — अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, अलग रह रही, या विवाहित लेकिन जिसका पति या निकट परिवार उसी शहर/क्षेत्र में नहीं रहता।
  • वंचित वर्ग की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • शारीरिक रूप से दिव्यांग लाभार्थियों के लिए सीटों का आरक्षण का प्रावधान है।
  • नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिलाएँ — बशर्ते ट्रेनिंग की कुल अवधि 1 साल से अधिक न हो, और वे कुल क्षमता के 30% से अधिक न हों। ट्रेनिंग वाली महिलाओं को जगह तभी मिलती है जब कामकाजी महिलाओं के लिए जगह देने के बाद खाली जगह बची हो।
  • बच्चे: कामकाजी माँ के साथ लड़कियाँ 18 साल की उम्र तक और लड़के 5 साल की उम्र तक रह सकते हैं। कामकाजी माताएँ डे केयर सेंटर की सुविधा भी ले सकती हैं।
  • आय सीमा: सकल आय महानगरों में ₹50,000/माह से अधिक नहीं; अन्य स्थानों पर ₹35,000/माह से अधिक नहीं।
  • जाति, धर्म या वैवाहिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं — सभी कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध हैं (योजना के नियमों के अधीन)।
  • उम्र: योजना कामकाजी (वयस्क) महिलाओं के लिए है — प्रक्रिया संबंधी पृष्ठों में 18 वर्ष से अधिक उम्र का उल्लेख है।

कौन पात्र नहीं है?

  • जो महिला काम नहीं करती और न ही नौकरी की ट्रेनिंग ले रही है — यह हॉस्टल छात्राओं (regular girl students) के लिए नहीं है।
  • जिसकी सकल मासिक आय सीमा से अधिक है — महानगर में ₹50,000/माह से अधिक या अन्य स्थान पर ₹35,000/माह से अधिक।
  • नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिला, जिसकी ट्रेनिंग अवधि 1 साल से अधिक हो।
  • ट्रेनिंग वाली महिलाएँ, अगर वे कुल क्षमता के 30% से अधिक हो जाएँ — ऐसी स्थिति में दाखिला नहीं मिलेगा।
  • जो महिला पहले ही हॉस्टल में अधिकतम अवधि (3 साल, विस्तार सहित 5 साल) पूरी कर चुकी है।
  • ऐसी महिला जिसके बच्चे साथ रहना चाहते हों लेकिन बच्चे की उम्र सीमा से अधिक हो (लड़का 5 साल से अधिक, लड़की 18 साल से अधिक) — बच्चा साथ नहीं रह सकेगा।

बच्चे और डे केयर — क्या सुविधा है?

हॉस्टल में रहने वाली कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए योजना में खास व्यवस्था है:

बिंदु नियम
लड़कियाँ 18 साल की उम्र तक माँ के साथ रह सकती हैं
लड़के 5 साल की उम्र तक माँ के साथ रह सकते हैं
डे केयर सेंटर जहाँ संभव हो, हॉस्टल में बच्चों के लिए डे केयर सुविधा
डे केयर शुल्क माँ की सैलरी का अधिकतम 5% या वास्तविक खर्च, जो कम हो
कमरा बच्चों वाली महिलाओं को जहाँ तक संभव हो डॉरमेट्री की बजाय सिंगल/डबल बेड रूम दिया जाता है

ध्यान दें: नए सखी निवास हॉस्टलों (फरीदाबाद/गुरुग्राम) के लिए खबरों में लड़कों की उम्र सीमा 12 साल बताई गई थी — यह पुरानी योजना के 5 साल के नियम से अलग है। यह अंतर अभी सत्यापित नहीं हुआ है; नए हॉस्टल खुलने पर विभाग से सही नियम पूछें।

आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप

इस योजना में दाखिला हॉस्टल-वार होता है — कोई एक केंद्रीय ऑनलाइन फॉर्म नहीं है जिससे सभी हॉस्टलों में दाखिला मिल जाए। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. हॉस्टल चुनें: ऊपर दी गई सूची से वह हॉस्टल चुनें जहाँ आप रहना चाहती हैं (अपने कार्यस्थल के नज़दीक वाला)। हॉस्टल के संपर्क नंबर पर फोन करके खाली जगह (vacancy) और दाखिले की स्थिति पूछें — बिना खाली जगह के दाखिला नहीं मिलेगा।
  2. दस्तावेज़ तैयार करें: नीचे दी गई सूची के अनुसार सभी दस्तावेज़ तैयार रखें — आधार कार्ड, वेतन/आय प्रमाण पत्र, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, परिवार पहचान पत्र (PPP) और बच्चों के दस्तावेज़ (अगर बच्चे साथ रहेंगे)।
  3. आवेदन जमा करें: संबंधित हॉस्टल के कार्यालय में या जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी (District Programme Officer) के कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करें। हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की साइट पर “Click here to apply” का लिंक SARAL पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर जाता है — लेकिन SARAL पर इस योजना की किसी खास सेवा का नाम सत्यापित नहीं हुआ है, इसलिए SARAL की चरण-दर-चरण प्रक्रिया इस गाइड में नहीं दी गई है। आवेदन करने से पहले हॉस्टल या जिला कार्यालय से सही तरीका पूछ लें।
  4. जाँच और चयन: हॉस्टल प्रबंधन/विभाग आपके दस्तावेज़ों और पात्रता की जाँच करेगा — आय सीमा, रोज़गार का प्रमाण और खाली जगह। पात्रता पूरी होने पर दाखिला दिया जाएगा।
  5. किराया और प्रवेश: दाखिला मिलने पर कमरे के प्रकार के अनुसार किराया तय होगा (सैलरी के प्रतिशत के हिसाब से)। प्रवेश के दिन उस महीने का किराया जमा करना होता है।

आवेदन शुल्क: इस योजना के लिए किसी आवेदन शुल्क की जानकारी सत्यापित नहीं हुई है — गाइड में कोई शुल्क नहीं लिखा गया है। अगर कोई व्यक्ति दाखिले के नाम पर पैसे माँगे, तो सावधान रहें और विभाग से संपर्क करें।

दस्तावेज़ क्या-क्या चाहिए?

योजना के नियमों और हरियाणा की घोषित प्रक्रिया के आधार पर आमतौर पर ये दस्तावेज़ माँगे जाते हैं — अंतिम सूची के लिए संबंधित हॉस्टल से पुष्टि कर लें:

दस्तावेज़ क्यों चाहिए
आधार कार्ड पहचान का प्रमाण
वेतन प्रमाण पत्र / आय प्रमाण पत्र रोज़गार और आय सीमा (₹50,000/₹35,000) की पुष्टि के लिए
परिवार पहचान पत्र (PPP) हरियाणा निवासी होने का प्रमाण (नए सखी निवास हॉस्टलों के लिए अनिवार्य बताया गया है)
पुलिस सत्यापन रिपोर्ट सुरक्षा जाँच के लिए (नए हॉस्टलों के लिए आवश्यक बताया गया है)
नियुक्ति पत्र / रोज़गार का प्रमाण यह साबित करने के लिए कि आप कामकाजी महिला हैं
बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र (अगर बच्चे साथ रहेंगे) बच्चों की उम्र (लड़की 18 साल तक, लड़का 5 साल तक) की पुष्टि के लिए
पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन पत्र के लिए
ट्रेनिंग का प्रमाण (अगर ट्रेनिंग ले रही हैं) ट्रेनिंग अवधि 1 साल से अधिक न होने की पुष्टि के लिए
दिव्यांगता प्रमाण पत्र (अगर लागू हो) आरक्षित सीट/प्राथमिकता के लिए

नोट: दस्तावेज़ों की यह सूची योजना के नियमों और खबरों में बताई गई प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है — संबंधित हॉस्टल की अपनी सूची में कुछ दस्तावेज़ कम या ज़्यादा हो सकते हैं। दाखिले से पहले हॉस्टल से सही सूची ज़रूर लें।

रहने के नियम — कितने समय तक रह सकते हैं?

बिंदु नियम
अधिकतम अवधि 3 साल — कोई भी कामकाजी महिला 3 साल से अधिक नहीं रह सकती
विस्तार विशेष परिस्थिति में जिला प्रशासन लिखित कारण दर्ज करके 6 महीने का विस्तार दे सकता है; कुल अवधि 5 साल से अधिक नहीं
आय बढ़ जाए तो अगर रहते हुए आय सीमा से अधिक हो जाए, तो योजना के अनुसार 6 महीने के भीतर हॉस्टल खाली करना होगा (नए सखी निवास के लिए खबरों में 3 महीने कहा गया है — अंतर सत्यापित नहीं)
किराया हर महीने कमरे के प्रकार के अनुसार — सिंगल 15%, डबल 10%, डॉरमेट्री 7.5% (सैलरी का); मेस व अन्य सुविधाओं का शुल्क अलग
प्रशिक्षु महिलाएँ कुल क्षमता के 30% से अधिक नहीं; ट्रेनिंग अवधि अधिकतम 1 साल
छात्राएँ नियमित छात्राएँ (regular girl students) पात्र नहीं हैं

शुल्क, समय-सीमा और स्थिति जाँच

विषय स्थिति
आवेदन शुल्क कोई शुल्क सत्यापित नहीं हुआ — गाइड में कोई शुल्क नहीं लिखा गया है
किराया सैलरी के प्रतिशत के हिसाब से (सिंगल 15%, डबल 10%, डॉरमेट्री 7.5%); डे केयर अधिकतम 5%
दाखिले की अंतिम तिथि कोई तय अंतिम तिथि नहीं — दाखिला जगह खाली होने पर मिलता है
दाखिले का समय कोई आधिकारिक समय-सीमा प्रकाशित नहीं है — हॉस्टल से पूछें
स्थिति जाँच (ऑनलाइन) कोई ऑनलाइन स्थिति पोर्टल सत्यापित नहीं — हॉस्टल/जिला कार्यालय से संपर्क करें
स्थिति जाँच (ऑफ़लाइन) संबंधित हॉस्टल (ऊपर सूची में संपर्क) या जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय
विभागीय संपर्क महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा — बेज़ 15-20, सेक्टर 4, पंचकूला — 0172-2560349
महिला हेल्पलाइन 181

अंतर समझें — पुरानी योजना बनाम सखी निवास

नाम बदलने के साथ योजना में कुछ बदलाव भी हुए हैं — लेकिन मूल सुविधा वही है:

बिंदु पुरानी वर्किंग वुमन हॉस्टल योजना सखी निवास (मिशन शक्ति)
शुरुआत 1972-73 — भवन निर्माण/विस्तार के लिए अनुदान मिशन शक्ति (2022) के तहत नया नाम और ढाँचा
मदद का रूप मुख्य रूप से भवन निर्माण के लिए अनुदान किराए के भवन में भी सखी निवास चलाने के लिए वित्तीय सहायता
राशि का रास्ता संस्थाओं को अनुदान राशि सीधे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को जारी होती है
आय सीमा ₹50,000 (महानगर) / ₹35,000 (अन्य) वही — ₹50,000 / ₹35,000
किराया सिंगल 15%, डबल 10%, डॉरमेट्री 7.5% वही किराया सीमा
रहने की अवधि अधिकतम 3 साल वही — अधिकतम 3 साल (विस्तार सहित 5 साल)
हरियाणा में नया 7 हॉस्टल पहले से चल रहे हैं फरीदाबाद व गुरुग्राम में 2 नए हॉस्टल घोषित (फरवरी 2025) — अभी दाखिला शुरू नहीं

एक और अंतर ध्यान रखें — यह योजना छात्राओं के हॉस्टल से अलग है। कॉलेज/विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली नियमित छात्राएँ इस योजना के तहत दाखिला नहीं ले सकतीं; यह सिर्फ कामकाजी महिलाओं और नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिलाओं के लिए है। तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों में इसी तरह की राज्य योजना में किराया बहुत कम (₹200-300/माह) है — वह तमिलनाडु की अलग राज्य योजना है, हरियाणा के नियम अलग हैं; हरियाणा में किराया सैलरी के प्रतिशत के हिसाब से तय होता है।

आवेदन से पहले — तैयारियों की सूची

  • पहले खाली जगह पूछें: हॉस्टल में जगह खाली है या नहीं, यह जाने बिना आवेदन न करें — दाखिला पूरी तरह जगह की उपलब्धता पर निर्भर है।
  • आय सीमा जाँच लें: आपकी सकल मासिक आय महानगर में ₹50,000 और अन्य स्थानों पर ₹35,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • दस्तावेज़ पूरे रखें: आधार कार्ड, वेतन प्रमाण पत्र, PPP, पुलिस सत्यापन रिपोर्ट — इनमें से कोई एक भी अधूरा हो तो दाखिला अटक सकता है।
  • बच्चों की उम्र ध्यान रखें: लड़का 5 साल से अधिक का हो तो वह साथ नहीं रह सकेगा (नए हॉस्टल के लिए 12 साल कहा गया है — पुष्टि करें)।
  • किराया पहले से समझ लें: आपकी सैलरी पर सिंगल/डबल/डॉरमेट्री का अधिकतम किराया कितना बनेगा, यह पहले से निकाल लें — हॉस्टल इससे ज़्यादा किराया नहीं माँग सकता।
  • नए हॉस्टल का इंतज़ार न करें: फरीदाबाद सेक्टर-78 और गुरुग्राम सेक्टर-9 के सखी निवास अभी बने नहीं हैं — अगर आपको अभी आवास चाहिए, तो ऊपर दी गई सूची के 7 हॉस्टलों में से किसी एक में संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. वर्किंग वुमन हॉस्टल (सखी निवास) योजना क्या है?

यह भारत सरकार की योजना है जिसके तहत कामकाजी महिलाओं को शहर में सुरक्षित और सस्ता हॉस्टल आवास दिया जाता है। योजना 1972-73 से चल रही है और अब मिशन शक्ति के तहत इसे “सखी निवास” कहा जाता है। हरियाणा में 7 हॉस्टल चल रहे हैं और 2 नए हॉस्टल (फरीदाबाद, गुरुग्राम) घोषित हुए हैं।

2. हॉस्टल में रहने का किराया कितना लगता है?

किराया सैलरी के प्रतिशत के हिसाब से तय होता है — सिंगल कमरा अधिकतम 15%, डबल कमरा 10% और डॉरमेट्री 7.5%। जैसे ₹35,000 सैलरी पर सिंगल कमरे का किराया अधिकतम ₹5,250/माह होगा। डे केयर का शुल्क माँ की सैलरी का अधिकतम 5% है। मेस और अन्य सुविधाओं का शुल्क अलग से लगता है।

3. कौन-कौन सी महिलाएँ रह सकती हैं?

अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, अलग रह रही या विवाहित (पति उसी शहर में न रहता हो) — कोई भी कामकाजी महिला। वंचित वर्ग और दिव्यांग महिलाओं को प्राथमिकता/आरक्षण है। नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिलाएँ भी रह सकती हैं (ट्रेनिंग 1 साल तक, कुल क्षमता के 30% तक)।

4. क्या बच्चे साथ रह सकते हैं?

हाँ — लड़कियाँ 18 साल तक और लड़के 5 साल तक माँ के साथ रह सकते हैं। हॉस्टल में जहाँ संभव हो, बच्चों के लिए डे केयर सुविधा भी है। नए सखी निवास हॉस्टलों के लिए लड़कों की उम्र सीमा 12 साल बताई गई है — यह अभी सत्यापित नहीं हुआ है।

5. आय सीमा क्या है?

महानगरों में सकल आय ₹50,000/माह तक और अन्य स्थानों पर ₹35,000/माह तक। अगर रहते हुए आय इस सीमा से अधिक हो जाए, तो योजना के अनुसार 6 महीने के भीतर हॉस्टल खाली करना होगा।

6. हॉस्टल में कितने समय तक रह सकते हैं?

अधिकतम 3 साल। विशेष परिस्थिति में जिला प्रशासन 6-6 महीने का विस्तार दे सकता है, लेकिन कुल अवधि 5 साल से अधिक नहीं हो सकती।

7. आवेदन कैसे करें — क्या ऑनलाइन आवेदन होता है?

दाखिला हॉस्टल-वार होता है — पहले संबंधित हॉस्टल में खाली जगह पूछें, फिर हॉस्टल या जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में आवेदन जमा करें। विभाग की साइट पर SARAL पोर्टल का लिंक दिया गया है, लेकिन SARAL पर इस योजना की किसी खास सेवा का नाम सत्यापित नहीं हुआ है — इसलिए SARAL की चरण-दर-चरण प्रक्रिया इस गाइड में नहीं दी गई है।

8. क्या छात्राएँ भी इस हॉस्टल में रह सकती हैं?

नहीं — नियमित छात्राएँ (regular girl students) इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं। यह हॉस्टल सिर्फ कामकाजी महिलाओं और नौकरी की ट्रेनिंग ले रही महिलाओं के लिए है।

9. फरीदाबाद और गुरुग्राम के नए सखी निवास में दाखिला कब शुरू होगा?

8 नवंबर 2026 तक इन हॉस्टलों के खुलने या दाखिला शुरू होने की कोई घोषणा नहीं मिली है। फरवरी 2025 में सिर्फ निर्माण की घोषणा हुई थी और कार्य योजना तैयार की जा रही थी। ताज़ा स्थिति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा (0172-2560349) से संपर्क करें।

10. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

आधार कार्ड, वेतन/आय प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र (PPP), पुलिस सत्यापन रिपोर्ट, नियुक्ति पत्र/रोज़गार का प्रमाण, बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र (अगर बच्चे साथ रहेंगे) और पासपोर्ट साइज़ फोटो। अंतिम सूची के लिए संबंधित हॉस्टल से पुष्टि कर लें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

काम लिंक / संपर्क
हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग — वर्किंग वुमन हॉस्टल पेज wcdhry.gov.in/schemes-for-women/working-women-hostel/ (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में खुला; हॉस्टलों की सूची सहित)
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय — सखी निवास पेज wcd.gov.in/offerings/sakhi–niwas—working–women–hostel (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में खुला)
Savitribai Phule राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान — सखी निवास विवरण spniwcd.wcd.gov.in/sakhi-niwas-working-women-hostel/brief (8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में खुला)
SARAL पोर्टल, हरियाणा saralharyana.gov.in (विभाग की साइट पर “Click here to apply” का लिंक इसी पर जाता है; 8 नवंबर 2026 को सीधी जाँच में साइट नहीं खुली — नोट सहित लिंक दिया गया है)
myScheme — हरियाणा योजनाएँ (सूची) myscheme.gov.in/search/state/Haryana (विवरण पेज client-rendered है और सीधे पढ़ा नहीं जा सका; सूची पेज भी देखें)
महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा (कार्यालय) बेज़ 15-20, सेक्टर 4, पंचकूला – 134112
फोन 0172-2560349 (निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा)
महिला हेल्पलाइन 181
SARAL हेल्पलाइन 0172-3968400 | ईमेल: [email protected] (सिर्फ SARAL पोर्टल के सामान्य सवालों के लिए)

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अस्वीकरण

यह गाइड 8 नवंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों — हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट (wcdhry.gov.in), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सखी निवास जानकारी (wcd.gov.in), मिशन शक्ति दिशानिर्देश (14 जुलाई 2022) और फरवरी 2025 की सरकारी घोषणाओं — के आधार पर तैयार की गई है। हॉस्टलों की सूची, किराया, पात्रता और दाखिले की प्रक्रिया समय के साथ बदल सकती है — दाखिला लेने से पहले संबंधित हॉस्टल या महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा (बेज़ 15-20, सेक्टर 4, पंचकूला — 0172-2560349) से वर्तमान जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें। जहाँ स्रोतों में अंतर है या जानकारी सत्यापित नहीं हुई है, वहाँ गाइड में साफ-साफ कहा गया है। विकसित हरियाणा किसी भी सरकारी विभाग का आधिकारिक पोर्टल नहीं है।

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“हरियाणा वर्किंग वुमन हॉस्टल (सखी निवास) योजना 2026: किराया, पात्रता व आवेदन प्रक्रिया” को एक उत्तर

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