सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना हरियाणा क्या है?
सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (Saur Urja Protsahan Yojana — SUPY) हरियाणा सरकार की राज्य-स्तरीय योजना है, जो घरों की छत पर ग्रिड से जुड़ा रूफटॉप सोलर (RTS) सिस्टम लगवाने पर केंद्र सरकार की सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त वित्तीय सहायता देती है। यह योजना केंद्र की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana (PMSG) के साथ जुड़कर चलती है — यानी एक ही छत पर आपको केंद्र की सब्सिडी (CFA) और राज्य की सहायता दोनों मिल सकती हैं।
इस योजना को हरियाणा के दोनों बिजली वितरण निगमों — उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) — के माध्यम से लागू किया जाता है, और हरियाणा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (HAREDA) राज्य की नोडल एजेंसी है। योजना का संचालन DHBVN/UHBVN के सेल्स सर्कुलर और Standard Operating Procedure (SoP) के अनुसार होता है — पहला SoP सेल्स सर्कुलर D-05/2026 दिनांक 9 फरवरी 2026 से जारी हुआ था, और जून 2026 में SoP में संशोधन को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिली थी।
हरियाणा सरकार ने 31 मार्च 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य तय किया है। योजना का मकसद साफ है — सोलर लगवाने की शुरुआती लागत का बोझ कम करना, ताकि ज्यादा से ज्यादा घर अपने बिजली बिल में बड़ी बचत कर सकें और राज्य स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़े।
यह योजना Surya Ghar और PM-KUSUM से कैसे अलग है?
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है, इसलिए अंतर साफ समझ लें:
| योजना | किसके लिए | क्या मिलता है |
|---|---|---|
| PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana (केंद्र) | घरेलू उपभोक्ता, रूफटॉप सोलर | केंद्रीय सब्सिडी (CFA) — 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000, 3 kW या अधिक पर अधिकतम ₹78,000 |
| सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना — SUPY (हरियाणा राज्य) | हरियाणा के घरेलू उपभोक्ता, रूफटॉप सोलर | केंद्र की सब्सिडी के ऊपर ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता (अधिकतम ₹19,500 प्रति kW, 5 kW तक) + अंत्योदय परिवारों को अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता (SFA) |
| PM-KUSUM (केंद्र, किसान) | किसान, खेत में सोलर पंप | सोलर पंप पर सब्सिडी — छत वाले घरेलू सोलर से इसका कोई लेना-देना नहीं |
मतलब साफ है — SUPY, Surya Ghar की जगह लेने वाली योजना नहीं है, बल्कि उसके ऊपर मिलने वाली राज्य की अतिरिक्त मदद है। और PM-KUSUM से इसका कोई संबंध नहीं है — वह किसानों के सोलर पंप की योजना है, जबकि SUPY घरों की छत के सोलर की योजना है।
अगर आप सोलर पंप के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारी यह गाइड पढ़ें: PM-KUSUM सोलर पंप योजना हरियाणा — 75% सब्सिडी। घर में सोलर होम सिस्टम के लिए यह गाइड देखें: मनोहर ज्योति योजना हरियाणा — सोलर होम सिस्टम सब्सिडी।
योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (Saur Urja Protsahan Yojana — SUPY) |
| साथ चलने वाली केंद्रीय योजना | PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana (13 फरवरी 2024 से) |
| विभाग/एजेंसी | ऊर्जा विभाग, हरियाणा; नोडल एजेंसी HAREDA; क्रियान्वयन UHBVN/DHBVN |
| राज्य का लक्ष्य | 31 मार्च 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर |
| बेंचमार्क लागत | ₹55,000 प्रति kW (HAREDA के अनुसार) |
| ब्याज-मुक्त सहायता | अधिकतम ₹19,500 प्रति kW, अधिकतम 5 kW तक |
| अंत्योदय SFA | ₹25,000 प्रति kW तक (आय ₹1.80 लाख तक) — 2 kW पर अधिकतम ₹50,000 |
| आवेदन | DISCOM पोर्टल (UHBVN/DHBVN) + राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in |
| केंद्रीय सब्सिडी (CFA) | 1 kW — ₹30,000; 2 kW — ₹60,000; 3 kW या अधिक — अधिकतम ₹78,000 |
इस योजना का लाभ क्या-क्या है?
SUPY के तहत मिलने वाली मदद तीन हिस्सों में बँटी है। पहला हिस्सा है केंद्र की सब्सिडी (CFA) — 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000 और 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000। यह राशि MNRE की ओर से सीधे आपके बैंक खाते में DBT के माध्यम से आती है।
दूसरा हिस्सा है राज्य की ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता — DHBVN के SoP के अनुसार यह सहायता बेंचमार्क लागत में से CFA और SFA घटाने के बाद बची हुई राशि के बराबर होती है, और अधिकतम ₹19,500 प्रति kW, अधिकतम 5 kW तक सीमित है। यानी 5 kW के सिस्टम पर यह सहायता अधिकतम ₹97,500 तक हो सकती है। यह रकम ब्याज-मुक्त होती है, इसलिए आपकी शुरुआती जेब से निकलने वाली रकम काफी कम हो जाती है।
तीसरा हिस्सा है राज्य वित्तीय सहायता (SFA), जो सिर्फ अंत्योदय परिवारों को मिलती है। परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज आय के हिसाब से दो श्रेणियाँ हैं — वार्षिक आय ₹1.80 लाख तक वाले परिवारों को ₹25,000 प्रति kW या बिल राशि का 40%, जो भी कम हो, अधिकतम 2 kW तक (यानी अधिकतम ₹50,000); और आय ₹1.80 लाख से ₹3 लाख तक वाले परिवारों को ₹10,000 प्रति kW या बिल राशि का 20%, जो भी कम हो, अधिकतम 2 kW तक (यानी अधिकतम ₹20,000)।
DHBVN के SoP में दिया गया एक उदाहरण समझने में मदद करता है। 1 kW के सिस्टम पर बेंचमार्क लागत ₹55,000 मानी गई है — इसमें से CFA ₹30,000 और ब्याज-मुक्त सहायता ₹19,500 घटाने के बाद उपभोक्ता का हिस्सा लगभग शून्य के आसपास बनता है (SFA की श्रेणी के अनुसार आँकड़ा बदल सकता है)। 5 kW के उदाहरण में बेंचमार्क लागत ₹2,75,000, CFA ₹78,000 और ब्याज-मुक्त सहायता ₹97,500 मानी गई है। ध्यान दें — ये आँकड़े SoP के उदाहरण हैं; आपके सिस्टम की वास्तविक लागत, वेंडर का बिल और आपकी श्रेणी के हिसाब से अंतिम सहायता DISCOM के सिस्टम से तय होगी।
इसके अलावा, सोलर लगने के बाद नेट मीटरिंग से आपका बिजली बिल घटता है — दिन में बनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाती है और बिल में उसका समायोजन होता है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
DHBVN के SoP (संशोधित, जून 2026) के अनुसार उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है:
- श्रेणी-I — गैर-बकाएदार (Non-Defaulter) उपभोक्ता: वे घरेलू उपभोक्ता जो बिजली बिल समय पर चुकाते रहे हैं, वे 5 kW तक की RTS क्षमता के लिए वित्तीय सहायता ले सकते हैं। पहले इस श्रेणी में तीन साल (1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025) तक नियमित भुगतान की शर्त थी — जून 2026 के संशोधन में यह शर्त हटा दी गई है। अब आवेदन के समय सिर्फ ठीक पहले वाले बिलिंग चक्र में गैर-बकाएदार होना ही काफी है।
- श्रेणी-II — राज्य सरकार के कर्मचारी: राज्य सरकार, निगम, बोर्ड या कॉर्पोरेशन के कर्मचारी (HKRN के वे कर्मचारी जिनकी नौकरी सुरक्षित है) भी पात्र हैं, बशर्ते वे पिछले बिलिंग चक्र में गैर-बकाएदार हों।
- श्रेणी-III — अंत्योदय (SFA पात्र) उपभोक्ता: PPP में आय ₹1.80 लाख तक, या ₹1.80 लाख से ₹3 लाख तक वाले अंत्योदय परिवार SFA के पात्र हैं — इनके लिए RTS क्षमता अधिकतम 2 kW तक सीमित है, और पिछले बिलिंग चक्र में गैर-बकाएदार होना जरूरी है।
इनके अलावा सामान्य शर्तें भी लागू होती हैं — आवेदक के पास UHBVN या DHBVN का घरेलू (residential) बिजली कनेक्शन होना चाहिए, छत अपनी हो या लगाने का अधिकार हो (किराए के मकान में मकान मालिक की NOC), सिस्टम ग्रिड से जुड़ा हो, और स्थापना राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर से ही हो। वाणिज्यिक या कृषि टैरिफ वाले कनेक्शन इस योजना में पात्र नहीं हैं।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन के समय आमतौर पर ये दस्तावेज और विवरण माँगे जाते हैं — पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम है, फॉर्म में जो माँगा जाए वही अपलोड करें:
| क्रम | दस्तावेज/विवरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | नवीनतम बिजली बिल | उपभोक्ता/अकाउंट नंबर के लिए |
| 2 | आधार कार्ड | पहचान प्रमाण |
| 3 | परिवार पहचान पत्र (PPP) | अंत्योदय/SFA श्रेणी के लिए अनिवार्य |
| 4 | बैंक खाता विवरण | सब्सिडी DBT के लिए; रद्द चेक या पासबुक की प्रति माँगी जा सकती है |
| 5 | छत के स्वामित्व का प्रमाण या मकान मालिक की NOC | किराए के मकान में |
| 6 | मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी | OTP और सूचना के लिए |
| 7 | छत/स्थापना स्थल की फोटो | वेंडर आमतौर पर माँगता है |
| 8 | राज्य सरकार कर्मचारी होने का प्रमाण | श्रेणी-II के लिए, यदि लागू हो |
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? — स्टेप बाय स्टेप
SUPY की आवेदन प्रक्रिया दो पोर्टलों से जुड़ी है — पहले DISCOM पोर्टल पर पात्रता जाँच, फिर राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन, और फिर दोनों को जोड़ना। प्रक्रिया इस प्रकार है:
चरण 1: अपने DISCOM के पोर्टल पर जाएँ — उत्तर हरियाणा के लिए uhbvn.org.in और दक्षिण हरियाणा के लिए dhbvn.org.in। पोर्टल पर लॉगिन करें। लॉगिन के समय SUPY का पॉप-अप दिखेगा, जिसमें योजना की जानकारी दी जाती है।
चरण 2: पॉप-अप में SUPY के तहत वित्तीय सहायता की पात्रता जाँचने का विकल्प चुनें। सिस्टम आपके बिल भुगतान का रिकॉर्ड देखकर बताएगा कि आप किस श्रेणी (I, II या III) में आते हैं और कितने kW तक के लिए पात्र हैं।
चरण 3: पात्रता की पुष्टि के बाद राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अलग से आवेदन करें। वहाँ राज्य के रूप में Haryana और DISCOM के रूप में UHBVN या DHBVN चुनें, उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करके रजिस्टर करें। आवेदन जमा होने पर आपको एक National Portal Reference Number मिलेगा।
चरण 4: वापस DISCOM पोर्टल पर आकर वह Reference Number दर्ज करके दोनों आवेदनों को जोड़ें (link करें)। DHBVN के SoP के अनुसार यह लिंक करना अनिवार्य है — इसके बिना SUPY के तहत आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ेगी। इस चरण पर वेंडर का चयन भी लॉक हो जाता है, इसलिए वेंडर राष्ट्रीय पोर्टल पर चुने गए वेंडर जैसा ही रहेगा।
चरण 5: DISCOM की ओर से तकनीकी व्यवहार्यता (feasibility) की मंजूरी मिलने के बाद पंजीकृत वेंडर से सिस्टम लगवाएँ। वेंडर ALMM सूची वाले उपकरण ही लगाएगा।
चरण 6: स्थापना के बाद DISCOM निरीक्षण करेगा और नेट मीटर लगाएगा। कमीशनिंग (चालू होने) के बाद सिस्टम SUPY के तहत देय वित्तीय सहायता की गणना करेगा — बेंचमार्क लागत में से CFA और SFA घटाकर बची राशि के आधार पर ब्याज-मुक्त सहायता तय होगी।
चरण 7: केंद्रीय सब्सिडी (CFA) आपके बैंक खाते में DBT से आएगी। DISCOM की ब्याज-मुक्त सहायता और SFA की प्रक्रिया DISCOM के SoP के अनुसार पूरी होगी — आवेदन करते समय पोर्टल पर दिख रही ताज़ा प्रक्रिया ही अंतिम मानी जाए।
ऑफलाइन आवेदन का विकल्प
यह योजना मुख्य रूप से ऑनलाइन है, लेकिन अगर आपको पोर्टल पर फॉर्म भरने में दिक्कत आती है, तो आप अपने नज़दीकी बिजली निगम के उप-मंडल कार्यालय (Sub-Division Office) या CSC केंद्र पर जाकर मदद ले सकते हैं। DISCOM के अधिकारी SUPY की पात्रता जाँच और राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन में मार्गदर्शन कर सकते हैं। HAREDA के जिला कार्यालय से भी योजना की जानकारी ली जा सकती है। वेंडर चुनते समय हमेशा राष्ट्रीय पोर्टल पर सूचीबद्ध पंजीकृत वेंडर ही चुनें — बिना पंजीकरण वाले वेंडर से लगवाया गया सिस्टम सब्सिडी के लिए मान्य नहीं होगा।
आवेदन शुल्क और समय-सीमा
शुल्क: आधिकारिक SoP में SUPY आवेदन के लिए कोई अलग आवेदन शुल्क दर्ज नहीं है। राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण भी निःशुल्क है। फिर भी, फॉर्म जमा करते समय पोर्टल पर अगर कोई शुल्क दिखे, तो वही अंतिम माना जाए। किसी भी दलाल या एजेंट को पैसे न दें — आवेदन सीधा और ऑनलाइन है।
समय-सीमा: इस योजना के लिए कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं है — राज्य का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर का है, और आवेदन लक्ष्य पूरा होने तक खुले रहने की उम्मीद है। केंद्रीय सब्सिडी आमतौर पर कमीशनिंग और नेट मीटर लगने के 30 से 60 दिन के भीतर खाते में आती है — यह अवधि स्रोतों के अनुसार अनुमानित है, पोर्टल पर दिख रही स्थिति ही अंतिम मानी जाए।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें?
- राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर Consumer Login करके अपने आवेदन, निरीक्षण और सब्सिडी की स्थिति देखी जा सकती है।
- DISCOM पोर्टल (uhbvn.org.in या dhbvn.org.in) पर लॉगिन करके SUPY पात्रता और लिंक किए गए आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
- आवेदन के हर चरण पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS सूचना भेजी जाती है।
- बिजली संबंधी शिकायत या बिजली न होने की स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
आवेदन से पहले ध्यान देने योग्य बातें
- SUPY अलग योजना है, Surya Ghar की जगह नहीं: केंद्र की सब्सिडी और राज्य की सहायता दोनों एक साथ मिलती हैं — कोई भी व्यक्ति आपको यह कहकर गुमराह करे कि सिर्फ राज्य की योजना से ही पूरी लागत मिल जाएगी, तो उस पर भरोसा न करें।
- बकाया बिल पहले चुकाएँ: संशोधित नियमों के तहत पिछले बिलिंग चक्र में गैर-बकाएदार होना जरूरी है — आवेदन से पहले बकाया बिल चुका लें।
- वेंडर पंजीकृत ही हो: बिना पंजीकृत वेंडर से लगवाया गया सिस्टम सब्सिडी से वंचित कर सकता है। राष्ट्रीय पोर्टल पर वेंडर की सूची पहले से देख लें।
- छत की जाँच करवाएँ: छत की मजबूती, दिशा और छाया की स्थिति पहले से जाँच लें — वेंडर की तकनीकी जाँच में यह देखा जाता है।
- फर्ज़ी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन केवल pmsuryaghar.gov.in, uhbvn.org.in और dhbvn.org.in से ही करें। HAREDA की जानकारी के लिए hareda.gov.in ही देखें।
सौर ऊर्जा से जुड़ी अन्य योजनाएँ
- PM-KUSUM सोलर पंप योजना हरियाणा — 75% सब्सिडी: किसानों के लिए खेत में सोलर पंप की योजना — घरेलू रूफटॉप सोलर से अलग।
- मनोहर ज्योति योजना हरियाणा — सोलर होम सिस्टम सब्सिडी: घरों में सोलर होम सिस्टम पर सहायता की योजना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना (SUPY) क्या है?
यह हरियाणा सरकार की राज्य-स्तरीय योजना है, जो PM Surya Ghar के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र की सब्सिडी के ऊपर ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता (अधिकतम ₹19,500 प्रति kW, 5 kW तक) और अंत्योदय परिवारों को अतिरिक्त SFA देती है।
2. क्या SUPY और PM Surya Ghar एक ही योजना हैं?
नहीं। PM Surya Ghar केंद्र सरकार की योजना है (सब्सिडी ₹30,000–₹78,000), जबकि SUPY हरियाणा राज्य की अतिरिक्त मदद है। दोनों एक साथ मिलती हैं — SUPY, Surya Ghar की जगह नहीं लेती।
3. SUPY में अधिकतम कितनी सहायता मिलती है?
ब्याज-मुक्त सहायता अधिकतम ₹19,500 प्रति kW, अधिकतम 5 kW तक (यानी अधिकतम ₹97,500) है। अंत्योदय परिवारों को इसके ऊपर SFA भी मिलती है — आय ₹1.80 लाख तक पर अधिकतम ₹50,000 (2 kW पर)। केंद्र की सब्सिडी अलग से मिलती है।
4. अंत्योदय परिवारों को SFA कितनी मिलती है?
PPP में आय ₹1.80 लाख तक वाले परिवारों को ₹25,000 प्रति kW या बिल राशि का 40% (जो भी कम हो), अधिकतम 2 kW तक; आय ₹1.80–₹3 लाख वालों को ₹10,000 प्रति kW या बिल राशि का 20% (जो भी कम हो), अधिकतम 2 kW तक।
5. क्या बकाएदार उपभोक्ता आवेदन कर सकता है?
जून 2026 के संशोधन के बाद तीन साल के नियमित भुगतान की शर्त हटा दी गई है — अब आवेदन के समय सिर्फ ठीक पहले वाले बिलिंग चक्र में गैर-बकाएदार होना काफी है। पुराना बकाया हो तो पहले उसे चुकाना होगा।
6. आवेदन कहाँ करें — HAREDA की वेबसाइट पर या कहीं और?
पहले अपने DISCOM पोर्टल (uhbvn.org.in या dhbvn.org.in) पर पात्रता जाँचें, फिर राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन करें और Reference Number को DISCOM पोर्टल से लिंक करें। HAREDA राज्य की नोडल एजेंसी है, आवेदन का पोर्टल नहीं।
7. क्या किराए के मकान में रहने वाला व्यक्ति आवेदन कर सकता है?
हाँ, अगर मकान मालिक की NOC हो और छत पर लगाने का अधिकार हो — लेकिन अंतिम शर्तें पोर्टल के लाइव फॉर्म और DISCOM की मंजूरी पर निर्भर करेंगी।
आधिकारिक स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
- राष्ट्रीय पोर्टल — PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana (ऑनलाइन आवेदन): pmsuryaghar.gov.in
- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (DISCOM पोर्टल): uhbvn.org.in
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DISCOM पोर्टल): dhbvn.org.in
- हरियाणा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (HAREDA): hareda.gov.in
- DHBVN SoP — Saur Urja Protsahan Yojana (सेल्स सर्कुलर D-05/2026, 9 फरवरी 2026): dhbvn.org.in — सर्कुलर PDF
- बिजली शिकायत/नो-सप्लाई हेल्पलाइन: 1912
- ऊर्जा मंत्री का बयान (जून 2026): राज्य का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक 2.22 लाख रूफटॉप सोलर; संशोधित SoP में तीन साल की शर्त हटाई गई
अस्वीकरण: इस गाइड की जानकारी DHBVN के आधिकारिक सेल्स सर्कुलर/SoP, MNRE की PM Surya Ghar योजना और HAREDA की सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। SFA की स्लैब और ब्याज-मुक्त सहायता की गणना DISCOM के सिस्टम से तय होती है — आवेदन करने से पहले DISCOM पोर्टल और राष्ट्रीय पोर्टल पर ताज़ा निर्देश ज़रूर देख लें; पोर्टल का लाइव फॉर्म ही अंतिम माना जाएगा।

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