किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खेती के लिए सस्ता और आसान ऋण पाने का सबसे पुराना सरकारी तरीका है। यह योजना 1998 में शुरू हुई थी और इसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नाबार्ड के ढाँचे में बैंक चलाते हैं, जबकि नोडल मंत्रालय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय है। KCC घूमने वाली (रिवॉल्विंग) सुविधा है — किसान जरूरत पर पैसा निकालता है और फसल बिकने पर चुकाता है।
ब्याज कितना लगता है
संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) के तहत ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फसल ऋण पर बैंक 7% वार्षिक ब्याज लेते हैं। अगर किसान ऋण समय पर चुका दे तो 3% की अतिरिक्त प्रोत्साहन छूट मिलती है, जिससे प्रभावी ब्याज सिर्फ 4% वार्षिक रह जाता है। यह छूट सिर्फ ₹3 लाख तक के हिस्से पर मिलती है — इससे ऊपर की राशि पर बैंक की सामान्य दर लगती है। पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए छूट वाली सीमा ₹2 लाख है। बजट 2025-26 में सीमा ₹5 लाख करने की घोषणा हुई थी, लेकिन RBI का 13 जनवरी 2026 का परिपत्र अब भी ये दरें ₹3 लाख तक ही लागू करता है — शाखा से मौजूदा सीमा पूछें।
बिना गिरवी कितना ऋण
RBI के नियमों के अनुसार कृषि ऋणों पर ₹2 लाख तक बिना गिरवी (कोलैटरल) के ऋण मिलता है — यह सीमा 1 जनवरी 2025 से ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख की गई थी। जहाँ फसल की गिरवी और वसूली की व्यवस्था (टाई-अप) हो, वहाँ बैंक ₹3 लाख तक बिना गिरवी के ऋण दे सकते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है
KCC सिर्फ जमीन के मालिक किसानों के लिए नहीं है। स्वयं खेती करने वाले मालिक किसान, बटाईदार किसान, मौखिक पट्टेदार और बटाई पर खेती करने वाले सभी पात्र हैं। किसानों के स्वयं सहायता समूह (SHG) और संयुक्त देयता समूह (JLG) भी आवेदन कर सकते हैं। 2019 से यह सुविधा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को भी मिलती है। ऋण फसल की खेती, कटाई के बाद के खर्च, उपज की बिक्री, घरेलू जरूरत और खेत की संपत्ति के रखरखाव के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
आवेदन कैसे करें
KCC के लिए आवेदन किसी भी बैंक शाखा में किया जाता है। ऑनलाइन शुरुआत जन समर्थ पोर्टल (jansamarth.in) से भी की जा सकती है। जमीन के दस्तावेज़ या खेती का प्रमाण, पहचान पत्र और बैंक खाता विवरण देना होता है। बटाईदार किसान समूह (JLG) के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के नाम पर किसी एजेंट को पैसा न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: KCC पर असली ब्याज कितना पड़ता है?
उत्तर: ₹3 लाख तक 7% ब्याज लगता है; समय पर चुकाने पर 3% छूट से प्रभावी ब्याज 4% रह जाता है।
प्रश्न 2: क्या बिना गिरवी ऋण मिलता है?
उत्तर: हाँ — ₹2 लाख तक बिना गिरवी के ऋण मिलता है, और वसूली की व्यवस्था होने पर ₹3 लाख तक।
प्रश्न 3: क्या बटाईदार किसान KCC ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ — बटाईदार, मौखिक पट्टेदार और बटाई पर खेती करने वाले किसान पात्र हैं, खासकर समूह (JLG) के माध्यम से।
प्रश्न 4: क्या पशुपालन और मछली पालन के लिए भी KCC मिलता है?
उत्तर: हाँ — 2019 से डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी KCC मिलता है।

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